रूस ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को ऐतिहासिक, परिवर्तनकारी बताया
नयी दिल्ली. रूस के दूतावास प्रभारी रोमन बाबुश्किन ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मॉस्को की दो दिवसीय यात्रा और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी शिखर वार्ता अशांत भूराजनीतिक माहौल को देखते हुए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी'' रही। उन्होंने मोदी और पुतिन की शिखर वार्ता के एक दिन बाद कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर थी जिससे यह स्पष्ट है कि यह यात्रा कितनी महत्वपूर्ण थी। रूसी राजनयिक ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत-रूस व्यापार और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। शिखर वार्ता की प्रमुख बातों पर प्रकाश डालते हुए बाबुश्किन ने कहा कि भारत और रूस ने राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाली द्विपक्षीय भुगतान प्रणाली को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। यूक्रेन पर रूस के हमले की शुरुआत के बाद अपनी पहली यात्रा में मोदी ने आठ और नौ जुलाई को मॉस्को की दो दिवसीय यात्रा की और इस दौरान उन्होंने पुतिन के साथ शिखर वार्ता की। बाबुश्किन ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘नेताओं ने सभी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है। यह हमारे आसपास के अशांत माहौल को देखते हुए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है।'' उन्होंने मोदी की मॉस्को यात्रा से पहले अमेरिका द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों की भी आलोचना की तथा इन टिप्पणियों को दोनों देशों के संबंधों में हस्तक्षेप बताया। बाबुश्किन ने कहा, ‘‘यह दो स्वतंत्र वैश्विक शक्तियों की आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित बैठक थी। जब रूस-भारत संबंधों की बात आती है तो बाहरी कारक ज्यादा भूमिका नहीं निभाते हैं।'' वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि दोनों पक्षों ने जीवाश्म ईंधन, परमाणु ऊर्जा और व्यापार सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। शिखर वार्ता के प्रमुख नतीजों पर प्रकाश डालते हुए बाबुश्किन ने कहा कि भारत और रूस ने राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल करते हुए द्विपक्षीय भुगतान प्रणाली को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपने गौर किया होगा, तो संयुक्त वक्तव्य का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह था कि हमने राष्ट्रीय मुद्रा निपटान के ढांचे के अंतर्गत भुगतान प्रणाली बनाने के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।'' रूसी सेना में काम कर रहे भारतीयों की वापसी की भारत की मांग पर उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर भारत से सहमत हैं।'' यह पूछे जाने पर कि भारतीय स्वदेश कब लौटेंगे, बाबुश्किन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इसे जल्द ही हल कर लिया जाएगा।








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