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- दानदाताओं ने अब तक दी 6700 से अधिक पुस्तकेंरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना शिक्षा के क्षेत्र में नया संबल प्रदान कर रही है। इसी क्रम में कंपटीशन अकेडमी के संचालक श्री हरि राम पटेल ने सीजीपीएससी, व्यापम, सामान्य अध्याय, पंचायती राज, हिंदी, छत्तीसगढ़ी, इंग्लिश, इतिहास, भूगोल, सहित अन्य पुस्तक दान की है । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने इन पुस्तकों को ग्रहण करते हुए इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता का आभार व्यक्त किया।जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत अब तक 6700 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं। ये पुस्तकें जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना अथवा रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- *अमसेना के किसान श्रीमती गुलाब बाई महिपाल ने कहा मैंने सुगमता पूर्वक अपने धान का विक्रय किया एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया**धान खरीदी में पारदर्शिता बनी किसानों की ताकत*रायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते किसानों को बड़ी राहत मिल रही है।आरंग विकासखंड अंतर्गत ग्राम अमसेना के किसान श्रीमती गुलाब बाई महिपाल के खेतों के साथ-साथ उनके जीवन में भी खुशहाली लौटी है। श्रीमती महिपाल ने समर्थन मूल्य पर 30 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केंद्रों में शासन द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी केंद्रों में मॉइश्चर मापक मशीन, बारदाने की समुचित व्यवस्था के साथ त्वरित प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।*खेती केवल आजीविका नहीं, समृद्ध भविष्य की राह*श्रीमती गुलाब बाई महिपाल ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी यह सफलता कहानी दर्शाती है कि जब नीतियां किसान-हित में हों और व्यवस्थाएं सुदृढ़ हों, तब खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्ध भविष्य की दिशा बन जाती है। यह कहानी न केवल अमसेना, बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है।
- भिलाईनगर । नगर पालिक निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा आज जोन 02 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था, अधोसंरचना विकास और आगामी पर्यावरण परियोजनाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वार्ड की विभिन्न बैकलेन की स्थिति देखी। कई स्थानों पर बैकलेन में अवैध कब्जे के कारण नालियों की सफाई और मरम्मत में बाधा आ रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि वहां जल्द से जल्द नाली निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। इससे क्षेत्र में जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी।आयुक्त ने वार्ड में चल रहे सफाई अभियान का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और स्वच्छता कर्मियों को नियमित सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने वार्ड में नवनिर्मित और प्रस्तावित सी.सी. रोड की गुणवत्ता और स्थिति का भी परीक्षण किया।पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आयुक्त ने इंदु आई.टी. के पीछे स्थित स्थल का भी निरीक्षण किया। इस स्थान को 'मियावाकी तकनीक' के माध्यम से वृक्षारोपण हेतु चयनित किया गया है। कम जगह में घना जंगल विकसित करने की इस पद्धति से शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार और हरियाली में वृद्धि होगी।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने जोन अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनहित के कार्यों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने की बात कही।इस दौरान जोन आयुक्त ऐशा लहरे, कार्यपालन अभियंता वेशराम सिंहा, अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता अर्पित बंजारे, श्वेता महेश्वर, उप अभियंता चंदन निर्मल, सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार में आज निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निगम क्षेत्र के विकास कार्यों, जनहित से जुड़ी योजनाओं और आगामी नववर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। जनहित और विकास कार्यों पर विशेष जोर दिया जाए।बैठक के दौरान आयुक्त ने वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर टी एल, जनदर्शन, जन शिकायत एवं अन्य शिकायतो पर गहन चर्चा किया गया । इसके पश्चात उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम भिलाई का मुख्य ध्येय नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनहित के मामलों को प्राथमिकता दें और फाइलों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न करें।आयुक्त ने नववर्ष 2026 के आगमन पर भिलाई की जनता को मिलने वाली संभावित सौगातों और विकास परियोजनाओं के रोडमैप पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नए साल में स्विमिंग पूल, हॉर्स राइडिंग, गारमेंट फैक्ट्री, सीबीजी प्लांट, गोबर गैस प्लांट, फिजियोथैरेपी हॉस्पिटल, सड़कों का निर्माण, उच्च क्षमता वाले पानी टंकियां का निर्माण, पाइपलाइन विस्तार के कार्य, बेहतर आवागमन सुविधा हेतु सिटी बस सहित शहर के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा।अधिकारियों को कार्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया और शहर वासियों से अपील किए हैं कि निगम के कार्यों में सहयोग करें।अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए आयुक्त ने कहा कि "नए साल में हमें नई ऊर्जा और समर्पण के साथ काम करना है। हमारा लक्ष्य भिलाई को एक आदर्श शहर बनाना होना चाहिए। सभी अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना के साथ जनहित के कार्यों में जुट जाएं ताकि हम लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।"प्रमुख निर्देश दिया गया जिसमे विकास कार्यों की समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण पूर्णता प्राथमिकता हो। स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए सफाई व्यवस्था में सुधार कीजिए। नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक निवारण हो, जिससे आम नागरिक परेशान ना हो। इस बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र दोहरे, उपायुक्त नरेन्द्र बंजारे, डी के कोसरिया, सभी जोन आयुक्त, सभी कार्यपालन अभियंता एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग/ निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अर्हता 01 जनवरी 2026 के संबंध में 30 दिसम्बर 2025 को जिले के समस्त विधानसभा 62- पाटन, 63 दुर्ग ग्रामीण, 64- दुर्ग शहर, 65- भिलाई नगर, 66- वैशाली नगर, 67- अहिवारा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा आयोजित की गई।