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 नया साल भारतीय महिला हॉकी के लिये नयी उम्मीद लेकर आयेगा : ड्रैग फ्लिकर दीपिका
 नयी दिल्ली,। भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये यह साल मैदान के भीतर और बाहर भले ही अच्छा नहीं रहा हो लेकिन हॉकी इंडिया लीग के जरिये पांच महीने बाद मैदान पर वापसी को तैयार ड्रैग फ्लिकर दीपिका सेहरावत का मानना है कि नये साल में चीजें अच्छे के लिये बदलेंगी । अगस्त में एशिया कप के लिये रवानगी से एक दिन पहले आखिरी अभ्यास सत्र में पैर फिसलने के कारण टीम से बाहर हुई दीपिका ने स्वीकार किया कि बीते साल टीम अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई लेकिन यह भी कहा कि नया साल नयी उम्मीदें लेकर आयेगा ।
हॉकी इंडिया लीग के जरिये वापसी कर रही 22 वर्ष की इस फॉरवर्ड ने  कहा ,‘‘ नये साल में नयी चीजें शुरू होंगी तो काफी कुछ बदलेगा । अगला साल काफी अहम है जिसमें विश्व कप के लिये क्वालीफाई करना सबसे पहली चुनौती है और 2026 में एशियाई खेल भी हैं ।'' प्रो लीग में आखिरी स्थान पर रहने के अलावा एशिया कप के फाइनल में चीन से 1 . 4 से हारकर भारतीय महिला टीम ने बेल्जियम और नीदरलैंड में अगले साल अगस्त में होने वाले विश्व कप के लिये सीधे क्वालीफाई करने का मौका गंवा दिया । अब उसे मार्च में हैदराबाद में क्वालीफायर खेलना है जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरूग्वे, वेल्स और आस्ट्रिया भी भाग लेंगे और शीर्ष तीन टीमें विश्व कप का टिकट कटायेंगी । वर्ष 2025 में हॉकी इंडिया के सर्वश्रेष्ठ उदीयमान खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाली दीपिका ने कहा ,‘‘ हॉकी से दूर ये पांच महीने मेरे लिये बहुत कठिन थे । मुझे गुस्सा आता था और मैं रोती थी कि टीम से बाहर क्यो हूं क्योंकि एशिया कप के लिये मेरी तैयारी अच्छी थी । अब पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रही हूं और अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़नी है ।''
उन्होंने कहा ,‘‘ हमें दिखाना है कि भारत की महिला हॉकी टीम भी किसी से कम नहीं है । तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने के बाद महिला हॉकी का ग्राफ जो ऊपर गया था , उसे फिर लौटाना है । पिछला साल अच्छा नहीं रहा लेकिन अगला साल नयी सुबह लेकर आयेगा ।'' भुवनेश्वर में 2022 में एफआईएच प्रो लीग के जरिये सीनियर टीम में पदार्पण करने वाली इस खिलाड़ी ने कहा कि गलतियों का दोहराव टीम के खराब प्रदर्शन का कारण रहा और बेहतर संवाद भी जरूरी था । उन्होंने कहा ,‘‘ बार बार हो रही गलतियों को सुधारने पर अधिक फोकस करना चाहिये था । प्रो लीग से जिन गलतियों के कारण बाहर हुए, एशिया कप में वही दोहराते दिखे । इसके अलावा टीम के भीतर संवाद बेहतर होना चाहिये था ।'' दीपिका ने यह भी कहा कि एक खिलाड़ी के लिये शारीरिक के साथ मानसिक फिटनेस भी बहुत जरूरी है और एचआईएल में उनकी टीम एसजी पाइपर्स ने इसमें उनकी काफी मदद की । उन्होंने कहा ,‘‘ खिलाड़ी अगर मानसिक तौर पर रिलैक्स हो तो शारीरिक फिटनेस आ ही जाती है । हम खुश रहते हैं तो प्रदर्शन भी अच्छा होता है। मैं हॉकी इंडिया लीग के जरिये वापसी करना चाहती थी तो राष्ट्रीय टीम का शिविर खत्म होने के बाद एसजी पाइपर्स ने मेरे लिये जयपुर में 15 दिन के विशेष शिविर का इंतजाम किया और मुझ पर भरोसा जताया । इसी की वजह से मैं फिट होकर वापसी कर सकी हूं ।'' उन्होंने कहा कि अब चोट से पहले वाले फॉर्म में लौटकर उन्होंने ड्रैग फ्लिक भी शुरू कर दी है और शरीर पहले से मजबूत लग रहा है । दीपिका ने कहा ,‘‘ लीग में भी हमारी टीम में काफी बदलाव हुए हैं लेकिन खिलाडि़यों में बहुत अच्छा तालमेल है और विदेशी खिलाड़ियों से काफी कुछ सीखने को मिलता है । उम्मीद है कि इस साल प्रदर्शन बेहतर होगा ।'' पहलवानों के परिवार से निकली दीपिका के पिता चाहते थे कि वह अपने दादा और चाचा की तरह अखाड़े में नाम रोशन करे लेकिन उसे शुरू ही से हॉकी स्टिक थामने का मन था । उन्होंने कहा ,‘‘ मैं भी शुरू में अपने भाई के साथ कुश्ती खेलने जाती थी लेकिन बीच में हॉकी का मैदान पड़ता था और मेरा मन वहीं खिंचता था। मेरा परिवार चाहता था कि कुश्ती चुनूं लेकिन मैने हॉकी स्टिक थामी और अब अपने प्रदर्शन से इस फैसले को सही साबित करने की ललक है ।'

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