प्रधान ने कहा, हुनर की कमी के बारे में रूपरेखा तैयार करने की जरूरत
नयी दिल्ली. केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को प्राप्त डिग्री और अर्जित कौशल के बीच अंतर को पाटने को लेकर हुनर की कमी के बारे में पूरा खाका तैयार करने की आवश्यकता बतायी। प्रधान ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग, शिक्षा जगत और नीति-निर्माताओं को एक साथ काम करना होगा और कौशल विकास को एक जन-आंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 ने डिग्री और योग्यता को मिलाकर एक मिश्रित मॉडल के लिये कदम उठाया है। इसे लचीला और छात्रों की पसंद के अनुसार बनाया गया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधान ने प्राप्त डिग्री और कौशल के बीच अंतर पाटने के लिये हुनर की कमी के बारे में पूरा खाका तैयार करने की आवश्यकता बतायी।'' उन्होंने इस मौके पर ‘इंडिया स्किल्स' 2023-24 भी पेश किया और कार्यक्रम में ‘वर्ल्ड स्किल्स' 2022 विजेताओं को सम्मानित किया। मंत्री ने सभी को केवल डिग्री हासिल करने के बजाय योग्यता बढ़ाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान की याद दिलाई। उन्होंने रोजगार पाने में सहायक कौशल हासिल करने की बात कही। इससे कार्यबल की बाजार में स्वीकार्यता बढ़ेगी।










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