- Home
- छत्तीसगढ़
- -सुरक्षा एवं हिंसा रोकथाम के लिए समितियों का गठन करने के निर्देशरायपुर । रायपुर कमिश्नर श्री महादेव कावरे ने आज चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की बैठक ली। कमिश्नर श्री कावरे ने चिकित्सा संस्थाओं में चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिये बने राज्य कानूनों और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं का विवरण, जिसमें उल्लंघन के लिये दंड का स्पष्ट रूप से उल्लेख हो, प्रमुख स्थानों पर स्थानीय, हिन्दी, एवं अंग्रेजी भाषा में प्रदर्शित करने और सभी कर्मचारी, मरीज और आगंतुक इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने चिकित्सालयों में वरिष्ठ चिकित्सकों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से एक अस्पताल सुरक्षा समिति और हिंसा रोकथाम समिति का गठन करने और समितियों को स्वास्थ्य संस्थाओं के परिसर में व्यापक सुरक्षा उपायों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने का उत्तरदायी सौंपने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने चिकित्सा संस्थाओं में आम जनता और मरीजों के रिश्तेदारों के प्रवेश को सख्ती से नियंत्रित करने और आंगतुक-पास नीति को कड़ाई से लागू के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य संस्थाओं के परिसर में मरीजों के रिश्तेदारों के गतिविधियों की निगरानी करने को कहा। कमिश्नर श्री कावरे ने चिकित्सको, रेसीडेंट डॉक्टर, नर्स, एवं अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ के विभिन्न ब्लॉक, हॉस्टल भवनों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं के अन्य क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से आवागमन हेतु समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं विशेष रूप से रात्रिकालीन ड्यूटी के समय अतिरिक्त सावधानी अपनाने एवं सुरक्षित परिवहन और पर्याप्त प्रकाशयुक्त रास्तों एवं सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था के निर्देश दिए। कमिश्नर ने चिकित्सकीय स्टाफ के आवासीय ब्लॉकों, हॉस्टल ब्लॉकों, और अन्य अस्पताल परिसर में उचित प्रकाश व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने, जिससे संभावित सुरक्षा खतरों को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की संख्या, कार्य क्षमता और कवरेज की गहन समीक्षा करने और आवश्यकतानुसार निगरानी प्रणाली का उन्नयनीयकरण करने के निर्देश दिए। कमिश्न ने चिकित्सा संस्थाओं के परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की संख्या, कार्यक्षमता और प्रभावशीलता की स्थिति का समय-समय पर आकंलन करने और निगरानी एवं सुरक्षा को और दुरूस्त करने के लिये आवश्यक कार्यवाही करने के निर्दश दिए। कमिश्नर ने चिकित्सा संस्थाओं के परिसर में रात के समय नियमित रूप से सुरक्षागश्त की व्यवस्था स्थानीय पुलिस के माध्यम से करने, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने चिकित्सा संस्थाओं में 24 घंटे संचालित सुरक्षा नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने निकटतम पुलिस स्टेशन के साथ समन्वय स्थापित कर निरंतर समीक्षा करने और अस्पताल परिसर के उपयुक्त स्थानों पर पुलिस अधिकारियों के नाम एवं उनके मोबाइल नंबर का प्रकाशन करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने चिकित्सा संस्थाओं में कानूनी आवश्यकताओं के अनुसार यौन उत्पीड़न घटनाओं के लिए आंतरिक समिति का गठन करने और उक्त समिति के सशक्तिकरण हेतु निरंतर समीक्षा कर आवश्यकतानुसार सुदृढ़िकरण एवं गुणवक्तापूर्ण संचालन करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने शासकीय एवं निजी 100 बिस्तर एवं उससे अधिक चिकित्सा अस्पतालों में पुलिस चैकी की स्थापना के साथ पर्याप्त सुरक्षा बल की व्यवस्था करने एवं पुलिस चैकी का दूरभाष नंबर अस्पताल के मुख्य स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने चिकित्सा संस्थाओं में समय-समय पर पुलिस प्रशासन के माध्यम से सम्पूर्ण चिकित्सा परिसर का सुरक्षा ऑडिट करने एवं अंतर विश्लेषण अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री कावरे ने चिकित्सा संस्थाओं परिसर में किसी भी अप्रिय (हिंसा) घटना के संबंध में प्राप्त शिकायती फोन कॉल के त्वरित निराकरण के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 का उपयोग करने के लिये आवश्यक व्यवस्था एवं इसका चिन्हांकन अस्पतालों के मुख्य स्थानों पर करने के निर्देश दिए। श्री कावरे ने चिकित्सा परिसर में सीसीटीवी कैमरा, पर्याप्त लाइटिंग तथा सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था शासन द्वारा उपलब्ध बजट से करने एवं उपलब्ध बजट की कमी की स्थिति में उक्त कार्य के लिए व्यय चिकित्सा महाविद्यालय के मामले में संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय संबंद्ध चिकित्सालय की स्वशासी समिति में उपलब्ध राशि के अंतर्गत करने एवं जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के मामले में संचालक, स्वास्थ्य सेवायें को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों स्थिति में बजट की कमी होने पर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
- -संथाल परगना और केरल के बीच फुटबॉल का फाइनल मुकाबला कल कोटा स्टेडियम में-वन मंत्री केदार कश्यप ने मैदान पहुँचकर जनजाति खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला-तीरंदाजी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बच्चों ने मारी बाजीरायपुर / राजधानी रायपुर में चल रही 24 वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीडा प्रतियोगिता के आज तीसरे दिन फुटबॉल के कुल 09 मैच खेले गए जिसमें दो सेमीफाइनल के मैच भी शामिल है। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री केदार कश्यप ने कोटा स्टेडियम और तीरंदाजी खेल परिसर में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया उन्होंने सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और बेहतरीन खेल दिखाने के लिए सभी का हौसला बढ़ाया।फुटबॉल के मैच और परिणामपंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में आयोजित फुटबॉल मैच में केरल का दबदबा रहा केरल ने आज के अपने तीनों मैच जीते और फाइनल में जगह बनाई। सेमी फाइनल में केरल का मुकाबला मिजोरम से हुआ जहां केरल ने मिजोरम को मात देकर फाइनल में स्थान बनाया। पहले केरल ने दक्षिण बंगाल के साथ हुए मैच को टाई ब्रेकर तक खींचा और उसके बाद टाई ब्रेकर में दक्षिण बंगाल को एक गोल से हराया।