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- बिलासपुर /महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सखी वन स्टॉप सेन्टर में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच पूरी कर ली गई है। अब इन आवेदनों पर दावा-आपत्ति 5 मार्च से 12 मार्च 2026 तक पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे स्थित कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते है। मूल्यांकन सूची जिले की वेबसाईट बिलासपुर डॉट जीओवी डॉट इन (https://bilaspur.gov.in) में देखी जा सकती है। सखी वन स्टॉप सेंटर के लिए साइको-सोशल काउंसलर, केसवर्कर, पैरा लीगल कार्मिक-वकील, पैरा मेडिकल कार्मिक, कार्यालय सहायक तथा सुरक्षा गार्ड, नाइट गार्ड पदों के लिए 4 जुलाई से 18 जुलाई 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- बिलासपुर, /होली पर्व के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी की ड्यूटी विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगाई गई है। कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार तहसीलदार श्री प्रकाश साहू को सिविल लाईन एवं तारबहार, अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती गरिमा ठाकुर को सिरगिट्टी थाना क्षेत्र, अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती प्रकृति ध्रुव को कोनी एवं सरकंडा थाना क्षेत्र, अतिरिक्त तहसीलदार श्री आकाश गुप्ता को कोतवाली एवं तोरवा थाना क्षेत्र, नायब तहसीलदार श्री टोपलाल सिदार को पुलिस कंट्रोल रूम के लिए तैनात किया गया है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के कुशल नेतृत्व में निगम प्रशासन द्वारा कर्मचारियों के हित और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण वित्तीय भुगतान किए गए हैं। निगम द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित स्वत्वों और 'वूमेन फॉर ट्री' के अंतर्गत कार्यरत महिला समूहों के मानदेय का त्वरित निराकरण करते हुए कुल 1 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।आयुक्त द्वारा लिए गए निर्णय के तहत जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए कुल 41 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अवकाश नगदीकरण की राशि का भुगतान कर दिया गया है। कुल 84 लाख रुपये की इस राशि के भुगतान से लंबे समय से अपने हक का इंतजार कर रहे पूर्व कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।पर्यावरण संरक्षण की दिशा में 'वूमेन फॉर ट्री' अभियान के तहत कार्यरत महिला स्व-सहायता समूहों को भी निगम ने समय पर भुगतान सुनिश्चित किया है। इन समूहों द्वारा शहर की हरियाली और वृक्षों के संरक्षण हेतु किए गए कार्यों के बदले, नवंबर और दिसंबर माह का कुल 20 लाख रुपये मानदेय जारी कर दिया गया है।"निगम प्रशासन अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाओं का सम्मान करता है और उनके लंबित भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, 'वूमेन फॉर ट्री' जैसी योजनाओं से जुड़ी महिलाओं को समय पर मानदेय देकर हम उनके स्वावलंबन और उत्साह को बनाए रखना चाहते हैं।"
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-धरसींवा में होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में विधायक श्री अनुज शर्मा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए और क्षेत्रवासियों के साथ होली की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर विधायक श्री अनुज शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थितजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का पर्व है। यह हमें मन-मुटाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि होलिका बुराई का प्रतीक है, जिसका दहन कर हमें जीवन में अच्छाई, सकारात्मकता और खुशहाली को अपनाना है तथा सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 4 मार्च को होली का पर्व है और इसका उत्साह अभी से दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिससे किसानों में विशेष उत्साह है और इस बार प्रदेश में होली का पर्व और अधिक उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि होली सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अवसर भी है, जो समाज में आत्मीयता और विश्वास को मजबूत करता है।विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के खातों में सहायता राशि अंतरित किए जाने से किसानों में खुशी का माहौल है और वे इस वर्ष होली का त्योहार अधिक आनंद और उत्साह के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक फाग गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया, जिससे पूरा परिसर होली के रंग में सराबोर हो गया।सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे। - -’स्व सहायता समूह की 11 महिलाओं ने तैयार किया 100 किलो से ज्यादा हर्बल गुलाल’रायपुर ।कोरिया जिले के जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम डकईपारा में उजाला महिला स्वसहायता समूह के कुल 11 सदस्यों ने इस बार होली पर प्राकृतिक रंगों से बाजार में खास पहचान बनाई है। महज 10 दिन पहले शुरू हुई पहल आज 100 किलो से अधिक हर्बल गुलाल के उत्पादन तक पहुंच चुकी है, और निर्माण अभी भी जारी है। कलेक्टर कोरिया के श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में बिहान की महिलाओं द्वारा तैयार यह हर्बल गुलाल आनलाइन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।