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- दुर्ग / जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के अध्यक्ष माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. प्रज्ञा पचौरी के कुशल मार्गदर्शन में विगत 01 मई 2025 को मनाए गए विश्व श्रमिक दिवस के उपलक्ष्य में पुलगांव चौक के समीप विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त विधिक जागरूकता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव तथा जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग के कुल 09 न्यायाधीशगण ने उपस्थित गणमान्य नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों तथा उनके संरक्षण के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। इस शिविर में नागरिकों को नालसा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015 जैसे विभिन्न विधिक योजनाओं तथा श्रमिक विधियों, न्यूनतम मजदूरी सुरक्षित कार्यस्थल, श्रमिक कल्याण योजना, सामाजिक सुरक्षा की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त उपस्थित नागरिकों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, मोटरयान अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, गुड टच-बैड टच, छ.ग.भू.रा. संहिता, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, परक्राम्य लिखत अधिनियम जैसे विधिक विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही उपस्थित गणमान्य नागरिकों को 10 मई 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किये जाने की महत्ता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त उपस्थित गणमान्य नागरिकों को अन्य विधिक विषयों पर पॉम्पलेट का वितरण कर आवश्यक जानकारी दी गई तथा उनकी जिज्ञासाओं का संतोषप्रद उत्तर देकर समाधान किया गया। उक्त शिविर में पैरालीगल वॉलेंटियर हिमान्शु शर्मा, थाना पुलगांव के पुलिस अधिकारी एवं अधिक संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग, / जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य प्रशासन स्थायी समिति की बैठक 07 मई 2025 को पूर्वाह्न 11 बजे से जिला पंचायत दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारीगणों को समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
- -लाटाबोड़ कलस्टर में शामिल 15 ग्राम पंचायतों से प्राप्त 5714 आवेदनों का किया गया निराकरण-जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिलबालोद । सुशासन तिहार के तीसरे एवं अंतिम चरण के अंतर्गत जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम लाटाबोड़ में आयोजित जिले का पहला समाधान शिविर ग्राम लाटाबोड़ सहित लाटाबोड़ कलस्टर में शामिल 15 ग्राम पंचायत के लोगों के लिए सौगातों भरा रहा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के अलावा आम जनता के समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सुशासन तिहार के अंतर्गत बालोद जिले में समाधान शिविर का आगाज आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम लाटाबोड़ से किया गया। शासकीय हाई स्कूल मैदान लाटाबोड़ में आज आयोजित समाधान शिविर में हितग्राहियों को सुशासन तिहार के दौरान बनाए गए उनका राशन कार्ड, श्रम कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति पत्र, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के अलावा उन्नत किस्म के धान बीज, कीटनाशक दवाई, खाद बीज के वितरण के अलावा समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र आदि के अलावा मछली पालन विभाग द्वारा हितग्राहियों को आईस बाॅक्स एवं मछली जाल प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में अनेक हितग्राहीमूलक योनजाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। इस दौरान शिविर में उपस्थित जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया सहित अन्य अतिथियों ने गर्भवती माताओं को सुपोषण किट प्रदान कर उनके गोद भराई रस्म को भी पूरा किया। ग्राम लाटाबोड़ में आयोजित समाधान शिविर में ग्राम टेकापार, नेवारीकला, देवीनवागांव, अरौद, भोईनापार, खपरी, लोण्डी, बेलमाण्ड, पड़कीभाट, उमरादाह, हीरापुर, झलमला, सिवनी एवं बोरी सहित लाटाबोड़ कलस्टर में शामिल कुल 15 ग्राम पंचायतों के निवासियों के द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 05 हजार 714 आवेदनों का निराकरण के संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा बारी-बारी से जानकारी ली गई। लाटाबोड़ में आज आयोजित इस समाधान शिविर में पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर, अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, एसडीएम श्री सुरेश साहू, अनुविभागीय अधिकारी श्री देवांश राठौर, तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित सभी विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार के आयोजन की अभिनव पहल की भूरी-भूरी सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम लाटाबोड़ में आयोजित जिले के पहले समाधान शिविर में बड़ी संख्या में आम जनता एवं ग्रामीणों की उपस्थिति पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण होने के साथ-साथ उनके मांगों एवं समस्याओं का भी यथोचित निराकरण हो पाया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में शुरू किए गए सुशासन तिहार के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कलेटक्र श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार के आयोजन के निर्णय को राज्य सरकार के अत्यंत जनहितैषी एवं संवेदनशील निर्णय बताते हुए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का कारगार प्रयास किया गया है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत पहले चरण में प्राप्त आवेदनों का समुचित परीक्षण कर दूसरे चरण के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा उन सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने लाटाबोड़ में आयोजित समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं आम जनता की उपस्थिति की सराहना भी की। श्रीमती मिश्रा ने शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, विभिन्न विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों तथा उपस्थित सभी लोगों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत भी किया। कलेक्टर ने कहा कि शिविर स्थल में विभिन्न विभागों के द्वारा स्टाॅल लगाकर अपने-अपने विभाग के योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति संबंधित विभाग के स्टाॅलों में पहुँचकर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आम जनता को यह आश्वस्त किया कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने जिले में बढ़ते जल संकट एवं वर्तमान में पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में भी जिलेवासियों को अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की। उन्होंने जिले के नागरिकों से मौजूदा समय के इस भीषण गर्मी के दौरान पशु-पक्षियों के लिए भी पानी के प्रबंध करने के पूनीत कार्य में अपनी भागीदारी निभा कर संवेदनशीलता का परिचय देने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता के मांगों एवं समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निराकरण करने का अभिनव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने राज्य शासन के इस निर्णय को अत्यंत संवेदनशील, जनहितैषी बताते हुए इनकी सराहना की। इस मौके पर अतिथियों के द्वारा शिविर स्थल में लगे विभिन्न विभागों के स्टाॅलों का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर एवं अतिथियों ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम स्थल में पौधरोपण भी किया गया।