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- -करहीबाजार स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिमाह लक्ष्य से पाँच गुना अधिक प्रसव-जनवरी से अब तक 129 सफल प्रसवरायपुर /मुंख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों से स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से संस्थागत प्रसव में बेहतर प्रदर्शन किया जा रहा है। बलौदाबाजार भाटापारा विकासखंड के ग्राम पंचायत करहीबाजार में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक 129 प्रसव हुए हैं जो औसतन 16 प्रतिमाह है। जबकि लक्ष्य 3 प्रतिमाह का है। इस तरह करहीबाजार स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिमाह लक्ष्य से पाँच गुना अधिक प्रसव हो रहा है। जो शासकीय संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को दिखाता है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में विगत दिनों हुए एक प्रसव में चार किग्रा के शिशु वाली गर्भवती महिला ग्राम केशला निवासी 26 वर्षीय श्रीमती पितर पटेल का सामान्य प्रसव कराया गया। उनके पति हरकुमार पटेल ने बताया की वह कृषि मजदूरी करते हैं और पत्नी का यह तीसरा बच्चा है। बीच में आवश्यक जांच हुई थी और हम लोग एक निजी अस्पताल भी गए थे। पर फिर करहीबाजार के स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क किये जहाँ स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने आवश्यक दवाईयां और सलाह दी तथा समय-समय पर हम लोग जाँच के लिए जाते रहे है। प्रसव के बाद अब जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।इस संबध में भाटापारा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया की बच्चे का वजन अधिक होने के कारण प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव,पेल्विक विकृति, गर्भाशय के नीचे सरकने का खतरा हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में सामान्य प्रसव एक उपलब्धि है जिससे परिजनों का किसी संभावित परेशानी से भी बचाव हुआ। उक्त स्वास्थ्य केंद्र में शकुन बंजारे और विक्रम शर्मा ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक और आशा दिवाकर सामुदायिक स्वास्थ्य अधीकारी के रूप में अपनी सेवा दे रहे है।गौरतलब है की कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश में जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ही प्रसव की सुविधा प्रदान करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ाने देने के उद्देश्य से जिला खनिज न्यास निधि से कई केंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गई थी जिसके अच्छे परिणाम मिल रहे है।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले पक्के आशियाने ने जीवन में लाई खुशहालीरायपुर / जिला मुख्यालय कबीरधाम से 62 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पोलमी के निवासी श्री बाबूलाल के जीवन में एक नया अध्याय तब शुरू हुआ जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपना पक्का घर मिला। बाबूलाल, जो पहले कच्चे मकान में अपने परिवार के साथ रहते थे, बारिश के मौसम में परेशानियों का सामना करते थे। उनका पुराना घर कमजोर था, दीवारों में दरारें थीं, और छत से पानी टपकता था। हर बार मानसून का आना उनके लिए चिंता का सबब होता था। बाबूलाल की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे खुद से पक्का मकान बना सकें। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा परिवार के दैनिक खर्चों में चला जाता था। लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी उन्हें मिली, तो उन्होंने इस योजना के तहत आवेदन किया। कुछ समय बाद उन्हें योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्राप्त हुआ और उनके सपनों का घर बनने की प्रक्रिया शुरू हुई।श्री बाबूलाल ने बताया कि उन्हे वर्ष 2023-24 में आवास बनाने की स्वीकृति दी गई, इसके बाद बाबूलाल को अपने खुद के पक्का मकान की उमीद पूरी होती दिखाई देने लगी। उन्होने बताया कि जैसे ही पहली किश्त की राशि 40 हजार का अंतरण उनके बैंक खातों ऑनलाईन डी.