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- रायपुर, / सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत प्रतिदिन जन-जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप की ओर से लीड एजेंसी द्वारा जन जागरूकता संबंधी तैयार पोस्टर एवं फ्लैक्स जारी किया गया। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं पंचगणों को पंचायत अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आवश्यक पहल करने के लिए एक अपील जारी किया गया। सड़क सुरक्षा माह के प्रथम दिवस 01 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे, माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी की अध्यक्षता में बेमेतरा में हेलमेट रैली को हरी झण्डी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। इसी कड़ी में 03 जनवरी को दुर्ग में संभाग स्तरीय अधिकारियों, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, परिवहन, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, आबकारी, स्वास्थ्य निर्माण एजेंसियों की बैठक तथा 05 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की उपस्थिति में संबंधित विभागीय सचिवों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही विशेष रूप से सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले जिले रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग के लिए समन्वित प्रयास से कार्ययोजना बनाया जाकर वर्ष 2026 के दौरान दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिये गये।प्रदेश में वर्ष 2025 में गत वर्ष की तुलना में मृत्यु दर में यद्यपि कमी आई है। गत वर्ष की तुलना में यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही में लगभग 45 प्रतिशत अधिक (लगभग 9 लाख प्रकरणों) की जाकर लगभग 39 करोड़ रूपये परिशमन शुल्क संकलित किये गये। साथ ही जन जागरुकता के कार्यों के फलस्वरूप अर्थात् लगभग 3 प्रतिशत मृत्यु दर में कमी परिलक्षित हुई है। प्रदेश के 20 जिलों में मृत्युदर में कमी हुई है। रायपुर सहित अन्य 13 जिलों में मृत्यु दर को कम करने कार्य किए जा रहे हैं। इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में न्यूनतम 10 प्रतिशत की कमी सहित दुर्घटना जन्य सड़क खण्डों में यथाशीघ्र सुधारात्मक उपायों एवं आकस्मिक उपचार हेतु त्वरित प्रतिक्रिया हेतु समुचित उपाय का लक्ष्य रखा गया है।प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान जन-जागरुकता के लिये यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन पृथक-पृथक गतिविधियों के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में वाहन चालकों एवं यात्रीगणों को बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल में बात करते हुए या नशे का सेवन कर तथा तेज गति से वाहन चलाने वालों को समझाईश देकर यातायात के नियमों का पालन करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही यातायात नियमों के पालन करने वालों को सम्मानित करने का कार्य भी किया जा रहा है।
- -पारदर्शिता और कार्यकुशलता को मिला नया आयाम : उत्कृष्ट अधिकारियों को प्रशंसा पत्र-ई-ऑफिस में श्रेष्ठ प्रदर्शन: मुख्य सचिव विकास शील ने अधिकारियों को किया सम्मानितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन सुशासन, दक्षता और नागरिक केंद्रित प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नवंबर 2025 माह के लिए मंत्रालय महनदी भवन के अधिकारियों का ई-ऑफिस प्रदर्शन मूल्यांकन किया गया। डिजिटल गवर्नेंस को नई गति देने वाली इस महत्वपूर्ण पहल के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ई-ऑफिस में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मुख्य सचिव श्री विकास शील ने चयनित अधिकारियों को सम्मानित करते हुए उन्हें शासन-प्रशासन में गति, पारदर्शिता और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति को और सुदृढ़ करने के लिए प्रोत्साहित किया।सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय स्थित महानदी भवन, नवा रायपुर के अधिकारियों के लिए नवंबर 2025 माह का ई-ऑफिस प्रदर्शन मूल्यांकन पूर्ण कर लिया गया है। यह पहल शासन-प्रशासन में डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और कार्यकुशलता को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रणाली का उद्देश्य अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन का अवसर, रचनात्मक प्रतिस्पर्धा का परिवेश, बेहतर कार्य-प्रबंधन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के लिए प्रेरित करना है, जिससे समग्र रूप से शासन तंत्र अधिक प्रभावी और सेवा-केंद्रित बन सके। इस मूल्यांकन तंत्र का प्रमुख उद्देश्य शासन स्तर पर डिजिटल प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाना, कार्यभार प्रबंधन और समयबद्ध फाइल निस्तारण को प्रोत्साहित करना, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को औपचारिक रूप से मान्यता देना तथा विभागों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से समग्र प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है।मूल्यांकन विभिन्न संवर्गों–संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव एवं अनुभाग अधिकारी–के लिए पृथक-पृथक किया गया। मूल्यांकन पूर्णतः ई-ऑफिस प्रणाली से प्राप्त आधिकारिक डेटा पर आधारित रहा। मासिक अवधि के दौरान अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यभार तथा फाइल निस्तारण की गति और दक्षता को प्राथमिक आधार बनाया गया।