नेशनल मेडिकल रजिस्टरः वर्ष 2024 के अंत तक सभी चिकित्सकों के पास होगी यूआईडी
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) भारत में चिकित्सा सेवा दे रहे चिकित्सकों की एक पंजी तैयार करने पर काम कर रहा है जिसके तहत देश के सभी चिकित्सकों को 2024 के अंत तक विशिष्ट पहचान संख्या(यूआईडी) प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एनएमसी के सदस्य नैतिकता और चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड डॉ योगेंद्र मलिक ने कहा कि नेशनल मेडिकल रजिस्टर (एनएमआर) को एक प्रायोगिक परियोजना के तौर पर छह महीनों में शुरू किया जाएगा और यह संभवतः 2024 के अंत तक तैयार हो जाएगा। एनएमआर इंडियन मेडिकल रजिस्टर (आईएमआर) की जगह लेगा और इसे जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और एनएमसी वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा। इसमें डॉक्टर की जानकारी जैसे उसका यूआईडी, पंजीकरण संख्या, नाम, कार्य स्थल, योग्यता, विशेषता और संस्थान/विश्वविद्यालय का नाम जहां से योग्यता प्राप्त की गई है, समेत अन्य प्रमुख विवरण प्रदर्शित किए जाएंगे। डॉ. मलिक ने कहा, "वर्तमान में, करीब 14 लाख डॉक्टर आईएमआर में पंजीकृत हैं। उन्हें चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि पूरा डेटा एनएमआर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उन्हें दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा।" यूआईडी एनएमसी की नैतिकता एवं चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड (ईएमआरबी) द्वारा केंद्रीय रूप से उत्पन्न की जाएगी और इस तरह डॉक्टर को एनएमआर में पंजीकरण और भारत में चिकित्सा सेवा देने की पात्रता प्रदान की जाएगी। डॉ. मलिक ने कहा, "एक बार जब वे एनएमआर में पंजीकृत हो जाएंगे, तो वे आवेदन कर सकेंगे और कई राज्यों में काम करने के लिए लाइसेंस भी ले सकेंगे।" इस साल मई में जारी 'रजिस्ट्रेशन ऑफ मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एंड प्रैक्टिस टू प्रैक्टिस मेडिसिन रेगुलेशंस' में एनएमसी ने इस कदम की घोषणा की थी।










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