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- जगदलपुर/कलेक्टर श्री हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवार को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। कलेक्टर द्वारा दरभा तहसील के ग्राम निलेगोदी बोदेनार निवासी महेश कवासी की मृत्यु सांप काटने से पिता श्री देवलु को, तहसील तोकापाल के ग्राम करेंगा निवासी तेटकू की मृत्यु पानी में डूबने से पत्नि श्रीमती जाना बघेल को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
- स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर का छत्तीसगढ़ में पहला सफल उपचाररायपुर / पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक बार फिर चिकित्सा जगत में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। गर्दन की मुख्य धमनी कैरोटिड आर्टरी के अपने आप फट जाने जैसी अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा स्थिति में हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने समय रहते जटिल सर्जरी कर 40 वर्षीय मरीज की जान बचा ली। यह मामला न केवल छत्तीसगढ़ में पहली बार सामने आया है, बल्कि अब तक विश्व मेडिकल जर्नल में ऐसे केवल 10 ही प्रकरण दर्ज हैं।ब्रश करते समय अचानक रप्चर (फटी) हुई गर्दन की धमनीरायपुर निवासी 40 वर्षीय मरीज जब सुबह घर पर दांत साफ कर रहा था, तभी अचानक उसके गले में तेज दर्द हुआ और देखते ही देखते पूरे गर्दन में सूजन आ गई। कुछ ही क्षणों में मरीज बेहोश हो गया। परिजन उसे तत्काल अम्बेडकर अस्पताल के आपातकालीन विभाग लेकर गए।सीटी एंजियोग्राफी जाँच से पता चला दुर्लभ केसगर्दन के नसों की सीटी एंजियोग्राफी जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मरीज की दायीं कैरोटिड आर्टरी फट चुकी है और उसके चारों ओर गुब्बारानुमा संरचना बन गई है, जिसे कैरोटिड आर्टरी स्यूडोएन्युरिज्म (Carotid Artery Pseudoaneurysm) कहा जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज को तत्काल हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में में डॉ कृष्ण कांत साहू के पास भेजा गया।50 से 60% सफलता दर वाली सर्जरी, हर पल था जोखिम भरायह ऑपरेशन अत्यंत जोखिमपूर्ण था। गर्दन में खून के अत्यधिक जमाव के कारण धमनी को पहचानना बेहद कठिन था। जरा सी चूक से मरीज की जान जा सकती थी या ऑपरेशन के दौरान मस्तिष्क में खून का थक्का पहुंचने से लकवा या ब्रेन डेड होने का खतरा था। मरीज और परिजनों को सभी जोखिमों की जानकारी देकर सर्जरी की सहमति ली गई।बोवाइन पेरिकार्डियम पैच से की गई धमनी की मरम्मतलगभग कई घंटे चले इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में बोवाइन पेरिकार्डियम पैच की सहायता से फटी हुई कैरोटिड आर्टरी को अत्यंत सावधानीपूर्वक रिपेयर किया गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और राहत की बात यह रही कि मरीज को किसी भी प्रकार का लकवा नहीं हुआ। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।स्वतः कैरोटिड आर्टरी का फटना अत्यंत दुर्लभसामान्यतः कैरोटिड आर्टरी के फटने की घटनाएं एथेरोस्क्लेरोसिस, ट्रॉमा, कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर,संक्रमण या ट्यूमर से ग्रस्त मरीजों में देखी जाती हैं, लेकिन यह मरीज पूरी तरह स्वस्थ था। अपने आप कैरोटिड आर्टरी का फटना (Spontaneous Carotid Artery Rupture) चिकित्सा जगत में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।क्या होती है कैरोटिड आर्टरीकैरोटिड आर्टरी गर्दन के दोनों ओर स्थित प्रमुख धमनी होती है, जो हृदय से मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह सुनिश्चित करती है। इसके क्षतिग्रस्त होने पर मरीज की जान को तत्काल खतरा होता है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दुर्लभ मामले की सफल सर्जरी एवं अभूतपूर्व सफलता पर चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संतोष सोनकर सहित हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
- कोरबा. जिले में रविवार को अलग-अलग सड़क हादसों में एक महिला और उसकी बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना दर्री शहर में उस समय हुई, जब दोपहिया वाहन चला रही महिला और उसकी बेटी को एक वाहन ने टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित महिलाएं सब्जियां खरीदने के बाद घर लौट रही थीं।इस घटना से क्रोधित होकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। एक अलग घटना में, राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर बागदेवा गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर ट्रक ने नीलादास मानिकपुरी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। अधिकारी ने कहा, "घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। उन्हें शांत करने के प्रयास जारी हैं।
- -डिजिटल अपराधों पर सख्त नियंत्रण और नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को मिली मजबूतीरायपुर। कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध निर्णायक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने रविवार को पूरे राजनांदगांव रेंज एवं जिले के प्रथम साइबर थाने का शुभारंभ किया। इस थाने को कवर्धा के पुराने पुलिस लाइन में स्थापित किया गया है, इस थाने के जिले में स्थापना को जिले की कानून-व्यवस्था एवं डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज का युग डिजिटल है और शासन से लेकर आम नागरिक तक ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है, जिससे आम नागरिक, महिलाएं, वरिष्ठजन और युवा वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में साइबर थाना की स्थापना आम जनता को त्वरित न्याय, सुरक्षा और भरोसा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर अपराधों में समय सबसे अहम होता है। यदि शुरुआती घंटों में सही कार्रवाई हो जाए तो ठगी की राशि रोकी जा सकती है और अपराधियों तक शीघ्र पहुंचा जा सकता है। साइबर थाना के माध्यम से शिकायतों का तत्काल पंजीकरण, ऑनलाइन फ्रॉड की राशि को समय रहते होल्ड करना, डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह थाना न केवल अपराध नियंत्रण का केंद्र बनेगा, बल्कि नागरिकों में डिजिटल जागरूकता और विश्वास भी बढ़ाएगा।कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि साइबर थाना में एक निरीक्षक प्रभारी सहित कुल 30 प्रशिक्षित अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए उप पुलिस अधीक्षक स्तर के राजपत्रित अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे साइबर अपराधों की विवेचना उच्च गुणवत्ता और पेशेवर तरीके से की जा सके।पुलिस अधीक्षक ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिले में साइबर तकनीक के माध्यम से 112 ऑनलाइन ठगी मामलों में लगभग 50 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए हैं। इसके साथ ही सीईआईआर पोर्टल की सहायता से 872 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए गए हैं, जो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की इस पहल से कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित विवेचना और डिजिटल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।