एक दूसरे मैच में मध्य भारत और नागालैंड के बीच बेहद रोमांचक मैच हुआ जिसमें नागालैंड के विनाश ने एकमात्र गोलकर अपनी टीम को विजय दिलाई। जशपुर और मिजोरम के मैच में टोपजी राम ने दो गोल कर जशपुर को 2- 1 से हराया और सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई । केरल और नागालैंड के मैच में भारी गहमा गहमी रही।केरल ने मैच को 2- 1 से जीत कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। कोटा स्टेडियम पर आज 5 मैच खेले गए । झारखंड और उत्तर बंगाल के मैच में झारखंड में एक गोल से जीत हासिल की उत्तर बंगाल की टीम कोई गल नहीं कर सकी। गोवा की टीम ने राजस्थान को 4-0 से शिकायत दी। वही झारखंड और महाकौशल के बीच हुए मैच में झारखंड ने तीन गोल किए महाकौशल केवल एक ही गोल कर पाया । झारखंड ने मैच जीत कर सेमीफाइनल में जगह बनाया।गोवा और संथाल परगना का मैच काफी रोमांचक रहा मैच टाई ब्रेकर तक पहुंचा।टाई ब्रेकर में संथाल परगना ने गोवा को 4 - 2 से शिकस्त दी और सेमीफाइनल में प्रवेश किया।सेमी फाइनल के परिणामपहले सेमीफाइनल में केरल और मिजोरम के बीच हुए मैच में दोनों टीमें छाई रही दोनों टीमों के खिलाड़ी निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं कर सके । टाई ब्रेकर में केरल के खिलाड़ियों ने अपना वर्चस्व बनाए रखा और चार गोल किए। मिजोरम की टीम केवल तीन गोली कर सकी इस प्रकार केरल ने 4 - 3 से मैच जीत कर फाइनल में जगह बनाई।दूसरे सेमीफाइनल मैच में संथाल परगना और झारखंड के बीच हाई वोल्टेज मैच हुआ। मैच में कोई भी टीम निर्धारित समय में गोल नहीं कर सकी। सडन डेथ में झारखंड ने चार गोल किए लेकिन संथाल परगना ने बेहतर खेल दिखाया और पांच गोलकर फाइनल में प्रवेश किया।फुटबॉल का फाइनल मैचफुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मैच मंगलवार को सुबह 9:00 बजे से कोटा स्टेडियम में केरल और संथाल परगना के बीच खेला जाएगा।तीरंदाजी प्रतियोगिता के आज के परिणामराज्य तीरंदाजी अकादमी मैदान पर आज 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीडा प्रतियोगिता के तहत तीरंदाजी के जूनियर और बालक /बालिका के 40 एवं 30 मीटर के मैच खेले गए।तीरंदाजी के बालिका जूनियर वर्ग में उड़ीसा के तीरंदाजों का दबदबा रहा। उड़ीसा के मंजू लता ने 563 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया ।छत्तीसगढ़ की रामशिला नेताम ने 493 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही ।वहीं उड़ीसा की मीना त्रिया 460 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही।जूनियर बालक वर्ग में पूर्वी उत्तर प्रदेश के तीरंदाजो ने कमाल दिखाया दूसरे और तीसरे स्थान पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के तीरंदाज रहे ।राजस्थान के हिमेश बरांडा ने 643 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया पूर्वी उत्तर प्रदेश के आदित्य सिंह ने 637 अंकों के साथ दूसरा और हीरा सिंह ने 626 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
- -सुकन्या समृद्धि योजना में कर रही राशि निवेशबिलासपुर /महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव की शुरूआत हुई है और उनके जीवन को एक नई दिशा मिल रही है। योजना के तहत मिलने वाली राशि से महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिल रही है साथ ही उनके बच्चों का भविष्य गढ़ने में भी यह योजना सार्थक बन रही है। बिलासपुर देवरीखुर्द की स्वच्छता दीदी विमला धुरी योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने में कर रही है।बुटापारा देवरीखुर्द की रहने वाली श्रीमती विमला धुरी नगर निगम में स्वच्छता दीदी के रूप में काम करती है और अपने परिवार को आर्थिक सहयोग देती है। विमला ने बताया कि महतारी वंदन योजना से विगत 10 माह से हर माह 1 हजार की राशि उनके खाते में आ रही है। मानदेय के अतिरिक्त सरकार से मिलने वाली इस राशि का उपयोग वह अपनी बेटी के भविष्य को संवारने में करेंगी। विमला ने बताया कि बेटी के नाम से उन्होंने सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया है और सरकार से मिलने वाली इस मदद को हर माह बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही है। सुकन्या समृद्धि योजना में प्रतिवर्ष चक्रीय ब्याज की गणना होती है जिससे निवेश राशि में प्रतिवर्ष बढ़ोत्तरी होती है। यह राशि बेटी की भविष्य में शिक्षा-दीक्षा के काम आएगी।विमला ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा हम जैसी जरूरतमंद महिलाओं को दी जा रही इस मदद से बड़ा सहारा है। हमारी आमदनी इतनी नहीं होती कि हम किसी तरह की बचत कर सकें। लेकिन सरकार की इस पहल से हम जैसी लाखों महिलाएं बचत और निवेश कर आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ रही हैं जिसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आभारी है।
- -31 जनवरी तक किए जा सकेंगे ऑनलाइन आवेदनरायपुर । रायपुर जिले में संचालित शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख में बढ़ोतरी की गई है। अब 31 जनवरी तक छात्र ऑनलाइन आवेदन एवं नवीनीकरण कार्य कर सकते है। वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र ऑनलाइन आवेदन 31 जनवरी तक postmatric-scholarship.cg.nic.in के वेबसाइट पर कर सकते है।
- - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा महतारी सदन की सौगात मिलने पर ग्राम कुरदी के ग्रामीणों ने जताया आभारबालोद। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में महतारी सदन का निर्माण कराया जा रहा है। बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुरदी में जिले का पहला महतारी सदन बनाया जाएगा। जिसकी सौगात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विगत दिनों बालोद जिले के राजाराव पठार में आयोजित कार्यक्रम में दी है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में बनने जा रहे महतारी सदन से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको कामकाज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायतों में महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है। बालोद जिले के ग्राम कुरदी की श्रीमती पोमीर साहू ने बताया कि उन्हें बेहद ही खुशी हो रही है कि उनके गांव में महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है। पहले हम महिलाओं को चर्चा, बैठक आदि के लिए यहाँ-वहाँ बैठना पड़ता था। उपयुक्त स्थान नही होने की वजह से हमें काफी समस्याएं भी आती थी। लेकिन हमारी इस समस्या को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोंचा, समझा और उसका हल निकालते हुए महतारी सदन की सौगात हम महिलाओं को दी है। इसके लिए हम सभी महिलाएं उनका हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करती है।