शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की मौजूदगी का किया जाएगा विरोध: मलयालम फिल्म निर्देशक निकाय
कोच्चि. केरल पुलिस की फिल्मोद्योग में कथित रूप से मौजूद मादक पदार्थों की समस्या को समाप्त करने की कोशिश में उस समय बाधा पैदा हुई, जब मलयालम फिल्म निर्देशकों ने शूटिंग स्थलों समेत उनके कार्यस्थलों की पूर्ण निगरानी किए जाने का विरोध किया। ‘फेफका डायरेक्टर्स यूनियन' ने कड़ा रूख अपनाते हुए कहा कि वह शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती की इजाजत नहीं देगा। जाने माने निर्देशक और ‘फेफका डायरेक्टर्स यूनियन' के महासचिव बी उन्नीकृष्णन ने कहा कि ऐसी धारणा बनायी जा रही है कि फिल्मोद्योग में युवा नशे के आदी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से हाल में ऐसी चर्चा चल रही है। ऐसे में प्राधिकारियों का यह मानना है कि इस क्षेत्र-फिल्मोद्योग- पर पूर्ण निगरानी की जरूरत है।'' इस दिशा में कदम उठाते हुए पुलिस ने यह निर्णय लिया है कि शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की इकाइयां तैनात की जाएंगी। कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त के सेतु रमण ने पिछले महीने कहा था कि यहां सभी शूटिंग स्थलों पर अब पुलिस की मौजूदगी होगी। उन्होंने कहा था कि सादे कपड़ों में पुलिस सभी शूटिंग स्थलों पर होगी तथा नशीले पदार्थों के सेवन या बिक्री की कोई सूचना मिलने पर छापे मारे जायेंगे। उन्नीकृष्णन ने कहा कि ‘फेफका' का मानना है कि सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती या पूर्ण निगरानी की जरूरत नहीं है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती कोई व्यावहारिक हल नहीं है। उन्हें आसानी से पहचान लिया जाएगा क्योंकि हमें पता होता है कि क्रू के सदस्य कौन-कौन हैं और कौन-कौन नहीं। इसके अलावा, ऐसे स्थान बंद परिवेश होते हैं और किसी बाहरी का अंदर आना आसान नहीं होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हमारे ‘फ्रेम' में भी नहीं आ सकती। इसकी अनुमति नहीं है। इसके अलावा, सादे कपड़ों में तैनात पुलिस की मौजूदगी में काम करना मुश्किल होगा। हम इसके खिलाफ हैं। हम पूर्ण निगरानी नहीं चाहते हैं। हम इसका विरोध करेंगे।''


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