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- CPCB पोर्टल पर ऑन-द-स्पॉट पंजीयन किया गयारायपुर। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 6174/2023 में दिनांक 18 अगस्त 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा आज बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) अनुपालन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न आवासीय समितियों, होटल, अस्पताल एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों को नियमों के प्रावधानों, पंजीयन प्रक्रिया तथा अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स को अपने परिसरों में उत्पन्न ठोस अपशिष्ट का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, सुरक्षित भंडारण, वैज्ञानिक प्रसंस्करण तथा निर्धारित एजेंसियों को हस्तांतरण सुनिश्चित करना अनिवार्य है। जिला कलेक्टर को नियमों के अनुपालन एवं क्रियान्वयन की निगरानी का दायित्व दिया गया है तथा आवश्यक परिस्थितियों में नियमों की अवहेलना करने वाले BWGs के विरुद्ध जप्ती, विद्युत एवं जल आपूर्ति विच्छेदन सहित आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है। अनुपालन न करने की स्थिति में संबंधित परिसर की विद्युत एवं जल प्रदाय सेवाएं अस्थायी रूप से विच्छेदित की जा सकती हैं, जिन्हें केवल अनुपालन प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के पश्चात ही पुनः बहाल किया जाएगा।कार्यशाला में नूरजहां होटल, ज्वेलो रेजिडेंशियल को-ऑपरेटिव सोसायटी, ऐश्वर्या एम्पायर, आर्यन बिरयानी, महाराष्ट्र मंडल रायपुर, अग्रवाल हॉस्पिटल, मारुति रेजीडेंसी, रहेजा रेजीडेंसी (अवंति विहार) तथा लास विस्टा सोसायटी (अमलीडीह) सहित विभिन्न संस्थानों एवं आवासीय परिसरों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।सहभागियों ने अपने परिसरों एवं आवासीय समितियों में नगर निगम के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित करने का अनुरोध किया, ताकि चयनित सोसायटियों को "मॉडल BWG-RWA सोसायटी" के रूप में विकसित किया जा सके और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के बेहतर पालन का उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) पोर्टल पर BWG पंजीयन की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया तथा कई संस्थानों का ऑन-द-स्पॉट पंजीयन भी कराया गया। प्रतिनिधियों को परिसर स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, जैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा नियमों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा क्षेत्र के सभी नागरिकों, संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों से अपील की गई है कि यदि किसी परिसर से प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है, अथवा परिसर का क्षेत्रफल 20,000 वर्गमीटर या अधिक है, या जल उपयोग 40,000 लीटर प्रतिदिन से अधिक है, तो वे स्वयं को बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) के रूप में पंजीकृत कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुसार आवश्यक प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करें। इस श्रेणी में आवासीय कॉलोनियां, अपार्टमेंट परिसर, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, कार्यालय परिसर, शासकीय एवं निजी संस्थान, सार्वजनिक उपक्रम तथा अन्य बड़े अपशिष्ट उत्पादक शामिल हैं।सभी पात्र संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों से अनुरोध है कि वे शीघ्रातिशीघ्र CPCB पोर्टल पर अपना पंजीयन पूर्ण करें तथा पंजीयन उपरांत इसकी जानकारी नगर पालिक निगम रायपुर को उपलब्ध कराएं, जिससे अनुपालन सत्यापन एवं निगरानी की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।नगर निगम को सूचना प्रेषित करने हेतु लिंक:https://forms.gle/Y59jYjyJKyQcqgVe8नगर पालिक निगम रायपुर ने पुनः स्पष्ट किया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों का पालन न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर्स के विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विशेष प्रकोष्ठ द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है, जिसमें विद्युत एवं जल प्रदाय सेवाओं का अस्थायी विच्छेदन भी शामिल है।स्वच्छ रायपुर, जिम्मेदार BWG और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
- --रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार विश्वरंजन सहित राजधानी शहर के ऑक्सीजोन गार्डन सहित अनेक स्थानो पर पहुंचकर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान का किया प्रत्यक्ष निरीक्षण*रायपुर/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन के लोकप्रिय पर्यावरण हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की अभिनव योजना के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिह के मार्गनिर्देशन में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्य को लेकर व्यक्त की गई गहन चिंता के तत्काल पश्चात से सम्पूर्ण रायपुर जिला क्षेत्र अतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र मेंनगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा सतत मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन नियमित अपने- अपने जोन क्षेत्र के सभी वार्डो में ऐसे सभी पौधों को चिन्हित करने का कार्य किया गया, जो पूर्व में चारों ओर से ट्री गार्ड एवं कांक्रीट के घेरों पेवर में घिरे हुए होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे।ऐसे समस्त पौधों को चिन्हित करके प्राकृतिक रूप से स्वतः विकसित होने एवं स्वयं मिट्टी, पानी प्राप्त करने पर्यावरण हितैषी वातावरण देने इन सभी पौधों को चारों ओर से घेरकर लगाये गये ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी 10 जोनों में तेज गति से निरन्तर समाजहित में पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से करवाया गया।लोकप्रिय समाज हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन अंतर्गत महाभियान आज रायपुर जिला प्रशासन एवं रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सभी जोनो के अंतर्गत वार्डो में व्यापक रूप से रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार चलाया गया। महाभियान का रायपुर नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानो पर पहुंचकर प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा सहित रायपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार विश्वरंजन एवं अन्य संबंधित रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त उद्यान श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त उद्यान श्रीमती जागृति साहू सहित सम्बंधित जोन कमिश्नरो, कार्यपालन अभियंताओं एवं अन्य संबंधित नगर निगम अधिकारियों एवं राज्य लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं, वन विभाग, रायपुर जिला प्रशासन के अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में किया, रायपुर जिला कलेक्टर ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र में शासन के लोकप्रिय प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान की प्रगति की स्थल समीक्षा कर इस सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि विगत दिनांक 22 अगस्त 2026 तक विभिन्न जोनों के भिन्न क्षेत्रों के स्थानों में इन सभी चिन्हित पौधों को समाज हित में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से चारों ओर कॉक्रीट के घेरे पेवर लगाकर लगाए गए अब तक लगभग विभिन्न 2302 स्थानों पर ट्री गार्ड और लगभग बिभिन्न 571 स्थानों पर कांकीट के घेरों पेवर को समस्त जोन कमिश्नरों द्वारा वहां पहुंचकर हटवाये जाने का कार्य तेजी के साथ करवाया गया है और यह अभियान रायपुर नगर निगम क्षेत्र में निरन्तर प्रगति पर है एवं सभी जोन कमिश्नरों की सतत निगरानी में सभी 10 जोन क्षेत्रों में ऐसे सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पानी प्राप्त कर सकने आवश्यक पर्यावरण हितैषी वातावरण कायम करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया गया है।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र के समस्त रहवासी नागरिको से रायपुर जिला प्रशासन की ओर से विनम्र अपील की कि वे ऐसे सभी पौधों को आवश्यक पानी खाद आदि देकर विकसित करने में सहभागी बनकर अपनी सक्रिय सहभागिता को दर्ज करवाने का कष्ट करें। ऐसा करने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नगरवासियों को पर्यावरण मित्र के रूप में रायपुर जिला प्रशासन के तत्त्ववधान में पर्यावरण हितैषी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत समाज में उनके द्वारा पर्यावरण हितकारी योगदान देने हेतु सम्मानित किया जायेगा।रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के 10 जोन कमिश्नरों द्वारा करवाये जा रहे उक्त पर्यावरण हितैषी कार्यों की रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा प्रतिदिन स्वतः नियमित मॉनिटरिंग और कार्य की प्रगति की सतत निरंतर समीक्षा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की जा रही है।