जिले के समस्त विधानसभा 62 पाटन, 63 दुर्ग ग्रामीण, 64- दुर्ग शहर, 65 भिलाई नगर, 66 वैशाली नगर, 67- अहिवारा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के द्वारा बैठक में उपस्थित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छ.ग. रायपुर के निर्देश पत्र क्रमांक/4186, रायपुर 29 दिसम्बर 2025 के परिपालन में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में दावा आपत्तियों की सूची साझा किये जाने एवं विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में जानकारी साझा किये जाने साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को कण्डिकावार जानकारी उपलब्ध कराई गई।आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत मतदाता सूची का 23 दिसम्बर 2025 को प्ररूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने का मुख्य उद्देश्य है कि कोई अवैध नागरिक न जुड़े एवं भारत के वैध नागरिक न छूटें, जिससे मतदाता सूची शुद्ध हो। एसआईआर के तहत मृत एवं अन्यत्र निवासरत व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची से हटाया जाए तथा अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 की स्थिति में नए मतदाताओं का नाम फार्म-6 भरकर नाम जोड़ने की कार्यवाही की जा सके एवं मतदाता सूची में त्रुटि सुधार हेतु फार्म-8 का उपयोग कर, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। वर्तमान में राज्य में सम्पन्न कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में जिले अंतर्गत मतदाता केंद्रों के लिए बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका दायित्व निभाया जा रहा है।प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम सर्च करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट https://voters.eci.gov.in लिंक के माध्यम से अपना नाम सर्च कर, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक व नाम, भाग संख्या एवं मतदता सरल क्रमांक सर्च कर सकते हैं। 23 दिसम्बर 2025 से मतदान केन्द्रों में दावा आपत्तियों के संबंध में प्ररूप 9, 10, 11, 11क एवं 11ख संबंधितों को उपलब्ध कराया गया। प्रारंभिक प्रकाशन के बाद प्राप्त दावा आपत्तियों को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 और 19 के तहत मतदाताओं के अर्हता के अनुसार उनकी पात्रता के जांच, प्रस्तुत दस्तावेजों एवं बी.एल.ओ. रिपोर्ट के आधार पर जांच करते हुए प्रस्तावित मतदाता को नोटिस जारी करेंगे। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी जिन दस्तावेजों के आधार पर संतुष्ट हों, उन्हें ईसीआई नेट में अपलोड किया जायेगा।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में बीज प्रक्रिया केंद्र रुआबांधा द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए बीज तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2025 में कुल 740 किसानों (1426.86 हेक्टेयर) का पंजीयन किया गया था। दुर्ग की प्रमाणीकरण संस्था ने खेतों का निरीक्षण कर किसानों को जरूरी सलाह दी है। फसल की पैदावार के आकलन के आधार पर, बीज निगम द्वारा अब तक किसानों को 1,03,000 खाली बोरे उपलब्ध कराया जा चुका है। अभी तक 33967.77 क्विटल उपार्जन हो चुका है तथा कृषकों की उपस्थिति में संसाधन (ग्रेडिंग) का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।उप संचालक कृषि द्वारा आगामी खरीफ 2026 हेतु बीज मांग 35000 क्विंटल (अनुमानित) के विरूद्ध बीज निगम द्वारा लगभग 50000 किंवटल विभिन्न खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाने का अनुमान है, जिससे कि दुर्ग जिला सहित राज्य के अन्य जिलों में भी बीज की पूर्ति संभव होगा। बीज उत्पादक कृषकों को उनके द्वारा उत्पादित फसल पर अग्रिम राशि प्रति क्विटल धान मोटा हेतु 1895/-, धान पतला / सुगंधित हेतु 1911/-, सोयाबीन हेतु 4262/-. अरहर हेतु-6400/-, उड़द हेतु-6240 एवं मूंग हेतु-7014/- का प्रावधान किया गया है। इसी कड़ी में विगत दिन 76 कृषकों को 8386.71 क्विटल धान की अग्रिम राशि रू. 15923821/- का भुगतान आर.टी.जी.एस. के माध्यम से उनके खाते में स्थानांतरित की गयी। कृषकों को यह समझाईस दी गई है कि वे कृपया अपने पूरे लाट के बीज का उपार्जन शीघ्र कराए ताकि अग्रिम राशि का (लाट पूरा होने पर) भुगतान शीघ्र किया जा सके। बीज प्रबंधक श्री एस.के. बेहरा के अनुसार आज की स्थिति में धान की नवीन किस्में विक्रम टीसीआर, एमटीयू-1318, एमटीयू-1156, एमटीयू-1153 के साथ ही साथ पुरानी प्रचलित किस्मे आईआर-64, एमटीयू-1001, महामाया, राजेश्वरी, स्वर्णा सब-1 एवं स्वर्णा आदि का उपार्जन हो चुका है एवं अधिक से अधिक उपार्जन हेतु कृषकों से कृषि विभाग एवं बीज निगम द्वारा संपर्क किया जा रहा है। इसी प्रकार सोयाबीन की किस्म राज सोया-24 का भी बीज उपार्जन किया गया है। वर्तमान में उपार्जन का कार्य जारी है जो कि विगत दिनों जिले के उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई के प्रक्रिया केन्द्र भ्रमण के दौरान निर्देशानुसार हर सप्ताह सोमवार से शनिवार तक उपार्जन कार्य होगा।
- दुर्ग. जिले में नकली नोट छापने और उसे स्थानीय बाजार में इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जिले के रानीतराई गांव के साप्ताहिक बाजार में नकली नोट का इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने अरुण तुरंग (50) और उसकी पत्नी राखी (40) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों रायपुर जिले के सोनपैरी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि साप्ताहिक बाजार में सब्जी विक्रेताओं में से एक तुलेश्वर सोनकर द्वारा पुलिस में मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी के भखारा गांव निवासी तुलेश्वर सोनकर (40) और उनकी पत्नी सरिता सोनकर सोमवार को रानीतराई गांव के साप्ताहिक बाजार में सब्जी बेचने आये थे। शाम लगभग साढ़े पांच बजे एक व्यक्ति और एक महिला ने इनसे 60 रुपये की सब्जी खरीदी और पांच सौ रुपये का नोट दिया। सोनकर ने बाकी के पैसे वापस किए और पांच सौ रुपये का नोट अपने पास रख लिया। उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद सब्जी मंडी के लोगों ने व्यापारियों को बताया कि बाजार में नकली नोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद सोनकर ने पांच सौ रुपये के नोट को बारीकी से देखा और उसे उसके नकली होने का अंदेशा हुआ। उन्होंने बताया कि घटना के बाद सब्जी विक्रेता थाने पहुंचे और उसके बाद आरोपियों की खोज शुरू की गई। बाद में जब पुलिस ने आरोपी अरुण से पूछताछ की तब उसने नकली नोट छापकर बाजार में इस्तेमाल करने की बात स्वीकार कर ली। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अरुण ने जानकारी दी कि उसने ऑनलाइन कलर प्रिंटर, फोटो कॉपी और पेपर मंगाया था। उसने प्रिंटर से पांच सौ रुपये के नोट की फोटो कॉपी कर नकली नोट छापा और उसे काटकर दुर्ग जिले के पाटन गांव के बाजार में इस्तेमाल किया था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी अरुण के आवास से कलर फोटो कॉपी मशीन, पेपर और 1,65,300 रुपये के नकली नोट बरामद किए। नकली नोट 500, 200 और 100 रुपये की मुद्रा में थे। अधिकारियों ने बताया पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है तथा उनसे पूछताछ की जा रही है।
