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- प्रातः 10 बजे प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि कार्यक्रमरायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में भारत रत्न संविधान निर्माता डॉक्टर बी. आर. अम्बेडकर की जयन्ती दिनांक 14 अप्रेल 2025 को प्रातः 10 बजे राजधानी शहर रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय के समीप स्थित भारत रत्न संविधान निर्माता डॉक्टर बी. आर. अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष उनका सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 4 के सहयोग से पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है.
- दंतेवाड़ा/सुकमा. बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में शनिवार को आठ नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने समर्पण कर दिया जबकि दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि जिले में आठ नक्सलियों ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने समर्पण किया, जिनमें से दो नक्सलियों पर इनाम है। अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों ने जिले में जारी विकास कार्य से प्रभावित होकर और संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद से परेशान होकर समर्पण करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि नक्सली राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लनार' (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं, जिसका उद्देश्य सुरक्षा शिविरों के आसपास के गांवों में विकास कार्यों को सुगम बनाना है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि समर्पण करने वाले नक्सलियों में मंगडू मड़काम और देवा राम कुंजाम प्रतिबंधित माओवादी संगठन की चेतना नाट्य मंडली (सीएनएम) के सदस्य के रूप में सक्रिय थे तथा दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि समर्पण करने वाले सभी आठ नक्सली सड़कें खोदने, सरकार विरोधी बैनर/पोस्टर लगाने और माओवादी हिंसा की अन्य घटनाओं में शामिल थे। राय ने बताया कि समर्पण करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी गई है और सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही जून 2020 में शुरू किए गए पुलिस के ‘लोन वर्राटू' (अपने घर/गांव लौटो) अभियान के तहत जिले में 961 नक्सली मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं, जिनमें 226 पर नकद इनाम घोषित है। एक अन्य घटना में सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के तहत सुरपनगुड़ा गांव के जंगल में सुरक्षाबलों ने कुहराम हड़मा और बारसे हिड़मा नामक दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। सुकमा जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हड़मा प्रतिबंधित नक्सल संगठन के सुरपनगुड़ा रिवोल्यूशनरी पीपुल्स कमेटी (आरपीसी) के तहत मिलिशिया कमांडर था, जबकि हिड़मा इसका सदस्य था। हड़मा के सर पर दो लाख रुपये का इनाम है। उन्होंने बताया कि दोनों 2024 में जगरगुंडा में साप्ताहिक बाजार में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान दो जवानों पर हमला करने और उनके हथियार लूटने में शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों नक्सलियों को अदालत ने जेल भेज दिया है।
- दुर्ग/ कलेक्टर कार्यालय दुर्ग में संचालित सारथी कॉल सेंटर का टोल फ्री नंबर 1800 233 0788 चालू कर दिया गया है। इस टोल फ्री नंबर के माध्यम से जिले के नागरिक कार्यालयीन समय में बिना किसी शुल्क के अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल 2025 (सोमवार) को राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह निर्णय भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है।
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राजभवन में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया अरूणाचल प्रदेश, राजस्थान एवं ओडिशा का स्थापना दिवस
रायपुर। राजभवन में अरूणाचल प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि जब हम एक-दूसरे की संस्कृति को समझेंगे, स्वीकार करेंगे और उसका सम्मान करेंगे तभी सशक्त भारत का निर्माण होगा।
केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत यह आयोजन किया गया था जिसमें छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले इन राज्यों के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। राज्यपाल ने स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को बधाई दी।
कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर शुरू किए गए ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम हमें आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान आर्थिक सहयोग और राष्ट्रीय एकता को बढ़ाने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की विविधता यहां के खान-पान, पहनावे, परंपराओं, रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों में देखी जा सकती है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषाओं की विविधता देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण है।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ‘‘राजाओं की भूमि‘‘ के रूप में जाना जाने वाला राजस्थान अपने शाही इतिहास, भव्य किलों और महलों के साथ भारतीय वीरता और सांस्कृतिक गौरव की कहानियों को संरक्षित किए हुए है। इस राज्य के लोग बहुत मेहनती होते है। यहां के लोग अपनी मेहनत और लगन के बल पर आर्थिक उन्नति कर रहें और देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी राज्यों में वाणिज्य और व्यापार के क्षेत्र में मारवाड़ी समाज ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। राजस्थान के लोग जहां भी जाते है वहां की संस्कृति में घुल मिल जाते है। उन्होंने कहा कि माउंटआबू में स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिर शिल्पकला का एक अदभुत नमूना है, भारत में ऐसा कहीं नहीं है।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़िया और उड़िया भाई-भाई हैं। दोनों राज्यों की संस्कृति एक-दूसरे से बहुत मिलती-जुलती है। छत्तीसगढ़ में 35 लाख ओड़िया भाई रहते है। ओडिशा राज्य के नागरिक विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर कृषि और खनन में अपनी विशेषज्ञता के साथ छत्तीसगढ़ आए हैं। उनके कृषि ज्ञान और कौशल ने छत्तीसगढ़ की मदद की, जबकि खनन में उनके अनुभव ने राज्य में खनन उद्योग के विकास में मदद की। इसके अलावा, ओडिशा के नागरिकों ने अपने अनूठे त्योहारों, नृत्य रूपों और हस्तशिल्प से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध किया है।