- *खोवा और रबड़ी के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए, जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई*रायपुर। जिले में लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा आगामी रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जिले भर में निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण की कार्यवाही की जा रही है।इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा मेसर्स महावीर स्वीट्स एवं नमकीन, मेन रोड भाठागाँव से खोवा का नमूना एवं मेसर्स श्री सांई कृपा माँ लक्ष्मी स्वीट्स, तरपोंगी तिल्दा, रायपुर से रबड़ी का नमूना लेकर विश्लेषण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।उपरोक्त कार्यवाही कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार की गई है।खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी रोकने के लिए यह कार्यवाही सतत रूप से जारी रहेगी।
- *शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानिकचौरी का किया गया निरीक्षण*रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार मिशन उत्कर्ष 2.0 अंतर्गत आज दिनांक 24 अगस्त 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मानिकचौरी, तहसील गोबरा नवापारा का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कुल 18 में से 16 शिक्षक उपस्थित पाए गए। 2 शिक्षकों में से एक खेल प्रतियोगिता हेतु तथा एक आकस्मिक अवकाश पर पाया गया। निरीक्षण में पाया गया कि शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से बच्चों को गृह कार्य प्रदान किया जा रहा है, जिसमें अधिकांश बच्चे गृह कार्य कर रहे हैं। सावन मास के अंतिम सोमवार होने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम पाई गई, जिसमें सुधार की आवश्यकता बताई गई।विद्यालय में बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य लगभग 50 मीटर शेष है तथा बालिकाओं हेतु नवीन शौचालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है।निरीक्षण के दौरान प्राचार्य श्री शेखर साव एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे। अधिकारियों द्वारा कक्षा 10वीं, 11वीं, 12वीं के बच्चों से संवाद किया गया। बच्चों में पढ़ाई को लेकर उत्साह देखा गया। बच्चों को पढ़ाई एवं कैरियर को लेकर मार्गदर्शन भी दिया गया।
- *2 सितंबर को एम्स रायपुर में आयोजित होगा दीक्षांत समारोह : उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन होंगे मुख्य अतिथि*रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) रायपुर पहुंचकर 2 सितंबर 2026 को होने वाले दीक्षांत समारोह कार्यक्रम स्थल एवं भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के प्रवास की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान एम्स प्रशासन द्वारा कलेक्टर को सभी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।कलेक्टर डॉ. सिंह ने एम्स प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों की सुरक्षा, बैठक व्यवस्था, यातायात, पार्किंग सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं चाक-चौबंद रूप से की जाए। किसी भी प्रकार की कमी न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एम्स डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) अशोक जिंदल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- *मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाभियान में लिया हिस्सा, पेड़ों को प्राकृतिक वातावरण देने की पहल की सराहना**कलेक्टर, निगम आयुक्त, जिला पंचायत सीईओ और डीएफओ उतरे फील्ड पर**‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’ को जनअभियान बनाने में जुटा जिले का अमला*रायपुर/ जिले में पेड़ों को प्राकृतिक रूप से विकसित होने का अवसर देने के लिए शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’ ने अब महाभियान का रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम परिसर में इस अभियान में शामिल हुए और पर्यावरण संरक्षण के लिए इसे जनभागीदारी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया तथा जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। इस महाभियान में कैबिनेट मंत्री श्री टंक राम वर्मा, श्री लखनलाल देवांगन, राज्यसभा सांसद श्रीमति लक्ष्मी वर्मा, भवन एवं सनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री डॉ रामप्रताप सिंह तथा विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी शामिल हुए।आज प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत जिलेभर में महाभियान चलाकर पेड़ों के आसपास लगे अनावश्यक कंक्रीट घेराव और ट्रीगार्ड की जालियां हटाई गईं। इस पहल का उद्देश्य पेड़ों की जड़ों तक बारिश का पानी, हवा और आवश्यक पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से पहुंचाना है, ताकि वे स्वस्थ और बेहतर तरीके से विकसित हो सकें।महाभियान के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन और डीएफओ श्री पंकज राजपूत सहित जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारी और प्रशासनिक अमला अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहे। टीमों ने ऑक्सीजोन, सिविल लाइंस, मरीन ड्राइव और डीडी नगर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेड़ों के आसपास से कंक्रीट और जालियां हटाकर सैकड़ों पेड़ों को नया जीवन दिया।प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि पौधों के चारों ओर की जमीन को अनावश्यक रूप से कंक्रीट से ढंकने से उनकी प्राकृतिक वृद्धि प्रभावित होती है। कंक्रीट हटने से बारिश का पानी जमीन में आसानी से पहुंच सकेगा और पेड़ों की जड़ों को प्राकृतिक रूप से पोषण मिलेगा।कलेक्टर डॉ.सिंह ने जिलेवासियों से अपील की है कि घर, दुकान या संस्थान के सामने लगे पेड़ों के आसपास यदि कंक्रीट घेराव किया गया है तो उसे हटाकर पेड़ों के संरक्षण की जिम्मेदारी लें। अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बनने वाले नागरिकों को ‘पर्यावरण मित्र’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा।गौरतलब है कि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कलेक्टर डॉ. सिंह को जिले में पेड़ों को जाली और कंक्रीट के घेरे से मुक्त कर प्राकृतिक रूप से विकसित होने का अवसर देने के लिए प्रेरित किया था।
- बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान सम्पन्न*मिठाई दुकानों से 117 किलोग्राम सामग्री जब्त - नष्ट**दो फर्मों का लाइसेंस पंजीयन निलंबित*बिलासपुर/ जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाने के उद्देश्य से चलाया गया ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ का 7 दिवसीय सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान सम्पन्न हो गया। अभियान के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले में व्यापक निरीक्षण एवं कार्रवाई करते हुए 19 फर्मों का निरीक्षण किया। इस दौरान 15 विधिक तथा 4 निगरानी नमूने लिए गए। विभिन्न दुकानों से 117 किलोग्राम मिठाई जब्त और नष्ट किए गए।अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्ती से कार्रवाई की गई।कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार संचालित इस सप्ताहभर के अभियान के दौरान एक फर्म का लाइसेंस तथा एक फर्म का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद भी कराया गया। कार्रवाई के दौरान 102 किलोग्राम श्री बर्फी-मिक्स जब्त किया गया, जबकि एक प्रतिष्ठान से लगभग 15 किलोग्राम बर्फी नष्ट कराई गई।अभियान के दौरान मेसर्स श्रीराम स्वीट्स, नगपुरा, सिरगिट्टी, बिलासपुर में अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण पाए जाने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इसी प्रकार मेसर्स प्रबल फूड प्रोडक्ट, दुमानी, मस्तूरी का पंजीयन निलंबित कर फर्म को बंद कराया गया।अभियान में मेसर्स पवन ट्रेडर्स, व्यापार विहार से 102 किलोग्राम श्री बर्फी-मिक्स जब्त कर प्रकरण तैयार किया गया। वहीं मेसर्स श्रीराम स्वीट्स, नगपुरा, सिरगिट्टी से लगभग 15 किलोग्राम बर्फी नष्ट कराई गई। मेसर्स कमलेश जनरल स्टोर, रानीगांव से शिव गंगा नमकीन का नमूना लिया गया तथा भ्रामक दावे के आधार पर नोटिस जारी किया गया। अभियान अवधि में 14 अगस्त 2026 को मेसर्स मद्रासी रेस्टोरेंट, बिलासपुर का लाइसेंस भी अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण पाए जाने पर निलंबित किया गया।सप्ताहभर चले अभियान के दौरान प्रवर्तन कार्रवाई के साथ ही खाद्य सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता भी की गई। आम नागरिकों से खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल की जानकारी पढ़ने, अत्यधिक रंगीन खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने तथा खाद्य सामग्री को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण में संग्रहित करने की अपील की गई। खाद्य व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान समाप्त होने के बाद भी खाद्य सुरक्षा को लेकर निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रहेगी। विशेषकर आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विभाग की निगरानी लगातार बनी रहेगी।यह कार्रवाई अभिहित अधिकारी श्री आर.आर. देवांगन के मार्गदर्शन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री खीरसागर पटेल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुश्री अविषा मरावी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री प्रतीक तिवारी की टीम द्वारा की गई।
- बिलासपुर/ भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत शासकीय ई. राघवेन्द्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय, बिलासपुर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मतदाताओं को जागरूक करने के साथ ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान मतदाता जागरूकता सत्र, परिचर्चा, पंजीयन अभियान, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली, प्रश्नोत्तरी एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मतदान के महत्व तथा मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। महाविद्यालय के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) के सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए मतदाता जागरूकता गतिविधियों में सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिव कुमार बनर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निर्वाचन पर्यवेक्षक श्री अंकित तिवारी एवं सहायक निर्वाचन पर्यवेक्षक श्री ब्रजेश पाण्डेय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।श्री बनर्जी ने महाविद्यालय के युवाओं को मतदाता जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण संदेश देते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में जिम्मेदार मतदाता की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अधिकारियों द्वारा महाविद्यालय में संचालित मतदाता जागरूकता गतिविधियों की जानकारी भी ली गई तथा युवाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित किया गया। विशेष रूप से निर्वाचन प्रक्रिया से युवाओं को जोड़ने और उन्हें अपने मताधिकार के प्रति सजग बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में महाविद्यालय की स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. उषा राठौर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।
- *वीबी जीरामजी, आवास सहित प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा**स्वीकृत कार्याें को धरातल पर उतारकर ग्रामीणों को दिलाएं योजनाओं का लाभ*बिलासपुर/पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने आज संभाग आयुक्त कार्यालय के सभागार में संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद पंचायत सीईओ की बैठक लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के योजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में संभागायुक्त श्री सुनील कुमार जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित अन्य जिलों एवं जनपद पंचायतों के सीईओ मौजूद रहे। सचिव श्री सिंह ने विकसित भारत-जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं पीएम जनमन आवास योजना सहित प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी केंद्र एवं राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजना है। इसके लिए राज्य में लगभग 5,500 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष में लगभग सात माह का समय शेष है, जबकि कृषि कार्यों के चरम समय करीब 45 दिन कार्य प्रभावित रहेंगे। उन्होंने कहा कि उपलब्ध समय का बेहतर उपयोग करते हुए स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूरा करें। वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के साथ महात्मा गांधी नरेगा के अपूर्ण कार्यों में भी श्रमिकों को नियोजित किया जा सकता है। सभी कार्याें के लिए ग्राम सभा का अनुमोदन अनिवार्यतः प्राप्त किया जाए। कार्याें की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कार्य एवं जल संरक्षण के कार्याें को प्राथमिकता दिया जाएं। मांग के आधार पर कार्याें की स्वीकृति एवं कार्य शुरू कर प्रगति लाने के निर्देश दिए।उन्होंने ग्राम पंचायतवार स्वीकृत कार्यों, सृजित मानव दिवस तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि बालिका शौचालय के 2107 काम, समुदाय के लिए मुक्तिधाम के 233 काम, मुक्तिधाम शेड एवं प्रतीक्षालय के 575 काम तथा बोरवेल रिचार्ज के 1017 प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद इन कार्यों में गति लाएं, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ जल्द मिल सके। महात्मा गांधी नरेगा के अपूर्ण कार्यों, लंबित केवाईसी, स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की भी समीक्षा की गई।*अपूर्ण आवासों को प्राथमिकता से पूरा करें -*प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा करते हुए सचिव श्री सिंह ने कहा कि अपूर्ण आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाए। जो आवास कार्य शुरू करने योग्य हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने भुगतान संबंधी समस्या वाले प्रकरणों की अलग सूची तैयार कर उनका निराकरण करने तथा रोजगार सहायकों एवं आवास मित्रों को लक्ष्य देकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने कहा। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं पीएम जनमन आवास योजना की भी समीक्षा की गई। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा स्वीकृत आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने कहा। आरसेटी एवं आईएमटी के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप हितग्राहियों को प्रशिक्षण से जोड़ने और प्रशिक्षण के माध्यम से आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। बैठक में डिप्टी कमिश्नर श्रीमती स्मृति तिवारी सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा पदस्थापना आदेश जारी, 15 दिनों में ज्वाइनिंग के निर्देश*बड़ी संख्या में युवा इंजीनियरों की नियुक्ति से जल जीवन मिशन एवं अन्य कार्यों में आएगी और गति – उप मुख्यमंत्री अरुण साव*बिलासपुर/ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इनमें 101 सिविल अभियंता और 10 विद्युत/यांत्रिक अभियंता शामिल हैं। प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा नियुक्ति के साथ ही सभी चयनित उप अभियंताओं की पदस्थापना के आदेश भी जारी किए गए हैं। चयनितों को नियुक्ति आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पदस्थापना कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होने की स्थिति में नियुक्ति स्वयंमेव निरस्त मानी जाएगी।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सिविल) के 118 पदों तथा उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 पदों पर भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा अप्रैल-2025 में लिखित परीक्षा ली गई थी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जुलाई-2025 में विभाग द्वारा व्यापम की मेरिट सूची के अनुसार अभ्यार्थियों के दस्तावेज परीक्षण और पदस्थापना विकल्प के संबंध में कांउसलिंग के बाद उच्चतम न्यायालय में दायर स्थगन के कारण नियुक्ति प्रक्रिया विलंबित रही। उच्चतम न्यायालय द्वारा 20 अगस्त 2026 को याचिका के निराकरण के बाद उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने तत्काल 22 अगस्त को प्रथम चरण में अनुशंसित चयन सूची के अनुसार सिविल के 101 उप अभियंताओं तथा विद्युत/यांत्रिकी के 10 उप अभियंताओं के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं।उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि युवा इंजीनियरों की विभाग में नियुक्ति से विभागीय कार्यों, विशेषकर जल जीवन मिशन के कार्यों में गति आएगी। उच्चतम न्यायालय से प्रकरण के निराकरण के तत्काल बाद हमने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। इन युवा इंजीनियरों की ऊर्जा और तकनीकी दक्षता का लाभ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को मिलेगा।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सभी चयनितों को पदस्थापना कार्यालय में उपस्थिति देते समय शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्थाई जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सक्षम मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्रों की मूल प्रति अनिवार्यतः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मूल तकनीकी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र के साथ कक्षा दसवीं की अंकसूची जिसमें जन्मतिथि अंकित हो या मूल जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
- *निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए कैबिनेट ने दी है मंजूरी*कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट अब एक ही प्लेटफॉर्म परबिलासपुर/लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क एण्ड अकाउंट्स मैनेजमेंट इंटीग्रेशन सिस्टम (WAMIS) लागू किया जाएगा। 'वमिस' (WAMIS) से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन तथा गुणवत्ता की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इस प्रणाली से निर्माण कार्यों की पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा कार्यों की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। इससे निर्माण परियोजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और जवाबदेह होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत 5 अगस्त को हुई कैबिनेट की बैठक में लोक निर्माण विभाग में 'वमिस' को लागू करने की मंजूरी दी गई है। सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली को पहले लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा, जिसके बाद अन्य निर्माण एवं अधोसंरचना विभागों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। राज्य कैबिनेट का यह निर्णय उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव द्वारा विभाग में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर लगातार दिए जा रहे जोर की परिणति है। लोक निर्माण विभाग में डिजिटल कार्य-संस्कृति की दिशा में राज्य शासन की यह महत्वपूर्ण पहल है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव लोक निर्माण विभाग में प्रत्येक स्तर पर उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने निर्माण कार्यों की स्वीकृति से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को कागजी औपचारिकताओं से मुक्त कर पूर्णतः ऑनलाइन एवं अभिलेख-आधारित करने लगातार जोर दे रहे थे। राज्य कैबिनेट की मोहर के बाद अब इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में प्रचलित कार्य एवं लेखा प्रबंधन प्रणालियों के तुलनात्मक अध्ययन तथा सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित एवं अनेक राज्यों में सफलतापूर्वक संचालित 'वमिस' (WAMIS) को छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं के अनुरूप सर्वाधिक उपयुक्त पाया गया। इसी आधार पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।*क्या है 'वमिस'?*'वमिस' (Work & Accounts Management Integration System) भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन संस्थान सी-डैक, पुणे द्वारा विकसित एक एकीकृत प्रणाली है, जो किसी भी निर्माण कार्य के सम्पूर्ण जीवन-चक्र... प्रारंभिक प्रस्ताव से लेकर कार्य पूर्णता एवं अंतिम भुगतान तक को डिजिटल रूप में संचालित करती है। इस प्रणाली में कार्यों की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति, ई-प्राक्कलन (e-Estimate) एवं अनुमानित लागत का ऑनलाइन निर्धारण, ई-प्रोक्योरमेंट (निविदा प्रक्रिया) से एकीकरण, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB) मापन पुस्तिका का डिजिटलीकरण, ठेकेदारों के देयकों (बिल) की ऑनलाइन तैयारी एवं भुगतान, मासिक लेखा, कैशबुक एवं बजट आबंटन के विरुद्ध व्यय का प्रबंधन, जियो-टैग्ड छायाचित्रों सहित कार्यों की गुणवत्ता एवं भौतिक प्रगति की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर समाहित हैं।*लोक निर्माण विभाग के कार्यों में आएंगे ये बदलाव*राज्य में 'वमिस' के लागू होने के बाद कार्य के सभी स्तरों में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें प्रत्येक कार्य की स्वीकृति, निविदा, मापन एवं भुगतान का डिजिटल अभिलेख उपलब्ध रहेगा। इससे निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। वरिष्ठ अधिकारी एवं शासन स्तर पर कार्यों की भौतिक तथा वित्तीय प्रगति की समवर्ती निगरानी संभव होगी।'वमिस' से ठेकेदारों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। देयकों की ऑनलाइन प्रक्रिया से ठेकेदारों को भुगतान में विलंब कम होगा और परियोजनाओं की गति बढ़ेगी। अधिकांश प्रक्रियाओं में मानवीय हस्तक्षेप कम से कम होने तथा मापन एवं बिलिंग प्रक्रिया के डिजिटलीकरण से त्रुटि तथा अनियमितता की संभावना घटेगी।इस प्रणाली से लेखा संधारण में भी सुधार आएगा। महालेखाकार कार्यालय को प्रस्तुत की जाने वाली मासिक लेखा प्रविष्टियाँ इससे स्वतः तैयार हो जाएंगी। विभागीय परिसंपत्तियों एवं व्यय का एकीकृत डेटाबेस हमेशा उपलब्ध रहने से विभागीय फैसलों और नीतियों के निर्धारण में भी सहायता मिलेगी।*"शासन का संकल्प है कि जनता के धन से बनने वाला प्रत्येक निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो। 'वमिस' (WAMIS) के माध्यम से लोक निर्माण विभाग की सम्पूर्ण कार्यप्रणाली पारदर्शी, अभिलेख-आधारित और जवाबदेह बनेगी।"- अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के चौबे कॉलोनी केंद्र की महिलाओं की वारी वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने वहां श्रीराम के भजन और हनुमान चालीसा का पाठ किया। श्रावण मास शुरू होते ही दो अगस्त से चौबे कॉलोनी केंद्र ने वासी निकालने का सिलसिला शुरू किया था।