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- -मुख्यमंत्री की दोटूक : सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि, जनता से अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहींरायपुर / सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग, श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में श्री पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के विपरीत है। इस संबंध में संभागायुक्त दुर्ग द्वारा श्री पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा।लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
- -विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को मिल रहा राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से तैराकी का गुर-छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों से निखर रही वनांचल की खेल प्रतिभाएंरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। जंगलों और पहाड़ों के बीच जीवन व्यतीत करने वाले बैगा बालक-बालिकाएं आज तरणताल (स्वीमिंग पूल) में तैराकी के आधुनिक खेल कौशल सीखकर अपने सपनों को नई दिशा दे रहे हैं। नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के तरणताल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें आकांक्षी विकासखंड गौरेला के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा समुदाय के बच्चों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने स्वयं गांवों तक पहुंचकर बैगा परिवारों को प्रेरित किया और बच्चों को इस शिविर से जोड़ा। प्राकृतिक जलस्रोतों, नदी-नालों और जंगलों के बीच जीवन बिताने वाले इन बच्चों के लिए तरणताल का यह अनुभव बिल्कुल नया है। यहाँ वे केवल तैरना ही नहीं सीख रहे, बल्कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी खेल संस्कृति को भी आत्मसात कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतने बड़े स्वीमिंग पूल में अभ्यास नहीं किया था। वे तैराकी के तकनीकी पहलुओं को सीखकर बेहद उत्साहित हैं और भविष्य में बड़े खिलाड़ी बनने का सपना देख रहे हैं।इस ग्रीष्मकालीन शिविर में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को तैराकी की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को फ्री-स्टाइल, बैक-स्ट्रोक, बटरफ्लाई-स्ट्रोक, ब्रेस्ट-स्ट्रोक तथा मेडले जैसी प्रतिस्पर्धी विधाओं का कड़ा अभ्यास कराया जा रहा है। सुबह और शाम, दो पालियों में संचालित इन सत्रों के माध्यम से बच्चों की शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और खेल कौशल को लगातार विकसित किया जा रहा है। प्रशिक्षकों का मानना है कि बैगा बच्चों में स्वाभाविक शारीरिक क्षमता, साहस और सीखने की तीव्र इच्छा है, जो उन्हें भविष्य का उत्कृष्ट खिलाड़ी बना सकती है।विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में पलने के कारण अद्भुत सहनशक्ति और बेजोड़ शारीरिक क्षमता के धनी होते हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन बच्चों को खेल की मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास न केवल खेल विकास की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि सामाजिक समावेशन और जनजातीय सशक्तिकरण का भी एक जीवंत उदाहरण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और कौशल विकास के अवसरों का विस्तार कर रही है। सरकार का संकल्प है कि दूरस्थ अंचलों का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा संसाधनों के अभाव में पीछे न छूटे। बैगा समुदाय के बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ना सरकार की समावेशी विकास नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे न केवल बच्चों के व्यक्तित्व का विकास हो रहा है, बल्कि उनमें बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास भी जागृत हो रहा है।कभी जंगलों और पहाड़ियों तक सीमित रहने वाले बैगा बच्चे आज तरणताल में पूरे आत्मविश्वास के साथ लहरों से मुकाबला कर रहे हैं। यह सकारात्मक परिवर्तन केवल एक खेल प्रशिक्षण का परिणाम नहीं है, बल्कि सरकार की संवेदनशील सोच, जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता और बच्चों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है।यह ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर बैगा बच्चों के लिए एक ऐसे सुनहरे अवसर के रूप में उभरा है, जो उनके जीवन की दिशा बदल सकता है। आने वाले वर्षों में यही बच्चे राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ और पूरे भारत का गौरव बढ़ाएंगे, यही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों से की आत्मीय मुलाकात, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण-वन आधारित अर्थव्यवस्था से शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मिली नई मजबूतीरायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में वन विभाग की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर वनाधारित आजीविका से आए सकारात्मक बदलावों को नजदीक से जाना। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यार्थियों और किसानों से मिलकर उनकी जीवन यात्रा, संघर्ष और योजनाओं से हुए परिवर्तन की कहानियों को सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि गांवों में सम्मानजनक आजीविका, शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार करना है।मुख्यमंत्री श्री साय सबसे पहले तेंदूपत्ता संग्राहक श्रीमती वेदबती यादव के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवारजनों से आत्मीय चर्चा की। श्रीमती यादव ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 3720 गड्डी तेंदूपत्ता संग्रहित कर 20 हजार 460 रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण अब उनके परिवार के लिए आय का भरोसेमंद माध्यम बन गया है। मुख्यमंत्री ने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वन संपदा पर आधारित आजीविका ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती का सशक्त माध्यम बन रही है।मुख्यमंत्री ने वन धन विकास केंद्र मर्दापाल से जुड़ी मां शीतला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती विमला भोयर से भी चर्चा की। श्रीमती भोयर ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में एक माह के भीतर 85 किलोग्राम तीखुर का प्रसंस्करण कर लगभग 85 हजार रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि पहले वन उत्पाद सीमित उपयोग तक रह जाते थे, लेकिन प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से अब आय के नए अवसर बने हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों पर आधारित ग्रामीण उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जामुन, आम और तीखुर से बने पारंपरिक शरबत से स्वागत किया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की बेटी राजबती मंडावी से भी संवाद किया। राजबती को कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। मुख्यमंत्री ने उसकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि वन आधारित योजनाएं केवल आजीविका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का भी माध्यम बन रही हैं। उन्होंने राजबती को आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं देते हुए मेहनत और शिक्षा को सफलता का आधार बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम के किसान श्री गौतम यादव द्वारा मक्के की खेती के साथ तालाब में किए जा रहे मत्स्य पालन का भी अवलोकन किया। श्री यादव ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि उन्नति योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे खेती और मत्स्य पालन को एकीकृत कर आय में निरंतर वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती, वानिकी और मत्स्य पालन का समन्वित मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।