सीतामढ़ी में माता सीता के मंदिर, क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर हुई बैठक
नयी दिल्ली. बिहार के सीतामढ़ी में रामायण रिसर्च परिषद की ओर से स्थापित की जाने वाली माता सीता की प्रतिमा तथा संबंधित क्षेत्र को पर्यटन एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट की अध्यक्षता में मंगलवार को संसद भवन परिसर में एक बैठक की। भट्ट के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक इस बैठक में विभिन्न राज्यों से कई महिला सांसदों ने हिस्सा लिया तथा अपने विचार रखे। बयान में कहा गया, ‘‘महिला सांसदों ने परिषद के इस प्रयास की सराहना की तथा आश्वस्त किया कि जहां भी उनकी आवश्यकता होगी, वह बढ़-चढ़कर इस कार्य में हिस्सा लेंगी और माता सीता की प्रतिमा की स्थापना की दिशा में भी हरसंभव प्रयास करेंगी।'' बैठक में प्रयागराज से सांसद रीता बहुगुणा जोशी, सीधी से सांसद रीति पाठक, केंद्रीय राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी, शिवहर से सांसद रमा देवी, भिण्ड से सांसद संध्या राय, छोटा उदयपुर से सांसद गीताबेन राठवा, भरतपुर से सांसद रंजिता कोली, गुवाहाटी से सांसद क्वीन ओझा, टेहरी गढ़वाल से सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, रायगढ़ से सांसद गोमती साय, राजसमंद से सांसद राजकुमारी दिया कुमारी, बदायूं से सांसद संघमित्रा मौर्य, रायगंज से देबोश्री चौधरी, फूलपुर प्रयागराज से सांसद केशरी देवी समेत कई महिला सांसदों ने हिस्सा लिया। बयान के अनुसार भट्ट ने महिला सांसदों से राजनीति से परे होकर आगे आने की अपील की और इस कार्य को सफल बनाने के लिए एक साथ मिलकर देश की महिलाओं को जागरूक बनाने का आह्वान किया। इस दौरान भट्ट ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए 500 वर्षों के संघर्षकाल पर आधारित 1108 पृष्ठ के लिखे जा रहे एक ग्रंथ पर भी चर्चा की, जिसे हिंदी के अलावा 10 अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जाना है तथा कई देशों में इसका विमोचन किया जाना है। बैठक के दौरान रामायण रिसर्च काउंसिल के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।



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