- Home
- छत्तीसगढ़
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम निलाई क्षेत्रान्तर्गत स्थित भवन/भूमि स्वामियों द्वारा अपने स्वामित्व के भवन/भूमियों पर सम्पत्तिकर स्व-निर्धारण प्रक्रिया के अन्तर्गत देय राशि सहित विवरणी जमा की जा रही है। नियमानुसार जैसा मकान या संपत्ति है उसी के अनुरूप विवरणी भरना होता है। निगम द्वारा समपत्तिकर एवं अन्य राजस्व करों की वसूली हेतु अधिकृत एजेंसी श्री पब्लिकेशन एण्ड स्टेशनर्स प्रा.लि. द्वारा राजस्व करों की वसूली की जा रही है। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा भरी गई विवरणी में से मौके पर जाकर कुछ में क्रास चेकिंग किया जाता है। इससे पता चल जाता है की विवरणी वास्तविक भरी गई है या गलत। साथ ही कुछ भवन/भूमि स्वामी द्वारा प्रस्तुत स्व-विवरणी में दर्शाये गए निर्मित क्षेत्र/उपयोग भिन्नता होने की संभावना बनी रहती है।आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने संपत्ति करके अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे भवन भूमि स्वामियों को सूचित किया जावे, अपने स्वामित्व के भवन/भूमि का सही-सही विवरण, संपत्तिकर स्व-विवरणी में अंकित कर देय राशि का भुगतान करें। साथ ही जिन्होंने असत्य संपत्तिकर स्व-विवरणी प्रस्तुत की है ऐसे भवन/भूमि स्वामी अंतर की राशि का भुगतान तत्काल निगम कोष में करें, अन्यथा असत्य संपत्तिकर स्व-विवरणी पाये जाने पर नियमानुसार अंतर की राशि का 5 गुना शास्ति राशि देय होगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी भवन/भूमि स्वामी की होगी।नगर निगम आयुक्त राजस्व करो की अधिकतम वसूली के लिए लगातार संबंधित एजेंसी पर दबाव बना रहे हैं। जिससे वह अधिक से अधिक वसूली करें। निगम की आए बढे जनकल्याणकारी कार्यों तेज गति से किए जावे। श्री पब्लिकेशन और स्टेशनर्स प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी अब संपत्ति को लेने के लिए प्रॉपर ड्रेस कोड में, आइडेंटी कार्ड के साथ बकाया कर दाता के घर, ऑफिस में जाएंगे। आईडी दिखा कर बात करेंगे, कर दाता को अगर किसी प्रकार का संदेह होगा तो वह निगम के मुख्य कार्यालय या जोन कार्यालय के सहायक राजस्व अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। नागरिकों के सुविधा के लिए ही टैक्स लेने वाले घर-घर जा रहे हैं। संपत्ति कर उन्हें देना ही है।
- बिलासपुर /केंद्र सरकार द्वारा उल्लास संचालित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत माननीय कलेक्टर महोदय श्री अवनीश शरण जी की अनुमति से केंद्रीय जेल बिलासपुर में असाक्षर बंदी भाइयों एवं बहनों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से सर्वप्रथम असाक्षरों से संपर्क एवं सर्वे कार्य को संपादित करने के लिए जेल के अधीक्षक महोदय श्री खोमेश सिंह मांडवी जी से जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण बिलासपुर श्री जे.के. पाटले द्वारा संपर्क कर कार्य योजना तैयार की गई अधीक्षक जेल श्री हेमंत कुमार नामदेव द्वारा शिक्षक केंद्रीय जेल बिलासपुर को पुरुष बंदियों के लिये तथा केंद्रीय जेल प्रहरी गोरेती पन्ना को महिला बंदीनियो हेतु उल्लास कार्यक्रम के सञ्चालन के लिये प्रभारी नियुक्त किया गया। तत्पश्चात कार्य योजना के अनुसार सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया जिसमें 108 पुरुष एवं 33 महिला असाक्षरो का चिन्हांकन किया गया तथा उपरोक्त असाक्षरो को साक्षर बनाने के लिए उन्हीं बंदियों में पढ़े-लिखे या अध्यनरत 10वीं 12वीं तथा कॉलेज में अध्यनरत या पढ़े लिखे बंदिओं में से 17 पुरुष एवं 04 महिला स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन कर उल्लास कार्यक्रम के वेब पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री कार्य किया गया।ऑनलाइन एंट्री पूर्ण होने के पश्चात राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के द्वारा प्रदत्त उल्लास प्रवेशिका एवं उल्लास अनुदेशिका पुस्तक के माध्यम से महिलाओं के लिए डीआरजी श्रीमती उषा कोरी एवं श्रीमती आशा उज्जैनी तथा पुरुषों के लिए डीआरजी श्री संजय रजक एवं श्री मनोज यादव के द्वारा जेल में बंदियों के बीच से ही चिन्हांकित स्वयं सेवी पुरुष एवं महिला शिक्षकों के रूप में जेल नियम का पालन करते हुए जेल में ही पाठशाला में प्रशिक्षित किया गया प्रशिक्षण के दौरान जिला परियोजना अधिकारी जेके पाटले तथा सहायक परियोजना अधिकारी श्री आर के गोपाल ना निरिक्षण किया निरिक्षण के दौरान प्रभारी श्री नामदेव तथा महिला जेल प्रहरी गोरेटी मैडम उपस्थित थी द्वितीय दिवस महिला बंदियों के प्रशिक्षण के दौरान जेल अधीक्षक श्री मंडावी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सुचारू रूप से प्रोजेक्टर और माइक व्यवस्था के साथ प्रातः 10.30 बजे से 4.30 बजे तक आयोजित किया गया।उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत समस्त महिला एवं पुरुष असक्षरों बंदियों को मार्च 2025 में आयोजित होने वाले महा परीक्षा अभियान हेतु कम से कम 200 घंटे का अध्ययन अध्यापनकार्य कराकर जोड़, घटाव, गुणा, भाग तथा दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली समस्त गतिविधियों में शामिल होने लायक तैयार किया जाएगा, जिसके प्रमुख घटक इस प्रकार होंगे- 1.बुनियादी साक्षरता एवम संखात्मक ज्ञान, 2.महत्वपूर्ण जीवन कौशल, 3.व्यावसायिक कौशल विकास, 4.बुनियादी शिक्षा, 5.सतत शिक्षा तथा परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर भारत सरकार का उपक्रम एनआईओएस से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा जिसके माध्यम से बाद में पांचवी, आठवीं की समतुल्यता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे फिर आगे वे 10वीं, 12वीं ओपन तथा कॉलेज का भी क्रमशः अध्ययन कर सकेंगे साथ ही कौशल विकास के माध्यम से इन्हें जीवकोपार्जन हेतु प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर भी बनाया जाएगा।
- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए है। ग्राम हरदीकला के आंगनबाड़ी केन्द्र 01 में आंनगबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति होनी है। इच्छुक आवेदिका 19 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बिल्हा में सीधे अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन कर सकती है। पदों की विस्तृत जानकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है।