उन्होंने बताया कि गंभीर अपराधों की विवेचना में कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग कर आरोपियों तक शीघ्र पहुंच बनाई गई है। महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में विशेष संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जा रही है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल, डीएसपी श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर, डीएसपी श्री आशीष शुक्ला, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप सहित अन्य पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- रायपुर ।सामाजिक सद्भाव, समानता और जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में सरकार द्वारा संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना आज वास्तविक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के युवा दम्पत्ति अभिषेक आदिले और बबीता देवांगन की कहानी समाज में नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव का संदेश देती है।कोरबा के आदिले चौक, पुरानी बस्ती के निवासी अभिषेक आदिले हैं और जो अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, तथा जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम चोरिया, तहसील सारागांव की रहने वाली 20 वर्षीया बबीता देवांगन, जो अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से हैं, ने सामाजिक बाधाओं को दूर करते हुए अंतर्जातीय विवाह किया। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते का सम्मान किया और समाज में एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया।अंतर्जातीय विवाह करने वाले दम्पत्तियों को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के अंतर्गत इस दम्पत्ति को कुल 2.50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कोरबा द्वारा इस राशि में से 1.00 लाख रुपए दम्पत्ति के संयुक्त बैंक खाते में प्रदान कर दिए गए हैं, जबकि शेष 1.50 लाख रुपए उनके उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष की सावधि जमा के रूप में निवेश किए गए हैं। यह आर्थिक सहायता उनके नए जीवन की शुरुआत को सरल बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार दोनों ही सामाजिक समरसता को मजबूत करने, जातीय भेदभाव को समाप्त करने और युवाओं को रूढ़िवादी सोच से मुक्त कर समानता के मार्ग पर अग्रसर करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। शासन द्वारा संचालित यह योजना समाज को अधिक संवेदनशील, एकजुट और प्रगतिशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देती है। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी है, जिससे प्रेम, सम्मान और समानता की भावना को बल मिलता है।अभिषेक और बबीता की यह पहल केवल एक विवाह का संस्कार नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की नींव है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि यदि विश्वास और साहस हो तो जाति-पाति की दीवारें स्वयं ढह जाती हैं और मानवीय मूल्य ही समाज की असली पहचान बनते हैं। शासन की योजना से मिली सहायता ने उनकी नई यात्रा को सुरक्षित और स्थिर बनाया, जबकि उनकी आपसी समझ और दृढ़ता इस कहानी को और अधिक प्रेरक बनाती है।चार साल पहले शादी के बंधन में बंधे अभिषेक–बबीता की सफलता से स्पष्ट होता है कि सरकारी योजनाएँ तभी सार्थक होती हैं जब समाज के लोग उन्हें अपनाकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 08 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके। file photo
- -जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वाररायपुर। छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
- -विधायक राजेश मूणत , महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी-सरोना डंपिंग यार्ड, सरोना शीतला माता मन्दिर के पास शासकीय भूमियों का सीमांकन करवाकर कार्ययोजना शासन को प्रस्तुत करने दिए निर्देश- चिंगरी नाला, पीहर नाला की सुव्यवस्थित विशेष सफाई करवाने कहारायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी है कि इंदौर जैसी घटना रायपुर शहर में कहीं भी ना होने पाए, इस हेतु अधिकारीगण विशेष सतर्कता रखकर सजग और जागरूक होकर कार्य करें.आज महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित अधिकारियों की उपस्थिति में लगातार 5 घण्टे तक फील्ड में पसीना बहाया और जनहित से सम्बंधित योजनाओं की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर स्थल समीक्षा करते हुए सम्बंधित अधिकारियों को जनहित में आवश्यक निर्देश दिए.रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत और महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत सरोना शीतला मन्दिर के समीप गार्डन के आसपास के स्थल का निरीक्षण कर रिक्त शासकीय भूमियों का शीघ्र सीमांकन करवाकर जनहित में शासन को कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए.रायपुर पश्चिम विधायक, महापौर, आयुक्त ने सरोना डंपिंग यार्ड के कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया यहां स्थल पर लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र में कचरे को हटाने का कार्य हो चुका है कार्य तेजी से पोकलेन मशीन की सहायता से निरन्तर प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने सम्बंधित ठेकेदार और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. सरोना डंपिंग यार्ड क्षेत्र और आसपास की शासकीय भूमियों का शीघ्र सीमांकन करवाने के निर्देश दिए गए हैँ, ताकि जनहित में ठोस कार्ययोजना शासन को प्रस्तुत की जा सके.रायपुर पश्चिम विधायक, महापौर, आयुक्त ने चंदनीडीह में 75 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली, स्काडा सिस्टम कण्ट्रोल रूम का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर ऐसी ठोस कार्ययोजना बनाकर शासन को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसके क्रियान्वयन से नालों का गन्दा पानी कहीं से भी खारून नदी में ना मिले.प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, आयुक्त श्री विश्वदीप ने चिंगरी पीहर नाला का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर वहाँ अभियान चलाकर सुव्यवस्थित सफाई करवाने निर्देशित किया, ताकि व्यवस्था के तहत नाले से गन्दा पानी ओवरफ्लो ना हो और पूरा गन्दा पानी सीधे एसटीपी में जाये. एसटीपी में नालों का पूरा सीवेज का ट्रीटमेंट हो सके और यह रा वाटर के रूप में रायपुर नगर निगम द्वारा उद्योग समूहों को पूरा विक्रय किया जा सके, जिससे रायपुर नगर निगम की आर्थिक आय का नया साधन स्थायी रूप से विकसित हो सके.रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा किये गए निरीक्षण के दौरान नगर निगम जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, वार्ड 69 पार्षद श्री महेन्द्र औसर सहित नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता श्री पी. राजेश नायडू, श्री इमरान खान, जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, सहायक नोडल अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन श्री योगेश कडु, सहायक अभियंता श्री अमन चंद्राकर, जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, उप अभियंता श्री रमेश पटेल सहित अन्य सम्बंधित नगर निगम अधिकारियों की उपस्थिति रही.
