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- -3 किलोवाट सोलर प्लांट से हर महीने बिजली बिल लगभग शून्य, केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी से मिला बड़ा लाभरायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वच्छ एवं सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए संचालित ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी परिवार अपनी छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर न केवल अपनी बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं, बल्कि बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय कमी ला रहे हैं।गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत भदौरा निवासी श्री शुभम राठौर ने इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया है और अब उन्होंने सौर ऊर्जा को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया है। सोलर प्लांट लगने से पहले उन्हें हर महीने लगभग 400 से 500 रुपये तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली खर्च लगभग समाप्त हो गया है।योजना के अंतर्गत श्री राठौर को केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई, वहीं राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की गई। इस सहायता से सोलर प्लांट की स्थापना उनके लिए आर्थिक रूप से काफी आसान हो गई।श्री शुभम राठौर बताते हैं कि अब उन्हें बिजली बिल की कोई चिंता नहीं रहती, क्योंकि घर की आवश्यक बिजली स्वयं उनकी छत पर तैयार हो रही है। सोलर प्लांट से आवश्यकता से अधिक उत्पन्न बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिसका समायोजन बिजली बिल में किया जाता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है।इस पहल से श्री राठौर का परिवार न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है, बल्कि वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनकी यह सफलता इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर आम परिवार भी आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं।
- -केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू होंगे मुख्य अतिथि, प्रदेश के पांचों संभागों से 540 खिलाड़ी होंगे शामिलरायपुर। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ मंगलवार 18 अगस्त को प्रातः 10.30 बजे फिजिकल कॉलेज खेल मैदान, पेण्ड्रा में होगा। चार दिवसीय यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 18 से 21 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों से 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 540 खिलाड़ी विभिन्न खेल विधाओं में अपनी खेल प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री तोखन साहू होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची करेंगे। कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत एवं कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।प्रतियोगिता के अंतर्गत जिम्नास्टिक बालक एवं बालिका, क्रिकेट बालक, ताईक्वांडो बालक एवं बालिका तथा कबड्डी बालिका वर्ग की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले युवा खिलाड़ी इन स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में अपने खेल कौशल को निखारने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण मंच मिलेगा।आयोजन को लेकर जिले में व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। चार दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता से जिले में खेलमय वातावरण निर्मित होगा तथा प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बीच सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति इस साल बेहतर है। जल संसाधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 17 अगस्त 2026 की स्थिति में राज्य के 12 प्रमुख और 34 मध्यम जलाशयों को मिलाकर कुल 46 जलाशयों में उनकी कुल क्षमता का 87.67 प्रतिशत पानी मौजूद है। जलाशयों की कुल लाइव क्षमता 6360.23 मिलियन घन मीटर (एमसीएम) है, जबकि वर्तमान में इनमें 5575.92 एमसीएम पानी भरा हुआ है।खास बात यह है कि 17 अगस्त की स्थिति में इस साल जलाशयों में पानी का स्तर पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर है। वर्ष 2025 में इन्हीं जलाशयों में क्षमता का 75.63 प्रतिशत पानी था, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 81.23 प्रतिशत था। इस तरह 2026 में जलभराव 2025 के मुकाबले 12.04 प्रतिशत अंक और 2024 के मुकाबले 6.44 प्रतिशत अंक अधिक है।राज्य के 12 प्रमुख जलाशयों की कुल लाइव क्षमता 5355.709 एमसीएम है। इनमें वर्तमान में 4802.835 एमसीएम पानी है, जो 89.68 प्रतिशत है। वर्ष 2025 में इसी तारीख को प्रमुख जलाशयों में 81.15 प्रतिशत और 2024 में 75.86 प्रतिशत जलभराव था। यानी प्रमुख जलाशयों की स्थिति भी दोनों पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है।कई जलाशयों में पानी उनकी लाइव क्षमता के लगभग बराबर पहुंच चुका है। प्रमुख जलाशयों में खारंग और मनियारी जलाशय 100 प्रतिशत, जबकि कोडार 99.26 प्रतिशत और मुरुमसिल्ली 89.42 प्रतिशत भरा हुआ है। मिनीमाता बांगो में 94.13 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 85.63 प्रतिशत और सोंडूर में 89.59 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।मध्यम जलाशयों में भी कई जलाशय लगभग लबालब हैं। कोसारटेडा 99.80 प्रतिशत, घोंघा 100 प्रतिशत, झुमका 100 प्रतिशत, केदार नाला 99.98 प्रतिशत और पुतका नाला 100 प्रतिशत भरा हुआ है। वहीं सुतियापाट में 93.66 प्रतिशत और खपरी जलाशय में 85.19 प्रतिशत जलभराव है।आंकड़ों पर नजर डालें तो 17 अगस्त 2026 को 46 प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों में कुल 5575.92 एमसीएम पानी है। 2025 में इसी तारीख को यह मात्रा 4810.07 एमसीएम थी। यानी इस साल करीब 765.85 एमसीएम अधिक पानी है। वहीं 2024 में 17 अगस्त की स्थिति में 5166.10 एमसीएम जलभराव था। इसके मुकाबले इस साल 409.82 एमसीएम अधिक पानी उपलब्ध है।
- -विद्यार्थियों ने जाना स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास, ‘वंदे मातरम्’ की गौरवगाथा और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा-ऐतिहासिक विरासत से आधुनिक विकास तक की तस्वीरें बनीं आकर्षण का केंद्ररायपुर / राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आज भी विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साह के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा राज्य की विकास और सुशासन यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।प्रदर्शनी में एआई तकनीक से विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव लोगों के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। इस पहल के माध्यम से आगंतुक छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यटन विरासत के इस संगम को लेकर बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।इसके साथ ही प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ से संबंधित क्विज कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें आगंतुक छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति, परंपरा, पर्यटन और विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं से जुड़े प्रश्नों में भाग लेकर अपने ज्ञान का आकलन कर सकते हैं। क्विज के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को छत्तीसगढ़ के बारे में अधिक जानने और अपनी जानकारी परखने का अवसर मिल रहा है। विद्यार्थियों और युवाओं में इस ज्ञानवर्धक गतिविधि को लेकर विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और महत्वपूर्ण प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान को विशेष स्थान दिया गया है। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।प्रदर्शनी देखने पहुंचे विद्यार्थियों ने छायाचित्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को उत्सुकता के साथ देखा। उन्होंने कहा कि पुस्तकों में पढ़े गए स्वतंत्रता संग्राम के प्रसंगों को वास्तविक छायाचित्रों और ऐतिहासिक सामग्री के माध्यम से देखना एक अलग और प्रेरणादायी अनुभव है। इससे उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को करीब से समझने का अवसर मिला।प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।इस खंड के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रगीत की भूमिका तथा देशवासियों में राष्ट्रभावना जागृत करने वाले इसके प्रभाव से परिचित कराया जा रहा है। विद्यार्थियों ने इस खंड में विशेष रुचि दिखाई और इसे देश के स्वतंत्रता संघर्ष तथा राष्ट्रभावना को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा के साथ छत्तीसगढ़ की वर्तमान विकास यात्रा को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को छायाचित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है। महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के सशक्तिकरण से जुड़ी उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है।प्रदर्शनी में सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा एवं अधोसंरचना विस्तार सहित राज्य की विकास यात्रा को भी छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों से जुड़ी उपलब्धियों की झलक भी यहां देखने को मिल रही है।इस प्रकार प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से लेकर वर्तमान छत्तीसगढ़ के विकास तक की यात्रा को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। अतीत की गौरवगाथा और वर्तमान की विकास यात्रा का यह संयोजन आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।