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- रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा ‘रक्षा अलंकरण समारोह’ में छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह सम्मान दोनों अधिकारियों के अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का गौरवपूर्ण प्रमाण है। विषम परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उन्होंने जिस वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इन वीर अधिकारियों ने अपने साहसिक कार्यों से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है। उनका यह सम्मान छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यपरायणता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश को उनके शौर्य और समर्पण पर गर्व है।
- फाइल फोटोरायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, नवा रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा आयोजित की जाएगी। पूर्व में यह योजना जवाहर उत्कर्ष योजना के नाम से संचालित थी।विभाग द्वारा परीक्षा रविवार 05 जुलाई 2026 को दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक लिखित रूप में होगी। योजना में शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि शनिवार 20 जून 2026 निर्धारित है।आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो। आवेदक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग का हो तथा उसके पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र हो। आवेदक छत्तीसगढ़ में स्थित किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत हो। कक्षा 4थी में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त होना अनिवार्य है। पिता/पालक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न हो। आय प्रमाण पत्र एवं पालक का स्वघोषणा पत्र संलग्न करना होगा। केवल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र पात्र हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों से कक्षा 4थी उत्तीर्ण छात्र ही आवेदन कर सकते हैं। नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र अपात्र रहेंगे।अधिक जानकारी और आवेदन फार्म विभागीय वेबसाइट http://www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी भरा हुआ आवेदन पत्र कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर में 20 जून 2026 तक जमा कर सकते हैं।
- 0- योजना की सहायता से श्रीमती खेमीन कंवर ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्मरायपुर. एक स्वस्थ शिशु का जन्म उसकी माँ के उचित खान-पान पर निर्भर करता है, इसी कार्य में श्रीमती खेमीन कंवर की सहायता प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना ने की है।श्रीमती कंवर विकासखण्ड अभनपुर की ग्राम परसदा की निवासी हैं। उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के ज़रिए इस योजना के बारे में पता चला एवं लाभ पाने हेतु आवेदन किया। इसके पश्चात् उन्हें योजना की प्रथम किश्त 3 हज़ार रूपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने गर्भावस्था के दौरान हरी सब्जी, चना-गुड़, मूंगफली, नारियल एवं फलों को अपने आहार में शामिल किया।श्रीमती कंवर को योजना की दूसरी किश्त 2 हज़ार रूपए प्राप्त हुए जिसका उपयोग उन्हेंने डिलीवरी हेतु किया। अपने स्वस्थ बच्चे को देखकर वे काफी प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि योजना से प्राप्त राशि की सहायता से मेरे शारीरिक स्वास्थय में सुधार आया, जिससे मेरा बच्चा भी स्वस्थ है।
- 0- 1736 में से 1165 आवेदनों का त्वरित निराकरण, हितग्राहियों को मिले लाभरायपुर. आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण तथा शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 08 जून 2026 को अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा सोंठ में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में अभनपुर विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू उपस्थित रहे।शिविर में सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहे और नागरिकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया।शिविर के दौरान हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का त्वरित लाभ प्रदान किया गया। इसमें मनरेगा जॉबकार्ड, श्रमकार्ड एवं नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम शामिल रहे।कृषि विभाग द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को साइकिल एवं ट्राईसिकल का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।शिविर में कुल 1736 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1165 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम अभनपुर श्री रवि सिंह, सीईओ जनपद श्री दीपक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
