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- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएसआईडीसी) के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल आज राजधानी रायपुर स्थित उद्योग भवन में पदभार ग्रहण किया। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा ने बुधवार शाम 4 बजे राजधानी के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण किया। खास बात यह है कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्ष ने एक ही मंच और एक ही समय में पदभार ग्रहण किया।इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उपमुख्यमंत्री द्वयअरुण साव व विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ,विधायक पुन्नूलाल मोहले, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, धरम लाल कौशिक, विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, अनुज शर्मा, खूब चंद पारख, विधायक राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा, केदार गुप्ता, लाभचंद बाफना, प्रहलाद रजक, शिवरतन शर्मा, जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, महापौर मीनल चौबे, रामप्रताप सिंह, भूपेंद्र सवन्नी, बस्तर सांसद महेश कश्यप, किशोर महानंद, खिलावन साहू, राजा पांडेय, दीपक म्हस्के, शालिनी राजपूत, अनुराग सिंहदेव, मोना सेन, निगम मंडल आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष, सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता पदभार कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
- दुर्ग /जिला सेनानी नगर सेना अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विभाग के अंतर्गत भण्डार की निष्प्रयोज्य सामग्रियों की नीलामी 05 मई 2025 दिन सोमवार को सुबह 11 बजे केन्द्रीय विद्यालय के बाजू न्यू कैम्प कार्यालय जिला सेनानी नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं दुर्ग में की जाएगी। निष्प्रयोज्य घोषित सामग्रियों में होमगार्ड जवानों की वर्दी सामग्री फुलपेंट, कमीज, टोपी, जूते, मोजे, कंबल, दरी, मच्छरदानी, पलंग एवं अन्य अनुपयोगी सामान भी शामिल है। सम्पूर्ण सामग्री को नीलामी के एक दिवस पूर्व कार्यालयीन समय में देख सकेंगे।
- दुर्ग, / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतक के परिजन को 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 21 मदर टेरेसा नगर स्टील नगर केम्प-1 भिलाई तहसील व जिला दुर्ग निवासी जावेद खान की विगत 05 दिसंबर 2022 को आग में जल जाने से मृत्यु हो गयी थी। इसी प्रकार ग्राम भटगांव थाना जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग निवासी श्री कुलेश्वर महार की विगत 13 दिसंबर 2023 को नहाते समय पानी में डूबने से मृत्यु हो गयी थी। सीजी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र बीएम हाउस तहसील भिलाई-03 जिला दुर्ग निवासी श्री वर्गिस चेरियन एवं इनकी पत्नी श्रीमति जाली चेरियन की विगत 16 फरवरी 2024 को आग में जल जाने से मृत्यु हो गई थी।कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. जावेद खान की पत्नी सन्नो बेगम एवं स्व. कुलेश्वर महार के पिता श्री रोशन लाल महार 4-4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। स्व. श्री वर्गिस चेरियन एवं उनकी पत्नी स्व. श्रीमति जाली चेरियन के वैधानिक प्रतिनिधि उनके पुत्र श्री जिस्सो चेरियन को 8 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिलदुर्ग / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने श्री पांडेय को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्री पांडेय ने लंबे समय से संगठन में कार्य किया है। उनकी कुशल संगठन क्षमता के बारे में हम सभी अवगत हैं। निश्चित ही अब उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘स्वावलंबी भारत’ के निर्माण एवं स्थानीय रोजगार सृजन में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। वे कहते हैं कि खादी हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे हर वर्ष एक बार स्वयं दुकान जाकर खादी का वस्त्र खरीदते हैं और पहनते हैं। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के पास राष्ट्रीय बांस मिशन का भी कार्य है। उन्होंने कहा कि आज बांस से न केवल गुलदस्ते, ट्री गार्ड, बल्कि क्रैश बेरियर तक बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के एक गांव का उल्लेख किया, जहाँ बांस के ऊंचे मीनार और क्रैश बेरियर बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे, तब महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें बांस से निर्मित गुलदस्ता भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों में रंगों का उपयोग किया जाए, तो उनका आकर्षण और मूल्य दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उत्पादों को अधिक आकर्षक और बाज़ार योग्य बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि बोर्ड इस दिशा में आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर मोदी की एक और गारंटी को पूर्ण करने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में ष्अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्रष् के लिए कॉमन सर्विस सेंटर सेवा प्रदाता एवं सरपंचों के मध्य एमओयू किया गया है। आगामी 24 अप्रैल पंचायत दिवस से इन केंद्रों में नगद भुगतान की सुविधा प्रारंभ होगी। इन केंद्रों से विभिन्न प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए जा सकेंगे और ग्रामवासियों को अनेक वित्तीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। इससे लोगों को विकासखंड एवं जिला मुख्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। इस सुविधा का विस्तार चरणबद्ध रूप से सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर खादी पहुंचे, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री टंक राम वर्मा, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री गजेंद्र यादव, श्री अमर अग्रवाल, श्री अनुज शर्मा, श्री धरमलाल कौशिक, श्री प्रेमप्रकाश पांडेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडेय सहित विभिन्न निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, गणमान्य नागरिकगण एवं छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने परियोजना निदेशक भारत माला परियोजना तथा अनुविभागीय अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी भारत माला परियोजना दुर्ग/पाटन से प्राप्त अभिमत के आधार पर भारत माला परियोजना अन्तर्गत दुर्ग जिला के जिन प्रभावित ग्रामों में भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण हो चुका है, उन ग्रामों में खरीदी, बिक्री, डायवर्सन, बटांकन आदि पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। जिनमें दुर्ग अनुभाग के अंतर्गत ग्राम खोपली तथा ग्राम कोलिहापुरी और अनुभाग पाटन अंतर्गत ग्राम देमार, ग्राम छाटा, ग्राम गोडपेण्ड्री, ग्राम ठाकुराईनटोला, ग्राम तुलसी तथा ग्राम चंगोरी शामिल है। शेष प्रभावित ग्रामों जिनमें अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है उनमें प्रतिबंध पूर्व की भांति यथावत रहेगा।ज्ञात हो कि भारतमाला परियोजना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 53 के अन्तर्गत 0.00 कि.मी. से 44.500 कि.मी. तक 4/6 लेन सडक निर्माण के तहत दुर्ग-रायपुर बायपास निर्माण किये जाने हेतु दुर्ग जिले के दुर्ग-तहसील के 12 ग्रामों एवं अनुभाग पाटन के 13 ग्रामों की भूमि अधिग्रहण हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3 (ए) के द्वारा प्रारंभिक अधिसूचना का प्रकाशन भारत के राजपत्र में किया गया है। जिसके अनुसार जिला प्रशासन द्वारा संबंधित ग्रामों के प्रभावित खसरों के दोनों ओर की 100 मीटर तक की भूमि की खरीदी, बिक्री, डायवर्सन, बटांकन आदि पर आगामी आदेश पर्यन्त अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
