बाढ़ प्रभावितों की मदद करने कलेक्टर एल्मा स्वयं उतरे राहत बचाव दल के साथ
- प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
-भोजन के साथ राहत सामग्री और अन्य सहायता पहुंचाई जा रही है
बेमेतरा । लगातार बारिश से बेमेतरा जिले में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन लगातार राहत कार्य चलाकर बाढ़ प्रभावितों की मदद कर रहा है।
बारिश के दौरान अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति लोगों के लिए आफत लेकर आई है। पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रबर मोटर बोट की मदद ली गयी। कलेक्टर पी.एस. एल्मा स्वयं सुरक्षा जैकेट पहन बचाव दल के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों के पास पहुंचे। बारिश के दौरान पानी में फंसे लोगों को बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। अधिक जल भराव से प्रशासन को राहत व बचाव कार्य में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बेमेतरा जिले और आसपास के जिलों में भारी बारिश के कारण नदियों का जल स्तर बढ़ गया, जिससे नदी किनारे बसे कई ग्रामों में जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। आवागमन के साथ बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। अब प्रभावित ग्रामीणों को खाद्य सामग्री के साथ राहत सामग्री और अन्य सहायता पहुँचायी जा रही है। कलेक्टर श्री एल्मा ने नागरिकों से सावधान और सतर्क रहने और किसी प्रकार की घटना-दुर्घटना की स्थिकि में कंट्रोल रूम में इसकी खबर करने की अपील की है।
गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण बेरला, साजा,नवागढ़ जैसे नदी के किनारे बसे कई ग्रामों में पानी भर गया। इससे यातायात और बिजली सेवा बाधित हुई हैं। बेरला में शिवनाथ नहीं के किनारे स्थित निचले ग्रामो भेडनी, डडजरा, खम्हारिया (डी), घोटमर्रा में गाँव के अन्दर पानी घुसने से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया । ग्राम डडजरा के 14 प्रभावित परिवारों के 120 सदस्य, ग्राम भेडनी के 07 प्रभावित परिवारों के 31 सदस्य, ग्राम घोटमर्रा के 03 प्रभावित परिवारों के 10 सदस्य, ग्राम खम्हारिया (डी) के 01 प्रभावित परिवारों के 09 सदस्यों को ग्राम में ही स्थित राहत शिविरों में पहुंचाया गया । जहां पर प्रशासन, ग्राम पंचायत, स्थानीय लोगों के सहयोग से भोजन, पेयजल, चिकित्सा , पशुओं के लिये चारा इत्यादि की व्यवस्था तत्काल की गई। भारी बारिश के चलते टेमरी-सिंमगा शिवनाथ नदी पुराना पुल मार्ग अवरुद्ध हो गया हैं । दुर्घटना की संभावना को देखते हुए पी.डब्लू.डी. द्वारा बैरीकेटिंग कर रास्ते को बंद किया गया। प्रशासन द्वारा जमीनी अमले के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में जल स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही हैं। कोटवारो के माध्यम से मुनादी भी कराई गई।
कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया एवं स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग, स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बिजली विभाग, पशु चिकित्सा विभाग को आपसी सामंजस्य बनाते हुए प्रभावित परिवारों को मूलभूत सुविधायें उपलब्ध करने हेतु निर्देशित किया गया। राजस्व विभाग द्वारा पटवारियों के माध्यम से जन-धन, पशु-धन, माकन, फसल क्षति का आकलन किया जा रहा हैं। जिससे आकलन पश्चात प्रभावितों को रा.बी.सी. 6-4 के तहत तात्कालिक राहत पहुंचाई जा सके।














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