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- -हितग्राहियों को मिला सपनों का आशियानाबालोद। जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत खपरी ब के आश्रित ग्राम भोथीपार में विकासखण्ड स्तरीय सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार एवं राज्य शासन के संयुक्त प्रयासों से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का मकान प्रदान कर गरीबी से सम्मान की ओर बढ़ाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। आज का यह सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जहाँ अनके परिवार अपने नये पक्के घर में प्रवेश कर रहे हैं, यह कार्यक्रम ग्रामीण जीवन में नयी आशा, आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ रजत जंयती के अवसर पर ग्राम भोथीपार, जो कि एक आदिवासी बाहुल्य ग्राम है, में 08 हितग्राहियों के पूर्ण आवासों में विधि-विधान से पूजा करते हुए गृह प्रवेश का कार्य संपन्न कराया गया, जिससे हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई वर्ष पुराने खपरैल युक्त जर्जर दीवार वाले कच्चे आवास में रहने को मजबूर एवं पक्के आवास का सपना लिये गरीब हितग्राहियों का पक्का आवास का सपना आज पूरा हो गया। गृह प्रवेश उत्सव के साथ ही नवीन स्वीकृत हितग्राहियों को स्वीकृति आदेश पत्र भी प्रदान किया गया। जिससे नवीन स्वीकृत हितग्राहियों के चेहरे भी खिल उठे, कि उन्हें भी अब पक्के आशियाना मिल पाएगा। जब हितग्राहियों को यह पता चला कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों प्रतीकात्मक रूप से कुल 3.51 लाख आवासों के गृह प्रवेश में उनका भी आवास शामिल है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा। इस अवसर पर सीईओ निखत सुल्ताना, अति. सीईओ महेन्द्र जांगेडे, सहायक अभियंता गुंजा चन्द्राकर, सहा लेखा अधिकारी सोनम चुरेन्द्र, कार्यक्रम अधिकारी प्रतिज्ञा चन्द्राकर, विकासखण्ड समन्वयक नीलम चन्द्राकर, तकनीकी सहायक योगिता वर्मा, सरपंच लेखराम साहू, उपसरपंच महेन्द्र मंडावी, सचिव, रोजगार सहायक, पंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर एवं एसएसपी ने किया स्थल का निरीक्षण-समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य के दिए निर्देश-रजत जयंती पर गर्व की उड़ान, 5 नवम्बर को नवा रायपुर के आसमान में दिखेगा सूर्यकिरण एरोबैटिक शो का रोमांचरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में राजधानी नवा रायपुर का आकाश 5 नवम्बर को देशभक्ति और रोमांच से भर उठेगा। भारतीय वायुसेना की विश्वप्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) प्रातः 10 से 12 बजे तक अपने अद्भुत हवाई करतबों से दर्शकों को रोमांच, गर्व, उत्साह और देशभक्ति से भर देगी।इस भव्य आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आईजी श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने नवा रायपुर में स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग, सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, प्रसाधन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। भारतीय वायुसेना द्वारा 4 नवम्बर को शो का पूर्वाभ्यास किया जाएगा।राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह एरोबैटिक शो छत्तीसगढ़ की प्रगति, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनेगा। जब सूर्यकिरण टीम के विमान नवा रायपुर के आसमान में उड़ान भरेंगे, तब ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट-इन-द-स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी शानदार फॉर्मेशन्स पूरे वातावरण को रोमांच और देशभक्ति से भर देंगी।यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जो यह संदेश देगा कि अनुशासन, तकनीक और टीमवर्क से हर कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।रायपुर और आसपास के जिलों से हजारों नागरिक, विद्यार्थी और परिवार इस एरोबैटिक शो को देखने नवा रायपुर पहुंचेंगे। यह आयोजन जनसहभागिता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनेगा। ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’ केवल एक हवाई प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के शौर्य, सटीकता और समर्पण का जीवंत उदाहरण है।5 नवम्बर को नवा रायपुर का आसमान गर्व, रोमांच और देशभक्ति के रंगों से सराबोर होगा। सूर्यकिरण टीम का यह ऐतिहासिक शो छत्तीसगढ़ की रजत जयंती को यादगार क्षणों में दर्ज कर देगा। इस अवसर एनआरडीए सीईओ श्री चंदन कुमार, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप तथा जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -विधानसभा चुनाव में दुर्ग जिला में भाजपा का परचम लहराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने की जितेन्द्र वर्मा की सराहनादुर्ग। 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। 25वां राज्य स्थापना दिवस रजत महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर आगमन पर भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने उनका स्वागत कर अभिनंदन किया। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव में दुर्ग जिला में जिलाध्यक्ष के रूप में भाजपा का परचम लहराने के लिए भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा की सराहना की।भाजपा प्रदेश मंत्री श्री जितेन्द्र वर्मा जी ने रजत जयंती महोत्सव पर पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए उनका वंदन किया। आगे उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर विकास का नया अध्याय जुड़ गया है, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 14,263.57 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर प्रदेश को अभूतपूर्व सौगात दी। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास को नई गति और दिशा मिलेगी।भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है जिसका देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण कर विधिवत शुभारंभ किया है। यह भव्य भवन लोकतंत्र के मर्यादा, विकास, विश्वास और संकल्प का प्रतीक बनेगा। नवीन विधानसभा भवन जनसेवा और सुशासन का नया अध्याय लिखेगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन प्रदेश के नागरिकों के जनआशा व जनआकांक्षाओं का केंद्र हैं।भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने भाजपा विधायक दल के स्थायी सचिव कार्यकाल के दौरान के अपने अनुभवों को साझा करते हुए आगे कहा कि पुराने विधानसभा भवन से भी अनेक यादें जुड़ी हुई है। मुझे भी भाजपा विधायक दल के स्थायी सचिव के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ था। जिसके माध्यम से मुझे भी जीवन में बहुत कुछ सीखने को मिला। छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में अभूतपूर्व विकास किया है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के समय वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का वार्षिक बजट 5700 करोड़ रु. था जो आज बढ़कर 1,65,000 करोड़ रु.हो गया है। इससे छत्तीसगढ़ के विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है।भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने छत्तीसगढ़ को करोड़ों की सौगात प्रदान कर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का आभार व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -31 दिसम्बर 2025 तक संचालित रहेगा प्रशिक्षण कार्यक्रमदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजित सिंह के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग द्वारा भारतीय दल सेना में अग्निवीर भर्ती 2025-26 के लिए ऑनलाईन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों हेतु रविशंकर स्टेडियम दुर्ग में शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 31 दिसम्बर 2025 तक संचालित रहेगा। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित कुल 39 अभ्यर्थियों को श्री विनोद नायर (एनआईएस) कोच, श्री बालक दास डहरे (पीटीआई, सेजेस फरीदानगर दुर्ग), श्री उमेश निर्मलकर (पीटीआई सेजेस सेक्ट 6) एवं श्री फणीश्वर साहू (पीटीआई सीजी पुलिस) द्वारा प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम में श्री व्हीके केडिया, उपसंचालक रोजगार के साथ श्री ईश्वर प्रसाद साहू, श्री शिवदयाल घृतलहरे, श्री दुलेश्वर साहू एवं श्री हलघर नेताम उपस्थित रहे।
- -विभिन्न विकास कार्यों क़े लिये 53 लाख रुपये देने की घोषणाबलौदाबाजार / जिले क़े प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज जिला प्रवास क़े दौरान विकासखण्ड कसडोल क़े शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय हसुआ में सायकिल वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सरस्वती सायकिल योजना अंतर्गत 92 छात्राओं को साईकिल वितरण किया। प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाला हसुवा में साइकिल स्टैंड निर्माण हेतु 10 लाख, बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 4 लाख, पेवर ब्लॉक हेतु 10लाख,जर्जर स्कूल भवन का जीर्णोद्धार हेतु 10 लाख रुपये, ग्राम पंचायत बलौदा में पंचायत भवन निर्माण हेतु 19 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही टूण्ड्रा में खाद गोदाम निर्माण हेतु शासन क़े प्रावधान अनुसार प्रस्ताव तैयार करने क़े निर्देश दिये। प्रभारी मंत्री ने कहा की हमारी सरकार ने प्रदेश क़े चहुंमुखी विकास क़े लिये प्रतबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित तमाम विकास कार्यों में तेज प्रगति आई हैं और यह निरंतर जारी रहेगा। कार्यक्रम को जांजगीर चाम्पा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी -कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा राज्य भर में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और न्यायिक प्रशासन के उन्नयन हेतु किए जा रहे अनुकरणीय एवं दूरगामी प्रयासों से प्रेरित होकर जिला न्यायालय दुर्ग के कर्मचारियों ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है। कर्मचारियों ने स्वप्रेरणा और सामूहिक ज़िम्मेदारी की भावना से ष्प्लास्टिक मुक्त न्यायालय परिसरष् अभियान का शुभारंभ किया।यह अभियान न केवल परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि यह जिला न्यायालय दुर्ग की पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक के हानिकारक उपयोग को समाप्त करना और न्यायालय परिसर को एक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ कार्यस्थल बनाना है। अभियान के दौरान न्यायालय परिसर में सभी अधिवक्ताओं, पक्षकारों, और कैंटीन संचालकों को विशेष रूप से प्लास्टिक के एक बार उपयोग (सिंगल यूज प्लास्टिक) से होने वाले गंभीर पर्यावरणीय खतरों के बारे में विस्तार से समझाया गया। सभी हितधारकों से प्लास्टिक के थैलों, कपों, पानी की बोतलों और पैकिंग सामग्री का उपयोग तत्काल बंद करने की भावनात्मक अपील की गई। उन्हें कपड़े के थैलों, स्टील या कांच के बर्तनों और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। न्यायालय के कर्मचारियों ने परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने और इस पहल को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। कैंटीन संचालकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे प्लास्टिक से बने डिस्पोजेबल बर्तनों के स्थान पर केवल बायोडिग्रेडेबल या पुनरू प्रयोज्य सामग्री का ही उपयोग करें। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर यह संकल्प लिया गया है कि यह अभियान एक सतत प्रक्रिया के रूप में जारी रहेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। इस अभियान में श्री आर. के. ठाकुर, प्रमोद अचिन्त्य, पिलेश्वरी, नीलम पाण्डे, लुबना सिद्वकी, उषा साहू , श्री मनोहर खडगी, मिथलेश ठाकुर एवं अन्य कर्मचारियो का योगदान सराहनीय रहा।
- रायपुर। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कोरबा जिले के एनएसएस की छात्रा कुमारी लेखनी साहू ने आज राजभवन में राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। राज्यपाल ने लेखनी साहू के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कुमारी लेखनी साहू को विगत 6 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया था। सुश्री लेखनी ने समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा जागरूकता और शासन की योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई है।राज्यपाल रमेन डेका ने उनसे उनके अनुभवों पर चर्चा की और कहा कि ऐसे युवा समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने लेखनी को सतत रूप से समाजसेवा के कार्यों में जुड़े रहने और दूसरों के लिए मिसाल बनने का आशीर्वाद दिया । इस अवसर पर छात्रा के परिजन भी उपस्थित थे।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर साझा किया यह भावनात्मक पलरायपुर/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है । इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है ।छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री श्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म - ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।
- - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ईब व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार हेतु 37 करोड़ 9 लाख रुपए की दी मंजूरीरायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जशपुर जिले के विकासखंड कुनकुरी की ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए राज्य शासन ने 37 करोड़ 09 लाख 63 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।इस निर्णय से कुनकुरी क्षेत्र के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना पूर्ण होने पर 3,323 हेक्टेयर के विरुद्ध 1,453 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के जीर्णोद्धार से कृषि योग्य भूमि की सिंचाई क्षमता में व्यापक सुधार होगा। लंबे समय से किसान इस योजना की मरम्मत की मांग कर रहे थे, जिसे मुख्यमंत्री श्री साय ने पूरा कर दिया है।कुनकुरी क्षेत्र के किसानों ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ईब व्यपवर्तन योजना के पुनर्जीवन से अब उनकी खेती और भी सशक्त होगी तथा उन्हें सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
- - जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन मिनी स्टेडियम मोहला में होगामोहला । जिले में राज्योत्सव 2025 का जिला स्तरीय भव्य आयोजन 2, 3 एवं 4 नवम्बर 2025 को मिनी स्टेडियम, मोहला में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित रहेंगे।तीन दिवसीय राज्योत्सव में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं और लोक कलाओं की शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। पहले दिन 2 नवम्बर को रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के मध्य किया जाएगा वहीं महिला समूहों एवं आम नागरिकों के लिए छत्तीसगढ़ी व्यंजन प्रतियोगिता रखी गई है। 3 नवम्बर को महिला समूहों की व्यंजन प्रतियोगिता के साथ-साथ रोमांचक क्रिकेट मैच का आयोजन होगा। जिसमें प्रशासन इलेवन और मीडिया इलेवन टीमें आमने-सामने होंगी। राज्योत्सव के तीसरे दिन 4 नवम्बर को विभिन्न क्रीड़ा प्रतियोगिताएँ जैसे हो-हो, कबड्डी, रस्साकस्सी, 100 मीटर दौड़, सका संजली दौड़, फुगड़ी आदि आयोजित की जाएंगी। साथ ही त्वरित खेलों में लड्डू पैड़, कुर्सी दौड़ एवं जलेबी दौड़ भी होंगी। आकर्षण का केंद्र रहेगी छत्तीसगढ़ी वेशभूषा प्रतियोगिता, जिसमें स्कूली विद्यार्थी अपनी पारंपरिक पोशाकों में मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाएँगे।सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ सायं 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक होगा। कार्यक्रम की शुरुआत नाचा पार्टी, बुटाकसा द्वारा प्रस्तुत माटी के सिंदूर से होगी। इसके बाद विद्यार्थियों की वेशभूषा प्रतियोगिता, लोक कलाकार एवं नृत्य प्रस्तुति, एकलव्य विद्यालय मोहला का नृत्य, माधुरी पुरामें मानपुर का ओडिसी नृत्य तथा नाचा पार्टी संसारगढ़ द्वारा महतारी के आँसू् जैसी शानदार प्रस्तुतियाँ होंगी। समापन में लोक स्वर कला मंच, आलकन्हार द्वारा लोकगीत प्रस्तुत किए जाएंगे।तीन दिनों तक चलने वाले इस राज्योत्सव में जिले की कला, संस्कृति, खेल एवं परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। जिला प्रशासन ने जनसामान्य से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
- - राज्य स्थापना दिवस की दी शुभकामनाएँमोहला । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव-2025 के अवसर पर शनिवार को जिला मुख्यालय मोहला कलेक्टोरेट परिसर स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण किया गया।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का पूजा अर्चना कर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन कर दीपोत्सव की शुरुआत की। इस दौरान कलेक्टोरेट परिसर में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक साथ दीप जलाकर उज्जवल छत्तीसगढ़ की कामना की। इस दौरान समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने एक साथ छत्तीसगढ़ राज्य गीत अरपा पैरी के धार का सामूहिक गायन भी किया गया।दीप प्रज्वलन एवं राज्य गीत के पश्चात कार्यालय के सभा कक्ष में एक संक्षिप्त सभा का आयोजन किया गया। जिसमें कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभा को संबोधित करते हुए ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की यात्रा जनसहभागिता, परिश्रम और लोक संस्कृति की जीवंत धरोहर का प्रतीक है। हमें इसी भावना के साथ आगे बढ़ते हुए शासन की योजनाओं को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने में समर्पित भाव से कार्य करना है। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने अपने उद्बोधन में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को टीम भावना, समन्वय एवं कार्यकुशलता को प्रशासनिक सफलता का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि जिले के विकास कार्यों को जनहित से जोड़कर, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, सहित सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं कार्यालयीन स्टाफ की उपस्थिति रहे।
- - मोहला जिले के 4 हजार 500 प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कराया गृह प्रवेशमोहला । 1 नवम्बर 2025 छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर शनिवार को नवा रायपुर में आयोजित भव्य राज्योत्सव समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रदेश के लाखों हितग्राहियों को नई सौगात दी। इस अवसर पर मोहला जिले के 4 हजार 500 हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया गया।जिला स्तर पर यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जिले की समस्त 185 ग्राम पंचायतों में स्थानीय स्तर पर भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान सभी नवनिर्मित आवासों को आकर्षक रंगोली सज्जाए दीप प्रज्वलन एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गृह प्रवेश कराया गया। इस अवसर पर हितग्राहियों को आभार पत्र खुशियों की चाबी एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम में जिले के जनप्रतिनिधिगण, जिला एवं जनपद सदस्य, सरपंच, उपसरपंच, पंचगण, सहित अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधि, जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं हितग्राही बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। साथ ही स्थानीय सामाजिक संगठनों स्व-सहायता समूहों एवं युवाओं ने स्वैच्छिक रूप से सहभागिता कर सामुदायिक एकता एवं सहभागिता की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत की।
- महासमुंद / मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर के निर्देशन अनुसार जिले में बी.एल.ओ. एवं बी.एल.ए. का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह ने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा तहसीलदार एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को निर्देशित किया है कि 03 नवम्बर 2025 को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रथम पाली में बी.एल.ओ. एवं द्वितीय पाली में बी.एल.ए. का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर प्रशिक्षण का निरीक्षण करें तथा बी.एल.ओ. द्वारा उठाए जाने वाले सभी प्रश्नों एवं शंकाओं का समाधान करें। साथ ही बी.एल.ओ. को मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु मास्टर ट्रेनर एवं हेल्प डेस्क के संपर्क नंबर साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशानुसार उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रलेखन सहित फोटोग्राफ संधारित रखी जाएगी, जिसे पुनरीक्षण कार्य की निगरानी एवं मूल्यांकन में उपयोग किया जाएगा। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
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नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नवा रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्मविभूषण से सम्मानित तीजनबाई के परिजनों से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना है।