- बालोद/ जिला प्रशासन बालोद की मुहिम नीर चेतना अभियान के तहत आज जिला मुख्यालय बालोद की जीवनदायिनी ’’तांदुला नदी’’ को उसके पुराने वैभव और स्वच्छता के साथ पुनरूद्धार करने के लिए वृहद श्रमदान कार्यक्रम का हुआ आयोजन।इस अवसर पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर ने नगर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित महिला कमाण्डो, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों, एनएसएस, रेडक्राॅस के सदस्यों, छात्रा-छात्राओं एवं आम नागरिकों के साथ तांदुला नदी की साफ-सफाई कर जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण नीर चेतना अभियान में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई।
- दुर्ग/ जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा ने आज विकासखंड धमधा एवं दुर्ग अंतर्गत अनेक शालाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री मिश्रा ने शासकीय प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक शाला करेली, कन्हारपुरी, तुमाकला परसदाखुर्द, बोरी, सेमरिया, हसदा, लिटिया, सेवती, हिर्री के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के कक्षा स्तरीय योग्यता की जानकारी ली तथा बारहखड़ी, इमला, पहाड़ा, धाराप्रवाह हिंदी/अंग्रेजी वाचन, हैंडराइटिंग सुधार हेतु अभ्यास के संबंध में शिक्षको को आवश्यक निर्देश दिए।इसी प्रकार हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल धमधा, करेली, कन्हारपुरी, तुमाकला, बोरी, लिटिया, हिर्री में बोर्ड परीक्षाओं हेतु डीईओ कार्यालय से भेजे गए प्रश्न बैंक विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने, 5 वर्षाे के बोर्ड के प्रश्न पत्रों को हल कराने, उन प्रश्नों के आधार पर प्रति सप्ताह टेस्ट परीक्षा आयोजित करने तथा मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं को विद्यार्थियों को दे हुई त्रुटियों को सुधरवाने सहित प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए। चिन्हांकित कमजोर बच्चों को सीमित पाठ्यक्रम से बोर्ड की तैयारी कराए जाने तथा मेधावी छात्रों को व्हाट्शप ग्रुप के माध्यम से विशेषज्ञों से डाउट क्लियर करने के निर्देश भी दिए।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार नव वर्ष को ध्यान में रखते हुए 31 दिसम्बर 2025 एवं एक जनवरी 2026 के आयोजनों के संबंध में एडीएम श्री अभिषेक अग्रवाल और एडिशनल एसपी श्री सुखनंदन राठौर ने समस्त होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, संचालकों की बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये है। अधिकारियों ने सामान्य निर्देशों से अवगत कराते हुए कहा कि सभी होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, एवं इस्पात क्लब, स्टील क्लब एवं मैरिज पैलेस, आदि स्थानों पर अनिवार्य रूप से जहां तक भीड़ रहती है वहां तक सी.सी.टी.व्ही. कैमरा एवं विभिन्न पिकनिक स्थलों, दर्शनीय स्थल, पार्किंग क्षेत्र में जहा तक पब्लिक का जमाव हो रहा हो, इत्यादि स्थानों पर पीटीजेड कैमरा पर्याप्त संख्या में सीसीटीव्ही कैमरा लगवाना सुनिश्चित करें। संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देवें। नशे की स्थिति में वाहन न चलाए। डीजे साउंड सिस्टम का उपयोग निर्धारित समय एवं मापदंड में अनुमति प्राप्त कर करेंगे। सार्वजनिक रूप से सड़क पर केक नही काटेंगे। गाली गलौच, अभ्रद व्यवहार करना सार्वजनिक शांति भंग नहीं करेंगे। सभी होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, संचालकों के पदाधिकारियों की संपूर्ण सूची मोबाईल नंबर सहित स्वयं हस्ताक्षर से जमा करवाए। निर्धारित समय का पालन किया जाना सुनिश्चित करेंगे। वाहन पार्किंग के संबंध में निर्देशित किया गया कि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रहे इसके लिए होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, संचालकों जिम्मेदार रहेगा। पार्किंग हेतु पूरी जगह पहले से चिन्हित करें। हाईवे/रोड के किनारे वाहन पार्किंग न हो। पार्किंग में लाईटिंग एवं सुरक्षा गार्ड रखें। वाहनों में रेडियम स्टीकर लगाए। इसी प्रकार ध्वनि विस्तारक यंत्र के संबंध में अवगत कराया गया कि होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, में अश्लील गाना किसी भी स्थिति में ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग प्रतिबंधित है। डीजे/व्हिकल माउंटेड डीजे का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है, मााननीय उच्चतम एवं उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र का अधिकतम मानक 75 डेसीबल के साथ रात्रि 10.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग माननीय उच्च न्यायालय के दिए निर्देशों के तहत करे, किसी भी अवस्था में डीजे का प्रयोग नहीं करे, वाहनों पर माउंटेड साउंड बाक्स का प्रयोग पूरी तरह निषिद्ध है तथा इसका उल्लंघन किए जाने पर कोलाहल अधिनियम, मोटरयान अधिनियम, नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं में कार्यवाही की जावेगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र को जप्त कर राजसात किया जाएगा। रात्रि 10 बजे के उपरांत ध्वनी विस्तार यंत्र, लाउड स्पीकर का प्रयोग पूर्णतः निषिद्ध है। इसी प्रकार विद्युत व्यवस्था के संबंध में होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, आदि स्थानों पर विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार का शार्ट सर्किट न हो इस हेतु पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिये। आगजनी जैसी घटनाओ से निपटने के लिए लघु अग्नि समन यंत्र, रेत भरी बाल्टी तथा पानी, की पर्याप्त व्यवस्था भी रखेंगे एवं जिला अग्निसमन अधिकारी से फायर आडिट अवश्य करायेंगे। विघुत व्यवस्था ऐसी रहेगी जिसमें किसी के ऑख पर दुष्प्रभाव न पड़े। होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, आदि स्थानों पर फायर आडिट, सुरक्षा आडिट एवं इलेक्ट्रिसिटी आडिट कराया जाए। होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, आदि स्थानों पर किसी भी प्रकार के शार्ट सर्किट या आगजनी से बचने का पुख्ता इंतजाम हो।