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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने आज नारी शक्ति वन्दन अधिनियम के विरोध और इसमें अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न करने के लिए कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। श्रीमती बघेल ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब देश महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रहा है, तब विपक्ष केवल अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों और तुष्टीकरण के कारण इस क्रांतिकारी सुधार का विरोध कर रहा है। श्रीमती बघेल ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक देश पर शासन किया, लेकिन महिला आरक्षण के मुद्दे को केवल चुनावी वादे तक सीमित रखा। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे धरातल पर उतारा गया है, तो कांग्रेस अपनी विफलता को छिपाने के लिए अनर्गल तर्क गढ़ रही है। श्रीमती बघेल ने कहा कि यह अधिनियम सभी वर्गों की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए है, न कि समाज को बांटने के लिए।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने कहा है कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सपनों को उड़ान देने वाला संकल्प है। कांग्रेस और उसके साथी दल इस ऐतिहासिक क्षण में साथ खड़े होने के बजाय बाधाएं खड़ी कर रहे हैं। जनता देख रही है कि कौन महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ है और कौन केवल राजनीति कर रहा है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि आज विपक्षी दल का विरोध यह दर्शाता है कि वे नारी शक्ति को निर्णय लेने वाली संस्थाओं में देखने के मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि विपक्ष के किसी भी अवरोध के बावजूद, हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को उनका उचित हक और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विपक्ष को अपनी नकारात्मक राजनीति छोड़कर राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
- -लोक कलाकारों को मिल रही नई पहचान, परंपराओं के संरक्षण को मिल रहा बढ़ावारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा संचालित चिन्हारी योजना राज्य की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाकारों को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। इस योजना के माध्यम से न केवल पारंपरिक कला रूपों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि कलाकारों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से भी सशक्त किया जा रहा है।चिन्हारी योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोक कलाकारों, शिल्पकारों, गायकों और नर्तकों की पहचान कर उनका पंजीयन किया जा रहा है। इससे एक व्यापक सांस्कृतिक डेटाबेस तैयार हो रहा है, जो भविष्य में कला के संरक्षण और संवर्धन में सहायक सिद्ध होगा।योजना के अंतर्गत चयनित कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है तथा उन्हें राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला प्रस्तुत करने के अवसर भी दिए जाते हैं। इसके साथ ही मेलों, उत्सवों और शासकीय कार्यक्रमों में इन कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, जिससे उन्हें व्यापक पहचान मिल रही है।चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृतिनई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा देते हुए अनुभवी कलाकारों के मार्गदर्शन में युवाओं को पारंपरिक कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चिन्हारी योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू विलुप्त होती लोक परंपराओं का संरक्षण और पुनर्जीवन है। इसके तहत लोक नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक शिल्प को संरक्षित कर उन्हें नई ऊर्जा प्रदान की जा रही है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों के जरिए इन कलाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, स्थानीय कला को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। चिन्हारी योजना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और कलाकारों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।
- रायपुर । महासमुंद जिले के ब्लॉक महासमुंद अंतर्गत फारेस्ट ग्राउंड में तैयार किया गया बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड विशेष सुविधा प्रदान करते हुए युवाओं और बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। अगस्त 2025 में पूर्ण होकर यह मैदान आम नागरिकों और खिलाड़ियों के लिए खोल दिया गया है।पहले शहर में बड़े खेल मैदानों की कमी और गलियों में बढ़ती वाहनों की भीड़ के कारण बच्चों और खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलने के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान नहीं मिल पाता था। निर्माण एजेंसी हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित 4842 वर्ग फुट के सीमित क्षेत्र में विकसित यह बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड एक अभिनव समाधान के रूप में सामने आया। यह स्थान की कमी को दूर करने के साथ ही आधुनिक सुविधाओं के साथ एक सुरक्षित खेल वातावरण भी प्रदान करता है।बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड में दो पालियों में सुबह 6ः00 से 9ः00 बजे तक और शाम 4ः00 से 8ः00 बजे तक संचालित इस ग्राउंड में स्कूली बच्चे, युवा और कामकाजी लोग अपनी सुविधा अनुसार खेल का आनंद ले रहे हैं। 15-20 मिनट के छोटे फॉर्मेट में खेले जाने वाले इस खेल ने व्यस्त जीवनशैली वाले लोगों को भी फिटनेस और मनोरंजन का बेहतर विकल्प दिया है। रात में फ्लडलाइट की सुविधा के कारण खिलाड़ी कार्य के बाद भी अभ्यास कर सकते हैं। ग्राउंड में फ्लोर मेट और चारों ओर मजबूत नेटिंग की व्यवस्था होने से खेल सुरक्षित हो गया है तथा गेंद खोने या आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना भी समाप्त हो गई है। कम संख्या में खिलाड़ी भी आसानी से खेल सकते हैं, जिससे यह हर आयु वर्ग के लिए उपयुक्त बन गया है। लगभग 25.07 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस परियोजना ने जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूती दी है। यह युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित और अनुशासित कर रही है।एन.आई.एस. क्रिकेट कोच श्री तृपेश कुमार साहू ने बताया कि बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड में अभ्यास करने से समय की बचत होती है और खिलाड़ी कम समय में अधिक अभ्यास कर पाते हैं। इससे बच्चों की तकनीक में तेजी से सुधार हो रहा है और वे प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो रहे हैं।