गांव की बुजुर्ग महिला श्रीमती उषा किरण योगी ने बताया कि हम गांव की महिलाओं को आजीविका संबंधी कार्यों एवं कई प्रकार के बैठकों के लिए अन्य भवन या किसी के घर जाना पड़ता था। बैठक एवं गतिविधियों के लिए कोई निश्चित स्थान नही था। लेकिन अब महतारी सदन बनने से गांव की सभी महिलाओं के लिए एक अच्छा भवन मिल पाएगा। जहाँ हम महिलाएं आजीविका संबंधी गतिविधियां और बैठक आदि कर सकती हैं। महतारी सदन की सौगात हम महिलाओं को देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी को हृदय से धन्यवाद। ग्राम पंचायत कुरदी के सरपंच श्री संजय साहू ने अत्यंत ही हर्ष के साथ बताया की बालोद जिले का पहला महतारी सदन उनके ग्राम पंचायत कुरदी में बनने जा रहा है। यह सौगात ग्राम कुरदी की महिलाओं के लिए सौभाग्य की बात है। श्री संजय साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक संबल भी मिल रहा है। अब उन्होंने महतारी सदन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को उनके सशक्तिकरण हेतु बड़ी सौगात दी है।क्रमांक/796/ठाकुर
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 अंतर्गत राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की पांचवी बैठक के अनुशंसा अनुसार नगर निगम भिलाई क्षेत्र में सार्वजनिक, सामुदायिक शौचालयों के मरम्मत/उन्नयन कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति एवं निविदा आमंत्रण की अनुमति प्राप्त होने के पश्चात 107 शौचालयों का मरम्मत/उन्नयन का कार्य 362.52 लाख की लागत से किया जा रहा है।उक्त कार्य को शीध्र पूर्ण कराये जाने के लिए आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा निम्नलिखित शर्तो के अनुसार आदेश जारी किया गया है। शौचालय के मरम्मत/उन्नयन हेतु सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति की सीमा के अंदर निर्माण कार्य किया जाएगा। किसी भी प्रकार का सारवान परिवर्तन सक्षम अधिकारी के पूर्व स्वीकृति के बिना नहीं किया जाएगा। अनुमोदित निविदा प्रारूप के अनुसार समय पर जारी निर्देशो का पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित निर्माणकर्ता एजेंसी कार्य की गुणवत्ता एवं मानदण्ड सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय अनुसार पूर्ण करेगी। प्रथम किश्त की जारी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र, भौतिक स्थिति, सत्यापित फोटोग्राफ्स प्राप्त होने पर आगामी किश्त की राशि प्रदान की जावेगी। उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ शौचालय मरम्मत के पूर्व एवं पश्चात किये गये कार्यो का जीयो टेग फोटोग्राफ्स प्रेषित करना अनिवार्य होगा। राज्य शासन तथा नोडल एजेंसी सूडा द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशो का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
- बिलासपुर /नियुक्ति के दौरान फर्जी परित्यक्ता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर कोटा ब्लॉक के आंगनबाड़ी केन्द्र जरगाडीह की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सरस्वती यादव को बर्खास्त करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। फर्जी परित्यक्ता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर श्रीमती सरस्वती यादव के खिलाफ कार्रवाई करने कोटा थाना प्रभारी को भी पत्र प्रेषित किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा के परियोजना अधिकारी ने बताया कि जरगाडीह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर फर्जी परित्यकता प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदिका श्रीमती सरस्वती पति श्री बलराम यादव ने आवेदन दिया था। उनके द्वारा फर्जी तरीके से सरपंच एवं सचिव के हस्ताक्षर से परित्यक्ता प्रमाण पत्र बनवाया गया था। उनकी नियुक्ति के संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर श्रीमती सरस्वती के आवेदन की जांच की गई जिसमें गांव के लोगों द्वारा लिखित में शिकायत की गई कि वे अभी भी पति एवं अपने 2-3 माह के बच्चे के साथ रहती है। जांच के दौरान सचिव के द्वारा लिखित बयान दिया गया कि परित्यक्ता प्रमाण पत्र पर उनका हस्ताक्षर नहीं है। इन सभी तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि श्रीमती सरस्वती यादव ने फर्जी तरीके से परित्यक्ता प्रमाण पत्र बनवाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति प्राप्त की है। सभी तथ्यों की जांच करने के बाद परियोजना स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा 13 दिसंबर 2024 को अनुमोदन पर श्रीमती सरस्वती यादव को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केन्द्र जरगाडीह के पद से बर्खास्त करते हुए सेवा समाप्त कर दी है। फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर श्रीमती सरस्वती यादव के विरूद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने कोटा थाना प्रभारी को पत्र प्रेषित किया गया है।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने अपनी साप्ताहिक नियमित जनदर्शन में सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने मिलने पहुंचे हर व्यक्ति से मुलाकात कर उनकी परेशानी पूछी और इनके समुचित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।आज साप्ताहिक जनदर्शन में तखतपुर विकासखंड ग्राम घोरामार के ग्रामीणों ने गांव के जानवरों के निस्तारी के लिए बने गोचर पर अवैध कब्जा एवं पेड़ों की कटाई कर अवैध निर्माण की शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर ने आवेदन एसडीएम तखतपुर को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बिल्हा विकासखंड के ग्राम तेलसरा की भाग्य लक्ष्मी स्व. सहायता समूह की महिलाओं ने कूड़ा कचरा एकत्र करने के लिए रिक्शा दिलाने एवं मजदूरी भुगतान नहीं मिलने की शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर ने आवेदन एसडीएम बिल्हा को भेजते हुए निदान के निर्देश दिए। मस्तूरी निवासी वृद्ध किसान धनउ ने सीमांकन करवाने कलेक्टर को आवेदन सौंपा। इस मामले को एसडीएम मस्तूरी देखेंगे। सिरगिट्टी निवासी मजदूर श्री नर्मदा प्रसाद वर्मा द्वारा पुत्र के इलाज हेतु सहायता राशि दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने आवेदन सीएमएचओ को भेजा।