- रायपुर. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा प्री.बीएड (B.Ed-26) एवं बीएससी नर्सिंग (BSCN-26) परीक्षा का आयोजन 11 जून 2026 (गुरूवार) को किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह 10:00 बजे से 12ः15 बजे तक जिले के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में संचालित होगी।परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 11 जून 2026 को प्रातः 7ः00 बजे से जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा। यह परीक्षा जिले के 37 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी जिसमें कुल 2,782 परीक्षार्थी शामिल होंगे।परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रायपुर श्री उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- 0- रायपुर की रौशनी सोनवानी और उनकी पुत्री को शिविर में मिली त्वरित सुविधा, अब मिलेगा प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार का लाभरायपुर. राज्य शासन की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सत्यम् विहार कॉलोनी, रायपुरा की निवासी श्रीमती रौशनी सोनवानी एवं उनकी पांच वर्षीय पुत्री लोयशा का केवल 5 मिनट के भीतर आयुष्मान कार्ड बनाकर प्रदान किया गया।श्रीमती सोनवानी ने बताया कि पूर्व में उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने में समय लग रहा था, जिसके पश्चात् सुशासन शिविर में आवेदन के पश्चात् त्वरित कार्यवाही करते हुए उनका और उनकी पुत्री का आयुष्मान कार्ड बन गया।उन्होंने सुशासन तिहार की सराहना करते हुए कहा कि जनसमस्या निवारण में उनका कार्ड बड़ी आसानी से और तत्काल बन गया। इस कार्ड के माध्यम से प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी, जो गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
- 0- विधायक राजेश मूणत और महापौर मीनल चौबे की मौजूदगी में लगा जनसमस्या शिविर, बुजुर्गों को मिली वॉकिंग स्टिक, बच्चों का हुआ अन्नप्राशन0- शिविर में 259 आवेदनों का मौके पर निराकरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नागरिकों से कुल 603 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 259 आवेदनों का मौके पर ही तत्काल निराकरण किया गया। शेष आवेदनों पर संबंधित विभागों को समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।शिविर के मुख्य अतिथि के रूप में विधायक रायपुर पश्चिम श्री राजेश मूणत एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहे।शिविर में शासकीय योजनाओं का लाभ भी मौके पर दिया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 67 वर्षीय श्री गायत्री साहू, 61 वर्षीय कुन्ती साहू, 71 वर्षीय रघुवीर सिंह, 70 वर्षीय विमला सोनी एवं 80 वर्षीय नियति भोई को चलने हेतु वॉकिंग स्टिक प्रदान किया गया। शिविर में स्वास्थय एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 195 आवेदनों का, श्रम विभाग द्वारा 16 आवेदन का निराकरण किया गया एवं परिवहन विभाग द्वारा 33 नए लाइसेंस प्रदान किया गया।मुख्य अतिथि द्वारा तीन बच्चों परम सागर, दुश्यंत जयसवाल एवं हर्षिता तांडी का अन्नप्राशन एवं बालिकाओं यशस्वी पटेल, लक्ष्मी साहू, हेमा साहू एवं भूमिका साहू को स्वास्थय किट प्रदान किया गया।अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। शिविर में प्राप्त शेष आवेदनों का भी तय समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे, सीएमएचओ डॉ मिथिलेश चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, संयुक्त संचालक समाज कल्याण श्री अरविंद गेडाम, खाद्य नियंत्रक श्री भूपेंद्र मिश्रा, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- योजना से मिली सहायता राशि की बचत से खोला किराना दुकान, बेटी को दिला पा रही उच्च शिक्षारायपुर. महतारी वंदन योजना की सहायता से श्रीमती पुष्पा साहू ने घर पर ही स्वयं का व्यवसाय शुरू कर अपनी आय का मार्ग सशक्त किया है। श्रीमती साहू अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम गिरोला की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह 1 हज़ार रूपए की सहायता राशि प्राप्त हो रही थी, जिसकी बचत कर उन्होंने 22 हज़ार रूपए एकत्र किए एवं घर पर ही किराना दुकान की शुरूआत की।इस सहायता से वे अपनी पुत्री सुश्री काजल को ग्रेसियस कॉलेज में उच्च शिक्षा दिला पा रहीं है। उन्होंने योजना की सराहना करते हुए कहा कि आज यह दुकान उनके परिवार की आय का मजबूत साधन बन चुकी है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
- 0- शिविर में केवल 10 मिनट के भीतर बना श्रीमती रौशनी साहू का राशन कार्डरायपुर. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनहित में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में लक्ष्मी नगर निवासी श्रीमती रौशनी साहू को केवल 10 मिनट के अंदर ही राशन कार्ड बनाकर प्रदान किया गया।श्रीमती साहू ने बताया कि आवेदन करने पर भी उनका राशन कार्ड बनने में समय लग रहा था, लेकिन इस शिविर में मात्र 10 मिनट के भीतर मेरा राशन कार्ड प्रदान किया गया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
- बिलासपुर. बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, चकरभाठा में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (घरेलू एयरपोर्ट) के अंतर्गत स्वीकृत संविदा लेखापाल पद की भर्ती प्रक्रिया के तहत आज साक्षात्कार आयोजित किया गया। साक्षात्कार के उपरांत चयन समिति द्वारा अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया। जारी चयन सूची के अनुसार श्री नवल किशोर सिंह का संविदा लेखापाल पद के लिए चयन किया गया है। वहीं श्रीमती पलक लांबा को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट में विभिन्न सेवाओं के सुदृढ़ संचालन के लिए संविदा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, जिससे एयरपोर्ट की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