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दुर्ग / न्याय व्यवस्था के मानवीय पक्ष को प्रमुखता देते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश/संरक्षक रमेश सिन्हा द्वारा बाल गृह और बाल संप्रेक्षण गृह में रह रहे शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के विकास के लिए बड़ी पहल करते हुए विभिन्न न्यायालयीन प्रकरणों में वसूली गई अर्थदण्ड की राशि इन बच्चों की देखरेख करने वाली संस्थाओं के पास जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। इसी प्रेरणा से प्रेरित होकर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित नालसा (बालकों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2024 के अंतर्गत तथा छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा मानवता एवं न्याय के संवैधानिक मूल्यों को साकार करते हुए एक निर्धन एवं जरूरतमंद बालिका को संजीवनी बालिका आवसीय छात्रावास दुर्ग, जिला-दुर्ग में प्रवेश दिलाने में अहम भूमिका निभाई गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पोटिया, थाना-पुलगाँव, जिला-दुर्ग निवासी एक 12 वर्षीय बालिका, जिसकी माता मानसिक रूप से कमजोर है। मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण माता अपनी नाबालिक बालिका को भी अपने साथ भिक्षाटन के लिए ले जाती थी। बालिका भिक्षाटन का कार्य करना नहीं चाहती है तथा वह पढ़ाई करना चाहती है। इसकी जानकारी प्राप्त होते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए संबंधित विभाग एवं छात्रावास अधीक्षक से समन्वय स्थापित किया। आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कर बालिका को विधि एवं नियमानुसार छात्रावास में प्रवेश दिलवाया गया।इस सराहनीय पहल से न केवल एक बालिका की शिक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग की समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदना भी उजागर हुई है। उक्त सकारात्मक प्रयास से शिक्षा हेतु चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्यों के विफल होने की संभावना को भी समाप्त किया गया। इस संपूर्ण प्रक्रिया में थाना जामुल के पैरालीगल वालेंटियर की प्रमुख भूमिका रही। - - विविध स्पर्धाओं के छत्तीसगढ़ के विजेताओं को महाराष्ट्र मंडल में दिए गए पुरस्काररायपुर। बेलगांव जैसे अछूते शहर को हम मराठी साहित्यिक स्पर्धाओं के परीक्षा केंद्र के रूप में जोडें, तो हमारे प्रतिभागियों की संख्या अधिक व उत्साहजनक होगी। इसी तरह ओवरसीज में परीक्षा केंद्र खोलने के लिए हम अपने स्तर पर मध्य प्रदेश मराठी साहित्य अकादमी का सहयोग करेंगे। शुरुआती तौर पर हम आयरलैंड में चंद दिनों में परीक्षा केंद्र शुरू करेंगे। इस आशय के विचार बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शेखर राव साहेब अमीन ने व्यक्त किए। अमीन मध्य प्रदेश मराठी साहित्य अकादमी के रायपुर केंद्र में आयोजित मराठी साहित्यिक परीक्षा के पुरस्कार वितरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में आरुषि कुंभकार का गोधंल नृत्य शैली पर डांस आकर्षण का केंद्र रहा।अमीन ने कहा कि हमें विश्वास है कि हम जल्दी ही यूके, यूएसए जैसे देशों में भी परीक्षा केंद्र खोल सकेंगे।विशेष अतिथि व बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले ने कहा कि यहां उपस्थित प्रत्येक सदस्य पांच लोगों को मराठी साहित्य से जोड़कर ऐसे आयोजनों में भाग लेता है, तो मेरा पूरा विश्वास है कि हमारा अगला आयोजन बड़े हॉल में होगा।मध्य प्रदेश मराठी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष मिलिंद देशपांडे ने कहा कि इस आयोजन का निरंतर विस्तार हो रहा है। पिछले बार की तुलना में इस बाद हमने 35 नए परीक्षा केंद्र खोले हैं, इनमें अजमेर, जयपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद, वापी जैसे केंद्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस बार मराठी अभिनव वाचन में 863, पत्र लेखन में 150 और निबंध लेखन में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। सबसे सुखद है कि पहली बार हमारा आयोजन ओवरसीज रहा और विदेशों से प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि महाराष्ट्र मंडल पद्मजा लाड के माध्यम से पांच सालों से राष्ट्रीय स्तर पर आनलाइन मराठी क्लास संचालित कर रहा है। इस तरह मराठी भाषा की सेवा के लिए पद्मजा लाड और रायपुर में मराठी साहित्य परीक्षा केंद्र का सफल संचालन करने के लिए कुमुद लाड को बधाई।मराठी साहित्य परीक्षा केंद्र की प्रभारी कुमुद लाड ने बताया कि पुरस्कार वितरण समारोह में पत्र लेखन स्पर्धा के पहले वर्ग में कोरबा की अरुंधति गडांगुले को द्वितीय और भिलाई की सात्विका मेने को प्रथम पुरस्कार दिया गया। इसी तरह पत्र लेखन के तृतीय वर्ग में रायपुर की स्मिता चांदे को उप विजेता का पुरस्कार सौंपा गया। निबंध स्पर्धा के पहले वर्ग में सान्वी अवधूत दुर्ग को प्रथम, भिलाई की सात्विका मेने को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। दूसरे वर्ग के लिए भिलाई के सुरम्या अरकाडी को बतौर विजेतापुरस्कृत किया गया। निबंध स्पर्धा के ही तीसरे वर्ग में दूसरे स्थान के लिए स्मिता चांदे पुरस्कृत की गईं।अखिल भारतीय मराठी अभिनव वाचन स्पर्धा में बिलासपुर की अनिता पटवर्धन को बतौर विजेता पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार निधि देशपांडे स्मृति और मंगेश देशपांडे की ओर से प्रदान किया गया। इसी तरह अनिता अगडकर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम का संचालन गीता दलाल ने और आभार प्रदर्शन चेतन गोविंद दंडवते ने किया।
- दुर्ग। गंजमंडी, दुर्ग में आयोजित छत्तीसगढ़ कलार समाज के महोत्सव एवं पारिवारिक मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुँचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने समाज को संस्कारवान बनाने का आह्वान किये। इस दौरान समाज के विवाह योग्य युवक - युवतियों का परिचय भी हुआ।समाजजनों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को संगठित रखने, नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में परिवार की एकता, नैतिक मूल्यों की शिक्षा और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। समाज की मजबूती ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है, और कलार समाज सदैव सामाजिक समरसता, सेवा एवं सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ता रहा है। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से समाज द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने समाज के वरिष्ठजनों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभवों और मूल्यों के माध्यम से युवाओं को सही दिशा प्रदान करें। कलार समाज के महोत्सव में शिक्षा, कला एवं रचनात्मक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किये। मंत्री श्री यादव ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यही बच्चे आने वाले समय में समाज और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।इस अवसर पर महापौर अलका बाघमार, समाज के अध्यक्ष सुरेश सिन्हा, संरक्षक भुनेश्वर सिन्हा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं महिलाएँ उपस्थित रहीं।