श्री डेका ने अरूणाचल प्रदेश की विशेषताओं का जिक्र किया और कहा कि अरूणाचल प्रदेश की संस्कृति विशिष्ट है क्योंकि इसमे 26 विभिन्न जनजातियों सहित 100 से अधिक उप जातियों की संस्कृतियां समाहित है। प्रत्येक जनजाति अपनी-अपनी परंपराओं और रीति रिवाजों का पालन करती। यहां हिन्दू, बौद्ध, ईसाई समुदाय के लोग भी मिलजुल कर रहते है। उन्होंने कहा कि अरूणाचल प्रदेश को पारंपरिक शिल्प कौशल का उपहार प्राप्त है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होता रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित इन राज्यों के बच्चों एवं युवाओं ने अपने राज्य की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। ओडिया नृत्य, घूमर एवं अन्य राजस्थानी लोक नृत्य सहित अरूणाचल प्रदेश के जीवंत नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया।
ओडिशा राज्य के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राजस्थान के प्रतिनिधि श्री महेन्द्र धाड़ीवाल और अरूणाचल प्रदेश की प्रतिनिधि सुश्री वन्नाहंकु ने राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल द्वारा भी राजकीय गमछा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कला केन्द्र के कलाकारों को राज्यपाल ने दिया स्वेच्छानुदान राशि
कार्यक्रम में कला केंद्र रायपुर के वायलिन वादक बच्चों श्री आरिव झा और अमेय शर्मा ने वायलिन पर राग बैरागी भैरव की प्रस्तुति की। राज्यपाल ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की और इन बच्चों सहित अन्य वायलिन वादक बच्चों श्री धनंजय साहू और श्री देवव्रत कहार, प्रत्येक को एक-एक हजार रूपये की राशि तथा कला केंद्र रायपुर संस्था को दस हजार रूपये की राशि अपने स्वेच्छानुदान मद से प्रदान की।
कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, इन सभी राज्यों के छत्तीसगढ़ में निवासरत, बच्चे, युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। -
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और बलिदान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण ढंग से रॉलेट एक्ट के विरोध में एकत्रित निहत्थे नागरिकों पर जब ब्रिटिश जनरल डायर के आदेश पर गोलियां बरसाई गईं, तब सैकड़ों निर्दोष बच्चे, महिलाएं और पुरुष शहीद हो गए। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी, जिसने आज़ादी की लड़ाई को और अधिक तीव्र और व्यापक बना दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जलियांवाला बाग हमारे आत्मसम्मान, आज़ादी और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दी गई असंख्य कुर्बानियों की यादगार है। उन्होंने कहा कि हमें वीर शहीदों के बलिदानों से मिली हुई स्वतंत्रता के मूल्य को समझते हुए सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। -
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संत कंवर राम जी की जयंती (13 अप्रैल) के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए सिंधी समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कंवर राम जी ने सम्पूर्ण मानवता को प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने सत्य, अहिंसा, त्याग और विश्वबंधुत्व की मिसाल कायम करते हुए समाज को एक नई दिशा दिखाई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कंवर राम जी की सादगी, सेवा और समर्पण का भाव आज भी जन-जन को प्रेरित करता है। उनकी जीवन यात्रा परोपकार, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों का अद्भुत संगम थी, जो समाज के लिए प्रकाशपुंज है।उन्होंने कहा कि महान संतों के आदर्शों को आत्मसात कर हम एक सामाजिक रूप से समरस और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध समाज का निर्माण कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे संत कंवर राम जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और प्रेम, शांति व सेवा के मार्ग पर चलें। -
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैसाखी पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि बैसाखी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह दिन सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि आज ही के दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बैसाखी का पर्व हमें मेहनत, समर्पण और परिश्रम के मूल्यों की याद दिलाता है। -
बारिश से पहले सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश
आगामी मानसून सीजन में राज्य के 3357 आश्रम-छात्रावास परिसरों में लगाये जाएंगे 10 लाख पौधे
सहायक आयुक्त करेंगे जिले के पांच-पांच गांवों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित
रायपुर/ आदिम जाति विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि राज्य में जनजातीय कल्याण की योजनाओं को तेजी के साथ पूरा करें। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण कर लिया जाए। श्री बोरा ने कहा कि आगामी मानसून सीजन में राज्य में संचालित 3357 आश्रम छात्रावासों, 15 प्रयास विद्यालयों एवं 75 एकलव्य विद्यलायों में 10 लाख पौधे लगाये जाएंगे। इसकी भी कार्य योजना पहले से तैयार कर ली जाए। प्रमुख सचिव श्री बोरा नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित विभागीय बैठक सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न जिले के सहायक आयुक्त सहित संबंधित अधिकारी जुड़े थे। श्री बोरा जनजातीय जीवनशैली पर आधारित निर्माणाधीन संग्रहालय का निरीक्षण भी किया।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि आदिवासी विकास विभाग के विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, छात्रवृत्ति योजना, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की निर्धारित लक्ष्यों को योजनाबद्ध तरीके से समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत अति पिछड़े जनजातीय वर्ग के लोगों तथा उस गांव को शत्-प्रतिशत व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जाए। श्री बोरा ने योजना के तहत पक्का आवास, एप्रोच रोड, आंगनबाड़ी निर्माण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, मल्टीपरपज सेंटर, विद्युत कनेक्शन, वनधन विकास केन्द्र सहित संचालित सभी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि पक्के आवास सहित अन्य लक्ष्यों को 30 अक्टूबर 2025 से पहले हासिल कर लिया जाए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को बारीश से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहायक आयुक्त और नोडल अधिकारी निर्माण कार्यों का मॉनिटरिंग करें, ताकि सभी कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में संपन्न हो सकें। उन्होंने सहायक आयुक्तों को जिले में कम से कम पांच गांवों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिए। प्रथम चरण में धमतरी, जशपुर, गरियाबंद एवं नारायणपुर जिले के सहायक आयुक्तों को इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में उन्होंने कहा कि सभी हितग्राहियों का आधार कॉर्ड, राशन कॉर्ड, पीएम जनधन खाता, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम मातृ वंदन योजना, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार पटटा, स्वच्छ जल एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं शीघ्र पहुंचाई जाएं।
