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मिल रहा है दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को उचित सम्मान: प्रधानमंत्री मोदी

सागर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार के शासनकाल में दलितों, ओबीसी और आदिवासियों को उचित सम्मान मिल रहा है जबकि पिछले शासकों ने इन वर्गों की उपेक्षा की और उन्हें केवल चुनावों के दौरान याद किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारें गरीबों को पानी उपलब्ध कराने में विफल रहीं जबकि उनकी सरकार के दौरान जल जीवन मिशन के कारण दलित बस्तियों, पिछड़े इलाकों और आदिवासी क्षेत्रों को अब नल से जल मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने सागर जिले के बडतूमा में समाज सुधारक और कवि संत रविदास के 100 करोड़ रुपये की लागत वाले मंदिर-सह-स्मारक के निर्माण के लिए भूमि पूजन और आधारशिला रखने के बाद मध्य प्रदेश के सागर जिले के ढाना गांव में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया। भूमि पूजन के बाद मोदी ने संत रविदास की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। समारोह में उन्होंने आगामी स्मारक-सह-मंदिर के लघु मॉडल का भी निरीक्षण किया। ढाना में मोदी ने विभिन्न सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखने के अलावा बीना-कोटा रेलवे लाइन के दोहरीकरण परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारों गांवों की मिट्टी और 300 से अधिक नदियों का पानी संत रविदास के आगामी मंदिर-सह-स्मारक का हिस्सा बन जाएगा। उन्होंने कहा कि रविदास जी ने उस कालखंड में जन्म लिया जब देश पर मुगलों का शासन था, समाज अस्थिरता, उत्पीड़न और अत्याचार से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि उस समय भी रविदास जी समाज को जागृत कर रहे थे, वह उसे बुराइयों से लड़ना सिखा रहे थे। मोदी ने पिछली सरकारों पर दलित एवं वंचित वर्गों की उपेक्षा करने और केवल उन्हें चुनाव के दौरान याद करने का आरोप लगाया। मोदी ने कहा, ''दशकों तक शासन करने वाली सरकारें गरीबों को पानी उपलब्ध कराने में विफल रही हैं, जबकि जल जीवन मिशन के कारण अब दलितों, पिछड़े इलाकों और आदिवासी क्षेत्रों को नल से जल मिल रहा है।'' उन्होंने कहा, "हमारी सरकार दलितों, ओबीसी और आदिवासियों को उचित सम्मान दे रही है।"
कोरोना महामारी के दौर को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने तय किया था कि कोरोनोवायरस प्रकोप के दौरान कोई भी खाली पेट नहीं सोएगा। उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना महामारी में पूरी दुनिया की व्यवस्थाएं ठप्प पड़ गईं, भारत के गरीब, दलित, आदिवासी के लिए हर कोई आशंका जता रहा था, कहा जा रहा था कि समाज का यह तबका कैसे रह पाएगा। तब मैंने तय किया कि चाहे जो हो जाए, मैं अपने गरीब भाई-बहनों को खाली पेट सोने नहीं दूँगा।'' उन्होंने कहा, ''कोरोना वायरस काल में गरीबों के लिए हमारी मुफ्त राशन योजना की दुनिया भर में सराहना हो रही है।'' अधिकारियों के मुताबिक समाज सुधारक को समर्पित यह मंदिर-सह-स्मारक 11 एकड़ भूमि में फैला होगा। यह संरचना संत रविदास की शिक्षाओं को प्रदर्शित करेगी और इसमें एक संग्रहालय, आर्ट गैलरी और अन्य सुविधाओं के अलावा भक्तों के लिए आवासीय सुविधाएं भी होंगी।

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