- रायपुर । उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने शुक्रवार को कोरबा स्थित सिविल लाइन थाना परिसर में कोरबा जिले के प्रथम महिला थाना का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह थाना जिले का पहला महिला थाना होगा, जो न केवल महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम में सहायक होगा, बल्कि उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करेगा। मंत्री श्री देवांगन ने थाना का शुभारंभ करने के बाद निरीक्षक भावना खांडेकर को थाना प्रभारी का विधिवत पदभार ग्रहण कराया। इस थाने में थाना प्रभारी सहित बलों की पदस्थापना की गई है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह महिला थाना महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। इस महिला थाना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक सुरक्षित स्थान मिल सके। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने विभिन्न परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले इस परिवार के बच्चों को सम्मानित किया। थाना परिसर में एक वाटर कूलर की स्थापना की भी घोषणा की। साथ ही गर्मी में लगने वाले आमतौर पर आग से बचाव के उपाय हेतु पाम्पलेट का भी विमोचन किया।इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री पवन सिंह, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, श्रीमती प्रीति स्वर्णकार, पार्षद श्री अशोक चावलानी, पार्षद श्री चंद्रलोक सिंह, श्री योगेश जैन सहित अन्य विशिष्ट जल अधिक संख्या में उपस्थित रहे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बड़गांव–पनगोती मार्ग पर स्थित भालू नाला पर पुल निर्माण एवं पहुँच मार्ग के कार्य का आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विधिवत भूमिपूजन किया ।लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इस पुल की लंबाई 120 मीटर तथा पहुँच मार्ग की लंबाई 362 मीटर होगी।इस पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा और विशेष रूप से बड़गांव, पनगोती सहित आसपास के कई गांवों के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक बारिश के मौसम में बाधित रहने वाला यह मार्ग पुल बनने के बाद वर्षभर सुगम और सुरक्षित रहेगा, जिससे स्थानीय जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से न केवल कनेक्टिविटी मजबूत होती है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के अवसर भी बढ़ते हैं।अम्बिकापुर के समग्र विकास और क्षेत्रवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रारंभ की गई यह परियोजना निश्चित रूप से क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस जन-उपयोगी कार्य के शुभारंभ पर क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है और उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- -आदिम जाति मंत्री ने दुर्गूकोंदल में किया सर्व आदिवासी विश्राम गृह का लोकार्पणरायपुर । आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने शुक्रवार को कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल ब्लॉक मुख्यालय में सर्व आदिवासी समाज कल्याण विश्राम गृह का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि पिछले 04 दशक तक हिंसा, आतंक का पर्याय बन चुका माओवाद आज समाप्त हो गया है। लंबे अरसे तक दंश झेलने वाले बस्तर में अब तेजी से सर्वांगीण विकास होगा।दुर्गूकोंदल के बाजार चौक में आयोजित मंचीय कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रदेश में माओवाद की समूल समाप्ति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प को पूरा करने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेहतर रणनीति के साथ इस कार्य को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि साय सरकार के नेतृत्व में युवा, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाओं सभी वर्ग के लिए बेहतर कार्य हो रहे हैं। बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा मास्टर प्लान तैयार किया गया है। श्री नेताम ने सर्व आदिवासी समाज विश्राम गृह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे समाज के लोगों को लाभ मिलेगा और सामाजिक गतिविधियों को अच्छे ढंग से संपादित कर सकेंगे। इस अवसर पर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी ने भी समाज जनों को बधाई देते हुए विश्राम भवन के निर्माण को दुर्गुकोंदल क्षेत्र के लिए काफी उपयुक्त बताया।उल्लेखनीय है कि बाजार चौक दुर्गूकोंदल में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कांकेर द्वारा पीएसी मद से 43 लाख 08 हजार रुपए की लागत से उक्त भवन तैयार किया गया है, जिसका लोकार्पण आज आदिम जाति विकास मंत्री श्री नेताम ने किया। इसके पहले, उन्होंने भानुप्रतापपुर के विश्राम गृह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर क्षेत्र के समस्याओं की जानकारी ली तथा यथोचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