तीजनबाई की बहू वेणु देशमुख ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके पास प्रधानमंत्री मोदी के सचिव का फोन आया था। उन्होंने कहा कि ‘आपसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बात करना चाहते हैं।’ मैं उनकी आवाज को सुनकर आश्चर्य में पड़ गई थी। जब मैंने प्रधानमंत्री की आवाज सुनी और उन्हें नमस्ते किया, तो उन्होंने कहा कि ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं।’उन्होंने बताया कि हम लोगों की करीब 1 मिनट 18 सेकंड तक बात हुई है। बातचीत में प्रधानमंत्री ने तीजनबाई की सेहत के बारे में हमसे पूरी जानकारी ली है और जल्द स्वस्थ होने की भगवान से कामना की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आप लोगों को कहीं मेरी जरूरत होगी तो बताइएगा। हम लोग आपके साथ खड़े हैं।वेणु देशमुख ने बताया कि मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि उनका स्वास्थ्य काफी खराब है। उनके शरीर में काफी कमजोरी आ गई है, फिर मैंने उनसे कहा कि वे खाना नहीं खा पा रही हैं। उन्हें खाने में दिक्कत होती है, इसलिए सूप बनाकर देते हैं, फिर उन्होंने कहा कि मेरे लायक कुछ काम होगा तो बताना। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे नवा रायपुर में स्थापना दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं मिलना चाहता था, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं आ सका, इसलिए फोन पर ही हालचाल पूछ रहा हूं।’ इसी बीच दुर्ग कलेक्टर अभिषेक सिंह और एसडीएम भी मेरे घर आए थे और हम लोगों ने बात की है।”वेणु देशमुख ने बताया कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से बात करते समय तीजनबाई बहुत भावुक थी और कुछ नहीं बोल पाई थी, लेकिन अब मैं प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध करती हूं कि मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति इस समय कमजोर है, इसलिए सरकार से निवेदन है कि घर के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए जिससे परिवार का गुजर-बसर ठीक से हो सके।आपको बता दें कि कला के क्षेत्र में तीजनबाई ने पंडवानी लोककला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। तीजनबाई पंडवानी गायिका हैं। 1980 में तीजन बाई ने सांस्कृतिक राजदूत के रूप में इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, टर्की, माल्टा, साइप्रस, रोमानिया और मॉरीशस की यात्रा की थी और 1988 में पद्मश्री सम्मान मिला था।इसके साथ ही 1995 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। साल 2019 में पद्म विभूषण सहित कई सम्मान से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। - रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नया रायपुर में वी.वी.आई.पी. ड्यूटी के दौरान प्रधान आरक्षक फुलजेन्स पन्ना के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय फुलजेन्स पन्ना की पुत्री अनामिका से दूरभाष पर बात कर संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति दे और उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
- - प्रधानमंत्री बिजली घर योजना पर विशेष रूचिरायपुर,। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव में ऊर्जा विभाग की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना में लोगों की विशेष रुचि है। इस योजना के तहत लोगों को सूर्य के प्रकाश से बिजली बनाने की सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और लोगों को मुफ्त बिजली मिलेगी।जागरूकता और प्रदर्शनीप्रदर्शनी में बिजली से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। क्विज़ और कठपुतली के माध्यम से भी लोगों को इस योजना के बारे में जानकारी दी जा रही है। आदर्श ग्राम, आदर्श सोलर ग्राम और आदर्श सोलर शहर की मॉडल प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई है।सब्सिडी और सुविधाएंकेंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी योजनाओं की जानकारी बैनर, पोस्टर और पंपलेट के माध्यम से लोगों को दी जा रही है। ऊर्जा विभाग के ऐप ष्मोर बिजलीष् के माध्यम से बिजली विभाग की 36 प्रकार की सुविधाएं मोबाइल पर उपलब्ध कराई गई हैं।लोगों की प्रतिक्रियाधरसिवा ब्लॉक के ग्राम टाडा के पेमेन्द्र साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना से लोगों को मुक्त बिजली मिलेगी और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा। अभनपुर के श्री प्रकाश कुंभकार, राजीव पटेल और कुलेश्वर साहू ने भी इस योजना को लोकहितकारी योजना बताया।
- -‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना, ग्रीन गुफा और मियावाकी फॉरेस्ट जैसे नवाचारों की झलकरायपुर,। राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। स्टाल में विभाग की प्रमुख योजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है।स्टाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना की झलक प्रमुख रूप से दिखाई दे रही है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 6.41 करोड़ पौधे छत्तीसगढ़ में रोपे जा चुके हैं। राज्य में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए शहरी सूक्ष्म वन (मियावाकी फॉरेस्ट) विकसित किए जा रहे हैं, जो हरित पर्यावरण को बढ़ावा दे रहे हैं।स्टाल में हांदावाड़ा जलप्रपात (नारायणपुर), कुटुमसर गुफा (कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान) और बारनवापारा अभयारण्य जैसे प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थलों की जानकारी दी गई है। राज्य में वन्यजीव संरक्षण के सफल प्रयासों से काला हिरण की संख्या 77 से बढ़कर 190 हो गई है, वहीं बाघों की संख्या भी वर्ष 2021 में 17 से बढ़कर अप्रैल 2025 में 35 तक पहुँच गई है।वन विभाग की गज संकेत ऐप और गजरथ यात्रा जैसी पहल से मानव-हाथी संघर्ष कम करने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। साथ ही, राज्य औषधीय पौधों के संरक्षण और छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के माध्यम से वन संपदा के मूल्यवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।विभागीय स्टाल में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित ग्रीन गुफा परियोजना और घोटुल संस्था की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है, जो बस्तर क्षेत्र की आदिवासी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।राज्योत्सव में आने वाले आगंतुकों ने विभाग के इस स्टाल को अत्यंत रोचक और जानकारीपूर्ण बताया। पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और हरित विकास के संदेश से सुसज्जित यह स्टाल छत्तीसगढ़ की पर्यावरणीय उपलब्धियों और सतत विकास की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की सजीव झलक प्रस्तुत कर रहा है।