प्राकृतिक रंगों की खुशबू समेटते हुए बिहान समूह ने चुकंदर, हल्दी, पलास, पालक, लाल भाजी, एसेंशियल ऑयल और नेचुरल फूड कलर से त्वचा के अनुकूल, खुशबूदार और पर्यावरण के लिए हितैषी हर्बल गुलाल तैयार किया है। रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों के बीच यह पहल सुरक्षित और हरित होली का नया संदेश लेकर बाजार में उपलब्ध है।स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि बाजार में विक्रय के लिए इसे 300 रुपये किलो की दर पर बेचा जा रहा है। आनलाइन इस हर्बल गुलाल की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। हर्बल गुलाल 300 रुपये प्रति किलो की दर से बेचते हुए मात्र दो दिनों में ही इस समूह ने 3,200 रुपये की आय अर्जित कर ली है। होली के पर्व पर बाजार की पसंद को देखते हुए मांग में और वृद्धि की उम्मीद है।हर्बल गुलाल तैयार करने वाले समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के स्टाफ मास्टर ट्रेनर द्वारा दिया गया। प्रोडक्ट तैयार होने के बाद बाजार की मांग के अनुरूप् सुंदर पैकेजिंग में बिहान स्टाफ ने समूह का सहयोग किया। इस कार्य की शुरुआत समूह ने आंतरिक ऋण लेकर की है। उनके आत्मविश्वास और उद्यमिता को बिहान की मदद से नया आयाम दिया गया है।महिलाओं द्वारा तैयार किया गया यह गुलाल स्थानीय बाजार में जिला मुख्यालय में बैकुंठपुर नगरपालिका के पास तथा संयुक्त जिला कार्यालय के समीप स्थित कोरिया मिलेट्स कैफे के सामने स्टाल में उपलब्ध है। साथ ही इसे कोरियाअमृतडाटकाम वेबसाइट के माध्यम से भी आनलाइन प्राप्त किया जा सकता है।जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने ग्राम पंचायत डकईपारा की महिलाओं के संकल्प, सहयोग और मेहनत से तैयार हर्बल गुलाल लेकर होली मनाने का आवाहन किया है। उन्होने कहा कि प्रत्येक कोरिया वासी स्थानीय स्तर के उत्पाद लेकर गांव की नारी शक्ति के जीवन में आत्मनिर्भरता का नया रंग भर सकते हैं।
- -हर्बल गुलाल निर्माण से आत्मनिर्भर बनीं झाटीबिन की दीदियांरायपुर। कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झाटीबिन की महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के माध्यम से आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। वर्ष 2011 में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रारंभ इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के जरिए संगठित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।ग्राम झाटीबिन के शीतला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष सुशीला एवं सचिव सुमित्रा के नेतृत्व में 02 फरवरी 2020 से हर्बल गुलाल निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। समूह को बैंक लिंकेज के माध्यम से 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। अब तक समूह द्वारा 3,09,900 रुपये की लागत से हर्बल गुलाल का उत्पादन कर 5,20,300 रुपये की आय अर्जित की गई है, जिससे 2,10,400 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है।इस वर्ष में होली पर्व को ध्यान में रखते हुए समूह की महिलाओं ने 72,750 रुपये की लागत से लगभग 5 क्विंटल हर्बल गुलाल तैयार किया है। प्राकृतिक पुष्पों एवं वनस्पतियों से निर्मित यह गुलाल रसायनमुक्त, त्वचा के लिए सुरक्षित तथा पर्यावरण के अनुकूल है। रासायनिक रंगों की तुलना में हर्बल गुलाल से त्वचा एलर्जी, जलन या आंखों को नुकसान की संभावना कम रहती है। साथ ही यह मिट्टी और जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करता, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।सामान्य गृहिणी से सफल उद्यमी बनने तक का यह सफर महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और सामूहिक प्रयास का परिणाम है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने उन्हें न केवल रोजगार उपलब्ध कराया है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम भी प्रदान किया है। इस होली अपनों के साथ हर्बल गुलाल से रंगों का उत्सव मनाएं और स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को अपनाकर महिला सशक्तिकरण को समर्थन दें।
- -खेल प्रेमियों के लिए 22 मार्च को 'बस्तर हेरिटेज मैराथन' का होगा आयोजनरायपुर । बस्तर की धरती अब बदलाव की एक नई पदचाप सुनने को तैयार है। रविवार 22 मार्च को आयोजित होने वाली 'बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026' न केवल खेल प्रेमियों के लिए एक मंच बनेगी, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की नई और सकारात्मक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का एक महा-अभियान भी साबित होगी। इसको लेकर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने इस गौरवशाली आयोजन में प्रदेशवासियों से इस मैराथन में अपनी अधिकतम सहभागिता की अपील की है।