- -सरोना–चंदनडीह में विकास कार्यों का किया सघन निरीक्षण-सरोना को 9 करोड़ रुपए के उद्यान व नए बायपास रोड की सौगातरायपुर / रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। लगातार तीसरे दिन सुबह 8 बजे से क्षेत्रीय निरीक्षण पर निकले विधायक श्री मूणत ने आज सरोना एवं चंदनडीह क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का मौके पर जाकर जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उनके साथ महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, लोक निर्माण विभाग तथा नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।विधायक श्री मूणत ने चंदनडीह में लगभग 80 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। दूषित पानी बिना शुद्धिकरण के लिए उन्होंने अधिकारियों जल्द ही ठोस और प्रभावी समाधान योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से स्वीकृति दिलाएंगे। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्यवाही की अनुशंसा करने की बात कही।अमृत मिशन 2.0 के तहत भारत सरकार से स्वीकृत 9 करोड़ रुपए की राशि से बनने वाले भव्य उद्यान के लिए विधायक ने सरोना स्थित शीतला मंदिर के पीछे रिक्त भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही राजस्व अधिकारियों व पटवारी को सीमांकन कर शीघ्र ले-आउट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही, क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए चंदनडीह–सरोना–महादेव घाट तक एक नए बायपास रोड के निर्माण हेतु बजट प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।
- -सरगुजा संभाग के प्रमुख शैक्षणिक एवं तकनीकी-संस्थानों का सूरजपुर के विद्यार्थी करेंगे शैक्षणिक भ्रमणरायपुर। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित शैक्षणिक भ्रमण को कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह भ्रमण कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।इस अभियान के तहत सूरजपुर जिले के लगभग 200 छात्र-छात्राओं को सरगुजा संभाग के प्रमुख शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों इंदिरा गांधी कृषि अनुसंधान केंद्र, आकाशवाणी केंद्र, दरिमा हवाई पट्टी, ठिनठिनी पत्थर तथा संजय पार्क का भ्रमण कराया जा रहा है। छात्र-छात्राएं महिला एवं पुरुष गाइड शिक्षकों के नेतृत्व में इन संस्थानों का अवलोकन कर आधुनिक कृषि तकनीक, रेडियो प्रसारण प्रणाली तथा हवाई यातायात संचालन से संबंधित व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे।इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार और व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करना है, जिससे उनका शैक्षणिक विजन व्यापक हो और वे पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन के अनुभव प्राप्त कर सकें। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है।इस अवसर पर पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री भीमसेन अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवीजन सर्वश्री मुरली मनोहर सोनी, राम कृपाल साहू, शशिकांत गर्ग, संदीप अग्रवाल, कौशल प्रताप सिंह, संत सिंह, अरविंद मिश्रा, राजेश महलवाला, शंकर जिंदिया, अजय अग्रवाल, राजेश्वर तिवारी, शैलेश अग्रवाल, देव गुप्ता, अशोक अग्रवाल, संस्कार अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थित रही। शैक्षणिक विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा, जिला मिशन समन्वयक श्री मनोज कुमार साहू, एपीसी श्री शोभनाथ चौबे, बीआरपी गाइड शिक्षक श्री टंडन, श्री विनोद यादव, श्री हर्ष नारायण शर्मा, श्री गौतम शर्मा, श्री अजीत कुमार गुप्ता, श्री अजय उपाध्याय, श्री श्रीकांत पाण्डेय, श्री लौकेश साहू एवं श्रीमती ज्योति साहू उपस्थित थी।
- रायपुर।, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार की पारदर्शी और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। सरकार की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को न केवल उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, बल्कि समय पर भुगतान और सम्मानजनक प्रक्रिया का अनुभव भी हो रहा है। ग्राम पेनारी निवासी किसान धन्नू सिंह की कहानी इसी व्यवस्था की एक प्रेरक उपलब्धि है।धन्नू सिंह एक साधारण कृषक हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है। इस वर्ष उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत ऑफलाइन टोकन के माध्यम से कोड़ा उपार्जन केंद्र में 54.80 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उपार्जन केंद्र पर सुव्यवस्थित व्यवस्था, डिजिटल तौल कांटा, पारदर्शी सत्यापन प्रक्रिया और सहयोगात्मक स्टाफ ने धान खरीदी को सरल एवं सुगम बनाया।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की व्यवस्था ने किसान को उसकी मेहनत का पूरा मूल्य सुनिश्चित किया। धन्नू सिंह को धान विक्रय की राशि सीधे उनके बैंक खाते में समय पर प्राप्त हुई, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं को लेकर आत्मविश्वास मिला। धन्नू सिंह बताते हैं कि पूर्व में धान विक्रय के दौरान तौल और भुगतान को लेकर अनिश्चितता रहती थी, लेकिन वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, भरोसेमंद और किसान-अनुकूल है। समय पर भुगतान से अब अपने बच्चों की शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं और रबी फसल की तैयारी बिना किसी चिंता के कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई इस धान खरीदी व्यवस्था से किसानों का विश्वास सरकार के प्रति और मजबूत हुआ है। धन्नू सिंह की यह कहानी केवल एक किसान की सफलता नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों किसानों के सशक्तिकरण की प्रतीक है, जो सरकार की पारदर्शी नीतियों से लाभान्वित होकर सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 किसानों के लिए केवल धान विक्रय का दौर नहीं रहा, बल्कि यह भरोसे, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बनकर सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी, तकनीक-संपन्न और किसान-केंद्रित धान खरीदी व्यवस्था ने वर्षों से किसानों के मन में जमी अनिश्चितता को दूर कर दिया है। अब किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी फसल उपार्जन केंद्र तक लाता है, क्योंकि उसे यह भरोसा है कि उसकी मेहनत का पूरा मूल्य समय पर सीधे उसके बैंक खाते में पहुँचेगा।