अनिकेत की भावनाओं में बह गए धमतरी के रंगप्रेमी
0- महाराष्ट्र मंडल रायपुर के हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ की राधाकृष्ण भवन परिसर में हुई प्रभावशाली प्रस्तुति
0 महाराष्ट्र मंडल धमतरी की अध्यक्ष स्वाति सहित पदाधिकारियों ने सभी कलाकारों को मंच पर किया सम्मानित
रायपुर। मायूसी भरा जख्मी चेहरा और नम आंखों के बीच सन्नाटे को चीरती हुई दर्दभरी तेज आवाज ‘मेरी आत्मा… मेरी बुद्धि… मेरा ह्रदय चीख-चीखकर कह रहे हैं यूअर ऑनर मैं अनिकेत हूं... मैं अनिकेत हूं... और मैं अनिकेत ही हूं के बाद राधाकृष्ण भवन परिसर में जो तालियां बजनी शुरू हुई, वो काफी देर तक बजते ही रही। बात हो रही है महाराष्ट्र मंडल रायपुर के हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ की। महाराष्ट्र मंडल धमतरी के इस नाट्य आयोजन को शहर के दर्शकों से भरपूर स्नेह मिला और लोगों ने 80 मिनट के इस नाटक के हर दृश्य और हर एक संवाद को खूब एंजॉय किया।
मराठी और हिंदी रंगमंच के वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर ने हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ में न केवल केंद्रीय भूमिका अनिकेत को जले चेहरे के साथ बेहद प्रभावशाली विविधता भरी संवाद अदायगी के साथ जीवंत किया, बल्कि उन्होंने इस नाटक से पहली बार अपने निर्देशन का भी लोहा मनवाया। नाटक में अपनी पहचान और प्रतिष्ठा को दोबारा स्थापित करने के लिए भावनात्मक रूप से संघर्ष करते युवक की भूमिका में अपने सधे हुए अभिनय से शशि शुरू से अंत तक रंगप्रेमियों को बांधे रखते हैं।
अनुराधा दुबे ने अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी की भूमिका में परिपक्व अभिनय किया है। पूरे नाटक में अनिकेत के साथ दो- दो हाथ करते वकील भारद्वाज की आक्रामक भूमिका में चेतन दंडवते खूब जमे हैं। वरिष्ठ रंगसाधक प्रकाश खांडेकर, दिलीप लांबे, रंजन मोडक, डा. प्रीता लाल, रविंद्र ठेंगड़ी अपनी- अपनी भूमिकाओें में प्रभावित करते हैं। समीर टल्लू, भारती पलसोदकर, विनोद राखुंडे, पंकज सराफ, श्याम सुंदर खंगन, डा. अभया जोगलेकर को मंच पर पूरे आत्मविश्वास से अपने- अपने पात्र को जीते हुए देखो तो विश्वास ही नहीं होता कि ये कलाकार अपने नाट्य सफर की शुरुआत इसी नाटक से कर रहे हैं।
मंच पर प्रकाश गुरुव ने जो कोर्ट रूम का सेट खड़ा किया है, वह नाटक में वास्तविक कोर्ट रूम का एहसास कराता है। रूप सज्जा रंजन मोड़क, भारती पलसोदकर, प्रीता लाल, वेशभूषा डा. अभया जोगलेकर, प्रकाश व ध्वनि व्यवस्था में प्रवीण क्षीरसागर का सहयोग प्रशंसनीय रहा। नाटक के सफल मंचन के बाद मनुराज पचौरी ने मंच का संचालन करते हुए सभी कलाकारों को महाराष्ट्र मंडल धमतरी की अध्यक्ष स्वाति बल्लाल सहित तमाम पदाधिकारियों के हाथों सम्मानित कराया। सफलतम नाट्य आयोजन के लिए मंडल के वरिष्ठतम सभासद जीबी पराड़कर की भूमिका अतुलनीय रही।
इस अवसर पर समाजसेवी राजेश शर्मा ने 'मैं अनिकेत हूं' की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस नाटक के मंचन से धमतरी के कलाकरों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने इस तरह के आयोजन यहां पर हमेशा होते रहने की बात कही। विशेष अतिथि राजेंद्र शर्मा ने कहा कि अनिकेत के माध्यम से शशि वरवंडकर ने जो अभिनय किया है, वह यादगार है और लोगों तक उनकी संवदेनाएं पहुंचीं हैं। बाकी के कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा से नाटक को यादगार बनाया। डॉ. खालसा ने ‘मैं अनिकेत हूं’ टीम को नाटक के सफल प्रयोग के लिए बधाई दी।









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