बैठक में आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा ने कहा कि छात्रावास-आश्रमों में साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ शौचालय, पढ़ाई की उचित व्यवस्था सहित सभी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। प्रमुख सचिव श्री बोरा आगामी 15 एवं 16 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा करेंगे। पहले दिन 15 अप्रैल को सरगुजा, बस्तर एवं दुर्ग संभाग के कार्यो की समीक्षा होगी। दूसरे दिन 16 अप्रैल को रायपुर एवं बिलासपुर संभाग में पदस्थ सहायक आयुक्तों की बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री आर.एस. भोई, श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्री तारकेश्वर देवांगन, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, श्रीमती मेनका चंद्राकर, श्री विश्वनाथ रेडडी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। -
मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नवा रायपुर के सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार चंद्रवंशी को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद की किसानों एवं कृषि के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेत तभी लहलहाते हैं जब बीज अच्छा होता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड की जिम्मेदारी है कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि आज पदभार ग्रहण कर रहे दोनों अध्यक्ष स्वयं किसान हैं। वे किसानों की कठिनाइयों को अच्छे से समझते हैं। निश्चित रूप से दोनों अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के दुःख-दर्द को समझती है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कृषि और किसानों की उन्नति के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों की समस्या के समाधान के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना का प्रारंभ किया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा प्रारंभ की गई।
रायपुर एयरपोर्ट पर जल्द शुरू होगी इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा जल्द शुरू होगी। इससे किसानों की उपजों को अंतरराष्ट्रीय मार्केट मिलेगा और उन्हें फायदा होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के अन्नदाता किसान भाई-बहनों से मिलेट्स, मक्का और ऐसी फसलों के उत्पादन का आग्रह किया, जिनमें पानी की खपत कम होती है। उन्होंने कहा कि हमें ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर सुजला योजना पुनः प्रारंभ की जाएगी, जिसमें किसानों को अनुदान पर सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आय बढ़ाने के लिए किसानों से खेती के साथ-साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से कहा कि आवास प्लस-प्लस योजना का सर्वे हो रहा है, इस सर्वे में हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि आवास योजना की पात्रता में वृद्धि की गई है। अब जिनके पास 5 एकड़ असिंचित भूमि, ढाई एकड़ सिंचित भूमि है, मोटरसाइकिल है, साथ ही 15 हजार मासिक आय वाले भी प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के पांच वर्षों में गरीबों को 18 लाख प्रधानमंत्री आवास से वंचित होना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। पिछले 14 माह की अवधि में हमें केंद्र से 14 लाख आवास की राशि मिल गई है। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही साढ़े तीन लाख आवास की राशि और देने जा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद एवं छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम का किसानों के बेहतर नवाचार एवं नवीन योजनाएं बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। हमारी सरकार ने ऐसे जमीनी स्तर से दो बेहद अनुभवी, कुशल संगठक, किसान पुत्र को इसकी जिम्मेदारी दी है। निश्चित ही इसका लाभ प्रदेश के किसान भाइयों को मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज भगवान हनुमान की जयंती है। हनुमान जी शक्ति, सामर्थ्य, सेवा एवं समर्पण के प्रतीक हैं। इन्हीं के आशीर्वाद से हमारी सरकार किसानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद एवं छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम का महत्वपूर्ण योगदान कृषि क्षेत्र में है। किसानों को उचित समय सीमा में गुणवत्ता पूर्ण बीज उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही कृषि में उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने की भी जिम्मेदारी होती है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है, चाहे 31 सौ प्रति क्विंटल में धान खरीदी हो या वनोपज की खरीदी में। इसका ही परिणाम है कि प्रदेश में धान उत्पादन से लेकर अन्य फसल, साग-सब्जियों में कृषि रकबा बढ़ा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार चंद्रवंशी को नवीन जिम्मेदारी के लिए बधाई दी गई।
इस अवसर पर सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, राजनांदगांव श्री संतोष पांडेय, महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक रायपुर ग्रामीण श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, बसना श्री संपत अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे। -
मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 670 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास, 8 लोगों को प्रदान किए अनुकंपा नियुक्ति पत्र
