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कलेक्टर ने लिया जायज़ा,एक महीने में कार्य पूर्ण करने दिए निर्देश
लेबर रूम में सीएसआर मद से लगेगा एसी
नियमित रूप से लें जीवनदीप समिति की बैठक
बिलासपुर/सीपत, मस्तूरी, मल्हार जैसी दूरस्थ ग्रामीण अस्पतालों का कायाकल्प होने लगा है। सीएसआर, डीएमएफ आदि मंदों का इस्तेमाल कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दी जा रही है। कलेक्टर अवनीश शरण स्वयं व्यक्तिगत रुचि लेते हुए इनकी सतत निगरानी कर रहे हैं। श्री शरण ने आज दौरा कर सीपत, मस्तूरी और मल्हार के अस्पतालों में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने एक माह में शेष निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को जीवनदीप समिति की बैठक लेकर अस्पतालों की छोटी छोटी दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्यालय सीपत में रहने वाली दो स्वास्थ्य कर्मियों को परिसर में निर्मित नया आवास तत्काल आबंटित कर दिए। उन्हें सामान शिफ्ट कर रहना शुरू करने कहा ताकि मरीजों की और अच्छे से देखभाल की जा सके। इस अवसर पर एसडीएम प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी, ई ई लोक निर्माण चैन सिंह विंध्यराज,सीईओ श्री जे आर भगत भी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने सीपत से दौरे की शुरुआत की। लगभग 57 लाख की लागत से सीपत पीएचसी का कायाकल्प हो रहा है। ग्राम पंचायत, लोक निर्माण विभाग और सीजीएमएससी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न वार्डों को देखा। सीएसआर मद से लेबर वार्ड में भी एसी सुविधा देने के निर्देश दिए। प्रतीक्षा कक्ष में कुर्सी लगाने के निर्देश भी दिए। परिसर में निर्मित कुछ कर्मचारी आवासों के सुधार करने को भी कहा। अब तक हो चुके कामों की जानकारी ली। प्रति माह इस पीएचसी में लगभग 65 डिलीवरी होती है, जो कि अच्छी प्रगति है। कलेक्टर ने एनक्यूएएस प्रमाण पत्र हासिल करने की तैयारी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर सीपत में ही बन रहे 50 सीटर कन्या छात्रावास देखने पहुंचे। सीएसआर मद से 80 लाख रुपए में इसका निर्माण किया जा रहा है। धीमी प्रगति पर नाराज़गी दिखाते हुए 1 माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मस्तूरी में 1.93 करोड़ की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया जा रहा है। काम की गति तेज करने को कहा। उन्होंने पुराने जर्जर हो चुके भवन को डिस्मेंटल कर पार्किंग और गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अंत में ऐतिहासिक नगरी मल्हार पहुंचे। अस्पताल में बरसात के मौसम में पानी भर जाता है। इसके निदान के निर्देश सीएमओ और एसडीएम को दिए। डॉग बाइट के 4-5 प्रकरण रोज अस्पताल पहुंच रहे है। एंटी रेबीज इंजेक्शन मौजूद है। अस्पताल तक पहुंचने का मार्ग काफी जर्जर हो चुका है। कलेक्टर ने इसके जीर्णोद्धार का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए। -
साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री आवास और जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों में आई तेजी
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रोज सवेरे निरीक्षण से प्रभावी मॉनिटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मिल रही मदद
बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव द्वारा विभागीय समीक्षा बैठकों में आयुक्तों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोज सवेरे भ्रमण कर कार्यों के निरीक्षण के निर्देशों का असर दिखने लगा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश के बाद फरवरी-2024 से सभी नगर निगमों के आयुक्त तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने मातहतों के साथ वार्डों का प्रातः भ्रमण कर रोज सफाई, निर्माण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इससे डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, रोड स्वीपिंग, एस.एल.आर.एम. सेंटर्स कम्पोस्ट शेड, प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के कैम्पों के आयोजन, पार्क एवं तालाबों के साथ-साथ सड़कों के निर्माण, जल प्रबंधन, नाली सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, अमृत मिशन के तहत पाइलाइन बिछाने एवं जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों में तेजी आई है। निकाय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रोज सवेरे छह बजे से वार्डों के भ्रमण और निरीक्षण शुरू करने के बाद साफ-सफाई एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में लगातारा सुधार भी दिखाई दे रहा है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगरीय निकायों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने व उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर लगातार जोर दे रहे हैं। उन्होंने शहरों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-हितैषी बनाने के साथ ही योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। श्री साव ने नगरीय निकायों के कार्यों में कसावट लाने, कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को प्रतिदिन सवेरे वार्डों का भ्रमण करना सुनिश्चित करने को कहा था। उनके निर्देश के बाद योजनाओं के बेहतर संचालन व गुणवत्ता में सुधार लाने निकायों के अधिकारियों द्वारा नियमित फील्ड विजिट किया जा रहा है। इससे सभी निकायों में जी.वी.पी. में कमी पाई गई है। साथ ही निकायों की सफाई व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अधिकारियों द्वारा रोजाना वार्डों में निरीक्षण के बाद से योजनाओं के प्रदर्शन एवं मूल्यांकन तथा महत्वपूर्ण समस्याओं की पहचान के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार के लिए मानकों के निर्धारण में सहयोग प्राप्त हो रहा है। इससे नगरीय निकायों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी हो रहा है। - रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य में अब गैर संचारी रोग (नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़- एनसीडी) जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ , कैंसर के स्क्रीनिंग , इलाज और मॉनिटिरिंग में डिजिटल तकनीक का उपयोग बड़े स्तर पर किया जा रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत शुरू की गई आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी इस दिशा में गेमचेंजर साबित हो रही है।आभा आईडी के माध्यम से मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से आसानी से साझा कर सकते हैं। इस आईडी की मदद से अस्पतालों, क्लीनिकों और लेबोटरी के बीच जानकारी साझा करना भी आसान हो गया है, जिससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।छत्तीसगढ़ में आभा आईडी को राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे मरीजों की स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस, इलाज और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो गई है। एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के लिए मोबाइल और टैबलेट आधारित ऐप्स तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए वेब पोर्टल उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे काम करना आसान हो गया है।संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला का कहना है कि आभा आईडी बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे एनसीडी जैसी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में मदद मिलेगी। दुर्ग जिले में इस पहल का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच, 12,627 आभा आईडी को एनसीडी मरीजों के रिकॉर्ड से जोड़ा गया। इसके परिणामस्वरूप, आभा से जुड़े मरीजों में फॉलोअप रेट 68 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि बिना आभा आईडी वाले मरीजों में यह केवल 37 प्रतिशत रहा। इसी तरह, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ नियंत्रण में भी आभा से जुड़े मरीजों में सुधार देखा गया। 49 प्रतिशत मरीज नियंत्रण में रहे, जबकि गैर-जुड़े मरीजों में यह आंकड़ा 29 प्रतिशत रहा। डब्ल्यूएचओ की मदद से स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।राज्य सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रही है। आभा आईडी को आधार की डेमोग्राफिक जानकारी से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ ने हिंदी में प्रशिक्षण वीडियो भी बनाया है। छत्तीसगढ़ में यह डिजिटल पहल ना सिर्फ बीमारियों के रोकथाम में मददगार साबित हो रही है, बल्कि इससे स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है।
- -महज 24 घंटे के भीतर श्री मनोहर सिंह पटेल को हाथ में मिला आयुष्मान कार्डरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अभिनव पहल सुशासन तिहार जनकल्याण और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस अभियान के तहत महासमुंद जिले में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत जंघोरा निवासी श्री मनोहर सिंह पटेल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन तकनीकी कारणवश उनका कार्ड नहीं बन पाया था, जिससे उन्हें योजना को लाभ नहीं मिल पा रहा था। सुशासन तिहार के मद्देनजर कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में उनके आवेदन को गंभीरता से लिया गया और मात्र 24 घंटे के भीतर समाधान कर दिया गया।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा द्वारा 15 अप्रैल 2025 को सूचना दी गई कि उनका आयुष्मान कार्ड बनकर तैयार हो गया है और अगले ही दिन उन्हें कार्ड हाथों में प्रदान कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से प्रसन्न होकर श्री पटेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया । उन्होंने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से मुझे और मेरे परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा की बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है। अब अच्छे इलाज के लिए इस कार्ड का उपयोग कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एक ऐसा स्वास्थ्य बीमा कार्ड है, जिसके माध्यम से पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज भारत सरकार द्वारा अधिकृत अस्पतालों में प्राप्त होता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में जनसरोकार से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु सजगता और तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। इस कार्ड के माध्यम से गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवार गंभीर बीमारियों का भी कैशलेस इलाज निजी व सरकारी अस्पतालों में करवा सकते हैं। इसमें सर्जरी, डायग्नोस्टिक, दवा, भर्ती, और फॉलोअप जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं। सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन को आमजन तक पहुंचना है, जहां लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल न केवल योजनाओं को धरातल पर उतारने में सहायक है, बल्कि नागरिकों में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ा रही है।
- -तत्काल बना श्रमिक कार्ड, ट्राइसिकल मिलने पर दिव्यांग सुदर्शन ने कहा - संवाद से समाधान की खुली राहरायपुर.। . मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेशवासियों के लिए संवाद से समाधान की पहल की है। तीन चरणों में आयोजित सुशासन तिहार अपने दूसरे चरण में पहुंच चुका है जिसमें लोगों से मिले आवेदनों का मिशन मोड में निराकरण किया जा रहा है। यह सरकार की पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने की सार्थक पहल है। यह न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह नागरिकों और सरकार के बीच विश्वास की मजबूत नींव भी रखता है। सुशासन तिहार में डिजिटल तकनीकों का उपयोग नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरल, त्वरित और प्रभावशाली बना रहा है।सुशासन तिहार के अंतर्गत रायगढ़ जिले में भी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है। ननसिया के श्री सुन्दरलाल उरांव तथा श्रीमती अनीता बाई ने श्रमिक पंजीयन और श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया था। इसका तत्काल निराकरण करते हुए उनका पंजीयन कर श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं और पात्रता संबंधी जानकारी भी दी गई जिससे वे योजनाओं का लाभ ले सकें। श्रम विभाग द्वारा महतारी जतन, छात्रवृत्ति, नोनी सशक्तिकरण, मृत्यु पर परिवार को सहायता, सियान योजना, पेंशन योजना, साइकिल, सिलाई मशीन तथा अन्य उपकरण प्रदान करने से संबंधित अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिक पंजीयन कराकर पात्र हितग्राही इनका लाभ ले सकते हैं।श्रमिक कार्ड बन जाने से खुश श्री सुन्दर लाल उरांव ने कहा कि उसके आवेदन पर तत्काल कार्यवाही करते हुए श्रम कार्ड बनाकर दे दिया गया। सुशासन तिहार के इस आयोजन के लिए वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहते है कि श्रमिक कार्ड बनने से अब उन्हें श्रम विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।दिव्यांग सुदर्शन को मिली ट्राइसिकलसमाज कल्याण विभाग द्वारा पुसौर विकासखंड के ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा के श्री सुदर्शन खडिय़ा के आवेदन पर कार्यवाही करते हुए ट्राइसिकल एवं बैसाखी प्रदान किया गया। सुदर्शन 80 प्रतिशत दिव्यांग है जिसके चलते उसे कहीं भी आने-जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुदर्शन ने कहा कि ट्रायसिकल मिलने से अब उसकी दूसरों पर निर्भरता कम होगी और उसे आने-जाने में सहूलियत होगी। उन्होंने सुशासन तिहार के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पहल ने आमजन के लिए संवाद से समाधान की नई राह खोली है।
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जोरा मुख्य मार्ग को कब्जामुक्त करने कहा
रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम जोन 9 के अंतर्गत जोरा और लाभान्डी क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए. आयुक्त ने जोरा में सफाई व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, वार्ड प्रतिनिधि श्री साहू सहित जोन 9 के अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में किया. आयुक्त ने जोरा में नया नाला बनाने प्रस्ताव शीघ्र भेजने के जोन 9 जोन कमिश्नर को निर्देश दिए हैँ, ताकि जोरा में शीघ्र गन्दे पानी की सुगम निकासी का प्रबंधन हो सके. आयुक्त ने जोरा में नालियों पर कब्जा जमाकर निर्मित किये गए अवैध पाटों को तोड़कर नालियों की अच्छी तरह सफाई अभियान चलाकर सुनिश्चित करने के निर्देश जोन 9 जोन कमिश्नर को दिए हैँ.आयुक्त ने इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय जोरा के सामने मुख्य मार्ग में अभियान चलाकर मार्ग को कब्जामुक्त करने हेतु निर्देशित किया है. आयुक्त ने इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित श्मशानघाट और लभांडी स्थित जलागार परिसर का प्रत्यक्ष अवलोकन किया.
