महाराष्ट्र मंडल में 'उत्तर रामायण प्रसंग' पर बाल नाटक 29 को
- परीक्षा खत्म होते ही बाल कलाकार, अपर्णा कालेले के निर्देशन में पूरे जोश के साथ कर रहे रिहर्सल
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में 28 मार्च से शुरू हो रहे वाल्मिकी रामायण पर आधारित राम कथा के दौरान ही 29 मार्च को बाल नाटक का मंचन किया जाएगा। अपर्णा कालेले के निर्देशन में तैयार हो रहे बाल नाटक ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ का मंचन रविवार को शाम 6:30 बजे किया जाएगा।
अपर्णा ने बताया कि 15 मिनट के इस नाटक में तनिष्क डोनगांवकर, तन्वी डोनगांवकर, प्रणीश डोनगांवकर, अनय पंडित, अक्षत पंडित, प्रथमेश पुराणिक, कियान महाजन, विहान कालेले, मायरा गुप्ते सहित कई बाल कलाकार भाग ले रहे हैं। अपर्णा ने ही बाल नाटक ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ का लेखन भी किया है। नाटक में तकनीकी पक्ष परितोष डोनगांवकर और प्रवीण क्षीरसागर संभालेंगे।
अपर्णा के अनुसार नाटक में अध्योध्या में अश्वमेघ यज्ञ उपरांत प्रभु श्रीराम की ओर से छोड़े गए घोड़े को लव और कुश रोककर रघुवंशी परिवार के वीर सदस्यों से युद्ध कर उन्हें परास्त करने के दृश्य मंचित किए जाएंगे। अंत में प्रभु श्रीराम से युद्ध के दौरान माता सीता आती है, और लव और कुश को बताती हैं कि तुम दोनों श्रीराम से युद्ध करते तो अनर्थ हो जाता क्योंकि राजा राम ही तुम्हारे पिता हैं। इसके बाद प्रभु श्रीराम उन्हें अपने साथ अयोध्या स्थित राजमहल ले जाते हैं। नाटक में खूब सारे एक्शन सीन और जोशीले डायलॉग होने के कारण बच्चों में नाटक को लेकर खासा उत्साह और जोश है।
सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने कहा कि राम कथा के दौरान बच्चों का नाटक आध्यात्मिक संतुष्टि के साथ एक अलग ही मजा देगा। उन्होंने रंगमंच के दर्शकों से बड़ी संख्या में बाल नाटक देखने का आग्रह किया है। अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि बच्चों को धर्म- आध्यात्म विषय के नाटकों को जोड़ने का बड़ा फायदा उन्हें अपनी संस्कृति की जानकारी देकर इनसे आत्मसात कराना भी है। उन्होंने ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ देखने के लिए राम कथा श्रोताओं से उनके बच्चों को भी विशेष रूप साथ लाने का आग्रह किया है, ताकि अपनी संस्कृति के साथ नाटकों के प्रति भी उनका रुझान बढ़े।










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