सीमा शुल्क विभाग ने ईस्ट इंडिया कंपनी की दुर्लभ दूरबीन पुरातत्व विभाग को सौंपी
गुवाहाटी। ) सीमा शुल्क विभाग ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की 206 साल पुरानी ट्रैकर दूरबीन गुरुवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को सौंप दी। सीमा शुल्क मुख्य आयुक्त (गुवाहाटी जोन) बंधना देवरी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि दुर्लभ दूरबीन को 2018 में असम के कामरूप जिले के रंगिया के पास सीमा शुल्क अधिकारियों ने तब जब्त कर लिया था जब इसे पश्चिम बंगाल से तस्करी के जरिए भूटान ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा, "गुवाहाटी सीमा शुल्क प्रभाग द्वारा इसकी जब्ती के बाद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से इसकी वास्तविकता को सत्यापित करने का अनुरोध किया गया था।" देवरी ने कहा कि एएसआई, कोलकाता की विशेषज्ञ समिति ने दूरबीन की पड़ताल की और इस पर 'यूके ईस्ट इंडिया कंपनी, 1818, एसआई.एनओ.एलईओ103' लिखा होने तथा एक मुकुट, एक मकड़ी एवं एक बिच्छू का ‘लोगो' उत्कीर्ण होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘‘इसे एक प्राचीन वस्तु घोषित करते हुए, एएसआई ने सीमा शुल्क विभाग को बताया कि यह 19वीं शताब्दी की शुरुआत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा उपयोग किया जाने वाला नौवहन एवं अवलोकन उपकरण है तथा इसे नौवहन, अन्वेषण एवं युद्ध सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किया गया था।'' सीमा शुल्क प्रभाग गुवाहाटी के उपायुक्त वरुण यादव ने जब्त की गई ट्रैकर दूरबीन और दस्तावेजों को नयी दिल्ली से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की वर्चुअल उपस्थिति में यहां एएसआई के सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् अनुराग को सौंप दिया।








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