- -'25 वर्षों की यात्रा” और “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025' पर प्रदर्शित हुई उपलब्धियांरायपुर।नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव-2025 में सहकारिता विभाग का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष स्टॉल की थीम 25 वर्षों की यात्रा और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 रखी गई है, जिसके तहत विभाग ने अपनी उपलब्धियाँ और नवाचार प्रदर्शित किए हैं। राज्योत्सव में आने वाले आगंतुकों ने सहकारिता विभाग के इस स्टॉल को राज्य के सहकारी विकास की प्रेरणादायक झलक बताया। यह स्टॉल छत्तीसगढ़ के किसानों की आत्मनिर्भरता और सामूहिक सहयोग की भावना का सशक्त प्रतीक बन गया है।प्रदर्शनी में यह दर्शाया गया है कि सहकारिता आंदोलन ने पिछले 25 वर्षों में किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों के जीवन में किस प्रकार आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन लाया है। स्टॉल में सहकारी शक्कर कारखानों, इथेनाल संयंत्रों, प्राथमिक कृषि साख समितियों, धान उपार्जन प्रणाली, किसान क्रेडिट कार्ड योजना और सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग सॉल्यूशन जैसी प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।स्टॉल में यह भी उपयोगी जानकारी दी गई कि प्रदेश में 725 नई सहकारी समितियों का गठन हुआ है तथा 695 समितियों में गोदाम-सह-कार्यालय भवन बन चुके हैं। धान खरीदी केंद्रों का पूर्ण कम्प्यूटराइजेशन किया गया है जिससे किसानों को पारदर्शी और त्वरित भुगतान मिल रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 20 लाख से अधिक हो गई है।स्टॉल में ‘सहकार से समृद्धि’ की भावना को फोटो, चार्ट और डिजिटल माध्यम से जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है। “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के अंतर्गत राज्य में आयोजित गतिविधियों जैसे ड्रोन तकनीक प्रदर्शन, किसान संगोष्ठियाँ, जैविक सप्ताह, वृक्षारोपण अभियान और फार्मर पंजीयन की जानकारी भी दी गई है।
- -प्रधानमंत्री ने इन बच्चों की असाधारण भावना और साहस की सराहना की-प्रधानमंत्री ने योग और नियमित अच्छी आदतों के माध्यम से स्वास्थ्य को बनाए रखने पर जोर दिया-प्रधानमंत्री ने बच्चों से धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कियारायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज ‘दिल की बात’ कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में आयोजित ‘गिफ्ट ऑफ लाईफ’ सेरेमनी कार्यक्रम में जन्मजात हृदय रोगों का सफलतापूर्वक इलाज करा चुके 2500 बच्चों से बातचीत की।एक युवा हॉकी चैंपियन ने बताया कि उसने पाँच पदक जीते थे और स्कूल चेक-अप के दौरान उसे दिल की बीमारी का पता चला था। छह महीने पहले उनकी सर्जरी हुई थी और इसके बाद अब वह हॉकी खेलना जारी रख रही हैं। प्रधानमंत्री ने उनकी आकांक्षाओं के बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं और सभी बच्चों का इलाज करना चाहती हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बुजुर्गों का भी इलाज करेंगी, तो उन्होंने पूरे विश्वास के साथ हां में जवाब दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से पहली बार मिलने पर खुशी जताई।एक अन्य बच्ची ने बताया कि उसका ऑपरेशन एक साल पहले हुआ था और वह भी डॉक्टर बनकर सभी की सेवा करना चाहती है। श्री मोदी ने पूछा कि क्या वह इलाज के दौरान रोई थीं और उन्होंने जवाब दिया कि वह नहीं रोई थीं। उन्होंने एक प्रेरक कविता सुनाई, जिसकी प्रधानमंत्री ने सराहना की।एक बच्चे ने बताया कि 2014 में 14 महीने की उम्र में उसकी सर्जरी हुई थी और अब वह स्वस्थ है और सक्रिय रूप से क्रिकेट खेल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या वह नियमित रूप से जांच करवाते हैं। प्रधानमंत्री यह सुनकर प्रसन्न हुए कि वह नियमित रूप से जांच करवाते हैं और उन्हें अब कोई स्वास्थ्य संबंधित समस्या नहीं है। बच्चे ने बताया कि वह नियमित रूप से क्रिकेट खेलता है। उसने प्रधानमंत्री से करीब से मिलने का अनुरोध किया, जिसे प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।एक अन्य युवा लड़के से बातचीत करते हुए श्री मोदी ने पूछा कि अस्पताल आने और इंजेक्शन लगवाने के दौरान उसे कैसा महसूस हुआ, तो उसने बताया कि उसे डर नहीं लगा और इससे उसे ठीक होने में मदद मिली। जब उनसे उनके शिक्षकों की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे उनकी शिक्षा की प्रशंसा करते हैं। प्रधानमंत्री ने उसकी सच्चाई की प्रशंसा की।एक अन्य लड़की ने बताया कि वह कक्षा 7 में है और गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षित करने के लिए एक शिक्षिका बनना चाहती है, क्योंकि उसका मानना है कि शिक्षा से राष्ट्र का विकास होता है।इसके बाद प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या बच्चों को पता है कि किसका शताब्दी वर्ष शुरू हुआ है और उन्हें बताया कि यह श्री सत्य साईं बाबा का है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बाबा ने पुट्टपर्थी और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर जल संकट को दूर किया तथा लगभग 400 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराया। श्री मोदी ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण के संदेश पर जोर दिया और अपने अभियान "एक पेड़ माँ के नाम" को साझा करते हुए सभी को अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि धरती माता और अपनी माँ दोनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा सके।पश्चिम बंगाल के अभिक नामक एक बच्चे ने सेना में शामिल होने और देश की सेवा करने का अपना सपना साझा किया। प्रधानमंत्री ने पूछा कि वह सैनिक ही क्यों बनना चाहते हैं और अभीक ने जवाब दिया कि वह देश की रक्षा अपने सैनिकों की तरह करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने उनकी भावना की सराहना की।एक युवा लड़की ने प्रधानमंत्री से मिलने के अपने सपने को व्यक्त किया और बताया कि उसने उन्हें समाचारों में देखा था।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बच्चों के साथ बातचीत करके प्रसन्नता व्यक्त की और इस बात पर जोर दिया कि किसी भी अच्छे कार्य को पूरा करने के लिए स्वस्थ शरीर आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने बच्चों को योग और नियमित अनुशासित नींद की दिनचर्या के माध्यम से अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने बच्चों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का आग्रह किया और इस स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को बनाए रखने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने बातचीत का समापन करते हुए सभी बच्चों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