- -अब जनजातीय क्षेत्रों के सभी महिला हितग्राहियों को मिलेगा दुधारू गाय, आय में होगी वृद्धि-घुमंतू गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं सर्वधन के लिए तेजी के साथ गौधाम निर्माण के निर्देश-जलवायु के अनुकूल पशुओं के संवर्धन के लिए भारतीय नस्ल और कृत्रिमगर्भाधान को दिया जाए बढ़ावा-पशुधन मंत्री श्री नेताम ने की विभागीय काम-काज की समीक्षारायपुर। पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि “पशु जन नियंत्रण (श्वान)” के तहत आवारा श्वानों के नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में नगरीय निकायों के सहयोग से एनीमल बर्थ कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित किया जायेगा। इन सेन्टरों में श्वान जन्म को नियंत्रित करने नसबंदी अभियान चलाया जायेगा, वही श्वान के काटने से होने वाले रैबीज बीमारी को रोकने श्वानों का टीकाकरण भी किया जायेगा। मंत्री श्री नेताम ने उक्त बातें मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।पशुधन मंत्री श्री नेताम नें बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जनजातीय क्षेत्रों के सभी महिला हितग्राहियों को दुधारू गाय दिया जायेगा इससे आय में वृद्धि होगी और महिलाएं आर्थिक रूप सशक्त होंगे। उन्होंने बताया कि मीठा और पौष्टिक आहार के साथ-साथ नियमित रूप से आय का साधन उपलब्ध कराने तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहले हमारी सरकार दुधारू गाय वितरण की योजना बस्तर क्षेत्र के जनजातीय महिलाओं के लिए प्रारंभ किया था। अब इसे विस्तार करते हुए राज्य में जनजातीय क्षेत्रों के सभी वर्गों के महिला हितग्राहियांे को दुधारू गाय दिया जायेगा। इसके लिए राज्य सरकार एनडीडीबी से समझौता किया हुआ है। उन्होंने इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि प्रदेश के जलवायु के अनुकुल भारतीय नस्ल के अलग-अलग किस्मों के गायों का वितरण किया जाना सुनिश्चित हो ताकि गौ-वंशी पशुओं के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि हो सके। हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली पशु-पक्षियों को जरूरतमंद हितग्राहियों को चयन कर लाभान्वित भी किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं में होने वाले विभिन्न संक्रमण रोगांे के नियंत्रण के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाए जिससे आकस्मिक होने वाले पशुधन हानि को रोका जा सके। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गौधाम योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य प्रमुख मार्गों में विचरण करने वाले घुमंतु गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पशुओं को गौधामों में व्यवस्थापित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 36 गौधाम स्वीकृत कर 32 गौधाम पंजीकृत हो चुके है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पशु संवर्धन कार्यक्रम कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोंत्पादन का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान का क्षेत्र विस्तार हेतु परिवहन आदि का भी सुचारू व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं। वहीं राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स शॉर्टेज सीमंेन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026-27 मंे इसके लिए हितग्राही अंशदान में छूट दिए जाने का प्रावधान किया गया है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि पशु दुर्घटना को रोकने तेजी के साथ गौधाम स्थापित कर वहां गौ-वंशों को व्यवस्थापित तथा कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती सहला निगार, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्री चंद्रकांत वर्मा, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थें।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में टिकाऊ और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उद्देश्य से हरी खाद के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा हैकृषि विभाग द्वारा जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में इस वर्ष 600 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद का प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद तकनीक अपनाएं, जिससे मिट्टी की सेहत में सुधार के साथ दीर्घकालीन उत्पादकता सुनिश्चित हो सके।हरी खाद के अंतर्गत ढेंचा, सनई, मूंग, उड़द और बरसीम जैसी फसलों को खेत में उगाकर 40 से 50 दिन बाद जुताई कर मिट्टी में मिला दिया जाता है। इसके पश्चात 2 से 3 सप्ताह बाद मुख्य फसल की बुवाई की जाती है। यह प्रक्रिया मिट्टी में प्राकृतिक पोषक तत्वों की पूर्ति करती है।हरी खाद के उपयोग से मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटाश एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है, साथ ही जैविक पदार्थों में वृद्धि होती है। इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बेहतर होती है और भूमि भुरभुरी एवं अधिक उपजाऊ बनती है। हरी खाद अपनाने से रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, की आवश्यकता में कमी आती है।विशेषज्ञों के अनुसार, हरी खाद का उपयोग कम लागत में अधिक लाभ देने वाला उपाय है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक है। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयास किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
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-मैनपाट के मतरिंगा में शेड निर्माण का किया भूमिपूजन
-रिहंद नदी उद्गम स्थल को विकसित कर स्थानीय रोजगार सृजन पर जोररायपुर। सरगुजा क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है। इसी क्रम में मैनपाट के मतरिंगा (सितकालो) में शेड निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन आज संपन्न हुआ। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।मतरिंगा (सितकालो) क्षेत्र रिहंद नदी के उद्गम स्थल के रूप में अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक महत्ता के लिए जाना जाता है। यहां का मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखता है। प्रस्तावित शेड निर्माण से पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुलभ होंगी, जिससे इस स्थल की लोकप्रियता और भी बढ़ेगी।मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सरगुजा क्षेत्र के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए उन्हें पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है। मैनपाट जैसे रमणीय स्थल को विकसित कर न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।