बड़ेकनेरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण नहीं बचाते, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को जीवन, सुरक्षा और समृद्धि भी प्रदान करते हैं।कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। मर्दापाल परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत दो किसानों को 5,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति तथा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को कुल 6 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।बड़ेडोंगर परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत किसानों को 2,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। एक तेंदूपत्ता संग्राहक को 20,460 रुपये का भुगतान किया गया तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि प्रदान की गई। वन प्रबंधन समिति कमेला को लाभांश के रूप में 8 लाख 46 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई। नारंगी परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य के तहत एक हितग्राही को 21,873 रुपये 50 पैसे का भुगतान तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वन विभाग की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों की आजीविका, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिलाओं, किसानों और विद्यार्थियों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है और वन आधारित अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में सशक्त आधार बन रही है।इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टमरायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के हितग्राही श्री आनंद कुमार पवार से उनके निवास पर आत्मीय मुलाकात कर योजना से आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने परिवार से संवाद कर जाना कि किस प्रकार एक जनकल्याणकारी योजना ने उनके जीवन में आर्थिक राहत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगाई है।मुख्यमंत्री श्री साय से चर्चा के दौरान श्री आनंद कुमार पवार ने बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1200 से 1500 रुपये तक आता था, जो सीमित आय वाले परिवार के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ था। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर में सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया और अब परिवार को बिजली खर्च की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।श्री पवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक बचत बढ़ी है, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि हर महीने होने वाली बचत अब परिवार की अन्य जरूरतों और बच्चों के भविष्य पर खर्च की जा रही है।मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान श्री पवार ने यह भी बताया कि योजना के लिए आवेदन करने के लगभग एक माह के भीतर उन्हें सब्सिडी प्राप्त हो गई। साथ ही बैंक से सरल प्रक्रिया के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया गया, जिससे सोलर संयंत्र लगाने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आई। शेष राशि का भुगतान आसान मासिक किश्तों में किया जा रहा है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।श्री आनंद कुमार पवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को केवल बिजली बिल से राहत ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार स्वच्छ ऊर्जा से जुड़कर भविष्य की ओर अधिक भरोसे के साथ देख रहा है।उल्लेखनीय है कि श्री आनंद कुमार पवार, पिता श्री चमन लाल पवार का घर बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह आवास ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी समन्वय का प्रेरक मॉडल बनकर सामने आया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और आमजन के जीवन में वास्तविक परिवर्तन दिखाई दे। बड़ेकनेरा के आनंद कुमार पवार की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि जीवन की दिशा बदलने वाली नई संभावनाएं भी लेकर आती हैं।
- -जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी श्री महेन्द्र कुमार जांगड़े को सौंपा गया जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार-सुशासन तिहार के दौरान शिविर में जनता से अशिष्ट व्यवहार करने पर त्वरित कार्यवाहीदुर्ग/ दुर्ग संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत् दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने और आम जनता से अशिष्ट व्यवहार (कदाचरण) करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के प्रस्ताव और शासन द्वारा आयोजित ’सुशासन तिहार’ के तहत ग्राम थनौद के जन समस्या निवारण शिविर में सीईओ पाण्डेय द्वारा जनता से की गई बदसलूकी के वीडियो क्लिप के आधार पर की गई है। इस संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस का सीईओ द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत यह निलंबन आदेश जारी किया गया है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अनुसार, प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सन्निष्ठ रहना, कर्तव्यपरायण रहना और ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना अनिवार्य है जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो, तथा नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा, ऐसा उपबंधित है। निलंबन अवधि के दौरान श्री पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। उक्त कार्यवाही के बाद कलेक्टर श्री सिंह द्वारा प्रेषित प्रस्ताव अनुसार व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी श्री महेन्द्र कुमार जांगड़े को अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-1 नेहरू नगर अंतर्गत साफ-सफाई, अवैध प्लाटिंग, नाला सफाई सहित अन्य कार्यो का बारिकी से निरीक्षण किये। उपस्थित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था पर जोर देते हुए अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करने निर्देशित किये हैं।निगम आयुक्त, पार्षद मुकेश कुमार अग्रवाल के उपस्थिति में वार्ड क्रं. 