चौबे कॉलोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि पहली वारी बूढ़ापारा स्थित श्री गणेश मंदिर पहुंची। अगली वारी नौ अगस्त को अंबादेवी मंदिर सत्ती बाजार, उसके बाद 16 अगस्त को चौबे कॉलोनी स्थित नरहरेश्वर शिवजी मंदिर टिकरापारा पहुंची। चौबे काॅलोनी से श्रीराम मंदिर तक निकाली गई वारी में केंद्र की रोहिणी नेने, अपर्णा कालेले, सुषमा आपटे, मनीषा वरवंडकर, अनुपमा बोधनकर, अंजलि वैद्य, सुनंदा हिशीकर, संध्या पांडे, उज्जवला पुराणिक, अर्चना मुकादम, अवंती अग्निहोत्री सहित अन्य महिला सभासद उपस्थित रहीं।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की पहल पर शुरू किए गए हनुमान चालीसा पाठ का क्रम इस हफ्ते भी उत्साह के साथ जारी रहा। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभा गृह में बूढ़ापारा, तात्यापारा, वल्लभ नगर, अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र द्वारा आयोजित सावन उत्सव की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। इसमें तकरीबन 400 से अधिक महिलाओं ने सामूहिक पाठ किया गया। वहीं मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों के अलावा सुंदर नगर, न्यू राजेंद्र नगर- कमल विहार और सड्डू- मोवा महिला केंद्र में भी उत्साह के साथ पाठ किया गया।आध्यात्म प्रभारी आस्था काले ने बताया कि 22 अगस्त को महाराष्ट्र मंडल भवन में आयोजित सावन तीज महोत्सव के दौरान उपस्थित सभी 17 केंद्रों की महिलाएं, मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची पद्मश्री फूलबासन बाई यादव सहित अन्य अतिथियों ने हनुमान चालीसा का एक साथ पाठ किया। इस दौरान मंडल का संत ज्ञानेश्वर सभागृह श्री हनुमान चालीसा से गूंज उठा। इसके साथ मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राइमरी के बच्चों ने शिक्षिका अपर्णा आठले के मार्गदर्शन में मिलकर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक सृष्टि दंडवते ने बताया कि इसी तरह सुंदर नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सदस्य सुरभि गनोदवाले के निवास में एकत्रित होकर पाठ किया। इस दौरान सुरभि गनोदवाले, साक्षी जोशी, सोनम गनोदवाले, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, अर्चना दंडवते सुजाता निबांळकर, अस्मिता कुसरे और मनीषा मुकादम उपस्थित थी।वहीं दूसरी ओर न्यू राजेंद्र नगर, कमल विहार केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की बैठक आयोजित कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान ज्योति बनकर, सुखदा लाखे, नीलिमा लकपाले, अल्का बापट, सरिता लुलु, मैथिली ठोके, प्रीति गजबे सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहीं। सड्डू-मोवा केंद्र की महिलाओं ने सदस्या मंजूषा कालकर के घर मेट्रो ग्रीन जिवतीका पूजन और हल्दी कुंकू का भी आयोजन किया। इस अवसर पर मनीषा होशंगाबादे, उर्वशी उरगांवकर, माधवी मोघे, जया चांदवसकर, दिप्ती मुक्तिबोध, सविता अलोणे, मनीषा देशपांडे, स्नेहा बाकरे, माधुरी बर्वे, संगीता देशपांडे, संपदा देशपांडे, सुमति बांछानी, शालिनी जोशी, मंजूषा काळकर ने सभी को हल्दी कुमकुम कर के पौधों का वाण दिया।
- - महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई शहीद राजगुरु जयंतीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में सोमवार देर शाम महान क्रांतिकारी शहीद शिवराम हरि राजगुरु की जयंती परंपरागत सादगी से मनाई गई। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले व सचिव चेतन दंडवते सहित उपस्थित सदस्यों ने उनके चित्र पर सूत की माला पहनाकर और तिलक वंदन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर देश की आजादी के लिए उनके बलिदान को याद किया गया।मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि शहीद राजगुरु का 24 अगस्त 1908 को पुणे जिले के खेड़ में हुआ था। महज 23 वर्ष की आयु में 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव के साथ राजगुरु को फांसी दे दी गई। इतनी कम उम्र में देश के लिए इतना बड़ा बलिदान लोगों के लिए आज भी प्रेरणादायी है। आज हम आजाद भारत में हैं, ऐसे में हमें समाज को सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान देना होगा। समाज प्रगति करेगा, तो राष्ट्र प्रगति करेगा तभी तो इन महापुरुषों का बलिदान सार्थक होगा।सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर देने वाले महान क्रांतिकारी, अमर शहीद शिवराम हरि राजगुरु ने अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय और दमन के विरुद्ध अदम्य साहस, निर्भीकता और राष्ट्रभक्ति के साथ संघर्ष किया। भगत सिंह और सुखदेव जैसे महान क्रांतिकारियों के साथ उनका संघर्ष भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास का वह गौरवशाली अध्याय है, जिसने देश के युवाओं में स्वतंत्रता की चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के सह सचिव अजय पोतदार, कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण क्षीरसागर, अधिवक्ता प्रशांत देशपांडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, संस्कृति समिति के प्रेम उपवंशी उपस्थित रहे।
- दुर्ग। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रीघाट स्थित शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल पहुँचे। उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया तथा स्कूल में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति एवं विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी लिए।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचि और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी लिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने, अनुशासन का पालन करने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किये।तर्रीघाट स्कूल में निरीक्षण के दौरान मंत्री गजेन्द्र यादव ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।बच्चों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देशविद्यालय निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से खुलकर संवाद किया और स्कूल से जुड़ी अपनी आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने प्रार्थना स्थल पर डोमशेड निर्माण तथा विज्ञान कक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी।शिक्षा मंत्री श्री यादव ने बच्चों से उनके पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों तथा भविष्य के लक्ष्य के बारे में भी बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों को कहा कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करें और शिक्षकों द्वारा बताए गए मार्गदर्शन का पालन करें। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत के माध्यम से हर विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते है।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं सर्वसुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके सपनों को दिशा देने का महत्वपूर्ण केंद्र है। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री यादव ने विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी लेते हुए शिक्षकों से शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देने कहा।