मुख्य सचिव श्री विकास शील ने 6 जनवरी 2026 को मंत्रालय, महानदी भवन के पंचम तल सभागार में समस्त अधिकारी/कर्मचारियों की उपस्थिति में ई-ऑफिस के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर माह नवंबर 2025 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ताओं को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित अधिकारियों में श्रीमती जयश्री जैन, संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग; श्री गजपाल सिंह सिकरवार, संयुक्त सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग; श्री भुपेन्द्र सिंह राजपूत, संयुक्त सचिव, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग; श्री विजय कुमार चौधरी, उप सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग; श्री राहुल कुमार, उप सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग; डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, उप सचिव, जल संसाधन विभाग; श्री रनबहादुर ज्ञवाली, अवर सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग; श्री अरूण कुमार मिश्रा, अवर सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग; श्री पूरन लाल साहू, अवर सचिव, गृह विभाग; श्री मनीराम रात्रे, अनुभाग अधिकारी, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग; श्री महेश कुमार, अनुभाग अधिकारी, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग तथा श्री नागराजन, अनुभाग अधिकारी, गृह विभाग शामिल है।मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि यह मूल्यांकन तंत्र अधिकारियों के बीच सकारात्मक प्रेरणा, कार्य संतुष्टि, जवाबदेही और अनुशासन को सुदृढ़ करेगा। विभाग द्वारा इस प्रक्रिया को नियमित रूप से आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रत्येक माह ई-ऑफिस प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।उन्होंने कहा कि समयपालन और कार्यालय उपस्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए उपस्थिति आधारित पुरस्कार प्रणाली प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है। उत्कृष्ट अधिकारियों को प्रेरित करने हेतु “वॉल ऑफ फेम” सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट तथा मंत्रालय परिसर की डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा। उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन सुशासन, दक्षता और नागरिक केंद्रित प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। ई-ऑफिस जैसी डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से शासन व्यवस्था को तेज़, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
- -प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राहरायपुर /धुन के पक्के लोग अपने संकल्प और परिश्रम से न केवल स्वयं का जीवन संवारते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। वैशाली नगर, राजनांदगांव निवासी श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपने दृढ़ इरादों से यह सिद्ध कर दिखाया है कि सही योजना और मेहनत के सहारे आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों (सूक्ष्म उद्यमों) को सशक्त बनाने, उन्हें औपचारिक बनाने और बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिसके तहत नए और मौजूदा उद्यमों को ऋण-आधारित सब्सिडी (35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये), ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता, सामान्य बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण जैसी मदद मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के तहत प्रतिस्पर्धा कर सकें और आय बढ़ा सकें।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपना उद्योग प्रारंभ कर स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया।प्रदेश में उपलब्ध लघुवनोपज की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की। इस उद्योग के लिए मशीन एवं शेड निर्माण हेतु कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 2 लाख 13 हजार 500 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।उद्योग की स्थापना के साथ ही श्री देशपांडे ने कौरिनभाठा स्थित संस्कारधानी महिला कृषक अभिरुचि स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुईं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया।योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्होंने आईटीआई मुंबई से चिरौंजी डिकॉल्डीकेटर मशीन क्रय की। इस मशीन के माध्यम से चिरौंजी का छिलका अलग कर गिरी निकाली जाती है, वहीं छिलकों से चारकोल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा की गिरी से तेल निष्कर्षण तथा हर्रा-बहेरा डिकॉल्डीकेटर मशीन द्वारा छाल पृथक्करण का कार्य भी किया जा रहा है।ग्रामीण एवं वनीय क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की असुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री देशपांडे ने अपने प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से संचालित किया है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल शून्य हो गया है और उत्पादन कार्य में निरंतरता बनी हुई है, जिससे लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।चिरौंजी, हर्रा और बहेरा उत्पादों की बाजार में निरंतर मांग के चलते उनका व्यवसाय अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक विस्तारित हो चुका है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।इस पहल से वनीय क्षेत्रों में लघुवनोपज के संग्रहण, पौध संरक्षण एवं सतत आजीविका के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- रायपुर । खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रजत जयंती सप्ताह में 02 से 09 जनवरी, 2026 तक प्रदेश के सभी जिले की शासकीय उचित मूल्य दुकान में रजत जयंती चावल उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रजत जयंती चावल उत्सव के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में माह जनवरी का खाद्यान्न वितरण के साथ ही विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके साथ-साथ राशनकार्डधारियों एवं आम नागरिकों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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-राशन कार्डों का 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण
-राज्य के सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध
-‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से घर बैठे कर सकते हैं केवायसी
रायपुर । छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है । अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारों को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
- -डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जशपुर जिले की जीवन रेखा-वर्ष 2025 में 10,114 मरीजों को मिली आपातकालीन सेवारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा जिलेवासियों को दी गई 10 अतिरिक्त संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंसों की सौगात के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त हुई हैं। वर्तमान में जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवन रक्षक बनकर दिन-रात जिले के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में दौड़ रही हैं।जिले के संजीवनी एक्सप्रेस 108 के प्रबंधक दीपक साहू ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जिले में कुल 10,114 मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, हृदयाघात, सर्पदंश तथा प्रसूति जैसे आपात मामलों में इन एंबुलेंसों ने अहम भूमिका निभाई है।डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस से 2025 में 572 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कई मामलों में एंबुलेंस के भीतर ही सफल प्रसव कराकर माँ और नवजात की जान बचाई गई, जो एंबुलेंस में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त 10 एंबुलेंसों के चलते दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी त्वरित स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित हो पाई है। इससे न केवल प्रतिक्रिया समय में कमी आई है, बल्कि ग्रामीण अंचलों के लोगों को भी समय पर जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधा मिल रही है।जिलेवासियों का कहना है कि संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा ने आपात स्थिति में भरोसेमंद सहारा बनकर स्वास्थ्य व्यवस्था में नई मजबूती दी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ होती जा रही हैं, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।
- -कृषकों को बीज निगम तक प्रमाणित बीज लाने के लिए परिवहन भाड़ा का भी प्रावधानरायपुर। राज्य सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता एवं अच्छी किस्म के बीज उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बीज प्रकिया केन्द्र अभनपुर जिला रायपुर द्वारा खरीफ वर्ष 2026 में रायपुर जिले के कृषि विभाग के बीज मांग लगभग 30000 क्विंटल के लिए बीज तैयार करने की प्रकिया जारी है। वर्ष 2025 में कुल 429 कृषकों का 772.500 हेक्टेयर में बीज उत्पाटन के तहत बीज प्रमाणिकरण संस्था के साथी पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कराया गया था। बीज प्रकिया केन्द्र अभनपुर के सहायक बीज प्रमाणिकरण अधिकारी श्रीमती हंसा साहू द्वारा खेतों का निरीक्षण कर कृषकों को जरूरी सलाह दी गई। उनके द्वारा फसलों की उपज का आकलन के आधार पर बीज प्रकिया केन्द्र में अब तक 215 कृषकों का 20000 क्विंटल बीज का उर्पाजन किया जा चुका है। साथ ही उपार्जित बीजों का कृषकों के समक्ष संसाधन ग्रेडिंग का कार्य 16 दिसम्बर 2025 से प्रारंभ किया जा चुका है। बीज निगम के प्रबंध संचालक श्री अजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर बीज उत्पादक कृषकों को 15 दिवस के अन्दर 1.48 करोड़ राशि का अग्रिम भुगतान किया गया है। बीज उत्पादक कृषकों को निगम में प्रमाणित बीज लाने हेतु जुट बैग कृषकों को प्रदाय किया जाता है। कृषकों को बीज लाने के लिए शून्य से 25 किलो तक के लिए 50 रूपए, 28 से 50 किलो तक के लिए 55 रूपए एवं 50 से अधिक किलो के लिए 80 रूपए प्रति क्विंटल परिवहन भाड़ा दिया जाता है। इससे बीज उत्पादक कृषकों को बीज निगम में बीज लाने पर सहकारी समिति में विकय से अधिक मूल्य प्राप्त हो रही है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप की उपस्थिति में उनके विभागों के बजट की तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।बैठक में वन एवं सहकारिता विभाग से जुड़ी प्रमुख योजनाओं पर चर्चा की गई। इनमें मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना, लेमरू हाथी रिजर्व परियोजना और चरण पादुका योजना शामिल हैं। इसके साथ ही वन प्रबंधन समितियों और वनोपज से विभिन्न उत्पाद तैयार कर राजस्व बढ़ाने के विषय पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।मंत्री द्वय ने धान उपार्जन केंद्रों में सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की। साथ ही वनांचल क्षेत्रों में आजीविका और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उपायों पर सार्थक सुझाव दिए गए। बैठक में पंचायत स्तर पर माइक्रो एटीएम की बेहतर व्यवस्था के लिए वित्तीय प्रावधान करने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