बी.टी. के माध्यम से किया गया वैसे ही पक्का आवास बनाने का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण की राशि 2 लाख रूपये के साथ-साथ बाबूलाल को महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 95 दिवस की मजदूरी भुगतान की राशि 23 हजार 850 एवं स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रूपये की राशि सहित शासन की अन्य योजनांओ का लाभ अभिषरण के माध्यम से मिला।श्री बाबूलाल ने पक्का आवास मिलने पर साय सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि “मैं दिल से सरकार का आभारी हूँ, जिसने हमें यह अवसर दिया। यह घर मेरे लिए एक सपना था जो आज साकार हो गया है। पहले हमें कच्चे मकान में हर समय बारिश और तूफान का डर सताता था, लेकिन अब हम सुरक्षित और आरामदायक घर में रह सकते हैं। बाबूलाल बताते हैं, “ये घर मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना था। सरकार की इस योजना की वजह से आज मैं अपने परिवार के साथ चौन से रह सकता हूँ। अब बारिश या तूफान की चिंता नहीं रहती। मेरे बच्चे अब सुरक्षित और सुखद माहौल में रह सकते हैं।“ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले इस पक्के आशियाने ने हमारे जीवन में स्थिरता और खुशहाली ला दी है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री साय का धन्यवाद करता हूँ।
- -रामेश्वर वैष्णव द्वारा रचित है पुस्तकरायपुर /छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शनिवार रात रायपुर स्थित निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध साहित्यकार, गीतकार रामेश्वर दास वैष्णव द्वारा रचित पुस्तक ’मोदी है तो सम्भव है’ का विमोचन किया। विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुस्तक के लेखक रामेश्वर दास वैष्णव को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में प्रत्येक क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुए हैं। साथ ही देश के प्रत्येक वर्ग का सर्वांगीण विकास हुआ है। ऐसे में उन्होंने साहित्यिक रचना हेतु पुस्तक के लेखक को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को अलग अंदाज में मुक्तकों के द्वारा प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री के प्रेस ऑफिसर श्री आलोक सिंह, सुप्रसिद्ध रंगकर्मी अनिल शर्मा, लेखक विजय मिश्रा ’अमित’, सतीश शर्मा, पत्रकार योगेश मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, हेमंत शर्मा उपस्थित रहे।
- -आवारा गौवंश का सहारा बनें किसान रमनलाल साहूरायपुर / जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले धमतरी जिले के ग्राम गाड़ाडीह के किसान श्री रमन लाल साहू का सम्मान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत दिनों किया था। श्री साहू जैविक खेती कर मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाने में महती भूमिका निभा रहे है,वही फसल चक्रण करके जल संरक्षण का काम भी कर रहे है।आज के आधुनिक दौर में खेती किसानी के काम को उतना महत्व नहीं दिया जाता है, जितना की सरकारी या किसी अन्य नौकरी को दिया जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लोगों को खेती किसानी की ओर मुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रगतिशील किसान श्री रमनलाल साहू ने परम्परागत खेती को पीछे छोड़ आधुनिक खेती को अपनाया है। जैविक खेती को बढ़ावा देते हुए मृदा, जल एवं पर्यवरण संरक्षण की दिशा में भी सराहनीय काम किया है। श्री साहू बताते हैं कि विगत 8 सालों से वह 3 एकड़ से अधिक जमीन पर धान की जैविक खेती कर रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में रबी फसल में दलहन-तिलहन की खेती कर रहे हैं। इससे जमीन की उर्वरकता बढ़ने के साथ ही फसल का उत्पादन भी बढ़ा है।