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा है कि भाजपा का छत्तीसगढ़ संगठन बहुत प्रभावी और मजबूत है। केन्द्रीय स्तर पर जब भी हम संगठनात्मक गतिविधियों की राज्यवार समीक्षा करते हैं, तब हम देखते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक इकाइयाँ पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सबसे अग्रणी प्रदेशों में गिनी जाती हैं। श्री सिंह ने अटल जी की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के इस कार्य के लिए छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन के सभी कार्यकर्ताओं का अभिनन्दन करते हुए कहा कि अटल जन्म शताब्दी वर्ष में छत्तीसगढ़ अकेला एक ऐसा प्रदेश रहा, जहाँ 175 अटल परिसर की स्थापना की गई।हर सकारात्मक काम का कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष विरोध करता ही हैभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह अटल जन्म शताब्दी कार्यक्रम की समीक्षा बैठक और कार्यकर्ता सम्मेलन व सम्मान समारोह के निमित्त बुधवार को राजधानी के प्रवास पर रहे। इस दौरान कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि संसद सत्र अभी सम्पन्न हुआ है, हमने देखा कि लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं था। कई विधेयकों पर चर्चा हुई, लेकिन विपक्ष ढंग से अपनी बात भी नहीं रख पाया। उसके बाद बाहर आकर उन पर भ्रम फैलाने में लगा है। 'वीबी जी राम जी' में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही है अर्थात इससे लोगों को 25 दिन अधिक रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही जो योजनाएँ बनेंगीं, जो काम होगा, वह ग्राम की आवश्यकता के अनुरूप ग्रामसभा और ग्राम पंचायत तय करेगी। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सभी को एक पत्र लिखकर यह स्पष्ट किया है। लेकिन, विपक्ष इसमें भी भ्रम फैला रहा है कि यह सब केन्द्र सरकार तय करेगी। हर सकारात्मक काम का कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष विरोध करता ही है। श्री सिंह ने कहा कि देशभर के अनेक स्थानों से मिली शिकायतों के बाद मनरेगा के तहत कई विधानसभाओं में जो गड्ढे-ही-गड्ढे दिखते थे और जिन पर काम ही नहीं हुआ, उनका वित्तीय आवंटन रोक दिया गया। अब इस योजना में बायोमेट्रिक्स के उपयोग को बढ़ावा देने, उसके कम्प्यूटरीकरण करने पर जोर दिया गया है। इससे विकास और बुनियादी जरूरतों के काम भी होंगे, ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा और गाँव वाले खुशहाल भी होंगे।बंगाल में सरकार के संरक्षण में ऑर्गेनाइज्ड करप्शन हुआ हैभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने दावा किया कि प.बंगाल में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी। बंगाल में सरकार के संरक्षण में ऑर्गेनाइज्ड करप्शन हुआ है। योजनाओं में कहीं-न-कहीं लीकेज होता है। सरकार उस पर कार्रवाई करती है लेकिन सरकार के संरक्षण में ही अगर बड़े लेवल की करप्शन हो, लूट मची हो तो वह चिंताजनक है। प.बंगाल में हमारी पहले तीन सीटें आई थी, बाद में हम 77 सीटें जीते। इस बार बंगाल में थंपिंग मेजॉरिटी के साथ भाजपा की सरकार बनेगी क्योंकि टीएमसी के शासन में हिंसा, करप्शन से वहां की जनता परेशान है, त्रस्त है। बंगाल जैसी हिंसा पूरे देश में कहीं नहीं है, बंगाल जैसा करप्शन पूरे देशभर में कहीं नहीं है। श्री सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी की शुरू से कार्ययोजना और सोच रही है कि किस प्रकार से तुष्टीकरण के मार्ग में चले। एक वर्ग को खुश करने के लिए बंगाल में बाबरी मस्जिद बन रही है फिर भी उसको नहीं रोक पाए, यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है।केंद्र सरकार नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सल मुक्त भारत की ओर तेजी से अग्रसर हैभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने नक्सल उन्मूलन अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि देश के लिए यह सम्मान का विषय है कि नक्सलवाद की समस्या से निपटने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रणनीतिक मार्गदर्शन और प्रदेश सरकारों के सहयोग से केंद्र सरकार नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सल मुक्त भारत की ओर तेजी से अग्रसर है और 31 मार्च 2026 तक पूरा देश हथियारबंद नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा। इसमें सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह की रणनीति और प्रदेश सरकारों से श्री शाह का सतत सम्वाद जारी है। इसके साथ ही सरकार नक्सलियों से कठोरता से पेश आ रही और साथ ही उनसे विकास की मुख्यधारा में आने को भी कह रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की योजनाओं की लम्बी कतार लगा दी है। नक्सल पीड़ित इलाकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार की विकास योजनाओं का आँकड़ेवार ब्योरा देते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारत चार सालों से लगातार सशक्त और तेज जीडीपी के चलते तेज गति से बढ़ती अर्थ व्यवस्था बन गया है लेकिन देश का एक बड़ा क्षेत्र चूँकि नक्सल प्रभावित था तो देश की जीडीपी में उन क्षेत्रों का योगदान नहीं था, परंतु अब उनका भी योगदान मिल रहा है। इस तरह जब सभी क्षेत्रों का योगदान बढ़ेगा तो भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।प्रदेश में 24 लाख स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास में से 16 लाख आवास बन चुके हैंभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार की उपलब्धियों का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि प्रदेश तेज गति से विकास कर रहा है। नए-नए निवेश यहाँ पर हो रहे हैं और औद्योगिक विकास हो रहा है। इसी प्रकार रेलवे, सड़क आदि अधोसंरचनात्मक विकास भी दृष्टिगत हो रहा है। प्रदेश में 24 लाख स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास में से 16 लाख आवास बन चुके हैं। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश महामंत्री द्वय डॉ. नवीन मार्कण्डेय व यशवंत जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही भी उपस्थित थे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में स्मृति मंदिर में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी सहित भाजपा के पितृ पुरुष कुशाभाऊ ठाकरे, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय जी एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि अटलजी ने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया और उनका व्यक्तित्व, कृतित्व व नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बना रहेगा। उन्होंने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहा। वे प्रखर वक्ता होने के साथ-साथ ओजस्वी कवि के रूप में भी सदैव स्मरणीय रहेंगे।राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने किया अटल जी के जीवन पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकनभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, रायपुर ग्रामीण जिला प्रभारी सुरेंद्र पाटनी, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा, सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- राष्ट्रीय बाक्सिंग प्रतियोगिता में चयनित होने के लिए दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने नोएडा उत्तर प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय बाक्सिंग प्रतियोगिता के लिए चयनित जिले के होनहार खिलाड़ी कुमारी दिपाली से संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में मुलाकात की। इस मौके पर शहीद वीर नारायण सिंह स्पोर्ट अकादमी बालोद के अन्य बाक्सिंग खिलाड़ी उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने राष्ट्रीय बाॅक्सिंग प्रतियोगिता में शामिल होने वाली कुमारी दिपाली की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर शहीद वीर नारायण सिंह स्पोर्ट अकादमी बालोद के अध्यक्ष श्री किशोरनाथ योगी, संरक्षक श्री नंदकिशोर साहू भी उपस्थित थे।
- बालोद/विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के अंतर्गत आज जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र मुख्यालय के एसडीएम एवं निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलोें के प्रतिनिधियों की बैठक ली गई। इस दौरान एसडीएम एवं निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलोें के प्रतिनिधियों को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग के महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों के संबंध में जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बालोद, गुण्डरदेही एवं डौण्डीलोहारा द्वारा अपने-अपने कार्यालयों में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। इस मौके पर तीनों विधानसभा क्षेत्रों के सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अर्हता तिथि 01.01.2026 के संदर्भ में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलो की बैठक प्रारंभिक प्रकाशन उपरांत बैठक ली गई। जिसमें उन्हें विगत एक सप्ताह दिनाँक 23 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 तक प्राप्त हुए आवेदनों के संदर्भ में फार्म-6 की सूची प्रारूप 9, फार्म 7 की सूची प्रारूप-10, फार्म-8 की सूची प्रारूप 11, 11ए, 11बी के संदर्भ में जानकारी दी गई। जानकारी के साथ उन्हे फार्म-6, 7, 8 के प्रारूपों की एक-एक प्रति उपलब्ध कराई गई। बैठक में बताया गया कि विगत सप्ताह में प्राप्त हुए आवेदनों में फार्म-6 कुल-130 प्राप्त हुए एवं 130 फार्म ऑनलाइन किया गया, फार्म-7 के 01 आवेदन प्राप्त हुआ जिसे ऑनलाइन किया गया है। फार्म-8 के कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 26 ऑनलाइन कर लिया गया है। फार्म-6 ए के एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुए हैं। फार्म-6,7,8 के प्रारूपों की सूचियों का 09, 10, 11, 11ए, 11बी की सॉफ्टकॉपी एवं हार्डकॉपी उपलब्ध कराई गई।
- मोबाईल एप्प से मिला टोकन और उपार्जन केन्द्रसनौद में आसानी से किया धान का विक्रयबालोद/बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम सनौद के किसान श्री श्रवण कुमार निषाद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका धान आसानी से विक्रय हो पाया है। उन्होंने बताया कि मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन लिया। पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की सुविधा मिली है, जो कि किसानों के लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है। किसान श्री श्रवण कुमार ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में सभी सुविधाएं उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में आने के पश्चात् समय पर ही उनके धान की आर्द्रता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं एवं निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से सभी किसानों के लिए खेती का कार्य काफी लाभदायक बन चुका है। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए शासन प्रशासन का प्रसन्नतापूर्वक आभार जताया है।
- बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में विद्युत दुर्घटना में मृत पशु मालिकों को मुआवजा राशि का चेक वितरण किया। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर वितरण कंपनी लिमिटेड बालोद के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि 18 मई 2025 को जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम लाटाबोड में विचरण के दौरान 02 गाय एवं 01 भैंस सहित 03 पशुओं की मृत्यु हो गई थी। जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी व राज्य शासन द्वारा पशु मालिकों को मुआवजा राशि प्रदान किया गया है। जिसमें पशु मालिक श्री धरम सिंह साहू, श्री कुमार साहू एवं श्री रिनेश कुमार साहू को आर्थिक सहायता राशि के रूप में 32 हजार 800 रूपये की राशि का चेक प्रत्येक को वितरण किया गया।