- रायपुर। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित तीसरे बजट की तैयारियों के तहत मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट निर्माण संबंधी एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने की।इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत पंचायत संचालनालय, ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा इकाइयों द्वारा प्रस्तुत बजट मांग प्रस्तावों पर क्रमवार चर्चा करते हुए उनकी उपयोगिता और प्राथमिकताओं की गहन समीक्षा की गई।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए बजट प्रावधान व्यवहारिक एवं प्रभावी होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण अधोसंरचना के विस्तार, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजन, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता, आवास निर्माण, स्वच्छता अभियानों तथा आजीविका से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए जाएँ।उन्होंने वीबी जी राम जी अधिनियम के तहत विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रस्ताव निर्माण एवं क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने हेतु अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने नवीन योजना प्रारम्भ कर आवास योजना के हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने अच्छा कार्य करने वाली महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं एवं लखपति दीदियों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विभागीय बजट केवल व्यय तक सीमित न होकर ठोस परिणाम देने वाला होना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित समाधान, क्षमता संवर्धन और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से पंचायत व्यवस्था को अधिक सक्षम एवं पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने प्रत्येक योजना के साथ स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित उपलब्धियाँ और लागत एवं लाभ का आकलन अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश भी दिए।बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्ययोजना पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट गांवों में आत्मनिर्भरता, बुनियादी सुविधाओं की मजबूती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, पंचायत संचालक श्रीमती प्रियंका महोबिया, संचालक श्री तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक श्री अश्विनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा देंगे ग्रामीण महिलाओं को प्रेरक संदेशरायपुर।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान द्वारा संचालित लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड आगामी 08 जनवरी 2026 को प्रसारित किया जाएगा। यह एपिसोड वित्तीय समावेशन की थीम पर आधारित होगा, जिसमें स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी प्रेरक कहानियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।इस विशेष एपिसोड में दुर्ग, बालोद एवं गरियाबंद जिलों की दीदियाँ अपने जीवन के अनुभव साझा करेंगी। वे बताएंगी कि बैंकिंग सुविधाओं से जुड़ाव, नियमित बचत, ऋण, बीमा तथा डिजिटल लेन-देन जैसी वित्तीय सेवाओं ने उनके जीवन में किस प्रकार सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाए हैं। कार्यक्रम के माध्यम से यह भी रेखांकित किया जाएगा कि ग्रामीण महिलाएँ किस तरह राज्य की अर्थव्यवस्था में सशक्त भागीदारी निभा रही हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के माननीय उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री श्री विजय शर्मा का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा। अपने संदेश में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, वित्तीय अनुशासन अपनाने और आजीविका के नए अवसर सृजित करने हेतु प्रोत्साहित करेंगे।‘दीदी के गोठ’ का यह छठवां एपिसोड 08 जनवरी 2026 को हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा में आकाशवाणी के राज्य के समस्त केंद्रों से दोपहर 2:00 बजे से प्रसारित किया जाएगा। वहीं बस्तरिया भाषा में आकाशवाणी केंद्र जगदलपुर तथा सरगुजिया भाषा में आकाशवाणी केंद्र अंबिकापुर से दोपहर 2:30 बजे से इसका प्रसारण किया जाएगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उपयोगी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेगा।
- -रायपुर की IPHL देश की पहली NQAS प्रमाणित प्रयोगशाला बनी – छत्तीसगढ़ ने स्थापित किया राष्ट्रीय मानक-केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ को दी बधाई: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आभार व्यक्त किया, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने का संकल्प दोहरायारायपुर /केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने जिला अस्पताल रायपुर स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (IPHL) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) का प्रमाणन प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई दी है।छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे पत्र में श्री नड्डा ने उल्लेख किया कि रायपुर IPHL देश में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला बन गई है, जिसे यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की विश्वसनीय एवं क्वालिटी-अश्योर्ड डायग्नोस्टिक सेवाएँ प्रदान करने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और रायपुर जिला अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जनविश्वास को मजबूत किया है और सेवा-प्रदाय के नए मानक स्थापित किए हैं।केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने आगे कहा कि IPHL की स्थापना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अधोसंरचना मिशन (PM-ABHIM) का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह मिशन पूरे देश में स्वास्थ्य निगरानी, प्रयोगशाला नेटवर्क और आपदा तैयारी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस मिशन का मूल उद्देश्य गुणवत्ता-सुनिश्चित, अस्पताल-विशिष्ट एवं रोग-विशिष्ट प्रयोगशाला निदान उपलब्ध कराना है। रायपुर IPHL को प्रदान किया गया यह प्रमाणन इस बात की पुष्टि करता है कि प्रयोगशाला ने अपने मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत अधो संरचना का सफलतापूर्वक एकीकरण करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को प्राप्त किया है।केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से आग्रह किया कि वह रायपुर मॉडल को श्रेष्ठ अभ्यास (बेस्ट प्रैक्टिस) के रूप में अपनाते हुए राज्य के अन्य जिलों और क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित करे।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर IPHL को प्राप्त NQAS प्रमाणन छत्तीसगढ़ की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि राज्य में प्रयोगशाला सेवाओं के मानकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक उपकरणों और मजबूत अवसंरचना के क्षेत्र में सतत एवं परिणाममूलक सुधार किए गए हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि यह प्रमाणन केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों, लैब तकनीशियनों, पैरामेडिकल स्टाफ और जिला अस्पताल रायपुर की समर्पित टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य के अन्य जिलों में भी IPHL को इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध, सटीक और विश्वसनीय जांच सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जिलों में गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं का निरंतर विस्तार करती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रौद्योगिकी-सक्षम और मानक-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को भी दर्शाती है। यह प्रमाणन संस्थागत परिपक्वता और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता आश्वासन की सुदृढ़ होती संस्कृति का परिचायक है।केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने पुनः आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार और गुणवत्ता संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान सुदृढ़ करेगा।
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन से मुलाकात कर पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने उन्हें शुभकामनाएँ दी। श्री चंदेल ने पुष्पगुच्छ देकर कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नबीन का अभिनन्दन किया।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा, प्रदेश कार्यालय प्रमुख (एसआईआर) मोहन पवार, आईटी सेल के प्रदेश संयोजक सुनील पिल्लई और वैभव वैष्णव बैरागी ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक पत्र सौंपकर एसआईआर प्रक्रिया में हो रहीं अनियमितताओं पर ध्यान आकृष्ट किया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने बताया कि दावा आपत्ति केंद्रों में नियुक्त बी.एल.ओ. उपलब्ध नहीं रहते हैं और न ही बी.एल.ओ. घर-घर जाकर प्राप्त दावा-आपत्ति का सत्यापन कर रहे हैं। इस कारण प्राप्त दावा आपत्ति का समुचित निराकरण नहीं हो रहा है तथा दावा आपत्ति निराधार रूप से खारिज की जा रही है। इस कारण पात्र मतदाताओं का नाम जुड़ नहीं पा रहा है तथा अपात्र मतदाताओं का नाम नहीं कट पा रहा है। इसी प्रकार दावा आपत्ति केंद्रों में बी.एल.ओ. के पास फॉर्म 6, 7 एवं 8 उपलब्ध नहीं हैं जिससे मतदाता दावा-आपत्ति के अधिकार से वंचित हो रहे हैं। पत्र में बताया गया कि इस विषय में जब ई.आर.ओ. अथवा जिला निर्वाचन अधिकारियों (जिला कलेक्टरों) को शिकायत की जाती है तो उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है। भाजपा नेताओं ने इन अनियमितताओं का निराकरण किए जाने हेतु ई.आर.ओ. जिला निर्वाचन अधिकारी तथा बी. एल. ओ. को समुचित निर्देश जारी करने की मां की है।
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन से मंगलवार को मुलाकात कर कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने उन्हें शुभकामनाएँ दी। डॉ. राज ने पुष्पगुच्छ देकर कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नबीन का अभिनन्दन किया।
- -सीईए के अनुसार अभी तक देश में तीसरा स्थानरायपुर। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा दिसम्बर 2025 में राज्य विद्युत उपक्रमों के अन्तर्गत आने वाले बिजलीघरों की समीक्षा के अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी का कामकाज देश में तीसरे नंबर पर रहा है। वहीं दिसम्बर 2025 में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के बिजलीघरों ने 87.11 प्रतिशत प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) के सर्वोच्च स्तर को स्पर्श किया है। तथा 1840.67 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान रचा गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ.रोहित यादव तथा प्रबंध निदेशक श्री एस.के.कटियार ने इस उपलब्धि को शानदार टीम वर्क का परिणाम बताया है।केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण राज्य क्षेत्र की 33 संस्थाओं के कामकाज का मूल्यांकन करती है। इसमें राज्य विद्युत मण्डल तथा राज्य पॉवर कंपनियां शामिल होती है। सीईए की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पंजाब, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश तथा महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को पीछा छोड़ा है वहीं उड़ीसा तथा पश्चिम बंगाल राज्य छत्तीसगढ़ से आगे है।जहां तक दिसम्बर 2025 के पीएलएफ का सवाल है तो उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विगत 15 वर्षों में एक बार ही इससे अधिक पीएलएफ अर्जित किया गया था। दिसम्बर 2025 का पीएलएफ सर्वाधिक है। बताया गया है कि पूर्व के वर्षों में भी एक ही बार 87.11 प्रतिशत से अधिक पीएलएफ अर्जित किया गया था। इस तरह छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के इतिहास में दिसम्बर माह में सर्वाधिक पीएलएफ अर्जित करने का यह दूसरा मौका है। यह उपलब्धि यह साबित करती है कि इस माह में बिजलीघरों के संचालन में नगण्य व्यवधान उपस्थित हुआ। निर्धारित समय पर उचित रखरखाव प्रक्रिया का पालन करने से ऐसी उपलब्धियां दर्ज की जाती है।
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-1.48 करोड़ रूपये की लागत से नये स्ट्रक्चर निर्माण सहित 3.15 एम.व्ही.ए. का नया पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित
-इस परियोजना से नगर के 13,560 उपभोक्ता तथा 52 ग्राम प्रत्यक्ष रूप से होंगें लाभान्वितअम्बागढ़ चौकी। मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अन्तर्गत मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ जिले के अन्तर्गत नगर पंचायत अम्बागढ़ चौकी में विद्यमान 33/11 के0व्ही0 उपकेन्द्र में 1.48 करोड़ रूपये की लागत से 05 एमव्हीए के लिए नये स्ट्रक्चर निर्माण के साथ 3.15 एम0व्ही0ए0 का अतिरिक्त नया पॉवर ट्रांसफॉर्मर को स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अंबागढ़ चौकी के जिला भाजपा अध्यक्ष श्री दिलीप वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष, श्री अनिल माणिकपुरी, नगर पंचायत उपाध्यक्ष, श्री पवन गुप्ता, श्री गुलाब गोस्वामी, श्री राजेश सिंगी, श्री विनोद डहरिया,, श्री ढाल सिंह कौशिक,श्री देव कुम्भकार, श्री दिलीप कुम्भकार, बिजली कंपनी राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट, कार्यपालक निदेशक प्रोजेक्ट रायपुर श्री एम0 जामुलकर, अधीक्षण अभियंता राजनांदगांव वृत्त श्री शंकेश्वर कंवर, ईई मोहला संभाग श्री ए.के. रामटेके, ईई परियोजना श्री मुकेश कुमार साहू, ईई एसटीएम श्री ए.डी. टण्डन, सहायक अभियंता श्री बी.के. कुर्रे, श्रीमती श्वेता वर्मा, श्री दिलीप साहू समेत विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस कार्य को क्षेत्र के समग्र विकास एवं उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि यह कार्य मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत लगभग 1.48 करोड़ रूपये की लागत से पूर्ण किया गया है। नगर पंचायत अम्बागढ़ चौकी में विद्युत विकास के इन कार्यो की पूर्णता से इस उपकेन्द्र की पॉवर क्षमता 08.15 एम0व्ही0ए से बढ़कर 11.30 ए0व्ही0ए0 हो गया है। उन्होंने बताया कि सबस्टेशन में पहले से मौजूदा एक 5.0 एव्हीए व 3.15 एम0व्ही0ए0 के पॉवर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाता थे। खासकर धान की फसल के मौसम में लोड शेडिंग एवं लो वोल्टेज की समस्या होती थी, उक्त कार्य से लो वोल्टेज एवं लोड शेडिंग जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। ईडी श्री सेलट ने उक्त कार्य को क्षेत्र में उपभोक्ताओं एवं किसानों के हित में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए सराहनीय बताते हुए कहा कि 33/11 के.व्ही. सब स्टेशन में 05 एमव्हीए के लिए नये स्ट्रक्चर निर्माण के साथ 3.15 एम0व्ही0ए0 के लग जाने से नगर के 13,560 उपभोक्ता तथा 52 ग्रामों के रहवासियों को फायदा होगा। - कोण्डागांव। कलेक्टर श्रीमती नुपुर राशि पन्ना द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा पीड़ित के 5 प्रकरणों में वारिसों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि प्रदान की गयी। कलेक्टर द्वारा कोण्डागांव तहसील के डी.एन.के. निवासी कुमुद सोनानी की पानी में डूबने से मृत्यु होने पर पत्नी गंगा सोनानी को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि, कोण्डागांव तहसील के ग्राम चेरंग निवासी लालूराम की पानी में डूबने से मृत्यु होने पर पुत्री सुमित्रा, पुत्र सुनील, अनिल भाई मलसाय को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि, बड़ेराजपुर तहसील के ग्राम कोंगेरा निवासी सरजूराम की पानी में डूबने से मृत्यु होने पर पत्नी सामबाई, पुत्र प्रीतम, पुत्री प्रतिमा, पिता हरिराम को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि, बड़ेराजपुर तहसील के ग्राम किबड़ा निवासी रामसाय की पानी में डूबने से मृत्यु होने पर पत्नी सुरेखा को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि, कोण्डागांव तहसील के ग्राम पल्ली निवासी रामूराम मरकाम की पानी में डूबने से मृत्यु होने पर पत्नी रतनी बाई मरकाम को 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गयी है। उक्त स्वीकृत आर्थिक सहायता राशि सम्बन्धित वारिसों के बैंक खाते में हस्तांतरित करने के निर्देश सम्बन्धित तहसीलदारों को दिए गए हैं।
