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- -टावर में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित निकाला गया-रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल जाबांज युवाओं को कलेक्टर-एसएसपी ने किया सम्मानित-कलेक्टर ने कहा कि ऐसे जाबांज युवा समाज के लिए प्रेरणास्त्रोतरायपुर /राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया।गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें श्री सोमेश साव, श्री देवाशीष बरिहा, श्री आकाश साहू, श्री विशाल यादव, श्री अभिषेक सिन्हा श्री ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री श्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला।घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी श्री पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहंुच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।श्री सोमेश सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानेंश्री सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहंुच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी श्री ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद श्री सोमेश, श्री ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।
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-जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री चौधरी ने दी अहम राय
रायपुर / केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक आयोजित हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सक्रिय रूप से भागीदारी की।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि बैठक में जीएसटी प्रणाली में सुधार से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सुधार आम नागरिकों को सहूलियत देंगे, व्यापार जगत को गति प्रदान करेंगे और देश की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार करेंगे।उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जीएसटी सुधार केवल कर संरचना का सरलीकरण नहीं है, बल्कि यह इज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूत करने और राज्यों तथा देश की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने का भी माध्यम है।यह उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में व्यापक सुधारों का आह्वान किया था। आज आयोजित यह बैठक उस संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और ठोस कदम साबित हुई है।बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्रीगण, राजस्व विभाग के सचिव, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष व सदस्य तथा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। - -महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही हैं प्रदेश का नाम रोशन : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह-तीजा महिलाओं का मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व : राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा-राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरणरायपुर / सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएँ मायके में उपवास करती हैं। तीजा महिलाओं को मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व है।तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है।कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्रीमती कमलेश जांगड़े और विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री सुनील सोनी तथा श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर-बस्तर में शुरू होगा 200 करोड़ की लागत से 240 बिस्तरों का हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अब मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा रायपुर और बिलासपुररायपुर । छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है।इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी श्री जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और श्री के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा।स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है।यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी।सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।
- -घटना में 4 मृत, 3 घायल और 3 लापता – राहत व बचाव कार्य जारी-मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने जिला प्रशासन को दिए निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले के ग्राम धनेशपुर स्थित लुत्ती (सतबहिनी) डैम टूटने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 लोगों की मृत्यु, 3 लोगों के घायल होने तथा 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायी घटना है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूँ।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण उत्पन्न इस प्राकृतिक आपदा से जनहानि के साथ-साथ भवनों को क्षति पहुँची है, फसलों का नुकसान हुआ है और पशुहानि भी हुई है। यह स्थिति प्रभावित परिवारों के लिए बेहद कठिन और दुखदायी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है।उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराई गई है तथा लापता लोगों की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना में हुई जनहानि के लिए शासकीय नियमों के अनुरूप अनुग्रह सहायता स्वीकृति का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मकान, फसल और पशुहानि का विस्तृत सर्वे कर शीघ्र राहत सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- बलरामपुर। जिले के रामानुजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत तातापानी से लगे लुतिसढसा बांध भारी बारिश के कारण मंगलवार की रात करीब 11 बजे टूट गया। बांध टूटने के बाद पानी की तेज धार में बांध से लगे 2 घर पूरी तरह से बह गए। इस दौरान इन घरों में रहे एक ही परिवार के 8 लोग बह गए। इनमें से 2 महिलाओं का शव रात में ही बरामद कर लिया गया है, दोनों सास बहू हैं। जबकि एक का शव सुबह बरामद किया गया। वहीं 3 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं 2 की तलाश जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही रात में ही कलेक्टर, SP समेत जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया।बताया जा रहा है कि लुतिसढसा बांध 1981 में बनाया गया था। पिछले कई दिनों से बलरामपुर जिले में हो रही भारी बारिश में बांध लबालब हो गया था। मंगलवार की रात में बारिश के दौरान धीरे धीरे बांध का एक हिस्सा बहने लगा था।रात करीब 11 बजे बांध टूट गया और वहां स्थित 2 घरों को बह के गया। इस दौरान दोनों घरों में एक ही परिवार के महिला, पुरुष और बच्चे समेत 8 लोग मौजूद थे, जो बांध के पानी के साथ बह गए। यह देख गांव में हो हल्ला हुआ और सूचना पर भाजपा नेता धीरज सिंहदेव मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना कलेक्टर और एसपी को दी। सूचना मिलते ही कलेक्टर एसपी समेत रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बहे लोगों की तलाश शुरू की।रेस्क्यू टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने रात में ही तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 2 महिलाओं 60 वर्षीय बसतिया पति रामवृक्ष खैरवार तथा उसकी बहू रजंती पति गणेश 26 वर्ष का शव झाड़ियों में फंसा मिला।वहीं झाड़ियों में फंस जाने से रामवृक्ष की जान बच गई। उसकी हालत गंभीर है। बुधवार की सुबह एक और व्यक्ति की लाश मिली। इसके अलावा रामवृक्ष का बड़ा बेटा गणेश, गणेश के 2 बच्चे, छोटी बहू लापता थे, जिनमें से 3 मिल गए, उनकी हालत गंभीर है। वहीं अन्य 2 की तलाश जारी है।कई मवेशियों की भी मौत, फसल बर्बादबांध बह जाने से ग्रामीणों के कई मवेशियों की भी मौत हो गई। इनमें कई तो खूंटे में बंधे स्थिति में थे। वहीं कई बह गए। बांध बह जाने से टमाटर समेत अन्य फसल भी बर्बाद हो गए। फिलहाल मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
- रायपुर / जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के जुरुडांड में गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मृत्यु एवं कई अन्य लोगों के घायल होने की घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना से मैं व्यथित हूं। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस दुःख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिजनों एवं घायलों के साथ खड़ी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन को घायलों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था एवं आवश्यक मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी घायल को इलाज में कोई कमी न हो और सभी को तुरंत उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।राज्य सरकार ने इस हादसे में दिवंगत तीनों व्यक्तियों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए की आर्थिक सहायता एवं घायलों को पचास-पचास हजार रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखे और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करे।
- -जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना, आरोपी चालक गिरफ्तारजशपुर। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार देर रात जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जुरूडांड में बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार बोलेरो भीड़ में घुस गई, जिससे तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई और 22 लोग घायल हो गए। इनमें से दर्जनभर की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।मिली जानकारी के अनुसार, 02 सितंबर 2025 की रात करीब 11 बजे ग्राम जुरूडांड में लगभग 120 से 150 लोग गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए बगीचा-जशपुर मार्ग से जुलूस निकाल रहे थे। प्रतिमा को "छोटा हाथी" वाहन में रखा गया था, उसके पीछे ट्रैक्टर और डीजे चल रहा था। इसी बीच बोलेरो वाहन (क्रमांक सीजी 15 सीआर 1429) का चालक सुखसागर वैष्णव (40 वर्ष, निवासी कुदमुरा, थाना बगीचा) शराब के नशे में लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाते हुए जुलूस की भीड़ में घुस गया।मृतकों के नामइस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार है –1. अरविंद केरकेट्टा (19 वर्ष)2. विपिन प्रजापति (17 वर्ष)3. खिरोवती यादव (32 वर्ष)सभी मृतक ग्राम जुरूडांड, थाना बगीचा निवासी थे।
