छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा को चलती ट्रेन के आगे फेंका, एक हाथ और दोनों पैर कटे
बरेली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के सीबीगंज थाना क्षेत्र में छेड़खानी का विरोध करने पर नाबालिग छात्रा को एक युवक ने कथित रूप से चलती ट्रेन के आगे फेंक दिया, जिससे उसका एक हाथ और दोनों पैर कट गए। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक इस मामले में मुख्य आरोपी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सरकार और प्रशासन द्वारा जारी बयानों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है और उनके निर्देश पर इस मामले में लापरवाही के लिए सीबी गंज थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार कम्बोज, हल्का प्रभारी उप-निरीक्षक नितेश कुमार शर्मा और एक कांस्टेबल (आरक्षी) आकाशदीप को निलंबित कर दिया गया। एसएसपी ने राधेश्याम को सीबीगंज का नया प्रभारी निरीक्षक तैनात किया है। थाना सीबीगंज के नवनियुक्त प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम ने कार्यभार संभालने के बाद बुधवार रात बताया कि घटना के मुख्य अभियुक्त विजय मौर्य और उसके पिता कृष्णा पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक इस वारदात की शिकार हुई छात्रा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। उसकी कई हड्डियां भी टूट गई। अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। लखनऊ में जारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने घायल छात्रा को पांच लाख रुपये की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने एवं उसका समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के हवाले से बताया कि सीबीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की इंटर (12वीं) की 16 वर्षीय छात्रा के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी चंदपुर से कोचिंग पढ़कर आ रही थी तो शाम करीब साढ़े चार बजे गांव का ही आरोपी विजय मौर्य उसे एक ईंट भट्ठे के पास रोककर छेड़छाड़ करने लगा और उसकी बेटी का पीछा करने लगा। पीड़िता के पिता के अनुसार उनकी बेटी जान बचाने के लिए खड़ौआ की तरफ गयी तभी आरोपी विजय मौर्य ने ट्रेन के आगे उसे धक्का देकर मारने का प्रयास किया जिससे उसका एक हाथ और दोनों पैर कट गए। पुलिस के मुताबिक इस घटना का एक अन्य युवक गवाह है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रात में उसका ऑपरेशन किया गया।

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