- - महिला एवं बाल विकास मंत्री ने ली समीक्षा बैठकदुर्ग, / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दुर्ग के सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था, पोषण की गुणवत्ता, और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि परियोजना अधिकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें। जिन केंद्रों में सुविधाओं की कमी है, वहां त्वरित कार्रवाई की जाए। बच्चों को मिलने वाला पोषण गुणवत्तापूर्ण हो, इसकी ज़िम्मेदारी अधिकारियों की है। उन्होंने ‘पोषण ट्रैकर’ में 100 प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्व-सहायता समूहों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही, ताकि उन्हें रेडी-टू-ईट, स्थानीय उत्पाद निर्माण एवं विपणन से जोड़ा जा सके और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जिन क्षेत्रों में योजनाओं का क्रियान्वयन धीमा है, वहां ज़िला अधिकारी और परियोजना अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लें और कार्ययोजना बनाकर काम करें। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्तियों की भी जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।बैठक में बताया गया कि जिले में 770 गंभीर रूप से कुपोषित और 5669 मध्यम कुपोषित बच्चे हैं। इस पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्देश दिए कि मध्यम कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने परियोजना अधिकारियों को कहा कि कार्यालयों तक सीमित न रहकर फील्ड में जाएं और जमीनी स्तर पर कार्य करें। इस समीक्षा बैठक में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव, एडीएम श्री अरविन्द एक्का, जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे, एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। संपत्तिकर जमा करने पर अभी 6.25 प्रतिशत छूट प्राप्त करने के लिए नगर निगम भिलाई के काउन्टर में अच्छी भीड़ हो रही है। बहुत सारे जागरूक नागरिक वर्ष 2025-26 का संपत्तिकर जमा करने के लिए नगर निगम भिलाई के काउंटर पर पहुंच रहे है। इसके साथ ही जो नागरिक वर्ष 2024-25 का संपत्तिकर जमा नहीं किए है। उनको 18 प्रतिशत अधिभार एवं 1000 रूपये पेनाल्टी शुल्क जमा नहीं करने का लाभ मिल रहा है, 30 अप्रेल तक ही छूट प्राप्त होगा। नागरिको की सुविधा के लिए अवकाश के अवधि में नगर निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय एवं जोन कार्यालय के संपत्तिकर काउंटर खुले रहेगें।आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील किए है कि जो भी मकान, दुकान मालिक है और जिनके द्वारा संपत्तिकर की राशि अभी तक जमा नहीं किए है। वे सभी नागरिक जल्द से जल्द अपना बकाया संपत्तिकर की राशि समय अवधि में निगम के संपत्तिकर काउंटर पर जमा कर दें। जिससे उनके बकाया करों पर लगाने वाले अतिरिक्त अधिभार से बचा जा सकें। साथ ही वित्तीय वर्ष का संपत्तिकर जमा कर 6.25 प्रतिशत छूट का लाभ भी ले सकते है। वसूली एजेंसी के कर्मचारी घर पर भी जाकर संपत्तिकर प्राप्त कर रहे है। उन्हे भी दिया जा सकता है, उनके द्वारा रसीद प्रदान की जायेगी।नागरिको के सुविधा के लिए घर बैठे संपत्तिकर जमा करने के लिए आनलाईन वेबसाईट https://Chhattishgarhmunicipal.com/nagarnigam/citizen/ में संपत्तिकर बटन पर क्लीक करने पर संपत्तिकर में रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर ओटीपी आयेगा, ओटीपी डालने पर संपत्तिकर का विवरण, डिमांड नोट आदि की जानकारी प्राप्त होगी। भुगतान में क्लीक करने पर विकल्प के रूप में के्रडिट, डेबिट, नेटबैंकिग, यूपीआई पूछा जायेगा, जिस पर क्लीक करने पर भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण होगी। साथ ही वेबसाईट से ही भुगतान की रसीद जनरेट होगी, जिसे भवन मालिक प्रिंटकर सुरक्षित रख सकते है।
- -जलसंकट पर लापरवाही बर्दाश्त नही , अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो.-शहर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये सभी जरूरी उपायो को प्राथमिकता से कियान्वित किया जाये -महापौर मीनलरायपुर ।आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने राजधानी शहर रायपुर में पेयजल की समुचित उपलब्धता को लेकर निगम जल विभाग की आवश्यक बैठक ली एवं अधिकारियों को जलकार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू की उपस्थिति में निर्देशित किया।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्पष्ट निर्देशित किया कि राजधानी शहर रायपुर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये सभी जरूरी उपायो की प्राथमिकता से कियान्वित किया जाये। रायपुर शहर में पेयजल की उपलब्धता को छत्तीसगढ़ शासन ने सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है अतएव सभी संबंधित अधिकारी जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से ले एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें।महापौर ने कहा कि पूर्व वर्षों को अनुभव है कि टैंकरों में ड्राइवरों की दिक्कते लगातार रही है। इसलिए प्रत्येक टैंकर में एक के बजाए दो ड्राइवर रखें और पिछली प्रणाली में जो व्यवस्था ठीक नहीं थी उसे इस बार प्राथमिकता के साथ ठीक करें। महापौर ने कहा कि वे समीक्षा बैठक के निर्देशो के पालन की वस्तुरिति की समीक्षा एक सप्ताह बाद करेंगी और तब उन्हें शहर में पेयजल के संबंध में आज की वर्तमान स्थिति से बेहत्तर स्थिति मिलनी चाहिए।महापौर ने नगर निवेश अभियंताओं को बैठक में रैन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति को लेकर चर्चा करते हुए जानकारी ली एवं शहर में भूजल स्तर सुधारने रैन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु पुनः अभियान चलाकर नागरिको की जमा राशि पर नियमानुसार उनके घरों एवं फर्मों में प्राथमिकता से रैन वाटर हार्वेस्टिंग करवाने अथवा नहीं कराने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। महापौर ने नगर निवेश विभाग के अधिकारियों को शहर में रैन वाटर हार्वेस्टिंग अभियान गंभीरता से चलाने के निर्देश दिये है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जलविभाग के सभी अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित ना रहें, बल्कि वार्डो में जाकर स्थिति का आकलन करें। जहां पेयजल की समस्या हो रही है वहां उसका समाधान क्या हो सकता है इस पर अधिकारी निर्णय लें। शहर में जितने हैण्डपंप चल रहे है उनकी आवश्यक मरम्मत और सुधार के लिये अभियान चलाकर अगर हैण्ड पंप में छोटी मोटी समस्या है तो उसका त्वरित निदान करें।महापौर ने कहा कि जहां भूजल का स्तर स्थिर है और पानी संतोषजनक है वहां पर ट्यूबवेल लगाया जाये। आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये और जरूरत पड़ने पर टैंकरो की संख्या बढाई जाये। पानी का लीकेज ना हो संबंधित अधिकारी इसे भी ध्यान में रखें।जल कार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया कि सभी जोन कार्यालयों में गर्मी के दौरान पेयजल टैंकरों से नागरिको को समुचित सतत पेयजल उपलब्ध करवाने कार्य की मॉनिटरिंग सतत करने हर जोन में 2 उपअभियंताओं की ड्यूटी लगवाये ताकि नागरिको तक जल की उपलब्धता टैंकरों से सभी जोनो से सुगमता से गर्मी के दौरान व्यवहारिक आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थित रूप से की जा सके।महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा की गई समीक्षा बैठक में निगम अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता श्री पंकज के शर्मा, श्रीमती कृष्णा खटीक, अधीक्षण अभियंता श्री संजय बागडे, जलविभाग सलाहकार सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता श्री बद्री चंद्राकर, उपायुक्त डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं, उपअभियंताओं की उपस्थिति रही।
- -पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-राज्य में 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा मोर दुआर-साय सरकार महाभियान-रायपुर, / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज बस्तर जिले के ग्राम शासनकचौरा और हलबा कचौरा में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत 'आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा' के तहत 3 हितग्राहियों के घर जाकर ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया। उप मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम शासनकचौरा और हलबा कचौरा में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों क्रमशः बृन्दावती भारती, दुलारी भारती और गुड्डुराम बघेल से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा।हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री श्री शर्माउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है।