केंद्र सरकार के 'फिट इंडिया कैंपेन' के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना इस मैराथन का एक प्रमुख लक्ष्य है। प्रशासन का ध्येय है कि बस्तर को ऊर्जा, सकारात्मकता और अटूट एकजुटता के प्रतीक के रूप में राष्ट्रीय मानचित्र पर गौरवान्वित किया जाए। कलेक्टर ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे न केवल स्वयं इस दौड़ के लिए पंजीयन कराएं, बल्कि अपने आसपास के लोगों, मित्रों और परिजनों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जितनी बड़ी भागीदारी होगी, बस्तर की एकजुटता का संदेश उतना ही सशक्त होकर उभरेगा। जगदलपुर में आगामी 22 मार्च को होने वाली इस दौड़ का ध्येय वाक्य 'स्वस्थ बस्तर, शांतिपूर्ण बस्तर और सशक्त बस्तर' रखा गया है, जो यहाँ के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनने के लिए प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइटwww.bastarheritage.run पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विधि एवं विधायी तथा शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में तथा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक की विशेष उपस्थित में सम्पन्न हुई। बैठक में महाधिवक्ता श्री विवेक शर्मा, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी विभाग सुषमा सावंत, अधिवक्ता शैलेन्द्र दुबे, वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील ओटवानी, छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति के अन्य सदस्य सहित भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, वित्त तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। अधिवक्ताओं के हितों एवं कल्याण के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक बीमा, पेंशन, नए अधिवक्ताओं के मानदेय, चिकित्सा बीमा, अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु मृत्युदावा राशि का प्रावधान सहित छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण विधेयक के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रही हैं। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांव-गांव की महिलाएं अब आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और अपने परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।इसी क्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम धमनी की ‘वंदनी स्व सहायता समूह’ की 11 महिलाएं हर्बल गुलाल निर्माण के माध्यम से अपनी पहचान बना रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ योजना के मार्गदर्शन में समूह की दीदियां प्राकृतिक फूलों, हल्दी, चंदन और अन्य जैविक सामग्री से शुद्ध एवं त्वचा के लिए सुरक्षित हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं।होली पर्व को ध्यान में रखते हुए बाजारों में लगाए गए उनके स्टॉल पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। रासायनिक रंगों के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण उनके हर्बल गुलाल की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे समूह की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन शासन की योजनाओं से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन का अवसर मिला। आज वे न केवल स्वरोजगार कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।महिलाओं ने इस सकारात्मक परिवर्तन और जीवन में आए आत्मनिर्भरता के नए रंगों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं ने उनके जीवन में सचमुच खुशहाली और आत्मसम्मान के रंग भर दिए हैं।
- -कनबेरी में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में 21.35 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की रखी गई आधारशिलारायपुर । वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज कोरबा जिले के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से 21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। ग्राम कनबेरी में श्री अग्रसेन गौसेवा समिति के पास आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने की।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना से न केवल सड़क कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि दूरस्थ जनजातीय समुदायों के सामाजिक विकास, आर्थिक भागीदारी और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है। यह पहल पीवीटीजी समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि आज ग्राम में मुख्यमंत्री गौरव पथ का निर्माण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। इन सभी कार्यों से दूरस्थ क्षेत्र के आवागमन को अभूतपूर्व गति मिलेगी। सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण से वर्षा ऋतु में ग्रामीण अंचल का किसी भी प्रकार का संपर्क बाधित नहीं होगा।मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी योजनाएँ बनाते हैं, ताकि प्रत्येक हितग्राही तक अधिकतम लाभ पहुँच सके। यही कारण है कि आज प्रत्येक योजना का लाभ पात्र लोगों तक निर्बाध रूप से पहुँच रहा है।कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य सरकार समग्र और समान विकास की नीति पर कार्य कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से अब कोई भी क्षेत्र विकास से वंचित नहीं रहेगा।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के अंतर्गत कुल 21.35 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से आठ वृहद पुलों तथा सड़क निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 20.92 करोड़ रुपये की लागत से कई महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण शामिल है। ये पुल रामपुर विधानसभा के कोरबा विकासखण्ड के लेमरू-देवपहरी मार्ग, डोकरमना मेन रोड, बगबुड़ा रोड, बताती-बांसाखार मार्ग और पतरापाली-धानकछार मार्ग पर स्थित गौमुखी, चिंगराडांड, गड़गड़ा, कोटगसरा और पेंसारी नाला जैसे स्थलों पर निर्मित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पाली- तानाखार विधानसभा के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग से बहरीझरिया मार्ग के कोठीझुंझा नाला पर 278.72 लाख रुपये की लागत से एक वृहद पुल के निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के अंतर्गत कटघोरा विकासखण्ड में पंचराम घर से हीरालाल घर तक 500 मीटर लंबी सीसी सड़क और नाली निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिसकी स्वीकृत राशि 42.95 लाख रुपये निर्धारित है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर जिले के वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और अधिक सुगम होगा तथा विशेष रूप से वर्षा ऋतु में आने वाली संपर्क संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।