आज लाटाबोड़ में आयोजित जिले के पहले समाधान शिविर में ग्राम अरौद निवासी डामेश्वरी, खपरी निवासी शिवकुमार, भोईनापार निवासी नरेश एवं खैरवाही निवासी गंगाधर को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण किया गया। इसी तरह ग्राम लाटाबोड़ के वृद्धजन श्री चेतन लाल, खेलन एवं जहजीत को छड़ी तथा टेकापार के बुजुर्ग श्री बालाराम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। इसी तरह ग्राम लाटाबोड़ के कोमल राम एवं झलेन्द्र को धान बीज का वितरण किया गया। इसी तरह भोईनापार के प्रेमलाल बंजारे एवं कमलेश्वरी टंडन को 01-01 नग मछली जाल तथा देवीनवागांव निवासी रामलाल को नैनो डीएपी खाद और लाटाबोड़ निवासी गिरवर को नैनो यूरिया खाद का वितरण किया गया। इसी तरह लाटाबोड़ निवासी जागेश्वर, मनोज कुमार, डोमार सिंह एवं लाखिन बाई को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति आदेश प्रदान किया गया। इसी तरह ग्राम लाटाबोड़ निवासी वर्षा, खिलेश्वरी एवं झामेश्वरी ठाकुर को मनरेगा जाॅब कार्ड भी प्रदान किया गया। समाधान शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्राप्त मांगों एवं आवेदनों के संबंध में बारी-बारी से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि लाटाबोड़ कलस्टर के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को कुल 3472 मांग एवं 18 शिकायत, खाद विभाग को 557 मांग, समाज कल्याण विभाग को 487 मांग, राजस्व विभाग को 406 मांग एवं 14 शिकायत, महिला बाल विकास विभाग को 214 मांग एवं 10 शिकायत, विद्युत विभाग 101 मांग एवं 22 शिकायत, श्रम विभाग को 109 मांग, शिक्षा विभाग को 47 मांग, पीचई विभाग को 23 मांग एवं 05 शिकायत, परिवहन विभाग को 37 मांग एवं 02 शिकायत, स्वास्थ्य विभाग को 21 मांग व शिकायत 05, कृषि विभाग को 34 मांग, लोक निर्माण विभाग को 15 मांग एवं 02 शिकायत, जल संसाधन विभाग को 20 मांग एवं 02 शिकायत, क्रेडा विभाग को 04 मांग एवं शिकायत 02, पशुपालन विभाग को 14 मांग, जिला व्यापार उद्योग को 16 मांग एवं शिकायत 01, वन विभाग को 02 मांग, सहकारिता विभाग को 03 मांग सहित सभी विभागों को 5624 मांग एवं 90 शिकायत संबंधित आवेदनों को मिलाकर कुल 5714 आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। सभी विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरान्त सभी आवेदनों की निराकरण करने की जानकारी दी गई।
- - भिलाई के उमरपोटी में आयोजित दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का तेरहवां दिन- कल 6 मई को प्रवचन स्थल में खेली जाएगी फूलों की होलीभिलाई। उमरपोटी श्री जी पैलेस के पास में आयोजित जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री श्रीश्वरी देवीजी के 14 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है।आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के 13 वें दिन आज सुश्री श्रीश्वरी देवी ने वेद और शास्त्रों के प्रमाणों सहित बताया कि भगवद्प्राप्ति के 3 मार्गों को प्रशस्त किया गया है कर्म मार्ग, ज्ञान मार्ग और भक्तिमार्ग। भगवद्प्राप्ति के तीनों मार्गों में केवल भक्ति मार्ग ही सर्वसुगम, सर्वसाध्य एवं सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। प्रथम दो मार्गों का संक्षेप वर्णन कर बताया कि कर्म मार्ग में कर्मकांड की वेदों में घोर निंदा भी की गई है। इसका कारण यह बताया कि कर्मकांड से स्वर्ग की प्राप्ति होती है लेकिन स्वर्ग भी क्षणभंगुर है मायिक है। अत: कर्मकांड करना घोर मूर्खता है इस मार्ग के कड़े नियमों का सही सही पालन न करने वाले यजमान का नाश हो जाता है परंतु ज्ञान मार्ग पर चलना भी कलयुग में बहुत मुश्किल है क्योंकि उसमें अधिकारी होना चाहिए। संसार से पूर्ण विरक्त व्यक्ति ही ज्ञान मार्ग में अधिकारी बनेगा और दूसरी बात ज्ञानी भगवान् की शरण में नहीं जाता है और नियम ये है कि सगुण साकार भगवान् के शरणागत होने पर ही मायानिवृति हो सकती है। ज्ञानी का ज्ञान मार्ग में बार बार पतन होता है जिसकी रक्षा करने वाला न भगवान होता है न गुरु ही होता है।हमारे वेदों में भक्ति से युक्त कर्म धर्म की प्रशंसा की गई है और भक्ति से रहित कर्म धर्म निंदनीय बताया गया है। भक्ति मार्ग बड़ा सरल है क्योंकि इसमें सभी अधिकारी है और भक्ति में कोई नियम नहीं है कि कैसे भक्ति करो, कर्म आदि में तो नियम है विधि विधान होना सही सही कम्पलसरी है। भक्ति मार्ग में बस इतना ही नियम है कि कामना शून्य भक्ति होनी चाहिए यानी निष्काम और अनन्य हो। राधा कृष्ण की भक्ति निष्काम होकर करनी होगी। महापुरुषों के द्वारा तत्वज्ञान प्राप्त कर उनके अनुगत होकर भक्ति करना ही भक्ति की विशेषता है। भक्ति सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि भक्ति करने से अंत:करण शुद्ध होता है। अंत:करण शुद्धि पर गुरु द्वारा दिव्य इंद्रिय मन बुद्धि प्राप्त होते हैं तभी भगवान का दर्शन, उनका प्रेम, उनकी सेवा मिलती है। भगवद्प्राप्ति के बाद भी भक्ति बनी रहती है और यह भक्ति उत्तरोत्तर बढ़ती जाती है। इस प्रकार भक्ति अजर अमर है। भक्ति मार्ग में भगवान श्री कृष्ण का प्रेमानंद या ब्रजरस मिलता है, सर्वोच्च रस ब्रजरस ही है, जिसकी महिमा सभी संतों ने बताई है इसलिए भगवद् प्राप्ति के लिए भक्ति मार्ग ही सर्वसुगम और सर्वश्रेष्ठ हैं।चौदह दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का कल छह मई को अंतिम दिन है। कल शाम 6 बजे भक्ति मार्ग पर विशेष प्रवचन दिया जाएगा। प्रवचन के पश्चात वृन्दावन की तर्ज पर फूलों की होली खेली जाएगी। एवं महाआरती का भी आयोजन होगा।गौरतलब है कि सुश्री श्रीश्वरी देवीजी द्वारा 14 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 22 से 6 मई तक शाम 6 से रात 8 बजे तक उमरपोटी श्रीजी पैलेस के सामने में किया जा रहा है।