श्री साहू बताते है कि किसान होने के साथ-साथ वह पशु मित्र भी है, उन्होंने गली-मोहल्लों में आवारा घूमने वाले गौवंश के लिए अपने खेत के समीप लगभग 25 डिस्मिल क्षेत्र में गौठान तैयार कर उनका संरक्षण कर रहे है। इन गौवंशो से प्राप्त होने वाले गोबर का उपयोग जैविक खेती करने में कर रहे हैं। वहीं दूध बेचकर हर माह 9 हजार रूपये की शुद्ध आमदनी भी प्राप्त कर रहे हैं। श्री साहू ने यह भी बताया कि उन्होंने खेत में छोटा सा तालाब बनाया है, जिससे गौवंश के लिए पानी की व्यवस्था की है, वहीं क्रेडा की ओर से सोलर पैनल भी लगवाया है। इसके साथ ही गोबर गैस संयंत्र लगाकर गौवंश के लिए चारा की व्यवस्था करते हैं।श्री रमनलाल साहू रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के बारे में अन्य किसानों को अवगत कराते हुए जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। साथ ही अपने गौशाला से उत्पादित गोबर, गौ मूत्र को अपने खेतों में उपयोग करते हुए जहरमुक्त अन्न की पैदावार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे हैं।
- -मृतक प्रशांत साहू के परिजनों को सौंपा दस लाख का चेक, ग्रामीणों से चर्चा कर घटना की जानकारी ली-पीड़ितों और बेगुनाहों को मिलेगा न्याय, दोषियों पर की जाएगी सख्त कार्रवाई : उप मुख्यमंत्री श्री साव-उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लोहारीडीह की घटना पर भ्रम न फैलाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा शनिवार को कबीरधाम जिले के लोहारीडीह पहुंचे। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्रीमती भावना बोहरा और साहू समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस दौरान उनके साथ थे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोहारीडीह में मृतक श्री प्रशांत साहू के घर पहुँचकर उनकी मां से मुलाकात की और घटना पर राज्य सरकार की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्वर्गीय श्री प्रशांत साहू की मां को दस लाख रुपए का चेक सौंपा।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए कहा कि आज हम सब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लोहारीडीह आए हैं। हमने गांववालों, समाज के वरिष्ठजनों और जनप्रतिनिधियों के साथ मृतकों सर्वश्री शिव प्रसाद साहू, रघुनाथ साहू और प्रशांत साहू के घर पहुँचकर उनके परिजनों तथा पड़ोसियों से भेंटकर अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी लोहारीडीह में दुखद घटना पर अपनी गहरी संवेदना और दुःख प्रकट किया है। उन्होंने घटना की हर पहलुओं की बारीकी तथा पूरी संवेदनशीलता के साथ जांच के निर्देश दिए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आज हमने मृतक श्री रघुनाथ साहू के घर पहुंचकर आगजनी में जले उसके घर का मुआयना किया है। मृतक श्री शिव प्रसाद के बच्चों और परिजनों से मिलकर सांत्वना दी है। लोहारीडीह की घटना की हर पहलू की जांच की जाएगी। पीड़ितों और बेगुनाहों को न्याय मिलेगा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर इस पर तत्परता से कार्यवाही की जा रही है। हम लोग लौटकर सभी संबंधितों से हुई चर्चा से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने लोहारीडीह में ग्रामीणों से कहा कि उन्होंने गांव आने से पहले दुर्ग जिला जेल में रखे गए गांव की माताओं-बहनों से मुलाकात की है। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निर्देशित किया है। संदेह के आधार पर जेल में रखे गए सभी ग्रामीणों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि लोहारीडीह की घटना अत्यंत दुःखद है। पीड़ित परिवारों के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मैं भी इस क्षेत्र के विधायक के रूप में पीड़ित परिवारों के साथ एक अभिभावक के रूप में सदैव रहूंगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोहारीडीह घटनाक्रम की पूरी निष्पक्षता से जांच के निर्देश दिए हैं। पीड़ितों तथा निर्दोषों के साथ न्याय होगा। जांच के बाद दोषियों पर कानून तथा विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने प्रदेशवासियों और कबीरधाम जिले के लोगों से लोहारीडीह की घटना के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम और अफवाह नहीं फैलाने की अपील की है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देश पर प्रशासन द्वारा लोहारीडीह में ग्रामीणों के घरों में सूखा राशन, दाल, तेल, आलू, सोयाबीन बड़ी सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्रियों के पैकेट का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में स्थिति सामान्य होते तक विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- - बिलासपुर में 9 माह में 131 मरीजों को मिला लाभरायपुर / बिलासपुर के हेमूनगर निवासी लालवानी परिवार के मुखिया खियाल दास लालवानी को किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ के तहत सहायता राशि स्वीकृत हुई है, जिससे अब उनका इलाज चल रहा है, और परिवार ने राहत की सांस ली है। लालवानी परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल के लिए आभार जताया है।लालवानी परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनके घर के एक मात्र कमाने वाले सदस्य किडनी की गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। बुधवारी बाजार में अपने छोटे से व्यवसाय से परिवार चलाने वाले मुखिया की गंभीर बीमारी ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। खियाल दास लालवानी की पत्नी श्रीमती लक्ष्मी लालवानी ने भावुक होकर बताया कि पिछले 6 साल में महंगे इलाज के खर्च में उनकी जमा पूंजी खत्म हो गई, दो बेटियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी। इस परिस्थिति में बेटियों की उच्चशिक्षा का खर्च उठाना मुश्किल हो गया और मुझे व्यवसाय संभालना पड़ा, जबकि मैं हमेशा से एक गृहिणी थी।श्रीमती लालवानी ने बताया कि बेटियों ने अपनी पढ़ाई के साथ घर पर ट्यूशन पढ़ाकर परिवार के जरूरी खर्च पूरे किए, लेकिन डायलिसिस का महंगा खर्च वहन करना उनके लिए बेहद मुश्किल था। ऐसे में उन्हें इस योजना के विषय में जानकारी मिली, और आवेदन करने के बाद त्वरित रूप से सहायता राशि स्वीकृत हुई। अब आसानी से उनके पति का इलाज हो पा रहा है। श्रीमती लालवानी कहती हैं कि मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील योजना से उनके पति को नई जिंदगी मिली है, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि अचानक आई इस मुसीबत से उबरने में इस सहायता राशि से उन जैसे कई परिवारों को बड़ी मदद मिली है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर रोगों के इलाज के लिए 25 लाख रूपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। जिले में अब तक 636 लोगों ने योजना के तहत लाभ प्राप्त किया है, और इस वर्ष जिले के 131 मरीजों को योजना के तहत लाभान्वित किया गया है।
- बिलासपुर/ कमिश्नर महादेव कावरे ने पेट्रोल पंपों में आम जनता के उपयोग के लिए बने टॉयलेट की नियमित साफ सफाई और रख रखाव सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने संभाग के सभी जिला कलेक्टरों को इस आशय का पत्र भी लिखा है। संभागायुक्त ने जारी पत्र में कहा है कि जिलों में भ्रमण और निरीक्षण के दौरान यह पाया गया है कि पेट्रोल पंपों में जन सुविधा के लिए बनाये गये टायलेट की रख-रखाव, साफ-सफाई व्यवस्था, दरवाजे ठीक से बंद नहीं होने व नल के टोटी टुटे हुए पाये गये हैं। कहीं कहीं पानी की नियमित आपूर्ति भी बाधित होना पाया गया। इसलिए जिलों में स्थित सभी पेट्रोल पंपों का अधिकारियों से निरीक्षण करा कर पंप मालिकों से इस व्यवस्था को दुरूस्त करने हेतु समुचित निर्देश प्रसारित करेंगे।