प्रदर्शनी देखने पहुंचे विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अपने अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने प्रदर्शनी को सुंदर, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया, विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। ऐसे आयोजन देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के बारे में नई पीढ़ी को बेहतर जानकारी देने में उपयोगी है। ऐसे आयोजनों को भविष्य में भी जारी रखने का सुझाव दिया गया ।विद्यार्थियों ने कहा कि प्रदर्शनी में एक ओर स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जानने का अवसर मिला, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के वर्तमान विकास और पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित होने का अनुभव प्राप्त हुआ। शिक्षकों ने भी इसे विद्यार्थियों में देशभक्ति, इतिहास के प्रति रुचि और अपनी विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करने वाला उपयोगी प्रयास बताया।प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इसके माध्यम से आगंतुकों को राज्य में हुए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं के प्रभाव को दृश्य माध्यम से समझने का अवसर मिल रहा है।कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा, छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का योगदान, राज्य की विकास यात्रा, एआई तकनीक से पर्यटन एवं विरासत का अभिनव अनुभव तथा छत्तीसगढ़ से संबंधित ज्ञानवर्धक क्विज—सभी को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
- - छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज में राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण- डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को ई-आफिस के क्रियान्वयन के लिए मिला रनिंग शील्डरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के चेयरमेन श्री सुबोध कुमार सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बिजलीकर्मियों को मैडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसमें आंधी-बारिश, बाढ़ एवं अन्य आपात परिस्थितियों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया, वहीं कंपनी को संभावित क्षतिपूर्ति एवं आर्थिक पेनल्टी से बचाने की पहल करने वालों से लेकर विद्युत उपकेंद्रों में महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य समय पर पूर्ण करने वाले तक को पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही ई-आफिस के क्रियान्वयन के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री राजेंद्र प्रसाद को टीम अवार्ड के रूप में रनिंग ट्रॉफी प्रदान किया गया।पावर कंपनीज के मुख्यालय डंगनिया में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले राज्य एवं केंद्रीय कार्यालय स्तर के 12 अधिकारी-कर्मचारियों को अध्यक्ष श्री सिंह (आईएएस) ने नगद पुरस्कार, पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक (जनरेशन) श्री एस.के. कटियार, प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री राजेश कुमार शुक्ला तथा प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीमसिंह कंवर उपस्थित थे। ट्रांसमिशन कंपनी की मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्रीमती रश्मि वर्मा ने पुरस्कृत अधिकारी-कर्मचारियों के कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।राज्य कार्यालय स्तर पर जनरेशन कंपनी से मड़वा के अधीक्षण अभियंता श्री चिंतामणि तिवारी को कंपनी को राखड़ निष्पादन का लक्ष्य 13 प्रतिशत अधिक करने पूरा करने के लिये सम्मानित किया गया। कोरबा पश्चिम के सहायक अभियंता श्री अंकित कुमार जैन को पावर प्लांट के टरबाइन की बेयरिंग स्पीड शून्य होने की गंभीर तकनीकी समस्या का दो घंटे के भीतर त्वरित समाधान करने के लिए मेडल दिया गया।इसी तरह ट्रांसमिशन कंपनी से भिलाई के परिचारक श्रेणी-दो (लाइन) श्री उनकेश्वर प्रसाद साहू को भीषण आंधी-तूफान से 220 केवी खेदामारा-ठेलकाडीह सर्किट के टावरों में फेल सस्पेंशन हार्डवेयर तथा कंडक्टर के सुधार कार्य करने के लिए पदक देकर सम्मानित किया गया। साथ ही भिलाई के ही वरिष्ठ पर्यवेक्षक श्री गणेश राम गजेन्द्र को 220/132/33 केवी उपकेंद्रों में ट्रांसफार्मर, फीडर कंट्रोल एवं रिले पैनलों के परीक्षण एवं स्थापना कार्य निर्धारित समय में पूर्ण करने के लिए पुरस्कृत किया गया।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से रायपुर के कनिष्ठ अभियंता श्री अनिल कुमार वर्मा को राजस्व वसूली एवं विद्युत विच्छेदन कार्यों के प्रभावी प्रबंधन तथा जगदलपुर के लाइन सहायक श्रेणी-दो श्री देवेन्द्र भण्डारी को बाढ़, आगजनी एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्यवाही कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए पुरस्कृत किया गया।इसी तरह केंद्रीय कार्यालय स्तर पर छह कर्मियों को सम्मानित किया गया। इसमें जनरेशन कंपनी की स्टाफ ऑफिसर श्रीमती वंदना शिलारे, सहायक अभियंता श्रीमती ज्योति माला साहू, ट्रांसमिशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री करूणेश कुमार यादव, कार्यालय सहायक श्रेणी-एक श्रीमती टी. अनिता, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से अधीक्षण अभियंता श्री एन बिम्बिसार तथा प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) श्री नवीन खंडेलवाल को उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। साथ ही गोपनीय चरित्रावली के ऑनलाइन क्रियान्वयन के लिए डीजीएम श्री पंकज सिंह परमार, श्रीमती मल्लिका बेक, अधीक्षण अभियंता श्री पंकज चौधरी, कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्राची अग्रवाल सिन्हा, कार्यपालन अभियंता श्रीमती कृतिमा पांडेय मिश्रा, सहायक प्रबंधक सुश्री मीनल पांडेय, सहायक अभियंता श्री ओमकार चंद्राकर एवं सहायक अभियंता श्री रजनीश चौबे को प्रबंध निदेशकों ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल ने किया।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के को भाजपा सोशल मीडिया राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने पर शुभकामनाएं प्रेषित की है।
- -राखी त्यौहार को लेकर तैयार हैं लोकल उत्पादरायपुर । राखी त्यौहार को लेकर तैयार हैं लोकल उत्पादभाई बहन के प्रेम और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक रक्षा बंधन का त्यौहार अब आने को है। इसे लेकर स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने बड़ी संख्या में लोकल उत्पाद तैयार किए हैं और यह कोरिया वासियों के लिए बाजार में भी उपलब्ध हैं। रक्षाबंधन पर्व को लेकर ब्लॉक बैकुंठपुर की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मझगंवा की प्रगति महिला समूह एवं ग्राम पंचायत आमगांव की बजरंग महिला समूह की दीदियों द्वारा अपने हुनर और रचनात्मकता से आकर्षक एवं डिजाइनर राखियां तैयार की जा रही हैं। दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद मुख्यालय बैकुंठपुर के स्थानीय बाजार में विक्रय हेतु उपलब्ध है।स्व सहायता महिला समूहों की दीदियां धान, चावल, स्टोन ,रेसीन जैसी सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर एवं आकर्षक राखियां बना रही हैं। इन राखियों में ग्रामीण संस्कृति के साथ स्थानीय संसाधनों और महिलाओं की कला-कौशल का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है। जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेंद्र श्रीवास ने बताया कि राखियों को तैयार करने का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि करना और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। समूह की दीदियां पूरे उत्साह के साथ अपने उत्पाद बना रही है और इन्हें बाजार में आकर्षक दर में उपलब्ध कराया जाएगा।वोकल फॉर लोकलप्रत्येक उत्पाद यदि स्थानीय स्तर पर तैयार हो रहा है तो हम सभी को उसके उपयोग के लिए आगे आना है। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अपील की है कि प्रत्येक कोरियावासी महिला समूहों की दीदियों द्वारा बनाई गई राखियां खरीद कर स्थानीय महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन में मदद करें।
- रायपुर / विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी - जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 20 अगस्त, 2026 को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में योजना से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को योजना के प्रावधानों, अधिकारों, लाभों एवं अनुमेय कार्यों की जानकारी देने के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के अंतर्गत लिए जाने वाले कार्यों का ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त को पत्रकार वार्ता में कहा था कि वीबी - जीरामजी के अंतर्गत सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति से किया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा एवं वीबी - जीरामजी के माध्यम से राज्य को लगभग 6 हजार 855 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार एवं विकास कार्यों के लिए राज्य में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है। योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 5,591.42 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट रखा गया है तथा प्रथम किस्त के रूप में भारत सरकार से 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान का भी शुभारंभ किया है। 15 अगस्त, 2026 से 26 जनवरी, 2027 तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों सहित योजना के अंतर्गत अन्य विकास कार्यों का चयन एवं अनुमोदन ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की सहभागिता एवं स्वीकृति के आधार पर किया जाएगा।