16 लापता नाबलिगों का प्रौद्योगिकी की मदद से 48 घंटे में पता लगाया
शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से इस वर्ष अब तक लापता हुए 17 नाबालिगों में से 16 का प्रौद्योगिकी की मदद से 48 घंटे के अंदर पता लगा लिया गया है। इन प्रौद्योगिकी में कॉल रिकॉर्ड के ब्योरे, ‘‘आईपी एड्रेस'' की मदद आदि शामिल हैं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि एक जनवरी से 20 मई के बीच 153 लोग लापता हुए थे जिनमें 13 लड़कियां और चार लड़के शामिल हैं तथा इनमें से 132 लोगों का पता लागा लिया गया है। पुलिस की साइबर प्रौद्योगिकी सहायता टीम ने फोन कॉल के रिकॉर्ड, सोशल मीडिया, ‘‘आईपी एड्रेस'' आदि की मदद से नाबालिगों का पता लगाया। पुलिस ने बताया कि लापता बच्चों तथा वयस्कों के संबंध में जांच तथा आकलन से यह बात सामने आई है कि नशीले पदार्थों का आदी होना, पढ़ाई का बोझ, परीक्षा में फेल होना, परिवार के साथ अच्छा तालमेल नहीं होना आदि कुछ ऐसे कारण हैं जिसके चलते बच्चे घर छोड़ कर चले जाते हैं। शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि लापता बच्चों तथा किशोरों के अपराध के रास्ते में बढ़ने की आशंका होती है और उनका पता लगाने में देरी से कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस नाबालिगों का पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी की सहायता ले रही है और उनमें से अधिकांश (95 प्रतिशत) को 48 घंटों के भीतर खोज लिया गया है।






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