- 0- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण, 9 जून को जिले भर में विशेष आयोजनबिलासपुर. गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं निःशुल्क प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने पर जिले में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वर्ष 2016 से प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी अभियान ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। बिलासपुर जिले में अब तक 1 लाख 3 हजार 147 गर्भवती महिलाओं को अभियान के तहत निःशुल्क सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाता है।इस अवसर पर 09 जून को जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष पीएमएसएमए दिवस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) की पहचान, आवश्यक प्रयोगशाला जांच, अल्ट्रासोनोग्राफी, चिकित्सकीय परामर्श तथा मातृ स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को आयोजित किया जाता है। अभियान के अंतर्गत गर्भावस्था की द्वितीय एवं तृतीय तिमाही की महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों तथा निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा व्यापक प्रसवपूर्व जांच, परामर्श एवं निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन है। इससे जटिलताओं को कम करने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली है। गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तचाप जांच, हीमोग्लोबिन एवं रक्त शर्करा परीक्षण, आवश्यक दवाइयां तथा पोषण संबंधी परामर्श भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। जिले में पीएमएसएमए दिवस के सफल संचालन में निजी क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। रोस्टर के अनुसार 24 स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा 16 रेडियोलॉजिस्ट/सोनोलॉजिस्ट निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर अभियान को सशक्त बना रहे हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को अपने निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में आयोजित पीएमएसएमए सत्र में शामिल होकर निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाओं का लाभ उठाएं तथा सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सहभागी बनें। दस वर्षों की इस सफल यात्रा ने यह सिद्ध किया है कि समय पर जांच, विशेषज्ञ परामर्श और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को नई मजबूती प्रदान की जा सकती है। पीएमएसएमए आज सुरक्षित मातृत्व के संकल्प को साकार करने वाला एक प्रभावी जनस्वास्थ्य अभियान बन चुका है।
- 0- कक्षा छठवीं में प्रवेश हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून, परीक्षा 5 जुलाई कोबिलासपुर। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया पुनः प्रारंभ कर दी गई है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा इस संबंध में संशोधित सूचना जारी की गई है।विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार पूर्व में कक्षा छठवीं में प्रवेश के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों को स्थगित किया गया था। अब नए निर्णय के तहत प्रवेश प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। जिन विद्यार्थियों ने पहले ही आवेदन पत्र जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों द्वारा आवेदन पत्र संबंधित विद्यालय में जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून 2026 (शनिवार) निर्धारित की गई है। प्रवेश परीक्षा का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक किया जाएगा।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि योजना के अंतर्गत प्रवेश परीक्षा के आयोजन से संबंधित संशोधित दिशा-निर्देश एवं अन्य आवश्यक जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभिभावक एवं विद्यार्थी निर्धारित समयावधि में आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने पात्र विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से निर्धारित तिथि तक आवेदन जमा करने की अपील की है, ताकि प्रतिभाशाली अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थानों में अध्ययन का अवसर मिल सके।