कार्यक्रम में कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत सदस्य श्री विनोद यादव, जनपद सदस्य श्री अमृत लाल कंवर, सरपंच श्री शत्रुघन सिंह, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष श्री राजेंद्र अग्रवाल, श्री अग्रसेन गौसेवा समिति कोरबा के अध्यक्ष श्री जयंत अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर / जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज जिला जनसंपर्क कार्यालय के कन्टेंट राइटर श्री देवांश तिवारी ने बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना 'मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप' (CMGGF) के तहत भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर ने अपने विशेष दो वर्षीय एमबीए (पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस) कार्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्यक्रम सार्वजनिक नीति और शासन के क्षेत्र में भविष्य के कुशल नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों को प्रबंधकीय दक्षता और विश्लेषणात्मक क्षमता के साथ-साथ जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।इस विशिष्ट पाठ्यक्रम का संचालन आईआईएम रायपुर के प्रोफेसर गोपाल कुमार और प्रोफेसर शबना पी. के मार्गदर्शन में किया जाएगा, जो कार्यक्रम निदेशक के रूप में नियुक्त किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को न केवल आईआईएम रायपुर परिसर में विश्वस्तरीय कक्षाएं मिलेंगी, बल्कि छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से गहन फील्ड एक्सपोज़र भी दिया जाएगा। यह 'ब्लेंडेड' मॉडल सुनिश्चित करता है कि छात्र सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ शासन की जटिलताओं और व्यावहारिक चुनौतियों को भी बारीकी से समझ सकें।इस फेलोशिप की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्ण वित्तीय सहयोग है। राज्य सरकार चयनित सभी अभ्यर्थियों की संपूर्ण ट्यूशन फीस स्वयं वहन करेगी। इसके अतिरिक्त, नामांकित छात्रों को पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के दौरान ₹50,000 प्रतिमाह का आकर्षक वजीफा (Stipend) प्रदान किया जाएगा। सरकार की यह पहल राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त कर उन्हें सार्वजनिक सेवा और सुशासन के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने की एक सुदृढ़ प्रतिबद्धता है।पात्रता और आवेदन प्रक्रिया:कार्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। शैक्षणिक योग्यता के तौर पर अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम 60% अंकों (आरक्षित वर्ग के लिए 55%) के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक के पास वर्ष 2023, 2024 या 2025 का वैध CAT स्कोरकार्ड होना आवश्यक है। सीटों का आवंटन छत्तीसगढ़ राज्य की प्रचलित आरक्षण नीति के अनुरूप किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित फेलोशिप और एमबीए कार्यक्रम के लिए 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी और आवेदन के लिए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट http://iimraipur.ac.in/mba-ppg/ पर लॉग-इन किया जा सकता है।
- -आप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत ज्ञान दान की दिशा में जनसहभागिता लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में पीएससी एकेडमी रायपुर के संचालक श्री राकेश साव ने प्रचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास, मध्यकालीन छत्तीसगढ़ का इतिहास, भारत का संविधान, सीजीपीएससी प्रैक्टिस पेपर से संबंधित 50 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान की।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की प्रशंसा करते हुए प्रमाण पत्र एवं प्रेरक पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत अब तक 8000 से अधिक पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान की जा चुकी हैं। जिनका लाभ जिले के अनेक विद्यार्थियों को मिल रहा है। यह अभियान केवल पुस्तक दान तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को संवारने और उनके भविष्य निर्माण का संकल्प है।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने हेतु इच्छुक नागरिक फोन के माध्यम से श्री प्रभात सक्सेना 94060 49000 एवं श्री केदार पटेल 94255 02970 पर संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन एवं जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -कलेक्टर के मार्गदर्शन में बना हीट स्ट्रोक रूम, विशेष बाथटब और आइस मेकिंग मशीन की व्यवस्था, नागरिकों को बचाव उपाय अपनाने की सलाहरायपुर । शहर में संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने हीट स्ट्रोक ने निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ज़िला चिकित्सालय, पंडरी में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत और प्रभावी उपचार मिल सके।