- -सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने किया कार्यभार ग्रहण-मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएंरायपुर, /छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने आज तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के निर्माण में बेहतर कार्य करेगा। श्री राजीव अग्रवाल अनेक पदों पर किये हैं। उनके अनुभवों से उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई मिलेगी। राज्य में नई औद्योगिक नीति से प्रदेश का विकास होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में 4.50 लाख करोड़ रूपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य में खनिज, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता से उद्योगों को फलने-फूलने का अवसर मिलेगा।वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिला के ग्राम पटेवा में 322 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 350 करोड़ रूपए, राजनांदगांव जिला के ग्राम बिजेतला में 50 एकड़ में स्पेश मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़ रूपए, नवा रायपुर के 20 एकड़ में रेडिमेट गारमेंट पार्क के लिए 30 करोड़ रूपए तथा नवा रायपुर में ही 30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए 40 करोड़ रूपए की घोषणा की। इस तरह कुल 445 करोड़ रूपए की लागत से 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों के विकास के लिए एक अनुकुल एवं सकारात्मक वातावरण बनेगा। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। राज्य के नई औद्योगिक नीति से उद्योग बेहतर तरीके से विकसित होंगे और राज्य तेजी से विकास करेगा। सीएसआईडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक नीति विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। अध्यक्ष के रूप में श्री राजीव अग्रवाल ने अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही।इस मौके पर उप मुख्य मंत्री श्री अरुण साव, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री राम विचार नेताम, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्री विजय बघेल, विधायक श्री धरम लाल कौशिक, श्री किरण सिंह देव, श्री मोतीलाल साहू, श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार, छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय त्रिपाठी सचिव श्री बांके बिहारी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल सहित निगम, मंडल बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिलरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ पृथक राज्य का निर्माण किया। 2003 में जनादेश के बाद डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए जिनके नेतृत्व में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ। मुझे गर्व होता है यह बताते हुए कि डॉ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में जो पीडीएस व्यवस्था बनाई गई। वह आज पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ पीडीएस व्यवस्था है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेहद अनुभवी हैं रायपुर नगर निगम में सभापति और रायपुर विकास निगम के अध्यक्ष का दायित्व भी उन्होंने निभाया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह कॉर्पाेरेशन सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। यह एकमात्र निगम है जो प्रदेश की 75 प्रतिशत जनता से जुड़ा हुआ है। राशन की एक-एक दुकान की मॉनिटरिंग, वेयर हाउस की निगरानी, समय पर जन-जन तक खाद्यान्न सप्लाई सुनिश्चित करने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व श्री किरण सिंह देव, श्री धरमलाल कौशिक, श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री प्रबोध मिंज, श्री अमर अग्रवाल, श्री अनुज शर्मा, श्री सुशांत शुक्ला, श्री राजेश अग्रवाल, श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलीम राज, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव मौजूद रहे।
- -, मरम्मत व रखरखाव के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किए 57.70 करोड़ रुपए-550 से अधिक स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण, खुले में कचरा फेंकने, गंदगी करने पर दंड का प्रावधान-स्वच्छता बढ़ाने कचरा डिस्पोजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने व स्वच्छ शौचालय के साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोररायपुर. .। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर शहरों में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने तथा नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने 57 करोड़ 70 लाख रुपए जारी किए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालयों के लिए 144 नगरीय निकायों को 42 करोड़ 58 लाख रुपए जारी किए हैं। इस राशि से 1389 शौचालयों की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छता श्रृंगार योजना के तहत सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव एवं संधारण के लिए 15 करोड़ 12 लाख रुपए भी मंजूर किए गए हैं। इस राशि से सामुदायिक शौचालयों के उन्नयन के कार्य किए जा रहे हैं।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय निकायों में स्वच्छता अभियान की गति को और तेज करने, कचरा डिस्पोजल की व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नागरिकों को स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने विभिन्न मदों से राशि जारी की गई है। इस राशि से शौचालयों की मरम्मत, सफाई तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के काम प्राथमिकता से किए जाएंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालय एक सुविधा से कहीं अधिक आम नागरिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की उपेक्षा के कारण नगरीय निकायों में शौचालयों की स्थिति जर्जर थी, वे उपयोग के लायक नहीं थे। राज्य सरकार ने शौचालयों की आवश्यकताओं को देखते हुए स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालय सुनिश्चित करने के लिए राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि हम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति सजग करने के साथ ही उन्हें स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।श्री साव ने बताया कि नगरीय निकायों के सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार, बस स्टैंड, चौक-चौराहे एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में मिशन मोड पर स्वच्छता लक्षित इकाइयों (CTUs) का चिन्हांकन कर स्वच्छता के कार्य किए जा रहे हैं। अब तक ऐसे 550 से अधिक स्थानों को सीटीयू या जीवीपी (Garbage Vulnerable Point) के रूप में चिन्हित कर स्वच्छ किया जा चुका है। इन स्थलों पर खुले में कचरा फेंकने या दोबारा गंदगी करने वालों के लिए दंड का प्रावधान भी किया गया है।विभिन्न संस्थाओं और गतिविधियों के माध्यम से बढ़ाई जा रही सहभागिताउप मुख्यमंत्री श्री साव शौचालयों की गुणवत्ता में सुधार लाने नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने भी नगरीय निकायों के आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को नागरिकों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। लोगों में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों को प्रचार-प्रसार (आईईसी) मद से आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वॉल पेंटिंग, वेस्ट-टू-आर्ट से बनी कलाकृतियों तथा बैक लेन सौंदर्गीकरण के माध्यम से स्वच्छता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। शैक्षणिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, स्वसहायता समूहों आदि के सहयोग से स्वच्छता पखवाड़ा, सफाई चौपाल, नुक्कड़ नाटक, प्लॉग रन, स्वच्छता शपथ जैसे कार्यक्रमों से नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग एवं राज्य सरकार की निरंतर कोशिशों से शहरों में स्वच्छता अभियान को नई गति मिली है। प्रदेश के सभी नगरीय निकाय स्वच्छता के इस जन आंदोलन से और अधिक प्रतिबद्धता से जुड़ गए हैं।
