आधुनिक खेती की ओर बढ़े किसान के कदम, नैनो यूरिया से कोडेकसा के हीराराम चुरगियां की बदली किस्मत
बालोद. खेती-किसानी के क्षेत्र में अब बालोद जिले के किसान भी पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़कर आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के वनंाचल के ग्राम कोडेकसा के प्रगतिशील किसान श्री हीराराम चुरगियां कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो तकनीक को अपनाकर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
ग्राम कोडेकसा के रहने वाले किसान श्री हीराराम चुरगियां अपने गाँव में लगभग 05 एकड़ की भूमि पर खेती का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि वे पिछले 04 से 05 सालों से अपने खेतों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का लगातार उपयोग कर रहे हैं। कृषि विभाग से मिले मार्गदर्शन के बाद उन्होंने इस आधुनिक उर्वरक को अपनाया, जिसके बाद से उनकी खेती में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। अपने अनुभव साझा करते हुए हीराराम ने बताया कि पारंपरिक दानेदार यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया (तरल) के परिणाम बेहद शानदार रहे हैं। इसके उपयोग से लागत में कमी आई है, भारी-भरकम बोरियों को ढोने और उनके प्रबंधन के खर्च से मुक्ति मिली है। फसल की सेहत सुधरी है, धान की फसल हमेशा हरी-भरे रूप में लहलहाती रहती है। फसलों की गुणवत्ता और कुल उत्पादन में पहले से काफी सुधार हुआ है। फसलों में लगने वाले कीड़ों और अन्य बीमारियों का प्रकोप भी अब बेहद कम देखने को मिलता है। नैनो उर्वरक के चमत्कारी फायदों को देखने के बाद अब कोडेकसा की सहकारी समिति और आस-पास के क्षेत्रों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। किसान हीराराम चुरगिया ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करें और कृषि विभाग की सलाह पर नैनो यूरिया व नैनो डीएपी जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, ताकि कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाया जा सके।













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