02 स्मृति नगर के वार्डो का जायजा लिये। वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किये और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने कहा गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को स्वच्छ वातावरण मिले। बरसात में अधिक वर्षा होने से निचली जगहो पर जलभराव हो जाता है, जिससे नागरिको को परेशानी होती है, ऐसे डूबान क्षेत्र के समस्या को सुधार कराने निर्देशित किये हैं। वार्ड में ही कुछ अवैध प्लाटिंग कर नागरिको को बेच दिया गया है। खरीदीकर्ताओं द्वारा निर्माण भी किया जा रहा है, उन अवैध प्लाटिंगकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई करने निर्देशित किया गया है। समीपस्थ बरसात से पूर्व बड़े नाला की सफाई कराने कहा गया है, जिससे बरसात का पानी न रूके। स्मृति नगर में कुछ माह पूर्व नाली निर्माण किया गया है, जो अव्यवस्थित हो गया है संबंधित के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने कहा गया है।आनंद नगर में नया नाली निर्माण कराने के आदेश दिया गया है, जिससे नागरिको को सुविधा मिले। आयुक्त ने सड़को का जायजा लिये, कुछ स्थल में सड़क संधारण की आवश्यकता है, संधारण कराने निर्देशित किया गया है। स्मृति नगर में स्थानीय नागरिको द्वारा अपने घरो के सामने नाली के उपर ढलाई कर वाहन पार्किंग के लिए संरचना बनाया गया है, जिससे नालियों की सफाई में रूकावट हो रही है। उन सभी नालियों के उपर से ढलाई हटाकर सफाई कराने कहा गया है। आयुक्त ने पुष्पक नगर स्थित मार्केट का अवलोकन किये और नाली, सड़क की सफाई कराने कहा गया है साथ ही पेवर ब्लाक को व्यवस्थित करने निर्देशित किये हैं। स्मृति नगर तालाब के सामने बड़ा नाला है, जिसकी साफ-सफाई कराने कहा गया है। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त दिनेश कोसरिया, उप अभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
- -- अब दो ठेलों में फल व्यवसाय करके कर रहे उतरोत्तर तरक्की, पीएम स्वनिधि योजना और रायपुर नगर पालिक निगम के प्रति व्यक्त किया हार्दिक आभाररायपुर/ राजधानी शहर रायपुर के ब्रम्हदेईपारा खमतराई के निवासी फल व्यवसायी श्री सोहन लाल साहू और उनके परिवार के लिए पीएम स्वनिधि योजना कोरोना संक्रमण काल में सहारा बनी।फल व्यवसायी श्री सोहन लाल साहू ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान परिवार के भरण-पोषण में काफी कठिनाई हुई । तब आर्थिक स्थिति के कारण दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी मुश्किल हो गया था, ऐसे समय में शासन की योजना पीएम स्वनिधि का रायपुर नगर पालिक निगम के द्वारा आवेदन जमा कराया गया।पीएम स्वनीधि योजना अंतर्गत रूपये 10000/- राशि का ऋण प्राप्त हुआ एवं समय पर ऋण की अदायगी उनके द्वारा की गयी, जिससे उन्हें द्वितीय चरण का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होने अपने व्यवसाय में वृद्धि करते हुए एक और ठेला क्रय कर लिया और इस तरह से वो वर्तमान में दो ठेले में फल का व्यवसाय कर रहे हैँ तथा उतरोत्तर तरक्की कर रहे हैँ ।फल व्यवसायी श्री सोहन लाल साहू ने कहा कि अब वे राशि 50000/- का ऋण प्राप्त कर फल व्यवसाय के क्षेत्र में और आगे बढना चाहते हैँ । फल व्यवसायी श्री सोहन लाल साहू ने स्वनिधि योजना और रायपुर नगर पालिक निगम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 1 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंजारी माता वार्ड में भनपुरी में नयी टंकी 3200 किलोलीटर एवं भनपुरी पुरानी टंकी 2000 किलोलीटर क्षमता की स्थापित है। भनपुरी पुरानी टंकी में पूर्ण रूप से जलभराव किया जा रहा है एवं नई भनपुरी टंकी लगभग 80 से 85 प्रतिशत ही भर पा रही है कारण कि पूरे शहर में ज्यादातर बोरवेल का वाटर लेवल इस ग्रीष्मकाल में अधिक नीचे चले जाने के कारण तथा ग्रीष्मकालीन टैंकर व्यवस्था के कारण वाटर बैंलेसिंग एवं अंतिम छोर की टंकी होने के कारण अपेक्षाकृत कम जलभराव ग्रीष्मकाल में हो रहा है, तकनीकी कारणवश नई भनपूरी टंकी अपेक्षाकृत कम भर पा रही है, आगामी दिवसों में जलभराव पर्याप्त कर जलप्रदाय सुनिश्चित की जावेगी।बंजारी माता वार्ड के रामेश्वर नगर, बुनियाद नगर, कमल चौक और केबिनपारा टंकी के टेल एंड होने के कारण पानी कम मात्रा में पहुंच रहा है, जिससे समस्याग्रस्त क्षेत्रों में किराये के एवं विभागीय टैंकरों के माध्यम से पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
- रेत और बोल्डर से लदे वाहनों पर खनिज विभाग का छापा, कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाईरायपुर। अवैध खनिज उत्खन एवं परिवहन के खिलाफ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खनिज विभाग ने रातभर विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के तहत रेत और बोल्डर का अवैध परिवहन कर रहे कुल 8 हाइवा वाहनों को जब्त किया गया। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है।उप संचालक खनि प्रशासन श्री राजेश मालवे एवं सहायक खनि अधिकारी श्री उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में गठित टीम ने नारी और धमतरी क्षेत्र से रेत लोड कर परिवहन कर रहे 6 हाइवा तथा तुमगांव क्षेत्र से बोल्डर लेकर आ रहे 2 हाइवा को जांच के लिए रोका।जांच के दौरान वाहन चालकों से खनिज परिवहन के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर सभी वाहनों को अवैध परिवहन की श्रेणी में मानते हुए तत्काल जब्त कर लिया गया। खनिज विभाग की टीम ने जब्त किए गए वाहनों को आवश्यक कार्रवाई के पश्चात उपरवारा थाना और माना थाना की सुपुर्दगी में सौंप दिया है। प्रकरण में अब खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिले में अवैध उत्खन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस विशेष अभियान को सफल बनाने में सुपरवाइजर श्री सुनील दत्त शर्मा, लुकेश वर्मा, अज्जू मानिकपुरी और दयाराम साहू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अभिनव पहल के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सम्मानितराज्यपाल श्री रमेन डेका ने अंग व देहदान करने वाले दानदाताओं का भी किया सम्मानरायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें अंगदान एवं देहदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।इस अवसर पर प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले तथा दान करने वाले दानदाताओं को भी सम्मानित किया गया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि “अंगदान महादान है। इसके माध्यम से किसी व्यक्ति को नया जीवन दिया जा सकता है तथा अनेक लोगों की शारीरिक चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलती है।” उन्होंने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है, जिससे मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन एवं अनुसंधान में सहायता प्राप्त होती है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के माध्यम से जिले में अंगदान और देहदान के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत अब तक 86 व्यक्तियों ने अंगदान एवं देहदान के लिए सहमति प्रदान की है, जिनमें 65 व्यक्तियों ने पूर्ण देहदान तथा 21 व्यक्तियों ने अंगदान का संकल्प लिया है।