20 अगस्त की ग्राम सभाओं में ग्राम की स्थानीय आवश्यकता, उपलब्ध संसाधनों तथा ग्रामीणों की मांग के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में वीबी - जीरामजी के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों पर चर्चा की जाएगी। प्रस्तावित कार्यों को ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा और अनुमोदन के पश्चात उन्हें नियमानुसार स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के अनुमेय कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। इनमें 107 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, 90 ग्रामीण अधोसंरचना, 86 आजीविका संवर्धन तथा 35 जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्य शामिल हैं। ग्राम सभा में स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों में से प्राथमिकता वाले कार्यों का चयन किया जा सकेगा।जल संरक्षण के अंतर्गत तालाब, चेकडैम, रिचार्ज संरचनाएं, सिंचाई विस्तार, भू-जल एवं मृदा संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण अधोसंरचना के अंतर्गत सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, स्कूल कक्ष, ग्रामीण पुस्तकालय, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मुक्तिधाम आदि कार्य किए जा सकेंगे। इसी प्रकार आजीविका संवर्धन तथा जलवायु अनुकूलन से जुड़े कार्य भी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार लिए जाएंगे।20 अगस्त की ग्राम सभा में विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी। 2 अक्टूबर, 2026 से ग्राम सभा एवं स्थानीय समुदाय की अनुशंसाओं और सहभागिता के आधार पर वीजीपीपी तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। यह योजना ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के अनुरूप तैयार की जाएगी। 20 अगस्त की ग्राम सभा में ग्रामीणों से गांव की आवश्यकताओं, प्राथमिकताओं एवं संभावित विकास कार्यों के संबंध में सुझाव प्राप्त किए जाएंगे, ताकि 2 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली वीजीपीपी निर्माण प्रक्रिया में इन सुझावों एवं ग्राम सभा की अनुशंसाओं का प्रभावी उपयोग किया जा सके।वीबी - जीरामजी के अंतर्गत राज्य को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का प्रभावी एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभाओं में अनुमोदित कार्यों को शीघ्रता से स्वीकृति प्रदान कर क्रियान्वयन की प्रक्रिया में लाने पर जोर दिया जाएगा। रोजगार की मांग के अनुसार श्रमिकों को समय पर कार्य उपलब्ध कराने, मजदूरी का समय पर भुगतान तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा है कि योजना के अंतर्गत कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान है। अतः उपलब्ध कार्य अवधि का प्रभावी उपयोग करते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्यों को समय पर प्रारंभ करना आवश्यक है। ग्राम पंचायतों से अपेक्षा की गई है कि 20 अगस्त की ग्राम सभाओं में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मांग एवं स्थानीय आवश्यकता के आधार पर अधिक से अधिक पात्र कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जाए। अनुमोदित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए आगे बढ़ाया जाए, ताकि योजना के अंतर्गत उपलब्ध बजट का अधिकतम एवं समयबद्ध उपयोग हो सके तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा सके।वीबी - जीरामजी का उद्देश्य केवल ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, स्वच्छता, शिक्षा, आजीविका तथा सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करते हुए विकसित एवं आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण करना है। ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, स्थानीय आवश्यकताओं की प्राथमिकता और बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
- -क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने स्वीकृत की राशि
-उप मुख्यमंत्री अरुण सावके अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृति का आदेश जारीरायपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जिला मुख्यालय कांकेर में जिला स्तरीय बहुउद्देश्यीय स्टेडियम के निर्माण के लिए 7 करोड़ 60 लाख 34 हजार रुपए मंजूर किए हैं। क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत कांकेर के सिंगारभाट स्टेडियम की चिन्हित भूमि में 4000 दर्शक क्षमता के बहुउद्देशीय स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा स्वीकृत राशि से 400 मीटर 8-लेन सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, मिनी जिम, महिला एवं पुरूष शौचालय, सीसी रोड, आरसीसी ड्रेन और ओपन स्टेज के निर्माण किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी। निर्माण कार्य की समयावधि में वृद्धि (Time Extension) नियमानुसार अर्थदंड सहित अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए हैं। - -विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा आम लोगों के लिए बना प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र-उद्घाटन के लगभग दस महीनों में 2.50 लाख से अधिक लोग कर चुके है भ्रमण-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रजत जयंती वर्ष पर 01 नवंबर 2025 को जनजातीय संग्रहालय का किया था लोकार्पणरायपुर ।नवा रायपुर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बने शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय अपने उद्देश्यों में सार्थक कर रहा है। संग्रहालय को देखने देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं, वहीं संग्रहालय विद्यार्थियों-शोधार्थियों सहित आम लोगों के लिए प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र बन रहा है।स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के साथ ही बड़ी संख्या में आमजन संग्रहालय को देखने पहुंच रहे हैं। उद्घाटन के बाद लगभग दस महीनों के अंतराल में ही 2.50 लाख से अधिक दर्शक ने संग्रहालय का अवलोकन कर चुके है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, विदेशी पर्यटक, शोधार्थी, स्कूल एवं कॉलेज के बच्चें सहित आम नागरिक शामिल है।गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विभागीय मंत्री श्री राम विचार द्वारा के सतत प्रयासों से यह लोगों के लिए समर्पित हुआ है। इस संग्रहालय को तेजी के साथ निर्माण में आदिम जाति विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा का अहम योगदान है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 01 नवम्बर 2025 को इस भव्य संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया गया। आगन्तुकों के लिए शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय आकर्षण और उत्साह का केंद्र बना हुआ है।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों उद्घाटन होना गौरव की बात है। श्री बोरा ने कहा कि काफी संख्या में लोग संग्रहालय देखने आ रहे हैं, इससे संग्रहालय बनाने का उद्देश्य सार्थक हो रहा है। विशेषकर छुट्टियों और त्यौहारों के दिनों में लोग बड़ी संख्या में संग्रहालय आते हैं। छुट्टी के दिनों में लगभग 4-5 हजार आगंतुक संग्रहालय देखने आ रहे है, वही आम दिनों में 1000-1200 आगंतुक संग्रहालय का अवलोकन कर रहे है।विभाग द्वारा भी आगंतुकों के हिसाब से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। दर्शकों को जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान संबंधी जानकारी के लिए गाइड की भी व्यवस्था की गई है। संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटली है। संग्रहालय के अंदर मॉनीटर पर दिये गए क्यू आर कोड स्कैन कर तथा माइक्रोफोन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गई हैै। इसके साथ ही दिव्यांगों, महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्हीलचेयर व शिशुवती महिलाओं के लिए शिशु देख-रेख कक्ष बनायी गई है। इस संग्रहालय के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने लगा है। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस को याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ जनजातीय वर्गों के लिए बल्कि सभी लोगों के लिए प्रेरणाप्रद है।विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय देखने आने वाले दर्शकों में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशोें से भी पर्यटक आ रहे हैं। हाल ही में विदेशी पर्यटकों का दल जनजातीय संग्रहालय देखने आये थे उन लोगों ने भी इस डिजिटल संग्रहालय की काफी प्रशंसा की। इसी तरह नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित डीजीपी कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भी संग्रहालय का भ्रमण कर काफी सराहना की है। इसके साथ ही सेना के भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत सहित न्यायधीशों का दल, प्रशासनिक प्रशिक्षु अधिकारी स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राएँ व बड़ी संख्या आम नागरिक भी आ रहे हैं। संग्रहालय परिसर में पर्यटकों व आगंतुकों के हिसाब से शुद्ध पेयजल, पार्किंग, शौचालय तथा सूचना केंद्र की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। संग्रहालय पूरी तरह सीसीटीवी से लैस है। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।भंडारा महाराष्ट्र से अपने परिवार सहित संग्रहालय देखने आयी श्रीमती रून्दा विश्वनाथ धु्रवे बताती है कि वे पड़ोसी गांव के लोगों से सुनकर यहां आयी है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर बने स्मारक संग्रहालय बेहद आकर्षक एवं जीवंत है। वे स्वयं जनजातीय समाज की है, उनका कहना है कि इस जीवंत दृश्य को देखकर ऐसा लग रहा है कि हम इसे देखते रहे। ऐसा लग रहा है कि यह वास्तविक में हो रहा है। इन दृश्यों को देखकर हमें अपने पुर्वजो पर गर्व हो रहा है।रायपुर में यूपीएससी एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं का दल भी आज संग्रहालय देखने पहुंचे थे। सुश्री दिव्यांशी और सुश्री कृपा मंडेचा ने कहा कि संग्रहालय में चित्रित दृश्य पहले हुई घटनाओं से हमे जोड़ती है वहीं हमें परीक्षा की दृष्टिकोण से भी काफी ज्ञानवर्धक सामग्री प्राप्त हो रही है। इन दोनों ने कहा कि छत्तीसगढ़ को राज्य के बाहर के लोग ज्यादातर माओवादी के नाम से जानते थे, वास्तव में आज जो संग्रहालय बनकर तैयार है उससे यह प्रेरणा बनती है कि यहां अनुकरणीय इतिहास विद्यमान है, ऐसे लोगों को भी संग्रहालय आकर देखने की जरूरत है। इसी तरह बालोद जिले के डौण्डीलोहरा के अपने परिवार सहित संग्रहालय देखने आए श्री पतिराम साहू का कहना है कि ऐसे दृश्य हम फिल्मों में ही देखते थे, लेकिन प्रत्यक्ष देखने से हमें अपने छत्तीसगढ़ क स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति गर्व हो रहा है।