- भिलाईनगर। अप्रत्यासित बरसात के कारण नगर पालिक निगम भिलाई के कुछ क्षेत्रों में जल भराव हो गया था। जिसे निगम की टीम युद्व स्तर पर व्यवस्थित करवा रही है। कुछ क्षेत्रों में आंधी-तुफान से वृक्ष भी गिर गये थे, उसे भी हटवाया जा रहा है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को निर्देशित किए है कि नगर निगम भिलाई को हमेशा तत्पर रहना चाहिए। कहीं भी किसी भी परिस्थिति में जल भराव या पेड़, डाली गिरने की स्थिति में निगम का अमला तुरन्त सक्रिय होे जाए। इसकी तैयारी निगम क्षेत्र के सभी बड़े नाली, नालियों को पुनः एक बार जे.सी.बी. एवं चैन माउटिंग से सफाई कर दिया जाए, जिससे पानी का निकासी बराबर हो सके।स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जोन क्रं. 01 नेहरू नगर में जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, जोन क्रं. 02 वैशाली नगर में जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा, जोन क्रं. 03 मदर टेरेसा नगर में जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे, जोन क्रं. 04 शिवाजी नगर खुर्सीपार में जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी एवं जोन क्रं. 05 में वरिष्ठ सहायक स्वास्थ्य अधिकारी व्ही के सेमुवल की डयूटी लगाई गई है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में अपने दल के साथ सजग रहेगें। जैसे ही इस प्रकार का कोई वार्डो या जनप्रतिनिधियों से जानकारी मिलेगी। तो दल समय अनुसार मौके पर पहुंच कर स्थिति को सामान्य करेगा।
- - ग्राम अण्डा की महिलाओं को मिला प्रधानमंत्री आवास, पहली किस्त की राशि पहुंची खाते मेंदुर्ग, / सरकारी कर्मचारी ने उसे फोन कर बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके घर की स्वीकृति हो गई है और पहली किस्त की राशि खाते में आ चुकी है, तो श्रीमती झरना कुछ पल तक कुछ कह ही नहीं सकीं और बस इतना कहा “अब मेरा भी एक दिन पक्का घर होगा।“श्रीमती झरना पिछले कई सालों से मिट्टी की झोपड़ी में अपने पति और बच्चों के साथ रह रही थीं। हर बरसात में दीवारें गिरने लगती थीं, छत टपकती थी, लेकिन आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि खुद से कुछ कर पाएं। कई बार उम्मीद की लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बार जब सुशासन तिहार के प्रथम चरण में आवेदन किया, तो किस्मत ने साथ दे दिया। गांव के सचिव और सरपंच ने उन्हें आवेदन भरने में मदद की थी और बार-बार आश्वासन दिया कि सरकार इस बार सच में गरीबों की सुनेगी। आज जब राशि आई, तो श्रीमती झरना को भरोसा हो गया कि सरकार की योजना सिर्फ कागज़ों में नहीं, जमीन पर उतर रही है।अण्डा गांव के अन्य महिला श्रीमती अमरीका बाई, श्रीमती देवकी जोशी, श्रीमती बुधियारिन को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। ग्राम अण्डा की सभी महिलाओं ने अपनी-अपनी खुशियां जाहिर की। अन्य महिलाओं ने कहा कि अब उन्हें भी उम्मीद है कि अगली बार उनका भी नंबर आएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में ग्राम अण्डा की महिलाओं ने कहा कि यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उसका जीवन बदलने वाला मोड़ बन गई है। अब वह अपने सपनों के घर को ईट, गारे, सीमेंट से बनते देखेगी।
- -142 वर्षों बाद जांजगीर को मिला नया तहसील भवनरायपुर, / सुशासन तिहार के तहत ‘संवाद से समाधान’ की भावना के साथ आकस्मिक दौरे पर जांजगीर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिलेवासियों को 142 वर्षों बाद एक ऐतिहासिक सौगात दी। उन्होंने नव-निर्मित तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। अंग्रेजी शासन काल में वर्ष 1883 में बना पुराना तहसील भवन अब इतिहास बन गया है, और उसकी जगह 4 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन जनता को समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन तक सेवाओं की सरल, सहज और सुगम पहुँच सुनिश्चित हो, और यह नवीन तहसील कार्यालय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि इस भवन से क्षेत्र के 54 गांवों और 24 पटवारी हल्कों के नागरिकों को राजस्व से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।नवीन तहसील भवन में प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के कुशल संचालन के लिए आवश्यक समस्त सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसमें लोक सेवा केंद्र के माध्यम से जाति, निवास, आय प्रमाण-पत्र जैसी सेवाएं प्रदान की जाएंगी, वहीं आवक-जावक शाखा में दस्तावेजों का नियमानुसार प्रेषण और आवाज सुनिश्चित किया जाएगा। न्यायालयीन दस्तावेजों के संधारण के लिए नजीर शाखा, निर्वाचन से संबंधित कार्यों के लिए निर्वाचन शाखा, भूमि व राजस्व अभिलेखों के लिए कानूनगो शाखा तथा राजस्व वसूली और आर्थिक प्रबंधन के लिए मालजमादार कक्ष की स्थापना की गई है। साथ ही, कार्यालय भवन में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी, तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार के प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष बनाए गए हैं।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल, विधायक श्री व्यास कश्यप, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम मदनपुर में उतरा मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर, समाधान शिविर में हुए शामिलरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तीसरे चरण अंतर्गत कोरबा जिले के पाली विकासखण्ड के ग्राम मदनपुर में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया और प्राप्त आवेदनों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन तिहार आमजन से सीधे संवाद और योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में हम प्रदेश के किसी भी कोने में बिना पूर्व सूचना के जाएंगे, वस्तुस्थिति जानेंगे और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने "मोदी की गारंटी" के हर वादे को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा शपथ लेने के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य निर्धारित करते हुए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की गई। महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में राशि पहुंचाकर उन्हें आर्थिक संबल दिया गया। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक राशि 4 हजार से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को पुनः प्रारंभ कर बुजुर्गों की आस्था को सम्मान देने की दिशा में कदम उठाया गया है।गांव में ही मिलेंगी बैंक जैसी सुविधाएंमुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि 24 अप्रैल से प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। अब ग्रामीणों को बैंक तक दौड़ने की जरूरत नहीं होगी। इन सेवा केंद्रों में राशि आहरण, जाति, निवास जैसे दस्तावेजों की सुविधा भी उपलब्ध होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाते हुए नामांतरण प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब भूमि की रजिस्ट्री के साथ-साथ नामांतरण भी एक घंटे से कम समय में संपन्न हो जाएगा, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक दौड़धूप से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पीएम आवास योजना के अंतर्गत पात्रता की शर्तों को शिथिल किया गया है। अब 5 एकड़ असिंचित या 2.5 एकड़ सिंचित भूमि वाले, दोपहिया वाहन रखने वाले और 15 हजार रुपये मासिक आय वाले हितग्राही भी योजना में पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि देश का हर गरीब परिवार पक्के मकान में रहे।