- -वन विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का किया जा रहा है आयोजनबालोद। छत्तीसगढ़ सरकार गठन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिले में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग बालोद द्वारा 9 दिसंबर से 20 दिसंबर 2024 तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। वनमंडलाधिकारी श्री बी.एस.सरोटे ने बताया कि बालोद वनमंडल के वनपरिक्षेत्र अंतर्गत बालोद, बरही, हर्राठेमा, गुरूर, बड़भूम, लोहारा, गैंजी, चिखली, लोहारटोला, माटरी, दल्लीराजहरा, घोटिया, कुसुमकसा, डौण्डी, ढोरीठेमा, कुंआगोंदी में वन चौपाल का आयोजन कर सुशासन की एक वर्ष की उपलब्धि थीम के तहत वन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं यथा तेंदूपत्ता संग्राहकों हेतु प्रति मानक बोरा वृद्धि राशि, किसान वृक्ष मित्र योजना, वन प्रबंधन समिति के माध्यम से व्यक्ति विकास, सशक्तिकरण रोजगारमूलक कार्य, वन अधिकार पत्रों का वितरण, स्व-सहायता समूहों के आय सृजन के संसाधन, एक पेड़ मां के नाम के तहत वृक्षारोपण, वन्यप्राणी संरक्षण, संवर्धन तथा आर्थिक सहायता अनुदान (मुआवजा), लघु वनोपज प्रसंस्करण, विपणन के तहत लघु वनोपज उत्पादों के समर्थन मूल्य में वृद्धि के संबंध में प्रचार-प्रसार कर जानकारी प्रदाय किया गया। उक्त आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, संयुक्त वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य, शिक्षाविद, अधिनस्थ वन अमला आदि उपस्थित थे।जिले में आयोजित किये जायेंगे विभिन्न कार्यक्रमवनमंडलाधिकारी ने बताया कि 17 दिसम्बर 2024 तक पौधा वितरण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 18 दिसम्बर को वन मितान, जागृति के तहत स्कूली छात्रा-छात्राओं को जैव विविधता की जानकारी हेतु पर्यावरण पार्क, वन चेतना केन्द्र का भ्रमण कराया जाएगा। 20 दिसम्बर 2024 को वनमंडल स्तर पर वन संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिस पर विभाग द्वारा किए जाने वाले नवाचार कार्यक्रम, ई-ऑक्शन, जेम पोर्टल, ई-कुबेर प्रणाली एवं हितग्राही मूलक योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदाय की जाएगी। उक्त आयोजन में किसान वृक्ष मित्र योजना के हितग्राही, टिम्बर व्यापारी, लघु वनोपज व्यापारी, वन प्रबंधन समिति, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष, सदस्य, सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी एवं आम जनमानस को इन कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया है।
- बालोद ।पंचायत चुनाव में आरक्षण के प्रावधानों के संबंध में 16 दिसम्बर 2024, सोमवार सुबह 11 बजे, जिला पंचायत के सभाकक्ष में प्रशिक्षण का कार्यक्रम रखा गया है। उक्त प्रशिक्षण में सभी एसडीएम, तहसीलदार और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
- रायपुर / रायपुर जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में धान की खरीदी की जा रही है। साथ ही राइस मिलर द्वारा निरंतर धान का उठाव भी किया जा रहा है। अब तक 28 लाख 7 हजार 780 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। साथ ही 29 हजार 903 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। 57 हजार 825 मीट्रिक टन का डीओ, 27 हजार 588 मीट्रिक टन का टिओ जारी हो चुका है।
- बिलासपुर /भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा प्रार्थना सभाकक्ष में प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में रायपुर से आए प्रशिक्षकों द्वारा स्कूल एवं महाविद्यालय से आए 47 रेड क्रॉस प्रभारी शिक्षकों को सीपीआर एवं अन्य आपदाओं के समय पर प्रभावी ढंग से निपटने के गुर सिखाए गए। दूसरे सत्र में शासकीय वाहन चालकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सत्र का प्रारंभ श्री पी के पांडे अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा के मुख्य आतिथ्य में सर हेनरी ड्यूनॉट की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलंकर शिविर का उद्घाटन किया गया । साथ में जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी आर साहू, डॉक्टर अनिल श्रीवास्तव सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी, डॉक्टर एम ए जिकनी नोडल अधिकारी और डॉ बी एल गोयल, श्री अनिल तिवारी एवं श्री सौरभ सक्सेना उपस्थित थे। द्वितीय सत्र में विभागों के 64 शासकीय वाहन चालकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया । रायपुर से आए प्रशिक्षक डॉक्टर यशवंत चंद्राकर एवं श्री बालमुकुंद दुबे ने प्रायोगिक तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण कराया। इस क्रम में कल 15 दिसंबर को न्यू सर्किट हाउस के सभा कक्ष में प्रथम सत्र में औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारी एवं द्वितीय सत्र में नगर निगम के कछार स्थित कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर आदित्य पांडे ने किया। कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण मिश्रा,सुशील राजपूत,गीतेश्वरी चंद्रा और रचना राय का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
- - उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव शुरू- 2,9,54 में. टन धान का हुआ उठावदुर्ग / जिले में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में शासन की धान खरीदी नीतियों के अनुरूप सुसंगत ढंग से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी चल रही है। जिले के पंजीकृत 1,14,777 किसानों में से अब तक 47,523 किसानों से 2,17,901.68 में. टन खरीदी की गई है। उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव भी शुरू हो गई है। 2,954 में. टन धान का उठाव किया जा चुका है।जिला विपणन अधिकारी श्री भौमिक बघेल से मिली जानकारी अनुसार जिले के उपार्जन केन्द्रों जहां धान खरीदी प्रभावित है, उन केंद्रों से धान के उठाव हेतु परिवहनकर्ता को 19,454 में. टन धान के उठाव के लिए टी.ओ. जारी किया गया है। साथ ही परिवहनकर्ता को तत्काल ट्रक लोडिंग के लिए निर्देशित किया गया है। आज नगपुरा, भेड़सर, ओटेबंद, तेलीगुंडरा उपार्जन केन्द्रों में गाड़ियां लगी है। इसी प्रकार कस्टम मिलरों को 16,240 में. टन का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसमें 14 उपार्जन केन्द्रों से 2,954 में. टन धान का उठाव किया जा चुका है।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार आज प्रयास आवासीय विद्यालय के जीवविज्ञान संकाय में अध्ययनरत 140 विद्यार्थियों को एम्स रायपुर का भ्रमण कराया गया। जहां उन्हें अस्पताल की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया। डिप्टी कलेक्टर श्री विजय ध्रुव ने बताया कि छात्रों को आपातकालीन सेवा, ऑपरेशन थियेटर, रेडियोलॉजी विभाग का भ्रमण कराते हुए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और तकनीको से अवगत कराया गया। एक विशेष सत्र में छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र में कैरियर बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी संबंधी जानकारी डॉक्टरों और कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा दी गई।