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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर आज धरसीवा जनपद के ग्राम पंचायत पीरदा में 'मोर द्वार साय सरकार' अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का शुभारंभ धरसीवा विधायक श्री अनुज शर्मा ने किया।
अभियान के तहत ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई और आवास प्लस 2.0 योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। योजना का लाभ मिलते ही लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी छा गई। - पेंड्रारोड। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से अधिकारियों के कार्य विभाजन में फेरबदल करते हुए नया आदेश जारी किया है। इसके तहत डिप्टी कलेक्टर सुश्री ऋचा चन्द्राकर को पेंड्रारोड अनुभाग की नई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)/अनुविभागीय दण्डाधिकारी नियुक्त किया गया है।जारी आदेश के अनुसार, सुश्री चन्द्रकार को पूर्व में सौंपे गए सामान्य निर्वाचन, स्थानीय निर्वाचन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के दायित्वों से मुक्त करते हुए पेंड्रारोड अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)/अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं जिला सत्कार अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, डिप्टी कलेक्टर अमित बैक को उनके वर्तमान कार्यों से मुक्त करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी (सामान्य एवं स्थानीय निर्वाचन), जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग का प्रभार सौंपा गया है। यह प्रशासनिक आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
- -केशकाल वन मंडलाधिकारी श्री गुरुनाथन ने किया निरीक्षण--18 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलेगा वन सुरक्षा सप्ताहकोंडागांव।, वन विभाग केशकाल वनमंडल केशकाल द्वारा शुक्रवार 18 अप्रैल को वन सीमा सुरक्षा सप्ताह का प्रारंभ किया गया, जिसमें वनमंडलाधिकारी श्री गुरूनाथन एन केशकाल द्वारा वन सीमा सुरक्षा सप्ताह के तहत परिक्षेत्र फरसगांव के परिसर लंजोडा पी 1179, पी 1180 का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर संबंधित कर्मचारियों को वन सीमा सुरक्षा सप्ताह, मुनारा सत्यापन, प्लाटंटेशन तथा तेन्दूपत्ता तोड़ाई से संबंधित वन अमला को दिशा-निर्देश दिया गया। श्री गुरुनाथन ने कहा कि वन सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण अंग वन सीमाओं का सही संधारण होता है। इसके महत्व को देखते हुये समस्त कार्य आयोजनाओं में पंचवर्षीय सीमांकन योजना के तहत प्रतिवर्ष वनसीमा के सीमांकन का कार्यक्रम निर्धारित किया जाता है। इस कार्यक्रम के तहत प्रतिवर्ष कुल सीमा रेखा की लंबाई के पांचवे भाग तथा कुल वन सीमा मुनारों के पांचवे भाग के मरम्मत एवं संधारण का कार्य किया जाता है। विगत वर्षों में बड़ी संख्या के पक्के मुनारों का निर्माण किया गया है। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएफएस श्री गौतम नारायण पादिभर, उप वनमंडलाधिकारी श्री टीआर मरई, फरसगांव वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री आरएस यादव के साथ परिक्षेत्र के समस्त वन कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -शासन के नक्सल सदस्य मुक्त ग्राम पंचायत के अभियान के तहत 22 माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में मिली बड़ी सफलता।- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नक्सल सदस्य मुक्त ग्राम पंचायत को 01 करोड़ रूपये विकास कार्य हेतु प्रोत्साहन देने की है योजना।-आत्मसमर्पित नक्सलियों पर छ0ग0 शासन द्वारा कुल 40 लाख पचास हजार रूपये का ईनाम घोषित है।- छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से किया गया आत्मसमर्पण।- आत्मसमर्पित 01 पुरूष एवं 01 महिला नक्सली पर 08-08 लाख, 01 पुरूष एवं 01 महिला नक्सली पर 05-05 लाख, 02 पुरूष एवं 05 महिला 02-02 लाख, 01 पुरूष नक्सल पर 50 हजार, कुल 40 लाख 50 हजार रूपये के घोषित है ईनाम।- नक्सलियों को आत्मससमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में जिला बल, डीआरजी सुकमा, रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी) कोंटा, सुकमा, जददलपुर सीआरपीएफ 02, 74, 131, 217, 219, 223, 226,227,241 एवं कोबरा 203 वाहिनी के आसूचना शाखा की कार्मिकों रही है विशेष भूमिका।सुकमा। जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत’’ सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके षोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 09 महिला सहित 21 नक्सलियों के द्वारा नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से आज दिनांक 18.04.2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में श्री आनंद सिह राजपुरोहित, पुलिस उप महानिरीक्षक(परिचालन) रेंज सुकमा, श्री किरण चव्हाण, पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, श्री धन सिंह बिष्ट, कमाण्डेन्ट 226 वहिनी सीआरपीएफ, श्री बिरेन्द्र कुमार खंतवाल, द्वितीय कमान अधिकारी, 226 वहिनी सीआरपीएफ, श्री आनामी षरण, द्वितीय कमान अधिकारी 02 वहिनी सीआरपीएफ, श्री उमेश प्रसाद गुप्ता, अति. पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स जिला सुकमा, श्री टी. भगद सिह, उप कमाण्डेन्ट 219 वहिनी सीआरपीएफ, श्री महेन्द्र सिंह भाटी, उप कमाण्डेन्ट 203 कोबरा वहिनी, श्री मनीष रात्रे, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल अभियान सुकमा श्री नीरज पनवार, सहायक कमाण्डेन्ट 241 वाहिनी सीआरपीएफ एवं श्री कमलेष कुमार साहू, सहायक कमाण्डेन्ट 227 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया।⚫⚫ उपरोक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन के नये पुनर्वास नीति ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति -2025 ’’ के तहत् प्रत्येक को 50-50 हजार रूपये के मान से प्रोत्साहन राशि व कपड़े प्रदान किया गया एवं अन्य सुविधायें प्रदान करायें जायेंगे।???? आत्मसमर्पित नक्सलियों का विवरण निम्नानुसार है:-♦️01. *मुचाकी जोगा पिता बुधरा उम्र लगभग 33 वर्ष जाति मुरिया निवासी रेगड़गट्टा थाना भेज्जी जिला सुकमा।पद माड डिवीजन अन्तर्गत पीएलजीए कम्पनी नंबर 01, प्लाटून नंबर 01 का डिप्टी कमाण्डर/सीवायपीसीएम। ईनाम-08 लाख♦️02 मुचाकी जोगी पति जोगा उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी रेगड़गट्टा थाना भेज्जी जिला सुकमा पद पीएलजीए कम्पनी नम्बर 01 प्लाटून नम्बर 01 सदस्य/पीपीसीएम ईनाम-08 लाख♦️03 किकिड़ देवे पिता स्व0 नंदा उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी दोक्कापारा गुफड़ी थाना गादीरास जिला सुकमा।नुवापाड़ा डिवीजन सीतानदी एरिया कमेटी सदस्या एसीएमईनाम-05 लाख♦️04 मनोज उर्फ दूधी बुधरा पिता चमरू उम्र लगभग 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी चिंतनार दूधीपारा थाना पुसपाल जिला सुकमा। माड़ डिवीजन डीके प्रेस टीम सदस्य/एसीएमईनाम-05 लाख ।♦️05 माड़वी भीमा पिता नंदा उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी सुरपनगुड़ा थाना चिंतलनार जिला सुकमा सुरपनगुड़ा आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष ईनाम-02 लाख ।♦️06 माड़वी सोमड़ी पति माड़वी भीमा उम्र लगभग 48 वर्ष जाति मुरिया निवासी मेट्टागुड़ा सरपंचपारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर।मेट्टागुड़ा आरपीसी केएमएस अध्यक्ष ईनाम-02 लाख ।♦️07 संगीता उर्फ हड़मे माड़वी पिता स्व0 सुकड़ा उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी पैतुलगुट्टा थाना किस्टाराम जिला सुकमा।उसूर एलओएस पार्टी सदस्या ईनाम-02 लाख ।♦️08 माड़वी कोसी पिता हुंगा उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी वेलपोच्चा पेरमापारा थाना कोंटा जिला सुकमा।गोमपाड़ आरपीसी सीएनएम अध्यक्षा ईनाम-02 लाख।♦️09 वंजाम सन्नी पति वंजाम माड़ा उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी दुलेड़ वंजामपारा थाना चिंतागुुफा जिला सुकमा।दुलेड़ आरपीसी सीएनएम अध्यक्षा ईनाम-02 लाख ।♦️10 माड़वी मंगली पिता हुंगा उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी दुलेड़ वंजामपारा थाना चिंतागुुुफा जिला सुकमा।दुलेड़ आरपीसी केएमएस अध्यक्षा ईनाम-02 लाख ।♦️11 ताती बण्डी पिता स्व0 हड़मा उम्र वर्ष 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोमगुड़ा ईत्तापारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर।पालागुड़ा आरपीसी मिलिषिया कमाण्डर ईनाम-02 लाख।♦️12 पुनेम जोगा पिता स्व0 जोगा उम्र लगभग 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी एर्रनपल्ली किकिरपारा थाना पामेड जिला बीजापुर। एर्रनपल्ली आरपीसीसीएनएम सदस्य ईनाम 50 हजार रूपये।13 पुनेम नरसिंग राव पिता स्व0 मल्ला उम्र लगभग 25 वर्ष जाति दोरला निवासी दुलेड़ वंजामपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा। दुलेड़ आरपीसी मिलिषिया सदस्य।♦️14 सोड़ी हुंगा पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी दुलेड़ वंजामपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा। दुलेड़ आरपीसी मिलिषिया सदस्य।♦️15 वंजाम रामा पिता स्व0 पोज्जा उम्र लगभग 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी बगड़ेगुड़ा करकापारा थाना केरलापाल जिला सुकमा। पूर्व बगड़ेगुड़ापंचायत मिलिषिया सदस्य।♦️16 हेमला नंदे पति गुण्डा उम्र लगभग 37 वर्ष जाति मुरिया निवासी नागाराम सरपंचपारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा। नागाराम आरपीसी केएमएस सदस्या ।♦️17 हेमला मुके पति नंदा उम्र लगभग 38 वर्ष जाति मुरिया निवासी नागराम सरपंचारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा। नागाराम आरपीसी केएमएस सदस्या।♦️18 गोंडसे/मड़कम हुंगा पिता बण्डी उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी दुलेड़ बंजामपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा। दुलेड़ आरपीसी मिलिष्यिा डिप्टी कमाण्डर।♦️19 मड़कम गंगा पिता मुक्का उम्र लगभग 33 वर्ष जाति मुरिया निवासी बड़ेकेड़वाल थाना चिंतागुफा जिला सुकमा। सिंघनमड़गू आरपीसी शाखा अध्यक्ष।♦️20 .माड़वी सोना पिता रामा उम्र लगभग 27 वर्ष जाति मुरिया निवासी दुलेड पोकड़ीपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा। दुलेड़ आरपीसी मिलिषिया सदस्य।♦️21 माड़वी हिड़मा पिता स्व. भीमा उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी दुलेड़ पोकड़ीपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा। दुलेड़ आरपीसी मिलिषिया सदस्य।♦️22 पुनेम कन्हैया पिता कन्ना निवासी चिमलीपेंटा थाना चिंतलनार जिला सुकमा । सुरपनगुड़ा आरपीसीमिलिषिया सदस्य।
- रायपुर, / महिला एवं बाल विकास विभाग ने बालोद जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री किशन टंडन क्रांति को कर्तव्यों में घोर लापरवाही और विभागीय योजनाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताओं के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस आशय का आदेश विभाग ने जारी कर दिया है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विगत 15 अप्रैल को बालोद दौरे के दौरान शासकीय योजनाओं एवं आमजनों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न कार्यक्रमों का निरीक्षण किया था जिसमें कई खामियां उजागर हुईं। श्रीमती राजवाड़े के निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टंडन जिला मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जबकि यह अपेक्षित था कि वह स्वयं मंत्री के दौरे के समय उपस्थित रहकर कार्यक्रमों की प्रगति प्रस्तुत करें।निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र पाररास (इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 18/1) में फर्जी उपस्थिति दर्ज, पोषण ट्रैकर ऐप में अधूरी प्रविष्टियां, सखी वन स्टॉप सेंटर की निष्क्रियता और करकाभांठ केंद्र में गंदगी जैसे कई गंभीर मुद्दे सामने आए। साथ ही, विभागीय बैठकों में नियमित अनुपस्थिति का आरोप भी श्री टंडन पर है।इन सभी खामियों को गंभीर मानते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में नाराज़गी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। नतीजतन, किशन टंडन को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबित कर, निलंबन अवधि में महिला एवं बाल विकास विभाग, बिलासपुर में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्हें इस दौरान जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
- रायपुर, । भारतीय थल सेना द्वारा अग्निवीर की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है। अधिसूचना की विस्तृत जानकारी www.joinindianarmy.nic.in पर उपलब्ध है। अग्निवीर की भर्ती जनरल, तकनीकी, कर्लक, ट्रेडमेन (8वीं एवं 10वीं) महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर मर्ती धर्म गुरू, नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी की गई है। सेना में भर्ती के लिए अब ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 अप्रैल 2025 तक बढ़ा दी गयी है। आवेदकों को यदि ऑनलाइन आवेदन करने में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही हो तो वे सेना भर्ती कार्यालय के दूरमाष क्रमांक 0771-2965212 अथवा 0771-2965214 पर संपर्क कर सकते है।भारतीय सेना द्वारा यह भी अवगत कराया जाता है कि सेना में चयन निष्पक्ष, पारदर्शी एवं केवल योग्यता के आधार पर ही किया जाता है। इसलिए आवेदन भर्ती के लिए किसी भी अनाधिकृत व्यक्तियों के झांसे में ना आये।
- -मुख्यमंत्री ने मैग्नेटो मॉल में देखी छत्तीसगढ़ी फिल्म 'सुहाग', बोले– फिल्म सिटी से मिलेगा छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नया आकाशरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल के सिनेमाघर में छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘सुहाग’ के विशेष प्रदर्शन को देखने पहुँचे। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले पद्मश्री सम्मानित और धरसीवा के विधायक श्री अनुज शर्मा के अभिनय की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने इस फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया था, और आज यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा कितनी खूबसूरती से अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री किरण देव सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आयोगों/मंडलों के नवनियुक्त अध्यक्षगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सुहाग’ एक पारिवारिक फिल्म है और भारत में पारिवारिक मूल्यों पर आधारित फिल्मों का सदा से विशेष स्थान रहा है। उन्होंने याद किया कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म 'मोर छइहां भुइहां' भी पारिवारिक थी, और अब ‘सुहाग’ उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है। फिल्म के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, रिश्तों की गरिमा और पारिवारिक जीवन की सहजता को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है।श्री साय ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की प्रतिभाओं की भी सराहना करते हुए कहा हमारे कलाकार, निर्देशक और पूरी यूनिट मेहनत और लगन से कार्य करते हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज दर्शकों के दिलों को छू रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित फिल्म सिटी का निर्माण, छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बेहतर अधोसंरचना, बेहतर अवसर और राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी।