छत्तीसगढ़ के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहींमुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को भरपूर संसाधन मिल रहे हैं। डबल इंजन की सरकार होने के कारण कोरबा से पेंड्रा और धरमजयगढ़ तक नई रेललाइन सहित अनेक परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जो क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी।समाधान शिविर में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का कोरबा आगमन पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश भर में शिविर लगाकर नागरिकों से सीधे संवाद और समस्या-समाधान का यह अभिनव प्रयास शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह सरकार धरातल से जुड़ी है और बिना किसी पूर्व सूचना के दौरा कर आमजन की स्थिति स्वयं देख रही है।योजनाओं से बदल रही है ग्रामीणों की ज़िंदगीसमाधान शिविर में उपस्थित हितग्राहियों ने बताया कि शासन की योजनाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। पीएम आवास की लाभार्थी श्रीमती राजनंदिनी डोंगरे ने बताया कि अब उनका परिवार पक्के मकान में सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना की लाभार्थी श्रीमती रमाबाई पैकरा ने बताया कि उन्हें 15 किश्तें प्राप्त हुई हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश किया है। किसान श्री कन्हैया लाल ने बताया कि सुशासन तिहार में दिए गए आवेदन से उनकी जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन हो गया है और प्रमाणपत्र भी प्राप्त हो गया है। उन्होंने इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया।इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -देश और दुनिया के विभिन्न शहरों में हो रहे उत्कृष्ट और अनुकरणीय कार्यों की भी दिखाई झलकरायपुर ।. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज 'नगर सुराज संगम' में खुद प्रशिक्षण की कमान संभाली। नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने करीब 50 स्लाइड्स की पीपीटी के माध्यम से स्वयं शहरों के विकास का रोडमैप राज्य के 14 नगर निगमों के महापौरों, सभापतियों, एमआईसी सदस्यों, आयुक्तों और वरिष्ठ अभियंताओं से साझा किया। उन्होंने अपने सवा घंटे के संबोधन और पीपीटी प्रस्तुतिकरण के दौरान एक-एक स्लाइड्स की डिटेलिंग भी की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यशाला में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से अटल विश्वास पत्र के प्रमुख बिंदुओं, नगरीय निकायों की चुनौतियों, नागरिकों की अपेक्षाएं एवं निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, शहरी वानिकी, शहरी परिवहन, स्ट्रीट लाइटिंग, कर संग्रहण और सिटी डेव्हलपमेंट प्लान के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कोयंबटूर, चेन्नई, अहमदाबाद, इंदौर, पिंपरी चिंचवाड़ जैसे शहरों तथा गुजरात एवं तेलंगाना में स्थानीय निकायों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में किए जा रहे अनुकरणीय कार्यों की झलक दिखाई। श्री साव ने अपने प्रेजेंटेशन के दौरान डेनमार्क, सिंगापुर, जर्मनी और जापान जैसे देशों में शहरी संसाधनों के मितव्ययतापूर्ण उपयोग तथा रिसाइक्लिंग-रियूज के लिए हो रहे नवाचारों के बारे में भी बताया।
- मुख्यमंत्री की पहले दिन सक्ती जिलेे के करिगांव में लगी चौपालरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण के पहले दिन सक्ती जिले के ग्राम करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। यह उनका आकस्मिक दौरा था। उनके सुशासन तिहार का यह अभियान सोशल मीडिया के एक्स #CGkasushanTihar के साथ देश भर में पहले स्थान पर ट्रेंड कर रहा है। एक्स हेण्डल पर 2704 पोस्ट के साथ पहले नम्बर पर ट्रेंड कर रहा है।उल्लेखनीय है कि प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का तीसरा चरण आज से शुरू हो गया है, जो 31 मई तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पहले दिन सक्ती जिले के ग्राम करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उनके गांव में अचानक पंहुचने पर महिलाओं ने तिलक लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। ग्राम करिगांव में आकस्मिक भ्रमण के बाद वे कोरबा जिले के मदनपुर समाधान शिविर में पहुंचे।
- रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आदेशानुसार और उप्रमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2025 के प्रथम चरण के अंतर्गत विगत 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से मांगों और शिकायतों से सम्बंधित ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों में लगाए जाकर प्राप्त किये गए. द्वितीय चरण में लगभग 1 माह में प्रथम चरण में प्राप्त आम जनता की मांगों और शिकायतों का गुणवत्तापूर्वक समाधान करने का कार्य तेज गति से प्रतिदिन निरन्तर प्रगति पर है ।रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत दिनांक 5 मई से 31 मई तक समाधान शिविर लगाकर सम्बंधित अधिकारीगण आवेदकगणों को उनके आवेदन पर की गयी समाधान की कार्यवाही की जानकारी देंगे और विभिन्न शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं की हितग्राहियों को जानकारी देंगे, ताकि पात्र हितग्राहीगण शासन की विभिन्न लाभदायी योजनाओं से सहजता और सरलता से पूर्ण लाभान्वित हो सकें. इसके अंतर्गत सुशासन तिहार 2025 के तृतीय चरण के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा जोनवार सभी 10 जोनों में विभिन्न 10 सार्वजनिक स्थानों पर समाधान शिविर आयोजित किये जायेंगे ।जोन 1 के तहत 10 मई को दही हांडी मैदान गुढ़ियारी, जोन 2 के तहत 7 मई को शहीद स्मारक भवन, जीई मार्ग, जोन 3 के तहत 13 मई को बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर, जोन 4 के तहत 15 मई को सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, जोन 5 के तहत 19 मई को डीडी नगर सामुदायिक भवन सेक्टर -2, जोन 6 के तहत 20 मई को शहीद संजय यादव उच्चतर माध्यमिक शाला टिकरापारा,जोन 7 के तहत 23 मई को पण्डित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम जीई मार्ग, जोन 8 के तहत 27 मई को सामुदायिक भवन भारत माता स्कूल के सामने टाटीबंध, जोन 9 के तहत 28 मई को इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय कम्युनिटी हाल जोरा रायपुर, जोन 10 के तहत 30 मई को सामुदायिक भवन गुरुद्वारा देवपुरी में समाधान शिविर लगाया जायेगा.
- रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर सुराज संगम का शुभारंभ किया । नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ दो दिनों तक पांच वर्षों की कार्ययोजना पर मंथन करेंगे ।नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा रायपुर में प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजनकार्यशाला के पहले दिन आज सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति, एमआईसी सदस्य, आयुक्त और वरिष्ठ अभियंता हो रहे शामिलप्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला में नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा की योजनाओं की दी जाएगी जानकारीउप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर कार्यशाला में किया है आमंत्रित
- -राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े कार्डियोलॉजिस्ट ने देखी प्रक्रिया-निजी अस्पताल में मरीज की एंजियोप्लास्टी का किया गया था प्रयास परंतु कैल्शियम के अत्यधिक जमाव के कारण वहाँ एंजियोप्लास्टी करने में असफल रहे डॉक्टर*-अंततः दिल के सरकारी अस्पताल एसीआई में हुई मरीज की सफल एंजियोप्लास्टी*रायपुर। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजिस्ट एवं उनकी टीम ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर एक नया इतिहास रचा है। निजी अस्पताल में असफल हो चुकी 70 वर्षीय मरीज की एंजियोप्लास्टी लेजर कट (एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी/Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA))) तकनीक से की गई। इसका जीवंत प्रदर्शन (लाइव डेमोंस्ट्रेशन) जबलपुर समेत देश के अन्य कार्डियोलॉजिस्ट ने भी देखा। वर्चुअल प्लेटफार्म पर आयोजित हुए इस लाइव कार्यशाला के जरिए एक बार फिर छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हुई है।कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित हुए इस कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. प्रतीक गुप्ता, नर्सिंग स्टाफ नीलिमा, वंदना, निर्मला, पूर्णिमा, टेक्नीशियन जितेंद्र, बद्री, प्रेम तथा मेडिकल सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा। मरीज का उपचार मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना अंतर्गत हुआ।एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA)) कट एक विशेष प्रकार की एंजियोप्लास्टी है, जिसमें लेजर का उपयोग करके कोरोनरी धमनियों में जमी हुई रुकावटों (plaque, thrombus) को हटाया जाता है। यह उन मामलों में प्रयोग की जाती है जहां पारंपरिक बैलून एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग पर्याप्त नहीं होती।डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, एक 73 वर्षीय व्यक्ति के राइट कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज था। निजी अस्पताल में मरीज की एंजियोप्लास्टी की कोशिश की गई लेकिन यह प्रक्रिया असफल रह गई। मरीज के आर्टरी में इतना ज्यादा कैल्शियम जमा था कि कैल्शियम की वजह से एंजियोप्लास्टी करने वाला वायर क्रॉस नहीं हो सकता था(बैलून नॉन क्रॉसेबल)। साथ ही राइट कोरोनरी आर्टरी की उत्पति अपने मूल स्थान से न होकर ऊँचाई पर थी। यह इस केस की दूसरी जटिलता थी। इसके बाद यह मरीज अम्बेडकर अस्पताल स्थित एसीआई आया। मरीज की स्थिति को देखते हुए हमने एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी कट (Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA)) पद्धति से कैल्शियम को तोड़कर एंजियोप्लास्टी करने का सुझाव दिया।मरीज के दाहिने हाथ की धमनी के रास्ते दिल की नस तक कैथेटर को ले जाया गया। अत्यधिक वजनी और कठोर तारों से नस की रुकावट को पार किया गया एवं एक्साइमर लेजर का इस्तेमाल करते हुए जमे हुए कैल्शियम को तोड़कर आगे बढ़ा गया। वहां से बैलून के गुजरने का रास्ता बनाया गया। इसके उपरांत कोरोनरी इंट्रा वैस्कुलर अल्ट्रा सोनोग्राफी (आईवीयूएस) जो कि एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक प्रक्रिया है, से हृदय के नस के अंदर की सोनोग्राफी कर बचे हुए कैल्शियम को चिन्हाकित कर धारदार चाकूनुमा विशेष कटिंग बैलून का इस्तेमाल करते हुए कैल्शियम को ऐसे काटा गया जैसे कोई मशीन चट्टान काट कर सुरंग बनाती है। कैल्शियम के पूरी तरह टूट जाने के बाद स्टंट जाने का रास्ता बनाया गया और दो स्टंट लगाकर एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान देशभर के कार्डियोलॉजिस्ट ने इस प्रक्रिया को लाइव देखा तथा प्रश्न पूछ कर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।डॉ. स्मित के अनुसार जबलपुर में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया का राष्ट्रीय स्तर का कांफ्रेंस आयोजित हुआ है। उनके आग्रह पर हमने इस केस का जीवंत प्रदर्शन कर कार्यशाला को सफल बनाने में अपना योगदान दिया जिसकी देशभर में सराहना हुई।
- अरपा रिवर व्यू में शाम 6.30 बजे शुरू होगी स्पर्धा, मनोरंजक गतिविधियों का होगा आयोजनबिलासपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। सुशासन तिहार का तीसरा चरण 05 मई से 31 मई तक चलेगा, जिसमें आमजनों के लिए समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर 7 मई को अरपा रिवर व्यू साइड में शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सुशासन तिहार और शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित मनोरंजक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। बुधवार को शाम 6.30 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में मनोरंजक सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच शासकीय योजनाओं से संबंधित क्विज, प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जाएगा और जीतने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक उपहार दिए जाएंगे।कार्यक्रम में लोकनर्तक दल की प्रस्तुति होगी,स्थानीय कलाकार नृत्य, गायन, कविता पाठ जैसी प्रतिभाओं की प्रस्तुति दे सकते हैं। कार्यक्रम में विभिन्न स्पर्धाओं में जीतने वाले प्रतिभागियों को मौके पर ही डिस्काउंट-वाउचर, कूपन, उपहार दिया जाएगा।
- प्रवचन का ग्यारह दिवसभिलाई। उमरपोटी में विगत ग्यारह दिनों से चल रहे दार्शनिक प्रवचन में, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की कृपा प्राप्त प्रचारिका सुश्री श्रीश्वरी देवी जी के मुखारविंद से विलक्षण धारा प्रवाह प्रवचन की गंगा में अवगाहन करने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।प्रवचन के ग्यारवेह दिन में दीदी जी ने ईश्वर की प्राप्ति के विषय में बताते हुए कहा कि ईश्वर प्राप्ति के तीन ही मार्ग है । कर्मयोग, ज्ञानयोग एवं भक्तियोग। इसमें प्रथम कर्म योग का विस्तार करते हुए और वेद, गीता, भागवत, रामायण के प्रमाण देते हुए उन्होंने कहा की एक ओर जहां शास्त्र, वेद कर्म धर्म के पालन का आदेश देते है वही दूसरी ओर कर्म, धर्म की घोर निन्दा भी करते है। इस विरोधाभाष का समन्वय करते हुए देवी जी ने कहा कि कर्म चार प्रकार के होते है। पहला नित्य कर्म अर्थात् प्रतिदिन किया जाने वाला कर्म जैसे संध्या आदि। दुसरा नेमित्तिक कर्म अर्थात् जन्म, मृत्यु, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण आदि के समय किया जाने वाला कर्म, तीसरा काम्यकर्म अर्थात संसारी कामनाओं की पूर्ति के लिए किया जाने वाला कर्म अर्थात् कोई पाप हो जाने पर उसकी निवृत्ती के लिए किया जाने वाला कर्म, चातुर्मास व्रत, यज्ञ, पूजा पाठ आदि।सुश्री श्रीश्वरी देवी जी ने आगे कहा कि प्रत्येक कर्म, धर्म के पालन में छः–छः नियम है। जिनका वेदों के अनुसार शत प्रतिशत पालन आवश्यक है। अर्थात् देश, काल, पदार्थ, कर्ता, मंत्र, कर्म इन छः शर्तों का सही पालन होना चाहिए। जो कि इस कलयुग में संभव नहीं है। वेद मंत्रों में स्वर लगे होते होते है जिनका सही–सही उच्चारण होना चाहिए। अन्यथा वो यजमान का ही नाश कर देते हैं। वेदों में कथा आती है की वृत्तासुर नामक राक्षस ने विजय प्राप्त करने के लिए यज्ञ करवाया किंतु वैदिक स्वर में त्रुटि हो जाने से वो राक्षस हि मारा गया । यदि ये कर्म सही–सही किये जाते हैं तब इसका फल है स्वर्ग जोकि माया का ही एक लोग हैं और यदि त्रुटि हो जाएगी तो उसका फल है नरक अतएव कर्म, धर्म के द्वारा माया निवृत्ति असंभव है। इसलिए हमारे शास्त्रों ने कर्मयोग का आदेश किया है। अर्थात् मन से निरंतर हरि –गुरु का चिंतन एवं शरीर से कर्म का पालन। इसका परिणाम है माया निवृत्ति एवं ईश्वर प्राप्ति । श्री कृपालु जी महाराज अपने भक्ति शतक नाम ग्रंथ में कर्मयोग की परिभाषा में कहते हैं–मन हरि में तन जगत में कर्म योग यही जान,तन हरि में मन जगत में ये महान अज्ञान।।
