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- राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सामान्य पुस्तक परिपत्र में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कैलेण्डर वर्ष 2026 के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। इसके अंतर्गत 25 सितम्बर 2026 को अनंत चतुर्दशी, 19 अक्टूबर 2026 को दशहरा (महाअष्ठमी) एवं 11 नवम्बर 2026 को भाई दूज (दीपावली) के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश बैंक एवं कोषालय पर लागू नहीं होगा।
- राजनांदगांव । कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में 16 से 31 दिसम्बर 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया गया। पखवाड़ा अंतर्गत स्वच्छता शपथ, स्वच्छता जागरूकता दिवस, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई, पौधरोपण, प्रतिदिन स्वच्छता श्रमदान कृषक एवं छात्र-छात्राओं के साथ स्वच्छता प्रश्नोत्तरी, तालाब की सफाई सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता के लिए जनमानस को जागरूक करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत 23 दिसम्बर 2025 को किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र में तिलहन फसल उत्पादन, मशरूम उत्पादन, चने एवं गेहूं की खेती एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में व्याख्यान का आयोजन किया गया। कृषकों के लिए प्रश्रोत्तरी का आयोजन भी किया गया। जिसमें विजेता कृषकों को फलदार आम, आंवला, अमरूद अन्य पौधों का वितरण किया गया। साथ ही सीधा प्रसारण के माध्यम से कृषकों को केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन से कृषकों को जोड़ा गया। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के संबंध में कृषकों को जानकारी दी गई। विकसित कृषि संकल्प अभियान अंतर्गत कृषकों को प्रोत्साहित किया गया एवं किसानों की मनरेगा में 100 दिवस के स्थान पर 125 दिवस व विकसित भारत जी राम जी की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा, वैज्ञानिक डॉ. नूतन रामटेके, श्रीमती अंजली घृतलहरे, श्री आशीष गौरव शुक्ला, श्री जितेन्द्र मेश्राम एवं स्वच्छता पखवाड़ा के प्रभारी डॉ. योगेन्द्र श्रीवास सहित कृषक उपस्थित थे।
- - प्रधान डाकघर का व्यवसायिक समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तकराजनांदगांव । भारतीय डाक विभाग द्वारा नागरिकों को बेहतर एवं सुगम डाक सेवाएं उपलब्ध कराने, ग्राहकों की बढ़ती आवश्यकताओं के दृष्टिगत डाकघरों के व्यवसायिक समय में विस्तार किया गया है। राजनांदगांव संभाग अंतर्गत आने वाले राजनांदगांव प्रधान डाकघर एवं कवर्धा मुख्य डाकघर के व्यवसायिक समय में वृद्धि करते हुए समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक किया गया है। इस समयावधि में नागरिक को स्पीड पोस्ट, पार्सल, वित्तीय सेवाओं एवं अन्य डाक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
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- सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में समय पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए
- जिले में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली प्रारंभ
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संबंध में अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में ई ऑफिस में ऑनबोर्डिंग हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अधीनस्थ कार्यालयों में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली आज से लागू हो रही है। इसके लिए ई-ऑफिस के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी ही आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के नोडल अधिकारी होंगे। इसके लिए सभी अधिकारी निरंतर अभ्यास जारी रखें। यह अभ्यास लोकेशन की प्रामाणिकता, ऐप इंस्टॉलेशन, प्रतिदिन उपस्थिति के तकनीकी पहलुओं, कार्य सत्यापन के साथ ही इसे सीखकर आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में अपनी उपस्थिति देंगे। जिससे कार्य के प्रति विश्वनीयता और अनुशासन रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसके संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टोरेट में पदस्थ सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में समय पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए। इस दौरान सभी को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। - राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 89 लाख 47 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। डोंगरगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 20 लाख 12 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जिसके तहत ग्राम घोठिया में सीसी रोड निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रूपए, ग्राम अछोली में शेड निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम डोड़की में रंगमंच निर्माण के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम पेंडरी में व्यवसायिक परिसर निर्माण के लिए 8 लाख 92 हजार रूपए, ग्राम कसारी में सीसी रोड निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। छुरिया विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 54 लाख 35 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत ग्राम चिरचारीकला में शेड निर्माण के लिए 3 लाख 75 हजार रूपए, ग्राम पुर्रामटोला में शेड निर्माण के लिए 3 लाख 75 हजार रूपए, ग्राम गहिराभेंडी में शेड निर्माण के लिए 3 लाख 75 हजार रूपए, ग्राम पुर्रामटोला में पुलिया निर्माण कार्य के लिए 7 लाख रूपए, ग्राम आमगांव कु. में शेड निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम शिकारीमहका में शेड निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम बम्हनी चारभांठा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम खोभा में शेड निर्माण के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम शिकारीटोला में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम आतरगांव में यात्री प्रतीक्षालय निर्माण के लिए 5 लाख रूपए, ग्राम पाण्डेटोला में सीसी रोड निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रूपए, ग्राम मरकाकसा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। राजनांदगांव विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 15 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत ग्राम सुन्दरा में सीसी रोड निर्माण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, ग्राम बासुला में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम बासुला में शेड निर्माण कार्य के लिए 2 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में गुणवत्तायुक्त कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है।