- बिलासपुर. कार्यालय क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केंद्र, बिलासपुर में पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए स्वच्छता एवं पंचायत उन्नति सूचकांक विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में स्वच्छ गांव-स्वच्छ जलवायु अभियान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ग्राम पंचायत विकास योजना तथा पंचायत उन्नति सूचकांक से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता और सतत विकास केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनसहभागिता से ही इनके स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का उपयोग करते हुए अपने ग्रामों को स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक ग्राम पंचायतों के कार्यों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, जनभागीदारी और नवाचारों के माध्यम से ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्वच्छता प्रबंधन के नवीन प्रावधानों, कचरा पृथक्करण, पर्यावरण संरक्षण एवं ग्राम पंचायतों में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी। साथ ही पंचायत विकास योजनाओं के प्रभावी निर्माण, जनभागीदारी बढ़ाने तथा स्वच्छता गतिविधियों को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पंचायत उन्नति सूचकांक ग्राम पंचायतों के समग्र विकास का आकलन करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं निगरानी में सहायता मिलती है। प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा ग्राम स्तर पर बेहतर कार्यान्वयन के लिए सुझाव भी दिए।कार्यक्रम में विभिन्न जनपद पंचायतों के प्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, स्वच्छता कर्मी एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने ग्रामों में स्वच्छता एवं सतत विकास गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।
- 0- जल जीवन मिशन के तहत अधिकांश कार्य पूर्ण, समूह जल प्रदाय योजना से जुड़ने पर होगी नियमित जलापूर्तिबिलासपुर. जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम ठाकुरदेवा में ग्रामीणों को दीर्घकालिक एवं स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। गांव में स्वीकृत एकल ग्राम जल प्रदाय योजना के अधिकांश निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं और अब इसे हरदी-भटचौरा समूह जल प्रदाय योजना से जोड़कर नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम ठाकुरदेवा की आबादी लगभग 1840 है तथा वर्तमान में गांव में 16 हैंडपंप संचालित हैं, जिनसे पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत लगभग 76.32 लाख रुपये की लागत से ग्राम जल प्रदाय योजना स्वीकृत की गई थी। इसके अंतर्गत 95 किलो लीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार, पाइपलाइन विस्तार, बाउंड्रीवाल निर्माण तथा 330 घरेलू नल कनेक्शन सहित विभिन्न निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।पीएचई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक चरण में डायरेक्ट पंपिंग के माध्यम से आंशिक जलापूर्ति की जा रही थी, लेकिन पर्याप्त जल क्षमता वाले स्रोत की अनुपलब्धता तथा तकनीकी कारणों से नियमित आपूर्ति प्रभावित हुई। इसी को ध्यान में रखते हुए गांव को हरदी-भटचौरा समूह जल प्रदाय योजना में शामिल किया गया है, जिससे भविष्य में स्थायी और निर्बाध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। समूह जल प्रदाय योजना के हेडवर्क्स संबंधी कार्य वर्तमान में निविदा प्रक्रिया में हैं। कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम ठाकुरदेवा के सभी परिवारों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीणों को लंबे समय तक सुरक्षित और नियमित जलापूर्ति का लाभ मिलेगा।जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के संकल्प को साकार किया जा सके।
- बिलासपुर. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी में 10 जून 2026 को सवेरे 11 बजे से शाम 4 बजे तक रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा। मेले में 5 निजी नियोजकों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जाएगी, जिसमें सेविंग मशीन ऑपरेटर, लोन ऑफिसर, सुपरवाइजर, असिस्टेंट, हाउस कीपिंग स्टाफ, फार्मेसी असिस्टेंट जैसे कुल 653 पद शामिल हैं।रोजगार मेले में 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड तथा शैक्षणिक योग्यता से संबंधित अंकसूची एवं प्रमाण पत्रों की मूल प्रति एवं छायाप्रति लानी होगी। मेले में शामिल होने के लिए आवेदकों को ई रोजगार पोर्टल (erojgar.cg.gov.in) अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से पंजीयन कर एवं रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी, बिलासपुर से प्राप्त की जा सकती है।
- बालोद. राज्य के उत्कृष्ठ शैक्षणिक संस्थाओं में कक्षा 6वीं में निःशुल्क अध्ययन एवं प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 05 जुलाई को 2026 को आयोजित किया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को वर्तमान में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत् होना तथा कक्षा 4थीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया होना अनिवार्य है।ऐसे विद्यार्थी उक्त योजना के तहत् आयोजित चयन परीक्षा में शामिल होने के पात्र होगें। उन्होंने बताया कि चयन परीक्षा के प्राप्ताकों की मेरिट के आधार पर कक्षा 6वीं के लिये अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु आबंटित किए गए राज्य में स्थित उत्कृष्ठ शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश हेतु आयोजित चयन परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही योजनांतर्गत विद्यार्थियों का चयन पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र अर्थात् ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित शालाओं के कक्षा 5वीं में अध्ययनरत् विद्यार्थी इस योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। नगर पालिका तथा नगर निगम क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थी योजना का लाभ लेने हेतु पात्र नहीं होंगे। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश दिलाने हेतु आयोजित परीक्षा में शामिल होने के लिए कक्षा 5वीं में अध्ययनरत् विद्यार्थी अपने आवेदन पत्र के साथ कक्षा 4थीं की अंक सूची, जाति प्रमाण-पत्र, पालक का आयकरदाता नहीं होने प्रमाण-पत्र संस्था का ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने का प्रमाण-पत्र अपने शाला में 20 जुलाई 2026 तक जमा कर सकते है।--