अस्पताल परिसर में विशेष रूप से “हीट स्ट्रोक रूम” स्थापित किया गया है, जहां अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। मरीजों के शरीर का तापमान तेजी से कम करने के लिए दो विशेष बाथटब लगाए गए हैं, जिनमें ठंडे पानी और बर्फ की सहायता से इमर्शन कूलिंग की जा सकेगी। इसके साथ ही बर्फ की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आइस मेकिंग मशीन भी स्थापित की गई है, ताकि गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल ठंडा उपचार दिया जा सके। चिकित्सा स्टाफ को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए समय-समय पर पानी पीते रहें, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें तथा तेज और सीधी धूप से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी गई है। बंद कार में किसी व्यक्ति या जीव को न छोड़ें और नंगे पैर गर्म सतह पर चलने से बचें। चिकित्सकों के अनुसार हीट स्ट्रोक के लक्षणों में त्वचा का गर्म, लाल और सूखा हो जाना, जी मचलना और उल्टी होना, शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच जाना, सांस का फूलना और तेज धड़कन, घबराहट, सिर चकराना तथा बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना चाहिए। आपात स्थिति में कंट्रोल रूम नंबर 0771-3519250 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
- -मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल, कलेक्टर ने अंगदान संकल्प लेने वाले कर्मचारी को किया सम्मानितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के तहत मानवता और जनसेवा की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए बैरन बाजार स्थित जिला वेटनरी हॉस्पिटल में पदस्थ पशु चिकित्सक डॉ. किरण चौधरी ने अंगदान का संकल्प लेकर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिले में संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत उन्होंने अंगदान के लिए पंजीयन कर जन जागरूकता का संदेश दिया।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सम्मान पत्र प्रदान कर उनके इस पुनीत कार्य की सराहना की तथा कहा कि अंगदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है।श्रीमती चौधरी ने अपने संकल्प के बारे में कहा कि "मुझे बड़ी खुशी है कि मैं इस पुनीत कार्य का हिस्सा बनी, मेरे जाने के बाद किसी और को स्वस्थ जीवन मिल सकेगा।" उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 90 से अधिक लोगों ने अंग एवं संपूर्ण शरीर दान का संकल्प लिया है, जिससे समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस पुनीत कार्य से जुड़कर अंगदान का संकल्प लें। अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु 9406049000 संपर्क नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, संयुक्त संचालक पशु स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. शंकरलाल उइके तथा लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के नव पदस्थ सदस्य श्री राजीव श्रीवास्तव ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री राजीव श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण की वर्तमान गतिविधियों, कार्यप्रणाली तथा भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करते हुए आमजन का विश्वास बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।
- -प्राकृतिक रंगो से बने गुलाल को मिल रहा अच्छा प्रतिसादबिलासपुर /होली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए बिहान से जुड़ी स्व सहायता समूह की दीदियों ने जिला पंचायत कार्यालय के सामने हर्बल गुलाल का विशेष स्टॉल लगाया है। इस पहल को आम नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। प्राकृतिक रंगों से तैयार यह गुलाल न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि त्वचा के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है। समूह की दीदियों ने महिलाओं के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं व छत्तीसगढ़ बजट में महिला समूहों के लिए किए गए प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।समूह की दीदी श्रीमती सीमा तिवारी और श्रीमती रिंकी श्रीवास ने बताया कि यह हर्बल गुलाल चकरभाठा क्षेत्र की राधा कृष्ण स्व सहायता समूह द्वारा तैयार किया गया है। गुलाल बनाने में अरारोट का उपयोग आधार सामग्री के रूप में किया गया है और इसमें ऐसे प्राकृतिक रंग मिलाए गए हैं, जो त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते। रासायनिक रंगों से होने वाली एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याओं को देखते हुए इस बार लोगों में हर्बल गुलाल के प्रति विशेष उत्साह देखा जा रहा है। लोग अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर्बल गुलाल खरीदना पसंद कर रहे हैं। रंगों की गुणवत्ता, मुलायम बनावट और किफायती दाम के कारण ग्राहकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। दीदियों के अनुसार, यह स्टॉल 3 मार्च को भी जिला पंचायत कार्यालय के सामने लगाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग सुरक्षित और प्राकृतिक गुलाल खरीद सकें।दीदियों ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। समूह के माध्यम से शासन की ओर से मिलने वाली ऋण राशि से ग्रामीण महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक निर्भरता हासिल कर रही है। त्योहारों के समय ऐसे उत्पाद तैयार कर वे अतिरिक्त आय कमा रही हैं। साथ ही लोगों को हर्बल गुलाल का सुरक्षित विकल्प उपलब्ध करा रही हैं। महिला समूह की सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं तथा हाल ही में छत्तीसगढ़ के बजट में महिला स्व सहायता समूहों के लिए किए गए विशेष प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार भी जताया।
