धान बीज उत्पादक कृषकों को मिली 1.59 करोड़ अग्रिम भुगतान
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में बीज प्रक्रिया केंद्र रुआबांधा द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए बीज तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2025 में कुल 740 किसानों (1426.86 हेक्टेयर) का पंजीयन किया गया था। दुर्ग की प्रमाणीकरण संस्था ने खेतों का निरीक्षण कर किसानों को जरूरी सलाह दी है। फसल की पैदावार के आकलन के आधार पर, बीज निगम द्वारा अब तक किसानों को 1,03,000 खाली बोरे उपलब्ध कराया जा चुका है। अभी तक 33967.77 क्विटल उपार्जन हो चुका है तथा कृषकों की उपस्थिति में संसाधन (ग्रेडिंग) का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि द्वारा आगामी खरीफ 2026 हेतु बीज मांग 35000 क्विंटल (अनुमानित) के विरूद्ध बीज निगम द्वारा लगभग 50000 किंवटल विभिन्न खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाने का अनुमान है, जिससे कि दुर्ग जिला सहित राज्य के अन्य जिलों में भी बीज की पूर्ति संभव होगा। बीज उत्पादक कृषकों को उनके द्वारा उत्पादित फसल पर अग्रिम राशि प्रति क्विटल धान मोटा हेतु 1895/-, धान पतला / सुगंधित हेतु 1911/-, सोयाबीन हेतु 4262/-. अरहर हेतु-6400/-, उड़द हेतु-6240 एवं मूंग हेतु-7014/- का प्रावधान किया गया है। इसी कड़ी में विगत दिन 76 कृषकों को 8386.71 क्विटल धान की अग्रिम राशि रू. 15923821/- का भुगतान आर.टी.जी.एस. के माध्यम से उनके खाते में स्थानांतरित की गयी। कृषकों को यह समझाईस दी गई है कि वे कृपया अपने पूरे लाट के बीज का उपार्जन शीघ्र कराए ताकि अग्रिम राशि का (लाट पूरा होने पर) भुगतान शीघ्र किया जा सके। बीज प्रबंधक श्री एस.के. बेहरा के अनुसार आज की स्थिति में धान की नवीन किस्में विक्रम टीसीआर, एमटीयू-1318, एमटीयू-1156, एमटीयू-1153 के साथ ही साथ पुरानी प्रचलित किस्मे आईआर-64, एमटीयू-1001, महामाया, राजेश्वरी, स्वर्णा सब-1 एवं स्वर्णा आदि का उपार्जन हो चुका है एवं अधिक से अधिक उपार्जन हेतु कृषकों से कृषि विभाग एवं बीज निगम द्वारा संपर्क किया जा रहा है। इसी प्रकार सोयाबीन की किस्म राज सोया-24 का भी बीज उपार्जन किया गया है। वर्तमान में उपार्जन का कार्य जारी है जो कि विगत दिनों जिले के उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई के प्रक्रिया केन्द्र भ्रमण के दौरान निर्देशानुसार हर सप्ताह सोमवार से शनिवार तक उपार्जन कार्य होगा।












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