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- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के रजत जयंती महोत्सव के विशेष अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के कार्यों को कराने के लिए स्वीकृति जारी की जा रही है। इसके तहत रजत जयंती के विशेष मौके पर बेमेतरा जिले के अंतर्गत हाल ही में दो सड़कों के निर्माण कार्य के 47 करोड़ 5 लाख 44 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में बेमेतरा जिले के अंतर्गत देवकर साजा खम्हरिया मार्ग लम्बाई 31.60 किलोमीटर के लिए 31 करोड़ 11 लाख 43 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार से बेरला से कोदवा देवरबीजा करमू मार्ग लम्बाई 22 किलोमीटर के लेन मजबूतीकरण कार्य के लिए 15 करोड़ 94 लाख एक हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इन मार्गों के कार्य क्षेत्रीय लोगों के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। इन कार्यों की स्वीकृति मिलने से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र होने से लोगो को सुविधा होगी।
- -स्थानीय निकायों के आम/उप निर्वाचन 2026 हेतु सभी आवश्यक कार्यवाहियाँ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें: राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंहरायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह, भा.प्र.से. (से.नि.) की अध्यक्षता में नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आम/उप निर्वाचन 2026 की तैयारियों पर चर्चा के लिए आयोग कार्यालय, नवा रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन संबंधी तैयारियों, प्रशासनिक समन्वय एवं समयबद्ध कार्यवाही पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजू एस., संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री रिमिजियुस एक्का, संचालक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया के साथ-साथ सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे !नगरीय निकायों में रिक्त पदों की वर्तमान स्थितिबैठक में अवगत कराया गया कि वर्तमान में नगरीय निकाय उप निर्वाचन के अंतर्गत नगरपालिका अध्यक्ष के कुल 02 पद तथा पार्षदों के 15 पद रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में नवगठित चार नगर पंचायतों—नगर पंचायत घुमका (जिला राजनांदगांव), नगर पंचायत बम्हनीडीह (जिला जांजगीर–चांपा), नगर पंचायत शिवनंदनपुर (जिला सूरजपुर) एवं नगर पंचायत पलारी (जिला बालोद) में अध्यक्ष के 04 पद तथा पार्षदों के कुल 60 पद रिक्त हैं, जिनकी पूर्ति हेतु निर्वाचन आवश्यक है।त्रिस्तरीय पंचायतों में रिक्त पदों की जानकारीइसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 05 पद, सरपंच के 73 पद तथा पंच के 965 पद रिक्त हैं। इस प्रकार पंचायत स्तर पर कुल 1043 पदों पर आम/उप निर्वाचन कराया जाना शेष है।नवगठित नगर पंचायतों में परिसीमन एवं आरक्षण हेतु निर्देशराज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह द्वारा नवगठित दो नगर पंचायतों—नगर पंचायत तमनार (जिला रायगढ़) एवं नगर पंचायत बड़ी करेली (जिला धमतरी) में वार्ड परिसीमन एवं आरक्षण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए गए।मतदाता सूची का पुनरीक्षणराज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा यह भी निर्देश दिए गये की छत्तीसगढ़ में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की कार्यवाही पूर्ण होने के तत्काल पश्चात् अद्यतन मतदाता सूची प्राप्त की जाये और प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय निकायों के उप निर्वाचन हेतु मतदाता सूची तैयार की जाये ताकि आयोग द्वारा निर्धारित समयावधि में लंबित उप निर्वाचन की कार्यवाही संपन्न की जा सके |
- रायपुर - भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी की समाजहितकारी मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छग राज्य विद्युत पावर वितरण कम्पनी के माध्यम से संचालित अभिनव योजना पीएम सूर्यघर योजना का लाभ उठाने की विनम्र अपील राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी वार्ड पार्षदों से की है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के सभी पार्षदों से अपने - अपने घरों में सोलर पैनल छग विद्युत पावर वितरण कम्पनी के माध्यम से लगवाकर राष्ट्र हित में विद्युत की बचत करने का सकारात्मक सन्देश देने और अपने - अपने वार्ड क्षेत्र के सभी रहवासी नागरिकों को पीएम सूर्यघर योजना का अधिक से अधिक संख्या में व्यवस्था अंतर्गत अधिकतम लाभ लेने जागरूक बनाने की विनम्र अपील की है.
- -पॉवर कंपनी मुख्यालय में गणतंत्र दिवस खेल सप्ताह शुरू-23 जनवरी तक आठ टीमों के बीच होंगी आठ स्पर्धाएंरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज में गणतंत्र दिवस खेल सप्ताह का शुभारंभ प्रबंध निदेशकों ने किया। प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं श्री भीमसिंह कंवर ने इस मौके पर खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं एवं खेलों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, टीम भावना तथा सकारात्मक कार्यसंस्कृति का विकास करना है। डंगनिया स्थित मुख्यालय परिसर में नए बने मैदान में बल्लेबाजी करके खेल स्पर्धा का विधिवत आगाज किया।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद ने गणतंत्र दिवस खेल सप्ताह का आयोजन 19 से 23 जनवरी तक किया है। इसमें मुख्यालय रायपुर एवं रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्युत कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। खेल प्रतियोगिताओं का उद्घाटन समारोह के शुभारंभ अवसर पर (जनरेशन कंपनी) श्री एस.के. कटियार ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि कार्यस्थल पर अनुशासन, सहयोग और सौहार्द को भी बढ़ावा देते हैं।प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन कंपनी) श्री आर.के. शुक्ला ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से कर्मचारियों में बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित होती है। खेलों के माध्यम से खेल भावना को बढ़ावा देना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी) श्री भीम सिंह कंवर ने कहा कि खेल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं और तनाव को कम करने में सहायक हैं।स्वागत भाषण केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के महासचिव श्री एम.एस. चौहान ने दिया। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्युत खेल नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष श्री के.एस. मनोठिया, कार्यपालक निदेशकगण सर्वश्री वीके साय, संजय पटेल, जे.एस. नेताम, एम.एस. कंवर, मुख्य अभियंतागण श्री रजनीश जांगड़े, श्रीमती चंद्रकला गिडवानी एवं श्री संजीव सिंह उपस्थित रहे। इस वर्ष आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में टेनिस बाल क्रिकेट, वॉलीबाल, टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम, बैडमिंटन, ब्रिज एवं टेनिस बाल थ्रो शामिल हैं। प्रतियोगिताओं में कुल आठ टीमों की भागीदारी है, जिनमें ट्रांसमिशन, जनरेशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के विभिन्न कार्यालय सम्मिलित हैं। उद्घाटन समारोह का संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने किया।
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रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश कुमार अग्रवाल एवं डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई।