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने श्री सिंहदेव को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की लगभग 670 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही 8 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में सभी को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सबकी इच्छा होती है कि हमारे सिर पर छत हो। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि सभी का पक्का मकान हो, इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की। इस योजना के साथ ही छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। सभी को आवास उपलब्ध कराने के लिए भगीरथ प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। पिछले 14 माह के हमारे कार्यकाल में हाउसिंग बोर्ड की स्थिति सुधरी, बोर्ड अपने पैरों पर खड़ा हुआ है। इस अवधि में हमें केंद्र से 14 लाख आवास भी मिले हैं। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही साढ़े तीन लाख आवास और देने जा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्री अनुराग को लंबे समय से विपरीत परिस्थितियों में कार्य के लिए जाना जाता है। निश्चित ही उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर नव नियुक्त श्री अनुराग सिंहदेव को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान एवं मजदूरों के लिए नित नई योजनाएं बनाकर उनकी बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से भी आम जनता को सहज एवं किफायती दरों में मकान का सपना पूरा हो, इस उद्देश्य से बेहतर कार्य करने के लिए नव निर्वाचित अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव को बधाई दी।
कैबिनेट मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार बनते ही किफायती मूल्यों में गरीब जनता के लिए आवास तैयार करने का लक्ष्य रखा गया। हमने पूरे प्रदेश में अधूरी पड़ी लगभग 40 योजनाओं के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया है। पुरानी संपत्तियों की बिक्री के लिए हमने 'वन टाइम सेटलमेंट' के नाम से हितग्राहियों को छूट देने का भी कार्य किया है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, सांसद राजनांदगांव श्री संतोष पांडेय, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री कुंदन कुमार, बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकगण एवं छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
670 करोड़ की परियोजनाओं में 43.03 करोड़ रूपये की 2 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं 626 करोड़ 81 लाख की 8 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल
मुख्यमंत्री ने 670 करोड़ की लागत की जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया उनमें 43.03 करोड़ रूपये की 2 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं 626 करोड़ 81 लाख की 8 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने अटल विहार योजनांतर्गत मुरमुन्दा जिला दुर्ग में 226 भवनों का निर्माण एवं 10.00 एकड़ भूमि का विकास कार्य लागत 2457.98 लाख रूपये, अटल विहार योजनांतर्गत कोतापाल जिला बीजापुर में 183 भवनों का निर्माण एवं 5.73 एकड़ भूमि का विकास कार्य लागत 1845.32 लाख रूपये का लोकार्पण किया।
इसी तरह अटल विहार योजनांतर्गत पथर्रा राजिम जिला गरियाबंद में 363 भवनों एवं 8.307 हेक्टेयर भूमि का विकास कार्य लागत 6168.53 लाख रूपये,अटल विहार योजना भूरकोनी जिला रायपुर में 345 भवनों का निर्माण एवं 14.00 एकड़ भूमि का विकास कार्य लागत 6103.59 लाख रूपये, सामान्य आवास योजनांतर्गत सेक्टर-12, नया रायपुर जिला रायपुर में 1052 भवनों एवं व्यवसायिक परिसर का निर्माण एवं 28.04 हेक्टेयर भूमि विकास कार्य लागत 31054.56 लाख रूपये, अटल विहार योजनांतर्गत पुलगांव जिला दुर्ग में 18 सीनियर एच.आई.जी. डुप्लेक्स, 31 एच.आई.जी. डूप्लेक्स, 69 एम.आई.जी. डूप्लेक्स, 64 एल. आई. जी. 95 ई.डब्ल्यू.एस. कुल 277 स्वतंत्र भवनों का निर्माण एवं यूटिलिटी शॉप एवं 17.94 एकड़ भूमि का विकास कार्य लागत 10311.80 लाख रूपये, अटल विहार योजनांतर्गत खरतुली जिला धमतरी में 182 भवनों का निर्माण एवं 9.39 एकड़ भूमि का विकास कार्य लागत 2699.70 लाख रूपये, अटल विहार योजनांतर्गत कोकड़ापारा जिला बीजापुर में 183 भवनों का निर्माण एवं 7.89 एकड़ भूमि का विकास कार्य लागत 2978.33 लाख रूपये, अटल विहार योजनांतर्गत बंधी जिला गौरेला - पेण्ड्रा - मरवाही में 135 भवनों का निर्माण एवं 6.50 एकड़ भूमि का विकास कार्य लागत 2101.65 लाख रूपये, अटल विहार योजनांतर्गत कुलीपोटा जिला जांजगीर- चांपा में 61 भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य लागत 1260 लाख रूपये की लागत की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। -
बिलासपुर/एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर भरती हेतु आवेदन मंगाए गए थे। प्राप्त आवेदनों का अनंतिम मूल्यांकन कर सूची एकीकृत बाल विकास कार्यायल के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेतु वार्ड क्रमांक 46 के केन्द्र क्रमांक 57 ओवहर ब्रिज के पास नयापारा, वार्ड क्रमांक 34 के केन्द्र क्रमांक 48 करबला मोची मोहल्ला एवं सहायिका हेतु वार्ड क्रमांक 26 के केन्द्र क्रमांक 200 मेन रोड तालापारा, वार्ड क्रमांक 25 के केन्द्र क्रमांक 107 मिनी बस्ती तालापारा, वार्ड क्रमांक 45 के केन्द्र क्रमांक 239 पावर हाउस तहसील गली हेमूनगर हेतु आवेदन मंगाए गए थे। कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों पर दावा-आपत्ति करने की प्रारंभिक तिथि 15 अप्रैल एवं अंतिम तिथि 24 अप्रैल है। आवेदिका दावा आपत्ति कार्यालयीन समय में एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बिलासपुर में कर सकती है। -
बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 12 अप्रैल को उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन एवं छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के द्वि-वार्षिक प्रतिवेदन के विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में दोपहर सवा 12 बजे से इसका आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग रायपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया करेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगी।
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*समाधान पेटी में लिखित रूप में अपनी समस्या-मांग को रख रही जनता*