- -योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देशरायपुर / केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले आज छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे। उन्होंने राज्य अतिथि गृह पहुना में छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।बैठक में श्री अठावले ने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने तथा समाज के वंचित वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति योजनाएँ, कौशल विकास कार्यक्रम और स्वरोजगार सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री तारण प्रकाश सिन्हा एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, समाज कल्याण संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।केन्द्रीय मंत्री श्री अठावले ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी है। राज्यों के साथ बेहतर तालमेल से योजनाओं की पहुंच और परिणाम दोनों बेहतर होंगे।
- -संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने स्पेशल ट्रेन को दिखाई हरी झंडी-अब तक 28 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं अयोध्या धाम की यात्रारायपुर,। प्रभु श्रीराम के दर्शन और अयोध्या धाम, काशी विश्वनाथ की यात्रा के लिए आज राजनांदगांव और दुर्ग जिले से 850 तीर्थ यात्रियों का दल रवाना हुआ। संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव रेलवे स्टेशन में अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ जाने वाली इस स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सदियों से प्रभु श्री राम की महिमा जनमानस में व्याप्त है। छत्तीसगढ़ से प्रभु श्रीराम का गहरा नाता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान श्री रामलला के दर्शन कराने के लिए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना शुरू की गई है। पिछले वर्ष 26 ट्रेनों के माध्यम से 22 हजार 100 से अधिक दर्शनार्थियों को दर्शन कराया गया। इस वर्ष अब तक 6 हजार से अधिक दर्शनार्थियों ने दर्शन का लाभ लिया है और आगे लगातार दर्शन जारी रहेगा। सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि हम सब का सौभाग्य है कि भगवान श्री राम जिनका मामा गांव छत्तीसगढ़ है और यह कौशल प्रदेश है। उन्होंने प्रभु श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना जाने वाले सभी दर्शनार्थियों को शुभकामनाएं दी।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव से दुर्ग तक तीर्थ यात्रियों के साथ यात्रा की और दुर्ग रेल्वे स्टेशन में स्कूल शिक्षा एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेंद्र यादव के साथ यहां से अयोध्या धाम दर्शन के लिए जाने वाले 185 तीर्थ यात्रियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाओं के साथ रवाना किया। इस स्पेशल ट्रेन में दुर्ग और बस्तर संभाग के 850 दर्शनार्थियों का दल रवाना हुआ है। श्रद्धालुओं को जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ जनमन’ की प्रतियां भी भेंट की गईं।इस अवसर पर राजनांदगांव और दुर्ग रेल्वे स्टेशन में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में सांसद श्री संतोष पांडे, विधायक श्री ललित चन्द्राकार, श्री डोमन लाल कोर्सेवाडा, राजनांदगांव के महापौर श्री मधुसूदन यादव, दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमारे, पूर्व सांसद श्री अशोक शर्मा, पूर्व विधायक श्री विनोद खांडेकर सहित पंचायती राज संस्थाओं के अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थेे।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है, जिसके तहत प्रदेश के नागरिकों को प्रभु श्रीराम के दर्शन के साथ ही अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ की निःशुल्क यात्रा का प्रबंध होता है। यह योजना 5 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई है। इस योजना के तहत अब तक प्रदेश के 28 हजार से अधिक लोगों को अयोध्या धाम की निःशुल्क यात्रा का लाभ मिला है। अयोध्या धाम के लिए राजनांदगांव से यात्रा का यह दूसरा चरण है। श्रीराम लला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत तीर्थ यात्रा के लिए जाने वाले दर्शनार्थियों के जाने-आने एवं यात्रा के दौरान ठहरने और भोजन इत्यादि का प्रबंध छत्तीसगढ़ सरकार की ओर होता है।