शपथ ग्रहण समारोह में राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध सिंह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री गिरिधारी नायक, राज्य सूचना आयोग के आयुक्त श्री आलोक चंद्रवंशी, राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी, श्री अशोक अग्रवाल, श्री धनवेंद्र जायसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री नीलम नामदेव एक्का सहित गणमान्य नागरिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।ज्ञात हो कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन सेवानिवृत्त आईएएस पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश अग्रवाल सेवानिवृत्त आईएएस हैं तथा डॉ.शिरीष चंद्र मिश्रा पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। - -मृतकों के परिजनों को 5 लाख एवं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायतारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले के समीप हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ शासन पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस दुर्घटना में मृत 10 व्यक्तियों के परिजनों को ₹5 लाख रुपए तथा घायल व्यक्तियों को ₹50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। यह सहायता राशि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तत्काल राहत एवं बीमा आदि से मिलने वाली राशि के अतिरिक्त होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हरसंभव और प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएँ। मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
- रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अभियान से प्रेरित साझा काव्य संग्रह ‘एक पेड़ मां के नाम‘ का विमोचन आज लोकभवन में किया।इस काव्य संग्रह में देश भर के विभिन्न राज्यों के शिक्षकों, साहित्यकारों की रचनाओं को शामिल किया गया है जिसका संपादन शिक्षक श्री सागर कुमार शर्मा ने किया है।इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक असंतुलन की चुनौतियों से जूझ रहा है ऐसे में साहित्य का यह स्वरूप लोगों को प्रेरित करता है कि वे प्रकृति से जुड़े, उसे समझें, और उसकी रक्षा करें। मां की तरह ही एक पेड़ भी हमें जीवन, छाया, ऑक्सीजन, फल, फूल, ईंधन और आश्रय सब कुछ निःस्वार्थ देता है। उन्हांेने आशा व्यक्त किया कि यह काव्य संग्रह पाठकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनने के लिए प्रेरित करेगा।विमोचन समारोह में राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व विधायक श्री संतोष उपाध्याय, वरिष्ठ साहित्यकार श्री मीर अली मीर सहित शिक्षक साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के सदस्य उपस्थित थे।
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रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के जोन क्रमांक 2 अंतर्गत शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्रमांक 28 के अंतर्गत देवेन्द्र नगर सेक्टर -2 में शीतल कॉलोनी में जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अधोसंरचना मद से लगभग 17 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नवीन सीसी रोड और नाली निर्माण शीघ्र कर नागरिकों को गन्दे पानी का सुगम निकास और सुगम आवागमन उपलब्ध करवाने रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, वित्त विभाग अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार, शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्रमांक 28 की पार्षद श्रीमती कृतिका जैन, नगर निगम जोन 2 जोन कमिश्नर डॉ आर. के. डोंगरे, कार्यपालन अभियंता श्री पी. डी. धृतलहरे, सहित गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, आमजनों की उपस्थिति में श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर भूमिपूजन किया.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम जोन 2 के अंतर्गत शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्रमांक 28 के क्षेत्र में स्थल पर नवीन विकास कार्यों का भूमिपूजन करते हुए स्वीकृति अनुसार तत्काल नए विकास कार्यों को प्रारम्भ करवाकर तय समयसीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करवाना सुनिश्चित करवाने जोन 2 जोन कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया.
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- आमापारा कारी तालाब उद्यान का सौंदर्याकरण, आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण, सामुदायिक भवन, नाली, सडक, हाई मास्क लाईट स्थापना सहित विविध नये विकास कार्य शीघ्र कराये जायेंगे
-नगर निगम जोन 7 के वार्ड 36, 37, 38 में राज्य लोक निर्माण विभाग और रायपुर नगर निगम के माध्यम से लगभग 3 करोड के नये विकास कार्य शीघ्र करवाने किया गया भूमिपूजन 0*
रायपुर/ प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत एवं नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर पालिक निगम रायपुर के जोन कमांक 7 अंतर्गत शहीद चूडामणी नायक वार्ड कमांक 37 के क्षेत्र में राजधानीवासियों को एकमुश्त 76 लाख के नये विविध विकास कार्यों का श्रीफल फोड़कर एवं कुदाल चलाकर भूमिपूजन करते हुए छ.ग. राज्य लौह शिल्पकार विकास बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, वार्ड 37 के पार्षद एवं लोककर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग अध्यक्ष श्री मनोज वर्मा, पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग अध्यक्ष श्री भोला राम साहू, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग अध्यक्ष श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, जोन 7 अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, स्वामी आत्मानंद वार्ड पार्षद श्री आनंद अग्रवाल, पूर्व पार्षद श्री ओकार बैस, श्री अखिलेश कश्यप, सामाजिक कार्यकर्ता श्री नवीन शर्मा, श्री बजरंग खंडेलवाल सहित महिलाओ, गणमान्यजनो, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवको, आमजनों, जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे की उपस्थिति में शानदार सौगात दी है।
रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर निगम रायपुर के जोन 7 अंतर्गत तात्यापारा वार्ड कमांक 36 शहीद चूडामणी नायक वार्ड कमांक 37 और स्वामी आत्मानंद वार्ड कमांक 38 में नगर निगम रायपुर और राज्य लोकनिर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 3 करोड रू. की स्वीकृत लागत से नये विविध विकास कार्य जनहित में जनसुविधा विस्तार हेतु करवाने भूमिपूजन कर राजधानीवासियों को शानदार सौगात दी गई।
शहीद चूडामणी नायक वार्ड क्रमांक 37 के पार्षद एवं लोककर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री रायपुर पश्चिम विधागक श्री राजेश मूणत और नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने छत्तीसगढ़ राज्य लौह शिल्पकार विकास बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, जोन 7 अध्यक्ष एमआईसी सदस्यों, वार्ड पार्षद सहित वार्ड 37 में एकमुश्त 76 लाख 17 हजार रू. के नये स्वीकृत विकास कार्यों का जनहित में जनसुविधा विस्तार की दृष्टि से भूमिपूजन किया है। इसके अंतर्गत वार्ड 37 अंतर्गत आमापारा स्थित कारी तालाब उद्यान का सौंदर्याकरण 25 लाख की स्वीकृत लागत से किया जायेगा। कारी तालाब उद्यान में पार्किंग व्यवस्था सहित टो वॉल निर्माण, प्रवेश द्वार, योगा, जुम्बा शेड, कीड्स प्ले एरिया, लैण्ड स्केपिंग कार्य का विकास व निर्माण कर कारी तालाब उद्यान को सुन्दर विकसित स्वरूप शीघ्र नगर निगम जोन 7 लोककर्म विभाग के माध्यम से दिया जायेगा। रामकुंड चिरहुलडीह में आंगनबाडी केन्द्र निर्माण, सारथी पारा में स्थित सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, वार्ड 37 अंतर्गत एएन ट्रेडर्स से प्रदीप कुमार व शीतला मंदिर से साहू चिकन सेंटर तक पीसीसी नाली और आरसीसी रोड़ निर्माण कार्य, वासुदेव पारा में स्थित सामुदायिक भवन अतिरिक्त कक्ष निर्माण, वार्ड अंतर्गत विभिन्न स्थानो में सीसी पेंच मरम्मत कार्य, विभिन्न 2 स्थानो पर वार्ड 37 अंतर्गत हाई मास्क लाईट की स्थापना का कार्य शीघ्र किया जायेगा। वार्ड पार्षद व एमआईसी सदस्य श्री दीपक जायसवाल ने नगर निगम जोन 7 वार्ड 37 में रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एकमुश्त 76 लाख के नये विकास कार्य भूमिपूजन कर प्रारंभ करने पर वार्डवासियों की ओर से पूर्व केबिनेट मंत्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत और नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और छत्तीसगढ़ राज्य लौह शिल्पकार विकास बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा को हार्दिक धन्यवाद दिया।