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- विधानसभाध्यक्ष आवास में सावरकर जीवनी पुस्तक विमोचन किया डॉ. रमन सिंह ने
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि हमने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से क्षत्रपति शिवाजी महाराज, पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्या बाई और स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की थी। हमारे मांग पत्र को महत्व देते हुए स्पीकर ने संबंधित विभाग को अपनी ओर से अनुशंसा का पत्र भेजते हुए इस पर तत्काल प्रक्रिया शुरू करने कहा है। इसके लिए महाराष्ट्र मंडल डॉ. रमन सिंह का आभारी है।
शंकर नगर स्थित विधानसभाध्यक्ष आवास पर वीर सावरकर की जीवनी पर लिखी पुस्तक का विमोचन स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सावरकर को समझना है, तो ज़िन्दगी में एक बार अंडमान में जरूर जाएं और अपने जीवन को धन्य करें। आजकल के नेता दो माह जेल में रहते हैं और 15 माह न्यूज में रहते हैं। वहीं सावरकर जैसे देशभक्त आज भी राष्ट्र प्रेम की ज्योत जगा रहे हैं।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि स्वातंत्र्य वीर सावरकर ने राष्ट्र प्रेम समाज जागरूकता के लिए राजनीति में सुधार के लिए 1904 में अभिनव भारत की स्थापना की थी। उन्होंने इसके माध्यम से युवाओं में राष्ट्र प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन की अलख जगाई थी। वर्तमान में भी भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए युवाओं के साथ विनायक दामोदर सावरकर के विचारों को प्रसारित करने के लिए 'अभिनव भारत' स्थापित करना चाहिए इसलिए 15 फरवरी को महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित महापौर व पार्षदों के सम्मान समारोह में हमने मंच पर डॉ. रमन के समक्ष महापौर मीनल चौबे से रायपुर के व्यस्ततम क्षेत्र वाले चौराहे पर वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने की मांग कर चुके हैं। हमें उम्मीद है कि नगर निगम हमारी मांग के अनुरूप वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने के लिए यथोचित स्थान चयनित कर आगे की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाएगा।
काले ने समारोह में फिर दोहराया कि तीनों विभूतियां छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमाता अहिल्या बाई और वीर सावरकर आज भी प्रासंगिक हैं। इससे हमारी भावी पीढ़ी और युवाओं को काफी कुछ सीखने मिलेगा। मानववाद सोच से ओतप्रोत इनके जीवन हमारे लिए प्रेरक व अनुकरणीय हैं। इस मौके पर वीर सावरकर की जीवनी पर पुस्तक लिखने वाले और अपना पूरा जीवन विनायक दामोदर सावरकर की विचारधारा को प्रचारित करने के लिए लेखक अजय व संजय सिन्हा बिहार के पुस्तक लेखन की काले ने जमकर प्रशंसा की।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, सांसद चिंतामणी महाराज, गीता दलाल, मालती मिश्रा, निरजंन पंडित, विशाखा तोफखानेवाले, सुबोध टोले, स्वयंसेवक संघ से संजय दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। -
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ’’नगर सुराज संगम’’ का आयोजन, प्रदेश के सभी निकायों के जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव प्रदेशभर के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ दो दिनों तक मंथन करेंगे। वे इस दौरान प्रत्येक नगरीय निकाय की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष तथा निकाय के अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राजधानी रायपुर के होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल में 5 मई और 6 मई को दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ’’नगर सुराज संगम’’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 6 मई को कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर ’’नगर सुराज संगम’’ के लिए आमंत्रित किया है। वे 5 मई को सवेरे 11 बजे दो दिवसीय इस आयोजन का शुभारंभ करेंगे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव कार्यशाला में नगरीय निकायों के महापौरों, सभापतियों, महापौर परिषद के सदस्यों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे। वे इस दौरान नगरीय निकायों की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी चर्चा करेंगे। डॉ. बसवराजु ने बताया कि प्रबोधन-सह-कार्यशाला में नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं, कार्यों तथा विभिन्न अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। शहरों के व्यवस्थित विकास के लिए अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण की योजनाओं पर विभाग द्वारा मार्गदर्शिका का प्रकाशन किया गया है। श्री साव शुभारंभ सत्र में इस ‘मार्गदर्शिका बुकलेट’ का विमोचन करेंगे।
उप मुख्यमंत्री ने पाती लिखकर दिया आमंत्रण
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर प्रबोधन-सह-कार्यशाला में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने अपनी पाती में नगरीय निकायों के आम निर्वाचन में निर्वाचित होने के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि हमारी सुशासन की सरकार के संकल्प पर आम जनता ने नगरीय निकायों के निर्वाचन में भी अपना विश्वास हमारी नीतियों एवं कार्यप्रणाली पर जताया है। भविष्य में भी हमारा प्रयास जनता के इस भरोसे को अपने जन हितकारी कार्यों से अक्षुण्ण बनाए रखना होगा। आप अपने शहर के प्रथम नागरिक हैं, जिससे आपका दायित्व भी बढ़ा है। हमारी सरकार आप सभी के सहयोग से शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को संबोधित करते हुए लिखा है कि हमारे संकल्पों के सोपान में एक पहल के रूप में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण की विभिन्न योजनाओं एवं अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों, कामकाज तथा हमारी सरकार की शहर के व्यवस्थित विकास के लिए आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर विस्तृत परिचर्चा की जाएगी।
श्री साव ने अपनी पाती में विश्वास व्यक्त किया है कि अब तक आपके द्वारा अपने शहर के व्यवस्थित और सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार कर ली गई होगी, इस कार्यक्रम में आपसे प्रत्यक्ष संवाद कर इस संबंध में सार्थक परिचर्चा करना चाहूंगा। उन्होंने सभी नगर निगमों के महापौरों, सभापतियों, महापौर परिषद के सदस्यों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों से प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला में सहभागिता का आग्रह किया है। -
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने गोंडवाना ध्वजारोहण किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की हैं - मुख्यमंत्री