- दंतेवाड़ा । समग्र शिक्षा, जिला दंतेवाड़ा द्वारा राज्य परियोजना कार्यालय रायपुर के निर्देशानुसार वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2025-26 में प्राप्त स्वीकृति के आधार पर तथा कलेक्टर दंतेवाड़ा के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन जिला अधिकारी के मार्गदर्शन में समावेशी शिक्षा अंतर्गत दिव्यांग बच्चों से संबंधित तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गीदम स्थित सक्षम बालक आवासीय विद्यालय, जावंगा में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय स्तर पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समावेशी, सहयोगात्मक एवं अनुकूल शिक्षण वातावरण विकसित करना था, ताकि प्रत्येक बच्चा अपनी क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।प्रशिक्षण के प्रथम दिवस जिले की चिन्हांकित 55 शालाओं के प्रधानाध्यापकों ने सहभागिता की। इस दौरान समावेशी शिक्षा की नीतियों, विद्यालय स्तर पर संसाधन प्रबंधन, व्यक्तिगत शैक्षणिक योजना निर्माण तथा शाला विकास योजना में दिव्यांग बच्चों के समावेश पर विस्तृत चर्चा की गई।द्वितीय दिवस 55 शालाओं के शिक्षकों को विशेष शिक्षण पद्धतियों, सहायक शिक्षण सामग्री के प्रभावी उपयोग, कक्षा में व्यवहार प्रबंधन, लर्निंग आउटकम आधारित शिक्षण तथा विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं की पहचान एवं सहयोगात्मक रणनीतियों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। तृतीय दिवस अभिभावकों एवं पालकों के लिए आयोजित सत्र में दिव्यांग बच्चों के अधिकार, घर-विद्यालय समन्वय, नियमित उपस्थिति, पुनर्वास सेवाओं तथा सहायक उपकरणों के उपयोग के महत्व पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद सिंह ठाकुर का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। समावेशी शिक्षा शाखा के सहायक परियोजना समन्वयक सुरजीत सिंह एवं सहायक परियोजना समन्वयक (वित्त) राजेन्द्र पांडेय की सक्रिय सहभागिता रही। विषय विशेषज्ञ के रूप में बीआरपी विजय रजक, श्रीमती पूनम सिंह, श्रीमती अनुमेहा तिवारी, नारायण साहू, रामचंद्र साहू, रजत मनहर एवं अनिल मनहर द्वारा व्यवहारिक एवं विषय आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने तथा दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
- दंतेवाड़ा । शासकीय महेंद्र कर्मा कन्या महाविद्यालय में विगत दिवस वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण ज्ञान और उत्साह से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्रीमती सरिता उईके उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री गुप्त कैलाश मिश्रा एवं श्री प्रशांत अग्रवाल ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. विवेक शर्मा द्वारा की गई।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. विवेक शर्मा ने छात्राओं को समय के महत्व को समझाते हुए आगामी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुव्यवस्थित अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि श्रीमती सरिता उईके ने छात्राओं को शिक्षा, संस्कार एवं आत्मनिर्भरता के महत्व से अवगत कराते हुए उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथियों ने भी छात्राओं की प्रतिभा, अनुशासन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के संयोजक श्री विश्वंत कुमार रहे, जबकि मंच संचालन श्रीमती नियति अग्रवाल एवं झरना साहू द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया। वार्षिकोत्सव के अंतर्गत छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें नृत्य, गीत, नाटक एवं लोक कला की मनमोहक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। विगत दिवस को आयोजित खेल प्रतियोगिता एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय परिवार, प्राध्यापकगण एवं छात्राओं का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र कुमार साहू, श्रीमती अर्चना झा, डॉ. सत्यव्रत त्रिपाठी, श्री राहुल गारखेडे, डॉ. सुभाष सोनी सहित अन्य स्टाफ सदस्य एवं समस्त छात्राएँ उपस्थित रहीं। अंत में आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह वार्षिकोत्सव छात्राओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं स्मरणीय रहा।
- -सोनी वर्मा को मिली 1.82 लाख अंतर राशि, तो रामप्रसाद के लिए बना होली यादगार त्यौहार-रंगों के साथ खुशहाली-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को दी बड़ी सौगातरायपुर ।किसानों को समृद्धि का उपहार-कृषक उन्नति योजना से खातों में पहुंची अंतर राशि कबीरधाम जिले के किसानों के लिए इस बार की होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि समृद्धि का त्यौहार बनकर आई है। कृषक उन्नति योजना के जरिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसानों के खातों में धान की अंतर राशि भेजकर उनके त्योहार को खास बना दिया है। जैसे ही किसानों के मोबाइल पर राशि जमा होने का मैसेज आया, गांवों में खुशियां छा गई। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह रही कि पैसा सीधे बैंक खाते में पहुंचा, जिससे किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े।