- -धान के उठाव पर बीते 17 जनवरी से प्रतिबंध-टोकन जारी करना बंद, किसान भटक रहेरायपुर। अवकाश के दिनो को छोड़ आज सोमवार से ले धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी तक सोसायटियों में खरीदी हेतु महज 9 दिन बाकी रह गया है पर किये गये खरीदी व्यवस्था से सोसायटियां व किसान सांसत् में हैं । एक ओर धान खरीदी हेतु जगह न होने के नाम पर सोसायटियां जाम धान की उठाव हेतु गुहार पर गुहार लगा रहा है तो दूसरी ओर टोकन न मिलने से किसान परेशान हैं । मिलर्स द्वारा उठाव किये जा चुके धान के कथित सत्यापन के नाम पर जहां उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव पर बीते 17 जनवरी से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है वहीं किसानों द्वारा बिक्री हेतु शेष धान के सत्यापन के नाम पर टोकन जारी करना बंद कर दिया गया है । इसे ले सोसायटी कर्मी व किसान सांसत् में हैं ।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित मुख्य सचिव विकास शील व मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को आज सोमवार को मेल से प्रेषित ज्ञापन में किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने यह जानकारी देते हुये सोसायटियों व किसानों के व्यापक हित में अविलंब व्यवहारिक निर्णय लेने का आग्रह किया है । ज्ञापन में बतलाया गया है कि जाम धान की वजह से खरीदी हेतु जगह नहीं होने व सूखती सहित अन्य कारणों के चलते आर्थिक क्षति होने की बात कह अधिकांश सोसायटियां अविलंब उठाव की मांग कर रही है पर दूसरी ओर मिलर्स द्वारा अब तक उठाव किये गये धान के भौतिक सत्यापन के नाम पर नया डी ओ जारी करना तो दूर , जारी किये जा चुके डी ओ के भी धान को मिलर्स को उठाव न करने देने का फरमान जारी कर बीते 17 जनवरी से इस पर रोक लगा दिया गया है । दो एकड़ तक के भूमिस्वामी किसानों को 01 टोकन , 02 से 10 एकड़ के भूमिस्वामी किसानों को 02 टोकन व 10 एकड़ से अधिक भूमिधारी किसानों को 03 टोकन की पात्रता देने की नीति का हवाला देते हुये बतलाया गया है कि एक टोकन का पात्रता धारी किसान जल्द से जल्द धान बेचने के चक्कर में आन लाइन टोकन काटते समय गणीतीय चुक की वजह से अथवा आनलाईन में पर्याप्त लिमिट न होने की वजह से पात्रता से कम धान बेच पाया है व उसका बचत धान बिक्री के इंतजार में है । ऐसी ही स्थिति कमोबेश 02 टोकन की पात्रता वाले किसानों की भी है जो इसी चूक के साथ - साथ 03 टोकन सुविधा होने की गलतफहमी के चलते अपना पूरा धान नहीं बेच पाया है । 03 टोकन की पात्रता वाले किसानों को तीसरा टोकन जारी नहीं होने से पात्रता के बाद भी वे धान बेचने से वंचित रह गये हैं । बीते वर्षों तक ऐसे किसानों को धान खरीदी तिथि समाप्ति के लगभग 15 दिन पूर्व एक अतिरिक्त टोकन जारी किये जाने की व्यवस्था की जानकारी देते हुये ऐसे किसानों की सूची सोसायटियों से मंगवा उन्हें एक अतिरिक्त टोकन सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह ज्ञापन में किया गया है । किसानों द्वारा बिक्री हेतु शेष धान की भौतिक सत्यापन के नाम पर टोकन जारी करना बंद किये जाने व 27 जनवरी के बाद की तिथि के लिये टोकन जारी नहीं होने की जानकारी देते हुये बतलाया गया है कि धान खरीदी के लिये निर्धारित अंतिम तिथि 31 जनवरी के लिये पूर्व में काटे जा चुके किसानों को भी अपना धान 02 दिन पहले 29 जनवरी को उपार्जन केन्द्रों में लाने का फरमान जारी कर दिया गया है जिसके चलते 29 व 31 जनवरी का धान एक ही दिन में खरीदने से केन्द्रों की व्यवस्था चरमरा जावेगी । श्री शर्मा ने इन मसलों पर तत्काल व्यवहारिक निर्णय लेने का आग्रह करते हुये आगाह किया है कि किसान हित में निर्णय नहीं लेने पर जहां किसान कोचियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने मजबूर होंगे वहीं सोसायटियों को गंभीर आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ेगा ।
- -उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि से परिवार की आर्थिक स्थिति हुई सुदृढ़रायपुर। भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ खेती न केवल आजीविका का साधन है बल्कि आत्मनिर्भरता का आधार भी है। छत्तीसगढ़ में भी किसान आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं के सहयोग से निरंतर प्रगति कर रहे हैं। इसी तारतम्य में मुंगेली जिले के विकासखंड लोरमी के ग्राम बिंदावल की कृषक महिला बजरहीन बाई गोंड़ की, जिन्होंने सरसों की खेती से अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग के बल पर सफलता की नई मिसाल कायम की है। बजरहीन बाई गोंड़, पिछले 30 वर्षों से खेती से जुड़ी हुई हैं। उनके परिवार की आजीविका पूरी तरह कृषि पर निर्भर है। वर्ष 2025-26 में उन्होंने कृषि विभाग की तरफा योजना अंतर्गत सरसों फसल प्रदर्शन में भाग लिया। इस योजना के तहत उन्हें 1.970 हेक्टेयर क्षेत्र में उन्नत सरसों बीज उपलब्ध कराया गया।कृषि विभाग लोरमी द्वारा न केवल बीज प्रदान किए गए, बल्कि समय-समय पर खाद, रोग-व्याधि नियंत्रण किट तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया गया। आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक मार्गदर्शन का सकारात्मक प्रभाव फसल पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला। परिणामस्वरूप, बजरहीन बाई गोंड को असिंचित क्षेत्र में 01 हेक्टेयर से 16 क्विंटल सरसों का उत्पादन प्राप्त हुआ, जो क्षेत्र की औसत उपज से कहीं अधिक है। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई। बजरहीन बाई गोंड़ बताती हैं कि कृषि विभाग की योजनाओं ने उन्हें न केवल बेहतर उत्पादन दिया, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी प्रदान की। उन्होंने इस सफलता के लिए कृषि विभाग लोरमी एवं जिला प्रशासन मुंगेली का आभार व्यक्त किया है।
- -समापन समारोह में विधायक धरमजीत सिंह ने की शिरकत-नगपुरा में सामुदायिक भवन का किया भूमिपूजनबिलासपुर /बिल्हा विकासखंड के नगपुरा में आयोजित बेलतरा महोत्सव का समापन अत्यंत हर्षोल्लास और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न हुआ। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में बड़ी संख्या में दर्शकों ने भाग लिया और विभिन्न आयोजनों का आनंद उठाया। समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि इस महोत्सव ने स्थानीय कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान किया है। उन्होंने स्थानीय विधायक श्री सुशांत शुक्ला की अगुवाई में आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में लोकनृत्य, संगीत प्रस्तुतियाँ एवं सांस्कृतिक झांकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। उन्होंने पहले बेलतरा उत्सव के साक्षी बनने के लिए बधाई दी। आगे विशाल भव्यता के साथ आयोजित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर पूजा विधानी ने की। स्थानीय विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों, कलाकारों, दर्शकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी और सुरक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व राज्य सरकार बिना भेदभाव के सभी का विकास करने में लगी है। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप,नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सरपंच गंगा प्रसाद साहू उपस्थित थे। मुख्य अतिथि ने इस अवसर पर नगपुरा मेला स्थल में 10 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया।रंगारंग प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध हुए दर्शकछत्तीसगढ़ी कलाकार और गायक पद्मश्री अनुज शर्मा की बेलतरा महोत्सव के समापन समारोह में शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके संगीत और गायन की ताजगी ने न केवल संगीत प्रेमियों को, बल्कि सभी उम्र के लोगों को झूमने और थिरकने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने एक अलग ही माहौल बना दिया और हर किसी के दिल में अपनी धुनें छोड़ दीं। आधुनिक भारतीय संगीत के इस प्रख्यात सितारे ने अपने कार्यक्रम में फिल्म संगीत से लेकर छत्तीसगढ़ी लोक धुनों तक का समावेश किया, जिससे श्रोताओं को एक विविध संगीत अनुभव प्राप्त हुआ। उनके गायन में जो भावनाएँ और गहराई थी, वह दर्शकों को सीधे दिल से जुड़ने का अहसास दिलाती थी। अनुज शर्मा ने मंच पर अपनी अद्भुत आवाज और संगीतमय प्रस्तुति से दर्शकों के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाई। बिलासपुर के लोक कलाकार हिलेंद्र सिंह ठाकुर की टीम ने भी अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोक कलाओं की इंद्रधनुषी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायन और नृत्य के जरिए उन्होंने शराब और तम्बाकू मुक्त समाज निर्माण का संदेश दिया।
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-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बच्चों से किया संवाद, बताया सफलता का मार्ग
-कहा-लक्ष्य निर्धारित करें, बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और परिश्रम से जुट जाएं-मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की पहल को सराहा-कलेक्टर को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नवीनतम पुस्तिकें खरीदने के दिए निर्देश-डीएमएफ राशि से शिक्षा क्षेत्र में दिख रहा सकारात्मक बदलावरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान डीएमएफ फंड से स्थापित अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी तैयारी, अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को नजदीक से देखा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री को बताया गया कि अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट एक पूर्णतः शासकीय एवं निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था है, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक सहयोग बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जाता है। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभरी है।मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस कोचिंग संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों ने पीएससी, व्यापम, एसएससी, रेलवे, शिक्षक भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इन सफलताओं ने न केवल विद्यार्थियों के जीवन की दिशा बदली है, बल्कि जिले की शैक्षणिक पहचान को भी सशक्त किया है।विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिणाम अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट की सुदृढ़ शैक्षणिक योजना, समर्पित शिक्षकों और प्रशासनिक सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने संस्थान को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए इसकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना, संचालन और प्रभावी प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन को विशेष रूप से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब प्रशासनिक संकल्प और सामाजिक दायित्व एक साथ जुड़ते हैं, तो ऐसे सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आते हैं।इस दौरान मुख्यमंत्री ने डीएमएफ फंड की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह फंड खनन से प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और वहां निवासरत लोगों के कल्याण के लिए प्रारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खनिज क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमएफ फंड के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से दूरस्थ और पिछड़े अंचलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट इसका सशक्त उदाहरण है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ट्राइबल यूथ हॉस्टल, दिल्ली के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक विद्यार्थी वहां निःशुल्क रहकर उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्राप्त होता है।मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित नालंदा परिसर की सुविधाओं के बारे में बताया कि वहां विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अध्ययन की समृद्ध व्यवस्था उपलब्ध है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सभी संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए गए हैं।नालंदा परिसर की सफलता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 34 स्थानों पर हाईटेक लाइब्रेरी के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजपुर में भी विद्यार्थियों के लिए आधुनिक लाइब्रेरी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य शासन पीएससी परीक्षा को यूपीएससी की तर्ज पर पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए सतत कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज राज्य के कमजोर आर्थिक स्थिति वाले बच्चे भी पीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं उत्तीर्ण कर आगे बढ़ रहे हैं, जो शासन की नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और अवसरों की समान उपलब्धता का सकारात्मक परिणाम है।संवाद के दौरान छात्र देवेंद्र ने अद्यतन पुस्तकों की आवश्यकता का विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संवेदनशील निर्णय लेते हुए अपने स्वेच्छानुदान से आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर को निर्देशित किया। वहीं पीएससी की तैयारी कर रहीं छात्रा गीता सिंह ने अध्ययन के साथ स्वास्थ्य संतुलन बनाए रखने को लेकर प्रश्न किया।मुख्यमंत्री ने आत्मीय भाव से अपनी दिनचर्या साझा करते हुए समय पर उठने, नियमित योग करने, अपने इष्ट देव का स्मरण करने तथा समय पर भोजन करने की सलाह दी।अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से अपने पंच, सरपंच, विधायक और सांसद से मुख्यमंत्री बनने तक के जीवन सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि व्यर्थ की बातों पर ध्यान न दें, लक्ष्य निर्धारित करें, बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और परिश्रम से जुट जाएं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। - -एआई और डेटा एनालिटिक्स से शिक्षा में बदलाव:छत्तीसगढ़ का विद्या समीक्षा केंद्र बना राष्ट्रीय मानक-आईबीआईटीएफ ने विद्या समीक्षा केंद्र को बताया शिक्षा प्रशासन में तकनीक-आधारित उत्कृष्ट मॉडल-विद्या समीक्षा केंद्र से बदली शिक्षा प्रशासन की तस्वीररायपुर /छत्तीसगढ़ ने शिक्षा प्रशासन में प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से सुशासन का एक सशक्त और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) ने राज्य के विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी-संचालित सुशासन का एक प्रमुख उदाहरण बताते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय पहल के रूप में रेखांकित किया है।