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रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी स्थित शहीद स्मारक भवन में लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा को नये दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज एवं वन आदि प्राकृतिक संसाधनों से भरा हुआ एक समृद्ध राज्य है। यहां लौह अयस्क, कोयला, टीन, बक्साइड, चूना पत्थर से लेकर लिथियम सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज पर्याप्त मात्रा मौजूद हैं। इसी तरह वन संसाधनों के मामलों में भी छत्तीसगढ़ एक अग्रणी राज्य है। राज्य में मौजूदा संसाधनों का बेहतर ढंग से इस्तेमाल कर मोदी की गारंटी के अनुरूप देश के साथ साथ छत्तीसगढ़ को भी 2047 तक विकसित राज्य बनाना है। इसके तहत राज्य में सभी समाज और वर्गों के विकास के पर जोर दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। यहां कृषि औजारो के निर्माण सहित विभिन्न शिल्प कलाओं के निर्माण में लौह शिल्पकारों की प्राचीन काल से ही अहम भूमिका रही है। हमारे प्रदेश के हर क्षेत्र एवं हर गांव में लौह शिल्प से जुड़े शिल्पकार निवासरत है और वो अपनी जीविकोपार्जन के लिए ही नहीं बल्कि अपने परम्परागत व्यवसाय के माध्यम निर्माण के क्षेत्र में अहम भागदारी निभा रहे। नवनियुक्त अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा के नेतृत्व में बोर्ड शिल्पकारों के उत्थान एवं शिल्प कला को नई ऊंचाइया प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महत्वपूर्ण दिन है। आज हमने प्रदेश के लिए 20 अग्निशमन वाहनों का लोकार्पण किया। गर्मी के दिनों में आग लगने की घटना अधिक होती है। उनसे बचाव के लिए अग्निशमन वाहन उपयोगी साबित होंगे। आज कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया है। जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रूपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के कैम्पस की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई। यह कैम्पस नवा रायपुर में स्थापित होगा। इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। भारत में फैशन शिक्षा का यह एक प्रमुख संस्थान है।इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए विश्वकर्मा समाज का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। कहते है भगवान श्री विश्वकर्मा इस सुंदर संसार का सृजन किए। पहले गांव में कोई भी कार्य विश्वकर्मा समाज के लोगों के बिना पूर्ण नहीं हो पाता था चाहे कृषि का कार्य हो या शादी-ब्याह। सभी में लोहे से बने औजारों का उपयोग करते थे। आज लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के माध्यम से ऐसे प्रतिभाशाली शिल्पकारों को पहचान कर उनकी प्रतिभा को निखारने की जरूरत है। उन्होंने लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के नए अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जगदलपुर विधायक श्री किरण देव सिंह ने कहा कि श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा बहुत ही सहज सरल एवं अनुभवी है। वह सभी को साथ में लेकर चलने वाले लोगों में शामिल है। निश्चित ही उनके नेतृत्व में बस्तर से लेकर सरगुजा तक शिल्पकला को एक नया मुकाम मिलेगा।
इस अवसर पर महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष श्री केदारनाथ गुप्ता, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ निःशुक्त जन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कवाड़िया, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, छग राजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहल्लाद रजक, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. एस. विश्वकर्ता, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा, रायपुर विकास प्राधिकारण के अध्यक्ष श्री नंदे साहू, श्री किशोर महानंद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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रायपुर.।“ . “मैं देख नहीं सकती... पर जब नल से पानी गिरने की आवाज सुनती हूं तो मन को बड़ा सुकून मिलता है। ऐसा लगता है जैसे कोई सपना सच हो गया हो।“ जिला मुख्यालय नारायणपुर से 40 किलोमीटर दूर ग्राम कदेर की नेत्रहीन कोसी बाई जल जीवन मिशन से घर में नल से जल पहुंचने पर अपनी भावनाएं इन शब्दों में व्यक्त कर रही है। उनके पति मुरा राम नुरूटी जो एक पैर से दिव्यांग है, घर पर नल लगने से बेहद खुश है। वह भावुक होकर कहते हैं – “मैं तो सोच भी नहीं सकता था कि कभी ऐसा दिन आएगा जब अपने ही घर में नल से जल मिलेगा। अब झरिया से पानी लाने की तकलीफ नहीं उठानी पड़ती। खुद के घर में नल से बर्तन में गिरते पानी को देखकर दिल खुश हो जाता है।“
बस्तर अंचल के सुदूर कदेर गांव के कोसी बाई और मुरा राम की यह कहानी बताती है कि जल जीवन मिशन कैसे लोगों का जीवन बदल रहा है। हर घर के आंगन तक पहुंच रही पानी की धार ने रोज की एक बड़ी चिंता से मुक्ति दे दी है। उनकी कहानी यह भी बताती है कि जब योजनाएं प्रभावी तरीके से धरातल पर उतरती हैं, तो लोगों का जीवन बदल देती हैं, बिल्कुल सपने की तरह... आज ग्राम कदेर के हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। यहां के लोग महसूस कर रहे हैं कि विकास की धारा सचमुच उनके द्वार तक पहुंची है।जल जीवन मिशन के अंतर्गत कदेर में तीन सोलर पानी टंकियों का निर्माण कर 4700 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। गांव के हर घर में अब शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है। गांव के अन्य परिवारों की तरह कोसी बाई और मुरा राम के लिए भी जल जीवन मिशन बड़ा बदलाव लेकर आया है। दिव्यांग मुरा राम को गांव में पानी की समस्या के चलते रोज कांवड़ उठाकर झरिया से पानी लाना पड़ता था। चार लोगों के परिवार के लिए प्रतिदिन पानी का इंतजाम उसके लिए बहुत कष्टप्रद था। पर अब जल जीवन मिशन ने उसे इस कष्ट से निजात दिला दी है। अब रोज घर पर ही नल से पर्याप्त जल मिल रहा है। - -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कैबिनेट ने नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना की दी मंजूरी-राज्य में फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा बढ़ावारायपुर, / छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में फैशन शिक्षा और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.एफ.टी.) के नए कैम्पस की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 271.18 करोड़ रुपये है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फैशन शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खोलेगा, बल्कि राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.एफ.