- रायपुर । गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दल ने एक किसान से 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एक राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया तथा एक अन्य व्यक्ति फरार है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एसीबी के दल ने गौरेला क्षेत्र में एक किसान से 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एक राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का अन्य आरोपी एक अन्य राजस्व निरीक्षक फरार है। उन्होंने बताया कि जिले के आंदु गांव निवासी रंजीत सिंह राठौर ने बिलासपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की थी कि उनके पिता के नाम पर दो एकड़ कृषि जमीन है जिसके सीमांकन के लिए तहसीलदार गौरेला के यहां से आदेश हो चुका है। जमीन का सीमांकन करने के एवज में राजस्व निरीक्षक ने 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत का सत्यापन कराया गया और शिकायत के सही पाए जाने पर एसीबी बिलासपुर ने आज रिश्वत की रकम लेने में मध्यस्थता करने वाले राजस्व निरीक्षक को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा। उन्होंने बताया कि राजस्व निरीक्षक से रिश्वत की रकम (50 हजार रुपये) जब्त कर लिया गया है, लेकिन रिश्वत की मांग करने वाला राजस्व निरीक्षक मौके से फरार हो गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
- -ऑल इंडिया पुलिस बैडमिण्टन क्लस्टर 2024-25 में गोल्डन प्रदर्शनदुर्ग । ऑल इंडिया पुलिस बैडमिण्टन क्लस्टर 2024-25 का आयोजन राजीव गांधी रीजनल इण्डोर स्टेडियम में 11 से 15 अप्रैल तक कोच्चि, केरल में हुआ, जिसमें देश के विभिन्न प्रदेशों एवं अर्द्ध सैनिक बलों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दुर्ग जिले में पदस्थ प्रशिक्षु डीएसपी आकर्षि कश्यप ने प्रतियोगिता में भाग लेकर विभिन्न संवर्ग में 03 गोल्ड मेडल जीत कर छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ-साथ दुर्ग पुलिस का नाम रोशन किया है। राजपत्रित संवर्ग बैडमिण्टन एकल महिला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीता, इसी प्रकार राजपत्रित संवर्ग युगल महिला प्रतियोगिता में अपने साथी खिलाड़ी भावना गुप्ता, भापुसे के साथ अपने विरोधियों को 21-5, 21-8 से पराजित कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया, राजपत्रित संवर्ग मिश्रित युगल प्रतियोगिता में अपने साथी खिलाड़ी सूरज सिंह परिहार, भापुसे, के साथ विरोधी पक्ष को 21-11, 21-8 से पराजित कर गोल्ड मेडल को अपने नाम से किया। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए रामगोपाल गर्ग, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग एवं जितेन्द्र शुक्ला, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, दुर्ग व्दारा डीएसपी आकर्षि कश्यप को बधाई देकर, उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी है ।
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रायपुर। कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा पर किलम-बुरगुम के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के बाद मुठभेड़ स्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मारे गए नक्सलियों की पहचान बस्तर ईस्ट डिवीजन के माओवादी कमांडर डीवीसीएम हलदर (8 लाख का इनाम) और एसीएम रामे (5 लाख का इनाम) के रूप में हुई। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से एके-47 राइफल, एक अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सलियों का दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया है। क्षेत्र में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी है। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने इस सफल ऑपरेशन की पुष्टि की है।कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा से सटे किलम-बुरगुम के जंगलों में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर कोंडागांव डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम मंगलवार (15 अप्रैल) को माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। शाम को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल से दो नक्सली कैडरों के शव बरामद हुए। मारे गए खूंखार माओवादी हलदर और एसीएम रामे दोनों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था।बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है।बता दें कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान कर ली गई थी, जिसमें एक महिला नक्सली भी शामिल थी। शिनाख्त किए गए माओवादियों में पांच लाख रुपये के इनामी माटवाड़ा एलओएस कमांडर एसीएम अनिल पूनेम के अलावा, एक-एक लाख रुपये के इनामी नक्सली पालो पोड़ियाम और दीवान मड़कम शामिल थे। अनिल पूनेम को अम्बेली ब्लास्ट का मास्टरमाइंड माना जाता है और वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ था। -
-छत्तीसगढ़ ने पहली बार जीता गोल्ड
-सूरज सिंह परिहार आईपीएस और आकर्षि कश्यप डीएसपी की जोड़ी ने स्वर्ण पदक हासिल किया-स्पर्धा का रजत पदक भी छग के नाम रहा-मिक्सड डबल्स में आईपीएस भावना गुप्ता और मिजोरम के मोरमुता की जोड़ी को रजत पदक मिलारायपुर, / अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस टूर्नामेंट की मिक्सड डबल्स स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है। इस स्पर्धा में छत्तीसगढ़ ने पहली बार गोल्ड मेडल जीता है। स्पर्धा का रजत पदक भी छत्तीसगढ़ के नाम रहा।केरल के क्षेत्रीय खेल केन्द्र राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम कदवंथरा, एर्नाकुलम में 11 से 15 अप्रैल तक आयोजित अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन और टेबल टेनिस टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ ने 43 टीमों के बीच पदक तालिका में तीसरे स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन और टेबल टेनिस में छत्तीसगढ़ ने कुल 11 पदक जीते। केरल के कोचीन में आज 5 दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में छत्तीसगढ़ ने 5 पदक जीते गए थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन और टेबल टेनिस टूर्नामेंट में इस शानदार उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस और पदक विजेताओं को बधाई और शुमकामनाएं दी हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों की यह उपलब्धि अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। - -बस्तर अब शांति की ओर बढ़ चुका है, अब हमारा लक्ष्य है – लोगों को सम्मानजनक आजीविका देना : मुख्यमंत्री-कौशल विकास को लेकर विकसित बस्तर की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ:बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत-नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को दिया जा चुका है कौशल प्रशिक्षण-आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है , 62 अन्य है प्रशिक्षणरतरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर कार्यक्रम में बस्तर में कौशल विकास और रोजगार को लेकर सरकार की दूरदृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि जब हम सांसद थे, तब देश में कौशल विकास मंत्रालय का गठन हुआ – और आज यह विभाग देश के युवाओं के भविष्य निर्माण में क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर में चल रहे कौशल विकास प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्किलिंग केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं है — भाषा प्रशिक्षण, विदेशी रोजगार, हस्तशिल्प, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, कंस्ट्रक्शन, टेक्नोलॉजी जैसे अनेक क्षेत्रों में कौशल विकास संभव है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब शांति की ओर अग्रसर है। शांति के बाद सबसे बड़ी चुनौती है – यहां के युवाओं को रोजगार देना। और यह कार्य हम पूर्ण निष्ठा से करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल कौशल विकास पर ध्यान देगी, बल्कि स्थानीय लोगों को स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इससे बस्तर का युवा न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपने हुनर की पहचान बना सकेगा।