आईबीआईटीएफ के अनुसार, यह मॉडल पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में छत्तीसगढ़ की ठोस उपलब्धि को दर्शाता है।विद्या समीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा क्रियान्वित एक अभिनव डिजिटल पहल है। यह केंद्र शिक्षा व्यवस्था में डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप प्रदान करता है और यह स्पष्ट करता है कि छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल नवाचार के माध्यम से शासन सुधार को प्राथमिकता दे रही है।छत्तीसगढ़ भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक शिक्षा प्रणालियों में से एक का संचालन करता है, जिसमें 48,500 से अधिक शासकीय विद्यालय, 39 लाख से अधिक विद्यार्थी तथा लगभग 1.8 लाख शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी सम्मिलित हैं। इतने व्यापक तंत्र के प्रबंधन में पहले बिखरे हुए डेटा, सीमित रियल-टाइम निगरानी और निर्णयों में विलंब जैसी चुनौतियाँ सामने आती थीं, जो प्रणाली की समग्र दक्षता को प्रभावित करती थीं। विद्या समीक्षा केंद्र इन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हुए एक केंद्रीकृत, रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग एवं एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रहा है। इसके माध्यम से शिक्षा विभाग को समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध हो रही है, जिससे योजनाओं और नीतियों का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी, त्वरित और परिणामोन्मुख बन पाया है।विद्या समीक्षा केंद्र के अंतर्गत UDISE, HRMIS, पीएम पोषण, PGI, APAAR ID, आधार तथा जीआईएस मैपिंग जैसे महत्वपूर्ण डेटाबेस का एकीकृत उपयोग किया जा रहा है। इस समन्वित डेटा प्रणाली से विद्यालय अधोसंरचना, शिक्षक तैनाती, छात्र उपस्थिति, अधिगम परिणाम और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत एवं समग्र निगरानी सुनिश्चित हुई है।विद्या समीक्षा केंद्र में प्रयुक्त एआई-आधारित एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव मॉडल संभावित ड्रॉपआउट, अधिगम अंतराल की समय रहते पहचान में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और समान अवसरों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है।छत्तीसगढ़ की इस डिजिटल पहल की मापनीय उपलब्धियाँ इसकी प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। इनमें लगभग 87 प्रतिशत विद्यार्थियों के लिए APAAR ID का सृजन, लगभग 89 प्रतिशत आधार सत्यापन, तथा 2.13 करोड़ से अधिक पाठ्यपुस्तकों की बारकोड-आधारित ट्रैकिंग शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप अनुमानित ₹50 करोड़ की बचत संभव हो सकी है।विद्या समीक्षा केंद्र को एक समर्पित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा सक्रिय कॉल सेंटर का समर्थन प्राप्त है। ये व्यवस्थाएँ शिकायत निवारण, डेटा सत्यापन, फील्ड-स्तरीय फीडबैक और हितधारकों से सतत संवाद को सशक्त बनाती हैं, जिससे शासन और नागरिकों के बीच विश्वास और सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।आईबीआईटीएफ ने यह भी उल्लेख किया कि विद्या समीक्षा केंद्र डेटा-आधारित शासन संस्कृति को स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। इसके माध्यम से शिक्षा प्रशासन अधिक प्रो-एक्टिव, पारदर्शी और परिणाम-केंद्रित स्वरूप में विकसित हुआ है।एनएम-आईसीपीएस मिशन के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा स्थापित प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (TIH) के रूप में, आईबीआईटीएफ ने विद्या समीक्षा केंद्र को डेटा-आधारित शिक्षा सुधार और प्रौद्योगिकी-सक्षम सुशासन के लिए एक राष्ट्रीय मानक के रूप में सराहा है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को स्केलेबल, प्रभावशाली और नागरिक-केंद्रित सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करती है।
- - स्व. ताराचंद साहू स्मृति सम्मान समारोह में 36 रत्न हुए सम्मानित- उप मुख्यमंत्री श्री साव ने स्व. ताराचंद साहू की प्रतिमा स्थापना के लिए 40 लाख रूपए की घोषणा कीदुर्ग / दुर्ग संभाग स्तरीय साहू सम्मेलन एवं स्वर्गीय ताराचंद साहू स्मृति सम्मान समारोह का आयोजन रविवार को गरिमामय वातावरण में रविशंकर स्टेडियम मानस भवन में किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समाज सेवा, शिक्षा एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न समाजों के 36 रत्नों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि स्वर्गीय ताराचंद साहू एक कुशल संगठनकर्ता और जननेता थे, जो सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने अपने आचरण और व्यक्तित्व से समाज और राजनीति में अलग पहचान बनाई। उनका निधन 11 नवंबर 2012 को हुआ। आज उनके बताए मार्ग पर आज समाज आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय ताराचंद साहू के बाद उनके पुत्र श्री दीपक ताराचंद साहू समाज को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेकर समाज और राजनीति दोनों क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय ताराचंद साहू का सपना छत्तीसगढ़ की खुशहाली और गांवों की तरक्की था, जो आज साकार हो रहा है। छत्तीसगढ़ के विकास में “सबका साथ, सबका विकास” की भावना से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव की मांग पर स्वर्गीय ताराचंद साहू की प्रतिमा स्थापना के लिए 40 लाख रुपये देने की घोषणा की।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि यह सम्मान समारोह स्वर्गीय ताराचंद साहू की स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक समाजों में होने वाले परिचय सम्मेलन हमारे पुरोधा स्वर्गीय ताराचंद साहू की देन हैं। इस दौरान उन्होंने पूरे प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा स्थापना के लिए उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने दुर्ग-भिलाई के बीच वाई-शेप ब्रिज के निर्माण में स्वर्गीय ताराचंद साहू के योगदान का उल्लेख करते हुए उनकी प्रतिमा स्थापना का आग्रह किया।कार्यक्रम में सांसद श्री विजय बघेल, महापौर श्रीमती अलका बाघमार, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू एवं श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व विधायक बालोद श्री प्रीतम साहू, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कवर्धा डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री अशोक साहू, श्री दीपक ताराचंद साहू, जिला साहू संघ अध्यक्ष श्री नंदलाल साहू, श्री दिनेश साहू, श्री चंद्रभूषण साहू सहित दुर्ग संभाग के विभिन्न जिलों से जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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15 फरवरी को आयोजन की रजत जयंती को यादगार बनाने में जुटे महाराष्ट्र संस्कार केंद्र व मंडल के पदाधिकारी