रायपुर/ रायपुर जिले में सुशासन तिहार उत्साह से मनाया जा रहा है। नगरीय निकायों के विभिन्न वार्डों में, ग्रामीण क्षेत्रों और पंचायतों के अलग अलग स्थानों में समाधान पेटी रखी गई हैं और नागरिकों से लिखित आवेदन ली जा रही है। इसे नागरिक स्वयं समाधान पेटी में डाल रहे है। खासकर महिलाओं में सुशासन तिहार को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। वे बताती है कि घर के काम-काज में व्यस्त होने की वजह से अपनी समस्याओं को लेकर वे सरकारी कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाती है। वहीं, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस नेक पहल से अब उन्हें घर के पास ही अपनी समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने रखने का मौका मिला है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी श्रीमती निर्मला सोनी इस पहल को बहुत अच्छा बताते हुए मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देती हैं। श्रीमती सोनी ने कहा कि सड़क, नाली और पानी जैसी समस्याओं से जूझते हैं तो कई बार निराकृत नही हो पाती है। समाधान पेटी में आमजनता अपने आवेदन डाल रही है। यह सफल प्रयास है। इसके माध्यम से हम अपनी बात सरकार के समक्ष रख पा रहे हैं और पहुंचा भी पा रहे हैं।
गोल चौक निवासी श्रीमती संजना परिहार कहती हैं कि यह बहुत अच्छा अवसर है हम समाधान पेटी में अपना आवेदन प्रेषित कर सीधे सरकार से समाधान का आग्रह कर रहे है। इसी प्रकार श्रीमती टिकेश्वरी निषाद कहती हैं कि मैं प्रधानमंत्री आवास के मांग के लिए आई हूं। मुझे अवश्य राहत मिलेगी और मेरी मांग पूरी होगी।
इसी प्रकार समाधान पेटी में अपनी मांग रखने आई श्रीमती ज्योति रगड़े कहती है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत सरकार ने जो पहल की है, वह सराहनीय है। आज मैं भी अपनी मांग लेकर समाधान पेटी में आवेदन डालने आई हूं और मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारी मांगों को सुना जाएगा और उन्हें यथासंभव पूरा किया जाएगा। -
रायपुर/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र द्वारा स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 15 अप्रैल 2025 को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, रायपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 02 बजे तक जॉब फेयर का आयोजन किया जाएगा। इस जॉब फेयर के माध्यम से निजी क्षेत्र के नियोजक मोनेट टॉक बिजनेस एवं पीवीआर इनोक्स लिमिटेड रायपुर द्वारा 12वी उत्तीर्ण, स्नातक (बी.कॉम) और आईटीआई (इलेक्ट्रॉनिक) आवेदकों की भर्ती सेल्स जॉब, बैक ऑफिसर, टेली कॉलर, सर्विस एसोसिएट, टेक्निशियन एवं एक्सिक्यूटिव एकाउंट आदि के 34 पदों पर रू. 15,000/- से 26,000/- प्रतिमाह वेतनमान पर भर्ती होगी। इस जॉब फेयर में सम्मिलित होने योग्य एवं इच्छुक आवेदक निर्धारित तिथि एवं स्थल पर अपने बॉयोडाटा /आधार कार्ड एवं शैक्षणिक, तकनीकी योग्यता के प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे। अधिक जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय रायपुर में भी संपर्क कर सकते है।
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*फसल चक्र परिवर्तन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करेंः कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह*
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से जिले में चल रहे कृषि योजनाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों को फसल चक्र परिवर्तन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने, खाद-बीज का अग्रिम उठाव का लक्ष्य तय कर जल्द से जल्द करने, फसल बीमा लेने किसानों को प्रोत्साहित करने और उद्यानिकी फसलों में नवाचार करने निर्देशित किया।
सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि जिले के नर्सरी को गुणवत्तापूर्ण बनाते हुए आत्मनिर्भर बनाएं ताकि वे लाभ अर्जित कर सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेडिसिनल प्लांट और फ्लोरीकल्चर का क्लस्टर तैयार करें और खाद-बीज का पर्याप्त मात्रा में भंडारण करें। साथ ही मत्स्य विभाग के अधिकारियों को हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने निर्देशित किया। इस दौरान कृषि विभाग, मत्स्य विभाग एवं अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। -
मालती बाई एवं ज्योति पवार ने मांग की प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति
बालोद/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन की स्थापना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई सुशासन तिहार पूरे राज्य की भाँति बालोद जिले के आम नागरिकों के लिए उनके मांगों एवं समस्याओं के निराकरण सुनिश्चित करने का बेहतर माध्यम साबित हो रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से अब आम जनों को अपने समस्या का निराकरण करने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाना नही पड़ रहा है। अब वे अपने गांव में ही ग्राम पंचायत कार्यालय में बहुत ही आसानी के साथ अपना आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें शासन से अपने मांग एवं समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण होने की उम्मीद है। इसी कड़ी में आज सुशासन तिहार के प्रथम चरण के अंतिम दिन जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम कोंहगाटोला के ग्रामीण महिला श्रीमती मालती बाई साहू एवं ग्राम जुंगेरा निवासी श्रीमती ज्योति पवार ने अपने मांग एवं समस्याओं के निराकरण हेतु आवेदन करने अपने ग्राम पंचायत कार्यालय पहुँची। सुशासन तिहार के माध्यम से अपने मांगों के निराकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करते समय उनके चेहरे बहुत ही प्रसन्नता नजर आ रही है।
उल्लेखनीय है कि बालोद विकासखण्ड के ग्राम कोंहगाटोला के ग्रामीण महिला श्रीमती मालती बाई साहू एवं ग्राम जुंगेरा निवासी श्रीमती ज्योति पवार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान करने आवेदन प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि सुशासन तिहार के माध्यम से अगले चरण में उनकी मांग का समुचित निराकरण हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम जैसे अनेक ग्रामीण महिलाओं को जिन्हें अपने मांग एवं समस्याओं का निराकरण करने के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता था। जिससे हमें आने-जाने में बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ता था परंतु आज सुशासन तिहार के माध्यम से अपने-अपने ग्राम पंचायत कार्यालय में ही अपनी मांग का आवेदन प्रस्तुत कर समय एवं धन दोनों की ही बचत हो रही है। उन्होंने राज्य शासन की इस पहल को बहुत ही कारगर कदम बताया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए उन्हेें हृदय से धन्यवाद दिया है। -