- -इथोपिया में भारत के राजदूत श्री अनिल राय ने स्थानीय उद्योगपतियों से की चर्चारायपुर। अफ्रीका महाद्वीप के इथोपिया में व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर बिलासपुर के उद्योगपतियों, माइनिंग व्यवसाईयों, राइस मिलर्स, पर्यटन सेवा प्रदाताओं और इन विभागों के अधिकारियों की अहम बैठक आयोजित की गई। इथोपिया में भारत के राजदूत श्री अनिल राय ने बिलासपुर कलेक्टोरेट में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की मौजूदगी में बैठक लेकर छत्तीसगढ़ लद्यु उद्योग संघ, प्रमुख उद्योगपतियों, माइनिंग से जुड़े व्यवसाईयों, राइस मिलर्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर अफ्रीका के विभिन्न देशों में उपलब्ध व्यापारिक अवसरों, निवेश की संभावनाओं और साझेदारी के मॉडलों पर विस्तार से चर्चा की। स्वसहायता समूहों की महिलाएं भी बैठक में शामिल हुईं। उन्होंने समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों और उनकी खासियतों की जानकारी दी।राजदूत श्री अनिल राय ने बैठक में बताया कि अफ्रीका में कई ऐसे क्षेत्र है जहां भारतीय उद्योगपतियों, व्यापारियों व राइस मिलर्स के लिए अपार अवसर हैं। उन्होंने खनन, राइस मिलिंग और उद्योगों की स्थापना पर जोर देते हुए कहा कि अफ्रीका के कई देशों में खनिज संसाधनों के भंडार हैं, लेकिन तकनीकी सहायता की कमी है। इस क्षेत्र में भारत की अहम भूमिका हो सकती है। उन्होंने पर्यटन, औद्योगिक इकाईयों की स्थापना, कृषि उपकरणों के निर्यात और कौशल विकास पर भी सुझाव दिए। श्री राय ने स्थानीय उद्यमियों को बताया कि अफ्रीका के जीडीपी का 12 प्रतिशत माइनिंग से आता है।बैठक में शामिल बिलासपुर के उद्योगपतियों और व्यवसाईयों ने इथोपिया में भारत के राजदूत श्री अनिल राय के साथ बैठक के आयोजन के लिए जिला प्रशासन के पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि उचित मार्गदर्शन मिले तो वे अफ्रीका में अपने व्यवसाय का विस्तार करने को तैयार हैं। बिलासपुर नगर निगम के कमिश्नर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल और छत्तीसगढ़ लद्यु उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री हरीश केडिया सहित शहर के प्रमुख उद्योगपति, माइनिंग व्यवसायी, राइस मिलर्स, पर्यटन से जुड़े लोग और इनसे संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा प्रदेश के किसानों के लिए प्रमाणित बीज उत्पादक किसान बनने के लिए पंजीयन की तिथि में वृद्धि की गई है। अब किसान 15 सितंबर तक कृषि उत्पादक किसान बनने के लिए पंजीयन करा सकते हैं। पहले यह तिथि 31 अगस्त तक निर्धारित थी।गौरतलब है कि राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम छत्तीसगढ़ शासन का उपक्रम है, जिसके द्वारा प्रत्येक वर्ष खरीफ मौसम में कृषकों को बीज उत्पादन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाता है।कैसे बने बीज उत्पादक किसानबीज उत्पादक किसान बनने के लिए, जिन किसानों के पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक ज़मीन है वो बीज प्रमाणीकरण संस्था में मामूली शुल्क देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए किसान को जिले के बीज प्रकिया केंद्र में संपर्क करना होगा या अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से भी बात कर सकते हैं।धान या अन्य फसल उत्पादन में पुराने बीज की तुलना में प्रमाणित बीज के उपयोग से 10 से 15 प्रतिशत अधिक उपज प्राप्त होता है। फ़सल की पैदावार बढ़ाने के लिए कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित बीज के उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है। प्रदेश के किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार किस्मों का प्रमाणित बीज मुहैया कराने के लिए बीज निगम, बीज उत्पादन कार्यक्रम आयोजित करता है। फ़सल कटने पर प्रक्रिया केंद्र में बीज देने पर किसान को एक सप्ताह में बीज की अग्रिम राशि दे दी जाती है, जो कुल बीज की कीमत का लगभग 60% राशि है शेष 40% राशि बीज परीक्षण परिणाम आने पर दी जाती है। लगभग 2 माह में भुगतान होता है।पिछले वर्ष में शासन का बीज मूल्यपिछले खरीफ वर्ष में धान मोटा किस्म की किसानों से बीज खरीदी दर 3043+800 (बोनस)= 3843 रुपये प्रति क्विंटल, धान पतला किस्म- 3211+800(बोनस) = 4011 रुपये प्रति क्विंटल, सुगंधित किस्म- 3644+800(बोनस)= 4444 रुपये प्रति क्विंटल था।पिछले खरीफ में जिन किसानों ने बीज निगम में उत्पादन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, उन्हें शासन द्वारा निर्धारित धान की खरीदी दर 3100/- प्रति क्विंटल की तुलना में मोटे किस्म की 743 रुपये प्रति क्विंटल अर्थात 15 हजार 603 रुपए प्रति एकड़ अधिक मिले। मतलब 1 हेक्टेयर वाले किसान को लगभग 40 हजार रुपये अधिक मिले। हालांकि किसानों को बीज का 40% राशि मिलने में दो से ढाई माह लगता है किन्तु तब भी किसी अन्य निवेश से अधिक लाभ प्राप्त होने से किसान इस कार्यक्रम के प्रति उत्साहित रहते हैं। प्रमाणित बीज का उत्पादन और बिक्री किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय है।
- रायपुर । सरगुजा जिले के लुण्ड्रा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत किरकिमा में आज 50 सीटर हाई स्कूल छात्रावास का भूमिपूजन लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज के मुख्य आतिथ्य एवं नेतृत्व में संपन्न हुआ।विधायक श्री मिंज ने 174.94 लाख रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने शासकीय हाई स्कूल सिलसिला के 120.18 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन भवन का भूमिपूजन और प्राथमिक शाला खालपारा कोट के 14.85 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन भवन का लोकार्पण भी किया।विधायक श्री मिंज ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। हर विद्यालय को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करने का संकल्प लिया गया है। शिक्षा हमारे जीवन को ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करती है। मुझे विश्वास है कि ये नए शैक्षणिक संसाधन क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होंगे।इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा पावले, उपाध्यक्ष श्रीमती कंचन जायसवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित थे।