खेती से अटूट रिश्ता और भरोसे की नई शुरुआतइसी बदले हुए विश्वास की सजीव मिसाल हैं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम बरमपुर निवासी किसान दुर्गाप्रसाद पिता कंचनराम। वर्षों से खेती से जुड़े दुर्गाप्रसाद ने मौसम की मार, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच भी खेती से अपना नाता कभी कमजोर नहीं होने दिया। इस वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की नीति और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य ने उनके मन में स्थिरता और सुरक्षा का नया संबल भर दिया। यह केवल आर्थिक लाभ नहीं था, बल्कि उस भरोसे का प्रतीक था, जिसमें किसान ने यह महसूस किया कि सरकार उसकी मेहनत को समझती है और उसके साथ मजबूती से खड़ी है।खड़गवां उपार्जन केंद्र पर बदली व्यवस्था की झलकतुंहर टोकन 24×7 व्यवस्था के अंतर्गत निर्धारित तिथि पर टोकन प्राप्त कर जब दुर्गाप्रसाद खड़गवां उपार्जन केंद्र पहुँचे, तो उन्हें धान खरीदी की पूरी तरह बदली हुई तस्वीर देखने को मिली। सुव्यवस्थित परिसर, बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार यह दर्शाता है कि अब धान खरीदी प्रक्रिया में किसान की सुविधा और सम्मान को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। न भीड़, न अफरा-तफरी और न ही अनावश्यक प्रतीक्षा, जिससे पूरी प्रक्रिया सहज, सुचारु और संतोषजनक रही।धान खरीदी के दौरान डिजिटल तौल कांटे, फोटो आधारित सत्यापन और रियल टाइम डेटा एंट्री जैसी आधुनिक तकनीकों ने पूरी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व भरोसेमंद बना दिया। प्रत्येक चरण किसान की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिससे किसी भी प्रकार की शंका या भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं रही। तकनीक के प्रभावी उपयोग से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि किसानों का व्यवस्था के प्रति विश्वास और भी गहरा हुआ।समय पर भुगतान से आत्मविश्वास की नई उड़ानखरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसान दुर्गाप्रसाद ने कुल 20.80 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। पूरी खरीदी प्रक्रिया समयबद्ध और व्यवस्थित रही। जब उनकी मेहनत की फसल सम्मानजनक और पारदर्शी तरीके से बिकी और भुगतान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में समय पर जमा हुई, तो उनके चेहरे पर संतोष और गर्व साफ झलक उठा। समय पर भुगतान मिलने से अब वे बच्चों की शिक्षा, पारिवारिक आवश्यकताओं और आगामी कृषि सत्र की तैयारी को लेकर पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे की योजना बना पा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए दुर्गाप्रसाद कहते हैं कि बदली हुई धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के मनोबल को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। अब खेती केवल संघर्ष का प्रतीक नहीं रही, बल्कि यह एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आजीविका का भरोसेमंद माध्यम बनती जा रही है। किसान दुर्गाप्रसाद की यह सफलता की कहानी छत्तीसगढ़ के उन हजारों किसानों की भावना को प्रतिबिंबित करती है, जो नई धान खरीदी व्यवस्था से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भरता की ओर आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रहे हैं।
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-उपमुख्यमंत्री ग्राम मैनपुरी, बीरुटोला, अमलीडीह, बरपेला टोला, सोहागपुर एवं घुघरीखुर्द में आयोजित शाकम्बरी जयंती समारोहों में हुए शामिल
-उप मुख्यमंत्री ने ग्राम सोहागपुर में किचन शेड का किया लोकार्पणरायपुर / माता शाकम्बरी जयंती के पावन एवं पुण्य अवसर पर शनिवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा कबीरधाम जिले के ग्राम मैनपुरी, बीरुटोला, अमलीडीह, बरपेला टोला, सोहागपुर एवं घुघरीखुर्द ग्रामों में आयोजित जयंती समारोहों में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता शाकम्बरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जिलेवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने सोहागपुर ग्राम में किचन शेड का विधिवत लोकार्पण भी किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समाजजनों को संबोधित करते हुए माता शाकम्बरी के आदर्शों, सामाजिक समरसता, परिश्रम और सहकारिता की भावना पर प्रकाश डाला तथा कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता के सूत्र में बांधने के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। इस दौरान उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पटेल समाज सदैव से परिश्रमी, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी समाज रहा है। माता शाकम्बरी की कृपा से यह समाज धन-धान्य से सम्पन्न रहा है और उसने हमेशा मिल-जुलकर कार्य करने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। मरार-पटेल समाज के भाव में सहकारिता निहित है, जिसके बल पर समाज और सरकार मिलकर विकास के अनेक कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकते हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल समाज अपने उद्यम, श्रम और पुरुषार्थ से न केवल स्वयं आगे बढ़ा है, बल्कि समाज के अन्य वर्गों के पोषण और सहयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। आज आवश्यकता है कि अन्य समाज भी पटेल समाज के परिश्रम, अनुशासन और सामूहिकता से सीख लें।