उन्होंने आगे कहा कि पर्यटन विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यटक अनुकूल वातावरण और स्थानीय सहभागिता को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रवासियों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। - -पारंपरिक कला-संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को मिलेगा आर्थिक सहयोग, 15 मई तक कर सकते हैं आवेदनरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राज्य की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” के अंतर्गत प्रदेशभर के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगायन, लोकनाट्य, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, पारंपरिक पाक कला एवं सौंदर्यकला से जुड़े कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सम्मानित करने की पहल की गई है, ताकि वे अपनी कला को निरंतर आगे बढ़ा सकें और सांस्कृतिक परंपराएं जीवंत बनी रहें।योजना के तहत चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से दी जाएगी। इस योजना का लाभ उन्हीं कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। साथ ही, चयनित कलाकारों को एक वित्तीय वर्ष में केवल एक बार यह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी और आगामी दो वर्षों तक वे पुनः इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।आवेदन के लिए कलाकारों को निर्धारित प्रारूप में अपनी पूरी जानकारी देना अनिवार्य है, जिसमें नाम, कला विधा, पता, जिला, मोबाइल नंबर, चिन्हारी पोर्टल का पंजीयन क्रमांक, अनुभव के वर्ष तथा उपलब्धियों का विस्तृत विवरण (प्रमाण पत्र, फोटो, वीडियो आदि सहित) शामिल है। इसके साथ ही चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र भेजने की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन पत्र के लिफाफे पर “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” अंकित करना अनिवार्य होगा। योजना से संबंधित अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइटwww.cgculture.inपर भी प्राप्त की जा सकती है। इस योजना के माध्यम से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन न केवल लोक कलाकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है, बल्कि प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया “स्पेस ऑन व्हील्स” का अवलोकन, बच्चों की वैज्ञानिक समझ की सराहना कीरायपुर। अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जशपुर जिले में “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम ने बच्चों में नई ऊर्जा का संचार किया है। रणजीता स्टेडियम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस के आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरिक्ष गाड़ी का अवलोकन किया और प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रह तथा विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों के मॉडलों को देखा। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी वैज्ञानिक समझ और जिज्ञासा की सराहना की।शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर की कक्षा 12वीं की छात्राएं कुमारी अंशु पासवान, भूमिका डाहरे और सारिका साहनी ने आगे बढ़कर चंद्रयान, मंगलयान सहित विभिन्न अंतरिक्ष तकनीकों की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री को समझाया। बच्चों के आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहलें विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में विज्ञान और तकनीक ही विकास की आधारशिला है और “स्पेस ऑन व्हील्स” जैसे कार्यक्रम ग्रामीण अंचलों के बच्चों में जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पेस ऑन व्हील्स के माध्यम से जिले के विभिन्न स्कूलों में विज्ञान की जानकारी देने वाले 17 बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और विद्यार्थियों को “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” पुस्तिका भी वितरित की।इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए “अन्वेषण” कार्यक्रम के अंतर्गत इस पहल का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान भारती के सहयोग से यह कार्यक्रम जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है। 7 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह अभियान 14 दिनों तक चलेगा, जिसमें बस प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी दे रही है। इस पहल से जिले के 10 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।“स्पेस ऑन व्हील्स” इसरो की एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है, ताकि अंतरिक्ष विज्ञान को सीधे छात्रों और आमजन तक पहुंचाया जा सके। इस प्रदर्शनी में पीएसएलवी, जीएसएलवी, चंद्रयान, मंगलयान, आरएलवी, रिमोट सेंसिंग, कम्युनिकेशन और नेविगेशन सैटेलाइट से जुड़े मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। ऑडियो-विजुअल माध्यम, इंटरएक्टिव पैनल और लाइव डेमो के जरिए विद्यार्थियों को जटिल अंतरिक्ष तकनीकों को सरल भाषा में समझाया जा रहा है।इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है। विज्ञान भारती के विशेषज्ञों, भौतिकी के व्याख्याताओं और स्वयंसेवकों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहा है, जिन्हें बड़े शहरों या इसरो केंद्रों तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता।जशपुर में “स्पेस ऑन व्हील्स” का आगमन युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला अभियान बनकर उभरा है, जो भविष्य में जिले को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- -एक साथ 774 सड़कों का भूमिपूजन, 781 बसाहटों को मिलेगा पक्का सड़क संपर्करायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को जशपुर स्थित रणजीता स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-04) के अंतर्गत स्वीकृत 774 सड़कों का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया। इन सड़कों की कुल लंबाई 2426.875 किलोमीटर है, जिनके निर्माण पर 2225.44 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिला मुख्यालय स्थित वशिष्ठ कम्यूनिटी हॉल के जीर्णोद्धार के लिए 80 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सड़कों का भूमिपूजन ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इन सड़कों के निर्माण से लगभग 781 बसाहटों को बारहमासी पक्की सड़क सुविधा प्राप्त होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई थी, जो उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम है और आज यह योजना ग्रामीण भारत की जीवनरेखा बन