- पिछले 23 वर्षों से लगातार पूजन में बैठ रहे दंपतियों का किया जाएगा विशेष सम्मानरायपुर। महाराष्ट्र मंडल भवन के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में महाशिवरात्रि पर रविवार, 15 फरवरी को सामूहिक लघु रुद्राभिषेक किया जाएगा। आयोजन का 25वां वर्ष होने के कारण इस वर्ष आय़ोजन को खास बनाने की तैयारी में आयोजन समिति के पदाधिकारी जुटे हुए हैं। इस वर्ष पूजन स्थल पर 12 ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगी।महाराष्ट्र मंडल के सचिव, महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संस्थापक और कार्यक्रम प्रमुख आचार्य चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि इस वर्ष आयोजन का 25वां वर्ष है। आयोजन को खास बनाने के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में 12 ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकी बनाई जाएगी। झांकी निर्माण की जिम्मेदारी आर्टिशन अजय पोतदार और उनकी टीम ने अपने कंधों पर लिया है।दंडवते के अनुसार आयोजन का 25वां वर्ष होने के कारण इस वर्ष पिछले 23 सालों से लगातार लघु रुद्राभिषेक पूजन में बैठने वाले दंपतियों का सम्मान भी किया जाएगा। वहीं इस वर्ष दो नवविवाहित जोड़े भी पूजन में बैठेंगे। आचार्य चेतन ने बताया कि इस वर्ष 61 जोड़े दूध से लघु रुद्राभिषेक करेंगे। पूजन में बैठने के लिए महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। अभी तक 27 जोड़ों ने अपना पंजीयन करा लिया है।बताते चलें कि इस अवसर पर मंडल के महिला केद्रों की ओर से लघु रूद्र का पाठ और शिव तांडव स्त्रोत का गायन भी किया जाएगा। गत तीन वर्षों से रुद्राभिषेक के दौरान आवर्तन पठन में भी महिला आचार्यों की भूमिका अहम् रहती है और इस बार भी रहेगी। - - महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में जारी किए गए अर्धवार्षिक परीक्षा के परिणामरायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में स्कूल में हुए अर्धवार्षिक परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए। बच्चों की प्रगति जानने के लिए अभिभावकों में उत्साह नजर आया। सुबह 9.30 बजे शुरू हुई पीटीएम 11.30 बजे तक चली। निर्धारित समय तक बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे थे।स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि जनवरी के प्रथम सप्ताह में सभी कक्षाओं की अर्धवार्षिक परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें बच्चों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। जिन बच्चों के अर्धवार्षिक परीक्षा में कम अंक आए हैं, उन पर विशेषज्ञ शिक्षिकाओं की ओर से अधिक फोकस करते हुए बच्चों की वार्षिक परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी।प्राचार्य गोवर्धन के अनुसार अर्धवार्षिक परीक्षा बच्चों के लिए क्वार्टर फाइनल मैच की तरह रहा। अभी बच्चों की प्री-वार्षिक परीक्षा एक बार फिर ली जाएगी, ताकि बच्चे वार्षिक परीक्षा के लिए अच्छे से तैयार हो सकें। पीटीएम में आए अभिभावकों और बच्चों को परीक्षा की तैयारी में सहयोग करने और घर में पढ़ाई वातावरण बनाने की बात कही गई। प्री वार्षिक परीक्षा के लिए 18 जनवरी से बच्चों को प्रतिदिन 5-5 सवालों की तैयारी कराई जाएगी।बताते चलें कि महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, स्कूल प्रभारी परितोष डोनगांवकर सहित प्रबंधन पिछले साल 10वीं और 12वीं में दो-दो बच्चों को मेरिट लिस्ट में देखने के बाद इस साल भी अपने स्कूल के बच्चों को बोर्ड की मैरिट सूची में देखने की कामना रखता है। वहीं स्कूल का स्टाफ भी इसी के लिए दिन- रात एक किए हुए है।
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- शिक्षा से लेकर सड़क तक, चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर रायपुर पश्चिम; विधायक मूणत और महापौर मीनल चौबे ने किया कई कार्यों का भूमिपूजन
-ऐतिहासिक सौगात: प्रेरणा विद्यालय में कक्ष निर्माण और ₹2.17 करोड़ की सड़क परियोजनाओं से संवरेगी राजधानी की सूरतरायपुर | रायपुर पश्चिम के विधायक और पूर्व मंत्री श्री राजेश मूणत ने रविवार कोअपने विधानसभा क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखते हुए करोड़ों रुपये के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उनके साथ रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, सामाजिक अधोसंरचना और शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।दिव्यांगजनों की सेवा और शिक्षा को प्राथमिकताहीरापुर स्थित प्रेरणा ब्लाइंड विद्यालय में दृष्टिबाधित बच्चों की असुविधा को दूर करने हेतु विधायक श्री मूणत ने अपनी विधायक निधि से स्वीकृत 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन कक्षों का भूमिपूजन किया। इस दौरान छात्राओं की सुमधुर गीतों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विधायक ने हीरापुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के जीर्णोद्धार के लिए 25 लाख रुपये की तत्काल स्वीकृति दी और जरवाय में 9 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक उद्यान (पार्क) निर्माण की घोषणा की।शहरी अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण: ₹2.17 करोड़ के सड़क कार्यलोक निर्माण विभाग (PWD) के माध्यम से आमापारा, तात्यापारा, अग्रसेन चौक, तेलघानी नाका और रामसागरपारा जैसे प्रमुख मार्गों में 2 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से सीमेंटीकरण एवं डामरीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया। साथ ही करबला तालाब में बच्चों के लिए 25 लाख रुपये की लागत से 'किड्स जोन' का भूमिपूजन भी संपन्न हुआ।सामाजिक समरसता का प्रतीक: सामुदायिक भवन का लोकार्पणग्राम अटारी में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मनवा कुर्मी समाज के 80वें अधिवेशन में शामिल होकर श्री मूणत ने 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।समाज की मांग पर उन्होंने बाउंड्री वॉल हेतु 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।विधायक श्री राजेश मूणत की विकासोन्मुखी सोच:"मेरा विजन रायपुर पश्चिम को एक आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त विधानसभा बनाने का है। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से आज जिन सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ है, वे क्षेत्र की प्रगति की नई जीवनरेखा बनेंगी। बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही विकसित समाज की नींव हैं। प्रेरणा विद्यालय के बच्चों की सेवा हो या शहरी सड़कों का जाल, हमारी सरकार और मेरा संकल्प केवल जन-हित और विकास है। हम गुणवत्तापूर्ण निर्माण के जरिए रायपुर की सूरत बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा:"आज रायपुर पश्चिम विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। विधायक श्री राजेश मूणत जी के नेतृत्व में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग तालमेल के साथ जन-आकांक्षाओं को पूरा कर रहे हैं। सड़कों का सुदृढ़ीकरण और बच्चों के लिए किड्स जोन जैसे कार्य नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाएंगे। विकास की यह गति निरंतर जारी रहेगी।"कार्यक्रम में वार्ड के पार्षद दीपक जायसवाल एवं सभी कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में उत्साहित नागरिक उपस्थित रहे। - बिलासपुर /जयपुर में 30 से 1 फरवरी 2026 तक होने वाले राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ से खेलों ताईक्वांडो यूथ स्पोर्ट्स फेडरेशन के खिलाड़ी अमन गेनडारे, ऋषभ पटेल, गौरव, जतिन, नीलिमा, आरुषि, लता, संजनी, मुस्कान एवं इंटरनेशनल मास्टर गणेश सागर द्वारा जाने की पूरी तैयारी कर ली गईं है। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी इंटरनेशनल खेलने नेपाल देश जाएंगे। नेशनल प्रतियोगिता के लिए सभी खिलाड़ी सुबह शाम प्रतिदिन दो-दो घंटा ट्रेनिंग कर रहे हैंI इंटरनेशनल ताइक्वांडो मास्टर गणेश सागर द्वारा एस बी आर कॉलेज में फ्री ताईक्वांडो क्लास खोला गया है जहां शहर के काफी खिलाड़ी फ्री में सीखने जा रहे हैं इस क्लास में फ्री ट्रेनिंग के साथ साथ लड़कियों के लिए स्पेशल सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण भी कराया जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निः शुल्क प्रशिक्षण जरूर कराए यहां एक वर्ष के लिए फ्री क्लास चलेगा। इस फ्री क्लास में कोई भी पुरुष महिला भाग ले सकते हैं। रोज शाम 4 से 6 बजे तक क्लास चल रहा है। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9755759571 पर संपर्क कर सकते है।