- दुर्ग, / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में तथा डॉ. प्रज्ञा पचौरी, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के निर्देशन में जिला न्यायालय एवं तहसील व्यवहार न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसके तहत जिला न्यायालय दुर्ग, कुटुम्ब न्यायालय, दुर्ग, व्यवहार न्यायालय भिलाई-3 व्यवहार न्यायालय पाटन एवं व्यवहार न्यायालय धमधा तथा किशोर न्याय बोर्ड, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएँ), राजस्व न्यायालय एवं उपभोक्ता फोरम दुर्ग में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ मॉ सरस्वती के तैलचित्र पर डॉ. प्रज्ञा पचौरी प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवल कर प्रातः 10.30 बजे किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग के अलावा जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग की अध्यक्ष सुश्री नीता जैन एवं अन्य पदाधिकारीगण, न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण तथा विभिन्न बैंक के प्रबंधक उपस्थित रहे।नेशनल लोक अदालत में कुल 35 खण्डपीठ का गठन किया गया। परिवार न्यायालय दुर्ग हेतु 03 खण्डपीठ, जिला न्यायालय दुर्ग हेतु 27, तहसील व्यवहार न्यायालय भिलाई-3 में 01 खण्डपीठ, तहसील व्यवहार न्यायालय पाटन हेतु 01 खण्डपीठ, तहसील व्यवहार न्यायालय धमधा में 01 खण्डपीठ, किशोर न्याय बोर्ड हेतु 01 तथा स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएँ) दुर्ग के लिए 01 खण्डपीठ का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त राजस्व न्यायालय में भी प्रकरण का निराकरण हेतु खण्डपीठ का गठन किया गया था।उक्त नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य दाण्डिक सिविल परिवार, मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण रखे गये तथा उनका निराकरण आपसी सुलह, समझौते के आधार पर किया गया। इसके अलावा बैकिंग/वित्तीय संस्था, विद्युत एवं दूरसंचार से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरणों (विवाद पूर्व प्रकरण) का निराकरण भी किया गया। लोक अदालत में दोनों पक्षकारों के आपसी राजीनामा से प्रकरण का शीघ्र निराकरण होता है, इसमें न तो किसी की हार होती है न ही किसी की जीत होती है।आज आयोजित नेशनल लोक अदालत के अवसर पर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के सहयोग से जिला न्यायालय परिसर दुर्ग में आने वाले पक्षकारों के स्वास्थ्य जाँच/ परीक्षण हेतु एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया जिसमें उक्त विभाग/ कार्यालय की ओर से डॉ. चंचल चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य सहायक कर्मचारियों द्वारा सेवाएं प्रदान की गयी। उक्त आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर में कोर्ट भ्रमण के दौरान पक्षकारों व बैंक प्रबंधकों से रू-ब-रू होते हुए माननीय जिला न्यायाधीश डॉ. प्रज्ञा पचौरी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा स्वास्थ्य की जाँच परीक्षण कराया गया इसके अलावा स्वास्थ्य जाँच शिविरष् में अन्य न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्त्तागण एवं बड़ी संख्या में आमजनों के द्वारा अपने स्वास्थ्य की जांच / परीक्षण कराया गया और बहुतायत संख्या में लोग लाभांवित हुए हैं। इसके अलावा जनसाधारण / आमजनों / पक्षकारों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था गुरुद्वारा-शहीद बाबादीप सिंह व श्री गुरूसिंह सभा गुरुद्वारा के सहयोग से जिला न्यायालय परिसर में किया गया था जहां बहुतायत संख्या में आमजनों द्वारा निःशुल्क भोजन ग्रहण किया गया ।वर्ष 2024 के चतुर्थ एवं अंतिम नेशनल लोक अदालत में कुल 18596 न्यायालयीन प्रकरण तथा कुल 421419 प्री-लिटिगेशन प्रकरण निराकृत हुए जिनमें कुल समझौता राशि 351470458 रूपये रहा। इनमें बैंक के प्रीलिटिगेशन के कुल 46, विद्युत के कुल 329, बीएसएनएल के 97 मामले निराकृत हुए जिनमें कुल समझौता राशि लगभग 6244074 रही है। इसी कम में लंबित निराकृत हुए प्रकरण में 773 दाण्डिक प्रकरण, क्लेम के 63 प्रकरण, पारिवारिक मामलें के 128 चेक अनादरण के 1021 मामलें, व्यवहार वाद के 42 मामलें श्रम न्यायालय के कुल 57 मामलें तथा स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएँ) दुर्ग के कुल 3004 मामलें निराकृत हुए।उक्त नेशनल लोक अदालत में निराकृत प्रकरण के कुछ महत्वपूर्ण प्रकरण निम्नानुसार रहे -पति के मृत्यु उपरांत पत्नि को मोटर दुर्घटना दावा के तहत क्षतिपूर्ति अवार्ड मिला 60,00,000/ रूपयेमामला खंडपीठ क्र. 02 के पीठासीन अधिकारी श्री शेख अशरफ प्रथम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण दुर्ग के न्यायालय का है जिसमें श्रीमती आर. भाग्य लक्ष्मी व अन्य विरूद्ध उत्तम साहू व अन्य के मामले में आवेदकगण द्वारा मृतक आर. कोटेश्वर की मृत्यु के परिणाम स्वरूप क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त करने आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिसमें माननीय न्यायालय के समझाईश उपरांत अनावेदक क्र. 3 नेशनल इंश्योरेंस बीमा कंपनी एवं आवेदकगण के मध्य राजीनामा होने से मामला समाप्त हुआ जिसके फलस्वरूप 60,00,000/ रूपये की राशि का क्षतिपूर्ति अवार्ड पारित किया गया तथा आवेदकगण को उक्त राशि का चेक भी प्रदान किया गया ।रिश्तेदारों के आपसी राजीनामा से आपराधिक मामला हुआ समाप्त-मामला खंडपीठ क्र. 10 के पीठासीन अधिकारी श्री जनार्दन खरे, न्यायिक मजिस्टेट प्रथम श्रेणी दुर्ग के न्यायालय का है, जिसमें शासन विरूद्ध कामता प्रसाद में अभियुक्त कामता प्रसाद के विरूद्ध धारा 451, 323, 294 एवं 506 भाग दो के तहत अपराध पंजीबद्ध हुआ था जो साक्ष्य स्तर पर लंबित था। आरोपी और प्रार्थी आपस में रिश्तेदार थें। नेशनल लोक अदालत में न्यायालय के द्वारा समझाईश दिये जाने से उभयपक्ष अभियुक्त एवं प्रार्थी के द्वारा आपसी राजीनामा से मामला समाप्त किया गया तथा दोनों रिश्तेदार आपस में पुनः मिलकर राजीखुशी से घर वापस गए।पड़ोसियों में स्थापित हुआ मधुर संबंध -मामला खंडपीठ क्र. 17 के पीठासीन अधिकारी सुश्री श्वेता पटेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग के न्यायालय का है, जिसमें अभियुक्तगण राजेश एवं दुर्गेश दोनों सहोदर हैं, जिनकी पड़ोसी प्रार्थिया मीना सोनी है जिसकी किराने की दुकान है। उक्त दुकान बंद होने उपरांत शराब के नशे में आकर प्रार्थीया से गाली-गलौच करने लगे तथा दुकान खोलकर सामान देने की जिद करने लगे। फलस्वरूप प्रार्थी मीना द्वारा थाने में रिपोर्ट लिखायी गयी। उक्त मामला आज नेशनल लोक अदालत में रखा गया था। जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा समझाईश दिये जाने से अभियुक्तगण एवं प्रार्थिया, दोनों पड़ोसियों के द्वारा आपसी राजीनामा कर पुनः मधुर संबंध स्थापित करते हुए मामला समाप्त किया गया।देवर-ननद-भाभी के मध्य पुनर्स्थापित हुआ मधुर संबंध -मामला खंडपीठ क्र. 21 के पीठासीन अधिकारी सुश्री पायल टोप्नो, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग के न्यायालय का है, जिसमें प्रार्थिया शिफा बानो के घर कागज मांगने आयी उन्हीं की ननंद व देवर के द्वारा प्रार्थिया से मारपीट एवं गाली-गलौच किया गया। तत्संबंध में आपराधिक मामला दर्ज होने से न्यायालय के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत होने पर समझाईश दिये जाने पर उभयपक्ष दोनों रिश्तेदारों के द्वारा प्रकरण में हंॅसी खुशी राजीनामा करते हुए लोक अदालत के ध्येय वाक्य लोक अदालत का सार न किसी की जीत न किसी की हार को साकार किया।