चुकी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में सड़क नेटवर्क के विस्तार में अभूतपूर्व तेजी आई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से राज्य के अधिकांश गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तथा रायपुर से जशपुर होते हुए धनबाद तक सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे जशपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में समितियों की संख्या बढ़कर 2573 हो गई है। ये समितियां किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके निकट उपलब्ध कराएंगी तथा धान विक्रय प्रक्रिया को सरल बनाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और होली से पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में 10000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरण कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिकों से आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सही आंकड़े ही सटीक विकास योजनाओं का आधार बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत प्रदेशभर में शिविर आयोजित कर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है तथा ₹757 करोड़ के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी तेजी से विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज जिन 774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है, उनका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 1300 से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे ये क्षेत्र भी मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू कर अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-04 के अंतर्गत राज्य में 3065 सड़क विहीन बसाहटों का चिन्हांकन किया गया है। बैच-2 में 1000 बसाहटों के लिए 2684 किलोमीटर लंबाई की 975 सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है, जबकि शेष 1284 बसाहटों के लिए डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के लिए 2902 किलोमीटर लंबाई की 807 सड़कों एवं 123 वृहद पुलों के निर्माण हेतु ₹2477 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनसे 871 बसाहटें लाभान्वित होंगी। अब तक 1735 किलोमीटर लंबाई की 356 सड़कें पूर्ण कर 356 बसाहटों को जोड़ दिया गया है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक कुल 47,847 किलोमीटर लंबाई की 10,119 सड़कों एवं 581 वृहद पुलों को स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनमें से 42,250 किलोमीटर लंबाई की 8713 सड़कें और 444 पुल पूर्ण किए जा चुके हैं।जशपुर जिले में इस योजना के तहत कुल 77 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी लंबाई 197.26 किलोमीटर तथा लागत ₹196.20 करोड़ है। विभिन्न विकासखंडों में इन सड़कों का निर्माण चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, जिससे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ होगी और स्थानीय विकास को गति मिलेगी।इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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*0 रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2ः स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन प्रतियोगिता*
*रायपुर।* रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 के तहत आयोजित स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन एकल प्रतियोगिता के दूसरे दिन भी नॉकआउट दौर के ग्रुप मैचों में रोमांच और प्रतिस्पर्धा का शानदार संगम देखने को मिला। शुक्रवार को यूनियन क्लब में खेले गए मुकाबलों में चंदन साहू, टीकम वर्मा और संतोष साहू अपने-अपने मैच जीतकर ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहे और प्रतियोगिता के अंतिम राउंड में जगह बनाने में सफल रहे।ग्रुप ए के मुकाबलों में चंदन साहू का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने अपने सभी मैच जीतकर ग्रुप में दबदबा कायम रखा। पहले मुकाबले में उन्होंने तहसीन जैदी को 30-14 से हराया। इसके पूर्व खेले पहले मैच उन्होंने सत्येंद्र सिंह के खिलाफ एकतरफा अंदाज में 30-5 से जीत दर्ज की। इसके बाद दूसरे मैच में भी चंदन ने लविंदर सिंह सिंघोत्रा को 30-6 से पराजित कर अपनी श्रेष्ठता साबित की।ग्रुप बी में टीकम वर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मुकाबले जीत लिए। उन्होंने रोहित बर्मन को 30-10 से हराया। इसके पूर्व अपने पहले मैच में विक्रम साहू के खिलाफ 30-7 से प्रभावशाली जीत दर्ज की। दूसरे मैच में संतोष साहू (जूनियर) को 30-10 से पराजित कर टीकम ने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया।ग्रुप बी में ही संतोष साहू ने भी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने अजय सक्सेना को 30-6 से हराया। हालांकि इस मुकाबले के दौरान अजय सक्सेना चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट हो गए और मैच पूरा नहीं खेल सके। इसके पहले संतोष साहू ने हिमांशु शर्मा को 30-5 से पराजित कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। लगातार दो प्रभावशाली जीत के साथ संतोष साहू ने भी अंतिम राउंड में प्रवेश सुनिश्चित किया।इसके पहले खेले गए अन्य मैचों में लविंदर सिंघोत्रा ने शंकर चंद्राकर को 30-9 से, तहसीन जैदी ने कौशल तिवारी को 15-6 से, अमित मिश्रा ने दीपक पांडेय को 30-11 से और रोहित बर्मन ने शिवम दुबे को 27-23 से व सुखनंदन बंजारे को 30-15 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया था। मैच के निर्णाय़क विजय मिश्रा, सत्येंद्र कर, टीकम वर्मा, चंदन साहू व कमलेश गोगिया रहे।*आज के मैच*18 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से यूनियन क्लब में एकल के शेष सभी मैच खेले जाएंगे। साथ ही बैडमिंटन युगल के मुकाबले भी शुरू होंगे।*एकल के मैच*1. रामेश्वर मिश्रा/सत्यप्रकाश दुबे के बीच।2. सुशील अग्रवाल/पंकज सिंह के बीच।(उक्त दोनों मैच के विजेता क्रमशः सत्येंद्र कर और अमित मिश्रा से भिड़ेंगे। इनके विजेता क्रमशः चंदन साहू व संतोष साहू के साथ खेलेंगे)3.टिकेश्वर पटेल/टीकम वर्मा के बीच।*युगल के मुकाबले*1. चंदन साहू-सुशील अग्रवाल/हिमांशु शर्मा-सुखनंदन बंजारे के बीच।2. संतोष साहू (सी.)-नरेंद्र बंगाले/शिवम दुबे-रोहित बर्मन के बीच।3. रामेश्वर मिश्रा-तहसीन जैदी/राजेश सोनकर-पंकज सिंह के बीच।4. टिकेश्वर पटेल-अभिषेक सिंह/राजेंद्र निगम-शंकर चंद्राकर के बीच।5. सत्येंद्र कर-टीकम वर्मा/विक्रम साहू-संजय जोशी के बीच।6. लक्ष्मण लेखवानी-हितेश मेहता/त्र्यंबक शर्मा-संजीव गुप्ता के बीच।7. अमित मिश्रा-शुभम वर्मा/प्रदीप चंद्रवंशी-पलाश तिवारी के बीच।8. कमेलेश गोगिया-दिनेश कुमार/सत्यप्रकाश दुबे-इम्तियाज अंसारी के बीच। -