रायपुर/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मंडला जिले के रामनगर में आयोजित आदि उत्सव का कार्यक्रम जनजातीय समाज के लिए गौरव की बात है। आदि उत्सव कार्यक्रम में जनजातीय समाज के रीति-रिवाज, परंपरा, संस्कृति, इतिहास इत्यादि के बारे में जानकारी दी जाती है, इसलिए संपूर्ण जनजातीय समाज आदि उत्सव के महाकुम्भ में उपस्थित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रविवार को रामनगर में आयोजित आदि उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय के आगमन पर उनका फूलमालाओं, लोकगीत व लोकनृत्य कर भव्य स्वागत किया गया, इस अवसर पर गोंडवाना ध्वजारोहण भी किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय जनजातीय मंत्री श्री जुएल ओराम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य, मध्यप्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री समाज कल्याण अनु.जा. एवं जन. कल्याण श्री संजीव गौंड़, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोकसभा सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उन्हें आदि उत्सव कार्यक्रम के महाकुंभ में शामिल होने का अवसर मिला है। आदि उत्सव कार्यक्रम में पहुंचने से पहले जनजातीय समाज के चौगान स्थित मढ़िया में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता के लिए सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य, छत्तीसगढ़ राज्य का बड़ा भाई है इसलिए मध्यप्रदेश में आने पर उन्हें बहुत प्रसन्नता होती है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। छत्तीसगढ़ राज्य बने अब 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामनगर मंडला में आदि उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम के द्वारा किया गया था। आदि उत्सव कार्यक्रम आयोजित करने से जनजातीय समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपरा और इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोंड़वाना की इस धरा में रानी दुर्गावती और राजा शंकरशाह व कुंवर रघुनाथशाह ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। हमारे इन महापुरूषों की वीरगाथाओं से आने वाली पीढ़ी को अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में जनजातीय समाज के 11 करोड़ लोग निवास करते हैं। जनजातीय समाज के विकास और उत्थान के लिए भारत सरकार के द्वारा जनजातीय मंत्रालय का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जनजातीय समाज के विकास व उत्थान की गहरी चिंता है। प्रधानमंत्री प्रतिवर्ष जनजातीय क्षेत्रों के लिए करोड़ों रूपए का बजट आवंटित कराते हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास के नारा के साथ काम करते हुए 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा और नक्सलवाद को समाप्त किया जायेगा। डबल इंजन की सरकार का लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसामुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने धरती आबा योजना प्रारंभ कर जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों को विकास के पथ पर जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय परिवारों के लिए पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों के लिए बिजली, सड़क और पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। -
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को मध्यप्रदेश के मंडला जिले में प्राचीन देव मढ़िया चौगान में पूजा-अर्चना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
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रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का रविवार को मध्यप्रदेश के मंडला जिले में चौगान स्थित हेलीपैड में आगमन पर सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय रागनगर में आयोजित आदि उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
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जगद्गुरु शंकराचार्य जयंती उत्सव समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
गोस्वामी समाज के भवन के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की
रायपुर । जगद्गुरु स्वामी शंकराचार्य का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने मात्र 32 वर्ष की अल्पायु में सनातन धर्म को न केवल फिर से जीवित किया, बल्कि उसे एक दार्शनिक और सामाजिक आधार भी प्रदान किया। उनके अद्वैत वेदांत का सिद्धांत हमें सिखाता है कि "ब्रह्म सत्यं, जगत् मिथ्या".... अर्थात् ईश्वर ही एकमात्र सत्य है और हम सभी उस परम सत्य का अंश हैं। उन्होंने दशनाम संप्रदाय की स्थापना कर हमें एक संगठित ढांचा दिया, जिस पर आज हमें गर्व हैं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में छत्तीसगढ़ सनातन दशनाम गोस्वामी समाज द्वारा आयोजित जगद्गुरु शंकराचार्य जयंती उत्सव समारोह में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने कार्यक्रम में रायपुर में गोस्वामी समाज के सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि जगद्गुरु स्वामी शंकराचार्य ने सनातन धर्म एवं अद्वैत वेदांत से संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधा। आज उनके आदर्शों को छत्तीसगढ़ सनातन दशनाम गोस्वामी समाज आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य कमजोर पड़ रहे हैं, हमें शंकराचार्य जी के संदेश को और अधिक प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाना होगा। हमारी युवा पीढ़ी को सनातन धर्म के महत्व से अवगत कराना होगा।
श्री साव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से जगद्गुरु शंकराचार्य के आदर्शों को जीवन में उतारने और छत्तीसगढ़ में सनातन को और अधिक सशक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में गोस्वामी समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं एवं विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। महंत डॉ. रामसुंदर दास और महंत श्री विवेक गिरी सहित गोस्वामी समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे। -
गांव-गांव में सुशासन का संदेश: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे जनता से सीधा संवाद, मिलेगा आमजन को योजनाओं का लाभ
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तीसरे चरण का शुभारम्भ 5 मई से होगा। इसको लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुशासन तिहार का तीसरा चरण 31 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक जिले की 08 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं अन्य मंत्रीगण कुछ समाधान शिविरों में शामिल होंगे तथा आवेदकों से भेंट कर उनकी समस्याओं के निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। तीसरे चरण में मुख्यमंत्री स्वयं हेलीकॉप्टर से औचक रूप से किसी भी गांव में पहुँचकर लोगों से मुलाकात करेंगे और चौपाल लगाकर गांव के विकास और वहां पर पदस्थ मैदानी अमले की कार्यशैली के बारे में लोगों से जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय इस दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण एवं विकास कार्याें की जमीनी हकीकत का भी मुआयना करेंगे।
यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में शासन-प्रशासन को संवेदनशील, जनोन्मुखी और पारदर्शी बनाने के साथ ही जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है। सुशासन तिहार के प्रथम चरण का शुभारंभ 08 अप्रैल को हुआ था। इसके तहत 11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता से ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डाें में शिविर लगाकर समस्याओं और मांगों के संबंध में आवेदन लिए गए। आम जनता अपने आवेदनों को सहजता से शासन-प्रशासन तक पहुंचा सके, इसके लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालयों तक प्रमुख स्थानों पर समाधान पेटियां रखी गई, जिसमें लोग अपने आवेदन डाल सके। ऑनलाईन आवेदन लेने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेश की जनता से 40 लाख से अधिक आवेदन-पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें मांग, समस्या और शासकीय योजनाओं से संबंधित आवेदन शामिल थे। जिला प्रशासन द्वारा समर्पित प्रयासों से इन आवेदनों को विभागवार वर्गीकृत कर सुराज अभियान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है, और निराकरण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ जारी है। संबंधित आवेदनों की स्थिति की जानकारी भी हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से दी जा रही है।