- -मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद-बैलगाड़ी में निकली बारात, 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में-बेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज की घोषणारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सामाजिक परंपराओं, वैदिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच आयोजित इस समारोह में जिले के 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। शुभ मुहूर्त में वर-वधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बेमेतरा जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की, जिससे जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों को आर्थिक चिंताओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने हजारों परिवारों को राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है, जिससे पात्र परिवारों को और अधिक सहयोग प्राप्त हो सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक विवाह समारोह में स्वयं विवाह कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल युवाओं को सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक समरसता और अनावश्यक खर्चों में कमी लाने का सकारात्मक संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य के दौरान वर्षा होना इंद्रदेव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन भी प्रकृति के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है, जो नवदंपतियों के सुखद और समृद्ध भविष्य का शुभ संकेत है। समारोह का एक प्रमुख आकर्षण पारंपरिक बैलगाड़ी में निकाली गई बारात रही। जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक-सांस्कृतिक माहौल और जनसहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम मूल रूप से बेसिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित होना था, लेकिन शाम के समय मौसम खराब होने और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर आशीर्वाद समारोह को पुराने रेस्ट हाउस परिसर में स्थानांतरित किया गया। यहां मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वयं उपस्थित होकर नवदंपतियों से आत्मीय मुलाकात की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभाशीष प्रदान किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित उपहार सामग्री एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से अनावश्यक सामाजिक व्यय में कमी आती है तथा समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी नवदंपतियों से अपने वैवाहिक जीवन को प्रेम, विश्वास, सहयोग, संस्कार और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, सांसद श्री विजय बघेल, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, अभनपुर विधायक श्री इन्द्र कुमार साहू, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नवदंपतियों के परिजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब में टेनिस कोर्ट का किया निरीक्षण, युवा खिलाड़ियों से की मुलाकातरायपुर / वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब पहुंचकर टेनिस कोर्ट का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेल अधोसंरचना के बेहतर विकास एवं खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने क्लब में अभ्यास कर रहे युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त साधन भी है।मंत्री श्री चौधरी युवा खिलाड़ियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ अभ्यास जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रायगढ़ की प्रतिभाओं में अपार संभावनाएं हैं। उचित मार्गदर्शन और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से ये खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिलें तथा वे अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकें। इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारी, खेल प्रेमी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। खिलाड़ियों ने वित्त मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की।
- -सड़क, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और आधारभूत अधोसंरचना को मिली नई मजबूती-विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिले को 105 करोड़ 4 लाख 69 हजार रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। विशेष बात यह रही कि अचानक आए अंधड़, तेज तूफान और बारिश के बावजूद विकास कार्यों का शुभारंभ नहीं रुका और मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सभी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न कराया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, जनता के विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटल है। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम स्थल में बदलाव करना पड़ा, लेकिन विकास कार्यों को प्रारंभ करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध सोच का परिचायक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन में सुविधा, विश्वास और अवसरों का विस्तार है। सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे आम नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं और राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव, प्रत्येक किसान, प्रत्येक महिला और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने 78 करोड़ 1 लाख 33 हजार रुपये की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें बेरला-कोदवा-देवरबीजा-कर्मु मार्ग का दो-लेन मजबूतीकरण, भेड़नी-सल्धा-सिंधोरी मार्ग, बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग, सोढ़-रेवे-देवरबीजा-अकोला-खाती-सौरी मार्ग, मुड़पार खुर्द-जमघट पहुंच मार्ग, मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल संप्रेषण गृह निर्माण, नगर सेना प्रशासकीय भवन निर्माण, गुदेली-कंडरका मार्ग सहित विभिन्न ग्रामों में सीसी रोड, नाली एवं सामुदायिक अधोसंरचना निर्माण कार्य शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने 27 करोड़ 3 लाख 36 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें नवनिर्मित हमर क्लिनिक, बोर खनन कार्य तथा विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमर क्लिनिक जैसी सुविधाएं लोगों को उनके निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि विकास की जीवनरेखा होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों को शहरों से और किसानों को बाजारों से जोड़ने के लिए आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। बेमेतरा जिले में स्वीकृत ये परियोजनाएं क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी तथा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा, गुणवत्ता मानकों और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे तथा कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में आज जिन विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है, वे विकसित बेमेतरा और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत आधार सिद्ध होंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की हुई व्यापक समीक्षा-मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनाने, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जनसेवा में संवेदनशीलता बढ़ाने के निर्देशरायपुर। शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता है। अधिकारी आमजन की समस्याओं को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, परिणामोन्मुखी तथा संवेदनशील बनना होगा।बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी ली गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत, आवेदन और जनसमस्या का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है तथा जनसमस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक सरलता से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का सशक्त माध्यम बनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के सुधार तथा जानबूझकर गलतियां करने वाले पटवारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हुआ है तथा योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के आगमन के साथ मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।बैठक के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री ईश्वर साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, दुर्ग संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य सहित बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -13 स्व-सहायता समूहों को 27 लाख रुपये की चक्रिय निधि-‘मन की बात’ के 134 वें संस्करण के बाद हितग्राहियों को शहद संग्रहण किट भी वितरितरायपुर। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम इरकभट्टी (तहसील कोहकामेटा) में को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 134 वें संस्करण के प्रसारण के बाद महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप वनमंडल नारायणपुर के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को चक्रिय निधि की राशि और शहद संग्राहकों को शहद संग्रहण किट वितरित की।कार्यक्रम में 13 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 27 लाख रुपये की चक्रिय निधि ऋण प्रदान किया गया। यह राशि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आजीविका मजबूत करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दी गई है।नक्सलमुक्त हो रहे अबूझमाड़ क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। इन समूहों को दोना-पत्तल निर्माण, महुआ पत्ता क्रय, फूलझाड़ू प्रसंस्करण, किराना एवं कैंटीन संचालन, गृह उद्योग स्थापना, मसाला निर्माण, लघु वनोपज प्रसंस्करण, बेकरी संचालन और होटल व्यवसाय जैसे आजीविका आधारित कार्यों के लिए सहायता दी गई है। इसके साथ ही ग्राम तेरदूल, बोगान, कोलियारी, पानीगांव, चियानार, रेंगाबेड़ा, केरलापाल और टेमरूगांव के 12 हितग्राहियों को शहद संग्रहण किट वितरित की गई, जिससे वे शहद संग्रहण के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, श्रीमती संध्या पवार सहित जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार और आसपास के लगभग 700 ग्रामीण उपस्थित रहे। यह पहल शासन की ग्रामीण आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और वनाधारित रोजगार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
- -सड़क, पहुंच मार्ग, मिनी स्टेडियम एवं यात्री प्रतीक्षालय सहित अनेक विकास कार्यों की देंगे सौगातरायपुर। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी 1 जून को रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सड़क, पहुंच मार्ग, मिनी स्टेडियम एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री चौधरी दोपहर 3:30 बजे मिडमिडा में हाई स्कूल पहुंच मार्ग के भूमिपूजन एवं सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात शाम 4:15 बजे त्रिभोना में त्रिभोना से कोड़पाली पहुंच मार्ग एवं सड़क निर्माण कार्य के भूमिपूजन तथा सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेंगे।शाम 5:00 बजे वे तुरंगा में मिनी स्टेडियम, शेड एवं सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 5:45 बजे कोतासुरा में गोतमा-कोतासुरा मार्ग के लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।अपने प्रवास के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी शाम 6:30 बजे कोंडातराई पहुंचेंगे, जहां वे पुसौर-सुरजगढ़ मार्ग के भूमिपूजन, शेड, सीसी सड़क एवं यात्री प्रतीक्षालय के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहेंगे।
- -राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से ‘अचीवर्स’ श्रेणी में शामिल-स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विभाग को दी बधाईरायपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीम भावना से किए गए कार्यों के परिणामस्वरूप मुंगेली जिला आज प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और 50 प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के कारण मुंगेली जिला वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में शामिल हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी ‘स्वास्थ्यांक’ ग्रेडिंग में मुंगेली जिले को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘मुख्यमंत्री अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ के माध्यम से प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की सतत समीक्षा की जा रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम मुंगेली जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मुंगेली जिले की यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संवेदनशील प्रशासन, सतत मॉनिटरिंग और टीमवर्क के माध्यम से जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिले की इस उपलब्धि पर कहा कि आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरलता से पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।जिले ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में 98 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 99.98 रहा। यह जिले की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता को दर्शाता है। यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने 103 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। विशेष अभियान चलाकर पलायन कर लौटे परिवारों के बच्चों का भी टीकाकरण सुनिश्चित किया गया, जिससे शत-प्रतिशत कवरेज संभव हो सका।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल द्वारा जिले के 99.6 प्रतिशत स्कूलों का भ्रमण कर लगभग 100 प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चिन्हित 99.9 प्रतिशत बीमार बच्चों का उपचार भी सुनिश्चित किया गया।राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन में मुंगेली जिले ने 91.7 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं टीबी मरीजों की उपचार सफलता दर 97 प्रतिशत रही, जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक विकारों की स्क्रीनिंग में जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। जिला अस्पताल में संचालित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से मरीजों को जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में मुंगेली जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। मधुमेह स्क्रीनिंग में 97 प्रतिशत और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और फॉलोअप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं। जिले में 95.50 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 100 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड तैयार किए गए हैं। लगभग 92 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी भी बनाई जा चुकी है। टेली कंसल्टेशन के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने में जिले ने 78 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। उल्लेखनीय है कि विशेष आयुष्मान महाअभियान के दौरान मात्र तीन दिनों में 66 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए थे, जिसके बाद मुंगेली जिला प्रदेश में 27वें स्थान से सीधे चौथे स्थान पर पहुंच गया था।जिला चिकित्सालय आज आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका है। यहां घुटना प्रत्यारोपण, निःशुल्क डायलिसिस, कम दर पर सीटी स्कैन, आधुनिक आईसीयू सुविधा, नवजात शिशु देखभाल इकाई और अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय में 04 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है, जिससे मरीजों को जिले में ही सस्ती और त्वरित जांच सुविधा मिल रही है। अब मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। डायलिसिस सेवा के तहत लक्ष्य से 147 प्रतिशत अधिक डायलिसिस सत्र संचालित कर मुंगेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में जिले के 52 किडनी मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जा रही है।
- -वितरण में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त, 8 केंद्रों पर बैनरायपुर / भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण है और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं। कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।वैज्ञानिकों की अनुशंसा के आधार पर इस बार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक और हरी खाद के संतुलित उपयोग पर जोर है। सहकारी समितियों में पिछले वर्ष की मांग के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा नैनो यूरिया/वैकल्पिक उर्वरकों और डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा नैनो डीएपी/एनपीके के माध्यम से दी जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, यह पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।कोरबा जिले की सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है।सहकारी क्षेत्र के लिए 12 हजार 700 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। लक्ष्य के विरुद्ध 7 हजार 132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरक भंडारित किया जा चुका है। किसान अब तक 1 हजार 129.94 मीट्रिक टन खाद का उठाव कर चुके हैं, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन खाद अभी भी समितियों में शेष है। नैनो तरल उर्वरक का कोरबा जिले में कुल 11 हजार 886 लीटर (6 हजार 842 लीटर नैनो यूरिया और 5 हजार 44 लीटर नैनो डीएपी) का भंडारण किया गया था, जिसमें से 483.50 लीटर का वितरण हो चुका है और 11 हजार 402.50 लीटर स्टॉक में उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक किसानों को हरी खाद के लिए ढैंचा बीज (8 किग्रा/एकड़) और मूंग बीज (4 किग्रा/एकड़) का वितरण भी किया जा रहा है। किसानों को सही दाम और गुणवत्तापूर्ण खाद दिलाने के लिए उर्वरक निरीक्षकों की टीमें लगातार विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 केंद्रों की जांच की जा चुकी है, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। अनियमितता मिलने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 8 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस/बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक केंद्र पर अवैध कार्रवाई करते हुए 58 बोरी यूरिया जब्त किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार कीअनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेशए 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियमए 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के तहत बिलासपुर जिले में “मोर गांव, मोर तरिया” अभियान को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से न सिर्फ गांवों में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की एक मजबूत नींव भी तैयार हो रही है। राज्य सराकर के जल संरक्षण अभियान को एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के तहत बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत मस्तूरी की ग्राम पंचायत बोहारडीह में नवीन तरिया (तालाब) निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत वर्षाकाल शुरू होने से पहले निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी सीजन में वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके।जल संकट के स्थाई समाधान के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जल संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में कुल 38 नवीन तरिया (तालाब) निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सभी स्वीकृत तालाबों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि वर्षाकाल में पानी रोकने की मजबूत व्यवस्था विकसित हो। इन तालाबों के निर्माण से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, मवेशियों के लिए निस्तारी की सुविधा होगी और गर्मियों में होने वाले जल संकट से मुक्ति मिलेगी।“मोर गांव, मोर तरिया” अभियान दोहरे लाभ के साथ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इन निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण श्रमिकों को नियोजित किया गया है। गांवों में तालाबों के रूप में स्थाई जल संपदा का निर्माण हो रहा है। श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिलने से पलायन पर रोक लगी है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी निर्माण स्थलों की सतत मॉनिटरिंग (निगरानी) की जा रही है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।