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए संभाग में युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार प्रशिक्षण के लिए कौशल विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, पीएम कौशल विकास योजना , पीएम विश्वकर्मा योजना और नियद नेल्लानार योजना का संचालन किया जा रहा है। इन रोजगार प्रशिक्षण में विशेषकर नक्सल प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने का प्रस्ताव शामिल है।बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत है। पोर्टल के माध्यम से इनका पूर्णता आनलाइन क्रियान्वयन किया जाता है। सभी जिलों में आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा है। वर्तमान में 64 व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (VTP) है । योजना के अंतर्गत अब तक 90, 273 युवा प्रशिक्षित हो चुके है। प्रशिक्षित युवाओं में से 39,137 युवा नियोजित है। 32 कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है जिसमे आगामी समय में 4,915 युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार हेतु कार्ययोजना शामिल है।वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित लक्ष्य के अनुसार 456 नियोक्ताओं के माध्यम से 4 हजार 915 युवाओं को प्रशिक्षण, 5 हजार 875 रोजगार के अवसर प्रदान किया जाना है। इसके लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, नंदी फाउंडेशन, MSDC इंटरनेशनल और नीति आयोग जैसी संस्थाओं से अनुबंध किया गया है।बस्तर संभाग में पीएम कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 64% लक्ष्य पूर्ण किया गया तथा पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अब तक 6 हजार 123 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है।विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके साथ ही इन ग्रामों में 5 हजार 598 युवाओं का रोजगार प्रशिक्षण के लिए सर्वे किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है जबकि 62 प्रशिक्षणरत है।जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, श्री विनायक गोयल, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री भारती दासन, कौशल विकास विभाग के संचालक श्री विजय दयाराम के., बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, कौशल विकास से जुड़ी संस्थाओं के लोग उपस्थित थे।
- -उद्योगों को अधिकतम प्रोत्साहन देने हेतु नई औद्योगिक नीति में है विशेष प्रावधान: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-बस्तर संभाग के लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना हमारी प्राथमिकता: श्री साय-वन संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करके हम स्थानीय लोगों को बना सकते हैं समृद्ध: मुख्यमंत्री-बस्तर संभाग से लगभग 102 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का निर्यात, लौह अयस्क की हिस्सेदारी सर्वाधिक-विकसित बस्तर की ओर का रोडमैप तैयार करने के लिए भूमि बैंक प्रबंधन को मजबूत करना और व्यापार को आसान बनाना शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशेष प्रावधान किए गए हैं। आज जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में बस्तर संभाग के विकास में उद्योगों की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा की नई औद्योगिक नीति के तहत बस्तर संभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ खनिज आधारित, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन उद्योगों की असीमित संभावनाओं को साकार करने का रोडमैप तैयार किया गया है।बस्तर के औद्योगिक परिदृश्य को देखें तो वर्तमान में बस्तर संभाग में 690 MSME इकाइयाँ संचालित हैं। बस्तर संभाग के 3 प्रमुख सेक्टर्स में चावल मिल, ईंट निर्माण और धातु निर्माण उद्योग शामिल हैं। एनएमडीसी माइनिंग, एनएमडीसी स्टील, एस्सार, ब्रज इस्पात और ए एम एन एस इंडिया जैसी प्रमुख कंपनियाँ यहाँ स्थापित हैं। संभाग से लगभग 102 करोड़ रुपये का निर्यात होता है, जिसमें लौह अयस्क की हिस्सेदारी सर्वाधिक है।विकसित बस्तर की ओर बढ़ने के लिए औद्योगिक नीति 2024-30 के अनुसार बस्तर संभाग के विकास के लिए 32 में से 28 विकासखंडों को समूह 3 के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है, ताकि उद्योगों को अधिकतम प्रोत्साहन मिले। इस्पात उद्योग के लिए 15 वर्षों तक रॉयल्टी प्रतिपूर्ति का प्रबंध है।विकास की मुख्य धारा में बस्तर को जोड़ने के लिए नई औद्यौगिक नीति में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने के लिए रोजगार सब्सिडी का प्रावधान है जिसमे 5 वर्षों तक शुद्ध वेतन का 40% का प्रावधान है। अनुसूचित जाति/जनजाति और नक्सलवाद प्रभावित लोगों के लिए 10% अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान है। युवाओं के लिए प्रशिक्षण व्यय प्रतिपूर्ति तथा मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है जिसमे अनुसूचित जाति/जनजाति और नक्सलवाद प्रभावित व्यक्तियों द्वारा स्थापित नए MSME के लिए 25% तक कि सब्सिडी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में विकसित बस्तर की ओर का रोडमैप तैयार करने के लिए भूमि बैंक प्रबंधन को मजबूत करना और व्यापार को आसान बनाना शामिल है। स्थानीय उद्योगों (वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प) के लिए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, विशेष रूप से जनजातीय युवाओं और महिला उद्यमिता पर फोकस किया जा रहा है। इस्पात, धातु प्रसंस्करण, कृषि, वनोपज आधारित उद्योग और हर्बल-औषधीय उत्पादों के लिए क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में सभी मौसमों के लिए उपयुक्त सड़कों का निर्माण और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के साथ एकीकरण का काम हो रहा है। स्टार्टअप्स के लिए समर्थन हेतु नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ संचालित की जा रही है।इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आने वाले समय में पूरी तरह से शांति कायम हो जाएगी और नक्सलवाद का पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें बस्तर के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना होगा ताकि विकसित बस्तर की ओर हम बढ़ सकें। यहां उद्योग के लिए उचित वातावरण है और हमने उद्योगों लिए नई औद्यौगिक नीति में विशेष प्रावधान भी किए है।श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं, महिलाओं और नक्सलवाद प्रभावित लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना हमारी प्राथमिकता है। यह नीति बस्तर को औद्योगिक और आर्थिक समृद्धि की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने कहा कि वन संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करके हम स्थानीय लोगों को समृद्ध बना सकते है और हमारी सरकार महुआ आधारित उद्योग पर भी विशेष ध्यान देगी।