तीसरे चरण में शासन की प्राथमिकता आम जनता को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। समाधान शिविरों में हितग्राहियों को योजनाओं के आवेदन प्रपत्र प्रदान किए जाएंगे और पात्रता के अनुसार योजना से लाभ दिलाने की कार्यवाही भी की जाएगी। समाधान शिविरों में ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाना है। उन्होंने कहा, हमारा संकल्प है कि राज्य के हर नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे। सुशासन तिहार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गया है। यह अभियान केवल आवेदन संग्रह या समस्या निराकरण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य के शासन-प्रशासन और जनता के बीच सेतु बन गया है। -
हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के संबंध में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों एवं अनुबंधित कंपनियों की ली गई हाई लेवल बैठक
रायपुर। नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के सेमिनार कक्ष में विगत दिवस परिवहन सचिव सह परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश तथा अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर की अध्यक्षता में राज्य के समस्त जिला स्तरीय परिवहन अधिकारी सहित हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के लिए अनुबंधित कंपनियों के साथ हाई लेवल बैठक ली गई। बैठक में जनता को आ रही समस्याओं के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा कर इनके निराकरण हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए ।
बैठक में जानकारी दी गयी कि राज्य में 01 अप्रैल 2019 से पहले के लगभग 50 लाख से अधिक पंजीकृत वाहन हैं एवं लगभग 03 लाख के करीब हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के ऑर्डर प्राप्त हो चुके है। फिटमेंट की गति बढ़ाने के लिये प्रत्येक जिला स्तर पर वाहनों की संख्या के आधार पर अनुबंधित कंपनियों के फिटमेंट सेंटरों की संख्या में वृद्धि करने तथा हर जिले में जिला स्तरीय परिवहन अधिकारी को कंपनियों के साथ कैम्प टीम बनाने के निर्देश दिये गए।
इसके तहत रायपुर में 05 टीम, धमतरी में 04 टीम, महासमुंद में 04 टीम,दुर्ग- 08 टीम ,कवर्धा- 02 टीम,बिलासपुर-06 टीम,जांजगीर चम्पा-03 टीम,कोरबा-05 टीम, रायगढ़-06 टीम,जशपुर- 03 टीम,अम्बिकापुर -04 टीम,कोरिया-03 टीम,जगदलपुर-03 टीम, दंतेवाड़ा-02 टीम,कांकेर-03 टीम,बलौदाबाजार-03 टीम तथा गरियाबंद, बालोद व बेमेतरा में 02-02 टीम एवं अन्य जिलों में 01-01 कैम्प/मोबाईल टीम बनाने के निर्देश दिये गए है। ये टीमें जिले के विभिन्न स्थानों पर कैम्प लगा कर हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के नियमानुसार ऑर्डर लेंगे तथा आवश्यकतानुसार नम्बर अपडेट किये जायेंगे। बैठक में निर्देशित किया गया कि दूरस्थ जिलो में दूसरे दिन तक तथा अन्य जिलों में उसी दिन अनिवार्य रूप से हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट फिट किये जाएं।
बैठक में अनुबंधित कंपनियों को सभी जिलो में वाहनों की संख्या के अनुसार हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट बनाने वाली मशीनों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिये गए हैं ताकि जल्द से जल्द हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट बनें व नियत समय में संबंधित स्थान पर प्लेट पहुंचने के साथ फिटमेंट किया जा सकें। इसके अलावा यह भी निर्देशित किया गया कि हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के लिए ऑर्डर करने पर 15 दिनों से अधिक की वेटिंग न हो, प्रत्येक जिलों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए और मोबाईल नम्बर सार्वजनिक किये जाएं।कार्यों में तीव्रता व समन्वय लाते हुए 03 महीने की समयावधि में हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट फिटमेंट का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में परिवहन विभाग की ओर से श्री यू. बी.एस.चौहान संयुक्त परिवहन आयुक्त, श्री मनोज ध्रुव उप परिवहन आयुक्त, श्री कृष्ण कुमार पटेल उप परिवहन आयुक्त , श्री जी.आर.देवांगन संयुक्त संचालक वित्त, सुश्री योगेश्वरी वर्मा सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा राज्य के सभी वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी व हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट हेतु अनुबंधित कंपनियों की ओर से श्री बिश्वजीत मुखर्जी रियल मेज़ॉन एवं श्री अशोक शर्मा रॉस मार्टा तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए। -
रायपुर। मध्यप्रदेश के मंडला जिले के रामनगर में आदि उत्सव का भव्य शुभारंभ रविवार 4 मई को माँ नर्मदा के तट पर हुआ। सातवे आदि उत्सव के शुभारंभ अवसर पर देशभर से आए अतिथियों ने उत्सव की शोभा बढ़ाई। शुभारंभ दिवस पर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णुदेव साय, केन्द्रीय जनजातीय मंत्री श्री जुएल ओराम, लोकसभा सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
दो दिवसीय इस उत्सव के प्रथम दिवस में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए महा आरोग्य शिविर तथा निःशक्तजन के कल्याण के लिए एमिल्को के सहयोग से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु दिव्यांग शिविर का आयोजन किया गया। उत्सव के दौरान लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित हुए अतिथियों द्वारा महा आरोग्य शिविर, दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदाय करने हेतु एमिल्को के सहयोग से लगाए गए सहायक उपकरण वितरण शिविर तथा मिलेट फेस्टिवल का अवलोकन किया गया। आदिवासी गुदुम दल, आदिवासी नृत्य एवं अन्य आदिवासी लोक संस्कृति के सांस्कृतिक आयोजनों ने लोगों का मन मोह लिया। दोपहर बाद उत्सव में संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। उत्सव के दौरान शासन के विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के स्टॉल प्रदर्शित किए गए, इसके अलावा कृषि विभाग एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से फूड स्टॉल लगाए गए। आदि उत्सव के प्रथम दिवस पर जिले एवं जिले के बाहर से आदिवासी परंपरा एवं पूजा पद्धतियों को संभालने वाले पंडा तथा भुमका भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। - - वनमंडलाधिकारी निलंबित, एसीबी जांच में गिरफ्तारी-11 समितियों पर कार्रवाईरायपुर। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर शासन द्वारा सुकमा जिले में कड़ी कार्रवाई की गयी है। जिला वनमंडलाधिकारी सुकमा को निलंबित कर दिया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही वितरण कार्य में लापरवाही बरतने वाली 11 प्राथमिक वनोपज समितियों के प्रबंधकों को कार्य से पृथक कर दिया गया है तथा उन समितियों के संचालक मंडलों को भंग कर दिया गया है। संबंधित नोडल अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जा चुकी है।जिला यूनियन सुकमा अंतर्गत सीजन वर्ष 2021 के लिए 31,356 संग्राहकों को 4.53 करोड़ तथा वर्ष 2022 के लिए 18,918 संग्राहकों को 3.32 करोड़ रुपये प्रोत्साहन पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना था। इनमें से वर्ष 2021 के 10,131 संग्राहकों को 1.38 करोड़ तथा वर्ष 2022 के 5,739 संग्राहकों को 74 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई। शेष संग्राहकों के बैंक खाते उपलब्ध न होने की स्थिति में, कलेक्टर सुकमा की अनुशंसा पर शासन ने नगद भुगतान की अनुमति दी थी। इसके लिए राशि जिला यूनियन को हस्तांतरित की गई थी। कुछ समितियों द्वारा नगद भुगतान किया गया, किन्तु 11 समितियों जिसमें सुकमा, फूलबगड़ी, दुब्बाटोटा, जगरगुण्डा, मिचीगुड़ा, बोड़केल, कोंटा, जग्गावरम, गोलापल्ली, किस्टाराम एवं पालाचलमा शामिल है उनमें प्रोत्साहन राशि का वितरण नहीं किया गया।इन समितियों में प्रोत्साहन राशि प्राप्त नहीं करने वाले संग्राहकों की वास्तविक संख्या का परीक्षण किया जा रहा है। स्थिति स्पष्ट होते ही पात्र संग्राहकों को भुगतान सुनिश्चित करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।


















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