टी.) भारत में फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में से एक है। 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत स्थापित इस संस्थान के वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु सहित देश भर में 17 परिसर हैं। नवा रायपुर में स्थापित होने वाला यह 18वां नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि होगी। यह संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करेगा। साथ ही, यह फैशन उद्योग के साथ सहयोग के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर भी उपलब्ध कराएगा।नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. की स्थापना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को विश्वस्तरीय फैशन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर अपने राज्य में ही मिलेगा। यह संस्थान तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करके फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह परियोजना स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना न केवल फैशन शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांति लाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाएगी।नवा रायपुर एक उभरता हुआ वैश्विक केंद्रनवा रायपुर, जो पहले से ही एक स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है, अब शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में भी एक नया मुकाम हासिल कर रहा है। एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना से नवा रायपुर को फैशन और टेक्सटाइल उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की छवि को भी निखारेगी।
- -बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र को मंजूरी- स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावारायपुर, / छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र के स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस संयंत्र के लिए बिलासपुर, चांपा के समीप नेशनल हाईवे से लगी 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार सृजन और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देना है।छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30, जो एक नवंबर 2024 से लागू हुई, ने राज्य को निवेशकों के लिए अनुकुल बना दिया है। इस नीति का मूल मंत्र न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन है, जिसके तहत उद्योगों को स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं ने उद्यमियों के लिए छत्तीसगढ़ में कारोबारी माहौल को आसान किया है। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है।इस नीति के तहत उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 वर्ष तक की कर छूट और ब्याज अनुदान जैसे आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 रुपये तक का प्रशिक्षण अनुदान भी शामिल है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है, जो स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस संयंत्र के लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आवंटित करने का निर्णय निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाएगा।छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को सभी स्वीकृतियां एक ही मंच पर प्रदान की जा रही हैं, जिससे समय और लागत की बचत हो रही है। ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार ने भी उद्योगों की स्थापना को गति दी है। उद्यमी अब घर बैठे विभिन्न स्वीकृतियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए सार्थक पहल की है। दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश-विदेश के उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई समिट में 6,000 करोड़ रुपये, दिल्ली में 15,184 करोड़ रुपये, और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है।प्रोजेक्ट टूडे सर्वे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि राज्य अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है।
- -कार्य में तेजी लाने अनुबंधित कम्पनियों द्वारा शिविर लगाये जाएंगे-एचएसआरपी लगाने की यूनिटों में कार्यबल बढ़ाया जाएगा-पंजीकृत वाहन में मोबाईल नंबर अपडेट करने बढ़ायी जाएगी काउण्टरों की संख्या-जिला परिवहन कार्यालयों में एचएसआरपी लगाने की सुविधा उपलब्ध होगी-परिवहन सचिव ने अनुबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ ली बैठकरायपुर / वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के कार्य में तेजी लाने के लिए अनुबंधित कम्पनियों द्वारा शिविर लगाये जाएंगे। कम्पनियों की यूनिटों में कार्यबल बढ़ाया जाएगा। साथ ही हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की सुविधा जिला परिवहन कार्यालयों में भी उपलब्ध होगी। परिवहन सचिव एवं आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने आज इस कार्य के लिए अनुबंधित कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में परिवहन अधिकारी भी उपस्थित थे।बैठक में इस कार्य में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के निर्देश के अनुपालन में राज्य में वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।बैठक में परिवहन सचिव ने वाहन स्वामी के पंजीकृत वाहन में मोबाईल नंबर अपडेट करने के लिए परिवहन कार्यालय में काउण्टरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को एचएसआरपी लगाने की सरल, सुलभ प्रक्रिया तथा विभागीय वेबसाईट cgtransport.gov.in के उपयोग करने के संबंध में जागरूक किया जाए। साथ ही प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता के बीच एचएसआरपी नंबर प्लेट की महत्ता एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। आम जनता की सुविधा के लिए एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया तथा संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिलास्तर पर भी मोबाईल नंबर जारी किए जाएंगे।बैठक में अनुबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने फिटमेंट सेंटर के कार्यबल, तकनीकी उपकरणों सहित जिला परिवहन कार्यालयों में आम जनता, वाहन स्वामियों को एचएसआरपी फिटेड कराने की सुविधा मुहैया कराये। इसके अतिरिक्त अनुबंधित कंपनियां विशेष क्षेत्रों में इस हेतु शिविरों का आयोजन करें, जिसमें परिवहन कार्यालय से संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। अनुबंधित कंपनियों को आबंटित जिलों में एचएसआरपी लगाने हेतु उपलब्ध यूनिट, इकाई व कार्यबल में वृद्धि कर कम समय में फिटिंग कार्य करने, एचएसआरपी लगाने हेतु आवेदन की प्रक्रिया, फिटमेंट सुविधा, घर पहुंच सुविधा एवं निर्धारित शुल्क के संबंध में अवगत कराना सुनिश्चित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। अनुबंधित कम्पनियों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे जिले में खोले गये फिटमेंट सेंटर, प्रतिनिधि की जानकारी, संपर्क नंबर इत्यादि को सार्वजनिक रूप से आम जनता को उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें।बैठक में अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री यू.बी.एस. चौहान, उप परिवहन आयुक्त श्री मनोज कुमार धु्रव, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुश्री युगेश्वरी वर्मा तथा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, धमतरी, जॉजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़ के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त अनुबंधित कंपनी रोसमार्टा के श्री मुकेश मल्होत्रा तथा रियल मेजॉन कम्पनी के श्री विश्वजीत मुखर्जी उपस्थित थे।