ग्राम नवडीह के किसान श्री सोनी कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष लगभग 250 क्विंटल धान बेचा है। होली से पहले उनके खाते में 1 लाख 82 हजार रुपए की अंतर राशि जमा हुई है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि एकमुश्त राशि मिलने से उनकी होली और भी अच्छी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस पैसे का उपयोग वे गन्ना की खेती के लिए बेहतर किस्म के बीज मंगाने में करेंगे, जिससे आने वाले समय में उनकी फसल और अच्छी होगी।इसी तरह कबीरधाम जिले के ग्राम बानों के किसान रामप्रसाद पाली ने भी योजना के तहत राशि मिलने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जैसे ही मोबाइल पर राशि जमा होने का संदेश मिला, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। होली जैसे बड़े त्यौहार से पहले यह आर्थिक सहयोग उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। रामप्रसाद पाली ने बताया कि इस राशि से वे खेती के जरूरी काम पूरे करेंगे और परिवार की जरूरतें भी पूरी कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि योजना का पैसा सीधे खाते में आने से उन्हें किसी प्रकार की भागदौड़ नहीं करनी पड़ी। इससे किसानों का सरकार पर विश्वास और मजबूत हुआ है। कृषक उन्नति योजना ने न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है, बल्कि त्यौहार के मौके पर उनके जीवन में नई खुशियां भी भर दी हैं।
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-राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर दिया बल
-राज्यपाल रमेन डेका ने रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ कियारायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स रायपुर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स एक विश्वसनीय संस्थान रहा है। जब हम सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थानों की बात करते हैं एम्स का नाम सबसे ऊपर होता है। यह गर्व का विषय है कि भारत के सभी राज्यों में एम्स की स्थापना हो चुकी है। एम्स रायपुर में इलाज हेतु आए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस लिहाज से इस संस्थान को और बड़ी जगह की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं राज्य शासन को यह सलाह दूंगा कि नवा रायपुर में एम्स की स्थापना के लिए भूमि आबंटित करें, ताकि बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिल सकें।राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर बल दिया, ताकि हृदय रोगियों को अपने ही प्रदेश में बेहतर इलाज मिल सकें और उन्हें प्रदेश के बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अथवा एम्स में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसीलिटी की स्थापना की जा सकती है।श्री डेका ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की बढ़ोतरी के कारण प्रदेश में मृत्यु दर में आशानुकूल कमी आई है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है ताकि हम वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बना सकें। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने होंगे, चाहे वह चिकित्सा का क्षेत्र हो, इंजीनियरिंग का क्षेत्र हो या अंतरिक्ष विज्ञान। श्री डेका ने डॉक्टरों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आप सभी ऐसे नोबेल प्रोफेशन में हैं जो सीधे लोगों की भलाई से जुड़ा हुआ है। आज भी समाज का एक बड़ा तबका डॉक्टरों को भगवान मानता है। देश के बाहर भी भारतीय डॉक्टरों का नाम सम्मान से लिया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारे सुप्रशिक्षित और समर्पित डॉक्टर हैं। हमारे भारतीय डॉॅक्टर हमेशा मरीजों के बेहतर इलाज को प्राथमिकता देते है जो उनकी सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने अपनी माता जी का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब मेरी माता जी बीमार रहा करती थीं जब का मेरा अनुभव है कि डॉक्टरों को देखते ही उनकी आधी परेशानी खत्म हो जाती थी। यह डॉक्टरों पर आम लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।श्री डेका ने इस अवसर पर भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नये प्रतिमान स्थापित करता रहें और निरंतर मरीजों की सेवा में तत्परता से जुटा रहे ऐसी मेरी कामना है। इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे। - रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा गरियाबंद जिले की दो सिंचाई योजना के लिए 5 करोड़ 67 लाख 15 हजार रुपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-छुरा की नागझर व्यपवर्तन के शीर्ष कार्य मरम्मत एवं मुख्य नहरों का रिमॉडलिंग एवं सीमेंट कांक्रीट लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 86 लाख 11 हजार रुपए स्वीकृत किए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 61 हेक्टेयर के विरूद्ध 46 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह से विकासखण्ड-मैनपुर की फुलझर जलाशय का शीर्ष कार्य का जीर्णोद्धार एवं मुख्य नहर एवं शाखा नहरों का जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 81 लाख 4 हजार रूपए स्वीकृत किए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 158 हेक्टेयर के विरूद्ध 68 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा बचत जल से 10.99 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सहित कुल 168.99 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज रेडक्रॉस सोसायटी के संरक्षक के रूप में सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने संरक्षक सदस्य के रूप में आज कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को 25 हज़ार रुपये का चेक प्रदान किया। इस दौरान राज्यपाल ने रेडक्रॉस की वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश चौधरी भी मौजूद रहे।