आपराधिक काउंटर प्रकरण में राजीनामा के माध्यम से हुआ मामला समाप्त -मामला खंडपीठ क्र. 13 के पीठासीन अधिकारी श्री भगवान दास पनिका, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग के न्यायालय का है, जिसमें अभियुक्त एवं प्रार्थिया दोनों के द्वारा एक-दुसरे के विरूद्ध काउंटर मामले दर्ज हुए थे। उक्त मामले में प्रार्थिया महिला, जोकि गर्भवती थी, को पुताई करने के लिए मना करने पर आरोपीगण व प्रार्थिया दोनों के मध्यम हाथ मुक्के से मारपीट हुई। घटना के संबंध में उभयपक्षों के द्वारा एक-दूसरे के विरूद्ध काउंटर प्रकरण दर्ज कराया गया। आज लोक अदालत में उभयपक्ष के उपस्थित होने पर प्रार्थिया तथा आरोपीगण को माननीय न्यायालय द्वारा समझाईश दिये जाने से एक-दूसरे के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण आपसी राजीनामा के आधार पर समाप्त करते हुए उभयपक्ष राजीखुशी दुबारा ऐसी घटना घटित नहीं करेंगे ऐसी कसम लेते हुए अपने अपने घर चले गए।विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हैदराबाद में उपस्थित प्रतिवादी से हुआ राजीनामा -मामला खंडपीठ क्र. 20 के पीठासीन अधिकारी श्री रवि कुमार कश्यप न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग के न्यायालय का है, जिसमें आज नेशनल लोक अदालत में वादी स्वयं उपस्थित होकर प्रतिवादी से राशि प्राप्त किया जाना व्यक्त करते हुए मामला समाप्त करने निवेदन किया गया। चूंकि प्रतिवादी भोजराज के हैदराबाद में होने से राजीनामा की संभावनाएं नाममात्र थीं किन्तु आज आयोजित नेशनल लोक अदालत में वीडियो कान्फ्रेंसिंग सुविधा से प्रतिवादी भोजराज से संपर्क स्थापित कर प्रतिवादी की उपस्थिति लेते हुए प्रकरण में वादी एवं प्रतिवादी के मध्य राजीनामा के तहत मामला समाप्त हुआ। उक्त प्रकरण में प्रतिवादी को न्यायालय तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ी जो न्यायालय द्वारा, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के ई-कोर्ट मिशन अंतर्गत प्रदत्त कम्प्यूटर एवं तकनीकों का पूर्ण रूपेण प्रयोग करते हुए उक्त मिशन की सफलता दर्शाता है।दाम्पत्य जीवन हुआ फिर से खुशहाल -मेरावी मामला कुटुम्ब न्यायालय के खंडपीठ क्र. 01 पीठासीन अधिकारी श्रीमती गिरिजा देवी प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग के न्यायालय का है, जिसमें आवेदिका अपने एवं अपने अल्पायु बच्चों के लिए अनावेदक के विरूद्ध भरण पोषण का मामला प्रस्तुत किया था। आवेदिका एवं अनावेदक का विवाह 29 जून 2012 में हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था जिनके दाम्पत्य संबंधों से एक पुत्री एवं एक पुत्र का जन्म हुआ, जो वर्तमान में आवेदिका के साथ रह रहे है। आवेदिका के गर्भवती होने पर अनावेदक, आवेदिका को मायके में छोड़कर ठेकेदारी करने के लिए केरल चला गया। अनावेदक शराब पीकर आवेदिका के मायके आकर आवेदिका से मारपीट कर उसे प्रताड़ित करता था, आवेदिका बच्चों के भविष्य को देखते हुए सबकुछ सहते रही किन्तु अनावेदक के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं होने से सामाजिक बैठक पंचायत करायी गयी, तब भी अनावेदक के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया। अनावेदक, आवेदकगण का भरण पोषण नहीं करने और बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर कोई खर्च एवं ध्यान नहीं देने तथा आवेदकगण के पास जीविकोपार्जन का संकट पैदा हो जाने से आवेदिका ने अनावेदक के विरूद्ध भरण पोषण का मामला कुटुम्ब न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत किया है।न्यायालय के द्वारा नेशनल लोक अदालत के अवसर पर पक्षकारों के मध्य सुलह कार्यवाही कराये जाने पर सुलह समझाईश पश्चात् उभयपक्ष पुरानी बातों को भूलकर साथ-साथ रहकर दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने को तैयार होकर मामला समाप्त कर आवेदिका एवं अनावेदक दोनों अवयस्क बच्चों सहित राजी-खुशी से घर चले गये इस प्रकार सुलहवार्ता सफल रही। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से एक बिखरे हुए परिवार को फिर से एक किया गया, जिससे लोक अदालत का सिद्धांत-लोक अदालत का सार, न किसी की जीत, न किसी की हार पूर्ण हुई।10 वर्ष से बिखरा हुआ परिवार फिर से हुआ खुशहाल -मामला कुटुम्ब न्यायालय के खंडपीठ क्र. 01 पीठासीन अधिकारी श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग के न्यायालय का है, जिसमें आवेदिका ने अनावेदक के विरूद्ध देय भरण पोषण राशि में वृद्धि करने का मामला प्रस्तुत की थी। आवेदिका एवं अनावेदक लगभग 10 वर्षों से पृथक-पृथक निवासरत थे। आवेदिका एवं अनावेदक के दाम्पत्य संसर्ग से एक पुत्र उका जन्म हुआ जो आवेदिका के साथ रहता था। आवेदिका पूर्व में देय भरण-पोषण राशि में वृद्धि करने हेतू मामला प्रस्तुत किया गया। पक्षकारों के मध्य सुलह कार्यवाही कराये जाने पर उभयपक्ष पुरानी बातों को भूलकर, जो 10 वर्ष से पृथक-पृथक रह रहे थे, पुरानी बातों को भूलकर साथ-साथ रहकर साम्पत्य जीवन व्यतीत करने तैयार हो गये। इस प्रकार सुलह वार्ता सफल रही, मामला समाप्त हुआ। और उभयपक्ष अपने पुत्र सहित राजीखुशी घर चले गए। इस प्रकार एक बिखरा हुआ परिवार फिर से एक हुआ।आंधप्रदेश में उपस्थित प्रार्थी के द्वारा विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपराधिक मामले में किया गया राजीनामा -मामला तहसील व्यवहार न्यायालय भिलाई-03 के खंडपीठ कमांक 01 के पीठासीन अधिकारी सुश्री अमिता जायसवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, भिलाई-03 के न्यायालय का है, जिसमें जितेन्द्र महानंद के द्वारा धारा- 294, 323, 506 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अभियुक्त दिनेश दुर्गा के विरूद्ध प्रथम सूचना दर्ज कराया गया था। आहत प्रार्थी जितेन्द्र के आंध्रप्रदेश में होने के कारण आज दिनांक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जितेन्द्र महानंद की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा राजीनामा की समझाईश दी गई जिस पर उभयपक्षों के द्वारा राजीनामा के माध्यम से प्रकरण को समाप्त किया गया। उभयपक्षों द्वारा मामला विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाप्त होने पर माननीय न्यायालय का आभार व्यक्त किया गया। जिससे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की मंशा न्याय आपके द्वार पूर्ण हुई।इसी खंडपीठ के एक अन्य मामले में आहत दिलीप भारती, अंजनी भारती व शिवम भारती के द्वारा सत्या भारती के विरूद्ध धारा- 294, 323, 506 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया गया था। प्रकरण में दिलीप भारती, अंजनी भारती के द्वारा प्रकरण का शमन कर लिया गया था। प्रकरण में विचारण शिवम भारती के लिए अभियुक्तगण का हो रहा था। शिवम भारती गरियाबंद जेल में निरूद्ध है। आज दिनांक को विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिवम भारती की उपस्थिति सुनिश्चित की गई उसे राजीनामा के महत्व की जानकारी दी गई तब उसके द्वारा राजीनामा किये जाने की सहमति दी गई जिसके आधार पर प्रकरण का नेशनल लोक अदालत में निराकरण किया गया ।