- *एग्रीस्टेक और बकेट क्लेम पंजीयन को प्राथमिकता देने कलेक्टर श्री सिंह ने दिए निर्देश*दुर्ग/ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण योजना एवं अन्य कृषि सांख्यिकी योजनाओं के संबंध में वार्षिक प्रशिक्षण आज पीडब्ल्यूडी सभागार में सभी अनुविभागीय अधिकारी, उप संचालक कृषि, तहसीलदार एवं पटवारी के लिए आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी भी उपस्थित थे। सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा अधिकारियों को योजनाओं की प्रक्रिया एवं कार्यों की बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने फसलों के डिजिटल फसल सर्वेक्षण, एग्रीस्टेक पोर्टल एवं लंबित बकेट क्लेम प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य आगामी सितंबर माह तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सर्वेक्षण में आ रही दिक्कतों की जानकारी लेते हुए सर्वेयरों की संख्या बढ़ाने तथा कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पटवारियों को अधिक से अधिक सर्वेक्षणों का अनुमोदन करने को कहा।कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि कई गांवों में सर्वेक्षण पूरा होने के बावजूद पटवारियों द्वारा समय पर अनुमोदन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि पटवारी सर्वेयरों के साथ कम से कम एक-दो खसरों का मौके पर निरीक्षण करें। किसी खेत में फसल को लेकर संदेह होने पर सर्वेयर संबंधित फसल का फोटो संबंधित अधिकारी व पटवारी के साथ साझा करें, ताकि किसी संदिग्ध या प्रतिबंधित फसल की जानकारी मिलने पर नियमानुसार रिपोर्ट की जा सके। उन्होंने सक्रिय सर्वेयरों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि निष्क्रिय सर्वेयरों को हटाकर उनके स्थान पर दूसरे सर्वेयरों की नियुक्ति की जा सके। कलेक्टर ने जानकारी दी कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण केवल धान की फसल तक सीमित नहीं है। धान के स्थान पर कोदो, कुटकी, अरहर, कपास, सोयाबीन, तिल, रागी सहित अन्य फसलें लेने वाले किसानों की फसलों का भी सर्वेक्षण किया जाना है, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान का लाभ मिल सके।*एग्रीस्टेक में शत-प्रतिशत पंजीयन और बकेट क्लेम का निराकरण*कलेक्टर श्री सिंह ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा लंबित बकेट क्लेम प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित नहीं होना चाहिए। यदि किसी किसान द्वारा बकेट क्लेम पंजीयन कराने से मना किया जाता है, तो उससे लिखित में लिया जाए तथा उसे समझाइश दी जाए कि बकेट क्लेम पंजीयन के बिना धान की बिक्री नहीं की जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहखातेदार का पंजीयन अनिवार्य रूप से किया जाना है। सभी गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण और किसान पंजीयन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित राजस्व अधिकारी, तहसीलदार एवं पटवारी पर कार्रवाई की जाएगी।
- - अमलेश्वर, भोथली और खुड़मुड़ा में बनेगा एसटीपी, प्लांट निर्माण से क्षेत्रवासियों को मिलेगा स्वच्छ पर्यावरणदुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों तथा राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 4-1 की कंडिका 26 में निहित प्रावधानों के तहत नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण हेतु शासकीय भूमि के आबंटन की स्वीकृति प्रदान की है। जारी आदेश के अनुसार, तहसील पाटन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन विभिन्न ग्रामों में स्थित कुल 1.050 हेक्टेयर शासकीय भूमि एक रुपए प्रति वर्गफीट की दर से निर्धारित मूल्य राज्य कोष में जमा कराए जाने के उपरांत बिना भू-भाटक के नगर पालिका परिषद अमलेश्वर को हस्तांतरित की गई है।आबंटित भूमि के विवरण के अनुसार, ग्राम अमलेश्वर (पटवारी हल्का नंबर 03) स्थित खसरा नंबर 671/2 का 0.050 हेक्टेयर (5,380 वर्गफीट) भाग निर्धारित मूल्य 5,380 रुपए, ग्राम भोथली (पटवारी हल्का नंबर 03) स्थित खसरा नंबर 137/1 का 0.800 हेक्टेयर (86,111 वर्गफीट) भाग निर्धारित मूल्य 86,111 रुपए, तथा ग्राम खुड़मुड़ा (पटवारी हल्का नंबर 03) स्थित खसरा नंबर 530 का 0.200 हेक्टेयर (21,520 वर्गफीट) भाग निर्धारित मूल्य 21,520 रुपए जमा कराए जाने पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण प्रयोजनार्थ स्वीकृत किया गया है। उक्त भूमि का आबंटन कड़े प्रशासनिक प्रतिबंधों एवं शर्तों के अधीन किया गया है। जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि आवंटित भूमि का उपयोग केवल सार्वजनिक जनउपयोगी कार्य एवं निर्धारित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण हेतु ही किया जाएगा, और अन्य किसी प्रयोजन में उपयोग किए जाने अथवा शर्त का उल्लंघन होने की स्थिति में आबंटन स्वतः निरस्त माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, आबंटित भूमि के विक्रय अथवा व्यावसायिक हस्तांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा नगर पालिका परिषद एवं नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, दुर्ग द्वारा निर्धारित समस्त वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्य होगा। प्रशासन ने यह भी निर्देशित किया है कि भूमि के उपयोग के दौरान लोक बाधा उत्पन्न न हो तथा जनस्वास्थ्य, सुरक्षा, जनसुविधा एवं पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। नगर पलिका परिषद् अमलेश्वर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि उक्त तीनों एसटीपी निर्माण हेतु शासन द्वारा 7 करोड़ 48 लाख 36 हजार रूपये की राशि स्वीकृत हो चुकी है। निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रियाधीन है। इन क्षेत्रों में एसटीपी के निर्माण से घरेलू गंदे जल का वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण संभव हो सकेगा, जिससे आस-पास के जल स्रोतों और भूजल को दूषित होने से बचाया जा सकेगा। इससे क्षेत्र में जल जनित बीमारियों और दूषित जल के ठहराव की समस्या से निजात मिलेगी तथा जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, शोधित (ट्रीटेड) जल का उपयोग सिंचाई व अन्य गैर-पेय कार्यों में किया जा सकेगा, जिससे अमलेश्वर नगर पालिका क्षेत्र के सुनियोजित विकास और स्वच्छता व्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।
- दुर्ग/ प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और जनसमस्याओं के निराकरण में विलंब को गंभीरता से लेते हुए संभागायुक्त दुर्ग श्री सत्य नारायण राठौर ने राजनांदगांव जिले के घुमका तहसील में पदस्थ तहसीलदार मुकेश कुमार ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत की गई है। उल्लेखनीय है कि तहसीलदार मुकेश कुमार ठाकुर पर शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने, सामान्य राजस्व प्रकरणों के निराकरण में देरी करने तथा आर.बी.सी. 6-4 के तहत पीड़ित परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के मामलों में अनावश्यक विलंब करने के गंभीर आरोप थे। संभागायुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत निलंबन अवधि में श्री ठाकुर का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर, राजनांदगांव निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
- दुर्ग/ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एकीकृत बाल विकास परियोजना धमधा के अंतर्गत ग्राम पंचायत करेली में रोटरी क्लब दुर्ग के सहयोग से स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र के कुपोषित बच्चों एवं महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा ग्राम को कुपोषण मुक्त बनाना रहा।शिविर में 71 महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं का शुगर, बीपी एवं हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। चिकित्सकों ने कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर उनके पालकों की काउंसलिंग की। 9 गंभीर कुपोषित बच्चों को दवाइयां वितरित की गईं, जबकि रोटरी क्लब द्वारा 44 कुपोषित बच्चों को सुपोषण किट प्रदान की गई।कार्यक्रम में महिलाओं एवं किशोरियों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, ओटीपी व व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने तथा सुरक्षित डिजिटल माध्यमों के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, एनीमिया से बचाव, मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह एवं मिशन शक्ति की योजनाओं की जानकारी दी गई तथा किशोरियों को सेनेटरी पैड वितरित किए गए।परियोजना अधिकारी कौशलेश देवांगन एवं सुपरवाइजर रीमा शुक्ला ने कुपोषण के चक्र को तोड़ने के लिए सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता बताई। शिविर में जनप्रतिनिधि, रोटरी क्लब की टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, महिलाएं एवं किशोरियां उपस्थित रहीं।