- -महासमुंद के पैरा एथलीट्स की चमक, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीते 5 पदकरायपुर । ग्वालियर स्थित अटल बिहारी वाजपेई दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र में 29 से 31 अगस्त तक आयोजित 14वीं जूनियर एवं सब-जूनियर नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में महासमुंद जिले के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त संस्था फॉर्च्यून फाउंडेशन कर्मापटपर, बागबाहरा के पाँच खिलाड़ियों ने कुल पाँच पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया।जूनियर पुरुष वर्ग की टी-11 कैटेगरी में सुखदेव ने 400 मीटर और 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल कर सबका ध्यान खींचा। वहीं, टी-12 कैटेगरी में निखिल कुमार यादव ने 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर जिले को गौरवान्वित किया। इसी प्रतियोगिता में सब-जूनियर महिला वर्ग की टी-12 कैटेगरी में नीलम टंडन ने 400 मीटर दौड़ में रजत पदक प्राप्त किया। इसके साथ ही टी-11 कैटेगरी में देवमोती ने लॉन्ग जम्प में कांस्य पदक जीता। नोशन लाल पटेल ने भी टी-2 कैटेगरी की 1500 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया।संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय टीम के प्रशिक्षक व मैनेजर निरंजन साहू ने बताया कि दल में तीन बालक और दो बालिका खिलाड़ी शामिल थे, जिनके साथ कोच-मैनेजर और गाइड रनर देवेंद्र ठाकुर व मेघराज यादव तथा सहायक स्टाफ दिव्य लोचन और रश्मि साहू भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि सुखदेव इससे पहले 11-12 जुलाई 2025 को बेंगलूरु में आयोजित 7वीं ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
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रायपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक में नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम अंतर्गत संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह और आकांक्षा हाट का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने की।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक अहम कदम है। फ्रंटलाइन वर्कर्स और स्व-सहायता समूहों की बहनों के योगदान को अविश्वसनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि लखनपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है।उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी और नवाचार से ही गुड गवर्नेंस के लक्ष्य पूरे होंगे। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और सामाजिक विकास में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों व फ्रंटलाइन वर्कर्स को सम्मानित किया गया।आकांक्षा हाट इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा, जहाँ स्व-सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों और विभिन्न विभागों के स्टॉल में स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उपज और पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित हुए। इससे महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई ऊर्जा मिली। इस अवसर पर सरगुजा जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। - रायपुर ।स्वच्छ आतिशबाज़ी का नया केंद्र बनकर धमतरी पूरे प्रदेश और देश को प्रेरणा देने जा रहा है। यह पहल न केवल रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित त्योहारों की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम साबित होगी।धमतरी जिले के ग्राम चटोद में महिलाएँ अब पारंपरिक पटाखों की जगह पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पटाखों के निर्माण में जुटी हैं। यह पहल न केवल स्वच्छ और सुरक्षित दिवाली की राह दिखा रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोज़गार का नया द्वार भी खोल रही है।कलेक्टर धमतरी ने श्री गणेशा फायरवर्क्स यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर उत्पादन प्रक्रिया और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा मौके पर ग्रीन पटाखा चलाकर उसकी सुरक्षा और प्रभाव का अनुभव भी किया। इस यूनिट को पाँच एकड़ भूमि लीज पर उपलब्ध कराई गई है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए कि परिसर में अग्नि शमन की ठोस व्यवस्था, समय-समय पर मॉक ड्रिल और ज्वलनशील पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चटोद में स्थापित यह यूनिट ‘लोकल से वोकल’ और महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है, वहीं समाज को स्वच्छ और सुरक्षित विकल्प प्राप्त हो रहा है।यूनिट के सेल्स हेड श्री आशीष सिंह ने बताया कि ग्रीन पटाखों में बारूद का प्रयोग नहीं होता, जिससे यह पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं और प्रदूषण भी नहीं फैलाते। वर्तमान में यहाँ लगभग 100 से अधिक महिलाएँ कार्यरत हैं, जिन्हें स्थायी रोजगार प्राप्त हुआ है। आने वाले समय में विवाह समारोहों और अन्य आयोजनों के लिए भी ग्रीन पटाखों की विभिन्न किस्में उपलब्ध कराई जाएंगी।