मस्तूरी के ग्राम चौहा निवासी श्री रंगबहार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास योजना का लाभ दिलाने आवेदन सौंपा। कलेक्टर ने आवेदन जिला पंचायत को भेजा। कोटा विकासखंड के ग्राम लिटिया के पंचों द्वारा तात्कालिक ग्राम सरपंच श्रीमती दुलेश्वरी नेताम द्वारा शासकीय कार्यो के लिए आए सामानों एवं मुख्यमंत्री आंतरिक विद्युतीकरण की प्रथम किस्त एवं मुख्यमंत्री समग्र योजना की प्रथम किस्त की राशि का आहरण कर कामों को शुरू नहीं करने की शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर ने आवेदन सीईओ जिला पंचायत को भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।राजकिशोर नगर निवासी श्री मनोज कुमार डिक्सेना द्वारा जमीन के कब्जे की शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर ने आवेदन एसडीएम तखतपुर केा भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्राम मेलनाडीह निवासी श्री प्रताप सिंह नेताम द्वारा एनएच 130 के लिए अधिग्रहण की गई मकान एवं जमीन का मुआवजा दिलाने कलेक्टर को आवेदन दिया। इस मामले को एसडीएम कोटा देखंगे। तखतपुर विकासखंड के ग्राम सागर निवासी नीलम सक्सेना ने विधवा पेंशन दिलाने कलेक्टर को आवेदन सौंपा।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ के जेलों के बंदियों के मध्य अपराधिक घटनाओं को रोकने तथा घटना उपरान्त त्वरित कार्यवाही के लिए जेल मुख्यालय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की विभिन्न जेलों द्वारा विभिन्न कार्यवाहियां की गई है। सभी जेलों में क्विक रिएक्शन टीम (क्यू.आर.टी.) का गठन किया गया है। कोई भी अप्रिय घटना होने पर क्यू.आर.टी. द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी। इस हेतु नियमित रूप से मॉकड्रिल तथा रिहर्सल भी किया जा रहा है। अपराधिक घटनाएं रोकने के लिए कैदियों की व्यवहार प्रोफाईलिंग तैयार की गई है। कैदियों की विभिन्न अपराधियों तथा अपराधिक समूहों से संबद्धता एवं इतिहास पर नजर रखी जा रही है।केन्द्रीय जेल दुर्ग के जेल अधीक्षक से मिली जानकारी अनुसार बंदियों का हिंसक व्यवहार रोकने के लिए तथा रचनात्मक अभिरूचि बढ़ाये जाने के लिए बंदियों के लिए शैक्षणिक प्रशिक्षण, रोजगारोन्मुखी व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण और जीवन कौशल संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इससे बंदियों के मध्य तनाव में कमी आई है। साथ ही बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, थेरेपी और परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके माध्यम से अपराध के सामाजिक-आर्थिक कारकों को भी संबोधित किया जा रहा है। बंदियों के परिवारों के साथ स्वस्थ रिश्तों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सामाजिक समर्थन प्रणालियाँ प्रदान करने हेतु प्रक्रिया विकसित की गई है। इससे बंदियों के रिहा होने पर अपराधिक जीवन में पुनः प्रवेश करने की संभावना में कमी आएगी।सकारात्मक संलग्नता बढ़ाने के लिए बंदियों को मनोरंजन गतिविधियाँ और खेल सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे बंदियों के मध्य टीम वर्क और सहयोग को बढ़ावा मिला है। बंदियों को योग, ध्यान तथा काउंसिलिंग प्रदाय की जा रही है। बंदियों के मध्य समरसता बढ़ाये जाने के उद्देश्य से मध्यस्थ नियुक्ति किये गये हैं तथा उनके द्वारा बंदियों से सतत् संवाद रखा जा रहा है। आसूचना तंत्र को मजबूत किया गया है। निगरानी हेतु टेक्नोलोजी, सीसीटीवी इत्यादि का सहारा लिया जा रहा है। जेल कर्मियों को जेल नियमावली का पालन करने तथा मेहनत, लगन तथा ईमानदारी से कार्य करने के निर्देश दिये गये हैं। ’श्री मनीष संभाकर, अधीक्षक, केन्द्रीय जेल, दुर्ग द्वारा बताया गया कि जेल डीजी श्री हिमांशु गुप्ता के निर्देश पर दुर्ग संभाग की सभी जेलों में क्यू.आर.टी. का गठन किया गया है। अन्य निर्देशों का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने विभागीय कार्यो के सुचारू संचालन में कसावट लाने अधिकारी/कर्मचारियो के लिए आदेश जारी किया है। राज्य शासन द्वारा शासकीय कार्यालयों के कार्यावधि के संबंध में पूर्व जारी आदेश को अधिकृमित करते हुए राज्य के मंत्रालय एवं विभागाध्यक्ष कार्यालयों तथा समस्त मैदानी कार्यालयों हेतु कार्य अवधि सुबह 10 बजे से सायं 5ः30 बजे तक निर्धारित किया गया है।आयुक्त पाण्डेय ने आदेश में निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय एवं जोन कार्यालय में कार्यरत समस्य अधिकारी/कर्मचारियों को आदेश दिए है। सभी अधिकारी/कर्मचारी शासन द्वारा निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होवें और सौंपे गये दायित्वो का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से करे, अपने दायित्वों का परिपालन करें। विभागीय नस्तियों को अपने टेबल पर जमा न होने दे, शीध्र उसका आगे बढ़ावें। जिससे कार्य समय सीमा में पूर्ण किया जा सके। आयुक्त से संबंधित नस्तियों को समय अवधि के अंदर प्रस्तुत किया जाए। मैं भी नस्तियों का त्वरित निराकरण करूगां। किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्व नगर निगम अधिनियम के अनुसार कार्यवाही की जावेगी।
- दुर्ग / कलेक्टर एवं अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने गृह सचिव भारत सरकार व राज्य शासन के योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के निर्देशों के परिपालन में किसी भी जन्म एवं मृत्यु की सूचना रजिस्ट्रार को उसकी घटना के एक वर्ष के पश्चात देने के मामले में विलंबित पंजीयन आदेश जारी करने हेतु दुर्ग जिले के सभी कार्यपालन मजिस्ट्रेट को उनके अधिकार क्षेत्र के भीतर प्राधिकृत किया गया है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के आदेश के विरूद्ध अपील दायर की जाए तो इस अपील की सुनवाई हेतु जिला मजिस्ट्रेट सक्षम प्राधिकारी होगा।
-
दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के 9 कार्याें के लिए 49 लाख 88 हजार 694 रूपए स्वीकृत किया गया है। विधायक श्री ललित चंद्राकर द्वारा अनुशंसित उक्त कार्य का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी जनपद पंचायत दुर्ग मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्ग द्वारा की जाएगी।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत चंदखुरी अंतर्गत वार्ड 05 एवं 06 में सीसी रोड निर्माण एवं ग्राम पंचायत पीसेगांव अंतर्गत इंदिरा चौक से कोमल देशमुख घर तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य हेतु 10-10 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत अण्डा में भिखारी यादव घर से पप्पू महर घर तक वार्ड 14 में एवं उतरा साहू घर से पुनीत चंद्राकर घर तक वार्ड 17 में सीसी रोड निर्माण कार्य हेतु 3.10-3.10 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत बोरई अंतर्गत गायत्री मंदिर 3 से भरतदास वैष्णव घर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 3 लाख 19 हजार 859 रूपए, ग्राम पंचायत मचांदुर अंतर्गत जगदीश साहू 4 के घर से सुंदर यादव के घर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 6 लाख 99 हजार 571 रूपए, ग्राम पंचायत खोपली अंतर्गत डीही सांस्कृतिक मंच दशहरा मैदान के सामने एवं पूरन देशलहरे के घर से हनुमान मंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए क्रमशः 6 लाख 99 हजार 570 रूपए एवं 4 लाख 99 हजार 694 रूपए तथा ग्राम पंचायत कुथरेल अंतर्गत शास. मद से निर्मित सार्वजनिक भवन में चेकर टाईल्स कार्य के लिए 1 लाख 50 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। - दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सीसी रोड निर्माण के लिए 3 लाख 10 हजार रूपए स्वीकृत किया गया है। जिला प्रभारी मंत्री, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्य का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी जनपद पंचायत दुर्ग मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्ग द्वारा की जाएगी। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत चंगोरी अंतर्गत शीतला मंदिर से कमलचंद जैन घर तक सीसी रोड निर्माण हेतु 3 लाख 10 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। file photo
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए वैशाली नगर विधानसभा के 03 निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्याे के लिए 53 लाख 45 हजार 458 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र विधायक श्री रिकेश सेन द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा की जाएगी।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रं 20 वैशाली नगर अंतर्गत लोकांगन में सार्वजनिक डोम शेड निर्माण कार्य के लिए 19 लाख 96 हजार 610 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार वार्ड क्र. 04 नेहरू नगर पश्चिम अंतर्गत सियान सदन में चेनलिंक फेसिंग एवं टयूबलर पाल लगाने हेतु 8 लाख 50 हजार एवं सार्वजनिक अशोक उद्यान का सौंदर्यीकरण एवं विद्युतीकरण हेतु 24 लाख 98 हजार 848 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- -कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश-जनदर्शन में आज 106 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा।जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, रोजगार दिलाने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 106 आवेदन प्राप्त हुए।बजरंग नगर दुर्ग निवासियों ने गैस एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही करने मांग की। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले हम मजदूर रोजी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। हमारे नाम से गरीबी रेखा राशन कार्ड बना हुआ है। शासन की योजना के अंतर्गत उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन के लिए 2018 में आवेदन किया गया था। अपने नाम का गैस सिलेण्डर लेने गोल्डन गैस एजेंसी पद्मनाभपुर में गए तो वहां के.वाय.सी. नही हुआ है, कहकर लगभग तीन वर्षो से घुमाया जा रहा है, जबकि मेेरे नाम से गैस सिलेण्डर प्रतिमाह उठाया जा रहा है, जो कि मेरे नाम से जारी दिखा रहा है। इसी प्रकार अन्य महिलाओं को भी गैस सिलेण्डर के लिए घुमाया जा रहा है। इस पर कलेक्टर खाद्य नियंत्रण अधिकारी को परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।ग्राम औंरी निवासी ने विकलांग पेंशन प्रदान करने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत विकलांग होने के कारण जीवन यापन हेतु शारीरिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम नही है। वर्तमान में किसी भी प्रकार का पेंशन प्राप्त नही होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा।ग्राम मोहलई के गोविंद गोपालन केन्द्र ने नाली का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने आवेदन दिया। सड़क निर्माण के दौरान नाली निर्माण किया जा रहा था। गौशाला के सामने लगभग 200 फुट नाली का निर्माण संबंधित विभाग द्वारा कतिपय कारणों से नाली निर्माण नही किया गया। इस संबंध में संबंधित विभाग को आवेदन दिया गया था। गौशाला के प्रदूषित जल का निष्कासन खाली प्लाट में किया जाता है, चूंकि पीछे प्लाट में भवन निर्माण हो जाने के कारण निष्कासन के लिए समस्या उत्पन्न हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को वस्तुस्थिति का जायजा लेकर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। इस अवसर पर एडीएम श्री अरविंद एक्का, अपर कलेक्टर श्रीमती लता उर्वशा, संयुक्त कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
- दुर्ग / जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा दुर्ग अंतर्गत जिले में संचालित संजीवनी बालिका छात्रावास तथा संदीपनी बालक छात्रावास हेतु अनुदेशक पद पर कार्य करने हेतु इच्छुक आवेदकों का 18 नवंबर 2024 को साक्षात्कार लिया गया था। आवेदकों द्वारा साक्षात्कार से प्राप्त पात्रता अनुसार प्रावीण्यतम सूची जारी की गई है। जिला परियोजना कार्यालय के जिला मिशन समन्वयक से प्राप्त जानकारी के अनुसार तत्संबंध में आवेदकों से 31 दिसंबर 2024 तक दावा आपत्ति तक कार्यालय में कार्यालयीन समय में जमा कर सकते है। निर्धारित अवधि के बाद दावा आपत्ति स्वीकार नहीं की जायेगी।
- -उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने ली राजनैतिक दलों और प्रतिनिधियों की बैठकरायपुर । नगरीय निकाय निर्वाचन 2024-25 के तहत कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उमाशंकर बंदे ने आज रेडक्राॅस सभाकक्ष में राजनैतिक दलों एवं उनके प्रतिनिधियों की बैठक ली। बैठक में निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न मदों जैसें वाहन, लाइट, माइक, शामियाना, डेकोरेशन, भोजन, वीडियोग्राफी एवं प्रचार सामग्री समेत विभिन्न मदों पर किए जाने वाले व्यय का मानक दर सर्व सम्मति से निर्धारित किया गया।इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने का कार्यक्रम जारी किया गया। जिसके संबंध में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को जानकारी दी गई।