- -प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संग्रहालय में स्वतंत्रता सेनानियों की वीरता को प्रदर्शित करती दीर्घाओं का किया अवलोकनरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ की रजत जयंती समारोह के अवसर पर शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को संग्रहालय को उत्कृष्टता के साथ मूर्त रूप देने के प्रयासों के लिए बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का देश के लिए योगदान जीवंत रूप में प्रदर्शित हो रहा है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे वीर नायकों के शौर्य और बलिदान से परिचित कराता रहेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय वर्गों की ऐतिहासिक गौरवगाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक यह संग्रहालय-सह-स्मारक अब जनसमर्पित हो रहा है। यह संग्रहालय नई पीढ़ियों को हमारे पुरखों की वीरगाथाओं को अविस्मरणीय बनाएगा।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय की विशेषताओं की जानकारी दी। श्री बोरा ने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय 50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। यहां 14 गैलरियों में अंग्रेजी हुकूमत काल के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की लगभग 650 मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। जनजातीय विद्रोहों को आसानी से समझाने के लिए डिजिटल माध्यमों की भी व्यवस्था की गई है।परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह जी की प्रतिमा का अनावरणप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संग्रहालय परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर ‘ई-पुस्तिका आदि शौर्य’ का विमोचन भी किया गया।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहीद वीर नारायण सिंह जी के वंशजों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने संग्रहालय परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘जशप्योर ब्रांड’ की कलाकृतियों की सराहना कीप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जशपुर जिले की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित ‘जशप्योर ब्रांड’ के अंतर्गत तैयार किए गए उत्पादों — महुआ लड्डू, महुआ कैंडी, महुआ टी, महुआ हेक्टर संग्रह आदि का अवलोकन किया और उनकी गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने जशपुर की पारंपरिक हस्तकला ‘छिंद कांसा टोकरी’ (हाथ से बनी बांस/छिंद की टोकरियाँ) के बारे में जानकारी ली और स्थानीय संसाधनों से बनी इस कलाकृति की प्रशंसा की।इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम, राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, केंद्रीय राज्य मंत्री (जनजातीय कार्य) श्री दुर्गा दास उइके, केंद्रीय सचिव (जनजातीय कार्य मंत्रालय) श्रीमती रंजना चोपड़ा, प्रमुख सचिव (अनुसूचित जनजाति) श्री सोनमणि बोरा, निदेशक (केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय) श्रीमती दीपाली मसीरकर, आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, टीआरटीआई संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, शहीद वीर नारायण सिंह जी के वंशज तथा विभिन्न राज्यों के जनजातीय कार्य एवं अनुसंधान संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक है यह संग्रहालयनवा रायपुर अटल नगर में स्थापित यह भव्य और आकर्षक संग्रहालय आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शौर्यगाथा को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है। यह संग्रहालय इस संदेश को जीवंत करता है कि अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध विद्रोह करने का साहस सबसे बड़ी शक्ति है।यह प्रदेश का पहला संग्रहालय है, जो विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य और बलिदान को समर्पित है। यह स्मारक-सह-संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को अपने पुरखों के संघर्षों और बलिदानों की स्मृति से जोड़े रखेगा।50 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह संग्रहालय 14 गैलरियों में विभाजित है, जिनमें अंग्रेजी शासन काल में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों के 650 से अधिक मूर्तिशिल्प प्रदर्शित किए गए हैं। जनजातीय विद्रोहों को सहज रूप में समझाने के लिए यहां डिजिटल माध्यमों का भी प्रयोग किया गया है।यह संग्रहालय केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों के लिए प्रेरणादायी है। यह देश-विदेश के आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा, शौर्य और संस्कृति से परिचित कराएगा।आधुनिक तकनीक से सुसज्जित संग्रहालययह स्मारक-सह-संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इतिहास पर गहन अध्ययन और शोध के बाद VFX टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के माध्यम से तैयार किया गया है।आगंतुकों को प्रत्येक दीर्घा में आदिवासी विद्रोह का विवरण डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। वे संग्रहालय में प्रदर्शित मूर्तियों और घटनाओं को जीवंत रूप में अनुभव कर सकेंगे। प्रत्येक दीर्घा के सामने लगे स्कैनर से मोबाइल द्वारा कोड स्कैन कर संबंधित जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है।16 गैलरियों में जीवंत हुआ इतिहाससंग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए प्रमुख आदिवासी विद्रोहों — हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह — के वीर नायकों के संघर्ष और शौर्य के दृश्य 14 गैलरियों में सजीव रूप से प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर दो अलग-अलग गैलरियाँ भी निर्मित की गई हैं।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव परिसर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी राज्य की विकास यात्रा, सुशासन के नवाचारों और न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में हुए ऐतिहासिक प्रयासों का जीवंत प्रदर्शन है।यह प्रदर्शनी 1 से 5 नवम्बर 2025 तक आम नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और जनप्रतिनिधियों के लिए खुली रहेगी, जिसमें शासन की योजनाओं, जनसेवाओं और नई कानूनी व्यवस्थाओं की जानकारी आम जनता तक रोचक तरीके से पहुंचाया जाएगा।राज्योत्सव प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, खनिज विभाग, गृह विभाग, छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण, श्रम विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनसंपर्क विभाग, आदिवासी विकास विभाग, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामान्य प्रशासन विभाग ने भव्य प्रदर्शनी के माध्यम से अपने विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया है। ये सभी विभाग अपनी योजनाओं और नवाचारों के माध्यम से प्रदेश की 25 वर्ष की उपलब्धियों का चित्रण कर रहे हैं।गृह विभाग की प्रदर्शनी में दिखी नवीन आपराधिक कानूनों की झलकप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में न्याय प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में किए गए सुधारों को गृह (पुलिस) विभाग की प्रदर्शनी में विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। इन नवीन आपराधिक कानूनों का उद्देश्य अपराधों की जांच और निपटान में वैज्ञानिक पद्धति, डिजिटल साक्ष्य और फोरेंसिक सहयोग को प्राथमिकता देना है, जिससे न्याय प्रणाली अधिक तेज़, प्रभावी और पारदर्शी बने।गृह विभाग की प्रदर्शनी में पुलिस विभाग, डायल 112, सीन ऑफ क्राइम यूनिट, सिविल हॉस्पिटल, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, अभियोजन, जिला न्यायालय, कारागृह, उच्च न्यायालय सहित न्याय व्यवस्था के पाँच प्रमुख स्तंभ — पुलिस, जेल, अभियोजन, फोरेंसिक विशेषज्ञ और न्यायिक अधिकारी — की भूमिका को दर्शाया गया है।