शाह ने नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से नक्सल समस्या खत्म करने को प्राथमिकता देने का किया आग्रह
नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस समस्या के समाधान के लिए प्राथमिकता देने का आग्रह किया ताकि एक साल के भीतर इस खतरे को खत्म किया जा सके। उन्होंने नक्सलियों तक धन के प्रवाह को रोकने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाने को भी कहा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 10 नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्य के मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है तथा इसे तेज और निर्णायक बनाने की जरूरत है। शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) हिंसा के कारण मरने वालों की संख्या एक साल में घटकर 200 हो गई है। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाग लिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन बैठक में शामिल नहीं हुए, लेकिन इन चार राज्यों का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से अगले एक साल तक वामपंथी उग्रवाद की समस्या को प्राथमिकता देने का आग्रह किया ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए दबाव बनाने, गति बढ़ाने और बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। शाह ने कहा कि नक्सलियों की आय के स्रोतों को बेअसर करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की एजेंसियों को मिलकर व्यवस्था बनाकर इसे रोकने का प्रयास करना चाहिए।


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