जगदलपुर में आयोजित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, श्री विनायक गोयल, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संबंधित विभागों के सचिव, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य, बस्तर संभाग में स्थापित उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में 'विकसित बस्तर की ओर' परिचर्चा में बस्तर अंचल में पर्यटन को बढ़ावा देने कार्ययोजना को साकार करने के दिए निर्देश-आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं की दी जाएगी जानकारीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक चलता है, को देशभर में और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर बल दिया। उनका कहना था कि इस प्रसिद्ध सांस्कृतिक उत्सव को वैश्विक पहचान मिलनी चाहिए और आने वाले दशहरे की तैयारी इस दृष्टिकोण से की जाए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आगामी पर्यटन सीजन के बीच आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी योजनाओं की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र को पर्यटन में भागीदार बनाना जरूरी है। उन्होंने पर्यटन सर्किट विकसित करने की बात कही ताकि पर्यटकों को एक बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से होमस्टे के प्रचार-प्रसार के लिए नए कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटक होमस्टे में रुचि रखते हैं और यह आदिवासी समाज के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के सदस्यों को पर्यटन से होने वाले लाभों पर भी चर्चा की और कहा कि यह क्षेत्र विकास के नए अवसरों से लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि बस्तर का पर्यटन केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख आकर्षण बनेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक जीवंतता का खजाना है, जो इसे पर्यटन के लिए एक अनोखा और विशिष्ट क्षेत्र बनाता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और प्राचीन गुफाओं जैसे आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अद्भुत परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में पर्यटन के विकास और वृहद रोडमैप बनाने हेतु गहन मंथन के दौरान यह बात कही। जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, श्री विनायक गोयल, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, पर्यटन विभाग के सचिव अलबनगन पी., पर्यटन विभाग के एमडी श्री विवेक आचार्य, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाएगा। इसकी अभी से तैयारी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे बस्तर की पहचान बनेगी। सितम्बर से मार्च का मौसम बेहतर होता है।इसे पर्यटन के लिए विशेष रूप से फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि अब पर्यटन क्षेत्र में ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र और समुदाय की भागीदारी बढ़ाए। गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था हो। होम स्टे को प्रचार प्रसार हो।इसका लाभ उठाएं स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलता है। सभी के बेहतर सुझाव से पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर को आगे बढ़ाएंगे।परिचर्चा में पर्यटन स्थलों के जुड़ाव, ब्रांडिंग और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक में बताया गया कि पर्यटक जीवंत जनजातीय गांवों का भ्रमण कर सकते हैं, बस्तर दशहरा जैसे पारंपरिक त्योहारों का अनुभव कर सकते हैं और स्थानीय शिल्प तथा व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इको-पर्यटन, जनजातीय पर्यटन और दंतेश्वरी मंदिर जैसे आध्यात्मिक स्थलों के समन्वय के साथ बस्तर एक अनोखा और गहन यात्रा अनुभव प्रदान करता है। ब्रांडिंग और प्रचार के तहत ट्रैवल ट्रेड फेयर (TTF) के माध्यम से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना बनाई जाएगी। पर्यटन सूचना केंद्र (TIC) पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, जगदलपुर, अरकू सिटी और भुवनेश्वर के हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर रणनीतिक स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को आवश्यक जानकारी मिल सके। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे पड़ोसी राज्यों के यात्रा और पर्यटन ऑपरेटरों तथा होटल व्यवसायियों के साथ साझेदारी को मजबूत किया जाएगा। पर्यटन स्थलों की दृश्यता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए निजी एजेंसियों के सहयोग से गूगल मैपिंग सेवाओं में सुधार किया जाएगा। साथ ही जगदलपुर के दलपत सागर में वार्षिक नाव दौड़ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यटन विशेषज्ञों और प्रमोटरों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि दृश्यता और जुड़ाव को बढ़ाया जा सके। विश्वभर के टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों के बीच क्षेत्र की पर्यटन समृद्धि के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे प्रदर्शित करने के लिए परिचयात्मक (FAM) यात्राएँ और रोड शो आयोजित किए जाएंगे। ये यात्राएँ टूर ऑपरेटरों और होटल व्यवसायियों को क्षेत्र का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करेंगी, जबकि स्थानीय टूर ऑपरेटरों को भी वैश्विक रोड शो में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य इनबाउंड पर्यटन को बढ़ावा देना है। साथ ही कुटुमसर गुफाएँ और चित्रकोट जलप्रपात जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए केशलूर के आगे की सड़कों के सुधार की आवश्यकता चिन्हित की गई है। बस्तर को हैदराबाद, रायपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और अरकू जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली ट्रेन सेवाओं के सुधार पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रमुख पर्यटक स्थलों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली की आपूर्ति जैसी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। चित्रकोट में पैराग्लाइडिंग, रैपेलिंग और ज़िपलाइनिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा ताकि रोमांच प्रेमियों को आकर्षित किया जा सके।बैठक में बताया गया कि टैक्सी ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए जाएंगे ताकि उनकी कौशल और स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी में सुधार हो सके। साथ ही, पर्यटन गाइडों के लिए अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि बहुभाषी पर्यटन गाइड विकसित किए जा सकें। पर्यटक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं में शामिल किया जा सके। पर्यटन सूचना केंद्रों के कर्मचारियों के सॉफ्ट स्किल्स में सुधार के लिए विभाग द्वारा एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को ग्राहक सेवा, संवाद कौशल और समस्या समाधान क्षमताओं में दक्ष बनाना है ताकि वे पर्यटकों को बेहतर सेवा प्रदान कर सकें। पर्यटकों के लिए जनजातीय संस्कृति और सतत जीवनशैली का अनुभव बढ़ाने हेतु विभाग होमस्टे नीति 2025 के अंतर्गत होमस्टे की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देगा। नई छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2025, जो शीघ्र प्रकाशित की जाएगी, के माध्यम से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य राज्य को वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य का गढ़ के रूप में स्थापित करना है। हमारा मिशन राज्य की असाधारण इको-एथनिक पेशकशों को प्रदर्शित करना है, जिससे आगंतुकों और हमारी भूमि के जीवंत जीवन के बीच संबंध स्थापित हो सके। हम एक ऐसे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो न केवल सभी के लिए सुलभ हो बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हमारे कीमती पर्यावरण की रक्षा में भी सहायक हो।पर्यटन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभाग मौजूदा पर्यटन संपत्तियों को निजी होटल व्यवसायियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत लीज पर देने की योजना बनाएगा। पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने हेतु विभाग टैक्सी दरों को नियमित करेगा और एक समान दरें निर्धारित की जाएंगी। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि सभी टैक्सी सेवाएँ पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्य निर्धारण के आधार पर संचालित हों।भविष्य की योजना के तहत कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, स्थानीय प्रवास पथों और दैनिक एवं मौसमी गतिविधि पैटर्न का सटीक आकलन करने के लिए पहाड़ी मैना पक्षी की सैटेलाइट टेलीमेट्री टैगिंग की जाएगी। पर्यटकों और स्थानीय समुदायों के लिए बफर जोन और आसपास के गांवों में मानसून पैकेज टूर विकसित किए जाएंगे। मांझीपाल, नागलसर, नेतानार, तीरथगढ़, कामानार में नए आदिवासी होमस्टे परियोजनाओं का क्रियान्वयन चक्रीय निधि से प्रस्तावित है। निजी टूर संगठनों, होटल व्यवसायियों और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग कर कम प्रभाव वाले सतत पर्यटन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।पर्यटकों को आकर्षित करने और स्थानीय लोगों के लिए अधिक रोजगार सृजन के लिए तीरथगढ़ जलप्रपात के पास कांच के पुल के निर्माण हेतु चक्रीय निधि से लगभग 6 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। ग्राम पेदावाड़ में होमस्टे सह परंपरागत हीलिंग सेंटर के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 की राज्य योजना मद में लगभग 40 लाख रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