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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। किसानों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन से संबंधित संशोधन एवं आवेदन किए गए हैं। किसानों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। राज्य शासन द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत 7 जनवरी 2026 तक संबंधित राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकृत विभागों के अधिकारियों एवं पटवारियों को भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। जिससे पात्र किसानों को योजना का लाभ बिना विलंब के प्रदान किया जा सकेगा। जिले के समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को व्हीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कर आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है। साथ ही किसानों से सत्यापन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के हित में पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है।
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- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के प्रशिक्षणार्थी होंगे पात्र
मोहला । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, अंबागढ़ चौकी में युवाओं के लिए 05 जनवरी को प्रात: 10 बजे से कैम्पस प्लेसमेंट का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्लेसमेंट का आयोजन परिश्रम बीसीएल समूह प्रा. लि. रायपुर के माध्यम से जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. रायपुर के लिए किया जा रहा है। इसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के योग्य प्रशिक्षणार्थी भाग ले सकते हैं। कैम्पस प्लेसमेंट में वर्ष 2020 से 2025 तक उत्तीर्ण शासकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के प्रशिक्षणार्थी पात्र होंगे। इसमें विद्युतकार व्यवसाय के साथ-साथ फिटर, वेल्डर, डीजल मैकेनिक, टर्नर/कोण एवं अन्य ट्रेड साथ ही डिप्लोमा तथा 10 वीं एवं 12 वीं उत्तीर्ण उम्मीदवार भी शामिल हो सकते हैं। पात्रता के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। यह अवसर केवल पुरुष उम्मीदवारों के लिए है।
इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ आधार कार्ड, सभी शैक्षणिक एवं तकनीकी प्रमाण पत्र 02 पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की छायाप्रति, पैन कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज लाने होंगे। सभी योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवारों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर कार्यालय प्राचार्य, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, अंबागढ़ चौकी में उपस्थित होकर कैम्पस प्लेसमेंट का लाभ उठाएं। - कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का किया शुभारंभबेहतरीन पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होेने के साथ-साथ स्थानीय लोगों का रोजगार सृजन का बनेगा कारगर माध्यमबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि मनोरम प्राकृतिक वादियों पर स्थित सियादेवी जलाशय शीघ्र ही इकोटूरिज्म के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में स्थापित होकर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपना पहचान कायम करेगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर के शुभारंभ अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर कलेक्टर ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में फीता काटकर इस एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि प्रकृति के मनोरम वादियों के बीच स्थित होेने के कारण सियादेवी जलाशय का यह बेहतरीन एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर शीघ्र ही बेहतरीन पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का कारगर माध्यम बनेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा, जनपद पंचायत गुरूर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पर्यटकगण उपस्थित थे। इस दौरान कलेक्टर एवं अधिकारियों ने बैम्बू राफ्टिंग में बैठकर मनोरम सियादेवी जलाशय का सैर भी किया।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन आज 31 दिसंबर को नारागांव जलाशय में इस बेहतरीन एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नारागांव सहित अंचल वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए खुशी की बात है कि इस एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर के शुभारंभ होने से 01 जनवरी 2026 से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होना शुरू हो जाएगा। श्रीमती मिश्रा ने आशा व्यक्त किया कि इस एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर पर सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि नारागांव जलाशय का यह क्षेत्र अपने अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य एवं बेहतरीन परिवेश के कारण एक खुबसूरत एवं वृहद पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि इसके माध्यम से बालोद जिले में इकोटूरिज्म के परिकल्पना को भी साकार करने में मदद मिलेगा। उन्होंने नारागांव एवं अंचल वासियों को एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का समुचित देखभाल करने तथा इसकी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। कलेक्टर ने नारागांव सहित एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर क्षेत्र के विकास हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद उलपब्ध कराने तथा नहर की रिपेयरिंग हेतु शीघ्र ही शासन को प्रस्ताव भेजकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अंचल वासियों के सहयोग से नारागांव जलाशय में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर प्रारंभ कर जिले में इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु बेहतरीन नवाचार किया गया है। उन्होंने कहा कि आज के इस भाग-दौड़ के समय में एडवेंचर आवश्यक होने के साथ-साथ इसकी व्यापक संभावनाएं भी है। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने नारागांव जलाशय में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर प्रारंभ होनेे पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हम सभी का छोटा-छोटा प्रयास बालोद जिले को पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में अत्यंत निर्णायक साबित होगा। अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने इस बेहतरीन एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर की सराहना करते हुए इसे जिले के पर्यटन क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू ने नारागांव जलाशय में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अन्य अतिथियों की उपस्थिति पर सराहना करते हुए सभी अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने सियादेवी जलाशय के इस पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए मदद उलपब्ध कराने की मांग भी की। इस दौरान कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग श्री पीयुष देवांगन, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री विजय कंवर, जनपद पंचायत गुरूर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों को नाम जोड़ने हेतु भराया जा रहा है फार्मबालोद/अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा के निर्देशानुसार गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नये मतदाताओं तथा 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले भावी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु निरंतर शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज 31 दिसंबर को गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में मास्टर ट्रेनर्स, अभिहीत अधिकारियों एवं बीएलओ के द्वारा शिविर लगाकर नये एवं भावी मतदाता के रूप में शामिल विद्यार्थियों को फार्म 06 भराया जा रहा है।
