ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान से 360 भारतीय लौटे, जयशंकर ने कहा- भारत अपनों का स्वागत करता है
नई दिल्ली। भारत ने हिंसाग्रस्त सूडान से अपने निकासी अभियान के तहत कम से कम 534 नागरिकों को बाहर निकाल लिया है और 360 भारतीयों का पहला जत्था बुधवार रात दिल्ली पहुंच गया। यह अभियान सूडान की सेना और अद्र्धसैनिक बलों के बीच कुछ समय के लिए जारी संघर्षविराम के दौरान चलाया जा रहा है। भारतीय वायुसेना के दो परिवहन विमानों के जरिये सूडान से 256 भारतीयों को निकाला गया है। इससे पहले नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा के माध्यम से इस हिंसाग्रस्त अफ्रीकी देश से 278 नागरिकों को निकाला गया था। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सूडान से अब तक निकाले गए भारतीय नागरिकों की संख्या 534 हो गई है। सूडान से भारतीय नागरिकों को निकालने के अभियान 'ऑपरेशन कावेरी के तहत भारत ने जेद्दा में पारगमन सुविधा स्थापित की है जहां से भारतीयों को यहां लाया जाना है। बुधवार रात को एक व्यावसायिक विमान में जेद्दा से पहला जत्था दिल्ली पहुंचा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे भारतीयों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, भारत अपनों का स्वागत करता है। ऑपरेशन कावेरी के तहत पहली उड़ान नयी दिल्ली पहुंची और 360 भारतीय नागरिक अपनी सरजमीं पर उतरे। दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर सऊदी अरब की एयरलाइन सऊदिया से लोग उतरे तो उनके चेहरे पर मुस्कान देखी जा सकती थी। वे पिछले कुछ दिन से तनावपूर्ण हालात में जी रहे थे। कई लोग राहत के साथ हाथ हिलाते हुए देखे गये। इन लोगों में 19 केरल से हैं। केरल सरकार के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भारत ने मंगलवार को हिंसाग्रस्त सूडान से अपने 278 नागरिकों के पहले जत्थे को आईएनएस सुमेधा के जरिये निकाला और वहां फंसे शेष भारतीयों के लिए जरूरी राहत सामग्री पहुंचायी। इसके कुछ ही घंटे बाद भारतीय वायु सेना का परिवहन विमान सी130जे पोर्ट सूडान में उतरा ताकि और भारतीय नागरिकों को वहां से निकाला जा सके। इसके बाद अन्य सी130जे विमान से नागरिकों को निकाला गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर के अनुसार, पहले सी130जे विमान के माध्यम से 121 नागरिकों को और दूसरे विमान से 135 लोगों को बाहर निकाला गया। ज्ञात हो कि सूडान में करीब 3000 भारतीयों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया है।
इस बीच इंडिगो ने कहा कि उसने ऑपरेशन कावेरी के तहत जेद्दा तक अपनी चार्टर उड़ानों की सेवाओं की पेशकश की है। उसने बयान में कहा कि अभी तक किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई है।
बहरहाल, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन निकासी अभियान पर नजर रखने के लिए जेद्दा पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि सूडान से निकासी अभियान में भारतीय नौसेना का एक और जहाज आईएनएस तेग शामिल हो गया है। प्रवक्ता ने बताया, आईएनएस तेग सूडान के बंदरगाह पर पहुंच गया है। इसमें और अधिकारी तथा वहां फंसे भारतीयों के लिए राहत सामग्री है। इससे सूडान के बंदरगाह पर कैम्प कार्यालय में निकासी प्रयासों को बल मिलेगा।'' ज्ञात हो कि सूडान में सेना और अद्र्धसैनिक समूह के बीच सत्ता हासिल करने के लिए भीषण संघर्ष जारी है। पिछले 12 दिनों से जारी भीषण लड़ाई में 400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सूडान में दोनों पक्षों के 72 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमत होने के बाद भारत ने वहां फंसे अपने नागरिकों को बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिये हैं। विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने निकासी अभियान के बारे में कहा था कि सूडान के बंदरगाह और जेद्दा में जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूडान से 3000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित रूप से निकालने की आपातकालीन योजनाओं की तैयारी के निर्देश दिये थे। बता दें कि एक सप्ताह पूर्व एस. जयशंकर ने भारतीयों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र के अपने समकक्षों से बात की थी। बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ बात की थी।








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