बालोद/ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के आदेशानुसार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भू-गर्भीय जलस्तर नीचे जाने से पेयजल की समस्या को ध्यान में रखते हुए जिले के बालोद, गुरूर, डौण्डी, डौण्डीलोहारा एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड को 30 जून 2025 तक जलभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि उक्त जलभाव ग्रस्त विकासखण्डों में 30 जून तक सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि शासकीय एजेंसी जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सम्पूर्ण जिले में तथा नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को केवल पेयजल हेतु अपने नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें इस अवधि में इसकी जानकारी केवल खनन अधिकारी को भेजना होगा। उन्होंने जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। जिसके अंतर्गत बालोद नगर पालिका परिषद सीमा के तहत आने वाले क्षेत्र के लिए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह राजस्व अनुविभाग बालोद के तहत आने वाले क्षेत्र (बालोद शहरी क्षेत्र को छोड़कर) के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालोद, राजस्व अनुविभाग गुरूर के तहत आने वाले क्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुरूर, राजस्व अनुविभाग डौण्डी के तहत आने वाले क्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डी, राजस्व अनुविभाग डौण्डी के तहत आने वाले क्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डी, राजस्व अनुविभाग डौण्डीलोहारा के तहत आने वाले क्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डीलोहारा तथा राजस्व अनुविभाग गुण्डरदेही के तहत आने वाले क्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुण्डरदेही को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 तक
बालोद/ महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत सखी वन स्टाप सेंटर बालोद में महिला सेवा प्रदाताओं के कुल 05 पदों की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि सखी वन स्टाप सेंटर बालोद में पैरा लीगल कार्मिक के 01 पद, पैरा मेडिकल कार्मिक के 01 तथा सुरक्षा गार्ड के 03 पद सहित कुल 05 पदों पर सेवा प्रदाताओं की पूर्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि उक्त पदों की पूर्ति हेतु योग्य महिला उम्मीदवार 25 अपै्रल 2025 तक रजिस्टर्ड डाक, स्पीड पोस्ट अथवा कुरियर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया की भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी जिले के वेबसाईट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन व महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय के सूचना पटल पर भी अवलोकन किया जा सकता है। -
उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, आयोग के द्विवार्षिक प्रतिवेदन का किया विमोचन
17 जिला स्तरीय आयोगों में जल्द शुरू होगी ई-सुनवाई की सुविधा – न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया
उपभोक्तताओं को जागरूक करने व्यापक प्रचार-प्रसार कार्यक्रम संचालित किया जाएगा
रायपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधाई कार्य मंत्री श्री अरुण साव आज छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा आयोजित उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित सम्मेलन में आयोग के द्विवार्षिक प्रतिवेदन के मुद्रित एवं ई-संस्करण का विमोचन भी किया। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और सचिव श्री अन्बलगन पी. विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मेलन में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने, धोखाधड़ी व ठगी से बचाने तथा जागरूक करने में राज्य एवं जिला स्तरीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सराहनीय कार्य कर रहा है। उपभोक्ताओं को ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सुविधाएं भी मिल रही हैं। उनकी सहूलियत के लिए आयोग ऑनलाइन सुनवाई प्रारंभ करने की भी तैयारी कर रही है। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद विधि के छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे उपभोक्ताओं को जागरूक करने और उन्हें उनके अधिकारों से अवगत कराने का काम करें। श्री साव ने आयोग के कार्यों को मजबूती प्रदान करने और विस्तारित करने राज्य शासन से हर तरह का सहयोग प्रदान करने की बात कही। उन्होंने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने व्यापक प्रचार-प्रसार कार्यक्रम संचालित करने की घोषणा की।
छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य शासन की ओर से आयोग को भरपूर सहयोग मिल रहा है। हमारे सभी प्रस्तावों को सरकार ने स्वीकृत किया है। वर्तमान में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में ई-सुनवाई की व्यवस्था है। आगामी तीन महीनों में हम इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी 17 जिला स्तरीय आयोगों में लागू करने जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को शीघ्र न्याय मिले, इसके लिए राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के साथ ही सभी जिला स्तरीय आयोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।
न्यायमूर्ति श्री चौरड़िया ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लोगों को न्याय दिलाने आयोग ने मामलों की तेजी से सुनवाई की है। दो वर्ष पहले पूरे प्रदेश में दस हजार 600 मामले लंबित थे, जो अब घटकर 6500 रह गए हैं। अगले छह महीनों में सभी लंबित प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि आयोग आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपभोक्ता हितों के संरक्षण के लिए केस फाइलिंग, सुनवाई और दस्तावेजीकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू करने जा रहा है। उन्होंने रायपुर में ज्यादा प्रकरणों को देखते हुए आयोग की एक अतिरिक्त बेंच प्रारंभ करने की भी जानकारी दी।
उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि राज्य व जिला स्तरीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के संचालन के लिए समुचित व्यवस्थाएं प्रदान करना राज्य शासन का दायित्व है। आयोग द्वारा संचार और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए ई-फाइलिंग और ई-सुनवाई की सुविधा विकसित की जा रही है। उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए राज्य शासन और आयोग मिलकर काम करते रहेंगे।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. ने अपने संबोधन में कहा कि विगत 25-30 वर्षों में बाजार में हर सामग्री की वेराइटी काफी बढ़ी है। उत्पादों और उत्पादकों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच उपभोक्ता हितों के संरक्षण की जरूरत भी बढ़ रही है। उपभोक्ताओं को जागरूक व शिक्षित करने तथा न्याय दिलाने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। राज्य शासन और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की पूरी कोशिश है कि सभी नागरिकों तक इसका लाभ पहुंचे। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य श्री प्रमोद कुमार वर्मा, संयुक्त रजिस्ट्रार श्रीमती मोना चौहान, लेखाधिकारी सुश्री मधुलिका यादव, रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष श्री डाकेश्वर प्रसाद शर्मा और रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री हितेन्द्र तिवारी सहित विभिन्न जिलों के उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा विधि के विद्यार्थी बड़ी संख्या में सम्मेलन में शामिल हुए। -
एलएमजी के बदले मिलेंगे 5 लाख और एके-47 पर 4 लाख रुपये
बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने पर एक लाख का ईनाम
रायपुर/ छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति के तहत हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें लाखों रूपए की प्रोत्साहन राशि भी देगी। आत्मसमर्पण करने वालों को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। इस नई नीति के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवादियों को समाज की मुख्य धारा में लाकर उन्हें सम्मानजनक जिंदगी जीनेे का अवसर सुलभ करा रही है। नई नीति में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके परिवार के प्रति उदार और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसे प्रावधान किए है, जिससे उनके जीवन को सुरक्षित और भविष्य बेहतर बनाया जा सके।
छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत-पुनर्वास नीति 2025” को लागू करना वास्तव में छत्तीसगढ़ सरकार की राज्य में शांति बहाली, विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें भय नहीं, बल्कि सम्मान मिलेगा। वर्षों से जंगल-जंगल भटक रहे युवा, जो किसी भ्रम या दबाववश नक्सली संगठन में शामिल हो गए हैं, उनके लिए यह नीति एक नया जीवन शुरू करने का द्वार है। आत्मसमर्पण कर वे न केवल खुद का, बल्कि अपने परिवार और समाज का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं।
नई नीति में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार ने लाखों रूपए की मुआवजा राशि देने का प्रावधान किया है। एलएमजी के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को 5 लाख रुपये मुआवजा के तौर मिलेगा। इसी तरह एके-47/त्रिची असॉल्ट रायफल पर 4 लाख रुपये, मोर्टार पर 2.50 लाख रुपये, एसएलआर/ इंसास रायफल पर 2 लाख रुपये, एक्स 95 असाल्ट रायफल/एमपी-9 टेक्टिल पर 1.50 लाख रूपए, थ्री नाट थ्री रायफल पर 1 लाख रूपए, एक्स-कैलिबर पर 75 हजार रूपए, और यूबीजीएल अटेचमेंट पर 40 हजार रूपए, 315/12 बोर बंदुक पर 30 हजार रूपए, ग्लॉक पिस्टल पर 30 हजार रूपए के साथ ही अन्य छोटे हथियारों जैसे कार्बाइन, रिवॉल्वर, वायरलेस, डेटोनेटर आदि पर भी मुआवजा राशि का प्रावधान है।
हर आत्मसमर्पणकर्ता नक्सली को, भले ही उसके पास हथियार हों या न हों, उसे 50 हजार रूपए की नगद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सलियों द्वारा छिपाए गए आईईडी या विस्फोटकों की सूचना देकर उन्हें बरामद कराता है, तो उसे 15,000 से 25,000 तक की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने पर एक लाख तक का इनाम मिलेगा। आत्मसमर्पणकर्ता यदि विवाह करने के इच्छुक हैं तो उसको एक लाख की विवाह अनुदान राशि भी दी जाएगी। यदि पति और पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली हैं, तो उन्हें एक इकाई मानते हुए यह लाभ दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित इनामी सूची में शामिल नक्सली के आत्मसमर्पण पर उन्हें पूरी इनामी राशि नियमों के अनुसार प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की इस नीति के साथ-साथ भारत सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ भी आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलेगा। इस नीति में यह सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें समाज में दोबारा स्थापित होने के लिए हरसंभव मदद मिले। आत्मसमर्पणकर्ता को सिर्फ प्रोत्साहन राशि, मुआवजा, ईनाम ही न मिले बल्किे उसे इसके साथ शिक्षा, पसंद के अनुसार रोजगार-व्यवसाय के लिए कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सम्मान भी मिेले।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि हिंसा किसी समाधान का रास्ता नहीं है। हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के सुरक्षित भविष्य और स्वरोजगार के लिए हमारी सरकार हरसंभव मदद देगी। -
*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में आयोजित विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में हुए शामिल*
*छत्तीसगढ़ के विकास में युवाओं की भागीदारी को लेकर हुई चर्चा*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने युवाओं के साथ आत्मीय संवाद कर छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य और विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप प्रमोशन और उद्योगों से जुड़ाव जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और राज्य के समग्र विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में अब अंतिम साँसें गिन रहा है और मार्च 2026 तक नक्सल का समूल नाश होगा। छत्तीसगढ़ की यह सुंदर धरती विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगी और शांत, सुरक्षित, खुशहाल और समृद्ध प्रदेश के रूप में इसे नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में एएनआई द्वारा आयोजित विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एएनआई की संपादक श्रीमती स्मिता प्रकाश के साथ पॉडकास्ट में अपने पारिवारिक, राजनीतिक जीवन और मुख्यमंत्री के रूप में अब तक के सफर और उपलब्धियों पर खुलकर बातचीत की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने प्रदेशवासियों के हित में मोदी की गारंटी की बात कही थी और हमारी सरकार ने बड़े निर्णय लेते हुए इसे पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मोदी की गारंटी पूरी कर दी गई हैं। हमारी सरकार