- गौरेला पेंड्रा मरवाही ।विभिन्न बीमारियों की निःशुल्क ईलाज एवं परामर्श के लिए जिला आयुष कार्यालय द्वारा विकासखण्ड स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला एवं जागरुकता शिविर 9 जनवरी को गौरेला विकासखण्ड के ग्राम डाहीबहरा में प्रातः 9 बजे से आयोजित किया जा रहा है। शिविर में आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा विभिन्न बीमारियों सर्दी, खांसी, उल्टी दस्त,बुखार, अपचन खुजली आदि तथा पुराने रोग जैसे वातरोग , उदररोग चर्मरोग स्त्रीरोग, मूत्ररोग गुप्तरोग, श्वास ह्रदय लीवर संबंधित रोग एवं वृध्दावस्था जन्य रोग की निःशुल्क ईलाज आयुर्वेद एवं होम्योपैथी पद्धति से किया जायेगा। शिविर में निःशुल्क औषधि वितरण आयुर्वेद परामर्श होम्योपैथी परामर्श योग परामर्श बीपी. शुगर जांच एवं काढ़ा वितरण किया जाएगा। प्रभारी जिला आयुष अधिकारी डॉ. कैलाश सिंह मरकाम ने ग्रामीणजनों से अनुरोध किया है. कि शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले विकासखण्ड-आंरग के अंतर्गत महानदी मुख्य नहर के किलोमीटर 87.30 से किलोमीटर तक नहर के सीमेंट कांक्रीट लाईनिंग की मरम्मत कार्य के लिए 78 लाख 45 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के कार्यों को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री दिनेश सिंहा, सहायक अभियंता श्री आशीष श्रीवास्तव, उप अभियंता नगर निवेश श्री अंकुर अग्रवाल, श्री सागर ठाकुर, नगर निवेश जोन 6 के अन्य सम्बंधित कर्मचारियों, नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता टीम के कर्मचारियों की उपस्थिति में रायपुर नगर निगम जोन क्रमांक 6 क्षेत्र अंतर्गत शहीद चंद्रशेखर आजाद वार्ड क्रमांक 60 क्षेत्र अंतर्गत गोकुल नगर, सिमरन सिटी फेज 5 के पास हो रहे अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्यवाही की गई है.कार्यवाही के दौरान लगभग 20 मकान, जो कि प्लीन्थ लेवल, लींटेल लेवल एवं स्लैब लेवल तक निर्मित हो चुके थे एवं निर्माण कार्य निरंतर कार्य चालू था, उन्हें तोड़े जाने की कार्यवाही की गयी है.
- बिलासपुर /बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जारी सूचना के अनुसार बैंक की प्रथम सम्मिलन एवं निर्वाचन 10 जनवरी 2026 (शनिवार) को आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11 बजे से बृहस्पति बाजार स्थित बिलासपुर सहकारी गृह निर्माण समिति मर्यादित भवन (बैंक कार्यालय के ऊपर) आयोजित होगी। जिसके लिए गणपूर्ति आवश्यक है।निर्वाचन के अंतर्गत अध्यक्ष के एक पद तथा उपाध्यक्ष के दो पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित रायपुर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर, जिला सहकारी संघ मर्यादित बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ शहरी सहकारी बैंक फेडरेशन मर्यादित रायपुर के प्रतिनिधियों का भी चयन किया जाएगा। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्र सुबह 11.30 बजे से 12.00 बजे तक प्राप्त किए जाएंगे। इसके बाद 12 से 12.30 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। 12.30 से 1 बजे तक अभ्यर्थी नाम वापस ले सकेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो 1.30 से 2.30 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
- बिलासपुर /रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 2 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक खाद्य विभाग की गतिविधियों के लिए विशेष सप्ताह निर्धारित है। इस विशेष सप्ताह में “चावल उत्सव” एवं “उपभोक्ता जागरूकता सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है। इस अवधि में जिले की प्रत्येक शासकीय उचित मूल्य दुकान में दुकान संचालक एवं हितग्राहियों की उपस्थिति में रजत जयंती चावल उत्सव आयोजित किया जा रहा है। साथ ही माह जनवरी 2026 का खाद्यान्न हितग्राहियों को वितरित किया जा रहा है।खाद्य विभाग द्वारा शेष राशनकार्डधारियों एवं हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों में सूचना बोर्ड, स्टॉक पंजी, वितरण पंजी एवं चावल उत्सव पंजी को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रिकॉर्ड अद्यतन रहे और पारदर्शिता बनी रहे। उत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उचित मूल्य दुकानों पर बैनर भी प्रदर्शित किए गए हैं। जिले में कुल 695 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख 67 हजार 317 राशनकार्डधारी परिवारों के 18 लाख 29 हजार 280 सदस्यों एवं हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। आज जन चौपाल में 60 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया।जन चौपाल में तुमगांव महासमुंद निवासी श्री श्यामलाल साहू ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया। इसी प्रकार बागबाहरा के ग्राम केरामुड़ाखुर्द की श्रीमती सिया बाई ठाकुर ने नामांतरण के लिए, ग्राम आमाकोनी के श्री गोविंद मोंगरे ने कर्ण यंत्र मशीन दिलाने के लिए, पिथौरा के ग्राम धरमपुर की सुजबाई मेहर ने बी 1 खसरा नक्शा रिकॉर्ड में दर्ज नाम में सुधार हेतु एवं ग्राम पाटनदादर की बसंती साहू ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के लिए आवेदन दिए। इसके अलावा भौतिक सत्यापन, एग्रीस्टैक पंजीयन, पीएम आवास लम्बित राशि भुगतान संबंधी एवं अन्य आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के तत्वावधान में राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन 9 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक दुधली, जिला बालोद (छत्तीसगढ़) में किया जा रहा है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है कि इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी राज्य को पहली बार प्राप्त हुई है। इस जंबूरी में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 12 हजार से 15 हजार रोवर-रेंजरों के आगमन की संभावना है। आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स रोवर-रेंजरों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।सोशल मीडिया एवं कुछ समाचार माध्यमों में यह भ्रामक खबर प्रसारित की जा रही है कि उक्त आयोजन को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि यह सूचना पूरी तरह असत्य और निराधार है। राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी अपने निर्धारित तिथि एवं कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जा रही है। आयोजन से संबंधित अन्य विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदान की जाएगी। प्रेस वार्ता कल दोपहर 1:00 बजे जंबूरी आयोजन स्थल, दुधली, जिला बालोद (छत्तीसगढ़) में आयोजित की जाएगी।