- -भू-स्वामियों को एक करोड़ से अधिक का मुआवजा का भुगतान-जमीरापाट स्थित बॉक्साइट खदान खनन कार्य अभी प्रारंभ नहींरायपुर / छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में तहसील कुसमी के ग्राम जमीरापाट स्थित बॉक्साइट खदान में अभी खनन कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। राज्य शासन ने कहा है कि प्रभावित किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने लंबित मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के सख्त निर्देश दिए हैं। भू-अधिग्रहण नियमों के दायरे में और अत्यंत पारदर्शी तरीके से की जा रही है। ग्राम जमीरापाट के पारा डम्हाटोली में जिस पंचायत रोड एवं शासकीय मार्ग के मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया गया है, वह पूरी तरह जनहित और शासकीय प्रयोजन के लिए है। जिला प्रशासन यह पूरी तरह स्पष्ट करता है कि 31 मई 2026 की स्थिति में खदान क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। सी.एम.डी.सी. के पक्ष में केवल भू-प्रवेश की अनुमति जारी की गई है, जिसका उद्देश्य आवश्यक तैयारियां करना है, न कि उत्खनन। प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित किसानों का हित प्रशासन के लिए सर्वाेपरि है। खदान के कुल निर्धारित क्षेत्र में से 9.049 हेक्टेयर निजी भूमि के भू-स्वामियों को फसल क्षति मुआवजा मद के अंतर्गत एक करोड़ 1 लाख 74 हजार 26 रुपये की राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कलेक्टर द्वारा किया जा चुका है। लंबित मुआवजा प्रकरणों के भी शीघ्र निराकरण के सख्त निर्देश दिए गए हैं।वर्तमान में कुल 15.743 हेक्टेयर क्षेत्र में ही भू-प्रवेश की अनुमति दी गई है, जिसमें से अधिकतम हिस्सा शासकीय भूमि (6.694 हेक्टेयर) का है। निजी भूमियों के मामले में नियमानुसार केवल फसल कटाई का मुआवजा भुगतान कर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पूरी कार्यवाही भू-अधिग्रहण नियमों के दायरे में और अत्यंत पारदर्शी तरीके से की जा रही है। सी.एम.डी.सी. द्वारा 28 मई 2026 को ग्राम जमीरापाट के पारा डम्हाटोली में जिस पंचायत रोड एवं शासकीय मार्ग के मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया गया है, वह पूरी तरह जनहित और शासकीय प्रयोजन के लिए है। इस कार्य की शुरुआत स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम सरपंच की गरिमामयी उपस्थिति में की गई है। इस मार्ग के सुधार से क्षेत्र के ग्रामीणों को ही आवागमन में बड़ी सुविधा होगी।लेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा है कि जिला प्रशासन हर परिस्थिति में प्रभावित ग्रामीणों और किसानों के साथ खड़ा है। किसी भी पात्र हितग्राही के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सभी शासकीय और कानूनी प्रक्रियाएं नियमों के तहत ही संपन्न की जा रही हैं। पात्र लोगों को मुआवजा वितरण के साथ-साथ वहां मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों के कल्याण के लिए पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।
- -छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार और तकनीकी रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी पहलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए आज सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है।उल्लेखनीय है कि लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आधुनिक आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। एमओयू के तहत देश की विभिन्न 40 आईटी कंपनियों ने यहां अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के निवास पहुंचकर व्यक्त की गहरी संवेदना, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थनारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर पहुंचकर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय श्री दिनेश सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सेन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर विधायक श्री रिकेश सेन एवं शोक संतप्त परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन का वियोग जीवन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती। उन्होंने स्वर्गीय श्री दिनेश सेन के निधन को परिवार एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -आम प्रदर्शनी में शामिल विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रादर्शाें को किया गया पुरस्कृत-कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव का भव्य समापनरायपुर / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहां समापन करते हुए सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समापन समारोह में आम महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी के अंतर्गत आम की व्यवसायिक किस्में, संकर किस्में, विशिष्ट किस्में, एक्जोटिक किस्में एवं अन्य देशी किस्में श्रेणियों में शामिल प्रादर्शाें को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव एक अनोखा और सफल आयोजन रहा, जिसमें देश भर के 400 से अधिक कृषक प्रतिभागियों द्वारा आम की 250 विभिन्न किस्मों के लगभग दो हजार प्रादर्श छत्तीसगढ़वासियों के अवलोकनार्थ रखे गए थे। इस आम महोत्सव को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों का प्यार मिला और तीन दिनों तक आमों की इतनी सारी और विविध किस्मों को दखने के लिए दर्शक उमड़े रहे। तीन दिनों के आयोजन के दौरान 20 से 25 लाख रूपये के आम एवं पौधों की बिक्री होना आयोजन की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों एवं कृषकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रकृति की ओर संस्था की सहयोग से विगत तीन वर्षों में लगातार तीसरी बार तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया गया, जिसे आम नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी को देखने हजारों लोग आए। महोत्सव के दौरान आम की किस्मों तथा व्यंजनों पर केन्द्रित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। डॉ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्ष इस आम महोत्सव को और भी भव्य तथा विस्तृत रूप में आयोजित किए जाएंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा आम की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। राज्य के 46 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में से लगभग ढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती की जा रही है, जिसमें एक लाख हेक्टेयर रकबे में आम का उत्पादन हो रहा है। आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हेतु भी पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली उत्कृष्ट संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में राष्ट्रीय आम अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व निर्देशक प्रसिद्ध आम वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र राजन, विभागाध्यक्ष खाद्य विज्ञान एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्लनोलॉजी (आईसीएआर) डॉ. दिनेश कुमार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी तथा प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष श्री मोहन वर्ल्यानी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक प्रतिभागी, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भी भाग ले रहे हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया।उल्लेखनीय है कि इस आम महोत्सव में आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन ने भी भागीदारी की। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़, मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की गई। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद - नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया गया। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम के व्यंजन बनाना सिखाया। महोत्सव के तीनों दिन कृषि विशेषज्ञों द्वारा आम उत्पादक किसानों के लिए आयोजित तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन प्रौद्योगिकी पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। आम उत्पादक किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
