केंद्र ने सुंदर सार्वजनिक स्थान बनाने की मंशा से शहरों के लिए प्रतिस्पर्धा शुरू की
नयी दिल्ली. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने एक ‘‘शहर सौंदर्य प्रतिस्पर्धा'' की शुरुआत की है जिसका मकसद सुंदर, अभिनव और समावेशी सार्वजनिक स्थान बनाने की दिशा में शहरों और वार्डों द्वारा किये गये परिवर्तनकारी प्रयासाों को मान्यता देना और प्रोत्साहित करना है। मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा गया कि इस प्रतिस्पर्धा के तहत शहरों के वार्ड और सार्वजनिक स्थानों का आकलन पांच मुख्य बिंदुओं के आधार पर किया जाएगा जिसमें पहुंच, सुविधाएं, गतिविधियां, सौंदर्य और पारिस्थितिकी शामिल है। इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।
मंत्रालय ने कहा कि ‘‘चयनित वार्डों का शहर और राज्य स्तर पर सम्मान किया जाएगा, लेकिन चार वर्गों जल, हरित स्थल, पर्यटन/विरासत स्थल और बाजार/कारोबारी स्थल के तहत शहरों के सर्वाधिक सुंदर सार्वजनिक स्थलों को पहले राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद चुनिंदा स्थलों को राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार देने पर विचार किया जाएगा।'' मंत्रालय ने बुधवार को शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक पोर्टल शुरू किया ताकि वे इस प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए अपने दस्तावेज सौंप सकें जिसमें तस्वीरें, वीडियो, प्रस्तुति और खुद की ओर से दी गई मूल सूचनाएं शामिल होंगी।








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