- रायपुर।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के आदेशानुसार रायपुर प्रेस क्लब के कार्यकारिणी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के निर्वाचन की प्रक्रिया के अंतर्गत वैध सदस्यों की मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन आज 01 जनवरी 2026 को किया गया।मतदाता सूची पर 03 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण उपरांत 05 जनवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।दावा-आपत्ति कार्यालय कलेक्टर, रायपुर के कक्ष क्रमांक 09 में कार्यालयीन समय के दौरान श्री राकेश देवांगन, अतिरिक्त तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्तुत की जा सकती है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- - प्रशासनिक प्रयासों से धान उठाव में आई तेजी, किसानों को मिल रही राहत- अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर लगातार कार्रवाई जारीमोहला । मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में छत्तीसगढ़ शासन की धान खरीदी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक जिले के पंजीकृत किसानों में से बड़ी संख्या में किसानों ने उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय कर शासन की व्यवस्था पर भरोसा जताया है।जिले में कुल 43,840 पंजीकृत किसानों में से अब तक 21,284 किसानों द्वारा 10 लाख 92 हजार 146 क्विंटल धान की बिक्री सफलतापूर्वक की जा चुकी है। धान उठाव में तेजी लाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 7 राइस मिलों का पंजीयन किया गया है। इन राइस मिलों के माध्यम से 1 लाख 49 हजार 860 क्विंटल धान के डीओ जारी किए गए, जिसमें से 1 लाख 14 हजार 980 क्विंटल धान का उठाव पूर्ण हो चुका है।धान की लगातार आवक को देखते हुए संग्रहण केन्द्र सेवताटोला में 31,000 क्विंटल धान के संग्रहण हेतु परिवहन आदेश जारी किया गया है। आज संग्रहण केन्द्र एवं राइस मिलों के माध्यम से कुल 30 गाडिय़ों में धान का सुरक्षित परिवहन किया गया। इसके साथ ही जिले में खरीदे गए धान के शीघ्र निराकरण के लिए अंतर-जिला मिलिंग की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इसके अंतर्गत राजनांदगांव, दुर्ग एवं धमतरी जिलों की मिलों को 3 लाख क्विंटल धान का डीओ जारी किया जाएगा।धान बिक्री करने वाले किसानों में से 11,824 किसानों द्वारा 4,772.12 हेक्टेयर रकबा समर्पण किया गया है। रकबा समर्पण से कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी, जिससे जिले के वास्तविक किसानों से ही जिले में उत्पादित धान की खरीदी सुनिश्चित होगी।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग के अधिकारियों द्वारा अवैध धान व्यापार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। अब तक 35 प्रकरणों में 1,891 क्विंटल धान जप्त कर लगभग 58 लाख 62 हजार रुपए की कार्यवाही की जा चुकी है। यह कार्रवाई आगे भी सतत रूप से जारी रहेगी। छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में धान खरीद,ए उठाव एवं भंडारण की व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी बनी हुई है, जिससे किसानों को समय पर लाभ मिल रहा है।
- - अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार परमोहला । विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 का कार्य अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर प्रारंभ कर दिया गया है। जिले के कुल 313 मतदान केन्द्रों में इस कार्य के लिए बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं, जो मतदाता सूची के अद्यतन कार्य में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी छात्र-छात्राओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए जिले के समस्त हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं महाविद्यालयों के स्वीप नोडल अधिकारियों के पास फॉर्म-6 उपलब्ध कराया गया है।अर्हता तिथि 01.01.2026 की स्थिति में प्रारूप मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन दिनांक 23 दिसंबर 2025 को जिले के सभी 313 मतदान केन्द्रों में बीएलओ के माध्यम से किया जा चुका है। इस प्रारूप सूची पर दावा-आपत्ति 22 जनवरी 2026 तक आमंत्रित की जा रही है। ऐसे भारतीय नागरिक जो 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं वे इस अवधि में अपना नाम निर्वाचक नामावली में जुड़वाने के लिए पात्र होंगे।विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के दौरान जो मतदाता Uncollectable की श्रेणी में दर्ज किए गए हैं, वे भी फॉर्म-6 के माध्यम से पुनरू आवेदन कर सकते हैं। पात्र मतदाताओं को अपने निवास क्षेत्र के बीएलओ को एक पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो के साथ निम्न में से किसी एक वैध दस्तावेज की प्रति संलग्न कर आवेदन प्रस्तुत करना होगा।जैसे केंद्रीय/राज्य/पीएसयू कर्मचारी पहचान पत्र या पेंशन आदेश, जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र अथवा आयोग के निर्देशानुसार आधार संबंधी दस्तावेज आदि।इसके अतिरिक्त, अर्हता तिथि 01 अक्टूबर 2026 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाता भी अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास फॉर्म-6 में आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने अथवा आवश्यक संशोधन के लिए बीएलओ से संपर्क करें या फिर ECINET मोबाइल ऐप अथवा www.voters.eci.gov.in n के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें।- मतदाताओं की सुविधा के लिए विभिन्न प्रपत्र इस प्रकार हैंमतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग द्वारा विभिन्न प्रपत्र निर्धारित किए गए हैं। फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाता पंजीकरण के लिए किया जाता है, जबकि फॉर्म-6 क प्रवासी भारतीय नागरिकों एनआरआई के मतदाता बनने हेतु निर्धारित है। मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 तथा नाम, पता, फोटो में संशोधन, स्थानांतरण अथवा नया ईपिक कार्ड प्राप्त करने के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है। यह विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जिले में शुद्ध अद्यतन एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पात्र प्रत्येक नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में सुनिश्चित किया जा सकेगा।
- रायपुर । विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आरंग के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में कल शुक्रवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया है । इस आयोजन में उच्चतर , उच्च , पूर्व माध्यमिक , प्राथमिक व आई टी आई के विद्यार्थियो द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जावेगा । कार्यक्रम कल शुक्रवार को पूर्वाह्न 11बज से प्रारंभ होगा ।
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कस्टम मीलिंग का पंजीयन नही होने पर केजीएन राईस मिल चिरचारी को किया गया सील
बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने राजस्व, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि उपज मंडी के जांच दल के द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत आज एसडीएम गुरूर श्री रामकुमार सोनकर के नेतृत्व में जांच दल के द्वारा गुरूर विकासखण्ड के केजीएन राईस मिल चिरचारी के जांच के उपरांत राईस मिल का कस्टम मीलिंग पंजीयन नही होने से राईस मिल को सील करने कार्रवाई की गई। एसडीएम गुरूर श्री रामकुमार सोनकर ने बताया कि केजीएन राईस मिल के जांच के दौरान पाया गया कि उक्त राईस मिल के द्वारा खरीद विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मीलिंग का कार्य करने हेतु एफसीआई उसना में 96000 क्विंटल धान का अनुबंध किया गया था। राईस मिल के द्वारा जिसके विरूद्ध 56658.56 क्विंटल धान का उठाव किया गया है। जिसमें जमा करने योग्य चावल की मात्रा 38913.099 क्विंटल है। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि आज दिनांक तक राईस मिल के द्वारा 28121.98 क्विंटल चावल एफसीआई में जमा किया गया है। इसके साथ ही जमा करने योग्य शेष चावल की मात्रा 10791.119 क्विंटल है। जांच में पाया गया कि उक्त राईस मिल के द्वारा 70.26 प्रतिशत चावल जमा किया गया है।एसडीएम श्री सोनकर ने बताया कि केजीएन राईस मिल के द्वारा जांच के समय तक खरीफ वर्ष 2025-26 में कस्टम मीलिंग हेतु आॅनलाईन पंजीयन नही किया गया है। जो कि छत्तीसगढ़ कस्टम मीलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिका 4(1) का स्पष्ट उल्लंघन एवं उक्त आदेश कंडिका 09 के तहत दंडनीय है। जिसके फलस्वरूप जांच दल के द्वारा केजीएन राईस मिल को सील करने की कार्रवाई की गई एवं राईस मिल में उपलब्ध धान एवं चावल की जप्ती कर फर्म में उपस्थित राईस मिल के मंूशी श्री रूपेश कुमार साहू की सुपुदर्गी में दे दिया गया है। जांच दल के अधिकारियों के द्वारा एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर, तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम एवं खाद्य व कृषि उपज मंडी के निरीक्षकों की उपस्थिति में जांच की संपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की गई। -
नव वर्ष पर 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं को मिल चुकी स्मार्ट मीटर की सौगात
बालोद/नये वर्ष की सुबह दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद, बेमेतरा जिले) के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए पारदर्षिता और आधुनिकता की नई किरण लेकर आ रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) दुर्ग क्षेत्र ने नव वर्ष के अवसर पर 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की सौगात दे दी है। अब उपभोक्ता नए साल में अपनी बिजली खपत के एक-एक पैसे का हिसाब रख सकेंगे। उल्लेखनीय है कि दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लगभग 09 लाख 80 उपभोक्ताओं में से कुल 05 लाख 71 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि विद्युत रीजन दुर्ग के तीनों जिलों के लगभग 65 प्रतिशत लोगों के घरों में आधुनिक स्मार्ट बिजली मीटर लग चुके हैं, जिससे वे नई व्यवस्था का सीधा लाभ उठाना शुरू कर चुके हैं। अब खपत की पाई-पाई का रिकार्ड उपभोक्ता देख सकेंगे। हर आधे घंटे में कितनी यूनिट बिजली की खपत हुई उसका रिकार्ड देख सकेंगे, जिससे विद्युत का किफायत से उपयोग किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर बिलिंग और रीडिंग सहीं समय पर हो रही है। विद्युत रीजन दुर्ग के अंतर्गत विभागीय संभाग भिलाई शहर पश्चिम में 62075, भिलाई पूर्व संभाग में 48968, दुर्ग शहर संभाग में 59244, बालोद संभाग में 103696, दुर्ग संभाग में 73058, बेमेतरा संभाग में 53556, साजा संभाग में 52131, अहिवारा संभाग में 53196 एवं पाटन संभाग में 65152 निम्नदाब उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी एवं सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। कंपनी ने बताया कि उपभोक्ता अब हर आधे घंटे में देख सकेंगे कि कितनी यूनिट बिजली खर्च हुई। अब घर पर मीटर रीडर का इंतजार करने की जरुरत नहीं होगी, रीडिंग सीधे विभाग तक पहुंच जायेगी। स्मार्ट मीटर के प्रीपेड हो जाने पर हर साल जमा की जाने वाली सुरक्षा निधि से उपभोक्ताओं को मुक्ति मिल जाएगी।
बैंक अकाउंट की तरह अब उपभोक्ता के फोन पर बिजली का पूरा हिसाब मौजूद रहेगा। भविश्य में 10 किलोवॉट से अधिक संबद्ध भार वाले निम्नदाब उपभोक्ताओं को टी.ओ.डी. टैरिफ पर बिल किया जाएगा, जिससे बिजली की प्रचलित दर में की गई खपत पर छूट का प्रावधान होगा। कंपनी ने बताया कि यह सब स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही संभव होगा। ज्ञातव्य हो कि विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के द्वारा जारी मीटरिंग कोड एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाये गये नियमों के पालन में प्रदेष के सभी निम्नदाब उपभोक्ताओं के यहां पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलना अनिवार्य है। यह कार्य भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशो पर आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उपभोक्ता अपना मोबाइल नंबर अवश्य रजिस्टर कराएं क्योंकि मीटर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचना उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस एवं वाट्सअप के माध्यम से भेजे जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से अपनी दैनिक खपत देख सकते हैं और बिल तथा विद्युत से संबंधित अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाना पूरी तरह से निःशुल्क है। भविष्य में सोलर रुफटॉप कनेक्शन लेने पर स्मार्ट मीटर लगे परिसरों में नेटमीटर लगाने की आवष्यकता नहीं होगी। स्मार्ट मीटर में अब मानवीय त्रुटियों की संभावना शून्य हो गई है। मुख्य अभियंता ने कहा कि जीनस कंपनी के कर्मचारी यूनिफार्म एवं विद्युत विभाग के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित आईकार्ड के साथ कार्यालयीन समय में मीटर लगाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सीएसपीडीसीएल अपने शेष सभी उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य त्वरित गति से कर रही है एवं उपभोक्ता भी सहयोग कर रहे हैं और स्मार्ट मीटर से संतुष्ट हैं।
- रायपुर।छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक पदों पर सीधी भर्ती 2023 के संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया माननीय सर्वाेच्च न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के आदेशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता एवं विधिसम्मत ढंग से संपन्न की गई है।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सहायक शिक्षक के कुल 6285 पदों पर सीधी भर्ती हेतु दिनांक 04 मई 2023 को विज्ञापन जारी किया गया था। व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा का परिणाम 01 जुलाई 2023 को घोषित किया गया, जिसकी वैधता अवधि एक वर्ष निर्धारित थी। विज्ञापन एवं परीक्षा परिणाम जारी होने के समय बी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पद से पृथक रखने संबंधी कोई न्यायालयीन निर्देश प्रभावी नहीं था।सीधी भर्ती 2023 के अंतर्गत सहायक शिक्षक पद हेतु चयन प्रक्रिया के प्रथम चार चरणों में कटऑफ रैंक में सम्मिलित अभ्यर्थियों की सूचियां विभागीय वेबसाइट पर क्रमशः 08 सितंबर 2023, 21 सितंबर 2023, 30 जनवरी 2024 तथा 04 मार्च 2024 को जारी की गईं। इन चार चरणों में कुल 5301 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की गई, जिनमें 2621 अभ्यर्थी बी.