- रायपुर । राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के ग्राम राम्हेपुर में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा उनके आदर्शों और लोककल्याणकारी कार्यों को स्मरण किया।समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने न्यायपूर्ण शासन, जनसेवा, धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। अहिल्याबाई होलकर ने न केवल मालवा क्षेत्र को समृद्ध और सुशासित बनाया, बल्कि देशभर में अनेक मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं और जनहित के निर्माण कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आस्था को सशक्त आधार प्रदान किया।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन महिला सशक्तिकरण, सुशासन, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने धैर्य, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए समाज के लिए आदर्श स्थापित किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया और अपने शासनकाल में न्याय, समानता एवं लोककल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्रपाल धनकर, श्री विदेशी राम धुर्वे, जिलाध्यक्ष श्री भाईराम पाली, श्री मिलू साहू सहित जनप्रतिनिधिगण, गडरिया समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने कहा - जनता के बीच पहुंचकर सरकार दे रही अपने काम का रिपोर्ट कार्ड-251 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और नगरीय अधोसंरचना को मिलेगी नई गति-दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन निर्माण की घोषणारायपुर। सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब दे, उनकी समस्याएं सुने और समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज दुर्ग जिले के स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले को 739 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों की सौगात देते हुए 251 लोककल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 362 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 376 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं दुर्ग जिले के विकास को नई दिशा देने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा सुनिश्चित होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक मई से प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन निरंतर जारी है और 10 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में यह अभियान संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि शासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचकर सेवा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। शिविर में युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल वितरण, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन सरकार ने राज्य में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था और खुशी की बात है कि सभी स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। अब शीघ्र ही सभी आवासों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना लागू की है, जिसके तहत माताओं और बहनों के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास परिवार और समाज दोनों को मजबूत करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण छत्तीसगढ़ लंबे समय से झेल रहे नक्सलवाद के दंश से निर्णायक रूप से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, विश्वास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने नेतानार में स्थापित सेवा डेरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ग्रामीणों और आदिवासियों को इमली प्रसंस्करण, ढेकी चावल, सिलाई और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से परिणय सूत्र में बंधना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। उन्होंने इसे सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक जनभागीदारी का उदाहरण बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं का विस्तार कर रही है। उन्होंने बिजली समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों को राहत, सुविधा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता देने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। साथ ही 112 हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन एवं महिला सहायता सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाया गया है।मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले दुर्ग जिले के विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यही युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की आधारशक्ति हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज लोकार्पित आईटी पार्क दुर्ग के युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार और तकनीकी अवसरों का नया द्वार खोलेगा। उन्होंने इसे जिले के आर्थिक और तकनीकी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।मुख्यमंत्री ने दुर्ग शहर में नालंदा परिसर और छात्रावास निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण मिलेगा और यहां से आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च सेवाओं में चयनित होने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार होगी।उन्होंने इंदिरा मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के भूमिपूजन को शहर के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे यातायात दबाव कम होगा, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ होगी और व्यापारिक गतिविधियों को सुविधा मिलेगी।समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री श्री साय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दुर्ग जिले को मिली 739 करोड़ रुपए से अधिक की विकास सौगात आने वाले समय में विकास का नया अध्याय लिखेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वामित्व योजना, लखपति दीदी, आयुष्मान भारत, महिला कोष ऋण योजना, आदिवासी छात्र प्रोत्साहन, मत्स्य विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सुशासन तिहार में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड श्री जितेन्द्र साहू, खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।





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