- -हर घर जल योजना से बदली गांव की तस्वीरमहासमुंद, / जिले के पिथौरा विकासखण्ड का ग्राम गबोद, जो अपनी हरियाली और स्वच्छता के लिए “ग्रीन गाँव” के नाम से प्रसिद्ध है, अब एक और बड़ी उपलब्धि के साथ नई पहचान बना रहा है। यह गांव अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित हो चुका है। 14 जनवरी 2025 को गबोद गांव को यह उपाधि तब मिली जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यहां हर घर में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई। यहां गांववासियों का अनुशासन और देशभक्ति भी तारीफे काबिल है। हर सुबह 7ः30 बजे गांव का हर नागरिक अपने घर के बाहर आकर राष्ट्रगान में भाग लेता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 89.39 लाख रुपये की लागत से गांव में 40 किलोलीटर की उच्चस्तरीय जलागार और 760 मीटर पाइपलाइन के साथ 138 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए। इस योजना के तहत अब गांव के हर घर तक शुद्ध जल पहुंच रहा है। इससे पहले महिलाओं और बच्चों को गांव के 5 हैंडपंप और कुछ कुओं से पानी लाना पड़ता था। बरसात के समय पानी लाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, और कभी-कभी विवाद भी हो जाते थे। अब यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और समय की बचत होने से वे अब आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं। बच्चों को पढ़ाई का समय मिलने लगा है और गर्भवती महिलाओं को भी विशेष लाभ मिला है, जिससे गर्भपात जैसी समस्याएं कम हुई हैं। गांव के लोग अब जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। ग्रीन गाँव का यह उदाहरण अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
गांव की महिला श्रीमति पूजा सिंह ठाकुर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “अब पानी की वह समस्या नहीं रही जो पहले होती थी। हम सब सरकार के आभारी हैं।” गबोद ग्राम के समस्त नागरिकों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद दिया है। - महासमुंद, / पोषण पखवाड़ा अंतर्गत महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की रोकथाम और पोषण के प्रति जागरूकता फैलाना है। पोषण पखवाड़ा 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक आयोजित होगा।
इसी क्रम में महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत गुरु नानक वार्ड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित सुपोषण चौपाल में नन्ही बालिका अमायरा का अन्नप्राशन संस्कार विधिवत रूप से संपन्न कराया गया। वहीं, डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र में बालिका सिमरन भोई और नर्गिस देवांगन का भी अन्नप्राशन संस्कार किया गया। इस दौरान पोषक आहार से संबंधित खाद्य पदार्थों को टेबल पर सजाया गया था तथा इन पौष्टिक पदार्थां के महत्व को भी बताया गया।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद श्री धनेंद्र चंद्राकर, समाजसेवी श्रीमती निरंजना चंद्राकर, महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान एवं कुंती यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, और क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित रहीं। आयोजन के दौरान गर्भवती महिलाओ और शिशुवती महिलाओं को पोषण, स्वच्छता और शिशु देखभाल के विषय में जानकारी भी दी गई, जिससे वे अपने बच्चों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान ने बताया कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि इस समय शरीर को उचित मात्रा में पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। पोषक आहार ना खाने से माता और शिशु कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए सुपोषण चौपाल अभियान एक सार्थक पहल है। - महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना सहित कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी और व्यापक रूप से किया जाए, ताकि अधिकतम किसानों को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिले में केवल धान पर निर्भरता कम करते हुए व्यवसायिक फसलों, दलहन-तिलहन और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसानों को इन वैकल्पिक फसलों की ओर प्रेरित करें और बाजार मांग के अनुसार उत्पादन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके। उन्होंने कोदो, कुटकी एवं रागी जैसी पारंपरिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता और वितरण पर भी चर्चा की।
कलेक्टर श्री लंगेह ने पशुपालन विभाग के अधिकारी से पशुओं के पंजीयन, उपचारित पशुओं की संख्या, टीकाकरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मोबाइल यूनिट के माध्यम से गांवों तक पहुंचकर पशुपालकों को लाभ दें। उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने भी विभागीय गतिविधियों, उपलब्धियों एवं किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जिले के किसानों एवं ग्रामीण जनों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो सके। - दंतेवाड़ा, । दंतेवाड़ा जिले के जनपद पंचायत गीदम अंतर्गत ग्राम कासोली में क्षेत्र के विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा मोर आवास मोर अधिकार एवं आवास प्लस सर्वे 2.0 के अंतर्गत सर्वेक्षण पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। ज्ञात हो कि मोर आवास मोर अधिकार एवं आवास प्लस सर्वे 2.0 का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है और उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजना अंतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके अलावा जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी रंगोली के माध्यम से आवास योजना प्लस 2.0 को विशेष प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
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- कबीरधाम के चार होनहार युवाओं ने लहराया भारत का परचम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चार होनहार खिलाड़ियों ने नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ और देश का परचम लहराया है। अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त भारतीय खेल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमार समेत सात देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के कवर्धा से सूरज राजपूत, दीपाली सोनी, अभिषेक तिवारी और अनुराग जांगड़े ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेकर स्वर्ण पदक हासिल किए।ज्ञात हो कि बॉडीबिल्डिंग स्पर्धा में कबीरधाम के सूरज राजपूत ने सात देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज पूर्व में मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल बॉडीबिल्डिंग चौंपियनशिप और पावरलिफ्टिंग में भी पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में वे कवर्धा के “भारत हेल्थ क्लब” में कोच की भूमिका निभा रहे हैं और लगभग 50 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। दीपाली सोनी, जो कि जिले की पहली महिला स्वर्ण विजेता वेटलिफ्टर बनीं, उन्होंने 76 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज की। वे इससे पहले राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। पुरुषों की 67 किलोग्राम श्रेणी में सब-जूनियर वर्ग के अभिषेक तिवारी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके पहले स्कूल नेशनल गेम्स में भी पदक जीत चुके हैं। वहीं 14 वर्षीय अनुराग जांगड़े, जिन्होंने 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, पहले भी जिला और स्कूल स्तरीय कई प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे हैं।