बालोद/ स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए छात्रों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। जारी आदेश में बताया गया है कि वर्तमान में प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी व लू के कारण छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त, अशासकीय शालाओं हेतु घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में आशिक संशोधन करते हुए 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की गई है। यह आदेश शिक्षकों के लिए लागू नही होगा तथा विभागीय समसंख्यक आदेश 22 सितंबर 2025 की शेष कंडिकाएं यथावत रहेंगी।
- -वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सुविधा से सुसज्जित केंद्र : योग, स्वास्थ्य, मनोरंजन और कौशल विकास की मिलेगी एक ही छत के नीचे सुविधारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर केंद्र ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और आत्मीय संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन अत्यंत प्रसन्न नजर आए तथा उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विकसित ‘सियान गुड़ी’ के लिए आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक पुस्तक, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। उन्होंने समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। यह भवन वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रियता का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सियान गुड़ी’ के माध्यम से राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हुए पारिवारिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।उल्लेखनीय है कि जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित यह ‘सियान गुड़ी’ केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समग्र डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से ‘सियान गुड़ी’ को अत्याधुनिक रूप दिया गया है, जहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा तथा कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन उपस्थित थे।
- -बिलासपुर आयुक्त करेंगे वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांचरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं।उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं।जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रथम चरण के अंतर्गत 01 से 30 मई तक किया जाएगा मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य
स्वगणना कार्य के लिए 16 से 30 अप्रैल तक की तिथि निर्धारितबालोद/जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मागदर्शन में बालोद जिले में जनगणना 2026 का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके अंतर्गत जिले के सभी विकासखण्डों में जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना का प्रचार-प्रसार एवं 01 मई से 30 मई 2026 तक मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना की तिथि निर्धारित की गई है। मकानों की सूचीकरण एवं मकानों के गणना संबंधी प्रचार-प्रसारों के कार्यों के अंतर्गत 01 मई से 30 मई तक की अवधी में जनगणना संबंधी स्लोगन, वीडियो, जिंगल आॅडियो, प्रिंट एड होर्डिंग आदि डाउनलोड करने हेतु गूगल लिंक प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वगणना हेतु निर्धारित तिथि के दौरान इच्छुक परिवार आॅनलाईन पोर्टल https://se.census.gov.in/ पर वांछित जानकारी दे सकते हैं। ज्ञातव्य हो कि स्वगणना पूरी तरह से एक ऐच्छिक है अनिवार्य है। परिवारों के द्वारा पोर्टल में स्वगणना की जानकारी नही दर्ज करने पर भी 01 से 30 मई की अवधि में प्रगणकों के द्वारा सभी घरों में पहुँचकर वांछित जानकारी दर्ज की जाएगी। जनगणना कार्य के संबंध में आम जनता को आवश्यक जानकारी प्रदान करने हेतु 1855 नंबर पर टोल फ्री हेल्पलाईन नंबर भी जारी किया गया है।इस कार्य के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ द्वारा 01 मई से 30 मई 2026 तक चलने वाले मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्यों के दौरान नगर निकायों के कचरा संग्रहण गाड़ियों के ऑडियो सिस्टम, शासकीय कार्यालयों की एलईडी स्क्रीन, ट्रैफिक सिग्नल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने के अलावा स्कूल, बस स्टॉप और ग्राम पंचायतों में होर्डिंग्स व स्लोगन के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाए जाने हेतु निर्देश जारी किया गया है। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने आज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल आमापारा बालोद में पहुँचकर चल रहे प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। -
जिला प्रशासन की अनूठी पहल
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत जिले के समस्त निर्माणाधीन, अप्रारंभ रूके हुए आवासांे को यथाशीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण कराए जाने हेतु एक सघन संपर्क अभियान की शुरूआत की जा रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने बताया कि सघन संपर्क अभियान अंतर्गत जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड में 17 अप्रैल 2026 को सुबह 07 बजे से आवास निर्माण हेतु शेष रह गए लाभार्थियों को शीघ्र आवास निर्माण करने एक दिवसीय सघन संपर्क अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन हेतु जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को ग्रामवार नोडल अधिकारी नियुक्त की गई है। सभी नोडल अधिकारियों द्वारा 25 से 30 आवासों में स्वयं भ्रमण, निरीक्षण करते हुए संबंधित लाभार्थियो से संपर्क, समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं को संज्ञान में लिया जाएगा। इसके साथ ही समस्या के त्वरित निराकरण करने तथा उक्त आवासांे को यथाशीघ्र पूर्ण कराने एवं पूर्णता पश्चात् जनसहयोग एव जनभागीदारी के माध्यम से रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सोख्ता गढ्ढा का निर्माण करने लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा अपने गांव एवं पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने उक्त संपर्क अभियान में जिले के सम्मानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल होने की अपील की है।