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने माता शाकम्बरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता की कृपा से सभी के घरों में धन-धान्य की वर्षा हो, खेत-खलिहान लहलहाते रहें, सभी नागरिक स्वस्थ और सुखी रहें तथा क्षेत्र निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर गांव, गरीब, किसान और श्रमिक के उत्थान के लिए सतत प्रयास कर रही है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विभिन्न ग्रामों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की भी जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए, इसके लिए सभी को मिलकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।इस अवसर पर जिला भोयरा मरार पटेल समाज के अध्यक्ष श्री शंकर पटेल, श्री संतोष पटेल, श्री परदेशी पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू, श्री विजय पटेल, बोड़ला जनपद अध्यक्ष श्री राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, लोहारा अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा, श्री संतोष पटेल, श्री कांतिराम पटेल, श्री भगत पटेल, ललिता सुखदास पटेल, श्री भीम सिंह पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राम कुमार भट्ट, श्री तीरथ पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे। - -उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 18 करोड़ रूपए की लागत से दो प्रमुख सड़क निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन-ग्रामीण अंचलों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवहन की मिलेगी बेहतर सुविधारायपुर, / प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत लगभग 18 करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। भूमिपूजन कार्यक्रम के पश्चात सड़क निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुदृढ़ सड़क नेटवर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास की बुनियाद होता है। विष्णुदेव साय सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम छोर पर बसे गांव तक भी मजबूत और सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जाए, जिससे ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं सहज रूप से प्राप्त हो सकें। भूमिपूजन किए गए सड़क निर्माण कार्यों में मेन रोड से लासाटोला तक 9.89 करोड़ रूपए की लागत की 15.20 किलोमीटर लंबी सड़क एवं एन.एच.-12ए से भेदली तक 8.13 करोड़ रूपए लागत की 12.91 किमी लंबी सड़क का निर्माण शामिल है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन सड़कों के निर्माण से लासाटोला, बदराडीह, बम्हनी, महारटोला, नवागांव, नेवासपुर सहित आसपास के अनेक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही मेन रोड से भेदली जुड़ जाने से भीमपुरी, झिरोनी, जिंदा, खैरझीटी खुर्द, कुटकी पारा, सोनपुरी एवं थूहा डीह के ग्रामीणों को भी बेहतर सड़क सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट और दृढ़ लक्ष्य है कि विकास की रोशनी अंतिम छोर पर बसे गांव तक पहुंचे। इसके लिए मजबूत, सुरक्षित और सर्वमौसम सड़क संपर्क को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जा रहा है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इन क्षेत्रों में सड़क निर्माण हो जाने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी, किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी तथा व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने में सुगमता मिलेगी और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो सकेगा।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सड़क, पुल, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि हर गांव को मुख्य मार्ग से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जाए।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारीगण, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा शासन के प्रति आभार जताया।
- -कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अभिनव पहल से श्रीअन्न को मिलेगा नया मंचधमतरी। जिले में पोषण सुरक्षा, किसान समृद्धि एवं सतत कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा पहली बार “मिलेट्स महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की विशेष पहल पर यह आयोजन 5 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित होगा।इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं आम नागरिकों को मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती, पोषण मूल्य, स्वास्थ्य लाभ एवं विपणन संभावनाओं से व्यापक रूप से अवगत कराना है। यह आयोजन जिले को स्वस्थ समाज और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक नई पहचान दिलाने की ओर अग्रसर करेगा।महोत्सव के दौरान जिले में उत्पादित कोदो, कुटकी, रागी सहित विभिन्न प्रकार के मिलेट्स एवं उनसे तैयार पोषक, स्वादिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उपस्थित नागरिक इन व्यंजनों का स्वाद लेकर मिलेट्स आधारित खानपान को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।इस अवसर को और भी गरिमामयी बनाते हुए पद्मश्री सम्मानित डॉ. खादर वल्ली विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वे किसानों एवं नागरिकों को मिलेट्स के नियमित सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ, जीवनशैली में इसके महत्व, मधुमेह, हृदय रोग एवं पाचन संबंधी समस्याओं में इसकी भूमिका तथा वैज्ञानिक खेती एवं विपणन के अवसरों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।उल्लेखनीय है कि मिलेट्स में प्रचुर मात्रा में फाइबर, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन एवं आवश्यक खनिज तत्व पाए जाते हैं। यह फसल कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली, जलवायु अनुकूल एवं पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, जिससे किसानों की लागत घटने के साथ उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिले के कृषकों, महिला समूहों, युवाओं एवं आमजन से इस ऐतिहासिक मिलेट्स महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सहभागिता निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स को जन-आंदोलन का रूप देकर ही स्वस्थ समाज, समृद्ध किसान और सशक्त जिले की संकल्पना को साकार किया जा सकता है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर (गृह पुलिस विभाग) भर्ती परीक्षा 2024 के अंतर्गत अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक माप परीक्षण की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह प्रक्रिया 06 जनवरी से 06 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक माप परीक्षण परीक्षा जिला सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, रायपुर एवं राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में निर्धारित केंद्रों पर संपन्न होगी।अभ्यर्थियों के लिए प्रातः 07:00 बजे रिपोर्टिंग समय निर्धारित किया गया है, जबकि शारीरिक माप परीक्षण प्रातः 08:00 बजे से प्रारंभ होगा। आयोग ने बताया कि उक्त परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र दिनांक 26 दिसम्बर 2025 को जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइटwww.psc.cg.gov-inसे डाउनलोड कर सकते है, एवं अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आयोग द्वारा जानकारी दी गई है कि अभ्यर्थियों को पृथक से प्रवेश पत्र व्यक्तिशः नहीं भेजी जाएगी।