- 0- शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुए हितग्राही, 5611 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम बघमरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम पंचायत बघमरा सहित बघमरा में शामिल आसपास के ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शासकीय हाई स्कूल प्रागंण बघमरा में आज आयोजित शिविर में संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, एसडीएम श्री नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।ग्राम पंचायत बघमरा में आयोजित शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख का वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, दिव्यांग एवं बुजुर्गों को श्रवण यंत्र एवं बैटरी चलित ट्रायसायकल, नया राशन कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण, वृद्धा पेंशन का स्वीकृति आदेश के अलावा शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया।ग्राम बघमरा में आयोजित शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 3931 आवेदन, श्रम विभाग को 397 आवेदन, खाद्य विभाग को 607, महिला एवं बाल विकास विभाग को 249 आवेदन, विद्युत विभाग को 125, राजस्व विभाग को 117 आवेदन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 5658 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 5611 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। इस मौके पर शिविर में शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों ने राज्य शासन के इस सुशासन तिहार 2026 के आयोजन की भूरी-भूरी सराहना भी की।शिविर में सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अतिथियों ने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा आम जनता के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। शासन के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान आयोजित होने वाले जनसमसया निवारण शिविरों के पंजीयन काउंटर में आम नागरिक अपने मांगों एवं समस्याओं के संबंध में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। संबंधित विभागों के द्वारा निर्धारित समयावधि में उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि बघमरा में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम परसदा, सांकरा ज, द.नवागांव, डेंगरापार, जगन्नाथपुर, घुमका, कोहंगाटोला, मनौद, तरौद, खेरथाडीह, जुंगेरा, भोथली, ओरमा, बघमरा, पड़कीभाट, सिवनी, खैरतराई, उमरादाह, हीरापुर और देवीनवागांव ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जेएस राजपूत सहित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- 0- जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के संबंध में की गई विस्तृत चर्चाबालोद. जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में एडीशनल पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने नशापान एवं तेज गति से ड्राइविंग को सड़क दुर्घटना का प्रमुख कारण मानते हुए पुलिस एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती ठाकुर ने पुलिस, यातायात एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से जाँच अभियान चलाकर शराब पीकर एवं तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चलाने वालों के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने वाहन चालकों के लायसेंस जांचकर बिना लायसेंस के वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में बैठक में उपस्थित अधिकारियों से जानकारी ली। इसके अंतर्गत उन्होंने सड़कों एवं चैक-चैराहों में विचरण करने वाले मवेशियों की रोकथाम के अलावा गुड सेमेरिटन के कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने हेतु सुझाव भी लिया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों के संबंध में आवश्यक सुझाव भी दिए। बैठक में कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला परिवहन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के उपायुक्त सह जोन आयुक्त दिनेश कोसरिया ने जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र का निरीक्षण कर नाला सफाई कार्यों, निकासी व्यवस्था एवं तालाबों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बरसात से पहले नाला सफाई कार्य समय पर पूर्ण करने तथा तालाबों की विशेष सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त ने सूर्या विहार के सामने तालाब सफाई कार्य हेतु अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देशित किया । उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु से पूर्व नालों की सफाई पूरी कर ली जाए, ताकि जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बाद उन्होंने आमा तालाब और जुनवानी तालाब का निरीक्षण कर साफ-सफाई व्यवस्था एवं आवश्यक संधारण सहित सौन्दर्यीकरण हेतु निर्देश दिये। जोन आयुक्त ने कहा कि तालाबों की नियमित सफाई और गाद-मुक्ति से वर्षाजल का बेहतर संचयन संभव होगा, जिससे तालाबों का जलस्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।