- -न्यायमूर्ति आई.एस. उबोवेजा ने किया ध्वजारोहणरायपुर । छत्तीसगढ़ लोक आयोग, रायपुर के कार्यालय प्रांगण में 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित समारोह में माननीय न्यायमूर्ति श्री आई.एस. उबोवेजा ने राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया।ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रगान में सहभागिता की और देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता दिवस की गरिमा और राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना रहा।समारोह में अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, न्यायमूर्ति श्री आर.पी. शर्मा, पूर्व न्यायाधीश श्री डी.के. तिवारी, श्री ए.के. सामन्त रे, पूर्व सचिव श्री एस.के. तिवारी एवं श्री बिपिन मांझी उपस्थित रहे।इस अवसर पर लोक आयोग कार्यालय के विधिक सलाहकार श्री अजीत कुमार राजभानू, उपसचिव श्रीमती चित्रलेखा सोनवानी, तकनीकी सलाहकार श्री राकेश पुराम सहित कार्यालय के अधिकारी एवं समस्त कर्मचारीगण मौजूद रहे। सभी ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- रायपुर। परंपरागत खेती के साथ यदि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत किस्मों को अपनाएं, तो कम क्षेत्र में भी उत्पादन और आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। इसी तरह उद्यानिकी फसल के अंगीकरण के बाद ग्राफ्टेड बैंगन की खेती किसान श्री सुरेन्द्र के लिए अच्छी उत्पादन और अतिरिक्त आय का माध्यम बना।किसान श्री सुरेंद्र बताते हैं कि कृषि की उन्नत तकनीक को अपनाने व नई पद्धति की जानकारी प्राप्त करने के लिए उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं। जिसके माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में ग्राफ्टेड बैंगन फसल के लिए 30 हजार रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। वे बताते हैं कि ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उन्हें कुल 144 क्विंटल बैंगन का उत्पादन मिला। उत्पादित बैंगन को बाजार मूल्य में बेचने पर उन्हें 2 लाख 39 हजार रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उत्पादन और बाजार मूल्य ने किसान श्री सुरेंद्र को पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर आर्थिक परिणाम दिया। इससे अन्य किसान भी उन्नत तकनीक अपनाकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ने और अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दृष्टिबाधित छात्रा जयमंती खेस को भेंट किया लैपटॉप-मुख्यमंत्री ने पूछा—“आगे क्या बनना चाहती हो?”, जयमंती बोलीं—“शिक्षक बनना चाहती हूं”-मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला- “शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं, मेहनत से अपने सपने को जरूर साकार करें”-विशेष सॉफ्टवेयर से पढ़ाई होगी आसान, अध्ययन सामग्री को सुनकर कर सकेंगी अध्ययनरायपुर 17 अगस्त 2026/ मजबूत इरादों के आगे कठिनाइयां भी रास्ता छोड़ देती हैं। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गोरिया की शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित छात्रा जयमंती खेस ने अपनी दृष्टिबाधा को कभी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने दिया। उच्च शिक्षा प्राप्त कर शिक्षक बनने का सपना संजोए जयमंती की पढ़ाई को अब तकनीक का मजबूत सहारा मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज ग्राम बगिया स्थित अपने निवास पर जयमंती को विशेष सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।जयमंती वर्तमान में डिग्री गर्ल्स कॉलेज, रायपुर में बी.ए. अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। दृष्टिबाधा के बावजूद शिक्षा के प्रति उनकी लगन और आगे बढ़ने का जज्बा मजबूत है। लैपटॉप मिलने से अब डिजिटल अध्ययन सामग्री तक उनकी पहुंच आसान होगी और वे आधुनिक तकनीक की सहायता से अपनी पढ़ाई को अधिक सुगमता से आगे बढ़ा सकेंगी।लैपटॉप प्राप्त करते समय जयमंती के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लैपटॉप उनकी पढ़ाई में बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे अध्ययन सामग्री तक पहुंच आसान होने के साथ उच्च शिक्षा के अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने में भी मदद मिलेगी।“शिक्षक बनना चाहती हूं”—जयमंती के जवाब ने मुख्यमंत्री को किया प्रसन्नमुख्यमंत्री श्री साय ने लैपटॉप प्रदान करने के दौरान जयमंती से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने छात्रा की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और पूछा, “आगे क्या बनना चाहती हो?” जयमंती ने आत्मविश्वास से जवाब दिया, “शिक्षक बनना चाहती हूं।”जयमंती का लक्ष्य जानकर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। पूरी लगन से पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर आगे बढ़ती रहें।” मुख्यमंत्री ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प और परिश्रम से जीवन की कठिन से कठिन चुनौती को पार कर अपने सपनों को साकार किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।जनदर्शन में रखी थी आवश्यकता, संवेदनशीलता से मिला समाधानजयमंती ने अपनी पढ़ाई को सुगम बनाने के लिए कलेक्टर जनदर्शन में लैपटॉप उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। छात्रा की आवश्यकता और शिक्षा के प्रति उनकी लगन को देखते हुए कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने छात्रा की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सहायक सॉफ्टवेयर से युक्त लैपटॉप तैयार कराया। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वयं यह लैपटॉप जयमंती को प्रदान किया। इस प्रकार जनदर्शन में छात्रा द्वारा रखी गई आवश्यकता का समाधान उसके शिक्षा के सपने को आगे बढ़ाने का माध्यम बन गया।तकनीक बनेगी जयमंती की आंखें, पढ़ाई होगी अधिक सुगमसमाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जयमंती की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लैपटॉप में विशेष सहायक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है। इसकी सहायता से स्क्रीन पर उपलब्ध सामग्री को आवाज के माध्यम से सुना और समझा जा सकेगा।इस तकनीकी सुविधा से जयमंती डिजिटल पुस्तकें, नोट्स एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री का उपयोग अधिक आसानी से कर पाएंगी। इससे उनकी उच्च शिक्षा की राह सुगम होने के साथ डिजिटल माध्यमों से स्वतंत्र रूप से अध्ययन करने की क्षमता भी बढ़ेगी।मुख्यमंत्री से मिले प्रोत्साहन और तकनीक के इस सहयोग ने जयमंती के शिक्षक बनने के सपने को नई ऊर्जा दी है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन मिले तो शारीरिक चुनौतियां प्रतिभा और सपनों की उड़ान को रोक नहीं सकतीं।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘गजरथ यात्रा’ पुस्तक का किया विमोचन-मुख्यमंत्री ने कहा - जनसुरक्षा के साथ हाथियों और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण हमारी प्राथमिकता-मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन एवं हाथियों की सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित-गांवों और विद्यालयों तक पहुंचकर हाथियों के व्यवहार एवं सुरक्षित सह-अस्तित्व के प्रति जागरूक कर रही ‘गजरथ यात्रा’रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के गृहग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जशपुर वनमंडल के जनजागरूकता अभियान पर आधारित पुस्तक ‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ का विमोचन किया। यह पुस्तक मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जशपुर वनमंडल द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं अभिनव गतिविधियों का दस्तावेज है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि जशपुर वन-संपदा और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है। यहां मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार और उनके विचरण क्षेत्रों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाकर मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ वन और वन्यजीवों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने ‘गजरथ यात्रा’ की सराहना करते हुए कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों को जागरूक और सतर्क बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे प्रयासों में वन विभाग के साथ स्थानीय समुदायों की सक्रिय भूमिका मानव-हाथी सह-अस्तित्व को मजबूत बनाने में सहायक होती है।इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार सहित वन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।गांव-गांव और विद्यालयों तक पहुंच रही ‘गजरथ यात्रा’जशपुर वनमंडल द्वारा विगत वर्षों से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने और ग्रामीणों को सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ‘गजरथ यात्रा’ इसी दिशा में शुरू किया गया एक व्यापक जनजागरूकता अभियान है।इस अभियान के माध्यम से हाथी प्रभावित गांवों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर ग्रामीणों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके आवास, भोजन और विचरण क्षेत्रों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, उनकी उपस्थिति के दौरान अनावश्यक रूप से निकट नहीं जाने और आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।अभियान के माध्यम से हाथियों को लेकर प्रचलित भ्रांतियों और भय को दूर कर उनके प्रति वैज्ञानिक, संवेदनशील एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों की सुरक्षा के साथ हाथियों के संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए द्वंद्व की संभावनाओं को न्यूनतम करना है।‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ में दर्ज हुई संरक्षण और जनजागरूकता की यात्रा‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ में जशपुर वनमंडल द्वारा मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन और हाथी संरक्षण के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को विस्तार से संकलित किया गया है। पुस्तक में जनजागरूकता कार्यक्रमों, ग्रामीण समुदायों की भूमिका, विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने तथा हाथियों के साथ सुरक्षित व्यवहार को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।पुस्तक इस संदेश को भी रेखांकित करती है कि वन्यजीव संरक्षण को प्रभावी बनाने में वन विभाग के साथ स्थानीय समुदायों और आम नागरिकों की जागरूकता एवं सहयोग महत्वपूर्ण है। विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में समय पर सूचना, सावधानी और सामुदायिक समन्वय मानव तथा हाथियों दोनों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।तकनीक बनी जनसुरक्षा की सहयोगी, समय पर मिल रही हाथियों की सूचनाजशपुर वनमंडल हाथियों की गतिविधियों की निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग कर रहा है। ‘राज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों के विचरण और गतिविधियों की जानकारी मिलने पर संबंधित क्षेत्रों के ग्रामीणों तक मोबाइल संदेश के जरिए सूचना पहुंचाई जा रही है।समय पर मिलने वाली सूचना से ग्रामीणों को सतर्क रहने, आवश्यक सावधानी बरतने और हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने में मदद मिल रही है। वन विभाग के मैदानी अमले, त्वरित प्रतिक्रिया दल और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय स्थापित कर जनसुरक्षा तथा हाथी प्रबंधन के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा रहा है।नई पीढ़ी को भी वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने की पहल‘गजरथ यात्रा’ में विद्यालयों और विद्यार्थियों को विशेष रूप से जोड़ा जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को हाथियों के व्यवहार, जैव विविधता, वन एवं वन्यजीवों के महत्व और उनके संरक्षण के बारे में जानकारी दी जा रही है।इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और वैज्ञानिक सोच विकसित करना है, ताकि बच्चे न केवल स्वयं जागरूक हों, बल्कि अपने परिवार और समुदाय तक भी सुरक्षित व्यवहार एवं संरक्षण का संदेश पहुंचाएं।उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मानमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन, जनसुरक्षा और हाथियों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वन क्षेत्रों में कार्यरत मैदानी अमले की तत्परता और स्थानीय समुदायों के साथ उनका समन्वय मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।‘गजरथ यात्रा’ के माध्यम से जशपुर में जनसुरक्षा, जनजागरूकता और वन्यजीव संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय समुदाय, तकनीक और वन विभाग के मैदानी अमले के समन्वय से संचालित यह पहल मानव और हाथियों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- -राजधानी से रोजगारधानी की ओर बढ़ता नवा रायपुर-टेक्सटाइल से फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स से MSME तक—भविष्य के उद्योगों की मजबूत होती नींव, हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसररायपुर / नवा रायपुर अटल नगर अब केवल आधुनिक प्रशासनिक राजधानी के रूप में नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। सुनियोजित शहरी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना के साथ शहर में ऐसे उद्योगों को आकर्षित किया जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकें।नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे भविष्य के उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्योगिक निवेश के इन प्रयासों का उद्देश्य केवल नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करना नहीं, बल्कि विनिर्माण आधारित अर्थव्यवस्था को गति देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करना भी है।नवा रायपुर के लेयर-2 स्थित ग्राम कुर्रू में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस परियोजना के लिए CSIDC को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश की शुरुआत अब जमीन पर भी दिखाई देने लगी है। स्विफ्ट टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने जून 2026 में 235 करोड़ रुपए के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया है। इस इकाई से करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।वहीं पुनीत क्रिएशन के साथ 175 करोड़ रुपए के निवेश का समझौता किया गया है। इन परियोजनाओं को मिलाकर टेक्सटाइल पार्क में लगभग 10,000 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।इस तरह टेक्सटाइल पार्क नवा रायपुर में विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।132 एकड़ में फार्मा पार्क, स्वास्थ्य उद्योग को मिलेगी नई गतिस्वास्थ्य और औषधि निर्माण के क्षेत्र में भी नवा रायपुर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सेक्टर-22 में 132 एकड़ भूमि CSIDC को आवंटित की गई है, जहां फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है।इस परियोजना में लगभग 2,000 करोड़ रुपए के निवेश और करीब 1,400 रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों टोरेंट फार्मा, एविला फार्मास्युटिकल्स और विटालिस हेल्थ के साथ कुल 735 करोड़ रुपए के एमओयू किए जा चुके हैं। फार्मा पार्क के विकसित होने से दवा निर्माण के साथ इससे जुड़ी विभिन्न औद्योगिक और सहायक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी बढ़ते कदमभविष्य की अर्थव्यवस्था में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण की भूमिका लगातार बढ़ रही है। नवा रायपुर ने इस क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।यश फैंस ने 110 करोड़ रुपए के निवेश से होम अप्लायंसेज निर्माण इकाई शुरू की है। यह निवेश नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण निर्माण के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए इलेक्ट्रॉनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) को भारत सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। यहां PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग और EMC टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।MSME बनेंगे औद्योगिक विकास की रीढ़नवा रायपुर के औद्योगिक विकास की कहानी केवल बड़े निवेशों तक सीमित नहीं है। बड़े उद्योगों के साथ-साथ MSME क्षेत्र को भी मजबूत आधार दिया जा रहा है।सेक्टर-05 में विनिर्माण उद्योगों के लिए भूमि आवंटित की गई है। यहां वर्तमान में 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है, जबकि भविष्य में 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।MSME क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय उद्यमिता और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ बड़े उद्योगों के लिए सहायक औद्योगिक नेटवर्क विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।निवेश से रोजगार और रोजगार से आर्थिक गतिविधियों का विस्तारनवा रायपुर में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों की तस्वीर बताती है कि शहर के विकास का अगला चरण प्रशासनिक राजधानी से आगे बढ़कर निवेश और रोजगार के केंद्र के रूप में आकार ले रहा है।टेक्सटाइल पार्क में लगभग 10,000 रोजगार, फार्मा पार्क में करीब 1,400 रोजगार और MSME क्षेत्र में भविष्य में 12,000 से अधिक रोजगार की संभावनाएं—ये सभी मिलकर नवा रायपुर की अर्थव्यवस्था को अधिक विविध और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में विकसित हो रहा इकोसिस्टम नवा रायपुर की औद्योगिक संभावनाओं को और व्यापक बना रहा है। शहर में 2,000 सीटों वाला प्लग एंड प्ले आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जहां Square Business Services, Vrize India और Vision Plus जैसी आईटी कंपनियां कार्य कर रही हैं।निवेश की नई तस्वीर, रोजगार का नया भविष्यनवा रायपुर में औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण पहलू सेक्टर आधारित औद्योगिक क्लस्टरों का विकास है।टेक्सटाइल के लिए अलग क्षेत्र, फार्मा के लिए समर्पित पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण की शुरुआत और MSME के लिए औद्योगिक भूमि—ये प्रयास शहर की अर्थव्यवस्था को विविधता प्रदान कर रहे हैं।औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक सेवाओं के विकास की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। नवा रायपुर में CBD रेलवे स्टेशन संचालित है और सेक्टर-1 तथा सेक्टर-40 में आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब प्रस्तावित हैं।आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर से बनेगा भविष्य का डिजिटल इकोसिस्टमनवा रायपुर में औद्योगिक विकास का दायरा पारंपरिक विनिर्माण तक सीमित नहीं है। सेक्टर-22 में CBD रेलवे स्टेशन के पास करीब 1,000 करोड़ रुपए की लागत से AI आधारित डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसे RackBank करीब 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित कर रही है, जिसमें एक हिस्सा SEZ के रूप में विकसित होगा। इसके अलावा CtrlS भी नवा रायपुर में अपना डेटा सेंटर स्थापित करने जा रही है।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग आधारित दूसरे SEZ को भी मंजूरी मिल चुकी है। इसमें पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 5G और 6G तकनीक के लिए GaN आधारित सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगी।युवाओं के लिए बदल रहा अवसरों का परिदृश्यनवा रायपुर का औद्योगिक विस्तार युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसरों का आधार तैयार कर रहा है। टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे विविध क्षेत्रों के विकास से उत्पादन, तकनीकी सेवाओं, प्रबंधन और अन्य कौशल आधारित क्षेत्रों में अवसर बढ़ने की संभावनाएं हैं।इस लिहाज से नवा रायपुर की नई औद्योगिक तस्वीर केवल निवेश और कारखानों की कहानी नहीं है, बल्कि रोजगार आधारित आर्थिक विकास की दिशा में बढ़ते कदमों की भी कहानी है।नवा रायपुर की बदलती पहचानएक ओर नवा रायपुर में आधुनिक राजधानी की अधोसंरचना विकसित हो रही है, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक निवेश की नई परियोजनाएं शहर की आर्थिक तस्वीर को नया आकार दे रही हैं। भूमि, निवेश, उद्योग और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़कर नवा रायपुर को ऐसी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें।यही औद्योगिक विस्तार नवा रायपुर अटल नगर को आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्रों में शामिल करने की मजबूत संभावनाएं तैयार कर रहा है।एक शहर, कई औद्योगिक संभावनाएंनवा रायपुर अटल नगर की विकास यात्रा अब केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रह गई है। औद्योगिक निवेश को शहर की विकास रणनीति से जोड़कर रोजगार आधारित अर्थव्यवस्था तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।टेक्सटाइल पार्क में हजारों रोजगार की संभावना से लेकर फार्मा पार्क में बड़े निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण की शुरुआत, MSME क्षेत्र के विस्तार और AI डेटा सेंटर व सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेश तक—नवा रायपुर में उद्योगों की ऐसी श्रृंखला तैयार हो रही है, जो आने वाले वर्षों में शहर की आर्थिक पहचान को नई दिशा दे सकती है। आधुनिक राजधानी के रूप में पहचान बना चुका नवा रायपुर अब निवेश, उद्योग और रोजगार के नए गंतव्य के रूप में अपनी अगली पहचान गढ़ रहा है।
- -विश्व हाथी दिवस पर महावत और ‘हाथी मित्र दल’ सम्मानित, ग्रामीणों ने लिया हाथी संरक्षण का संकल्प-गन्ना, गुड़, केला और लड्डू खिलाकर हाथियों का किया गया सत्कार, मानव-हाथी सह-अस्तित्व पर हुई संगोष्ठीरायपुर। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) के सिहावल सागर एलीफेंट कैंप में विश्व हाथी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हाथियों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, मानव-हाथी द्वंद्व को कम करना और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत एलीफेंट कैंप में मौजूद चारों हाथियों की पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुई। पूजा के बाद हाथियों को गुड़, केला, लड्डू और गन्ना खिलाकर उनका सत्कार किया गया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों ने हाथियों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए शपथ ली।हाथियों की देखभाल, सुरक्षा और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महावतों और ‘हाथी मित्र दल’ के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। वन विभाग ने कहा कि मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय पर पहुंचाने में स्थानीय समुदाय और हाथी मित्र दल की भूमिका महत्वपूर्ण है।शपथ ग्रहण के बाद ग्रामीणों के साथ संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें हाथियों की पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका, वन संरक्षण तथा मानव-हाथी सह-अस्तित्व के विषय में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और हाथियों की गतिविधियों की सूचना वन विभाग को देने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी आवश्यक है। सरकार द्वारा वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को जनसहयोग से और प्रभावी बनाया जा सकता है।कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) बिलासपुर एवं क्षेत्र संचालक श्रीमती प्रियंका पांडे, उप संचालक श्री गणेश, सहायक संचालक (बफर) श्री समीर जोनाथन, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के श्री उपेंद्र दुबे, वरिष्ठ फोटोग्राफर एवं पत्रकार श्री सत्यप्रकाश पांडे, एटीआर के सभी रेंजर, स्थानीय सरपंच तथा सरसडोल गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- -वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार अवैध कटाई और परिवहन के खिलाफ कोरबा वन मंडल की बड़ी कार्रवाई-26 सागौन लट्ठे बरामद, करीब 2 घन मीटर लकड़ी की कीमत लगभग 85 हजार रुपएरायपुर। वन विभाग द्वारा वन क्षेत्रों में लगातार रात्रि गश्ती, निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अवैध कटाई और काष्ठ परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके तथा प्रदेश के वन एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वनों की अवैध कटाई और काष्ठ परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कोरबा वन मंडल की टीम ने रात्रि गश्ती के दौरान अवैध सागौन लकड़ी से लदा बोलेरो मैक्स पिकअप वाहन जब्त किया है।वन परिक्षेत्र कोरबा के भूलसीडीह क्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध परिवहन की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना के आधार पर झगराहा से भूलसीडीह वन नाके के बीच वन मार्ग पर निगरानी बढ़ाई गई। रात्रि गश्ती के दौरान जंगल की ओर से आ रहे बोलेरो मैक्स पिकअप वाहन क्रमांक CG 13 AY 1202 को रोककर जांच की गई। वाहन में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे सागौन के 26 लट्ठे मिले।बरामद सागौन की मात्रा लगभग 2 घन मीटर है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 85 हजार रुपए बताई गई है। वन विभाग की टीम ने वाहन और लकड़ी को जब्त कर भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत पी.ओ.आर. दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।यह कार्रवाई वन मंडलाधिकारी कोरबा श्री जितेंद्र कुमार उपाध्याय के आदेशानुसार तथा उप वन मंडलाधिकारी उत्तर कोरबा श्री राम सिंह राठिया और उप वन मंडलाधिकारी दक्षिण कोरबा श्री सूर्यकांत सोनी के निर्देशन में की गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री मृत्युंजय शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक श्री अश्मन आडिल, परिसर रक्षक श्री गुरुवेंद्र कुर्रे, श्री अर्जुन सिंह कंवर, श्री बलराम राठिया, कर्मचारी श्री चंद्रशेखर राठिया सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे।अवैध काष्ठ परिवहन की सूचना देने में स्थानीय मुखबिरों तथा संयुक्त वन प्रबंधन समिति डुमरडीह-भूलसीडीह के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने उनके सहयोग की सराहना की है। ग्रामीणों ने भी वन संरक्षण के लिए विभाग द्वारा की जा रही त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
- रायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए ‘बने खाओ-बने रहिबो 2.0’ अभियान शुरू किया जा रहा है। यह सात दिवसीय सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक संचालित होगा।अभियान के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीमें जिलेभर में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेंगी। इस दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट, मिथ्याछाप, भ्रामक प्रस्तुतीकरण, असुरक्षित खाद्य पदार्थों तथा प्रतिबंधित एलानों/उत्पादों के उपयोग, निर्माण, वितरण एवं विक्रय के संबंध में जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं असुरक्षित खाद्य सामग्री की रोकथाम के साथ-साथ आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य एवं पौष्टिक आहार के संबंध में जागरूक करना है। विभाग द्वारा नागरिकों से भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा को लेकर सजग रहने की अपील की गई है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार अभियान के तहत की जाने वाली कार्रवाई नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार की जाएगी।