- -क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं ऑनलाइन पंजीयन, ट्रायलस्थल पर ऑफलाइन पंजीयन भी होगा-छत्तीसगढ़ के मूल निवासी जनजातीय खिलाड़ी ले सकते हैं चयन ट्रायल में हिस्सा-अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड की मूल कॉपी के साथ ट्रायल के लिए पहुंचे खिलाड़ी-मोबाइल नम्बर +91-8871419609 और वेबसाइट http://sportsyw.cg.gov.in से ले सकते हैं चयन ट्रायल संबंधी जानकारीरायपुर ।छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में राज्य की ओर से खेलने वाली टीमों के चयन के लिए ट्रायल 6 जनवरी से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए जा रहे हैं। नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इसमें भागीदारी के लिए वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के खिलाड़ियों का ट्रायल रायपुर में आयोजित किया गया है। वहीं तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के खिलाड़ियों के ट्रायल बिलासपुर में होंगे। इच्छुक खिलाड़ी मोबाइल नम्बर +91-8871419609 पर फोन कर या वेबसाइटhttp://sportsyw.cg.gov.inके माध्यम चयन ट्रायल संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी अपना ऑनलाइन पंजीयन क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं। सभी ट्रायलस्थलों पर ऑफलाइन पंजीयन भी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ी ही चयन ट्रायल में भाग लेने के पात्र होंगे। महिला एवं पुरूष दोनों वर्गों में पात्र खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने ट्रायल में हिस्सा लेने पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों से अपने अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड/स्थानीय प्रमाण पत्र की मूल कॉपी (Original Copy) साथ लाने को कहा है।रायपुर में होंगे वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के ट्रायलरायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 6 जनवरी को सवेरे नौ बजे से वेट-लिफ्टिंग, 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से कुश्ती तथा 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से फुटबॉल के लिए ट्रायल होंगे। 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा।तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के ट्रायल बिलासपुर मेंबिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव स्टेडियम में 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से तीरंदाजी और एथलेटिक्स के ट्रायल होंगे। बिलासपुर के सरकंडा स्थित जिला खेल परिसर में 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से तैराकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा।
- सुकमा/बीजापुर/ छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ शनिवार को दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 14 नक्सली मारे गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने सुकमा जिले में 12 नक्सलियों को तथा पड़ोसी बीजापुर जिले में दो अन्य नक्सलियों को मार गिराया। उन्होंने बताया कि बीजापुर और सुकमा जिलों के दक्षिणी क्षेत्रों में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने खोजी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत दक्षिण बस्तर क्षेत्र में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दलों को रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान बीजापुर जिले में सुबह लगभग पांच बजे से तथा सुकमा जिले में सुबह लगभग आठ बजे से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थलों से कुल 14 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें बीजापुर जिले से मिले दो तथा सुकमा जिले से मिले 12 नक्सलियों के शव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से बड़ी संख्या में एके 47, इंसास, एसएलआर राइफल जैसे हथियार बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभियान अब भी जारी है इसलिए मुठभेड़ के सटीक स्थान, अभियान ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारियां इस समय साझा नहीं की जा सकतीं ताकि अभियान में शामिल जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि अभियान के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।अधिकारियों ने बताया कि इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ में 14 नक्सली मारे गए हैं। वहीं पिछले वर्ष सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 285 नक्सलियों को मार गिराया था।
- हजारों लोग उठा रहे हैं शून्य बिजली बिल का लाभरायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे सोलर रूफटॉप संयंत्रों के रख-रखाव में खर्च को लेकर कुछ भ्रांतियां सामने आई हैं, जबकि वस्तुस्थिति में ऐसी कोई समस्या नहीं है। 3 किलोवॉट तक तो बैटरी की जरूरत ही नहीं है। वेंडर्स द्वारा 3 किलोवॉट से अधिक क्षमता के उपभोक्ताओं को 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक लंबी वारंटी बैटरी के लिए दी जा रही है। वेंडर्स को 5 वर्ष तक वार्षिक रख-रखाव अनुबंध के तहत सेवा देनी होगी। सोलर पैनल की सफाई के लिए कोई विशेष तकनीकी आवश्यक नहीं है। धूल जमने पर इसे सामान्य पानी से साफ किया जा सकता है।