जोन आयुक्त, टीम एवं वार्ड पार्षद मुकेश अग्रवाल के साथ जोन के विभिन्न स्थलों में लगातार 2 घंटे तक समस्याग्रस्त स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया गया । होटल इंपीरियल के पीछे, आनंद नगर, चौहान टाऊन, बी एस बी के एवं अन्य स्थलों के जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। बरसाती पानी निकासी हेतु तात्कालिक व्यवस्था बनाए जाने संबंधी चर्चा की गई है ।जोन आयुक्त ने कहा कि तालाब शहर की जल संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बरसात के दौरान अधिक से अधिक वर्षाजल संग्रहित हो सके, इसके लिए तालाबों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना सहित क्रिस्टोफर पॉल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- धौराभाठा स्थित एसजे फार्म पहंुचे कलेक्टर, जिले के सबसे बड़े जैविक और हाई-टेक डेयरी फार्म का भी किया निरीक्षण0- धौराभांठा स्थित एसजे डेयरी फार्म में कलेक्टर श्री सिंह ने गायों को खिलाया गुड़दुर्ग. केंद्र एवं राज्य शासन की महत्वाकांक्षी (नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल) ऑयल पाम योजना के अंतर्गत जिले में ऑयल पाम खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज धमधा विकासखण्ड के ग्राम कंदई और धौराभाठा पहुंचकर आयॅल पाम खेती का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विभिन्न कृषि गतिविधियों का भी निरीक्षण किया।ग्राम कंदई में कृषक श्री पवन कुमार साहू, श्री तुमेन्द्र कांत साहू, श्री विश्वदीप साहू द्वारा कुल 7.45 हेक्टेयर रकबे में से 2 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम पौधरोपण किया गया है। शेष क्षेत्र में गड्ढा खुदाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा आगामी दो से तीन दिनों में पौधरोपण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने ग्राम धौराभांठा के कृषक श्री नवीन लोहान एवं श्रीमती लतिका शर्मा के 4 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित ऑयल पाम प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लगभग 500 एकड़ खेत में लगाए गए ड्रैगन फ्रूट, आम की विभिन्न किस्मों, मौसंबी, पपीता, अमरूद, केला तथा जल संरक्षण के लिए निर्मित तालाब का अवलोकन किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सिंह ने धौराभांठा में जामुन का पौधा भी रोपित किया।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने धौराभांठा में स्थित एसजे फार्म सबसे बड़े जैविक और हाई-टेक डेयरी फार्म का भी निरीक्षण किया। यहां मुख्य रूप से गिर नस्ल की गाये पाली जाती हैं। इस विशाल फॉर्म में गायों के गोबर का उपयोग करके पूरी तरह से प्राकृतिक और जैविक तरीके से फल व सब्जियां उगाई जाती हैं। इस दौरान कलेक्टर ने डेयरी फार्म में गायों को गुड़ खिलाया ।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने निरीक्षण के दौरान किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऑयल पाम की खेती किसानों के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकती है। शासन द्वारा इस योजना में विभिन्न मदों पर अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को नई खेती अपनाने में आर्थिक सहायता मिल रही है।उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में दुर्ग जिले को एनएमईओ-ओपी योजना के तहत 150 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिले में योजना का संचालन उद्यानिकी विभाग एवं शासन द्वारा अधिकृत 3 एफ ऑयल पाम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सहयोग से किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में 28 किसानों का चयन कर ले-आउट एवं गड्ढा खुदाई का कार्य कराया जा रहा है।इस दौरान उप संचालक श्री नारायण सिंह लावत्रे, उद्यान विकास अधिकारी श्री रविश कुमार साहू, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्री प्रमोद कुमार धलेन्द्र, कंपनी के स्टेट हेड श्री डोमेन्द्र साहू, कलस्टर मैनेजर श्री रोहित साहू, कलस्टर ऑफिसर श्री देवानंद साहू उपस्थित रहे।