गृह विभाग द्वारा प्रदर्शनी में जानकारी दी गई कि तकनीक, अनुसंधान और समन्वय के माध्यम से अब अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया में गति और सटीकता लाई जा रही है। अभियोजन और न्यायिक कार्यवाहियों की ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली भी न्याय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है।इंटरएक्टिव लर्निंग – खेल-खेल में कानून की समझप्रदर्शनी के अवलोकन हेतु आने वाले नागरिकों और छात्र-छात्राओं के लिए क्विज़ एवं खेल-खेल में कानून को समझने जैसे रोचक इंटरएक्टिव कार्यक्रम रखे गए हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों को सरल और रोचक तरीके से समझाया जा रहा है। यह पहल न केवल जनजागरूकता बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि नागरिकों में कानून के प्रति सम्मान, विश्वास और सहभागिता की भावना भी विकसित कर रही है। उल्लेखनीय है कि नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन से अपराधियों को सजा देने की प्रक्रिया अधिक तेज़, सटीक और वैज्ञानिक होगी। इससे आमजन के मन में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। यह प्रदर्शनी न्यायिक सशक्तिकरण, सुशासन और नागरिक जागरूकता का एक सजीव उदाहरण प्रस्तुत करती है।आमजन से सहभागिता की अपीलराज्य सरकार ने आम नागरिकों, महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के विद्यार्थियों से अपील की है कि वे राज्योत्सव स्थल पर आयोजित इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में पहुँचें, नवीन आपराधिक कानूनों और शासन की जनसेवाओं से जुड़ें तथा “नवीन भारत – न्याय के नए अध्याय” की भावना में सहभागी बनें। यह प्रदर्शनी न केवल शासन की उपलब्धियों का दस्तावेज़ है, बल्कि छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव को “सुशासन और न्याय-संवेदनशीलता” के नए आयाम से जोड़ने वाली एक अभिनव पहल भी है।
- बालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले वासियों से छत्तीसगढ़ राज्य के स्वर्णिम 25 वर्ष पूरा होने के अवसर पर रजत जयंती समारोह के अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद के स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में 02 नवम्बर से 04 नवम्बर तक आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह में शामिल होकर इस गरिमामय समारोह के महत्वपूर्ण पल का साक्षी बनने की अपील की है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले वासियों को छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25वें वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह में शामिल होकर रजत महोत्सव में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।
- -अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि-विभिन्न विभागों के द्वारा प्रदर्शनी लगाकार विकास कार्यों का किया जाएगा प्रदर्शन, प्रतिदिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की होगी प्रस्तुतिबालोद ।छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद के स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में 02 से 04 नवंबर तक जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का आयोजन किया जाएगा। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। पूर्व में जारी कार्यक्रम के अनुसार स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव को कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया गया था। जिसे अपरिहार्य कारणों से संसोधित कर अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया गया है। जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग, डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया, गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, जनपद पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया सहित जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सभी सदस्य एवं नगर पालिका परिषद बालोद के पार्षदगण कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के द्वारा प्रदर्शनी लगाकार विकास कार्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही राज्योत्सव सांध्य कालीन बेला के अवसर पर रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
- -तीन दिवसीय आयोजन के दौरान होंगे नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रम-विभिन्न विभागों के द्वारा लगाई जाएगी विकास कार्यों की प्रदर्शनीबालोद । जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिला मुख्यालय बालोद के स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में 02 से 04 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव समारोह के भव्य एवं गरिमामय आयोजन हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्यों की निरंतर माॅनिटरिंग की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन अतिथि सत्कार एवं मंचीय कार्यक्रमों के पश्चात् लोक कलाकारों एवं जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं के द्वारा नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के द्वारा रविवार 02 नवंबर को शाम 05 बजे किया जाएगा। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन के पश्चात् अतिथियों का उद्बोधन संपन्न होगा। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति प्रारंभ किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कलंगपुर के नवचेतना फाउंडेशन के कलाकारों द्वारा पहले दिन के आयोजन में सर्वप्रथम प्रस्तुति दी जाएगी। इसके पश्चात् जवाहर नवोदय विद्यालय दुधली के विद्यार्थियों के द्वारा बस्तर के जनजातियों के रीति-रिवाजों पर आधारित बस्तर दर्शन कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके पश्चात् डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम तुमड़ीसुर आदिवासी नृत्य दल के कलाकारों के द्वारा रैला नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंत में गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पेंड्री के जवारा गु्रप लोक कलाकारों के द्वारा ददरिया गीत की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों के द्वारा अपने-अपने विभागों के पण्डालों में विकास कार्यों पर आधारित विभागीय प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
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- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवा रायपुर में शांति शिखर - ध्यान केंद्र के उद्घाटन पर ब्रह्माकुमारीज़ को संबोधित किया