- महासमुंद / जिला चिकित्सालय महासमुंद (वर्तमान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय महासमुंद) में संचालित मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगजनों को दिव्यांग प्रमाणपत्र सत्यापन, नवीनीकरण एवं नवीन दिव्यांग प्रमाणपत्र तथा मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं।संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय ने बताया कि मेडिकल बोर्ड द्वारा सामान्यतः प्रत्येक बुधवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र का सत्यापन, नवीनीकरण एवं नवीन प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। वहीं प्रत्येक शुक्रवार को हितग्राहियों को मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। 26 अगस्त 2026, बुधवार को ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) तथा 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर सार्वजनिक, सामान्य अवकाश होने के कारण दिव्यांग प्रमाणपत्र एवं मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया 27 अगस्त 2026, गुरुवार को एक साथ की जाएगी। जिले के दिव्यांगजन एवं संबंधित हितग्राही निर्धारित तिथि 27 अगस्त 2026, गुरुवार को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक प्रमाणपत्र संबंधी कार्यवाही करा सकते हैं। यह व्यवस्था केवल 27 अगस्त 2026 के लिए लागू रहेगी।
- -रायगढ़ घराने की विरासत से लेकर बस्तर की लोकधुनों तक, चक्रधर समारोह में दिखेगी छत्तीसगढ़ की बहुरंगी संस्कृति-रायगढ़ सहित प्रदेश के कलाकार देंगे मनमोहक प्रस्तुतियां-14 से 23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में होगा आयोजन, 10 दिनों तक गूंजेगी सुर, ताल और नृत्य की अनूठी धुनरायपुर ।कला और संगीत की संस्कारधानी रायगढ़ में आगामी 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में विश्वप्रसिद्ध चक्रधर समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में छत्तीसगढ़ की लोक एवं शास्त्रीय कला के साथ देशभर की विविध सांस्कृतिक विधाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। समारोह में कुल 42 प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं, जिनमें 24 प्रस्तुतियां रायगढ़ एवं छत्तीसगढ़ के कलाकारों की होंगी। इससे स्थानीय और प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।पद्मश्री विभूतियों की प्रस्तुतियां रहेंगी विशेष आकर्षणचक्रधर समारोह 2026 के प्रमुख आकर्षणों में देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से अलंकृत कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। रायगढ़ कथक घराने की गौरवशाली परंपरा के ध्वजवाहक पद्मश्री रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक की विशेष प्रस्तुति होगी। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंडवानी को पहचान दिलाने वाली पद्मश्री डॉ. उषा बारले अपनी प्रस्तुति देंगी। इसके अलावा सूफी एवं कबीर गायन के चर्चित हस्ताक्षर पद्मश्री भारती बंधु तथा छत्तीसगढ़ी लोक कला और संस्कृति के लोकप्रिय कलाकार पद्मश्री अनुज शर्मा भी समारोह में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। विशेष काव्य संध्या में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा सहित देश के वरिष्ठ कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर करेंगे। इन दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी समारोह को राष्ट्रीय स्तर की विशेष पहचान प्रदान करेगी।रायगढ़ के कलाकारों की 7 प्रस्तुतियों से दिखेगी घराने की समृद्ध परंपरासमारोह में रायगढ़ की स्थानीय प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष महत्व दिया गया है। आयोजन की शुरुआत श्री वेदमणि महाराज के शिष्यों द्वारा पारंपरिक गणेश वंदना से होगी। इसके बाद रायगढ़ की कथक परंपरा को आगे बढ़ाने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से मंच को गौरवान्वित करेंगे। पद्मश्री रामलाल बरेठ के मार्गदर्शन में भूपेंद्र बरेठ एवं समूह, सुश्री विभूति शर्मा, वासंती वैष्णव एवं समूह तथा नृत्यांजलि (कथक बनारस घराना) द्वारा शास्त्रीय कथक की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी जाएंगी। वहीं राकेश शर्मा सूफी गायन से सुरों की आध्यात्मिक अनुभूति कराएंगे, जबकि सोनू गुप्ता एवं ग्रुप (लोक कला मंच) छत्तीसगढ़ी लोक संगीत की रंगारंग प्रस्तुति देंगे। इस तरह रायगढ़ की धरती पर विकसित कथक की विशिष्ट शैली, लोक संगीत और सूफी गायन की विविधता एक ही मंच पर देखने को मिलेगी। स्थानीय कलाकारों की इन प्रस्तुतियों से समारोह में रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूती से उभरकर सामने आएगी।बस्तर से सरगुजा और बिलासपुर तक, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का रंगचक्रधर समारोह में प्रदेश के विभिन्न अंचलों की कला और संस्कृति को भी व्यापक प्रतिनिधित्व दिया गया है। बस्तर अकैडमी ऑफ डांस, आर्ट्स एंड लिटरेचर (बादल) के कलाकार बस्तर की लोक धरोहर और आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करेंगे। संगीत नाटक अकादमी के सदस्य भूपेंद्र साहू (गरियाबंद) छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इसी क्रम में तरुणा साहू (रायपुर) पंडवानी की प्रस्तुति देंगी। पायल साहू (दुर्ग), अनुराग शर्मा (रायपुर) और लहरगंगा पुनरिक साहू (बालोद) माटी की लोक संगीत परंपरा को मंच पर जीवंत करेंगे। प्रदेश की शास्त्रीय और समकालीन प्रतिभाओं में इंडियन आइडल फेम अमित साना (भिलाई) का सुगम गायन भी विशेष आकर्षण रहेगा। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के विद्यार्थी सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन प्रस्तुत करेंगी। वहीं दीक्षा रथ (सारंगढ़) ओडि़सी, श्वेता नायक (बिलासपुर) कुचिपुड़ी तथा अनुष्का सुल्तानिया (रायपुर) और शिव शक्ति कला संस्थान (बिलासपुर) कथक की प्रस्तुतियां देंगे। इस प्रकार छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों की कला विधाएं समारोह के मंच पर एक साथ दिखाई देंगी।देशभर की शास्त्रीय एवं लोक कलाओं का भी होगा भव्य समागमचक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ देश के विभिन्न राज्यों की कला परंपराओं को भी मंच मिलेगा। केरल के गुरु कोट्क्कल नंदकुमारन नायर कथकली की प्रस्तुति देंगे, जबकि मणिपुर की डॉ. मंजू इलंगबम मणिपुरी नृत्य से दर्शकों को परिचित कराएंगी। दिल्ली की टी. लक्ष्मी रेड्डी कुचिपुड़ी तथा चेन्नई की श्रीविद्या शैलेश और बेंगलुरु की शिवरंजनी हरीश भरतनाट्यम प्रस्तुत करेंगी। ओडिशा और दिल्ली से जान्हवी बेहरा, रीला होता एवं श्री गौरी शंकर दाश ओडि़सी नृत्य की प्रस्तुति देंगे। भुवनेश्वर के श्री बी. साहू गोटीपुआ कला प्रस्तुत करेंगे। वहीं कोलकाता, दिल्ली और बनारस से आने वाले मौमाला नायक, सुब्रता पंडित एवं रुद्रशंकर मिश्रा कथक की प्रस्तुति देंगे। लोक संगीत और वादन की विविधता भी समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी। राजस्थान के बाड़मेर की स्टार्क सोसाइटी राजस्थानी लोक संगीत प्रस्तुत करेगी। संस्कार कला संघ, जबलपुर नृत्य नाटिका पेश करेगा। दिल्ली के निशित गंगानी तबला वादन करेंगे, जबकि वृंदावन का माधवरस बैंड और बनारस का त्रिवेणी संगम संतूर, पखावज और तबले के दुर्लभ संगम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेगा।कला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का बनेगा राष्ट्रीय मंचचक्रधर समारोह 2026 की प्रस्तुतियों में स्थानीय कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय स्तर के स्थापित कलाकारों तक को स्थान दिए जाने से यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच प्रदान करेगा। रायगढ़ घराने की कथक परंपरा, छत्तीसगढ़ी लोक संगीत, पंडवानी, बस्तर की लोक धरोहर और प्रदेश की नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों की शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत परंपराएं एक ही मंच पर दिखाई देंगी। आयोजन समिति ने देश-विदेश के कला प्रेमियों, कलाकारों, शोधार्थियों, संस्कृति अध्येताओं और नागरिकों से आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक महापर्व चक्रधर समारोह में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