- -दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 20 दिसम्बर तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।भिलाई।, बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर में जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी की दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के पाॅंचवें दिन देवी जी ने वेद और शास्त्रों के प्रमाण सहित बताया कि भगवान कृपा सभी के ऊपर करना चाहते हैं। किन्तु भगवान की कृपा का भी एक कानून है। वह कानून है कि जो भी शर्त पूरा करेगा वह उसी पर कृपा करेंगें। और वह शर्त है शरणागति। शरणागति का सिद्धांत है उसे हर धर्म मानता है। लेकिन शरणागति का मतलब यह न समझे कि भगवान कोई मूल्य ले रहे हैं। फिर लोगो को भी यह लगेगा कि हमने चारों धाम किया, हमने भजन सुने, माला फेरी तो इससे लोगों का अंहकार बढ़ेगा। इसलिए भगवान ने गीता में शरणागति का अर्थ बताया अर्थात् कुछ न करना। कुछ न करना का मतलब कर्तापन का अभिमान त्याग देना। कि मैं शरणागत हूं। दूसरी बात यह है कि शरणागति मन को करनी होगी। हम सभी इन्द्रियों से भगवान शरणागति करते हैं जैसे हाथो से माला फेरना, वाणी से पाठ करना, पैरों से तीर्थो आदि में जाना इंद्रियों की भक्ति भगवान नोट नहीं करते । भगवान की मन भक्ति या मन की शरणागति नोट करते है इसलिये वह अकारण करूण है। जहां मन का प्रश्न आता है तो लोग बहाना बनाते हैं कि हमारा मन भगवान में नहीं लगता। मन की शरणागति पर इसलिये जोर दिया शास्त्रों ने क्योंकि मन बंधन का कारण है और मोक्ष का भी कारण है। यह मन अनादिकाल से संसार में आसक्त है और जब तक यह संसार मे ंआसक्त है तो भगवान में लग ही नहीं सकता। तदर्थ मन को संसार से विरक्त करना होगा यदि हम मन को संसार से विरक्त नहीं करेंगें तो केवल इंद्रियों से ही भगवान की भक्ति करेंगें और इंद्रियों की भक्ति भक्ति नहीं है। मन भगवान में तभी लगेगा जब संसार से विरक्त हो जाए। और संसार से विरक्त तब तक नहीं हो सकता जब तक संसार का वास्तविक स्वरूप न समझ लें। तो संसार का वास्तविक स्वरूप क्या है यह देवी जी कल बताएंगी। दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।
- -कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ के तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन का समापन-कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को सोसायटी का आजीवन सदस्य मनोनीत किया गयारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ, नई दिल्ली का ‘‘उच्च, सतत और समावेशी विकास के लिए कृषि का डिजीटलीकरण’’ विषय पर तीन दिवसीय 32वां वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश भर के प्रमुख कृषि अर्थशास्त्री, नीति निर्माता एवं शोधकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन में भारत में आगामी दो दशकों में कृषि क्षेत्र के सामने आने वाली महत्वर्पूण चुनौतियों पर विचार मंथन किया गया और घटते संसाधनों तथा बढ़ती हुई उत्पादन मांगों के युग में कृषि में डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने तथा नवाचार एवं तकनीकी आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने पर जोर दिया गया। इस तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न कृषि अर्थशास्त्रियों, विशेषज्ञों तथा शोधार्थियों ने अपने शोध पत्रों में कृषि के डिजीटलीकरण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किये। कृषि अर्थशास्त्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर पोस्टर भी प्रदर्शित किये गये। कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर इन क्षेत्रों में संयुक्त रूप से अनुसंधान तथा अध्ययन कार्य करने पर सहमति व्यक्त की गई। छत्तीसगढ़ में कृषि के विकास के लिए भी साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई गई। समापन समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ द्वारा संघ का आजीवन सदस्य मनोनीत किया गया। सम्मेलन के आयोजन सचिव तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. हुलास पाठक को संघ का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. पी.एस. बिरथल ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक देश को अपनी बढ़ती जनसंख्या की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व दबावों को सामना करना पड़ेगा। जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों तथा जैव विविधता पर बढ़ते दबाव और उत्पादन मांगों के तेजी से बढ़ने के पूर्वानुमान के साथ कृषि क्षेत्र को इस अंतर को स्थायी रूप से पाटने के लिए परिवर्तनकारी रणनीति अपनाना होगा। समापन समारोह में कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ के वरिष्ठा पदाधिकारी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशकगण, अधिष्ठातागण, वैज्ञानिक, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
-
बिलासपुर / कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिव कुमार बनर्जी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक ली। उन्होंने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन और चुनाव तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी एवम आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई कि जिले की नगरीय निकायो में प्रारंभिक प्रकाशन के दौरान कुल 5,80,368 मतदाता थे, जबकि अंतिम प्रकाशन के उपरांत मतदाताओं की संख्या बढ़कर 5,89,003 हो गई है। अंतिम प्रकाशन 11 दिसंबर को किया गया। इस प्रकार पुनरीक्षण के दौरान दावा आपत्ति के आधार पर 1116 मतदाताओं का नाम विलोपितकिया गया। इसके उपरांत मतदाताओं की कुल संख्या में 8,635 की वृद्धि हुई है। बैठक में यह भी बताया गया कि सभी नगरीय निकायों की मतदाता सूचियो की एक एक प्रति मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निःशुल्क दी जायेगी। जिसे स्थानीय निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में यह भी जानकारी दी कि आगामी दिनों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायतों की मतदाता सूचियों का प्रकाशन भी दिनांक 13 दिसंबर को किया जा चुका है । जिसके अनुसार पुनरीक्षण उपरांत अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 869593 है, जबकि प्रारंभिक प्रकाशन के दौरान यह संख्या 8,46,824 थी। इस प्रकार पुनरीक्षण के दौरान दावा आपत्ति के आधार पर 197 मतदाताओं का विलोपन पश्चात मतदाताओं की संख्या में 22,769 की वृद्धि दर्ज की गई है। -
-राष्ट्रीय स्तर के लेखकों की विभिन्न विषयों पर लिखी किताबों का मेले में अनुपम संग्रहण
बिलासपुर, / राघवेंद्र राव सभा भवन में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आज शुभारंभ हुआ। 14 से 22 दिसंबर तक आयोजित पुस्तक मेले में विभिन्न विषयों की किताबों का संग्रहण है। मेले में इलेक्ट्रॉनिक भागवत गीता और रामायण आकर्षण का केंद्र हैं।
