सफलता की कहानी- बिहान से मिला आर्थिक संबल, मेडिकल स्टोर से चमकी वीणा की किस्मत
0- समूह से जुड़ सालाना 2.50 लाख रूपए की कमाई
दुर्ग. मेहनत करने का जज्बा हो और सही समय पर सहयोग मिल जाए तो सफलता की राह आसान हो जाती है। ग्राम पंचायत पतोरा, विकासखंड पाटन की वीणा साहू ने इसे अपनी मेहनत से साबित कर दिखाया है। बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने स्वरोजगार की राह पकड़ी और आज मेडिकल स्टोर के सफल संचालन से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गई हैं। कभी अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने का सपना देखने वाली वीणा आज सालाना करीब 2.50 लाख रूपए की आमदनी अर्जित कर रही हैं।
वीणा साहू 28 जुलाई 2019 को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत नर्मदा माता महिला समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, ऋण और स्वरोजगार के महत्व को समझने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से मिले सहयोग को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बनाने का निर्णय लिया।
मेडिकल स्टोर व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए वीणा को 15 हजार रिवॉल्विंग फंड और 60 हजार सामुदायिक निवेश निधि के रूप में मिला। इसके साथ ही उन्होंने 1.50 लाख का बैंक ऋण लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार किया। प्राप्त राशि से दुकान में आवश्यक दवाइयों और मेडिकल सामग्री का स्टॉक बढ़ाया। धीरे-धीरे उनका कारोबार आगे बढ़ने लगा और आसपास के ग्रामीणों को भी स्थानीय स्तर पर जरूरी दवाइयां उपलब्ध होने लगीं। आज वीणा साहू का मेडिकल स्टोर उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन चुका है। बेहतर व्यवसाय प्रबंधन और निरंतर मेहनत से उनकी वार्षिक आय लगभग 2.50 लाख रूपए तक पहुंच गई है। इससे वे परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं। वीणा साहू ने बताया कि बिहान समूह से जुड़ने के बाद उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा। समूह से मिले आर्थिक सहयोग ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ाने का हौसला दिया। आज उनकी कहानी ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने और अपनी पहचान बनाने की प्रेरणा दे रही है।










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