-राज्यों के विकास से राष्ट्र की प्रगति को बढ़ावा मिलने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत से प्रेरित होकर हम एक विकसित भारत के निर्माण के मिशन में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं: नरेन्द्र मोदी-हम प्रत्येक जीव में परमात्मा को देखते हैं, हम स्वयं में अनंत को देखते हैं; यहां प्रत्येक धार्मिक अनुष्ठान एक संस्कारपूर्ण आह्वान के साथ संपन्न होता है जो विश्व के कल्याण और सभी जीवों के बीच सद्भावना का आह्वान है: प्रधानमंत्री-जब भी दुनिया में कहीं भी कोई संकट या आपदा आती है, तो भारत एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में मदद के लिए आगे आता है, प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में कार्य करता है: श्री नरेन्द्र मोदीनवा रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान के आधुनिक केंद्र "शांति शिखर" के उद्घाटन के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन बहुत ही विशेष है क्योंकि छत्तीसगढ़ अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ झारखंड और उत्तराखंड ने भी अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि देश भर के कई अन्य राज्य आज अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। श्री मोदी ने इन सभी राज्यों के निवासियों को उनके स्थापना दिवस पर अपनी शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, "राज्यों के विकास से राष्ट्र की प्रगति को बढ़ावा मिलने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत से प्रेरित होकर हम एक विकसित भारत के निर्माण के मिशन में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।"प्रधानमंत्री ने भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्थाओं द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कई दशकों तक ब्रह्माकुमारीज़ परिवार से जुड़े रहना उनके लिए सौभाग्य की बात रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस आध्यात्मिक आंदोलन को एक वटवृक्ष की तरह विकसित होते देखा है। श्री मोदी ने 2011 में अहमदाबाद में आयोजित 'फ्यूचर ऑफ़ पावर' कार्यक्रम, 2012 में संस्था की 75वीं वर्षगांठ और 2013 में प्रयागराज कार्यक्रम को याद किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली आने के बाद भी चाहे वह आज़ादी का अमृत महोत्सव से जुड़ा अभियान हो, स्वच्छ भारत अभियान हो, या जल जन अभियान से जुड़ने का अवसर हो, जब भी उन्होंने उनसे बातचीत की है तो लगातार उनके प्रयासों की गंभीरता और समर्पण को देखा है।श्री मोदी ने ब्रह्माकुमारी संस्था के साथ अपने गहरे व्यक्तिगत जुड़ाव का ज़िक्र करते हुए दादी जानकी के स्नेह और राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी के मार्गदर्शन को अपने जीवन की अनमोल स्मृति बताया। उन्होंने कहा कि वे 'शांति शिखर - एक शांतिपूर्ण विश्व अकादमी' की अवधारणा में उनके विचारों को साकार होते हुए देख रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि आने वाले समय में यह संस्था वैश्विक शांति की दिशा में सार्थक प्रयासों का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। उन्होंने इस सराहनीय पहल के लिए उपस्थित सभी लोगों और देश-विदेश में ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्यों को शुभकामनाएँ दीं।श्री मोदी ने एक पारंपरिक कहावत का जिक्र करते हुए समझाया कि आचरण ही धर्म, तप और ज्ञान का सर्वोच्च रूप है और सदाचार से कुछ भी अप्राप्य नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सच्चा परिवर्तन तब होता है जब शब्दों को कर्म में रूपांतरित किया जाता है और यही ब्रह्माकुमारी संस्था की आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत है। उन्होंने कहा कि यहाँ की प्रत्येक बहन कठोर तपस्या और आध्यात्मिक अनुशासन से गुज़रती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि संस्था की पहचान ही विश्व और ब्रह्मांड में शांति की प्रार्थना से जुड़ी है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि ब्रह्माकुमारीज़ का पहला आह्वान "ॐ शांति" है - जहाँ 'ॐ' ब्रह्म और संपूर्ण ब्रह्मांड का प्रतीक है और 'शांति' शांति की आकांक्षा का प्रतीक है। यही कारण है कि ब्रह्माकुमारीज़ के विचार प्रत्येक व्यक्ति की आंतरिक चेतना पर इतना गहरा प्रभाव डालते हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, "विश्व शांति की अवधारणा भारत के मूल चिंतन और आध्यात्मिक चेतना का अभिन्न अंग है।" उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो प्रत्येक जीव में दिव्यता और स्वयं में अनंतता का दर्शन करता है। भारत में प्रत्येक धार्मिक अनुष्ठान विश्व कल्याण और सभी जीवों के बीच सद्भावना की कामना के साथ संपन्न होता है। श्री मोदी ने कहा कि ऐसी उदार सोच और आस्था एवं विश्व कल्याण की भावना का सहज संगम भारत के सभ्यतागत चरित्र का अभिन्न अंग है। भारतीय अध्यात्म न केवल शांति का पाठ पढ़ाता है, बल्कि हर कदम पर शांति का मार्ग भी दिखाता है। उन्होंने कहा कि संयम से आत्म-ज्ञान, आत्म-ज्ञान से आत्म-साक्षात्कार और आत्म-साक्षात्कार से आंतरिक शांति प्राप्त होती है। इस मार्ग पर चलकर शांति शिखर अकादमी के साधक वैश्विक शांति के माध्यम बनेंगे।श्री मोदी ने वैश्विक शांति के मिशन में विचारों की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि व्यावहारिक नीतियों और प्रयासों के साथ-साथ भारत इस दिशा में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयासरत है। प्रधानमंत्री ने कहा, "जब भी दुनिया में कहीं भी कोई संकट या आपदा आती है तो भारत एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में मदद के लिए आगे आता है और इस तरह की स्थितियों में सबसे पहले प्रतिक्रिया देता है।"श्री मोदी ने कहा कि आज की पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच भारत दुनिया भर में प्रकृति संरक्षण के लिए एक अग्रणी आवाज़ बनकर उभरा है। श्री मोदी ने प्रकृति प्रदत्त संसाधनों के संरक्षण और उन्हें समृद्ध करने के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह तभी संभव है जब हम प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर रहना सीखें। हमारे शास्त्रों और सृष्टिकर्ता ने हमें यही सिखाया है। उन्होंने कहा कि हम नदियों को माँ मानते हैं, जल को ईश्वर मानते हैं और वृक्षों में ईश्वर का स्वरूप देखते हैं। यही भावना प्रकृति और उसके संसाधनों के उपयोग का मार्गदर्शन करती है—केवल दोहन के इरादे से नहीं, बल्कि वापस देने की भावना से। जीवन का यह तरीका दुनिया को एक सुरक्षित भविष्य का विश्वसनीय मार्ग प्रदान कर सकता है।प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत पहले से ही भविष्य के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को समझ रहा है और उन्हें निभा रहा है। उन्होंने 'एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड' जैसी पहलों और भारत के 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया तेज़ी से इन विचारों से जुड़ रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने भू-राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर पूरी मानवता के लिए मिशन लाइफ़ की शुरुआत की है।प्रधानमंत्री ने समाज को निरंतर सशक्त बनाने में ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि शांति शिखर जैसी संस्थाएं भारत के प्रयासों में नई ऊर्जा का संचार करेंगी और इस संस्था से निकलने वाली ऊर्जा देश और दुनिया भर के लाखों लोगों को वैश्विक शांति के विचार से जोड़ेगी। श्री मोदी ने अपने भाषण के समापन पर एक बार फिर शांति शिखर - शांतिपूर्ण विश्व अकादमी की स्थापना पर सभी को बधाई दी।इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमन डेका, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।















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