- -छत्तीसगढ़ में अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी, संरचनात्मक सुधार कार्य प्रगति परबिलासपुर.।छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया—एनएचएआई) द्वारा चिन्हांकित ब्लैक-स्पॉट्स पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण परियोजनाओं के लिए भी टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके लिए अन्य कार्यवाहियां भी प्रगति पर हैं।एनएचएआई द्वारा सड़क सुरक्षा उपायों के तहत विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर रंबल स्ट्रिप्स, क्रैश बैरियर्स, सोलर ब्लिंकर, हाई-मास्ट लाइट्स तथा मानक साइन बोर्ड्स लगाए गए हैं। ये कार्य दुर्घटना संभावित स्थलों और व्यस्त मार्गों पर किए गए हैं।यातायात प्रवाह को व्यवस्थित करने और राष्ट्रीय राजमार्ग पार करने वाले स्थानीय आवागमन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण की योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग–53 के दुर्ग से महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा खंड पर सुंदरा, पेंड्री, चिचोला, महाराजपुर और सोमनी गांवों में लगभग 90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडर-पास एवं सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इसके साथ ही रसमड़ा में लगभग 30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडर-पास निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग–30 के रायपुर–सिमगा खंड पर सांकरा और सिलतरा में 80 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से अंडर-पास निर्माण तथा चरोदा में लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बायपास क्रॉसिंग निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।इस प्रकार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल लगभग 206 करोड़ 85 लाख रुपये की अनुमानित लागत से अंडर-पास और सर्विस रोड से संबंधित परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। एनएचएआई इन कार्यों के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
- -अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभागियों के लिए पंजीयन 31 जनवरी तकरायपुर। जनजातीय संस्कृति और जीवन शैली पर युवाओं के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन आगामी फरवरी में आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता फरवरी माह के 20 और 21 फरवरी को नवा रायपुर स्थित आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित की जा रही है। इच्छुक प्रतिभागी 31 जनवरी तक पंजीयन एवं अधिक जानकारी के लिए अनुसूचित जनजाति विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रमा उइके, मो. 93016-55487 और सुश्री पार्वती जगत, सहायक संचालक मो, 7805982502 पर संपर्क कर सकते हैं।चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक होगा। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रथम क्रम में पंजीकृत 150 चयनित प्रतिभागी भाग लेंगे। यह प्रतियोगिता 18-30 वर्ष एवं 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में भाग लेना पूर्णतः निःशुल्क है। प्रतिभागियों के लिए भोजन, आवास एवं यात्रा भत्ता की व्यवस्था विभाग द्वारा की जाएगी। प्रतियोगिता का परिणाम एवं पुरस्कार वितरण 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।प्रतिभागियों द्वारा कैनवास पर बनाई गई चित्रकला का मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक आयु वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के साथ ही सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता में विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के लिए 20,000, द्वितीय पुरस्कार के लिए 15 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार के लिए 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा संत्वाना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।साथ ही दोनों आयु वर्ग में आयोजित 10-10 प्रतिभागियों को 2 हजार रूपए की मान से संत्वना पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। file photo
- - :23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होगा। यह उत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार, रंगकर्मी और साहित्य प्रेमी इस आयोजन में सहभागिता करेंगे।साहित्य, संवाद और संस्कृति का संगमरायपुर साहित्य उत्सव–2026 का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजना, उसे एक व्यापक मंच प्रदान करना तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों, पाठकों और रचनाकारों को एक साझा संवाद से जोड़ना है। उत्सव के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन न केवल साहित्यिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक विमर्श को भी नई दिशा प्रदान करेगा।कला के लिए ओपन माइक सत्र होगा आयोजितरायपुर साहित्य उत्सव–2026 के अंतर्गत ओपन माइक सत्र का विशेष आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों, युवाओं एवं नवोदित रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। कविता, कहानी, विचार, गीत, नाट्य अंश अथवा अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रतिभागी अपनी सृजनात्मक क्षमता को नई उड़ान दे सकेंगे। यह सत्र साहित्य, आत्म-अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास होगा।विद्यार्थियों और युवाओं में बढ़ेगी साहित्य के प्रति रुचिछत्तीसगढ़ के स्कूली छात्रों एवं युवाओं में साहित्य के प्रति रुचि जागृत करने के उद्देश्य से राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में रायपुर साहित्य उत्सव–2026 की जानकारी व्यापक रूप से साझा की जा रही है। युवा पीढ़ी को साहित्य, भाषा और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में यह उत्सव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तकों से होंगे रूबरूरायपुर साहित्य उत्सव–2026 के दौरान देश के प्रतिष्ठित एवं ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल लगाई जाएंगी। यहां पाठकों को विविध विषयों, भाषाओं और विधाओं की पुस्तकों को देखने, समझने और खरीदने का अवसर मिलेगा। यह पुस्तक प्रेमियों के लिए एक समृद्ध, ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव सिद्ध होगा।*रायपुर साहित्य उत्सव–2026 से कैसे जुड़ें?*रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में सहभागिता के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी एवं साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइटwww.raipursahityautsav.orgके माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।उत्सव स्थल तक निःशुल्क बस सेवाआमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को रायपुर शहर के विभिन्न स्थानों से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर तक निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। तीनों दिनों यह बस सेवा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिससे विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक, साहित्य प्रेमी एवं आम नागरिक बिना किसी अतिरिक्त खर्च के उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे।
