उर्वरक, कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन उद्यमी बनाए जा सकते हैं पैक्सः सहकारिता मंत्रालय
नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस या पैक्स) को उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव और संपत्ति का सर्वेक्षण करने के लिए ड्रोन उद्यमियों के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। सहकारिता मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह सहकारिता मंत्री अमित शाह और रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया के बीच हुई बैठक में लिए गए पांच प्रमुख फैसलों में से एक था। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मैपिंग के आधार पर खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के रूप में काम नहीं करने वाले पैक्स की पहचान की जाएगी और उन्हें व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से खुदरा विक्रेताओं के तौर पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) के रूप में काम नहीं कर रहे पैक्स को पीएमकेएसके के दायरे में लाया जाएगा। देश भर में लगभग एक लाख पैक्स मौजूद हैं। इसके अलावा पैक्स को जैविक उर्वरकों, विशेष रूप से खमीरयुक्त (फर्मेन्टेड) जैविक खाद (एफओएम)/तरल फर्मेन्टेड जैविक खाद (एल-एफओएम)/फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद (पीआरओएम) के विपणन से भी जोड़ा जाएगा। सहकारिता मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन महत्वपूर्ण फैसलों से पैक्स की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसान स्थानीय स्तर पर खाद, कीटनाशक, बीज और कृषि मशीनरी प्राप्त कर सकेंगे।''


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