- -महिलाओं ने मखाना खेती में देखी आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह-40 महिला किसान समूह ने मखाना प्रोसेसिंग एवं आधुनिक खेती तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण लियारायपुर / कृषि विविधीकरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में धमतरी जिले ने एक और ठोस कदम बढ़ाया है। विकासखंड नगरी के ग्राम सांकरा से 40 इच्छुक महिला किसान समूह का एक दल रायपुर जिले के विकासखंड आरंग अंतर्गत ग्राम लिंगाडीह पहुंचा, जहाँ उन्होंने मखाना प्रोसेसिंग एवं आधुनिक खेती तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अध्ययन भ्रमण एवं प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था जिला उद्यानिकी विभाग, धमतरी द्वारा की गई। ख़ास कर कलेक्टर धमतरी ने मखाना खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी को लेकर रुचि ले रहे हैं ।अब जल्द ही धान से आगे सोच से मखाना खेती से धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी । छोटी छोटी डबरी से समृद्धि तक धमतरी की महिलाओं को मखाना खेती में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह दिखायी दे रही है । शासकीय प्रयासों का प्रतिफल है कि मखाना खेती से धमतरी में आर्थिक सशक्तिकरण होगा ।कलेक्टर के सतत प्रयासों से धमतरी जिले के ग्राम राखी, पीपरछेड़ी, दंडेसरा, राँकाडोह एवं सांकरा में लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में डबरी चिन्हांकन कर मखाना खेती की शुरुआत हो चुकी है। महिला किसानों ने स्थानीय ओजस फार्म का भ्रमण करते हुए मखाना की खेती, कटाई, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी संपूर्ण श्रृंखला को नजदीक से समझा। फार्म प्रबंधक श्री संजय नामदेव ने किसानों को बताया कि मखाना की खेती के लिए जलभराव वाली डबरी, तालाब या जल संरचनाएं उपयुक्त होती हैं। उन्होंने तकनीकी पहलुओं, बीज चयन, उत्पादन लागत और बाजार संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी तथा यह भी बताया कि उचित प्रशिक्षण एवं सरकारी सहयोग से यह फसल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।इस अवसर पर श्री शिव साहू ने मखाना खेती के व्यावसायिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह फसल कम जोखिम वाली है और इससे स्थायी आय का मजबूत स्रोत विकसित किया जा सकता है। महिला किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मखाना खेती से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का नया अवसर दिखाई दे रहा है।बिहार के दरभंगा निवासी मखाना प्रोसेसिंग विशेषज्ञ श्री रोहित साहनी फोड़ी ने प्रसंस्करण की बारीकियां समझाते हुए बताया कि 1 किलो मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार होता है, जिसकी बाजार कीमत 700 रुपये से 1000 रुपए प्रति किलो तक होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसान स्वयं उत्पादन के साथ प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करें, तो प्रति एकड़ लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख वैज्ञानिक ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ लगभग 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और औसत उत्पादन 10 क्विंटल तक प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि छह माह की अवधि वाली इस फसल में कीट-व्याधि का प्रकोप नगण्य होता है तथा चोरी जैसी समस्याएं भी नहीं होतीं, जिससे यह किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प बनती है।उप संचालक उद्यानिकी, धमतरी डॉ.पूजा कश्यप साहू के मार्गदर्शन में ग्रामीण उद्यानिकी अधिकारी श्री चंद्रप्रकाश साहू एवं बीटीएम श्री पीताम्बर भुआर्य के साथ आए किसानों ने मखाना बोर्ड एवं राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। डॉ.पूजा ने बताया कि मखाना की खेती को प्रोत्साहन देने हेतु प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं सब्सिडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यावसायिक मखाना उत्पादन आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था, जहाँ राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित हुआ। आज मखाना उत्पादन छत्तीसगढ़ की नई कृषि पहचान बन रहा है। धमतरी की महिला किसानों का यह प्रयास न केवल कृषि नवाचार का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन,प्रशिक्षण और प्रशासनिक संकल्प से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था किसानों को उनकी मेहनत और उपज का वाजिब मूल्य मिल रहा है, जिसके कारण किसानों के लिए खेती लाभदायक हो गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। कोरबा विकासखंड के ग्राम गोंढ़ी निवासी किसान श्री रंजीत डहरिया ने शासन की इस किसान-हितैषी व्यवस्था का लाभ उठाते हुए धान बेचकर अपनी मेहनत का पूरा मूल्य हासिल किया है। श्री डहरिया लगभग 6 एकड़ कृषि भूमि पर धान की खेती करते हैं। खरीफ विपणन वर्ष के दौरान उन्होंने सहकारी समिति नकटीखार में 102 क्विंटल धान का विक्रय किया। धान विक्रय के समय समिति में तौल, पंजीयन एवं भुगतान की समस्त प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।शासन द्वारा घोषित मूल्य पर धान विक्रय तथा राशि का समय पर सीधे बैंक खाते में भुगतान होने से श्री डहरिया की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपनी बहन के विवाह में किया, जिससे परिवार की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बिना किसी ऋण के पूरी हो सकी। श्री रंजीत डहरिया के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार की पारदर्शी एवं त्वरित धान खरीदी नीति किसानों को न केवल उनकी फसल का उचित मूल्य दिला रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक एवं खुशहाल जीवन की ओर अग्रसर भी कर रही है।
- रायपुर। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर निर्माण परियोजना अब तेज़ी से मूर्त रूप ले रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।गंगरेल जलाशय के सैंडल डैम, ग्राम फुटहामुड़ा से प्रारंभ होकर लगभग 19.74 किलोमीटर लंबी यह नहर परियोजना नगरी विकासखंड के 22 ग्रामों के लगभग 1940 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी। परियोजना के पूर्ण होने से खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों का रकबा बढ़ेगा, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता और आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक स्तर पर भी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं। मुख्य नहर से प्रभावित 10 ग्रामों में 14.33 हेक्टेयर भूमि का भू-अर्जन पूरा हो चुका है, वहीं वन प्रकरण से प्रभावित 24.42 हेक्टेयर भूमि की अंतिम स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। इन स्वीकृतियों के बाद निर्माण कार्य में आने वाली सभी प्रमुख बाधाएं समाप्त हो गई हैं और कार्य अब निर्बाध गति से आगे बढ़ रहा है।जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अनुसार, यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होने से कृषि आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र से होने वाले पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।ज्ञात हो कि फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी विकासखंड के किसानों को दीर्घकालीन लाभ देने वाली योजना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो, ताकि यह परियोजना कृषि समृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा दे सके। उल्लेखनीय है कि हाल ही में उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आवश्यक संसाधनों की समीक्षा की गई थी। अधिकारियों के मार्गदर्शन में अब कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। फुटहामुड़ा नहर परियोजना को नगरी अंचल में हरित क्रांति की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