- रायपुर।जनगणना 2027 के संदर्भ में छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एस.एल.सी.सी.सी.) की प्रथम बैठक आज मुख्य सचिव श्री विकास शील की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं राज्य नोडल अधिकारी (जनगणना) श्री मनोज पिंगुआ, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय श्री कार्तिकेय गोयल, एनआईसी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुआ द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य में गृह विभाग जनगणना के लिए नोडल विभाग है, जो भारत सरकार, जनगणना निदेशालय एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए जनगणना संपादन में अपनी भूमिका का निर्वहन करता है।बैठक के प्रारंभ में निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय श्री कार्तिकेय गोयल द्वारा पावर प्वाइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से जनगणना 2027 की रूपरेखा, प्रारम्भिक तैयारियाँ, डिजिटल रोडमैप एवं संगठनात्मक ढाँचे के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जनगणना निदेशक द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि भारत की जनगणना 2027 देश की प्रथम डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा तथा संपूर्ण कार्य की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन वेब-पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इस बार जनगणना में स्व-गणना (Self Enumeration) का प्रावधान भी किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जनगणना 2027 के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य शासन के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था की जाएगी।निदेशक जनगणना द्वारा समिति को यह भी सूचित किया गया कि राष्ट्रीय महत्त्व के इस वृहद कार्य में लगभग 63 हजार प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के अतिरिक्त अन्य प्रशासनिक कार्मिकों की भी आवश्यकता होगी। निदेशक द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि जनगणना के प्रथम चरण के पूर्व परीक्षण का कार्य छत्तीसगढ़ में जिला कबीरधाम की कुकदूर एवं जिला महासमुंद की महासमुंद तहसीलों के कुछ चयनित ग्रामों में तथा रायपुर जिले के रायपुर नगर निगम के एक वार्ड में 10 नवम्बर से 30 नवम्बर 2025 के दौरान संपादित कराया गया। यह पूर्व-परीक्षण का कार्य राज्य शासन एवं संबंधित जिला प्रशासन के सहयोग से सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। पूर्व-परीक्षण के अनुभवों को भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान-सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 अप्रैल से 30 सितम्बर 2026 के बीच 30 दिवस की अवधि में किया जाना प्रस्तावित है। मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा संबंधित विभागों को स्कूली बच्चों की पढ़ाई, मानसून आदि को ध्यान में रखते हुए उक्त 30 दिवस की अवधि निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।जनगणना 2027 के द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य पूरे देश में एक साथ फरवरी 2027 में किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि वे जनगणना के इस द्वितीय चरण को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026-27 का शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करें। साथ ही सभी संबंधित विभागों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे आपस में समन्वय स्थापित करते हुए जनगणना निदेशालय के साथ मिलकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, ताकि छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी जनगणना पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में आयोजित की जा रही है, इसलिए सभी संबंधितों को उचित समय पर युक्तियुक्त प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की तैयारी की जाए। उन्होंने स्व-गणना की व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे नागरिक-अनुकूल और सुविधाजनक कदम बताया। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों में जनगणना 2027 के कार्य के समन्वय हेतु एक नोडल अधिकारी नामित करें।मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि जनगणना 2027 राज्य के भविष्य की नीतियों, योजनाओं एवं संसाधन आवंटन की आधारशिला है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी विभाग साझा उत्तरदायित्व और समन्वित प्रयास के साथ इस राष्ट्रीय महत्त्व के कार्य को मिशन मोड में पूरा करेंगे। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे स्व-गणना एवं प्रत्यक्ष गणना दोनों प्रक्रियाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना 2027 का कार्य पूर्णतः सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।





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