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण अंचलो में कच्चे मकानो में निवासरत लाभार्थियो को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का मकान उपलब्ध कराया है। जिले में पीएम आवास योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-2026 तक कुल 54 हजार 148 आवास स्वीकृत किया गया है जिसके विरूद्ध कुल 46 हजार 513 आवास पूर्ण है तथा 07 हजार 635 आवास पूर्णता हेतु शेष है, जिन्हें यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाना है। -
01 मई से 10 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे जन समस्या निवारण शिविर
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के अलावा वरिष्ठ अधिकारी करंेंगे विकास कार्यों का औचक निरीक्षणबालोद/राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया गया है। राज्य शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 01 मई से 10 जून की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक 15-20 ग्राम पंचायतों में एक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह नगरीय क्षेत्रों में वार्डों एवं क्लस्टरों के आधार पर जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा इन शिविरों में शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शिविर में प्राप्त आवेदनों का एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने एवं प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान करने के भी निर्देश दिए गए हैं।सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के अलावा अभियान के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायकगणों के अलावा मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान उनके द्वारा विकास कार्यों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के औचक निरीक्षण के पश्चात् दोपहर बाद जिला मुख्यालयों में अधिकारियों के साथ बैठक भी आयोजित की जाएगी। जिसमें समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों की स्थिति और विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही बैठक में आगामी कार्य योजना पर भी चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा समीक्षा बैठक में शामिल होने के उपरांत प्रेस वार्ता भी ली जाएगी। इस दौरान वे विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भेंट भी करेंगे। राज्य शासन द्वारा सुशासन तिहार 2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिससे कि इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देते हुए आम जनता की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। -
बालोद/जिला पंचायत सभाकक्ष में आज महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना, जल संरक्षण तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के अंतर्गत निर्मित होने वाले विभिन्न संरचनाओं के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर श्री घनश्याम सिन्हा एवं सहायक मास्टर ट्रेनर श्री हितेन्द्र बघेल द्वारा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ग्रे वाटर मैनेजमेंट सिस्टम, रिचार्ज पिट, मैजिक पिट, सोकपीट निर्माण कार्य महात्मा गांधी नरेगा एवं जे.एस. जी.बी अंतर्गत ट्रेंच, चेक डेम, रिचार्ज पीट, कंटूरट्रेंच, डब्लू.ए.टी. निर्माण कार्य इत्यादि इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग कार्य के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उक्त कार्यशाला में सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, जिला समन्वयक एसबीएम एवं पीएमएवाई, उपअभियंता, विकासखण्ड समन्वयक एसबीएम एवं पीएमएवाई तथा तकनीकी सहायक मनरेगा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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- दिव्यांग बच्चों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण वितरित
- कलेक्टर सीआरसी ठाकुरटोला में आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में हुए शामिलराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव गुरुवार को सीआरसी ठाकुरटोला में आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित शिशुवती माताओं एवं अभिभावकों को बच्चों के समग्र विकास के लिए सही एवं संतुलित पोषण आहार देने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के जन्म के पश्चात प्रारंभिक दो वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इस अवधि में मस्तिष्क का तीव्र विकास होता है। इसलिए बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को घर पर तिरंगा पौष्टिक भोजन देने के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों से मिलने वाले रेडी-टू-ईट आहार के उपयोग करने कहा। साथ ही संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, स्वस्थ खान-पान एवं बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दी।कलेक्टर ने विद्यार्थियों एवं लाभार्थियों से संवाद कर उन्हें करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया। उन्होंने सीआरसी ठाकुरटोला के विभिन्न सेवा इकाइयों एवं ओपीडी का निरीक्षण कर विशेषज्ञों एवं लाभार्थियों से चर्चा की तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास की प्रगति की जानकारी ली। कार्यक्रम में पद्मश्री पुखराज बाफना ने स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। पोषण पखवाड़ा अंतर्गत अभिभावकों एवं गर्भवती महिलाओं को पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संतुलित आहार, मातृ स्वास्थ्य एवं बाल पोषण पर विस्तृत जानकारी दी गई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत चिकित्सकों की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए गोद भराई एवं छह माह तक के शिशुओं के लिए अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। -