- -राशन कार्डों का 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण-राज्य के सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध-‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से घर बैठे कर सकते हैं केवायसीरायपुर /छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं।अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है।अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारांे को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। file photo
- रायपुर ।उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की संवेदनशील पहल से एक बार फिर दिव्यांगजन को आत्मनिर्भरता की राह मिली है। विकासखंड बोड़ला के ग्राम सरेखा निवासी एक पैर से दिव्यांग श्री नेमीसिंह साहू को मंगलवार को विधायक कार्यालय कवर्धा में पेट्रोल चलित स्कूटी प्रदान की गई।एक कृषक परिवार से आने वाले श्री नेमीसिंह साहू ने लगभग बारह वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर खो दिया था। दिव्यांगता के कारण उन्हें दैनिक आवागमन और जीवनयापन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अपने प्रतिदिन के कार्यों के लिए आना-जाना उनके लिए अत्यंत मुश्किल हो गया था।अपनी समस्या को लेकर श्री साहू ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को आवेदन दिया था। उनकी आवश्यकता और सामाजिक - आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने तुरंत सहायता दिलाने के निर्देश दिए थे। जिसके तहत आज उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने खुद उन्हें उनके वाहन की चाभी भेंट की। स्कूटी पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। नेमीसिंह ने वर्षों से कोई वाहन नहीं चलाया था तो जैसे ही उन्होंने स्कूटी चालू की और स्कूटी डगमगाई उपमुख्यमंत्री ने उन्हें थाम लिया और अपने सामने उनसे स्कूटी चालन की प्रैक्टिस भी कराई।स्कूटी पाकर भावुक नेमी सिंह साहू ने कहा कि अब उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह स्कूटी उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने इस सहयोग के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में 100 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
- -कांवड़ियों को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की बड़ी सौगातरायपुर। पवित्र सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर दुर्गम एवं कठिन रास्तों से पदयात्रा करते हुए कवर्धा स्थित भगवान बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक करने आने वाले हजारों श्रद्धालु कांवड़ियों के लिए मंगलवार को एक ऐतिहासिक सौगात मिली। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कांवड़ियों की सुविधा और विश्राम के लिए 1 करोड़ 54 लाख 72 हजार रूपए की लागत से बनने वाले श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) के निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। भूमिपूजन कार्यक्रम से पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भगवान बूढ़ा महादेव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डाॅ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डाॅ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेश राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा सहित समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि, श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित थे।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बूढ़ा महादेव न केवल कवर्धा बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। यह स्थल सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र रहा है। प्रत्येक वर्ष पवित्र सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िये अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कठिन एवं दुर्गम मार्गों से पैदल यात्रा करते हुए भगवान बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। कांवड़ियों की इस कठिन तपस्या, अटूट आस्था एवं श्रद्धा को दृष्टिगत रखते हुए उनके विश्राम एवं आवश्यक सुविधाओं के लिए श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आरामदायक रूप से ठहरने की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के अमरकंटक क्षेत्र में भी कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए शीघ्र ही भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छत्तीसगढ़ सहित कवर्धा एवं अन्य जिलों से अमरकंटक जाने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को वहां ठहरने की बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर उज्जैन एवं बनारस की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे भोरमदेव मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है, जो कवर्धा को धार्मिक एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समस्त नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से इस ऐतिहासिक अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया।सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) निर्माण पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व और आस्था का विषय है। कवर्धा की ख्याति आज पूरे देश में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से स्थापित हो चुकी है। श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर को श्रद्धालुओं द्वारा 'छोटा काशी' के रूप में जाना जाता है। श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में 24 घंटे चलने वाला राम नाम संकीर्तन भगवान की विशेष कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक है, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है।पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह ने कहा कि आज भगवान बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) निर्माण कार्य का शुभारंभ अत्यंत हर्ष का विषय है। अन्य शिवालयों में सामान्यतः एक ही शिवलिंग की पूजा-अर्चना का विधान है, जबकि भगवान पंचमुखी श्री बूढ़ा महादेव मंदिर में एक साथ 25 शिवलिंगों के दर्शन एवं पूजा का पुण्य लाभ प्राप्त होता है।नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि आज का दिन कवर्धा नगर एवं समस्त श्रद्धालु कांवड़ियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। पवित्र सावन माह में मां नर्मदा का जल लेकर भगवान बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक करने आने वाले कांवड़ियों के लिए कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) एक बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि यह वह सुविधा है, जिसका कांवड़ियों को वर्षों से इंतजार था।सावन माह में कावंडियों को मिलेगी सुविधानगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भवन सावन माह के दौरान एक माह तक विशेष रूप से कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ठहरने की सुविधा मिलेगी। शेष 11 माह यह भवन नगरवासियों के लिए विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए उपलब्ध रहेगा।