- -नगरीय प्रशासन विभाग ने वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर और विवरणी जमा करने दी 30 दिनों की विशेष छूट-सभी कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को विभाग ने जारी किया परिपत्रबिलासपुर. . राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर और विवरणी जमा करने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट प्रदान की है। अब ये 30 अप्रैल 2025 तक जमा किए जा सकते हैं। राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है।नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र में कहा है कि नगरीय निकायों में संपत्तिकर तथा विवरणी जमा करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित है। इस वर्ष भी संपत्ति कर तथा विवरणी जमा करने के लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लोकसभा निर्वाचन कार्य, निकायों का परिसीमन कार्य, मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य तथा स्थानीय निकायों के निर्वाचन आदि में आचार संहिता भी प्रभावी रही। इन कार्यों में निकायों के अधिकारी-कर्मचारी भी संलग्न रहे। फलस्वरूप राजस्व आय संग्रहण की कार्यवाही प्रभावित हुई है।विभाग ने राजस्व संग्रहण के कार्यों के प्रभावित होने के मद्देनजर वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर तथा विवरणी जमा करने के लिए अंतिम तिथि में 30 दिनों की विशेष छूट प्रदान करते हुए इसके लिए 30 अप्रैल 2025 की अंतिम तिथि निर्धारित की है। नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र के माध्यम से निकाय के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर संपत्ति कर संग्रहण करने एवं नागरिकों को ऑनलाइन (Online) भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नगरीय निकायों में इनका अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कर संग्रहण के लिए किए गए कार्यों से शासन को अवगत कराने के भी निर्देश दिए हैं।
- -मुख्यमंत्री सचिवालय कर रहा अभियान की मॉनीटरिंग-आवेदनों के सार्थक निराकरण पर कलेक्टर ने दिया जोर-मांग और शिकायत के 1.94 लाख मिले हैं आवेदन-राज्य सरकार के प्राथमिकता वाली योजनाओं की बैठक में समीक्षाबिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण ने आज टीएल की बैठक में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। तिहार के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर जिले में 1 लाख 94 हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। उन्होंने एक-एक आवेदनों को अच्छी तरह से पढ़ समझकर और योजनाबद्ध तरीके से उनके सार्थक निराकरण करने अधिकारियों से कहा है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का यह सर्वोच्च प्राथमिकता का अभियान है। अधिकारी इसे कदापि हल्के में ना लें। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। यथासंभव आवेदनकर्ता को निराकरण की सूचना भी दिया जाए। कलेक्टर ने विभागवार मिले आवेदनों की टीएल बैठक में व्यौरा दिया और इनके परिणाम मूलक निराकरण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण के अंतर्गत आवेदनों के निराकरण का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने अगले 15 दिवस में सभी आवेदनों का निराकरण कर लेने को कहा है। इसके बाद 5 मई से 31 मई तक पंचायतांे के समूह के बीच समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सबके सामने निराकरण की स्थिति से आम जनता को बताया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों को प्राप्त शिकायतों और मांग से संबंधित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराया जायेगा।बाकायदा इसकी पावती भी रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतों का निराकरण तो कार्यालय स्तर पर किया जा सकता है, लेकिन कुछ के निराकरण में फिल्ड स्तर पर दौरे की भी जरूरत पड़ सकती है। शिकायतों की जांच में आवेदकों को विश्वास में लेकर जांच कराएं। यदि उपलब्ध नहीं हों तो फोन पर जरूर उन्हें सूचित किया जाये। त्रुटि से यदि कोई आवेदन किसी अन्य विभाग को चला गया हो तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को फारवर्ड कर दिया जाए ताकि निराकरण में अनावश्यक विलंब ना हो।कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निराकरण की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर का मोबाईल एप्प विकसित किया जा रहा है। बायोमेट्रिक से एडवांस स्तर का होगा। चेम्बर में अपने टेबल पर बैठेंगे तभी यह रीड करेगा। जिनका अंगूठा की रेखाएं घिस गई हों तो फेस रिकगनिशन तकनीक से यह पकड़ लेगा। इसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। ये एप्प कार्यालय के 10 मीटर से बाहर काम नहीं करेगा। घर पर बैठकर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेगा। कलेक्टर ने बैठक में गरमी के मौसम में पेयजल एवं निस्तारी की समीक्षा की। बताया गया कि खूंटाघाट जलाशय से 91 गांवों के 222 तालाब भर लिए गए हैं। फिलहाल 37 फीसदी जल भराव खूंटाधाट में उपलब्ध है। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं को और तेज गति से प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहुत शिकायतें रहती हैं, उनकी समय रहते जांच अपने स्तर पर कर लिया जाये अन्यथा समाधान शिविरों में अप्रिय स्थिति पैदा हो जाती है।
- -सबसे ज्यादा 54 हजार आवेदन मस्तुरी सेबिलासपुर, / सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में 1 लाख 94 हजार 620 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1 लाख 81 हजार 529 ग्रामीण क्षेत्र से और 13 हजार 91 आवेदन शहरी इलाकों से शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत सबसे ज्यादा आवेदन 54 हजार 985 मस्तुरी विकासखण्ड से हैं। बिल्हा विकासखण्ड से 49 हजार 685, तखतपुर से 48 हजार 878 और कोटा विकासखण्ड में सबसे कम 27 हजार 981 आवेदन मिले हैं। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में 9 हजार 623 आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजनावार मिले आवेदनों के संबंध में बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए रिकार्ड 53 हजार 383 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उज्ज्वला योजना के 4886, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2631, राशन कार्ड 2306, स्वच्छता 2295, राहत 1910, अतिक्रमण 1619, वृद्धावस्था सहायता 1536, सीमांकन बटवारा 1464, भूमि सुधार 1018, ट्रांसफार्मर एवं खम्भों की मांग, 935, आंगनबाड़ी भवन एवं केन्द्र 918, भूमि की मांग 776, हैण्डपम्प की मांग 690, ऋण पुस्तिका की मांग 578, वन अधिकार पट्टे की शिकायत 424 सहित अन्य कई विभागीय मांग शामिल हैं।
