महिला का ऑनलाइन गेम खोलने का शौक कमाई का जरिया बना
जम्मू ।जम्मू की रहने वाले 44 साल की रीतू स्लाथिया ने कोविड काल में 2020 में ऑनलाइन गेम खेलना शुरू किया था। इस आभासी दुनिया से उन्हें उनके बेटे ने परिचित कराया था। रीतू अब ऑनलाइन गेम खेलकर सालाना डेढ़ लाख रुपये कमा रही हैं जो उनकी आय का स्रोत बन गया है। ‘गेमिंग समुदाय' में ‘ब्लैकबर्ड' के तौर पर पहचानी जाने वाली स्लाथिया के गेमिंग मंच ‘रूटर' पर चार लाख फोलोअर हैं। उन्हें अपने बचपन से ही वीडियो गेम खेलने का शौक था, लेकिन वे इसे अब संजीदगी से लेती हैं और इसे आय के साधन के रूप में देखती हैं। उन्होंने कहा, “ मैं बहुत ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं हूं। मैं 12वीं कक्षा तक पढ़ी हूं। मुझे गेम खेलना पसंद हैं। मैं शुरु से ही अपने लिए आय अर्जित करना चाहती थी। जब मेरे बेटे ने मुझे ऑनलाइल गेम के बारे में बताया तो मैंने इन्हें खेलना शुरू कर दिया। मैं अपने लिए कमाई भी कर रही हूं। ” स्लाथिया ने जम्मू के नेत्रीकोटी इलाके में स्थित अपने घर के एक कमरे को गेम संबंधित गतिविधियों के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ‘कैंडी क्रश' खेलना शुरू किया था और फिर आहिस्ता-आहिस्ता वह “बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया' खेलने लगीं। उन्होंने अपने ‘पार्टनर्स' (साझेदारों) के कहने पर सभी गेम खेलने की कोशिश की। स्लाथिया ने कहा, “ लगातार गेम खेलने से मुझे पता चल गया कि इन्हें कैसे खेलना है। मैं कोई भी गेम खेल सकती हूं।” उन्होंने कहा कि उनके ‘पार्टनर्स' उन्हें ‘मुमा' बुलाते हैं। इन ‘पार्टनर्स' में अधिकांश बच्चे ही हैं। स्लाथिया ने यूट्यूब पर अपना गेमिंग चैनल भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस सब में उनके परिवार ने उनका भरपूर साथ दिया है। उनके बेटे गौरव सिंह ने कहा, “ हमने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें लोगों से इतना प्यार मिलेगा।”
अपने कामकाज में संतुलन बनाकर स्लाथिया गेम खेलने के लिए हर दिन तीन-चार घंटे निकालती हैं और वार्षिक तौर पर डेढ़ लाख रुपये कमाती हैं।

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