- -मुख्यमंत्री ने कहा : राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध, ओलंपिक में मेडल लाने लगातार मेहनत करने की दी सीख-प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित छत्तीसगढ़ के कोंडागांव की बिटिया राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी हेमबती नाग ने मुख्यमंत्री से की मुलाकातरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी हेमबती नाग ने सौजन्य मुलाकात की। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव की बिटिया हेमबती को उनकी उपलब्धियों के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों "प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024" से सम्मानित किया गया है।हेमबती नाग ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतकर लाना उसका सपना है। यह सुन कर मुख्यमंत्री ने हेमबती को शाबाशी दी और इस सपने को पाने के लिए लगातार मेहनत करने की समझाईश दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने हेमबती को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्होंने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए अनेक पदक जीते और प्रदेश को गौरवान्वित किया।उन्होंने हेमबती नाग को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया है।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वन श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन उपस्थित थे।
- -राज्य के 20 जिलों के किसान कर रहे हैं फोल्डस्कोप का उपयोग-उन्नत तकनीक के जरिए किसान मिट्टी की गुणवत्ता और पौधों की बीमारियों का पता लगाने में हो रहे सक्षमरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ में खेती को उन्नत और लाभकारी बनाने के लिए लगातार नित नए नवाचार किए जा रहे हैं। किसानों को उन्नत कृषि उपकरणों के उपयोग और वैज्ञानिक पद्धति को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किए जा रहा है, जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आने लगे है। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि प्रधान राज्य है। यहां की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी खेती किसानी पर निर्भर है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की धुरी भी कृषि है। छत्तीसगढ़ को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को हर संभव मदद दे रही है।छत्तीसगढ़ में फसलों के कीट प्रकोप प्रबंधन और उन्नत नस्ल के पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को फोल्डस्कोप माइक्रोस्कोप के उपयोग के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान के सहयोग से राज्य के 20 जिलों के किसानों को ’’फोल्डस्कोप’’ नामक पोर्टेबल माइक्रोस्कोप वितरित किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को खेती और पशुपालन में वैज्ञानिक तकनीकों से सशक्त बनाना है। रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायपुर, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, कोरबा, सक्ती, महासमुंद, बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, कांकेर और बस्तर जिलों के 30 से अधिक गांवों में फैले इस कार्यक्रम को आईसीएआर - राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।फोल्डस्कोप एक किफायती और पोर्टेबल माइक्रोस्कोप है, जिसे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक प्रोफेसर मनु प्रकाश और उनकी टीम ने विकसित किया है। इसे 2014 में लॉन्च किया गया था और तब से इसका उपयोग शिक्षा, शोध और निदान के लिए किया जा रहा है। यह उपकरण खेती और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में बेहद उपयोगी और किफायती है। फोल्डस्कोप का उपयोग किसान कीट और रोग का पता लगाने, मिट्टी की गुणवत्ता की जांच और पानी के विश्लेषण के लिए कर रहे हैं। इसकी मदद से फसलों में पाउडरी फफूंदी, पत्ती झुलसा, पत्ती धब्बा और कटाई के बाद होने वाली बीमारियों की पहचान की जा रही है। अब तक, फोल्डस्कोप की मदद से 16 प्रकार के फफूंद रोगों और उनके कारक जीवों की पहचान हो चुकी है। उदाहरण के लिए, गोलोविनोमाइसेस सिचोर-एसेरम और एरीसिफे पॉलीगोनी जैसे रोगजनकों का पता लगाया गया है। फोल्डस्कोप केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पशुपालन में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मवेशियों के कृत्रिम गर्भाधान के लिए वीर्य की गुणवत्ता का आकलन करने में इसका प्रयोग किया गया है। इससे गर्भधारण दर में सुधार हुआ है और देशी मवेशियों की नस्लों की ग्रेडिंग बेहतर हो रही है।फोल्डस्कोप का उपयोग पांच जैविक कीटनाशकों और दो जैव एजेंटों का परीक्षण करने के लिए भी किया गया है। इससे रसायनों पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। फोल्डस्कोप को बनाने का विचार तब आया जब प्रोफेसर मनु प्रकाश ने खेतों का दौरा किया और पाया कि वैज्ञानिक उपकरणों की अनुपलब्धता किसानों के लिए एक बड़ी बाधा है। उन्होंने एक ऐसा उपकरण विकसित किया जो सस्ता, टिकाऊ और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग के लिए आदर्श हो। फोल्डस्कोप ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए कृषि और पशुपालन को सरल और वैज्ञानिक बना दिया है। यह उपकरण न केवल खेती में लागत कम कर रहा है, बल्कि फसल और मवेशियों की गुणवत्ता में सुधार कर उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रहा है।
- -कृषक भीमसिंह ने बीते साल की धान बिक्री से खरीदा सिंचाई पम्प, अब धान के साथ सब्जी-बाड़ी से भी हो रही है अतिरिक्त आयअम्बिकापुर । शासन की मंशानुरूप कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से 3100 रुपए क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। जिससे कृषकों की आय में वृद्धि के साथ ही उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार आया है। जिले के अम्बिकापुर के उपार्जन केंद्र सुखरी में धान बेचने आए भीम सिंह ने बताया कि उन्होंने गत वर्ष 127 क्विंटल धान बेचा था, जिसके अंतर की राशि लगभग एक लाख रुपए उन्हें मिले थे। उन्होंने इस राशि से सिंचाई हेतु पम्प खरीदा। सिंचाई सुविधा में वृद्धि से उन्होंने धान के साथ अब शेष भूमि में सब्जी लगाया है, जिससे उन्हें अच्छी खासी अतिरिक्त आय हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हम किसानों को जो गारंटी दी थी, वो पूरी हुई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया।भीमसिंह ने बताया कि इस वर्ष भी उन्होंने धान बेचा है। बोनस राशि मिलने पर वे इस राशि को भविष्य के लिए जमा करेंगे। उन्होंने खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि शासन द्वारा हमें माइक्रो एटीएम की भी सुविधा दी गई है जिसमें जरूरत के हिसाब से तुरंत पैसे निकाल सकते हैं।