राघवेंद्र राव सभा भवन में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आयोजन किया गया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष श्री चंद्र शेखर तिवारी ने पुस्तक मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अपने सामाजिक सरोकारों के तहत संघ द्वारा पुस्तक मेले का आयोजन किया गया है, जहां कम दरों पर अच्छी और दुर्लभ किताबें लोगो को मिलेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय , अंतरराष्ट्री स्तर के लेखकों की पुस्तकें मेले में है जिसका लाभ पुस्तक प्रेमी ले सकते हैं।
पुस्तक मेले में पहुंचे प्रतियोगी परीक्षा के छात्र संजू पाटले ने कहा कि मेले में अच्छी किताबों का संग्रहण जिसे पढ़ने ,देखने और खरीदने लोगों को आना चाहिए, हिंदी में अच्छी किताबें यहां उपलब्ध है।पुस्तक प्रेमी श्री भूपेश तिवारी ने कहा कि मेले में गुणवत्ता पूर्ण किताबें कम कीमत पर उपलब्ध है, जिसका लाभ शहरवासियों को लेना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक किताबों के जरिए ऑडियो माध्यम में भी किताबों को सुना जा सकता है। जो दृष्टि बाधितों के लिए यह बेहद उपयोगी है।
पुस्तक मेले के शुभारंभ अवसर पर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के बी पी सोनी ज़िला संयोजक, देवेन्द्र पटेल प्रांतीय संरक्षक , चन्द्रशेखर पाण्डेय जिलाध्यक्ष,आर पी शर्मा, पी आर कौशिक जिला संरक्षक, देवेन्द्र ठाकुर सचिव ,कौशल कौशिक, महिला प्रकोष्ठ सेडाॅ पूनम सिंह,डाक विभाग से श्रीमती सुनीता द्विवेदी व संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। -
-लीज क्षेत्र के बाहर संचालित हो रहा था क्रशर मशीन, अफसरों ने किया सील
बिलासपुर /लीज क्षेत्र से बाहर क्रशर संचालित होने के कारण क्रशर मशीन को सील कर दिया गया है। मामला कोटा तहसील के ग्राम बाकी घाट का है। क्रशर मालिक श्री राजकुमार गोयल को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। खनिज और राजस्व तथा पुलिस ने अवैध खनिज परिवहन करते हुए 9 वाहनों को जब्त किया है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर 10 दिसंबर को सहायक कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार कोटा श्री तन्मय खन्ना (प्रशिक्षु आईएएस) एवं उनकी टीम द्वारा ग्राम बांकीघाट तहसील कोटा जिला बिलासपुर के अन्तर्गत राजकुमार गोयल के पक्ष में स्वीकृत खनिज साधारण पत्थर के उत्खनिपट्टा क्षेत्र का मौका जांच किया गया। जिसमें पट्टेदार द्वारा लीज क्षेत्र के बाहर अवैध उत्खनन किया जाना तथा लीज क्षेत्र के बाहर क्रशर स्थापित एवं संचालित होना पाया गया। उक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर खनिज अमला बिलासपुर द्वारा 13 दिसंबर को संबंधित क्रशर को सील कर दिया गया है तथा पट्टेदार के विरूध्द कारण बताओ नोटिस जारी किया जाकर नियमानुसार आगे कार्रवाई की जावेगी।
खनिज विभाग की टीम ने 13 दिसंबर को कोनी, सेन्दरी, लोफंदी, कछार, लमेर, घुटकू, निरतु, धुरीपारा, मंगला, कोटा एवं सकरी क्षेत्र में जांच के दौरान खनिज रेत के 2 हाईवा एवं 4 ट्रेक्टर, खनिज गिट्टी 2 हाईवा एवं खनिज ईंट मिट्टी के 1 माजदा वाहन को खनिजों के अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जब्त कर पुलिस थाना कोटा एवं पुलिस थाना सकरी में सुरक्षार्थ रखा गया है। इन सभी वाहनों के चालकों और मालिकों के विरूध्द छ.ग. गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71/ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के धारा 21 की तहत् खनिजों के अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है। कलेक्टर के निर्देशानुसार राजस्व विभाग, पुलिस विभाग एवं खनिज उड़नदस्ता दल बिलासपुर द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन / परिवहन/भण्डारण के विरुद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। -
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित द्रोणाचार्य स्कूल में 2 दिवसीय मीडिया क्रिकेट लीग का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन खेल प्रेमियों और मीडिया के खिलाड़ियों के लिए एक विशेष अवसर है। मीडिया के साथी अब तक खबरों की दौड़ में आगे निकलने के लिए आपस में प्रतियोगिता करते रहे हैं, लेकिन खेल के मैदान में खेल भावना के साथ आपस में प्रतियोगिता करते हुए देखना रोमांचकारी अनुभव है। उन्होंने इस आयोजन के लिए सभी आयोजकों और प्रेस क्लब के साथियों सहित प्रतिभागी के रूप में शामिल हो रहे मीडिया के सभी साथियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में खिलाड़ियों के मध्य खेल भावना की प्रशंसा करते हुए आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर, कार्यक्रम संयोजक श्री अमित चिमनानी सहित बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। - -यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार-कहा रामलला के दर्शन सौभाग्य की बात, मुख्यमंत्री ने निभाया अपना वादारायपुर। . राज्य शासन की श्रीरामलला दर्शन योजना से प्रदेश के हजारों लोगों का सपना पूरा हो रहा है। इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को निःशुल्क अयोध्या धाम की यात्रा करवा रही है। विशेष ट्रेनों से श्रद्धालुओं को अयोध्या ले जाकर श्रीरामलला और काशी में बाबा विश्वनाथ का दर्शन कराया जा रहा है। दोनों जगहों की यात्रा से लौटे प्रदेशभर के श्रद्धालु इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य शासन के प्रति आभार जता रहे हैं। यात्रा के अपने सुखद अनुभवों को साझा करते हुए वे कहते हैं कि रामलला के दर्शन सौभाग्य की बात है। हमें वहां भेजकर मुख्यमंत्री ने अपना वादा निभाया है। श्रीरामलला के दर्शन और यात्रा के दौरान अच्छी व्यवस्थाओं के लिए हम उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।विशेष ट्रेन से अयोध्या से दर्शन कर लौटे बिलासपुर शहर के कोनी निवासी श्री संतोष कोरी ने कहा कि सरकार की इस योजना से हम जैसे गरीबों को भी श्रीरामलला के दर्शन का सुअवसर मिल रहा है। अयोध्या धाम का दर्शन सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि यात्रा में सभी की सुविधा का ख्याल रखा गया, किसी भी तरह की समस्या नहीं हुई। सभी यात्रियों की सुविधाओं के लिए सरकार ने बेहतर इंतजाम किए थे। उनकी पत्नी श्रीमती गायत्री कोरी ने बताया कि यात्रा के दौरान उनकी तबीयत खराब होने पर डॉक्टरों ने उन्हें अपनी निगरानी में लिया और विशेष देखभाल की, जिससे उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के खाने-पीने की समुचित व्यवस्था की गई थी। सरकंडा की श्रीमती उर्मिला अग्रवाल ने भी सुखद यात्रा और श्रीरामलला के दर्शन कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।