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज धोन्धा प्रतापपुर में बहुप्रतीक्षित कृषि महाविद्यालय का विधिवत भूमि पूजन संपन्न किया। उनके द्वारा आज 889.53 लाख राशि से निर्मित होने वाले कृषि महाविद्यालय भवन प्रतापपुर (धोन्धा) व 602.10 लाख से निर्मित होने वाले बालक एवं कन्या छात्रावास भवन प्रतापपुर (धोन्धा) का भूमि पूजन किया गया।इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल सिंह पैंकरा, जिला पंचायत सदस्य श्री लवकेश पैंकरा, क्षेत्र के किसान, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।भूमि पूजन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह दिन धोंधा प्रतापपुर और संपूर्ण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि पर कृषि महाविद्यालय की स्थापना से किसान बंधुओं की आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्च कृषि शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस महाविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती के तरीके और कृषि विज्ञान की उच्चस्तरीय शिक्षा अब उनके अपने गृह जिले में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जाएगा।इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि महाविद्यालय की स्थापना उनके क्षेत्र के लिए एक स्वप्न के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के लिए प्रयास आज सफल हुआ है जिसमें कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने ग्रामवासियों एवं किसान बंधुओं से कहा कि अब उनके बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। विधायक श्रीमती पोर्ते ने यह भी कहा कि यह महाविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के कृषि विकास और युवाओं के उज्जवल भविष्य की नींव भी रखेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।इस कृषि महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को कृषि विज्ञान, उद्यानिकी, पशुपालन और ग्रामीण प्रबंधन जैसे विषयों में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। अब दूरदराज के ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
- उल्लंघनकारी उद्योगों पर पखवाड़े भर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की कड़ी कार्रवाई9.22 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपितउल्लंघनकारी उद्योगों पर पखवाड़े भर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की कड़ी कार्रवाईरायपुर/ छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा क्षेत्रांतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की नियमित एवं सतत निगरानी की जा रही है। 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 की अवधि में किए गए नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षणों के दौरान विभिन्न उद्योगों में वायु एवं जल प्रदूषण संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मंडल द्वारा कड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मंडल द्वारा 15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाईग्राम चरौदा, तहसील एवं जिला रायपुर स्थित स्पंज आयरन उद्योग मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।मेटल पार्क, रावांभाठा में 11 इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जिनमें मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 09 स्लैग क्रशर, 01 बाइंडिंग वायर इकाई एवं 01 स्टील फर्नीचर इकाई बिना मंडल की वैध सम्मति एवं प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। इन कुल 11 इकाईयों के विरुद्ध वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) एवं जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।सिलतरा एवं उरला क्षेत्र में भी कार्रवाईसिलतरा स्थित इण्डक्शन फर्नेस उद्योग मे० एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर 19 फरवरी 2026 को उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार उरला-गोंदवारा स्थित इण्डक्शन फर्नेस एवं सीसीएम उद्योग मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में वायु प्रदूषण पाए जाने पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्तिछत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा कार्रवाई के अतिरिक्त निमयों का उल्लंघन अवधि के लिए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपण की भी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में कुल 03 उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 रूपए की क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया गया है कि जब तक वे पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण निरंतर जारी रहेगी तथा किसी भी उद्योग से प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल निस्सारण पाए जाने पर वायु एवं जल अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।


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