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लगाए जाने वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र को लेकर एक भ्रामक प्रचार प्रकाश में आया है कि इसमें जितनी राशि का बिजली बिल माफ होता है उससे अधिक खर्च इसके रख-रखाव में हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूर्णतः गलत है। वास्तव में 3 किलोवॉट तक के संयंत्रों से 300 यूनिट निःशुल्क बिजली प्राप्त होने की बात ही सही है। हजारों उपभोक्ता इस योजना के माध्यम से अपना बिजली बिल शून्य करने में सफल हुए हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान किए जाने एवं 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर बैंक ऋण दिए जाने से रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट लगाने का काम काफी किफायती हो गया है। जहां तक बैटरी की खराबी और उसके रख-रखाव का विषय है तो वास्तविकता यह है कि 3 किलोवॉट तक के संयंत्रों के लिए ऑन-ग्रिड प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें बैटरी की आवश्यकता ही नहीं होती। अतः बैटरी बदलने या बैटरी संबंधी रख-रखाव का सवाल ही पैदा नहीं होता।यदि कोई उपभोक्ता ‘हाइब्रिड’ सिस्टम का चयन करता है, तो वर्तमान में उपलब्ध आधुनिक लिथियम-आयन बैटरियों की तकनीक अत्यंत उन्नत है। इन बैटरियों का चार्जिंग-डिस्चार्जिंग चक्र लगभग 6,000 तक है, जो कि अत्यंत विश्वसनीय है। इसके साथ ही कंपनियां बैटरी पर 5 से 10 वर्ष तक की लंबी वारंटी प्रदान कर रही हैं। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार वेंडर-संस्थापनकर्ता को 5 वर्ष का वार्षिक रख-रखाव अनुबंध प्रदान करना अनिवार्य है। अतः 5 वर्षों तक उपभोक्ता पर रख-रखाव का कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आता है। कुछ लोगों द्वारा वर्ष 2019 के एक उदाहरण को उल्लेखित किया जाता है, जबकि पीएम सूर्यघर योजना 13 फरवरी 2024 को नवीनतम और कड़े तकनीकी मानकों के साथ शुरू की गई है। पुराने और अप्रचलित उदाहरणों के आधार पर वर्तमान योजना की गुणवत्ता पर प्रश्न उठाना अनुचित एवं भ्रामक है। धूल के कारण उत्पादन में कमी एक आना और सामान्य सफाई से इसका उपचार एक बहुत सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें सामान्य पानी से सफाई कर ठीक किया जा सकता है। इसे एक बड़ी तकनीकी विफलता या भारी खर्च के रूप में प्रस्तुत करना अतिश्योक्तिपूर्ण है।
- - दिव्यांग बालिका विकास गृह स्थित सियान गुड़ी में व्यवस्था देखकर वरिष्ठ जन उत्साहितरायपुर। समता कालोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह में संचालित सियान गुड़ी में एक से एक सुविधाएं देखकर और वहां के वातावरण को लेकर बुजुर्गों में उत्साह देखा गया। समाजसेवी कपिल अग्रवाल ने सियान गुड़ी पहुंचकर जहां महाराष्ट्र मंडल के इस प्रकल्प और समाज कल्याण विभाग की योजना को सराहा। साथ ही वहां पहुंचे लोगों को छेरछेरा पुन्नी की बधाई दी। साथ ही उन्होंने इस पर्व पर दान की परंपरा को अपनाकर खुद को गौरवान्वित करने की बात कही।सियान गुड़ी के समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि वरिष्ठ समाजसेवी कपिल अग्रवाल हमारे बीच सियान गुड़ी में पहुंचे थे। उन्होंने वहां हमारे साथ समय व्यतीत किया और योजना के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सियान गुड़ी में पहुंचे सभी लोगों को छेरछेरा पुन्नी की बधाई दी और कहा कि छत्तीसगढ़ में पुन्नी में दान की अपनी अलग ही परंपरा है। यहां दान देकर आनंद की अनुभूति होती है।खंगन के अनुसार सियान गुड़ी में पहुंचे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। दाऊ कपिल अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने दान से मिलने वाली खुशी और लोगों को होने वाले लाभ पर अपने विचार रखे। डा. कमल वर्मा ने वरिष्ठों को स्वास्थ्य टिप्स दिए। वहीं आस्था काले और दिव्या पात्रीकर ने योग के फायदे बताते हुए सभी का बीपी- शुगर चेक किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश सोनी, कमला सोनी, सलभ श्रीवास्तव, संतोष शर्मा, अरुण काठोटे, ज्योति भांगला सहित अन्य वरिष्ठजन भी पहुंचे थे।
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- महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी सभागृह में होगा आयोजन
रायपुर। मध्य प्रदेश मराठी अदाकमी इंदौर की ओर से आयोजित मराठी अभिनव वाचन, निबंध, पत्र लेखन स्पर्धा के विजेताओं को रविवार, चार जनवरी को पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में दोपहर 12:30 से होगा।
मध्य प्रदेश मराठी अकादमी इंदौर की छत्तीसगढ़ केंद्र प्रभारी और महाराष्ट्र मंडल की मराठी साहित्यं समिति की प्रमुख कुमुद लाड ने बताया कि मुंबई पुलिस के पूर्व अधीक्षक विश्वास नागरे लिखित पुस्तक ‘कर हर मैदान फतेह’ का रायपुर परीक्षा केंद्र में लगभग 30 सदस्यों ने वाचन किया। अप्रैल 2025 में हुई इस राष्ट्रीय स्पार्धा में राजस्थान, नई दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इध स्पर्धाओं के विजेताओं का पुरस्कृत किया जाएगा। जिसमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई के प्रतिभागी शामिल हैं।
लाड के अनुसार रविवार को होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शेखर राव साहेब अमीन और विशेष अतिथि बृहन्महाराष्ट्र मंडल छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र मंडल के अध्य्क्ष अजय मधुकर काले करेंगे। मध्य प्रदेश मराठी अकादमी इंदौर के सचिव मिलिंद देशपांडे और परीक्षा प्रभारी राजीव बागदरे भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। - रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती (4 जनवरी) के अवसर पर उनके उत्कृष्ट साहित्यिक अवदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय पाण्डेय जी ने अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर जिले के बालपुर गाँव में जन्मे स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय जी ने छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं ओड़िया भाषाओं में सृजन करते हुए बहुभाषी साहित्य साधना का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी रचनाओं में लोकजीवन, नैतिक मूल्य, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाएँ अत्यंत प्रभावशाली रूप में अभिव्यक्त हुई हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय पाण्डेय जी का साहित्य संयम, सदाचार, चरित्र निर्माण और सामाजिक जागरण का सशक्त माध्यम रहा है।छत्तीसगढ़ के साहित्यिक गौरव के रूप में उनका नाम सदैव आदरपूर्वक स्मरण किया जाता रहेगा। ‘साहित्य वाचस्पति’ सम्मान से अलंकृत उनका व्यक्तित्व और कृतित्व छत्तीसगढ़ की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की साहित्यिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।

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