गौरतलब है कि इन चारों खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने का श्रेय भी सूरज राजपूत को जाता है, जो वर्षों से समर्पण भाव से निःशुल्क प्रशिक्षण देकर जिले के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार कर रहे हैं। सूरज राजपूत ने अपनी सफलता और टीम की उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के साथ-साथ राज्य के हर युवा की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दुबई में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसकी तैयारी भी वे कवर्धा से ही पूरी निष्ठा के साथ करेंगे। नेपाल की धरती पर खिलाड़ियों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।बॉडी बिल्डिर सूरज राजपूत -बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में सूरज राजपूत का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने सात देशों के धुरंधरों को पछाड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज राजपूत कहा कि यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ की है। छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन अगर मन में जुनून हो और मार्गदर्शन सही हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। सूरज ‘भारत हेल्थ क्लब’ में बतौर कोच लगभग 50 खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल और पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीत चुके हैं।वेटलिफ्टर दीपाली सोनी76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली कबीरधाम जिले की दीपाली सोनी कबीरधाम की पहली महिला वेटलिफ्टर बनी हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दीपाली सोनी अपना अनुभव साझा करती हुए कहती है कि नेपाल की यात्रा मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक रही। पहली बार विदेश जाकर खेलना और तिरंगा लहराना एक सपना था, जो पूरा हुआ। मुझे खुशी है कि अब जिले की अन्य बेटियां भी वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेंगी।” दीपाली पहले भी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं।वेटलिफ्टर अभिषेक तिवार67 किलोग्राम वर्ग के सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में अभिषेक तिवारी ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी कड़ी मेहनत का शानदार उदाहरण पेश किया। अभिषेक तिवारी कहते हैं कि जब मेरे गले में मेडल आया, तो मुझे अपने माता-पिता, गुरुजी और पूरे जिले की मेहनत याद आई। नेपाल में रहना, वहां के खिलाड़ी और माहौल सभी कुछ नया था, लेकिन हमने भारत का झंडा ऊंचा रखने का संकल्प लिया था।वेटलिफ्टर अनुराग जांगड़ेसिर्फ 14 वर्ष की उम्र में 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में गोल्ड जीतने वाले अनुराग जांगड़े ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अनुराग जांगड़े ने अपनी कैरियर की पहली विदेश यात्रा में मिले उपलब्धियों की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “मैं बहुत खुश हूं कि इतनी छोटी उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत पाया। यह सब मेरे कोच सूरज सर की वजह से संभव हुआ, जिन्होंने हमें दिन-रात निःस्वार्थ भाव से मुझे तैयार किया।” विदेश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने की खुशी में शब्दों में बयां नही कर सकता। - -व्यवसायियों को मिली राहतरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अभिनव कदम उठाते हुए व्यवसायों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्य नियमों में सुधार करना और कठिन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि व्यवसायियों को समय और लागत की बचत भी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को उद्यमियों और व्यापारियों ने खूब सराहा है।नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक करने की सुविधा ने प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बना दिया है। पहले जहां कागजी कार्रवाई और कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही क्लिक में पूरा हो जाएगा। स्वचालित सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि सभी नियामक आवश्यकताएं पूरी हों, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो और ऑडिट प्रक्रिया भी सरल हो।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में व्यवसाय करना आसान और सुगम हो। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हमने अस्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को न केवल तेज किया है, बल्कि इसे पारदर्शी और व्यवसायी-अनुकूल भी बनाया है। यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हमारे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।इस डिजिटल प्रणाली ने कागजी कार्रवाई और बार-बार सरकारी दफ्तरों के दौरे की जरूरत को खत्म कर दिया है, जिससे प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आई है। छोटे और मझोले उद्यमी, जो पहले जटिल प्रक्रियाओं से जूझते थे, अब इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। रायपुर के एक युवा व्यवसायी हरीश पटेल ने बताया, पहले कनेक्शन लेने में कई हफ्ते लग जाते थे, लेकिन अब यह काम कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकार का यह कदम वाकई सराहनीय है।यह सिस्टम न केवल तेज और सुगम है, बल्कि पूरी तरह नियमों के अनुरूप भी है। डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग से ऑडिट प्रक्रिया आसान हो गई है, जिससे सरकारी विभागों और व्यवसायियों दोनों को फायदा होगा। सरकार का कहना है कि यह डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में अन्य सरकारी सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की योजना है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से न केवल व्यवसायियों को राहत मिली है, बल्कि यह राज्य को निवेश के लिए और आकर्षक बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रणाली निश्चित रूप से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।
- -अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में बड़ा कदमरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है, और हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिशानिर्देश देते हुए यह बात कही। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की संरचना और सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।बैठक में मंत्री श्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन, और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में विस्तारीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों में विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें।बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा सुश्री किरण कौशल, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डीन, अस्पताल प्रबंधन प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।











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