ने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास मुहैया कराने का बड़ा फैसला लिया था। प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह ₹1000 की राशि प्रदान की जा रही है। पीएससी की परीक्षाओं में युवाओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ सीबीआई जांच जैसे बड़े निर्णय हमारी सरकार ने लिए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने के लिए निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। इस नीति की सफलता का प्रमाण इस बात से मिलता है कि इसके लागू होने के बाद से सरकार को करोड़ों रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। हमारा उद्देश्य निवेश के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार देना भी है। श्री साय ने कहा कि हमने विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है और विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में हर प्रदेशवासी की अहम भूमिका होगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। -
*प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि का मांगा आशीर्वाद*
रायपु/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज हनुमान जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भक्ति भाव से हनुमान चालीसा का पाठ किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए मंगलकामनाएँ कीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति और भक्ति के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से हर संकट का समाधान संभव है।उन्होंने प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज़ कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।[4/12, 14:50] Dpr Tamboli Balmukund: *मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युवाओं के साथ किया आत्मीय संवाद* - -नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन-1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर-पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्तावरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे।मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी।उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए।भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी श्री ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री श्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ श्री सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने झरिया मोबाइल ऐप व वेबपोर्टल किया लॉन्चरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर अटल नगर के पचेड़ा में 'झरिया' एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट का शुभारंभ किया। इस प्लांट का संचालन पचेड़ा, अभनपुर के शारदा स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। प्लांट के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समूह की दीदियों से बातचीत की और एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट संबंधी जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर प्लांट के एल्कलाइन पेयजल का स्वाद भी चखा और कहा कि एल्कलाइन जल शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर यूनिट के संचालन को मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने झरिया मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल भी लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को ऑनलाइन एल्कलाइन पेयजल की मांग करने की सुविधा देगा। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त सहयोग से इस प्लांट की स्थापना की गई है। इस प्लांट में समूह की दस महिलाएं प्लांट का संचालन कर रही हैं। बिहान टीम द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन एवं समन्वय स्थापित कर उन्हें आजीविका संवर्धन की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।यह प्लांट पूर्णतः आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जिसमें प्रोसेसिंग से लेकर पैकेजिंग तक की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं। संयंत्र में नवीनतम मशीनों से युक्त दो प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं, जो जल की शुद्धता और एल्कलाइन स्तर की निरंतर जांच एवं नियंत्रण सुनिश्चित करती हैं। इस संयंत्र से रायपुर, नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र के लोगों को उच्च गुणवत्ता युक्त एल्कलाइन जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।इस प्लांट में बिहान की लगभग 10 महिलाएं सतत स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी और उन्हें ‘लखपती दीदी’ के लक्ष्य की ओर बढ़ने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा। एल्कलाइन पानी के सेवन से शरीर का पीएच स्तर संतुलित रहता है।एल्कलाइन पानी से हाइड्रेशन बेहतर होता है, वजन नियंत्रित रहता है, हड्डियाँ मजबूत होती हैं और शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है। इसके साथ ही यह त्वचा की सेहत में सुधार लाता है और हृदय को स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है।समूह की दीदियों ने बताया कि इस संयंत्र से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर 500 एमएल की काँच की बोतलों में आपूर्ति की जाएगी। काँच की बोतलों से ड्रिंकिंग वॉटर आपूर्ति से प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग में कमी आने से पर्यावरणीय संतुलन बेहतर होगा और प्लास्टिक जनित दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, नवा रायपुर क्षेत्र को ‘नो प्लास्टिक जोन’ के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल होगी। यह पैकेज्ड ड्रिंकिंग पेयजल की आपूर्ति सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में माँग अनुसार की जाएगी।समूह की अध्यक्ष श्रीमती पूनम बारले ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि आज पहले दिन ही उन्हें भारतीय प्रबंध संस्थान नवा रायपुर से 200 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की माँग प्राप्त हुई है, जिसे समूह की महिलाएं स्वयं ई-रिक्शा के माध्यम से पहुँचा रही हैं।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, एनआरडीए सचिव श्री अंकित आनंद, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल तथा सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार विश्वरंजन उपस्थित थे।























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