- -अब नहीं लगाने पड़ेगें पंचायतों के चक्कर एक क्लिक से मिलेगी मनरेगा के पांच सालों की जानकारीरायपुर । छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की मनरेगा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जारी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित हो रही हैै। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इस योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए नई पहल की जा रही है। जिले की सभी 549 पंचायतों में क्यूआर कोड आधारित नई प्रणाली शुरू की गई है, जिसके जरिए ग्रामीण अपने गांव में पिछले पांच वर्षों में स्वीकृत व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्यों की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन करते ही कार्य का विवरण, व्यय और प्रगति जैसी सूचनाएं उपलब्ध होंगी।रायगढ़ जिले में मनरेगा के लिए यह पहल केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया और राज्य सरकार की पारदर्शिता नीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना और योजनाओं की निगरानी का अधिकार देना है। अब ग्रामीणों को जानकारी के लिए न तो पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही अधूरी सूचनाओं पर निर्भर रहना होगा।सितंबर से रायगढ़, खरसिया, पुसौर, घरघोड़ा, लैलूंगा, तमनार और धरमजयगढ़ ब्लॉकों की सभी पंचायतों में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। यह प्रणाली न केवल समय और श्रम की बचत करेगी, बल्कि ग्रामीणों को तकनीकी रूप से सशक्त भी बनाएगी। पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग क्यूआर कोड का उपयोग कर सकें।ग्रामीणों में इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। खरसिया ब्लॉक के एक निवासी ने कहा कि पहले हमें जानकारी के लिए बार-बार दफ्तर जाना पड़ता था, अब क्यूआर कोड से सब कुछ तुरंत मिल जाएगा। यह हमारे लिए बहुत बड़ी सुविधा है।विशेषज्ञों का मानना है कि रायगढ़ का यह डिजिटल मॉडल अन्य जिलों के लिए भी नजीर बनेगा। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, ग्रामीणों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा और सामुदायिक निगरानी मजबूत होगी। प्रशासन का विश्वास है कि यह पहल सूचना के लोकतंत्रीकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
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- पोर्टल में किसानों का आद्यतन डाटा की प्रविष्टि नहीं / व्यक्तिगत खाते के साथ सामूहिक खाता का पंजीयन नहीं / एक से अधिक जिले व ग्राम के खातों का पंजीयन नहीं/ एडीशन / माडीफिकेशन/ एडिट सुविधा नहीं /मोबाइल एप से पंजीयन असंभव
-- धान खरीदी पूर्ववत एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से खरीदी की मांगरायपुर ।प्रत्येक किसान का डिजीटल आई डी बना शासकीय योजनाओं का लाभ देने के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा बनाये गये एग्रीस्टेक बेवसाइट की निर्धारित अवधि 30 अगस्त समाप्त होने पर प्रदेश के 30 प्रतिशत किसान बेवसाइट ( पोर्टल ) में खामियों की वजह से पंजीयन कराने से वंचित रह गये हैं । छग शासन के खाद्य मंत्रालय द्वारा इस पोर्टल में पंजीयत किसानों का ही धान खरीदी करने के फरमान जारी करने से ये वंचित किसान सोसायटियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पायेंगे। पोर्टल की खामियों को दूर कर पंजीयन हेतु समायावधि बढ़ाने व इस कृषि सत्र के खरीफ धान को पूर्ववत एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से खरीदने की मांग को ले शासन - प्रशासन के मुखियाओं को ज्ञापन प्रेषित किया गया है ।ज्ञातव्य हो कि किसानों की पहचान , फसल , वित्तीय व फसल बीमा विवरण को एकीकृत कर डिजीटल डेटा बेस तैयार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एग्रीस्टेक पोर्टल बनवा किसानों के पंजीयन हेतु अंतिम तिथि बीते 30 अगस्त निर्धारित की थी। इसके पीछे केद्र सरकार का उद्देश्य प्रत्येक किसान का सांख्यिकी डाटा तैयार करवाना था ताकि भविष्य में किसानों के लिये योजनाये निर्मित करने के साथ - साथ वर्तमान में जारी योजनाओं का लाभ पात्रों को मिल सके व अपात्रों को वंचित किया जा सके। इसके लिये प्रत्येक किसान को डिजीटल आई डी प्रदान किया जाना था । छग के खाद्य मंत्रालय ने इस कृषि सत्र में सोसायटियों में धान बेचने के लिये एग्रीस्टेक में पंजीयन को अनिवार्य कर दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डाक्टर रमन सिंह, कृषि मंत्री रामविचार नेताम , मुख्य सचिव अमिताभ जैन व मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा, छग मनवा क्षत्रिय कुर्मी समाज चंदखुरी राज के अध्यक्ष चिंताराम वर्मा व स्वामी अमृतानंद ( पवन दीवान ) स्मृति छग ब्रम्हचर्य आश्रम न्यास समिति के सचिव अनिल तिवारी ने मेल के माध्यम से ज्ञापन भेज जानकारी दी है कि पोर्टल में तकनीकी खामियो के चलते प्रदेश के 30 प्रतिशत किसान पंजीयन कराने से वंचित रह गये हैं । ज्ञापन में सनसनीखेज रहस्योद्घाटन किया गया है कि इस