एड. अर्हताधारी थे।माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ में दायर याचिका क्रमांक 5788/2023 में पारित आदेश 02 अप्रैल 2024 के माध्यम से बी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पद हेतु अपात्र घोषित किया गया। उक्त आदेश के पश्चात विभाग द्वारा आगामी चरणों की भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई तथा सीधी भर्ती 2023 के परीक्षा परिणामों की मूल वैधता अवधि 01 जुलाई 2024 को समाप्त हो गई।उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आदेश क्रमांक एफ 2-13/2025/20-तीन दिनांक 24 फरवरी 2025 जारी कर सहायक शिक्षक पद के 2621 पदों पर जारी चयन सूची की वैधता अवधि 01 जुलाई 2025 तक बढ़ाई गई।उक्त आदेश के अनुपालन में विभाग द्वारा मार्च-अप्रैल 2025 के दौरान भर्ती प्रक्रिया का पांचवां चरण संपन्न किया गया। इस चरण में सेवा से हटाए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों के स्थान पर 2615 डी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर सम्मिलित किया गया तथा सभी प्रमुख वर्गों में कटऑफ रैंक को पर्याप्त रूप से नीचे तक लाया गया।पांचवें चरण में सम्मिलित 2615 अभ्यर्थियों में से 1316 अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन में अनुपस्थित रहे अथवा अपात्र पाए गए। शेष 1299 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। इस प्रकार विभाग द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पूर्ण पालन कर लिया गया है।यह उल्लेखनीय है कि सीधी भर्ती 2023 के परीक्षा परिणामों की विस्तारित वैधता अवधि 01 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुकी है। सहायक शिक्षक पद के छठवें चरण की सूची जारी करने की मांग करने वाले आंदोलनकर्ता अभ्यर्थी मेरिट सूची में निचले क्रम पर होने के कारण नियुक्ति हेतु पात्र नहीं पाए गए हैं। सभी प्रमुख श्रेणियों में कटऑफ रैंक पहले ही काफी नीचे तक जा चुकी है।यह भी उल्लेखनीय है कि इसी भर्ती प्रक्रिया में शिक्षक एवं व्याख्याता पदों से संबंधित याचिकाओं को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त किया जा चुका है। सहायक शिक्षक पद के आंदोलनकर्ता अभ्यर्थियों की मांग स्वीकार किए जाने की स्थिति में शिक्षक एवं व्याख्याता पदों पर शेष रिक्तियों की भर्ती प्रारंभ करने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।सीधी भर्ती 2023 का विज्ञापन जारी हुए दो वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है। इस अवधि में अनेक नवीन पात्रताधारी अभ्यर्थी आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन सभी तथ्यों, न्यायालयीन आदेशों एवं प्रशासनिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया को समाप्त किया जाना पूर्णतः न्यायोचित, विधिसम्मत एवं प्रशासनिक रूप से आवश्यक है।
- -स्व-सहायता समूह के माध्यम से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला सशक्तिकरण और सम्मानरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बलौदा अंतर्गत ग्राम सिवनी निवासी श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। कभी पूर्णतः घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली रूखमणी पाण्डेय आज प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं।कोरोना काल एवं लॉकडाउन के दौरान पशुपालन व्यवसाय में हुए आर्थिक नुकसान के बाद परिवार की आय का प्रमुख स्रोत प्रभावित हुआ, जिससे आर्थिक चुनौतियां बढ़ीं। इस कठिन समय में श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।आरबीके दीदी के सहयोग से ग्राम सिवनी में महिलाओं को संगठित कर उन्होंने ‘जय अम्बे महिला स्व सहायता समूह’ का गठन किया। 25 फरवरी 2020 को गठित यह समूह उन्नति महिला ग्राम संगठन सिवनी तथा बिहान महिला क्लस्टर संगठन कुरदा से संबद्ध है। समूह के माध्यम से बैंक लिंकेज के तहत एक लाख रुपये का ऋण तथा अतिरिक्त समूह ऋण प्राप्त कर उन्होंने पारंपरिक पशुपालन व्यवसाय को पुनः प्रारंभ किया। इसके साथ ही आचार, पापड़, मसाला एवं अगरबत्ती निर्माण जैसी विविध आजीविका गतिविधियों को अपनाया, जिससे उनकी आय में सतत वृद्धि हुई।आज श्रीमती रूखमणी पाण्डेय न केवल अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर रही हैं, बल्कि स्व सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की अनेक महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने कहा कि ‘लखपति दीदी पहल’ ने उन्हें आत्मविश्वास, पहचान और सम्मान प्रदान किया है। उन्होंने इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी सफलता यह प्रमाणित करती है कि प्रभावी मार्गदर्शन, समूह की सामूहिक शक्ति और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर समाज में सशक्त भूमिका निभा सकती हैं।
- -शहद ने घोली उदय राम के जीवन में मिठासरायपुर ।किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा किसानों को खेती के साथ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ देने वाला वैकल्पिक व्यवसाय बनकर उभरी है।मधुमक्खी पालन एक कृषि आधारित लाभकारी व्यवसाय है, जिसमें शहद, मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर के द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन अपनाने हेतु किसानों को निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं जागरूकता प्रदान की जा रही है।बलरामपुर जिला के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम मंगरहारा निवासी कृषक श्री उदय राम ने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर खेती के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाया। प्रारंभ में उन्होंने मात्र 2 मधुमक्खी बक्सों से इस व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज 20 बक्सों तक पहुँच चुका है। श्री उदय राम की सफलता से प्रेरित होकर ग्राम मंगरहारा के 10 से अधिक परिवारों ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय प्रारंभ किया है और अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार मधुमक्खी पालन गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहा है।श्री उदय राम वर्तमान में प्रतिवर्ष 400 से 500 किलोग्राम से अधिक गुणवत्तायुक्त शहद का उत्पादन कर रहे हैं। बाजार में उनके शहद की कीमत 500 प्रति किलोग्राम तक मिल रही है। शहद के साथ-साथ मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे उत्पाद भी उन्हें प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। श्री उदय राम शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये अर्जित कर रहे हैं।कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार बलरामपुर- रामानुजगंज जिले की जलवायु एवं पर्यावरण मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत अनुकूल है। लघु, सीमांत एवं भूमिहीन किसान भी इस व्यवसाय को बिना अतिरिक्त भूमि के प्रारंभ कर सकते हैं। 