- प्राचीन शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चनालखनपुर। पावन सावन मास के पवित्र तृतीया सोमवार एवं नागपंचमी के शुभ अवसर पर लखनपुर के प्राचीन शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।“करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा,श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्।विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व,जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥”भगवान महादेव की कृपा समस्त प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे और हर घर सुख-शांति एवं समृद्धि से परिपूर्ण हो।हर हर महादेव!ॐ नमः शिवाय।
- - अनेक श्रद्धालु महिलाओं से आचार्य चेतन दंडवते ने मंत्रोच्चार करते हुए पार्थिव शिवलिंग पूजन व रुद्राभिषेक करायारायपुर। महाराष्ट्र मंडल में पार्थिव शिवलिंग पूजन का श्रद्धामय आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने हाथों से मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाया और विधि विधान से उसकी पूजा- अर्चना की। मंडल के सचिव आचार्य चेतन दंडवते ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन विधि संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि सावन माह के विशेष अवसर पर 33 महिलाओं ने पार्थिव शिवलिंग का पूजन कर रूद्राभिषेक भी किया। मंडल परिसर आचार्य दंडवते के मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं के हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज उठा। आरती के बाद फलाहार और प्रसाद वितरण किया गया। पूजन व प्रसाद ग्रहण करने के बाद सभासदों ने महाराष्ट्र मंडल के सामाजिक कार्यों को बढ़ाने और गति प्रदान करने का संकल्प लिया। उन्होंने पूजा के दौरान बताया कि भगवान श्रीराम ने लंका जाकर रावण वध करने और मां सीता को वहां से वापस लाने से पहले रामेश्वरम में समुद्र तट पर मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाकर उसका पूजन किया था। दंडवते के अनुसार पूजन कार्यक्रम में मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, उपाध्याक्ष गीता श्याम दलाल, कार्यकारिणी सदस्य नमिता शेष विशेष रूप से उपस्थित रहीं। अचला मोहरीकर, अलका कुलकर्णी, प्रांजल बल्लाल, अपर्णा वराड़पांडे, श्यामल जोशी, मृदुला कालेले, वैशाली अजय जोशी, नम्रता देशपांडे, विपुला शेजवलकर, सृष्टि दंडवते, आयुष शिर्के, प्रमिला मिश्रा, प्रमिला तिवारी, आस्था काले, श्वेता कुसरे, यशस्वी पिंपलापुरे, जयश्री भुरे, जया भावे, माधुरी इंचुलकर, स्वाती मैराल, रैना पुराणिक, स्मिता कोमजवार, मयूरी तिवारी, रोमी दत्ता, सोनल परचुरे, अनुजा महाडिक, संगीता कवीश्वर, कीर्ति हिशीकर और सौम्या इंगले ने पूजन किया।
- दांत की पुरानी सड़न से जबड़े में बनी थी बड़ी सिस्ट, आधुनिक तकनीक से बिना हड्डी को नुकसान पहुंचाए निकाला गया सिस्टआयुष्मान योजना से निःशुल्क उपचारबिलासपुर/ दांतों की सड़न और दर्द को मामूली समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज करना कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकता है। इसका एक उदाहरण सिम्स बिलासपुर के दंत चिकित्सा विभाग में सामने आया, जहां 38 वर्षीय महिला के जबड़े में पुरानी सड़न और संक्रमण के कारण बनी बड़ी रेडिकुलर सिस्ट का सफल उपचार किया गया। मरीज का उपचार आयुष्मान योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क किया गया।मरीज जबड़े में सूजन की शिकायत लेकर सिम्स के दंत चिकित्सा विभाग पहुंची थी। जांच के दौरान चिकित्सकों ने डिजिटल एक्स-रे एवं सीबीसीटी की सहायता से बीमारी की पहचान की। जांच में सामने आया कि प्रभावित दांत की जड़ के पास जबड़े की हड्डी का एक बड़ा हिस्सा सिस्ट के कारण प्रभावित हो चुका था।पुरानी सड़न और संक्रमण से बनी थी सिस्टदंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर भूपेंद्र कश्यप के अनुसार रेडिकुलर सिस्ट मुंह के भीतर विकसित होने वाली एक प्रकार की गांठ या थैली होती है, जिसमें तरल पदार्थ भरा होता है। यह सामान्यतः ऐसे दांत की जड़ के आसपास विकसित होती है, जो लंबे समय से सड़ा हुआ हो अथवा जिसमें पुराना संक्रमण हो। दांत की नस के निष्क्रिय या मृत होने के बाद संक्रमण धीरे-धीरे जड़ के आसपास की हड्डी तक पहुंच सकता है और समय के साथ सिस्ट का रूप ले सकता है। शुरुआती अवस्था में रेडिकुलर सिस्ट के लक्षण स्पष्ट नहीं होते और कई बार मरीज को दर्द भी महसूस नहीं होता। धीरे-धीरे प्रभावित दांत के आसपास मसूड़े या जबड़े में हल्की सूजन, दांत का रंग काला या गहरा पीला पड़ना तथा चबाते समय दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर स्थिति में चेहरे की बनावट में बदलाव अथवा दांत के हिलने जैसी समस्या भी हो सकती है।दो चरणों में किया गया सफल उपचारसिम्स में जांच के बाद चिकित्सकों की टीम ने मरीज के उपचार की योजना तैयार की। उपचार के पहले चरण में संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावित दांत की रूट कैनाल थेरेपी (RCT) की गई। इसके बाद छोटे चीरे के माध्यम से सर्जिकल एन्यूक्लिएशन की प्रक्रिया अपनाकर सिस्ट को पूरी तरह बाहर निकाल दिया गया। इस प्रक्रिया में आसपास की हड्डी को अनावश्यक नुकसान पहुंचाए बिना सिस्ट को निकाला गया।उपचार के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ है और जबड़े की प्रभावित हड्डी भी अब धीरे-धीरे स्वस्थ होने की दिशा में है।निजी अस्पतालों में भटकने के बाद सिम्स में मिला निःशुल्क उपचारमरीज ने उपचार के लिए पहले निजी अस्पतालों में भी संपर्क किया था, लेकिन उपचार का खर्च अधिक होने के कारण वह वहां जांच और इलाज कराने में असमर्थ थी। बाद में उसे सिम्स में इस बीमारी के उपचार की जानकारी मिली। यहां आयुष्मान योजना के अंतर्गत उसका उपचार निःशुल्क किया गया। मरीज के लिए यह उपचार राहत और उम्मीद लेकर आया।समय पर दंत जांच जरूरीदंत चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप प्रकाश ने बताया कि दांत में सड़न, संक्रमण या चोट के कारण होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर दंत चिकित्सक से परामर्श लेने और नियमित दंत जांच कराने से ऐसी बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान की जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से हर छह महीने में दंत जांच कराने की अपील की, ताकि छिपी हुई दंत समस्याओं का समय रहते उपचार किया जा सके और बड़ी सर्जरी की आवश्यकता को टाला जा सके।चिकित्सकीय टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिकाइस सफल उपचार का श्रेय दंत चिकित्सा विभाग के डॉ. भूपेंद्र कश्यप के मार्गदर्शन में विभागाध्यक्ष एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. संदीप प्रकाश तथा उनकी टीम को दिया गया है। टीम में डॉ. जण्डेल सिंह ठाकुर, डॉ. केतकी कोनीकर, डॉ. हेमलता राजमणी, डॉ. प्रकाश खरे एवं डॉ. सोनल पटेल शामिल रहे।सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने इस सफल उपचार की सराहना करते हुए मरीजों के हित में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के उपयोग एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकीय टीम को प्रोत्साहित किया।
- रायपुर - रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रमण मन्दिर वार्ड क्रमांक 14 अंतर्गत स्टेट बैंक कॉलोनी फाफाडीह बाल उद्यान परिसर में विधायक निधि से 5 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नवनिर्मित शेड का फीता काटकर लोकार्पण नगर निगम रायपुर के सभापति एवं रमण मन्दिर वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम वित्त विभाग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार, सहित स्टेट बैंक कॉलोनी फाफाडीह के पदाधिकारियों, रहवासियों सहित नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता श्री पी. डी. धृतलहरे, उपअभियंता श्री अनिमेष चंद्राकर की उपस्थिति में करते हुए नगरवासियों को शानदार सौगात दी. रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने नगरवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनायें दीं.
- रायपुर - वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का उनकी 195वीं जयंती पर राजधानी शहर रायपुर के जिला अस्पताल पंडरी के प्रांगण में स्थित प्रतिमा स्थल के समक्ष सादर नमन करने रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 3 के सहयोग से पुष्पांजलि आयोजन रखा गया.रायपुर नगर निगम के पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर वीरांगना रानी अवन्ति बाई लोधी को उनकी 195,वीं जयन्ती पर प्रमुख रूप से रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, पूर्व विधायक श्री श्रीचंद सुंदरानी, नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, नगर निगम के पूर्व पार्षद डॉ प्रमोद साहू, श्री मोहन उपारकर, लोधी समाज पदाधिकारियों, महिलाओं, गणमान्यजनों, नवयुवकों, वरिष्ठ नागरिकों, आमजनों ने बड़ी संख्या में रायपुर जिला अस्पताल पंडरी के प्रांगण में पहुंचकर सादर नमन किया.नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने कहा कि वीरांगना अवन्ति बाई लोधी का जीवन प्रेरणादायक है. वीरांगना ने जीवन में पति के अवसान के बाद परिवार के लालन -पालन एवं मध्यप्रदेश राज्य के रामगढ़ क्षेत्र की रानी की दोहरी भूमिका बखूबी निभायी. वीरांगना ने 1857 की क्रांति में अद्भुत वीरता प्रदर्शित कर अनेक बार अंग्रेज सेना को हराकर रामगढ़ से बाहर खदेड़ा, जब अंग्रेज सेना से वीरांगना अवन्ति बाई लोधी चारों ओर से घिर गयीं, तो भी वे जीवन के अंतिम क्षण तक अंग्रेज सेना से अद्भुत तरीके से अकेली ही रणभूमि में संघर्ष करती रहीं एवं वीरांगना रानी अवन्ति बाई लोधी ने अंग्रेज सेना के सामने हार ना मानकर अपने निज जीवन की इहलीला अपनी तलवार से स्वयं समाप्त कर ली एवं रनभूमि में वीरगति को प्राप्त हुई.नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, नगर निगम रायपुर के पूर्व पार्षद डॉ प्रमोद साहू ने वीरांगना रानी अवन्ति बाई लोधी को 195वीं जयन्ती पर सादर नमन कर उनके अद्भुत रणकौशल, अदम्य साहस एवं शौर्य को अद्वितीय बतलाया.
