धनतेरस, नरक चौदस, दीपावली, अन्नकूट, गोवर्धन पूजा, भाईदूज पर महापौर-समापति की शुभकामनायें
0- महापौर मीनल चौबे एवं समापति सूर्यकान्त राठौड एवं संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी सहित सभी एमआईसी सदस्यों जोन अध्यक्षगणों, पार्षदों, एल्डरमैनों ने नगरवासियों को दी अग्रिम शुभकामनायें
0- सभी नागरिकों से रायपुर शहर को स्वच्छ, सुन्दर हरित बनाने आगे आकर सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील
रायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड और नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित नगर पालिक निगम रायपुर के समस्त एमआईसी सदस्यों जोन अध्यक्षगणों पार्षदों एल्डरमेनों ने दिनांक 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को नरक चौदस 8 नवंबर को दीपावली 9 नवंबर को अन्नकूट गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भाईदूज पर्व के अवसर पर समस्त नगरवासियों को अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए सभी नगरवासियों के जीवन में सुख समृद्धि, स्वास्थ्य एवं शान्ति प्रदान करने की सामूहिक विनम्र प्रार्थना परमपिता परमेश्वर के दिव्य श्रीचरणों में की है. इसके साथ ही सभी नगरवासियों से रायपुर को छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजधानी के अनुरूप स्वच्छ, सुन्दर हरित राजधानी स्मार्ट सिटी बनाने संकल्प लेकर आगे आकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की पुनः विनम्र अपील की है.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड एवं संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित रायपुर नगर पालिक निगम के सभी एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों वार्ड पार्षदों, एल्डरमैनों ने कहा है कि धनतेरस को भगवान धनवंतरि एवं देवी माता महालक्ष्मी के विशेष पूजन आराधना का अवसर होता है एवं नागरिक विभिन्न नई वस्तुओ का कय कर सुख व समृद्धि की कामना परंपरागत तरीके से देवी देवताओ से करते है, छत्तीसगढ राज्य में उक्त दिवस पर नागरिक धान की बाली की खरीदी कर शुभत्व की कामना प्रकृति एवं छत्तीसगढ़ महतारी से करते है। नरक चौदस पर्व रूप चौदस का अवसर होता है एवं नागरिको को सुबह शीघ्र जागरण की प्रेरणा देने वाला होता है। दीपावली को भगवान श्री गणेश, देवी माता महालक्ष्मी कुबेर देव का विशेष पूजन रात्रि के समय नागरिको द्वारा किया जाता है।
प्राचीन मान्यता के अनुसार देवी माता महालक्ष्मी दीपावली की रात्रि धरती पर अवतरित होकर नगर एवं गांव की प्रकाश व्यवस्था को निहारती है एवं अच्छी प्रकाश व्यवस्था पर अपना शुमाशीष प्रदान करती है। अन्नकूट गोवर्धन पूजा पर विशेष भोग देवी देवताओ को अर्पित किया जाता है एवं पर्वतीय क्षेत्रो में गोवर्धन पर्वत को प्रतीक मानकर उनकी पूजा अर्चना की जाती है। गोवर्धन पर्वत की सहायता से द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण द्वारा भीषण प्राकृतिक आपदा से गोकूल गांव के रहवासियों की सहज रक्षा करने की कथा जग प्रसिद्ध है। भाईदूज के दिन बहने अपने भाईयो के घर पहुंचकर उनका टीका करती है एवं भाईयों द्वारा बहनो को सदैव सुरक्षा का वचन संकल्प लेकर दिया जाता है। इस प्रकार ये महान सांस्कृतिक पर्व पूरे देश छत्तीसगढ़ राज्य, राजधानी रायपुर में नागरिको के जीवन में सकारात्मक उर्जा शक्ति प्राप्त करने का सुअवसर होता है।







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