5 से 10 मधुमक्खी बक्सों से भी यह कार्य सफलतापूर्वक किया जा सकता है। कम श्रम और सरल प्रक्रिया के कारण महिला और बेरोजगार युवा भी मधुमक्खी पालन को आसानी से अपना सकते हैं। शासन द्वारा मधुमक्खी बक्से पर दी जा रही सब्सिडी इस व्यवसाय को और सुलभ बना रही है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिला प्रशासन द्वारा सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणों को आजीविकास से जोड़ने गांवों के समग्र विकास के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। कोंटा विकासखंड अंतर्गत नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्राम पूवर्ती में ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई।पशुधन विकास विभाग द्वारा पूवर्ती के ग्रामीण परिवारों को आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से 50 यूनिट उन्नत नस्ल के मुर्गी चूजों का निःशुल्क वितरण किया गया। यह पहल ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनकी आय के स्थायी स्रोत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि मुर्गी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिससे ग्रामीण परिवार अल्प समय में नियमित आय अर्जित कर सकते हैं। पशुपालन आधारित आजीविका को प्रोत्साहन देकर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।पूवर्ती के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली शुरुआत बताया। कुकुट पालन के लिए ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से दिए जा रहे प्रोत्साहन से गांवों में सकारात्मक माहौल बना है। जिला प्रशासन सुकमा का कहना है कि ग्रामीणों को रोजगार व्यवसाय से जोड़ने के लिए शासन की अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं से उन्हें लाभान्वित किए जाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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-3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा
-किसान-हितैषी सुशासन का प्रभाव—किसान भीम गोंड़ ने साझा किया अनुभवरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही धान खरीदी तथा धान उपार्जन केंद्रों पर लागू सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाया है।प्रदेशभर में ऑनलाइन 24×7 टोकन प्रणाली लागू होने से धान विक्रय की प्रक्रिया अधिक सहज और परेशानी-मुक्त हो गई है। किसान अब घर बैठे टोकन प्राप्त कर निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या समाप्त हो गई है।इसी क्रम में जांजगीर जिले के ग्राम सुकली के किसान श्री भीम गोंड़ ने धान उपार्जन केंद्र पेंड्री में 116 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया आसान हो गई। निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण, तौल और विक्रय की सभी प्रक्रियाएं सहजता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण हुईं।किसान भीम गोंड़ ने बताया कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों का शासन की व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी उपज पूरे आत्मसम्मान और निश्चिंतता के साथ बेच पा रहे हैं, जो किसान-हितैषी सुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।उन्होंने कहा कि शासन की पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह सम्मानजनक आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है।प्रदेश में धान खरीदी कार्य प्रशासनिक निगरानी और डिजिटल व्यवस्थाओं के साथ निरंतर संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पात्र किसान को समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल रहा है और राज्य में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। - -छत्तीसगढ़ में दूसरा और बारनवापारा अभयारण्य से पहला रिकॉर्ड दर्जरायपुर ।जैव विविधता से भरपूर बार नावापारा अभयारण्य ने नया रिकार्ड दर्ज किया है। अभयारण्य में पहली बार दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर का अवलोकन दर्ज किया गया है।29 दिसंबर 2025 की सुबह बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में बर्डर डॉ. दिलीप वर्मा द्वारा ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर का दुर्लभ और महत्वपूर्ण अवलोकन दर्ज किया गया। यह इस प्रजाति का बारनवापारा से पहला प्रमाणित रिकॉर्ड है, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में यह दूसरा पुष्ट अवलोकन माना जा रहा है।डॉ. दिलीप वर्मा द्वारा किए गए इस अवलोकन को फील्ड फोटोग्राफिक साक्ष्यों के साथ विधिवत दस्तावेजीकृत किया गया है, जिससे इसकी वैज्ञानिक पुष्टि संभव हो सकी है। यह रिकॉर्ड भविष्य में पक्षी-विविधता के अध्ययन, संरक्षण योजना निर्माण तथा अभयारण्य प्रबंधन से जुड़े निर्णयों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।उल्लेखनीय है कि ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर सामान्यतः तटीय एवं मैंग्रोव क्षेत्रों से जुड़ी एक दुर्लभ पक्षी प्रजाति मानी जाती है। आंतरिक भू-भाग में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य जैसे क्षेत्र में इसकी उपस्थिति यहाँ की पारिस्थितिक विविधता, जल-आधारित आवासों की उपलब्धता और अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों को दर्शाती है। इससे पूर्व वर्ष 2024 में इस प्रजाति को कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान में क्रोकोडाइल सर्वे के दौरान दर्ज किया गया था जिसे छत्तीसगढ़ से पहला पुष्ट रिकॉर्ड माना गया था।
- -जयकुमार की प्राकृतिक खेती, किसानों को दे रही नई प्रेरणारायपुर। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के भकुरा गाँव में रहने वाले श्री जयकुमार गुप्ता साधारण किसान नहीं, बल्कि नई सोच के प्रतीक हैं। बी.ए.तक शिक्षित जयकुमार ने नौकरी की राह छोड़कर खेती को ही अपना भविष्य बनाया और यह साबित कर दिया कि सही सोच और तकनीक से खेती भी लाभ का बड़ा माध्यम बन सकती है। जहाँ एक ओर कई किसान रासायनिक खेती की बढ़ती लागत से परेशान हैं, वहीं जयकुमार गुप्ता प्राकृतिक खेती के सहारे न केवल निश्चिंत हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन चुके हैं।प्राकृतिक खेती कर रहे जयकुमार आज भी पशुधन को खेती की रीढ़ मानते हैं। उनके पास 3 गायें और 2 बैल हैं, जो उनकी खेती की आत्मा हैं। एक ही फसल पर निर्भर न रहकर वे धान, उड़द, मूंगफली और विभिन्न सब्जियों की खेती करते हैं। यह फसली विविधता न केवल उनकी आय को सुरक्षित करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखती है।विज्ञान और परंपरा के संतुलन से वे जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और हरी खाद का उपयोग करते हैं। ढैंचा और सनई जैसी फसलों से हरी खाद, फसलों के अवशेषों से कम्पोस्ट, फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप और ट्राइकोडर्मा जैसे उपाय उनकी खेती को कीट और रोगों से सुरक्षित रखते हैं। केंद्र व राज्य सरकार की योजना नेशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग तथा कृषि विभाग रायगढ़ का मार्गदर्शन उनके आत्मविश्वास को और मजबूती देता है।जयकुमार गुप्ता की खेती के आंकड़े हर किसान को सोचने पर मजबूर करते हैं। प्राकृतिक खेती से वे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी लागत मात्र ढाई हजार रुपये प्रति एकड़ आती है, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 70 हजार रुपये प्रति एकड़ तक पहुँच जाता है। जयकुमार कहते हैं कि खेती में मुनाफा कमाने के लिए भारी खर्च नहीं, बल्कि सही ज्ञान, धैर्य और प्रकृति से तालमेल जरूरी है। प्राकृतिक खेती करके श्री जयकुमार गुप्ता अन्य किसानों के प्रेरणास्त्रोत बन चुके है।