- -31 चयनित बाल प्रतिभाओं की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां, दिव्यांग बच्चों के बैंड और महिला आत्मरक्षा शिविर अपराजिता की मनमोहक प्रस्तुति ने दिल जीता-महापौर मीनल चौबे और जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने किया प्रयिभागियों का उत्साहवर्धनरायपुर- स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कला केंद्र रायपुर, नगर पालिक निगम रायपुर एवं जिला प्रशासन रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “तिरंगा शक्ति फेस्ट 2026” का भव्य ग्रैंड फिनाले विगत 14 अगस्त की संध्या शहीद स्मारक भवन रायपुर में उत्साह, उमंग और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।कला, संस्कृति, देशभक्ति और बाल प्रतिभाओं को समर्पित इस आयोजन में जिले भर से चयनित 31 प्रतिभाशाली बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को तालियों, उत्साह और देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया।तिरंगा शक्ति फेस्ट का आयोजन दो चरणों में किया गया। प्रथम चरण में विगत दिनांक 10 एवं 11 अगस्त को टाउन हॉल, घड़ी चौक, रायपुर में सुबह से शाम तक ऑडिशन राउंड आयोजित हुआ। इसमें जिलेभर से कुल 194 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रतिभागियों ने गायन, नृत्य, इंस्ट्रूमेंटल, गिटार, तबला, हार्मोनियम सहित विभिन्न कला विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभा, प्रस्तुति कौशल एवं कला के आधार पर 31 उत्कृष्ट प्रतिभागियों का चयन ग्रैंड फिनाले के लिए किया गया।14 अगस्त को आयोजित ग्रैंड फिनाले में इन सभी चयनित प्रतिभाओं ने मंच पर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों में प्रतिभा के साथ-साथ आत्मविश्वास, रचनात्मकता और देशप्रेम की भावना भी देखने को मिली।ग्रैंड फिनाले को और अधिक विशेष एवं यादगार बनाने के लिए अनेक आकर्षक विशेष प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं।प्रसिद्ध कलाकार अरुणिमा शर्मा ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत “चनाके डार राजा” की मनमोहक प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और संगीत से सजी इस प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे।वहीं डॉ. मिताली ने अपनी अनूठी पपेट एवं कार्टून वॉइस प्रस्तुति से बच्चों एवं दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुति पर सभागार में खूब तालियां गूंजीं।कार्यक्रम का एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी क्षण रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल “प्रोजेक्ट दिव्यधुन” के अंतर्गत तैयार किए गए दिव्यांग बच्चों के विशेष बैंड की प्रस्तुति रही।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में दिव्यांग बच्चों को प्राथमिकता देते हुए तैयार किए गए इस विशेष बैंड ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी प्रस्तुति दी। बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और समर्पण ने उपस्थित दर्शकों को भावुक और गौरवान्वित कर दिया।इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती और अवसर मिलने पर हर बच्चा अपनी पहचान बना सकता है।कार्यक्रम में टीम प्रहरी द्वारा महिला आत्मरक्षा की थीम पर विशेष प्रस्तुति दी गई। साहस, आत्मविश्वास और नारी सशक्तिकरण पर आधारित महिला आत्मरक्षा शिविर अपराजिता की इस मनमोहक प्रस्तुति ने महिला सुरक्षा एवं आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता का प्रभावशाली संदेश दिया।प्रस्तुति ने दर्शकों में ऊर्जा का संचार करने के साथ यह संदेश भी दिया कि सशक्त महिला ही सुरक्षित और सशक्त समाज की आधारशिला है।तिरंगा शक्ति फेस्ट 2026 कार्यक्रम में राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह सहित नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा एवं जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार विश्वरंजन एवं नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, नगर पालिक निगम जोन 10 जोन अध्यक्ष श्री सचिन बी. मेघानी सहित राजधानी शहर के अन्य गणमान्य अतिथिगणों की उपस्थिति रही।अतिथियों ने सभी चयनित प्रतिभागियों एवं विशेष प्रस्तुतियां देने वाले कलाकारों का उत्साहवर्धन किया तथा उनकी कला, प्रतिभा और प्रयासों की सराहना की।महापौर मीनल चौबे ने मोर रायपुर मोर जिम्मेदारी अंतर्गत सामूहिक नागरिक शपथ दिलवाई, स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, पेयजल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक के परित्याग की नगरवासियों ने ली शपथतिरंगा शक्ति फेस्ट 2026 में महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मोर रायपुर मोर जिम्मेदारी अंतर्गत सामूहिक शपथ दिलवाई. सभी उपस्थित नगरवासियों ने स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, पेयजल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का परित्याग करने की सामूहिक नागरिक शपथ ली.तिरंगा शक्ति फेस्ट 2026 का उद्देश्य जिले के बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा और कला प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना तथा स्वतंत्रता दिवस की भावना को कला एवं संस्कृति के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना रहा।इस आयोजन की विशेषता यह रही कि यहां केवल कला और प्रतिभा को मंच नहीं मिला, बल्कि दिव्यांग प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, महिला आत्मरक्षा एवं सशक्तिकरण तथा छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संदेशों को भी प्रमुखता दी गई।31 चयनित बाल प्रतिभाओं की शानदार प्रस्तुतियों और विशेष कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने तिरंगा शक्ति फेस्ट 2026 के ग्रैंड फिनाले को कला, संस्कृति, प्रतिभा, समावेशिता और सशक्तिकरण का अनूठा संगम बना दिया।भव्य आयोजन ने रायपुर की बाल प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करने के साथ ही स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को देशभक्ति, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर एक यादगार शाम में बदल दिया।
- -अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दी सलामी, 12 विद्युतकर्मियों को मिला पुरस्कारराजनांदगांव। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के क्षेत्रीय प्रशासनिक भवन में हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा शान से लहराया गया। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एच. के. मेश्राम ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रीय पर्व पर उपस्थित विद्युत कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी। मुख्य अभियंता श्री मेश्राम द्वारा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कम्पनीज रायपुर के संदेश का वाचनकर उपस्थितजनों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राजनांदगांव क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले 04 जिलों में विद्युत अधोसंरचना एवं विकास के कार्यो को रेखाकिंत किया। इस पुनीत अवसर पर उकृष्ठ कार्य करने वाले 12 विद्युतकर्मियों क्रमशः श्री योगेश कुमार वर्मा, कनिष्ठ अभिंयता कवर्धा जोन, श्री विवेक देवांगन, कनिष्ठ अभियंता, पिपरिया वितरण केन्द्र, श्री समीर मोहम्मद, कार्यालय सहायक श्रेणी-तीन, श्री राजेश कुमार, लाईन सहायक श्रेणी-दो, श्री मनु कुमार साहू, लाईन परिचारक श्रेणी-एक, सिंघोला वितरण केन्द्र, श्री कुलेश्वर पुरामें लाईन परिचारक संविदा, साल्हेवारा वितरण केन्द्र, श्री अजय कुमार, लाईन परिचारक संविदा, डोंगरगांव वितरण केन्द्र, श्री भारतेश कुमार लाईन परिचारक संविदा, कुमरदा वितरण केन्द्र, श्री छवि यादव, लाईन परिचारक संविदा, खुज्जी वितरण केन्द्र, श्री सियादास मानिकपुरी, लाईन परिचारक संविदा, पूर्व जोन राजनांदगांव, श्री हमेन्द्र कुमार यादव, लाईन परिचारक संविदा, तरेगांव वितरण केन्द्र, श्री जीतू कुमार ध्रुर्वे, लाईन परिचारक संविदा, बिडौरा वितरण केन्द्र को प्रशस्ति पत्र, चेक और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री मंगल तिर्की, अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर, श्री के0 सी0 खोटे, कार्यपालन अभियंता, श्री एम. के. साहू, श्री एन.के. साहू, श्री जी.एस. फ्लोरा, श्री के. एल. उइके, श्री शोबी शर्मा, श्रीमती सीमा ढ़ील श्रीमती कांति नेताम, श्री भावेष वाल्दे वरिष्ठ लेखाधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन पब्लिसिटी ऑफिसर श्री धर्मेन्द्र शाह मंडावी द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यालय स्तर पर पॉवर कम्पनीज के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह द्वारा श्री लालाराम पटेल, लाइन सहायक श्रेणी-दो, एटीएम संभाग, राजनांदगांव जिला स्तर पर उष्कृट कार्य हेतु सुश्री एकता साहू, कनिष्ठ अभियंता, श्री गोवर्धन सिंह राजपूत, लाइन परिचारक संविदा वितरण राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला स्तर पर श्री उत्तम कुमार साहू, सहायक अभिंयता, उपसंभाग खैरागढ़, श्रीमती उपासना मौर्य, कनिश्ठ अभियंता, वितरण केन्द्र साल्हेवारा, को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेन्टो देकर पुरस्कृत किया गया।



























