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इंडोनेशिया यात्रा के बाद ऑस्ट्रेलिया रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी

जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया की तीन दिन की यात्रा पूरी करके ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों, समुद्री सुरक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''इंडोनेशिया की अपनी यात्रा पूरी करते हुए, मैं हमारी साझेदारी के भविष्य को लेकर आए परिणामों से बहुत संतुष्ट हूं।
 पोस्ट में कहा गया, ''मैं इंडोनेशिया के लोगों और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने बहुत गर्मजोशी दिखाई और भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रतिबद्धता दिखाई।" इसमें कहा गया, ''इस यात्रा ने रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, अहम और उभरती हुई तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खोले हैं।'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर लिखा, ''तेरिमा कसिह (धन्यवाद) इंडोनेशिया! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडोनेशिया की अपनी राजकीय यात्रा पूरी की और तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण के लिए मेलबर्न रवाना हुए।'' पोस्ट में लिखा है, ''दोस्ती की एक विशेष भाव-भंगिमा दिखाते हुए राष्ट्रपति प्रबोवो ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री को विदा किया। इंडोनेशिया की इस यात्रा से सहयोग के अहम क्षेत्रों में महत्वपूर्ण नतीजे निकले, जिससे भारत-इंडोनेशिया की साझेदारी और भी मज़बूत हुई और भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडा तय हुआ।'' इस यात्रा के दौरान, मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। राष्ट्रपति स्वयं उन्हें हवाई अड्डे पर विदा करने के लिए आए थे। दोनों नेताओं ने एक स्वतंत्र और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए गहरी द्विपक्षीय साझेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें महत्वपूर्ण खनिज और इस्पात की आपूर्ति शृंखलाएं, समुद्री सुरक्षा, दवाएं, शिक्षा, अंतरिक्ष, अनुसंधान और नवाचार, दूरसंचार तथा खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच संबंध और मजबूत होंगे। एक और अहम कदम के तौर पर, भारत और इंडोनेशिया रणनीतिक रूप से अहम सबांग पत्तन को संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमत हुए। यह पोर्ट मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है और भारत की ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना से लगभग 100 मील दूर है। मोदी सोमवार को जकार्ता पहुंचे थे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। यह उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण था। इसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी शामिल हैं। मंगलवार को एक सामुदायिक समारोह में मोदी ने कहा कि भारत 'सुधार, प्रदर्शन और बदलाव' (रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म) के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश की आत्मनिर्भरता न केवल इंडोनेशिया के लिए, बल्कि पूरे आसियान क्षेत्र के लिए एक बड़ी ताकत साबित होगी। जकार्ता में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा कि उनमें भारतीय डीएनए है। उन्होंने अपने देश के लोगों से भारत के अनुभव से सीखने का आह्वान किया, क्योंकि भारत ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देश की सभ्यता और संस्कृति को काफी प्रभावित किया है। राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा कि पद संभालने के ठीक तीन महीने बाद 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना उनके लिए सम्मान की बात थी। बुधवार को रवाना होने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता में विशाल प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा किया। इस दौरान यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के लिए एक संयुक्त संरक्षण परियोजना की शुरुआत की गई। मोदी ने प्रम्बानन मंदिर परिसर की विरासत को संरक्षित रखने के लिए इंडोनेशिया और वहां के लोगों का धन्यवाद किया। दोनों नेताओं ने इस ऐतिहासिक जगह का दौरा तब किया, जब भारत और इंडोनेशिया ने भारत की मदद से मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार की परियोजना शुरू करने के लिए 'आशय पत्र' का आदान-प्रदान किया था। इंडोनेशिया के बाद, मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर 8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न की यात्रा करेंगे। उन्होंने प्रस्थान के समय अपने बयान में कहा, ''मेरी यात्रा हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी, और प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ बातचीत में मैं रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा और आवाजाही तथा लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में हमारे रिश्तों को आगे बढ़ाऊंगा।'' मोदी ने कहा कि मेलबर्न में वह भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे, जो इस रणनीतिक साझेदारी का एक अहम स्तंभ हैं।

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