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 ग्रह संबंधी परेड दुर्लभ घटना नहीं, फिर भी सुंदर दृश्य है: आईआईए

 बेंगलुरु,। दुनिया तीन जून को होने वाली 'ग्रह परेड' का इंतजार कर रही है, जिसे एक दुर्लभ घटना बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि केवल तीन जून को ही ग्रह नंगी आंखों से देखे जा सकेंगे, लेकिन भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए), बेंगलुरु ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की जा रही कई बातों को खारिज करते हुए सिलसिलेवार पोस्ट किए हैं। ग्रह परेड को ग्रह संरेखण भी कहा जाता है जिसमें सौरमंडल के ग्रह एक सीध में आ जाते हैं।
 आईआईए के स्कोप अनुभाग के प्रमुख निरुज मोहन रामानुजम ने कहा, ‘‘पहली बात तो यह कि यह विशेष रूप से तीन जून को नहीं है। इन ग्रहों को आने वाले सप्ताह में कई दिनों तक एक सीध में देखा जा सकता है।'' उनके अनुसार, तीन जून से पहले के दिनों में बृहस्पति सूर्य के करीब है और तीन जून के बाद बुध सूर्य के करीब होगा, इसलिए तीन जून सबसे उपयुक्त है। रामानुजम ने कहा, "आप आने वाले सप्ताह में हर दिन सूर्योदय से पहले बाहर जा सकते हैं और जितना संभव हो उतने ग्रहों को देखने का प्रयास कर सकते हैं।" आईआईए के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, आने वाले सप्ताह में लोग सुबह के समय आकाश में पूर्व की ओर कुछ-कुछ पीले शनि को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, और इसके नीचे लाल रंग के मंगल ग्रह को देखा जा सकता है। रामानुजम ने कहा कि बाकी ग्रह जो परेड के दौरान दिखाई देने चाहिए, उन्हें पहचानना आसान नहीं होगा।
 उन्होंने कहा, "सूर्योदय से लगभग 20 मिनट पहले, बृहस्पति और बुध पूर्वी क्षितिज से 10 डिग्री से कम ऊपर होंगे। यूरेनस और नेपच्यून हमेशा की तरह नग्न आंखों से बहुत धुंधले दिखेंगे। शुक्र सूर्य के बहुत करीब दिखाई देगा।" रामानुजम ने सोशल मीडिया पर हो रही इस चर्चा को भी खारिज किया कि ग्रह केवल तीन जून को एक सीधी रेखा में होंगे। उन्होंने कहा, "सूर्य के चारों ओर ग्रहों की कक्षाएं लगभग एक ही समक्षेत्र में हैं और उनमें से प्रत्येक क्रांतिवृत्त (पृथ्वी की कक्षा) से केवल कुछ डिग्री पर झुका हुआ है। इसलिए, जब पृथ्वी से देखा जाता है तो ग्रह की स्थिति हर समय लगभग एक समक्षेत्र में होगी।'' रामानुजम ने यह भी कहा कि इस घटना को दुर्लभ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि ऐसे संरेखण हर कुछ वर्षों में देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "ऐसे अवसर जहां तीन-चार से अधिक ग्रह सूर्य के एक तरफ होते हैं और सामान्य से अधिक एक-दूसरे के करीब होते हैं उन्हें ग्रह परेड कहा जाता है।" रामानुजम ने कहा कि हालांकि घटना दुर्लभ हो या न हो, लेकिन ग्रहों को अपनी नग्न आंखों से देखना हमेशा एक सुखद अनुभव होता है। उन्होंने कहा, "यह वास्तव में एक सुंदर दृश्य है। लेकिन बस याद रखें, यदि आप तीन जून को अधिक सोते हैं तो आप दृश्य देखने के लिए अगले दिन जल्दी उठ सकते हैं।" 

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