- राजनांदगांव में टक्कर से दूर गिरे, टुकड़ों में बंटी लाशराजनांदगांव/ राजनांदगांव केजिले में तेज रफ्तार ट्रक ने रविवार को बाइक सवार तीन दोस्तों को टक्कर मार दी। युवक बाइक से दूर जाकर गिरे, जिससे तीनों की मौके पर मौत हो गई। हादसे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है। मामला घुमका थाना क्षेत्र के मुरमुंदा तिराहा का है।मिली जानकारी के मुताबिक मरने वालों में भुवन यादव (30), तुलेश्वर यादव (26) और नारद यादव (30) शामिल है। तीनों मुरमुंडा गांव के रहने वाले थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवकों की हड्डियां तक चकनाचूर हो गईं।
- रायपुर, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के 45-वर्षीय एक अधिकारी ने अपनी सर्विस बंदूक से खुद को गोली मारकर रविवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि सीएएफ की 14वीं बटालियन के अनिल सिंह गहरवार ने राखी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस मुख्यालय में अपने बैरक में रात करीब आठ बजे कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। उन्होंने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर उनके सहकर्मी उनके कमरे में पहुंचे, जहां वह मृत पाए गए। अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के रहने वाले गहरवार कंपनी कमांडर के पद पर तैनात थे। अधिकारी ने बताया कि अधिकारी के परिजन फिलहाल दुर्ग जिले में रहते हैं और उन्हें घटना के बारे में जानकारी दे दी गई है।
- टी सहदेवभिलाई नगर। दुर्ग-भिलाई की उभरती म्यूजिकल संस्था 'राग मंजरी' ने शनिवार को सिविक सेंटर में हिंदी सिनेमा के श्रेष्ठतम पार्श्व गायक मोहम्मद रफ़ी की जन्मशती के अवसर पर एक शानदार कार्यक्रम 'रागांजलि' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में संस्था के गायकों ने रफ़ी साहब के अमर गीतों की प्रस्तुति देकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय संगीत के स्वर्णिम युग के कभी तिरोहित नहीं होने वाले सितारे मोहम्मद रफ़ी की गायकी की सादगी, मधुरता और भावपूर्ण अदायगी ने उन्हें हर दिल का अजीज बना दिया। उनकी जन्मशती पर आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी कला, व्यक्तित्व और विरासत को नमन किया गया।'राग मंजरी' के गायकों जगदीश बामनिया, ऋषभ साहू, सुमन जोशी, जीवनंदन वर्मा, तपननाथ, सुरेश बारसागढ़े, वंदना देशमुख, तामेश्वर साहू, प्रमोद ताम्रकार, पवन भुआर्य में से ज्यादातर गायक दुर्ग में संचालित संगीत महाविद्यालय 'नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय दुर्ग के विद्यार्थी हैं। कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद 'राग मंजरी' के गायकों ने रफ़ी साहब के कई सुपरहिट गीत जैसे 'ये चाँद सा रोशन चेहरा', 'एहसान तेरा होगा मुझ पर', 'है दुनिया उसी की, जमाना उसी का', 'चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे', 'पुकारता चला हूँ मैं', और गजल 'रंग और नूर की बारात किसे पेश करूँ' गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर रफ़ी साहब के छत्तीसगढ़ी में गाये गीतों को याद करते हुए 'राग मंजरी' के गायकों ने छत्तीसगढ़ी फिल्म 'घर-द्वार' के गीत 'गोन्दा फूलगे मोर राजा', 'सुन सुन मोर मया के पीरा के' आदि गाकर उपस्थित श्रोताओं को भावुक कर दिया। सिविक सेंटर में उपस्थित संगीत प्रेमी श्रोताओं ने गानों के साथ झूमते हुए और साथ साथ गाते हुए इस कार्यक्रम को खूब सराहा। कई गानों पर 'वंस मोर' की आवाज भी आई और कुछ श्रोताओं ने अपनी ओर से कुछ गानों की फरमाइश भी की। कार्यक्रम की समाप्ति पर श्रोताओं ने इस तरह के कार्यक्रमों को लगातार करते रहने का आग्रह भी किया।
.jpeg)
- टी सहदेवभिलाई नगर। श्री सांई नाथ जनसेवा समिति के सातवें स्थापना दिवस पर बालाजी मंदिर के आंध्र भवन में अध्यक्ष जी माधवराव के नेतृत्व में रविवार को रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। आंध्र साहित्य समिति के विशेष सहयोग एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ मंजू तिवारी के संरक्षण में आयोजित शिविर में 35 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। डॉ मंजू ने इस मौके पर श्रीमद् भगवद्गीता की प्रतियां भी भेंट कीं। अब तक सांईनाथ जनसेवा समिति लगभग 14000 यूनिट रक्त संग्रह कर चुकी है। समिति ने रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी दिए। रक्त संग्रह सना ब्लड एंड कंपोनेंट सेंटर ने किया। शिविर में सबसे पहले डॉ के चिरंजीवुलु ने रक्तदान किया।प्रमुख व्यक्तियों का सम्मानइस अवसर पर सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव, सचिव पीएस राव, उपाध्यक्ष के सुब्बाराव, सह सचिव बीए नायडु, तेलुगु सेना के प्रदेशाध्यक्ष नीलम चन्ना केशवुलु, विष्णु केमिकल के उपाध्यक्ष एमवी राव, समाजसेवी एनएन राव सहित कई प्रमुख व्यक्तियों तथा 46 विभिन्न सामाजिक संगठनों का स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। डॉ मंजू तिवारी ने श्रीमद् भगवद्गीता की प्रति देते हुए कहा कि समाज में जब लोग हिंसक रूप अपना रहे हैं, ऐसे समय में गीता को पढ़ना और उसके सार को आत्मसात करना जरूरी हो गया है। भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अपने पार्थ अर्जुन को गीता का जो ज्ञान दिया था, वह आज भी प्रासंगिक है।हफ्ते भर की मानवता की सेवाजनसेवा समिति ने सेवा सप्ताह के अंतर्गत पूरे सप्ताह असहायों, निराश्रितों तथा जरूरतमंद गरीबों की अलग-अलग तरीकों से सेवा कर मानवता की मिसाल पेश की। सेवा सप्ताह के प्रथम दिन 23 दिसंबर को समिति ने दिव्य ज्योति नेत्रहीन विद्यालय के बच्चों को दोपहर का भोजन कराया तथा कपड़े भी दिए। उसके अगले दिन सेक्टर 6 के सांई बाबा मंदिर में जाकर कंबल वितरण किया गया। तीसरे दिन बुधवार को चंद्रा-मौर्या टॉकीज के पीछे स्थित बस्ती में साड़ियां दी गईं। चौथे दिन सिविक सेंटर स्थित नयनदीप नेत्रहीन विद्यालय के बच्चों को खाने की सामग्री वितरित की गई। पांचवे दिन फील परमार्थम फाउंडेशन के वृद्धाश्रम में सभी वृद्धजनों के लिए रात के भोजन की व्यवस्था की गई। अगले दिन शुक्रवार को सेक्टर 8 स्थित स्नेह संपदा आश्रम के मानसिक रूप से विकलांग बच्चों को नए कपड़े दिए गए।सुर संग्राम के कलाकारों ने दी संगीतमय प्रस्तुतिशिविर में सुर संग्राम के कलाकारों ने संगीतमय कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में बीएस मूर्ति, सी संगीता राव, अमल कुमार विश्वास, शुभम मोरे, मनीष काले, पी नरेश, पी पूजा, दामोदर दलाई, वाई बालकृष्णा, वाई हेमावती, रेवती दलाई, अनीता साहू, डॉक्टर एलआर साहू तथा टी प्रह्लाद ने फिल्मी नगमे पेश कर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। सना ब्लड केंद्र के स्टाफ में दीपक साहू, स्वाति टंडन, मोहित देवांगन, सोनू देवांगन एवं बी रवि राव शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन के मोहनराव ने किया।