“हिंदी पत्रकारिता के 200 साल: रायपुर में होगा ऐतिहासिक आयोजन”
“द्विशताब्दी गौरव: हिंदी पत्रकारिता का उत्सव मनाएगा रायपुर प्रेस क्लब”रायपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब ने इस गौरवपूर्ण क्षण को भव्य उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में प्रेस क्लब की कार्यकारिणी द्वारा पूर्व में पारित प्रस्ताव के अनुरूप शुक्रवार को आयोजित बैठक में कार्यक्रम की प्रारंभिक तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि हिंदी पत्रकारिता दिवस के इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए क्लब द्वारा व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा और योगदान को सम्मान देने हेतु इस आयोजन को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।बैठक में महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु तथा संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति में विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि आयोजन के सफल संचालन के लिए एक अलग आयोजन समिति का गठन किया जाएगा। साथ ही, कार्यक्रम को भव्य और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित वक्ताओं को आमंत्रित करने पर भी सहमति बनी।अध्यक्ष मोहन तिवारी ने जानकारी दी कि हिंदी का पहला समाचार पत्र “उदंत मार्तंड” 30 मई 1826 को प्रकाशित हुआ था। वर्ष 2026 में इसके 200 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, जिससे 30 मई का दिन समूचे पत्रकारिता जगत के लिए विशेष महत्व रखता है।रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित यह उत्सव हिंदी पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान और भविष्य पर केंद्रित होगा, जिसमें प्रदेश सहित देशभर के पत्रकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में आयोजन से संबंधित प्रारंभिक तैयारियों, विभिन्न समितियों के गठन तथा कार्यकारिणी सदस्यों के मनोनयन पर भी चर्चा की गई। सभी आवश्यक समितियों के गठन को लेकर सहमति बन चुकी है, जिसकी घोषणा शीघ्र की जाएगी - 0- महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में चैत्र गौर हल्दी कुंकू उत्सव की धूम, देवी भजनों के साथ फिल्मी गीतों का भी ले रहे आनंदरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सुंदर नगर केंद्र की महिलाओं ने सभासद मैथिली बक्षी के निवास पर हल्दी कुंकू उत्सव मनाया। महिलाओं ने देवी भजन के साथ फिल्मी गीत गाकर उत्सव के मजे को दोगुना कर दिया। इस बीच केंद्र ने न केवल पार्श्व गायिका आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, बल्कि केंद्र की प्रतिभाशाली गायिकाओं ने ‘दो लफ़्ज़ों की है, दिल की कहानी…’, सहित अनेक सदाबहार गाने गाकर सभी का मनोरंजन किया।कार्यक्रम की शुरुआत में महिलाओं का स्वागत हल्दी कुंकू लगाकर किया गया। फिर महिलाओं ने मिलकर चैत्र गौर की पूजा है। सभी ने राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। तत्पश्चात उपस्थित महिलाओं ने देवी के भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। अंत में सभी ने सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए उनके द्वारा गए गीत गुनगुनाए। इस अवसर पर सुरभि गनोदवाले, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, अर्चना दंडवते, ओशिन जोशी, सोनम गनोदवाले, सुजाता निंबानकर, मनीषा मुकादम सहित अनेक श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।--
- 0- छत्तीसगढ़़ सहित अनेक राज्यों के बच्चों की बड़े पैमाने पर रहेगी भागीदारी, बच्चों की प्रतिभा को निखारने का अवसररायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश पर बच्चों के लिए एक मई से ऑनलाइन बाल संस्कार शिविर शुरू होने जा रहा है। आयोजन के दूसरे वर्ष में इस बार रायपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के तमाम शहरों- कस्बों सहित विभिन्न प्रदेशों के ऐसे बच्चे शामिल हो सकते हैं, जिनके अभिभावक उन्हें अच्छे संस्कार देने के इच्छुक हों।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था अभय काले ने बताया कि करीब 40 दिन चलने वाले शिविर में बच्चों को न केवल राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्र नाम, गीता का 12वां अध्याय सहित विविध मंत्रोच्चार सिखाए व याद कराए जाएंगे, बल्कि उनका अर्थ भी बताया जाएगा। इसके अलावा व्यायाम, योग, ड्राइंग, पेंटिंग, संगीत व इनडोर गेम्स, जिसमें भी बच्चे की रुचि हो, उसमें उसे प्रशिक्षण देकर पारंगत किया जाएगा। आस्था के अनुसार शिविर के ऑफलाइन समापन समारोह में बच्चों को वो सब मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिसे ऑनलाइन शिविर के दौरान उन्होंने सीखा हो। शिविर में प्रत्येक सेगमेंट के लिए अलग- अलग प्रशिक्षक अथवा प्रशिक्षिकाएं होंगी।समिति की प्रमुख सृष्टि दंडवते व आकांक्षा गद्रे ने जानकारी दी कि शिविर में शामिल होने वाले बच्चों को सनातन संस्कृति के अनुरूप जमीन पर पंगत लगाकर भोजन कराया गया था। इस बार भी हमारा प्रयास शिविर के समापन समारोह को गरिमामय बनाने का होगा।आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन ने बताया कि गत वर्ष ऑनलाइन शिविर में करीब 125 बच्चों की भागीदारी रही थी। इस साल हमारा प्रयास इस संख्या को 300 से ऊपर ले जाने का है। इसके लिए हमने अभी से प्रचार- प्रयास शुरू कर दिया है। इसके साथ ही हम बृहन्महाराष्ट्र मंडल के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा महाराष्ट्र मंडलों के सभासदों के बच्चों को शिविर तक लाने का प्रयास करेंगे। संध्या के मुताबिक महाराष्ट्र में ऑनलाइन बाल संस्कार शिविर में रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग- भिलाई, रायगढ़, धमतरी, जगदलपुर सहित छत्तीसगढ के अनेक शहरों व महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के बच्चे भी प्रतिभागी होंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में होने वाले समापन समारोह में शिविरार्थी बच्चों के साथ प्रशिक्षक व प्रशिक्षिकाओं को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।--




















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