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राजनांदगांव । सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार परिवहन विभाग द्वारा 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाए जा रहे यातायात एवं परिवहन सड़क सुरक्षा माह के तहत कार्यालय अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के क्षेत्राधिकार में संचालित 104 स्कूली बसों के मानक सुरक्षा जांच पुलिस रक्षित केन्द्र राजनांदगांव में किया गया। साथ ही स्कूल बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान 2 स्कूली वाहनों में प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं कराने पर 4 हजार रूपए की ई-चालान की कार्रवाई की गई। एक वाहन में मानक सुरक्षा की कमी पाए जाने पर 300 रूपए की ई-चालान की कार्रवाई की गई। मेडिकल टीम द्वारा सभी चालक व परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं नेत्र जांच किया गया। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री आंनद शर्मा ने सभी बस चालकों को वाहन धीमी गति से चलाने, यातायात नियमों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय निर्धारित ड्रेस में रहने कहा। जांच के दौरान परिवहन विभाग से सहायक परिवहन उप निरीक्षक श्री पंकज ताम्बोली, श्री मिथलेश कुमार, श्री विपिन मेहर, श्री विजय मट्टे एवं श्री संतोष बुरदे, यातायात विभाग से उप निरीक्षक श्री अनिल तिवारी, प्रधान आरक्षक श्री रोहित गजेंद्र, आरक्षक श्री कपिल श्रीवास्तव, आरक्षक श्री सुखदेव एवं मेडिकल टीम से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्री एनसी लांगे, नेत्र सहायक डॉ. संजीव यादव, चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव उपस्थित थे।
- -आलेख: एस.आर. पाराशर, उप संचालकधमतरी। भारत की आत्मा गांवों में बसती है और जब गांव मजबूत होते हैं, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। इसी मूल भावना को साकार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत–ग्राम गारंटी अधिनियम 2025 (वीबी-जी राम जी) को लागू किया गया है। यह योजना ग्रामीण भारत के लिए केवल एक रोजगार कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्थायी विकास की मजबूत आधारशिला है। वीबी-जी राम जी के माध्यम से गांवों में अब 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही टिकाऊ और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने, पलायन रोकने और गांव की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन रूप से सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध हो रही है।वीबी-जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 40 लाख से अधिक ग्रामीण श्रमिक परिवारों को प्रतिवर्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। राज्य के आदिवासी, वनांचल एवं कृषि-प्रधान क्षेत्रों में यह योजना आजीविका सुरक्षा का सशक्त आधार बनेगी। रोजगार के बढ़े हुए दिवसों से ग्रामीण आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, मौसमी बेरोजगारी में कमी आएगी, शहरी क्षेत्रों की ओर होने वाले पलायन में गिरावट दर्ज होगी तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा।धमतरी जिले में वीबी-जी राम जी के अंतर्गत अनुमानित 1 लाख 85 हजार से 2 लाख ग्रामीण श्रमिकों को प्रतिवर्ष रोजगार का लाभ प्राप्त होगा। जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा जल संरक्षण, तालाब निर्माण, ग्रामीण सड़क, गोदाम, सिंचाई संरचना, हाट बाजार तथा विभिन्न प्रकार के शेड निर्माण जैसे कार्यों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा। इन कार्यों से गांवों में स्थायी एवं उपयोगी संपत्तियों का निर्माण होगा, कृषि और ग्रामीण व्यापार को मजबूती मिलेगी, महिलाओं एवं युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण परिवारों की दीर्घकालीन आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।वीबी-जी राम जी की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास को अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है। श्रमिकों को जल प्रबंधन, निर्माण, रखरखाव, भंडारण तथा तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल श्रमिक ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमी के रूप में भी विकसित किया जाएगा। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार, नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी मिलेगी, वहीं युवाओं को गांव में ही प्रशिक्षण एवं कार्य उपलब्ध होने से पलायन की मजबूरी में कमी आएगी।इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी के रूप में सशक्त अधिकार प्रदान किए गए हैं। ग्राम सभा की सहमति से कार्यों का चयन, पंचायत द्वारा क्रियान्वयन, अनिवार्य सोशल ऑडिट, समय पर काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजे जैसे प्रावधानों से योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अनुसार, वीबी-जी राम जी ग्रामीण भारत के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप है। 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार, स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण और कौशल विकास गांवों को बोझ नहीं, बल्कि आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।कुल मिलाकर, वीबी-जी राम जी गांवों को अस्थायी राहत नहीं, बल्कि स्थायी समृद्धि प्रदान करने की योजना है। रोजगार, कौशल, संपत्ति और सम्मान—इन चार मजबूत स्तंभों पर आधारित यह पहल विकसित भारत की नींव को गांवों से सशक्त बना रही है।
- -देश के 11 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा,अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को मिलेगा बढ़ावारायपुर। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 16 से 18 जनवरी 2026 तक “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन किया गया। सर्वे के दौरान पक्षियों की अच्छी विविधता देखने को मिली। अब तक प्राप्त डेटा के अनुसार इस सर्वे में लगभग 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।इस सर्वे में देश के 11 राज्यों महाराष्ट्र, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल एवं कर्नाटक से आए 70 प्रतिभागियों, 12 वॉलंटियर्स, विशेषज्ञों एवं फोटोग्राफर्स सहित लगभग 100 लोगों की सहभागिता रही।यह बर्ड सर्वे केवल बारनवापारा अभ्यारण्य तक सीमित न होकर उसके आसपास से जुड़े कोठारी, सोनाखान एवं देवपुर परिक्षेत्रों में भी किया जा रहा है। सर्वे के दौरान प्रतिभागियों द्वारा संग्रहित पक्षी आंकड़े वैश्विक डाटाबेस का हिस्सा बनेंगे।अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होग़ा। सर्वे में प्रमुख विशेषज्ञों में डॉ. हकीमुद्दीन एफ. सैफी, डॉ. जागेश्वर वर्मा, मोहित साहू एवं श्री सोनू अरोरा की सहभागिता रही।*सर्वे के आकर्षण बने प्रमुख प्रजातियां*-इस सर्वे में विशेष रूप से कुछ प्रजातियाँ प्रतिभागियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें बार-हेडेड गूज उल्लेखनीय रही, जो प्रायः मध्य एशिया के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रजनन करती है तथा सर्दियों में भारत सहित दक्षिण एशिया के जलाशयों और खेतों में देखी जाती है। इसी प्रकार आर्द्र घासभूमि, धान के खेतों, दलदली क्षेत्रों एवं नदी किनारे पाए जाने वाले ग्रे-हेडेड लैपविंग, शिकारी पक्षी प्रजाति पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश, यूरेशियन स्पैरोहॉक,वन पारिस्थितिकी में बीज प्रसार के लिए महत्वपूर्ण माना जाने वाला ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन का अवलोकन भी आकर्षण का केंद्र बना।बर्ड सर्वे के सबंध में वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने बताया कि बारनवापारा सेंट्रल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ मिश्रित एवं साल वनों के साथ विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक परिदृश्य मौजूद हैं। इस सर्वे से प्राप्त डेटा आगे चलकर अभयारण्य में आवश्यक प्रबंधन कार्ययोजनाओं की पहचान में सहायक होगा, खासतौर पर उन पक्षी प्रजातियों के संरक्षण कार्य में जिनकी संख्या में गिरावट देखी जा रही है।






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