- दुर्ग. आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर प्रदेश के किसान अब अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के ग्राम डूंडेरा के प्रगतिशील किसान श्री पुरेंद्र कुमार यादव ने अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग कर खेती में सकारात्मक और अनुकरणीय परिणाम प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो उर्वरकों का प्रयोग करने से उनकी फसल को संतुलित पोषण मिला, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।श्री यादव के अनुभवों के अनुसार, पारंपरिक बोरा बंद उर्वरकों की तुलना में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से खेती की लागत में भारी कमी आई है। बेहद कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद फसल को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी रूप से प्राप्त हुए, जिससे न केवल पैसों की बचत हुई बल्कि समय, श्रम और परिवहन जैसे संसाधनों की भी बड़ी बचत हुई है। धान की फसल में नैनो उर्वरकों के प्रयोग से मिले अपेक्षा से बेहतर परिणाम और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन से वे बेहद संतुष्ट हैं। अपने इस सफल अनुभव के आधार पर श्री पुरेंद्र कुमार यादव ने अन्य किसान भाइयों से भी पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को अपनाने की अपील की है।उन्होंने अपना संदेश साझा करते हुए कहा, “नैनो डीएपी और नैनो यूरिया आने वाले समय में हम किसान भाइयों के लिए एक भरोसेमंद साथी साबित होंगे। इससे खेती की लागत कम होती है, फसल को बेहतर पोषण मिलता है और उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलती है।" उन्होंने अन्य सभी किसान भाइयों से भी इन उन्नत उर्वरकों का उपयोग कर इसके लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि जिले में नैनो उर्वरकों के बढ़ते उपयोग से किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा प्राप्त हो रहा है। कृषि विभाग के सहयोग से लिया गया यह फैसला खेती को अधिक वैज्ञानिक, पर्यावरण अनुकूल, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
- 0- इजराइल में ’होम बेस्ड केयर गिवर’ के 3500 पदों पर भर्ती, मिलेगा ₹1.99 लाख प्रति माह वेतनदुर्ग. प्रदेश के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार पाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के अंतर्गत भारत-इजराइल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के तहत इजराइल में ’होम बेस्ड केयर गिवर’ के कुल 3,500 पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है। जिला रोजगार कार्यालय के उप संचालक के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए इस अवसर के तहत चयनित उम्मीदवारों को लगभग 2 लाख रुपये प्रति माह का प्रारंभिक वेतन मिलेगा। विभिन्न कटौतियों (जैसे चिकित्सा बीमा, आवास और भोजन भत्ता) के बाद आवेदकों को शुद्ध रूप से 1,99,770 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा।यह नियुक्ति शुरुआती तौर पर दो वर्ष के अनुबंध (कॉन्ट्रेक्ट) पर होगी, जिसे आवश्यकतानुसार आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा नियोक्ता द्वारा आवास, भोजन, चिकित्सा बीमा सहित 9 दिनों के राष्ट्रीय अवकाश, 16 दिनों के वार्षिक अवकाश और सप्ताह में 6 दिन कार्य की सुविधा दी जाएगी। इस पद के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार आवेदकों की आयु 25 से 45 वर्ष के बीच, न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ इंटरमीडिएट स्तर पर अंग्रेजी विषय का होना अनिवार्य है। साथ ही आवेदक के पास न्यूनतम 3 वर्ष की वैधता वाला पासपोर्ट होना चाहिए, वह शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हो, लंबाई 1.5 मीटर से अधिक और वजन 45 किलोग्राम से अधिक होना चाहिए। इसके अलावा आवेदक ने पूर्व में इजराइल में कार्य न किया हो। शैक्षणिक योग्यता के रूप में भारतीय नियामक प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त 990 घंटे का ओजेटी (ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग) सहित केयर गिविंग प्रमाणपत्र अनिवार्य है, अथवा जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, फिजियोथेरेपी या नर्स असिस्टेंट में से कोई एक प्रमाणपत्र होना आवश्यक है।उल्लेखनीय है कि भर्ती की चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ रोजगार पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों की जांच व सत्यापन, स्वास्थ्य परीक्षण, पुलिस क्लीयरेंस और अंत में इजराइल के नियोक्ता द्वारा वीडियो साक्षात्कार के माध्यम से अंतिम चयन किया जाएगा। इच्छुक और पात्र आवेदक छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल पर जारी लिंक के माध्यम से तुरंत अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। उपसंचालक (रोजगार), जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की शंका या संदेह होने पर युवा प्रदेश के किसी भी शासकीय रोजगार कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं, साथ ही उन्होंने इस भर्ती के नाम पर सक्रिय दलालों से विशेष रूप से सावधान रहने की अपील की गई है।
- दुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग और कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज, भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 17 जून 2026 (बुधवार) को एक वृहद जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले का आयोजन खम्हरिया, भिलाई स्थित कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में किया जाएगा। जिला रोजगार कार्यालय के उप संचालक से मिली जानकारी के अनुसार, इस रोजगार मेले में कुल 10 प्रतिष्ठित नियोजकों की ओर से तकनीकी और गैर-तकनीकी श्रेणी के कुल 2,029 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएंगी।मेले में शामिल होने के लिए विभिन्न शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं, जिनमें कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक (बीए, बीएससी आदि), स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम और डिप्लोमा पैरामेडिकल उत्तीर्ण आवेदक शामिल हो सकते हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आवेदकों का रोजगार कार्यालय में पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) होना अनिवार्य है। भर्ती और रिक्तियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.erojgar.cg.gov.in या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप (सीजी रोजगार ऐप) पर जाकर देखी जा सकती है। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी या सहायता के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, मालवीय नगर चौक, दुर्ग में सीधे संपर्क कर सकते हैं।