- -उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैंक एकाउंट एवं क्यूआर कोड का किया विमोचन-पहले ही दिन दान दाताओं से एकत्र हुई 75 लाख रूपए से अधिक की राशिरायपुर ।श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर के समग्र उन्नयन, सौंदर्यीकरण एवं भव्य मंदिर निर्माण के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान का मंगलवार को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मंदिर उन्नयन अभियान के लिए खोले गए बैंक एकाउंट एवं क्यूआर कोड का भी विमोचन किया। इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से अब जिलेवासी, श्रद्धालु एवं दानदाता कहीं से भी सहज रूप से ऑनलाइन दान कर मंदिर के विकास एवं उन्नयन कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डाॅ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डाॅ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा सहित समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि, श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित थे।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह महाअभियान जनसहभागिता, आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। उन्होने कहा कि क्यूआर कोड से जिले के नागरिक अधिक से अधिक सहयोग कर इस पुण्य कार्य से जुड़ सकेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस महाअभियान में सहभागी बनकर भगवान श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव के भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को साकार करें। आज ही इस महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर कवर्धा शहर के नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक बढ़-चढ़कर दान कर अपनी श्रद्धा और सहभागिता का परिचय दिया। सभी नागरिकों ने श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं भव्य निर्माण के लिए हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया।नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महाअभियान कवर्धा नगर के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। क्यूआर कोड एवं बैंक एकाउंट के माध्यम से आम नागरिक भी अब सरलता से इस पुण्य कार्य में सहभागी बन सकेंगे।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस महाअभियान में समाज के हर वर्ग को सहभागी बनना चाहिए, ताकि भगवान बूढ़ा महादेव की कृपा से यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के पदाधिकारियों को 5 लाख रूपए का सहयोग किया तथा इसके अतिरिक्त आगे 5 लाख रुपये और देने की घोषणा भी की।कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह ने मंच पर ही 1 लाख 11 हजार 1100 रुपये श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति को भेंट किए। वहीं सांसद श्री संतोष पाण्डेय एवं पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू ने 1 लाख 11 हजार 1100 रूपए, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने 1 लाख रूपए तथा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी ने 2 लाख 21 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही कवर्धा शहर के नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर दान देकर इस महाअभियान को स्वरूप प्रदान किया।कार्यक्रम के दौरान कवर्धा नगर पालिका के 21 पार्षदों ने अपना एक-एक माह का वेतन तथा पार्षद निधि से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। पहले ही दिन शहर के दान दाताओं से 75 लाख रूपये से अधिक राशि संग्रहित हुई। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी जनप्रतिनिधियों, दानदाताओं, सेवा समिति एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही धार्मिक स्थलों का भव्य स्वरूप साकार होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान के माध्यम से यह पावन स्थल देश-प्रदेश में एक नई पहचान स्थापित करेगा।
- रायपुर। संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के आदेशानुसार आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र मार्च 2026 से जून 2026 के लिये 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 के मध्य की अवधि में आवेदन पत्र स्वीकार किये जायेंगें।प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से मिली जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र मार्च 2026 से जून 2026 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते हैं। यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला,नगर घड़ी चौक रायपुर को 31 जनवरी 2026 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।लिपिक वर्गीय कर्मचारी से आशय ऐसे कर्मचारी से है जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है न कि किसी तकनीकी संवर्गीय पद पर इसी प्रकार केवल सचिवालय,वन विभाग के ऐसे स्टेनो जो केम्प कलर्क के रूप में कार्य करते हो तथा संचालनालय कोष,लेखा एवं पेंशन के स्टेनोग्राफर को छोड़कर अन्य विभागों के स्टेनोग्राफर्स प्रवेश के पात्र नही है।मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए। आवेदन का निर्धारित प्रारूप एवं निर्देश रायपुर संभाग के समस्त जिला कोषालयों के सूचना पटल पर अवलोकन किये जा सकते हैं। निर्धारित तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन-पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र ही मान्य होगा।
- रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के जशपुर आगमन पर आगडीह हवाई पट्टी में राज्यपाल श्री रमेन डेका, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित अन्य मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।














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