-
लोक निर्माण विभाग ने 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को किया अद्यतन, ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम होगा कम
1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगा नया एसओआर
सड़कों के संधारण के लिए राज्य में पी.बी.एम.सी./ओ.पी.आर.एम.सी. होगा लागू, विभाग जल्द शुरू करेगा पायलेट प्रोजेक्ट
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज सड़क एवं सेतु कार्य की नवीन दर अनुसूची (SOR) का विमोचन किया। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 2015 से प्रचलित पुराने एसओआर को अद्यतन किया गया है। नए एसओआर में नई मशीनरी और निर्माण की नई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इनसे गुणवत्तापूर्ण कार्यों के साथ ही ठेकेदारों का वित्तीय जोखिम कम होगा। राज्य में 1 जनवरी 2025 से नया एसओआर लागू होगा। सड़कों के प्रभावी संधारण के लिए छत्तीसगढ़ में भी पी.बी.एम.सी./ओ.पी.आर.एम.सी. (Peformance Based Maintenance Contract/Output and Performance Based Maintenance Contract) लागू किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा जल्दी ही पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए एसओआर के विमोचन के मौके पर आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नए एसओआर के लागू होने के बाद इनमें और आसानी होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रचलित एसओआर 1 जनवरी 2015 से लागू है। उस समय इसमें 2014 में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्री की दर एवं मशीनरी की दर शामिल की गई थी, जिनमें अब दस वर्षों के बाद बहुत अधिक परिवर्तन आ चुका है। नवीन दर अनुसूची वर्तमान में प्रचलित श्रमिकों की दर, सामग्रियों की दर एवं मशीनरी की दर के आधार पर तैयार किया गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि वर्ष-2015 में जारी की गई दर अनुसूची उस समय प्रचलित सभी टैक्सेस (Taxes) को समावेशित करते हुये तैयार की गई थी। नए एसओआर में देश में 1 जुलाई 2017 से लागू जी.एस.टी. को समाहित किया गया है। ठेकेदार अपनी निविदा दर जी.एस.टी. सहित देंगे जिससे ठेकेदार को पृथक से जी.एस.टी. का भुगतान नहीं करना होगा, परन्तु कार्य की लागत में जी.एस. टी. का प्रभाव सम्मिलित रहेगा। दरों को जी.एस.टी. के प्रभाव के बिना रखे जाने से समय-समय पर जी.एस.टी. की दरों में होने वाले परिवर्तन के कारण ठेकेदार को कार्य करने में जोखिम नहीं रहता है। जी.एस.टी. का प्रभाव सम्मिलित प्रचलित जी.एस.टी. की दरों को प्राक्कलन में जोड़ा जाएगा। ऐसा करने से ठेकेदारों पर वित्तीय जोखिम नहीं आएगा।
श्री साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि विगत 10 वर्षों में कई नवीन तकनीक (New technology), नए मटेरियल एवं आई.आर.सी. द्वारा विभिन्न कार्यों की कार्यविधि में परिवर्तन किया गया है। इन नवीन तकनीकों और मटेरियल्स के उपयोग का प्रावधान भी नवीन एस.ओ.आर. में किया गया है। इनमें सीमेंट एवं केमिकल से स्वाइल स्टेबलाईजेशन, पेव्हमेंट व्हाइट टॉपिंग, रोड साइनेज में एल्युमिनियम कम्पोजिट मटेरियल शीटिंग का उपयोग, प्रीकास्ट आर.सी.सी. ड्रेन, प्रीकास्ट बाक्स कल्वर्ट, फाउंडेशन कार्य में आर.सी.सी. के उच्च ग्रेड एम-40, एम-45, एम-50 का उपयोग, सब-स्ट्रक्चर कार्य में प्री-स्ट्रेसिंग, बम्बू क्रैश बैरियर और नॉइज बैरियर जैसी नई चीजें शामिल हैं।
श्री साव ने बताया कि नवीन दर अनुसूची लागू होने से निर्माण कार्यों के डी.पी.आर./ प्राक्कलन में कार्य लागत का आंकलन वास्तविक होगा एवं कार्यों हेतु प्रशासकीय स्वीकृति की जाने वाली राशि कार्य करते समय पुनरीक्षित स्वीकृति की आवश्यकता कम होगी। कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा में पूर्ण करने में सार्थक परिणाम मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि सड़कों के संधारण के लिए वर्तमान पद्धति में सड़क के वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त होने की संभावना के अनुसार पूर्वानुमान लगाकर निविदाएं आमंत्रित कर ठेकेदारों का चयन कर संधारण कार्य किया जाता है। कई बार ऐसी स्थिति होती है कि सड़क खराब रहती है, परन्तु संधारण हेतु एजेंसी उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़कों के गड्ढे भरने एवं संधारण में विलम्ब होता है। कई बार एजेंसी निर्धारित होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा संधारण कार्य समय पर नहीं करने के कारण भी सड़कें गड्ढायुक्त एवं क्षतिग्रस्त रहती हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा कई राज्यों के लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के संधारण हेतु पी.बी.एम.सी. (Peformance Based Maintenance Contract)/ओ.पी.आर.एम.सी. (Output and Performance Based Maintenance Contract) पद्धति से सड़कों का संधारण कार्य किया जा रहा है। इसके संधारण हेतु सड़कों का चयन कर 5 वर्ष से 7 वर्ष तक लगातार संधारण हेतु एक ही एजेंसी निर्धारित की जाती है एवं सड़क खराब होने पर या आकस्मिक किसी तरह का सुधार/अति क्षति होने पर सुधार कार्य हेतु निर्धारित एजेंसी द्वारा अनुबंधित निर्धारित समय-सीमा में सड़क का सुधार कार्य किया जाता है। सड़क का नियमित संधारण भी ठेकेदार द्वारा समय-सीमा में किया जाता है। यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा में सड़क सतह सुधार का कार्य नहीं करते हैं तो प्रत्येक दिन विलम्ब हेतु पेनाल्टी का भी प्रावधान है। इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग ऑनलाइन भी की जाती है, जिससे सड़क कहां-कहां पर अच्छी या खराब स्थिति में है, यह कंट्रोल रूम में बैठकर ही देखा जा सकता है। छत्तीसगढ़ में भी इस पद्धति से कार्य करने का निर्णय लोक निर्माण विभाग द्वारा लिया गया है। जल्दी ही पायलेट आधार पर कुछ जिले चयनित कर इसे लागू किया जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट्स के सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने पर पूरे राज्य में सड़कों के संधारण के लिए इसे लागू किया जाएगा।

.jpg)


.jpg)


.jpg)



.jpg)
.jpg)
.jpg)









.jpeg)
.jpeg)


.jpg)