- रायपुर । जांजगीर-चांपा जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु गठित खनिज टास्क फोर्स द्वारा बुधवार को औचक निरीक्षण के दौरान 01 चैन माउंटेन एवं 02 ट्रैक्टर जब्त किया गया। यह कार्रवाई रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में की गई है। तहसील बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम बिर्रा में रेत का अवैध परिवहन करते 02 ट्रैक्टर को जब्त कर थाने के सुपुर्द किया गया। वहीं तहसील जांजगीर के केवा-नवापारा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन कर रहे 01 चैन माउंटेन को जब्त किया गया। इस मामले में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि खनिजों के अवैध खनन एवं परिवहन के मामले में कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
- -सड़क सुरक्षा उपायों का सबकी सहभागिता से हो बेहतर क्रियान्वयन-सड़क दुर्घटनाएं नही हो और यातायात को बेहतर बनायें - मुख्य सचिव श्री विकासशीलरायपुर,। राज्य सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा है कि सुनिश्चित करे कि 108 एम्बुलेंस समय पर दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिाकरियों को इसकी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति के समुचित उपचार हेतु ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ किया जाए। सड़क सुरक्षा एवं स्वप्रेरणा से सुगम यातायात प्रबंधन कार्य हेतु अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों केा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सड़क सुरक्षा की लगातार मानिटरिंग करने और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करने के निर्देश दिए है। समीक्षा बैठक के प्रारंभ में सचिव परिवहन श्री एस. प्रकाश के प्रारंभिक विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। श्री संजय शर्मा अध्यक्ष अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) ने संबंधित विभागों द्वारा संपादित कार्यों तथा अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने चिन्हाकित 152 ब्लैक स्पॉट्स में से 102 में सुधार कार्य पूर्ण होने और शेष 50 में सुधारात्मक उपाय शीघ्र किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। यातायात के नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध पुलिस विभाग द्वारा 8 लाख 15 हजार 954 प्रकरणों पर कार्यवाही 33 करोड 22 लाख 39 हजार 300 रूपए तथा परिवहन विभाग द्वारा राशि 38.52 करोड़ शमन शुल्क वसूल किये गए।वर्ष 2025 में विभिन्न जिलों में 150 सड़क सुरक्षा समितियां समीक्षा बैठक संपन्न हुई है। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार हेतु 8 जिलों अस्पताल में सीटीस्कैन की जांच, समस्त जिला अस्पतालों 24X7 एक्सरे, लेबोट्री जांच, इमरजेंसी संबंधित आवश्यक दवाईयां, इन्जेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। समस्त जिलों के विशेषज्ञ, चिकित्सा, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस वर्ष शाला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा से संबंधित यातायात जागरूकता के लगभग 4 लाख 47 हजार 200 प्रशिक्षण के माध्यम से तथा 7लाख 19 हजार यूट्यूब के माध्यम से शिक्षक तथा विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। समग्र शिक्षा द्वारा मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण में 1200 स्त्रोत व्यक्ति, 46 हजार शिक्षक एवं 4 लाख छात्र-छात्राओं तथा राज्य साक्षरता मिशन द्वारा संपन्न वाद-विवाद प्रतियोगिता में सड़क सुरक्षा से 1 लाख 38 हजारशिक्षकगण/विद्यार्थी/समुदाय लाभान्वित हुए।यातायात जागरूकता के 15 हजार 319 कार्यक्रम, शैक्षणिक संस्थानों में संपन्न हुए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में 3 लाख 72 हजार 406 एलईडी स्ट्रीट लाईट लगाये गये, 1 लाख 02 हजार 410 अतिरिक्त लाईट्स की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में करीब में 5388 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावितों के धनरहित उपचार के लिये निर्दिष्ट चिकित्सालयों का आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण, घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्तियों, गुड सेमेरिटन को यथाशीघ्र सम्मान राशि प्रदाय करने के निर्देश दिये गये। राज्य में सर्वाधिक सडक दुर्घटनाओं एवं इससे होने वाली मृत्यु एवं घायलों के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा, जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा कर कार्ययोजना तैयार प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये गये।मुख्य सचिव द्वारा जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में हिट एण्ड रन प्रकरणों के प्रभावितों को राहत के लिये गठित जिला दावा निपटान समिति को प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण तथा जी.आई. सी के अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर दावा निपटान की प्रक्रिया में तेजी लाने, मालवाहक वाहनों में यात्री परिवहन को रोकने अन्य वैकल्पिक प्रबंध, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट, शराब सेवन कर वाहन चलान के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए।स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने अवगत कराया कि शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के पाठ्यक्रमों मे सड़क सुरक्षा विषयक पाठों के परिमार्जन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसे आगामी शिक्षा सत्र से लागू करने सहित प्रत्येक शैक्षणिक संस्थानों में रोड़ क्लब गठित कर नियमित गतिविधियों से सड़क सुरक्षा का वातावरण तैयार किया जायेगा। श्री एस. प्रकाश सचिव परिवहन ने व्हीकल ट्रेकिंग प्लेटफार्म कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर, आटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन ड्रायविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च संस्थान, क्षेत्रीय ड्रायविंग प्रशिक्षण केन्द्र, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा परिवहन सुविधा केन्द्र पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा प्रदूषण जांच केन्द्र, बस संगवारी ऐप, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, ई-ट्रैक, इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग संहित अन्य सड़क सुरक्षा प्रयासों के संबंध में जानकारी दी गई। इसी क्रम में अवगत कराया गया कि प्रदेश में दोपहर 03 बजे से लेकर रात्रि 09 बजे के मध्य शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक दुर्घटनाएं हो रही है। इन दुर्घटनाओं में सर्वाधिक दोपहिया वाहन चालक/सवारों की मृत्यु की प्रमुख वजह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाना है। सड़क सुरक्षा माह का आयोजन बेहतर किया जाए। शहरों के निकास पर प्रभावी प्रवर्तन हो ताकि दुर्घटनाओं में कमी आ सकें। हेलमेट एवं सीटबेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए।ब्लैक स्पॉट्स में जांच समिति द्वारा दिये गये सुझाव अनुरूप समय सीमा पर आवश्यक सुधार का कार्य किया जाए। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स में सुधारात्मक उपाय उपरांत दुर्घटनाओं में कितनी कमी आई, इसका विश्लेषण होना चाहिए। ब्लैक स्पॉट्स तय होने के पश्चात् सुधार उपाय करने से बेहतर होगा कि, पहले से रोड़ डिजाईन सही हो, यह सुनिश्चित किया जावे। एनएचएआई एवं एनएच को समय पर स्वप्रेरणा से तत्परता के साथ कार्य संपादन करने के निर्देश दिए गए।बैठक में श्री बसवराजू, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव लोक निर्माण विभाग, श्री प्रदीप गुप्ता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात, श्रीमती नेहा चंपावत सचिव गृह विभाग सहित स्वास्थ्य सेवाएं, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, जनसंपर्क, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, समस्त संभाग आयुक्त, तथा पुलिस महानिरीक्षक रेंज, सर्वाधिक सड़क दुर्घटना के जिला कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकगण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा परिदृश्य संबंधी वर्चुअल समीक्षा बैठक मंत्रालय में संपन्न हुई।
- रायपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि लोगों को जाति, धन या भाषा के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश सभी का है। भागवत ने सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण की जिम्मेदारी और अनुशासित नागरिक जीवन का आह्वान किया तथा लोगों से मतभेदों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। रायपुर जिले के सोनपैरी गांव में ‘हिंदू सम्मेलन' को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव की दिशा में पहला कदम अलगाव और भेदभाव की भावनाओं को दूर करना है। भागवत ने कहा कि देश सबका है और यही भावना सच्चा सामाजिक सद्भाव है। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें सिर्फ आध्यात्मिक सभाओं या चर्चाओं में कही गई बातों को सुनना नहीं चाहिए। हमें उन्हें अमल में लाना चाहिए। हमें पांच चीजें करने की जरूरत है..'' उन्होंने सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक मूल्यों, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और अनुशासित नागरिक बनने के साथ पर्यावरण संबंधी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सामाजिक सद्भाव की दिशा में पहला कदम अलगाव और भेदभाव की भावनाओं को दूर करना है। उन्होंने कहा, ‘‘..जिस इलाके में आप रहते हैं और घूमते हैं, वहां सभी हिंदुओं में आपके दोस्त होने चाहिए। हम सभी हिंदुओं को एक मानते हैं, लेकिन दुनिया हिंदुओं के बीच जाति, भाषा, क्षेत्र और संप्रदाय के आधार पर अंतर देखती है। दुनिया जिनके बीच अंतर करती है, आपके उन सभी में दोस्त होने चाहिए। आज से ही शुरू करें। लोगों को जाति, धन, भाषा या क्षेत्र के आधार पर न आंकें। सभी को अपना मानें। सब अपने हैं सब भारतवासी मेरे अपने हैं, पूरा भारत मेरा अपना है।'' उन्होंने इस दृष्टिकोण को ‘सामाजिक समरसता' कहा।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर, जल निकाय और श्मशान घाट, चाहे किसी ने भी स्थापित किए हों, सभी हिंदुओं के लिए खुले होने चाहिए। उन्होंने सामाजिक कार्य को एकता का प्रयास बताया, न कि संघर्ष का। भागवत ने कहा, ‘‘जो लोग सभी को अपना मानते हैं और जिनके विचार आपके क्षेत्रों में प्रभावशाली हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके क्षेत्र में पानी के स्रोत जैसे तालाब, कुएं, पूजा स्थल जैसे मंदिर और मठ, और यहां तक कि श्मशान घाट भी सभी हिंदुओं के लिए खुले हों, भले ही उन्हें किसी ने भी बनवाया हो। लोगों को यह समझाएं और शांतिपूर्ण तरीके से इसे करने की कोशिश करें। इसके लिए कोई लड़ाई या हिंसा नहीं होनी चाहिए। क्योंकि यह एकता का काम है, संघर्ष का नहीं।'' उन्होंने कहा कि जब लोग अकेलापन महसूस करते हैं तो वे अक्सर बुरी आदतों में पड़ जाते हैं। परिवारों के भीतर नियमित बातचीत और संवाद इसे रोकने में मदद कर सकता है। सरसंघचालक ने सप्ताह में एक दिन साथ बिताकर, प्रार्थना करके, घर का बना खाना साझा करके और तीन से चार घंटे तक बातचीत करके पारिवारिक मेलजोल को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इसे ‘मंगल संवाद' बताया। उन्होंने आगे कहा कि वे परिवार में इस बात पर चर्चा कर सकते हैं कि वे कौन हैं, उनकी परंपराएं क्या हैं, उनके पूर्वज कैसे रहते थे, और उन्होंने अच्छे आचरण के कौन से उदाहरण पेश किए। भागवत ने कुटुंब प्रबोधन की अवधारणा पर जोर दिया और कहा कि व्यक्तियों को इस बात पर विचार करना चाहिए कि वे रोजाना समाज और राष्ट्र के लिए कितना समय और संसाधन समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर देश खतरे में है, तो परिवार भी खतरे में है।''भागवत ने इस दौरान दैनिक जीवन में मूल्यों का पालन करने का आह्वान किया।‘ग्लोबल वार्मिंग' और पर्यावरण के क्षरण पर चिंता व्यक्त करते हुए भागवत ने लोगों से पानी बचाकर, वर्षा जल संचयन करके, एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करके और अधिक पेड़ लगाकर अपने घरों से ही संरक्षण के प्रयास शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘बारिश के पानी को एकत्र करने की व्यवस्था अपनाएं और अपने छोटे-छोटे पानी के स्रोतों को फिर से जिंदा करने की कोशिश करें। कम से कम, एकल इस्तेमाल वाली प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करें। पेड़ लगाने के कार्यक्रमों में हिस्सा लें। एक पेड़ लगाएं और उसके बड़ा होने तक उसकी देखभाल करें। आप अपने घर के बगीचे में सब्जियां उगा सकते हैं। अपने घर के पास या आस-पास के क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए आप जो कुछ भी कर सकते हैं, वह करें।'' उन्होंने घर पर अपनी मातृभाषा के उपयोग, भारतीय पहनावे के प्रति सम्मान और स्थानीय रूप से बने उत्पादों को खरीदकर स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की भी वकालत की। भागवत ने यह भी कहा कि उन मामलों में जहां दवाइयों जैसी विदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल अपरिहार्य हो, तो उन्हें खरीदना चाहिए आरएसएस प्रमुख ने संविधान, कानूनों और नागरिक अनुशासन का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, ‘‘सभी नियमों, कानूनों और संविधान का पालन करना है। हमारे देश का संविधान हमारे अपने लोगों ने बनाया है। यह हमारे देश की भावना को दिखाता है। यह पूजा की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्यों, निर्देशक सिद्धांतों और मौलिक अधिकारों को बार-बार पढ़ना चाहिए क्योंकि वे बताते हैं कि अच्छा व्यवहार कैसे किया जाना चाहिए।'' भागवत ने कहा कि अपने बिल और कर समय पर चुकाएं, और यातायात नियमों का पालन करें। वहीं कुछ नियम ऐसे हैं जो कहीं लिखे नहीं हैं लेकिन उनका पालन करने पर कोई सजा नहीं मिलेगी-ये पारंपरिक मूल्य हैं जैसे परिवार में बड़ों के पैर छूना और जरूरतमंदों की मदद करना। उन्होंने कहा, ‘‘इन पांच बातों का पालन करने से हमारे व्यक्तिगत जीवन, हमारे पारिवारिक जीवन और हमारे समाज में एक विजय और शक्ति का भाव आएगा, भाईचारा और सद्भाव बढ़ेगा, और हम चुनौतियों से पार पा सकेंगे।'' भागवत ने कहा कि यह खुद के ‘कल्याण' समेत परिवार और देश की भलाई का रास्ता है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की भलाई भारत की भलाई पर निर्भर करती है, इसलिए यह दुनिया की भलाई का रास्ता है। यह विश्व धर्म, मानव धर्म का व्यावहारिक अनुप्रयोग है, जिसे हिंदू धर्म कहा जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का काम, जो नागपुर में एक छोटी ‘शाखा' से शुरू हुआ था, अब हर जगह फैल गया है।


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