- -संभाग आयुक्त श्री राठौर ने संभाग स्तरीय समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा कीदुर्ग / दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर ने कहा कि अधिकारी सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रथम चरण में विभागों को प्राप्त लोगों की समस्या संबंधी आवेदनों का गुणवत्तापूर्वक व सही ढ़ंग से समयावधि में निराकरण करना सुनिश्चित करें। शासन स्तर की मांगे होने पर ऐसे प्रकरणों को विधिवत् विभागीय माध्यम से शासन को पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन खारिज करना है तो इसका कारण बताना होगा। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने आज संभाग आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में उक्त बाते कही। उन्होंने विगत दिवस सुप्रीम कोर्ट कमिटी ऑन रोड सेफ्टी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे द्वारा जिला अधिकारियों की बैठक का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि जिला अधिकारियों की बैठक में न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस पर नियंत्रण हेतु विभागीय अधिकारियों को आवश्यक पहल करने निर्देशित किया है। सभी संभागीय अधिकारी निर्देश का अधिनस्थ कार्यालयों के माध्यम से पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबी दूरी की गाड़ियों के लिए निर्धारित रेस्ट एरिया को फंक्शनल कर प्रारंभ कराने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया। उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा को शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास मादक पदार्थों की ब्रिकी पर रोकथाम हेतु कोटपा एक्ट के तहत संबंधित विभागों के माध्यम से प्रभावी पहल करने कहा। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने संभाग में जल जीवन मिशन की स्थिती की भी जानकारी ली। अधीक्षण अभियंता पीएचई ने बताया कि संभाग में 24 समूह जलप्रदाय योजना निर्माणाधीन है, 20 योजनाओं के 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके है। इस योजना से संभाग 4315 गांवों में 990 गांव कव्हर हो रहे है। संभाग आयुक्त ने संभाग के जलाशयों में जल भराव की स्थिति की जानकारी लेते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारी को चालू सत्र और आने वाले वर्षों के लिए पानी की विशेषकर पेय जल व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभाग के पंचायतों को प्राथमिक सहकारी समिति से जोड़ने की जानकारी देते हुए संयुक्त आयुक्त सहकारिता को पंचायतों को प्राथमिकता के साथ मत्स्य और वनोपज समिति से जोड़ने के निर्देश दिए। संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने अवगत कराया कि संभाग के 1094 ग्राम पंचायतों को प्राथमिक सहकारी समिति से कव्हर्ड कर लिया गया है। संभाग आयुक्त ने दुर्ग जिले के कोटनी नगपुरा के मध्य शिवनाथ नदी और खैरागढ़ जिले के आमनेर नदी में निर्माणाधीन सेतु की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कोटनी नगपुरा के मध्य शिवनाथ नदी सेतु निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। एप्रोच रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार खैरागढ़ जिले की आमनेर नदी में निर्माणाधीन सेतु के लिए रिटेंडर कार्य पूर्ण हो चुका है। नई निर्माण एजेंसी द्वारा शेष निर्माण कार्य शीर्घ पूर्ण किया जाएगा। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने संभाग स्तरीय अधिकारियों से अधिनस्थ कार्यालयों में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों एवं वाहन चालकों आदि जिन्हें शासन द्वारा वर्दी प्रदाय की जा रही है वे नियमित ड्रेस कोड व नाम पट्टिका के साथ कार्यालय आना सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने इस पर अधिकारियों को गंभीरतापूर्वक ध्यान देने कहा। संभाग आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों द्वारा कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण के दौरान चतुर्थ वर्ग कर्मचारी ड्रेस कोड में नहीं पाए गए तो संबंधित कार्यालय प्रमुख जिम्मेदार होंगे। ऐसी स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुम लाल यादव सहित समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना नई रेलवे लाइन में प्रभावित पाटन अनुभाग के सम्मिलित ग्राम-ठकुराईनटोला, बठेना, देमार अरसनारा, नवागांव, देवादा, सांतरा, मानिकचौरी, बोहारडीह, फेकारी, धौराभाठा तथा दुर्ग अनुभाग के सम्मिलित ग्राम घुघसीडीह, खोपली, बोरीगारका, पुरई, कोकड़ी, कोड़िया, भानपुरी, चंदखुरी, कोनारी, चंगोरी, बिरेझर, थनौद कुल 23 ग्रामों के निजी भूमि का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन, खरीदी-बिक्री आदि को प्रभावित ग्रामीणों के हितों की रक्षा और परियोजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायीरूप से प्रतिबंधित किया है। ज्ञात हो कि उप मुख्य अभियंता/निर्माण, बिलासपुर, द.पू.म.रेलवे, बिलासपुर के अनुसार खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना अन्तर्गत नई रेलवे लाइन का निर्माण किया जाना है। उक्त रेलवे लाईन के निर्माण में जिले के पाटन अनुभाग के ग्राम-ठकुराईनटोला, बठेना देमार, अरसनारा, नवागांव, देवादा, सांतरा, मानिकचौरी, बोहारडीह फेकारी, धौराभाठा तथा दुर्ग अनुभाग अन्तर्गत ग्राम घुघसीडीह खोपली, बोरीगारका पुरई, कोकडी, कोडिया भानपुरी, चंदखुरी, कोनारी, चंगोरी, विरेझर, धनौद सहित कुल 23 ग्रामों की निजी एवं शासकीय भूमि प्रभावित होगी। प्रस्तावित रेलवे लाईन की जानकारी होने के बावजूद कुछ लोग और दलाल बिना किसी वैध अनुमति या कानूनी जांच के जमीन के लेन-देन में लिप्त हो जाते है। इससे न केवल ग्रामीणों को भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ता है, बल्कि इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक परियोजना के क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। उक्त रेलवे लाइन के अभिसरण क्षेत्र में आने वाली सभी भूमियों की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने हेतु अनुरोध किया गया।उल्लेख है कि अर्जन के अधीन भूमि का बटांकन, छोटे टुकड़ों में अंतरण एवं प्रयोजन में परिवर्तन के कारण भूमि अर्जन की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस प्रक्रिया में मूल भूमिस्वामी को समुचित लाभ होने के बजाय भूमि की खरीद-बिक्री में संलिप्त बिचौलियों और भू-माफियाओं द्वारा लाभ अर्जित किया गया है। साथ ही भूमि के अवैधानिक अंतरण के कारण शासन को अनावश्यक आर्थिक क्षति होने के अलावा वाद कारणों की बहुलता के परिणामस्वरूप सार्वजनिक हितों के परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब होता है। अतः भूमि-अर्जन प्रक्रिया के अधीन भूमि के बेहतर प्रशासन के लिये तत्काल आवश्यक कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता को देखते हुये किसी भी विधि के अधीन अपेक्षक निकाय से प्राप्त प्रस्ताव या भू-अर्जन की प्रक्रिया में जारी किसी अधिसूचना या खनन के लिये जारी किसी आशय पत्र प्राप्ति के उपरांत उक्त भूमि का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन कलेक्टर की लिखित अनुज्ञा के बिना नहीं किये जाने तथा भूमि के खसरा के कालम-12 में इसकी समुचित प्रविष्टि तत्काल की जाने के निर्देश प्राप्त हुए थे। तदुपरांत छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2024 छ.ग. राजपत्र में प्रकाशन द्वारा धारा 165, 172 एवं 178-ख के संशोधित प्रावधानों के अनुसार अपेक्षक निकाय से प्रस्ताव प्राप्त होने के पश्चात या अर्जन हेतु अधिसूचना जारी होने के पश्चात भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन प्रतिषिद्ध किया गया है। अतः उपरोक्त ग्रामों में किसी भी प्रकार का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन, खरीदी-बिक्री के संबंध में हितबद्ध/प्रभावित व्यक्ति अथवा पक्षकार, कलेक्टर के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्तुत अभ्यावेदनों पर अपेक्षक निकाय से अभिमत प्राप्तकर उचित निर्णय लिया जाएगा। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- दुर्ग, / भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार श्रृंखला के तहत ’’पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री’’ पुरस्कारों के लिए वर्ष 2026 हेतु पात्र व्यक्तियों से ऑनलाईन नामांकन प्रस्ताव http://awards.gov.in पर 31 जुलाई 2025 तक आमंत्रित किया गया है। वर्ष 2026 में ’’पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री’’ पुरस्कार प्रदान करने हेतु निर्धारित पात्रता एवं मापदण्ड के अनुरूप ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। पद्म पुरस्कार देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार उत्कृष्ट कार्य करने वाले जैसे-कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, नागरिक सेवा, व्यापार और उद्योग आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों सेवा के लिए प्रदाय किया जाता है, कोई भी व्यक्ति किसी जाति, व्यवसाय हैसियत या लिंग के भेदभाव के बिना इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं।


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