पोर्टल में किसानों का आद्यतन डाटा फीड नहीं किया गया था और कहीं सन् 2017- 18 का तो कहीं 2021-22 का डाटा फीड किया गया था जिसके चलते इन वर्षों के बाद खरीदी - बिक्री हुये नामान्तरित भूमियों का पंजीयन नहीं हो पाया । इसी तरह एकल खाता के साथ संयुक्त खाता/ एक से अधिक जिलों में व ग्रामों में खाता की स्थिति में भी पंजीयन नहीं हो पाया । मोबाइल से तो पंजीयन असंभव होने , ग्रामीण अंचल में सर्वर की समस्या व पोर्टल में एडीशन / माडीफिकेशन / एडिट का भी प्रावधान न होने से दिक्कतें आने की जानकारी देते हुये सुझाव दिया गया है कि छग शासन के भुईयां साफ्टवेयर को आद्यतन करा सीधे एग्रीस्टेक पोर्टल में प्रविष्ट कराने डाटा पुलिंग एप्लीकेशन का प्रबंध पोर्टल में कराने के साथ - साथ पोर्टल में एडीशन / माडीफिकेशन / एडीट का प्रावधान करावें । साथ ही मोबाइल एप का भुईयां साफ्टवेयर से नहीं जुड़ने की वजह से मोबाइल से पंजीयन न हो पाने संबंधी दिक्कत की ओर ध्यानाकृष्ट कराते हुये इसे भी दूर कराने का आग्रह किया गया है ।ज्ञापन में अंतिम तिथि के बाद ओ पी जनरेट नहीं होने की जानकारी देते हुये मांग किया गया है कि साफ्टवेयर में इन खामियों को दूर करने के बाद किसानों को पंजीयन हेतु पर्याप्त समय दिया जावे । पंजीयन करा चुके 70 प्रतिशत किसानों में से अधिकतर किसानों को भी अभी तक यूनिक फार्मर आई डी नहीं मिलने व पंजीयन प्रकिया पूरा होते ही इसकी पुष्टि न होने की भी जानकारी देते हुये आग्रह किया गया है कि धान खरीदी की तिथि सन्निकट होने के परिप्रेक्ष्य में इस साल पूर्ववत एकीकृत किसान पोर्टल को आद्यतन करा इसी पोर्टल के माध्यम से धान खरीदी की व्यवस्था की जावे । ज्ञापन की प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह को भी प्रेषित किया गया है । - रायपुर/ छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1313.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 448.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 794.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 650.6 मि.मी., गरियाबंद में 773.4 मि.मी., महासमुंद में 670.4 मि.मी. और धमतरी में 825.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 904.0 मि.मी., मुंगेली में 877.4 मि.मी., रायगढ़ में 1090.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 748.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1077.8 मि.मी., सक्ती में 955.1 मि.मी., कोरबा में 894.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 891.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 728.8 मि.मी., कबीरधाम में 648.7 मि.मी., राजनांदगांव में 823.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1156.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 680.4 मि.मी. और बालोद में 1004.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 655.0 मि.मी., सूरजपुर में 980.4 मि.मी., जशपुर में 892.5 मि.मी., कोरिया में 998.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 908.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1304.9 मि.मी., कोण्डागांव जिले में 845.0 मि.मी., कांकेर में 1062.4 मि.मी., नारायणपुर में 1136.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1258.7 मि.मी., सुकमा में 1006.0 मि.मी. और बीजापुर में 1246.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पारदर्शी सुशासन का परिणाम अब गावों में दिखने लगा है। नेक नियत व ईमानदारी ने शासकीय योजनाओं को लागू करने से इससे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर कैसे सुधारा जा सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण हमें दिखने को मिल रहा है। जिला मुंगेली के विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत ग्राम क़लारजेवरा के कृषक श्री सीताराम राजपूत, पिता श्री ईश्वर प्रसाद ने सब्जी की आधुनिक खेती अपनाकर अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल कायम की है। श्री राजपूत के परिवार में उनके दादाजी और पिताजी पहले से ही बागवानी और कृषि कार्य करते आ रहे थे। लगभग 10 वर्षों तक उनके पिता ने परंपरागत धान की खेती की। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीताराम राजपूत ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को अपना व्यवसाय बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने 02 एकड़ भूमि में सब्जी की खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया। आज श्री सीताराम राजपूत सब्जी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 15-16 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।जिला उद्यानिकी विभाग मुंगेली के मार्गदर्शन में श्री राजपूत ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इनमें सब्जी मिनीकिट, कृषि यंत्र, बीज, जैविक खाद, सामुदायिक नर्सरी और ड्रिप सेट जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं। इन संसाधनों का उपयोग कर उन्होंने खेती को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय का रूप दिया। श्री सीताराम राजपूत ने स्वच्छ श्रीजना महोत्सव, जिला स्तरीय किसान मेला, मत्स्य पालन एवं कृषि संगोष्ठियों तथा विभिन्न कृषि प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।