- -‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ की भावना के अनुरूप बेटियों की सुविधा को प्राथमिकता, वीबी-जी राम जी योजना से मिली स्वीकृतिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के माध्यम से बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को गति दी जा रही है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं की सुविधा के लिए 79 बालिका शौचालय निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक शौचालय के निर्माण के लिए 4.30 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।स्वीकृत इन कार्यों को विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत विद्यालयों की आवश्यकता और छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर लिया गया है।विद्यालयों में पृथक एवं उपयोगी शौचालय की सुविधा केवल स्वच्छता से जुड़ी आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं की नियमित उपस्थिति, सुविधा, गरिमा और आत्मविश्वास से भी सीधे जुड़ी है। नए शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को विद्यालय परिसर में बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उनके लिए सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार होगा।जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालयों में बालिका शौचालय के साथ विद्यार्थियों एवं ग्रामीण समुदाय को सीधे लाभ पहुंचाने वाले अन्य आवश्यकता आधारित कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से प्रारंभ कराने तथा निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार नए कार्यों के प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं।जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिन शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इस सुविधा से जोड़ा जाए। विद्यालय में स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की उपलब्धता छात्राओं की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है। 79 बालिका शौचालयों की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे छात्राओं को विद्यालय में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बिना असुविधा के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए अनुकूल वातावरण प्राप्त होगा। आवश्यकता के अनुसार विद्यालयों में अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगामी दिनों में निरंतर जारी रहेगी।
- -कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त जांच टीम की छापामार कार्रवाई-मौके पर मिले 939 सिलेंडर जब्त, उपभोक्ताओं के भी दर्ज किए बयानबिलासपुर, / बालाजी गैस एजेंसी के मगरपारा स्थित कार्यालय एवं महाराणा चौक स्थित गैस गोदाम में जिला प्रशासन की संयुक्त जांच टीम ने छापामार शैली में कार्रवाई करते हुए कुल 939 गैस सिलेंडर जब्त किए। इनमें 452 भरे और 487 खाली सिलेंडर शामिल हैं। जांच के दौरान ऑनलाइन दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में बड़ी विसंगति सामने आई। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 864 भरे सिलेंडर होने थे, जबकि मौके पर केवल 452 भरे सिलेंडर मिले। इस तरह 412 भरे गैस सिलेंडर कम पाए गए।बालाजी गैस एजेंसी के विरुद्ध उपभोक्ताओं से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजस्व, खाद्य विभाग और आईओसीएल की संयुक्त जांच टीम गठित कर एजेंसी के स्टॉक और शिकायतों की जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने आज दोनों परिसरों में औचक जांच की और मौके पर ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया।जांच के दौरान घरेलू एवं व्यावसायिक श्रेणी के गैस सिलेंडरों के ऑनलाइन स्टॉक का मौके पर उपलब्ध सिलेंडरों से मिलान किया गया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में कुल 864 भरे सिलेंडर प्रदर्शित थे, जबकि भौतिक सत्यापन में 452 भरे सिलेंडर ही उपलब्ध पाए गए। इस प्रकार 412 भरे सिलेंडर कम मिले। वहीं रिकॉर्ड में 473 खाली सिलेंडर दर्ज थे, जबकि मौके पर 487 खाली सिलेंडर पाए गए, जो रिकॉर्ड से 14 अधिक हैं।स्टॉक में पाई गई इस गंभीर विसंगति के बाद जांच टीम ने मौके पर उपलब्ध 452 भरे एवं 487 खाली, कुल 939 सिलेंडरों को जब्त कर लिया। जांच दल द्वारा एजेंसी के संबंधित दस्तावेजों एवं स्टॉक का परीक्षण भी किया गया।जांच के दौरान मौके पर उपस्थित उपभोक्ताओं से भी एजेंसी की सेवाओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा उनके कथन दर्ज किए गए। एजेंसी के विरुद्ध बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने, ऑनलाइन डिलीवरी प्रदर्शित होने के बावजूद वास्तविक रूप से सिलेंडर प्राप्त नहीं होने जैसी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। कॉल सेंटर एवं सीएम हेल्पलाइन 1076 में भी एजेंसी के विरुद्ध शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।जांच दल में तहसीलदार श्री प्रकाश साहू, सहायक खाद्य अधिकारी श्री अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक श्रीमती विनीता दास, श्रीमती वर्षा सिंह, श्री मंगेश कांत, श्रीमती ललिता शर्मा, श्री आशीष दीवान, श्रीमती वसुधा राजपूत तथा आईओसीएल के सेल्स ऑफिसर श्री पंकज छेतिजा शामिल रहे। जांच दल द्वारा एजेंसी से संबंधित समस्त अभिलेखों, स्टॉक एवं शिकायतों की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा। जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- -बिहान दीदी एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के सम्मान समारोह में शामिल होकर मातृ शक्तियों का करेंगे सम्मान-राज्य की 68 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि का करेंगे अंतरण-बालोद जिले के 02 लाख 45 हजार हितग्राही होंगे इस महत्वाकांक्षी योजना से लाभान्वितबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा रक्षाबंधन त्योहार के पूर्व राज्य के मातृ शक्तियों को महत्वपूर्ण सौगात दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मंगलवार 25 अगस्त को बालोद जिले के डौण्डीलोहारा स्थित लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित बिहान दीदी एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के सम्मान में शामिल होकर राज्य के 68 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना के 31वीं किस्त की राशि का अंतरण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय जिले के ’बिहान दीदियों एवं विभिन्न स्व-सहायता समूहों की उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी करेंगे। इस मौके पर श्री साय बालोद जिले के 02 लाख 45 हजार महिलाओं को भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित करते हुए उनके खाते में 31वीं किस्त की राशि का अंतरण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय कुपोषण मुक्ति अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों के माताओं को सुपोषण किट के अलावा ’हर घर मुनगा’ अभियान के तहत समारोह में उपस्थित महिलाओं को एक-एक मुनगा पेड़ का भी वितरण करेंगे।जिले में इस आयोजन को सफल बनाने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण ने आज जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम स्थल लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होेंने उपस्थित अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के अध्यक्ष श्री लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख सहित अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एडीशनल एसपी श्री चंद्रकांत गवर्ना, एसडीएम श्री शिवनाथ बघेल के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- बालोद। एकीकृत बाल विकास परियोजना दल्लीराजहरा के परियोजना अधिकारी ने बताया कि कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दल्लीराजहरा द्वारा दुर्गावती वार्ड नंबर 12 आंगनबाड़ी केंद्र रमरा दफाई केंद्र क्रमांक 17 में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती हेतु 08 सितंबर आॅनलाईन आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक वेबसाईट https://aww.e-bharti.in/ पर 08 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

























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