श्रीरामलला दर्शन योजना के अंतर्गत बिलासपुर संभाग से अब तक छह विशेष ट्रेनें श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या रवाना हुई हैं। बिलासपुर जिले के 1200 से अधिक लोगों को श्रीरामलला के दर्शन का मौका मिला है। योजना के तहत यात्रा कर लौटे निवासी श्री अभिमन्यु पाण्डेय और उनकी पत्नी श्रीमती अनुराधा पाण्डेय ने अपनी अयोध्या यात्रा के सुखद अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। सारी व्यवस्था बहुत अच्छी रही। मौका मिलने पर वह दोबारा जाना चाहती हैं। खान-पान से लेकर स्वास्थ्य सुविधा और यात्रा के दौरान भक्तों की सुरक्षा का विशेष प्रबंध किया गया था। श्रीमती अनुराधा पाण्डेय ने बताया कि इस यात्रा का अनुभव उसके लिए अविस्मरणीय है।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित सैंड आर्टिस्ट श्री सुदर्शन पटनायक ने अपनी कला के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और विकास को अभिव्यक्त किया। उन्होंने रेत की अद्भुत कृति तैयार कर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को दर्शाया। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित मंत्रीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम में सुदर्शन पटनायक ने अपनी कला से सबका ध्यान आकर्षित किया। उनकी रेत की अद्भुत कृति ने सभी का मन मोह लिया। इस कृति में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और विकास की झलक दिखाई दी। उन्होने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय प्रगति की है। श्री पटनायक ने सैंड आर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार की प्रधानमंत्री आवास, लोकतंत्र सेनानियों की पेंशन बहाली, कृषक उन्नति योजना, एक पेड़ मां के नाम, न्यौता भोज, महतारी वंदन, तेंदूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक वृद्धि, राजिम कुंभ, राम लला दर्शन योजना, नई औद्योगिक नीति, संवर रहा छत्तीसगढ़ और सुशासन का एक साल छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल को बड़े ही कलात्मक ढंग से उकेरा है। सुदर्शन पटनायक की इस कला ने जनता को न केवल छत्तीसगढ़ में एक वर्ष में हुए विकास का अहसास कराया बल्कि सुशासन की छवि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत भी किया।
- -10.61 लाख किसानों को 10771 करोड़ रूपए का भुगतान-शिकायत एवं निवारण के लिए हेल्प लाइन नंबर 0771-2425463रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में धान 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 10.61 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 10771 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी शुरू कर दिया गया है। धान उठाव के लिए 3.13 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध 75 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 13 दिसम्बर को 78442 किसानों से 3.24 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 93 हजार 160 से अधिक टोकन जारी किए गए थे।राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्यओं का समाधान कर सकते है।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सफाई कर्मचारियों को वितरित किया पीपीई किटरायपुर /उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज नमस्ते (National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem) योजना के तहत सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले 38 कर्मचारियों को पीपीई किट प्रदान किया। उन्होंने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित पीपीई किट वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। मन लगाकर गंभीरता से किया गया काम व्यक्ति को बड़ा बनाता है। उन्होंने कहा कि एक गरीब मां का बेटा श्री नरेन्द्र मोदी जब देश का प्रधानमंत्री बना, तो ऐसी योजनाएं फलीभूत हुईं जिनकी 70 वर्षो में किसी ने कल्पना नहीं की थी। मोदी सरकार देश में और विष्णु देव सरकार छत्तीसगढ़ में गरीबों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। श्री साव ने कहा कि समाज व देश के हित में कार्य कर रहे सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा एवं उनके परिजनों का कल्याण सरकार का दायित्व है। सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा, परिवार की सुरक्षा और स्वास्थ्य का दायित्व छत्तीसगढ़ सरकार पूर्ण कर रही है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों से कहा कि वे अपनी आत्मसुरक्षा के लिये जागरूक रहें, इसमें कदापि लापरवाही न करें। सरकार द्वारा दिए गए पीपीई किट का पूर्ण सदुपयोग काम के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए अवश्य करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीपीई किट के उपयोग से सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों में सुरक्षित कार्य का वातावरण निर्मित होगा। सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार और रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं रायपुर नगर निगम के कई अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।केन्द्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से देश के नगरीय निकायों में नमस्ते योजना का संचालन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में सुडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) द्वारा सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां प्रदान करने सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों को पीपीई किट प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य के 169 नगरीय निकायों में 711 कर्मचारियों को पीपीई किट दिए जाएंगे। दो जोड़ी पीपीई किट ड्रेस के साथ ही उन्हें गम बूट, हेलमेट, ग्लब्स, मास्क और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा प्रदान किया जाएगा। नमस्ते योजना का मुख्य उद्देश्य हाथ से मैला ढोने की प्रथा को पूर्णता समाप्त करना, स्वच्छता कार्यो का यंत्रीकरण करना तथा सीवर व सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों को स्थाई आजीविका का साधन उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त विकास निगम द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है।