- 0- ग्राम ढौर एवं डूमर में हो रहा नील-हरित काई का उत्पादनदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज धमधा विकासखण्ड के ग्राम ढोर एवं डूमर पहुंचकर नील-हरित काई उत्पादन टांकों का निरीक्षण किया तथा किसानों से चर्चा कर इसके लाभों की जानकारी ली। जिले में किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और मृदा स्वास्थ्य सुधारने के उद्देश्य से नील-हरित काई (ब्लू ग्रीन एल्गी-बीजीए) उत्पादन एवं उपयोग अभियान चलाया जा रहा है। जिले में वर्तमान में लगभग 217 नील-हरित काई उत्पादन टांकों का निर्माण किया गया है। यह तकनीक किसानों के लिए बेहद उपयोगी और किफायती है, जिसे वे अपने घर या खेत की खाली भूमि पर कम खर्च में तैयार कर सकते हैं।कलेक्टर श्री सिंह ने निरीक्षण के दौरान किसानों को अधिक से अधिक संख्या में इस नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि जैविक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में नील-हरित काई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि विभाग के उप संचालक को निर्देश दिए कि कृषि मित्रों, कृषि सखियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किसानों को जागरूक कर इस तकनीक के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। नील-हरित काई धान की खेती में प्राकृतिक नाइट्रोजन उपलब्ध कराती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। इसके उपयोग से मिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार होता है। इसका लाभ धान फसल के साथ-साथ धान कटाई के बाद ली जाने वाली रबी फसलों को भी मिलता है। इस दौरान कृषि विभाग उप संचालक श्री संदीप भोई सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. संचालनालय कृषि रायपुर के निर्देशानुसार संभागीय संयुक्त संचालक कृषि, दुर्ग द्वारा संभाग के नवीन उर्वरक निरीक्षकों का दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान, रुआबांधा (दुर्ग) में आयोजित किया गया। सहायक संचालक कृषि कार्यालय संयुक्त संचालक कृषि संभाग दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार 04 और 05 जून 2026 तक चले इस विशेष प्रशिक्षण में उपस्थित संभाग के 38 उर्वरक निरीक्षकों को श्रीमती गोपिका गबेल, संभागीय संयुक्त संचालक कृषि दुर्ग द्वारा प्रशिक्षण की महत्ता बताते हुए विभिन्न विषयों पर संक्षिप्त उद्बोधन दिया गया। उनके कार्यालय के सहायक संचालक कृषि श्री संजय कुमार डहरिया एवं श्री हेमन्त कुमार बघेल द्वारा उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण करने और नमूना लेने की विधि के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया।अग्रणी उर्वरक कंपनी ईफको, कृषको एवं आई.पी.एल. के राज्य एवं संभाग के विपणन अधिकारी द्वारा उर्वरकों की आपूर्ति की प्रक्रिया, कृषकों को उर्वरक पर देय अनुदान तथा दानेदार रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर नैनो उर्वरकों के उपयोग से होने वाले लाभ के बारे में अवगत कराया गया। विशेष प्रशिक्षक के रूप में आहूत श्री एन. के. दीक्षित (सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक कृषि) द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरक (संचलन नियंत्रण) आदेश 1973 एवं उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों (नियमों / खण्डों / धाराओं) से अवगत कराया गया। उनके अंतर्गत विहित रासायनिक, जैव / जैविक, नैनो आदि उर्वरकों के स्पेसिफिकेशन की जानकारी दी गयी। नमूना लेने की प्रक्रिया, विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण एवं प्रावधानों के उल्लंघन किये जाने पर की संबंधित के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही किस प्रकार की जाती है इन सब के बारे में सविस्तारपूर्वक बताया गया।प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी निरीक्षकों को निकटस्थ सेवा सहकारी समिति, कोड़िया एवं बोरीगारका का भ्रमण कराया गया। वहाँ उन्हें उर्वरक के रख-रखाव, स्टॉक मिलान और नमूना लेने की प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन करके दिखाया गया। इसके बाद सभी प्रशिक्षुओं से स्वयं इन प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। अंत में प्रशिक्षु उर्वरक निरीक्षकों को उनके दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन की शुभकामनाओं के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम में उनकी सक्रियतापूर्वक सहभागिता हेतु उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।



