- गौरेला पेंड्रा मरवाही/ कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी के निर्देशानुसार जिले में प्रतिदिन एक ग्राम पंचायत में संचालित हो रहे “संध्या चौपाल“ कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को पेण्ड्रा जनपद के ग्राम पंचायत कुदरी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे उपस्थित होकर पीएम आवास के हितग्राहियों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधूरे आवास निर्माण के हितग्राहियों को जल्दी से आवास पूर्ण करने का सुझाव दिया। ग्राम कुदरी में कुल 253 आवास स्वीकृत हैं, जिनमें से 101 आवास पूर्ण हो चुके हैं। शेष आवासों को 30 सितंबर तक पूर्ण कराने का लक्ष्य तय किया गया है। कार्यक्रम में सरपंच द्वारा दीपावली पर्व पर होने वाले गृह प्रवेश कार्यक्रम में सीईओ श्री रावटे को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। कार्यक्रम में जनपद सीईओ नम्रता शर्मा, सरपंच, उप सरपंच, पंचगण, आवास हितग्राही एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- महासमुंद/ कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा, जिला महासमुंद के अनुमोदन पश्चात् जिले के 12 पीएमश्री विद्यालयों में संगीत प्रशिक्षकों, अंशकालिक योग प्रशिक्षक, खेल प्रशिक्षक, प्रशिक्षक की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए है। जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा श्री विजय लहरे ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 08 सितम्बर 2025, शाम 05ः00 बजे तक संबंधित विद्यालयों में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑफलाइन होगा। उन्होंने बताया कि संगीत प्रशिक्षकों, अंशकालिक योग प्रशिक्षक, खेल प्रशिक्षक, प्रशिक्षक को 31 मार्च 2026 तक के लिए मानदेय 10 हजार रुपए प्रतिमाह की दर पर भर्ती की जाएगी। उक्त पद की न्यूनतम अर्हताएँ एवं विस्तृत नियम व शर्तों की जानकारी जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.mahasamund.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं।
- रायपुर। पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार, रायपुर द्वारा पुराने समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, फर्नीचर और कम्प्यूटर उपकरणों के निस्तारण (व्रिक्रय) के लिए 12 सितम्बर, 2025 (शुक्रवार) की शाम 5.00 बजे तक स्थानीय रद्दी खरीदारों से कोटेशन आमंत्रित किया जा रहा है ।इच्छुक फर्में अपना कोटेशन पत्र सूचना कार्यालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, दूरदर्शन केन्द्र परिसर, शंकर नगर, रायपुर स्थित कार्यालय में जमा करा सकते हैं । प्राप्त कोटेशन दिनांक 15 सितम्बर, 2025को दोपहर तीन बजे उपस्थित खरीदारों के सामने खोले जाएंगे अधिकतम दर प्रस्तावित करने वाले फर्म को विक्रय-आदेश जारी किया जाएगा ।
- दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्र. 28 आंगनबाड़ी केन्द्र प्रेमनगर-2 उडियापारा एवं वार्ड क्र. 59 आंगनबाड़ी केन्द्र सेक्टर-5 में तथा नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्र. 17 के आंगनबाड़ी केन्द्र स्टेशन मरोदा में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना से मिली जानकारी अनुसार उक्त केन्द्रों में प्राप्त आवेदनों के मूल्यांकन पश्चात् समिति द्वारा अनंतिम मूल्यांकन पत्रक का प्रकाशन किया गया है। उक्त मूल्यांकन पत्रक नगर पालिक निगम भिलाई/रिसाली एवं कार्यालय भिलाई-01 जुनवानी जिला दुर्ग के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है, जिस पर आवेदिकाएं 12 सितंबर 2025 तक एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी में कार्यालयीन समय प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकती हैं।
- 0- कलेक्टर श्री सिंह ने किया प्रदर्शनी का शुभारंभदुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जिले में रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इसके तहत 15 अगस्त 2025 से मार्च 2026 तक कुल 25 सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने मंगलवार को कलेक्टोरेट स्थित लोक सेवा केन्द्र (सीएससी) में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव की प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ियों के संघर्ष की प्रेरक और गौरवशाली परंपरा को उजागर करती है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की आज़ादी की गाथा को दर्शाया गया है, जिसे कलेक्टोरेट में आम जनता और स्कूली विद्यार्थियों के लिए रखा गया है, ताकि वे प्रदेश के गौरवशाली इतिहास को जान सकें और उससे प्रेरणा प्राप्त कर सकें। प्रदर्शनी का संकलन, संयोजन और प्रस्तुति छत्तीसगढ़ शासन के पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, संस्कृति विभाग द्वारा किया गया है। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अभिजीत बबन पठारे, एडीएम श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग एवं जनपद दुर्ग सीईओ श्री रूपेश पाण्डेय भी उपस्थित थे।


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