- -राशि का उपयोग कर किसान ईश्वर साहू ने खरीदे कृषि उपकरण और खेत में कराया बोरवेलरायपुर 4/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव की सुशासन सरकार की योजनाओं से राज्य के लोगों को भरपूर लाभ मिल रहा है। कृषक उन्नति योजना से किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं और खेती किसानी की नई कहानी लिख रहे हैं। बलौदाबाजार जिले के ग्राम सकरी निवासी किसान किसान ईश्वर साहू ने अपनी मेहनत और लगन से खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ईश्वर साहू जो अपने पिता बुधु राम साहू के मार्गदर्शन में 40 एकड़ भूमि पर खेती करते हैं, ने कृषक उन्नति योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को और भी समृद्ध बनाया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषक उन्नति योजना के तहत उन्हें 1 लाख 98 हजार रुपए मिले हैं। इस राशि का सदुपयोग करते हुए उन्होंने आधुनिक कृषि उपकरण, जैसे रोटावेटर और डुहरू नागर खरीदे। साथ ही, खेत में बोरवेल लगवाकर सिंचाई की व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया। इन उपकरणों और सुविधाओं की मदद से उनकी खेती के कार्य अब तेजी से होने लगे हैं, जिससे उत्पादन और मुनाफा दोनों में वृद्धि हुई है।ईश्वर साहू बताते हैं कि पहले खेती के काम में अधिक समय और मेहनत लगती थी। लेकिन अब आधुनिक उपकरणों और बोरवेल की सहायता से फसल की देखभाल और सिंचाई आसान हो गई है। इससे न केवल उनकी खेती बेहतर हुई है, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत हुई है। कृषक उन्नति योजना का लाभ मिलने पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "इस योजना ने हम जैसे किसानों की जिंदगी बदल दी है। इससे हमें अपने सपनों को साकार करने का मौका मिला है।"
- -25 वर्षीय निहाली के अंगदान ने दो ज़िंदगियों को किया रोशन-अंगदान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अब तक 146 लोगों को मिला जीवनदानरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए लगतार प्रयास किये जा रहे हैं । छत्तीसगढ़ में बीते एक वर्ष के दौरान अब तक 146 लोगों को नया जीवन मिला है। राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन छत्तीसगढ़, प्रदेश में सभी अंगों की ज़रूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।हाल ही में गुरुवार की रात डोंगरगढ़ की बेटी निहाली ने अपने अंगदान कर दो लोगों की जिंदगियों को रोशन किया। अंगदान महादान के इस अभियान में डोंगरगढ़ की 25 वर्षीय छात्रा निहाली टेम्भुरकर ने एम्स में अपनी अंतिम सांस से पहले अंगदान का निर्णय लिया था। उसके अंगदान से दो लोगों को डायलिसिस जैसी कष्टदायक इलाज से मुक्ति मिली है। निहाली का पूरा परिवार उसके इस दान से अत्यंत्य गौरवान्वित है और आगे भी लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने में शासन का सहयोग करने में तत्पर हैं।स्वास्थ्य सेवाएं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला ने बताया कि अब तक प्रदेश में 6 सरकारी अस्पतालों तथा 20 निजी अस्पतालों को अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण के लिए पंजीकृत किया गया है। एक वर्ष के दौरान अब तक मृतक अंगदान में 6 मरीज़ों ने 15 लोगों को नया जीवन दिया है। इसके साथ ही जीवित प्रत्यारोपण में 146 मरीज़ों का अंग प्रत्यारोपण किया गया है। अंगदान के अभियान में छत्तीसगढ़ में अब तक लगभग 1140 लोगों ने अंगदान की शपथ ली है। अंगदान को प्रेरित करने के लिए शासन की तरफ से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं ।
- -आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए होगा मामलों का निपटारारायपुर / आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 14 दिसंबर 2024 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह वर्ष 2024 की चतुर्थ लोक अदालत होगी।लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।
- रायपुर, / केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने अपने एक दिवसीय रायपुर प्रवास के दौरान पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वर्गीय श्री गोपाल व्यास के निवास पर परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उनके साथ थे। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने श्री व्यास के योगदान को स्मरण किया और उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन समाज और देश सेवा के लिए समर्पित था। उनकी स्मृति हमेशा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी। ज्ञात हो कि हाल ही में स्वर्गीय श्री गोपाल व्यास का निधन हो गया था।
- -केरल के बाद देश का दूसरा राज्य होगा छत्तीसगढ़रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शदन में छत्तीसगढ़ राज्य में ईको-रेस्टोरेशन पॉलिसी तैयार की जा रही है। केरल के बाद, यह छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जो यह पॉलिसी तैयार कर रहा है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में राज्य को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।भारत की ग्लोबल रेस्टोरेशन इनिशिएटिव, बॉन चैलेंज और संयुक्त राष्ट्र ईको-रेस्टोरेशन दशक में भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि एक केंद्रित ईको-रेस्टोरेशन नीति अनिवार्य है। पारंपरिक वनीकरण, जो प्रायः अत्यधिक लागत वाला होता है और गैर-स्थानीय प्रजातियों पर आधारित होता है, सीमित पारिस्थितिक लाभ प्रदान करता है। इसे ध्यान में रखते हुए, सर्वाेच्च न्यायालय ने 2021 में अपने निर्देश के तहत एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया, जिसने ईको-रेस्टोरेशन को प्राथमिकता देने की सिफारिश की। जैव विविधता के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए ईको-रेस्टोरेशन अत्यंत आवश्यक है। यह पहल एक अधिक समावेशी और सुदृढ़ पर्यावरणीय भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि ईको-रेस्टोरेशन पॉलिसी का मसौदा तैयार किया जा रहा है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य के खोए हुए वन क्षेत्रों, आर्द्रभूमियों और अन्य पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्स्थापित करना है। नीति को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, हितधारकों एवं समाज के सभी वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इस पॉलिसी का अंतिम मसौदा जनवरी माह में राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा।छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज के तत्वाधान में दो राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है। इन कार्यशालाओं में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के ईको-रिहैबिलिटेशन सेंटर के वैज्ञानिक, वानिकी विशेषज्ञ, भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के संकाय सदस्य और छात्र, कृषि, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, शोधकर्ता, शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग, एनजीओ और समुदायों के प्रतिनिधि, वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया और अन्य विशेषज्ञों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इसके लिए आर्द्रभूमि प्रबंधन, शहरी पारिस्थितिकी संरक्षण, और खनन प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास जैसे विशिष्ट मुद्दों पर विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त किए गए।कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पारिस्थितिक पुनर्स्थापना के क्षेत्र में एक व्यापक और प्रभावशाली नीति बनाने में सक्षम बनाना है, जो अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी।



.jpg)

.jpg)
.jpg)

.jpg)

.jpg)








.jpg)


.jpg)
.jpg)

.jpg)

.jpg)