- बीजापुर. बीजापुर जिले में तीन इनामी नक्सली समेत आठ माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले में आठ नक्सलियों चंदर कुरसम (38), मंगली पोटाम (25), आयतू कोरसा (52), रामू लेकाम (26), महेश यादव (36), सुदरू हेमला (27), हुंगा डोडी (22) और सुरित यादव (39) ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने बताया कि नक्सली चंदर, नक्सलियों के प्लाटून नम्बर 12 का कमांडर है तथा उसके सिर पर आठ लाख रुपये का इनाम है। वहीं मंगली पोटाम नेशनल पार्क एरिया कमेटी के अंतर्गत प्लाटून नंबर दो की सदस्य है तथा उसके सिर पर दो लाख रुपये का इनाम है। अधिकारियों ने बताया कि आयतू कोरसा जनताना सरकार का अध्यक्ष है तथा उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम है। उन्होंने बताया कि नक्सली चंदर पर 2008 में मोदकपाल और तुनकीगुट्टा गांव के करीब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दल पर हमला करने का आरोप है। इस घटना में 10 जवान शहीद हुए थे तथा दो माओवादी मारे गए थे। इसके अलावा यह कई अन्य नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने माओवादियों की भेदभाव पूर्ण नीति, उपेक्षा, जीवन शैली और विचारधारा से क्षुब्ध होकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने पर उन्हें 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत उनकी मदद की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 2024 में अब तक 178 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। वहीं विभिन्न माओवादी घटनाओं में शामिल 378 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
- बचत होने लगे पैसे, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभाररायपुर । एक समय ऐसा था जब खुद का घर नहीं होने से चिंता भी सताती थी और किराए के घर में रहने से आर्थिक तौर पर परेशानियां होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद करते है। जिन्होंने गरीब परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर लाखों परिवारों के जीवन में खुशियां ला दी। यह कहना है कि मठपुरैना निवासी श्री विधान चक्रवर्ती का। श्री विधान पेशे से इलेक्ट्रीशियन है और श्री चक्रवर्ती बताते है कि खुद का मकान नहीं होने से बहुत तकलीफ होती थी। मेरा परिवार पहले किराए के मकान में रहता था। पहले मेरा परिवार भैरो नगर में किराए के मकान में रहते थे। जिसकी वजह से हर महीने पांच से छह हजार रूपए किराया देना पड़ता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में पता चला। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया और आवेदन करने के बाद मुझे मठपुरैना स्थित ईडब्लूएस काॅलोनी में फ्लैट आंवटित किया गया। साथ ही इसे खरीदने पर सब्सिडी भी मिली है। वे बताते है कि खुद का घर होने पर एक नई उम्मीद और स्थिरता आ गई है। पक्का घर मिलने से सुरक्षित भी महसूस कर रहे है और भविष्य की चिंता भी दूर हो गई है। वे बताते हैं कि श्री विधान चक्रवर्ती कहते हैं कि बेघर परिवारों को इस योजना के माध्यम से मिल रहे मकान ने न केवल लोगों के जीवन स्तर को उपर उठाया है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थायी आवास भी प्रदान कर रही है। श्री चक्रवर्ती यह भी कहते जो सूकुन अपने घर में रहने होता है वह किराए के घर में नहीं।
- वजन त्यौहार में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी हुई शामिलरायपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित सड्डू स्थित अंबुजा माॅल में वजन त्यौहार का आयोजन किया गया। इस वजन त्यौहार में बच्चों के पोषण स्तर की जांच करने के लिए वजन की माप की गई और साथ ही लंबाई एवं उंचाई का भी माप किया गया। इस वजन त्यौहार में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी भी शामिल हुई और बच्चों के वजन के माप का अवलोकन किया। साथ ही बच्चों के पोषण स्तर की जानकारी भी ली। 12 से 24 सितंबर तक चलने वाले वजन त्यौहार के द्वारा विभिन्न स्थानों पर बच्चों का वजन कर उनके पोषण स्तर की जानकारी ली जा रही है। अंबुजा माॅल में पहुंचने वाले बच्चों का भी वनज किया गया। साथ ही बच्चों के पोषण को बेहतर करने के लिए महिला एवं बाल विकास की टीम ने परिजनों को जानकारी भी दी। साथ ही उन्हें बताया गया कि हर महीने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का वजन कराया जाए और उनके पोषण के बारे में भी जानकारी ली जाए। वजन त्यौहार के दौरान विभिन्न स्थानों में पहुंचकर बच्चों का वजन माप किया जा रहा है। इस अवसर पर अनुपमा तिवारी भी उपस्थित थी।
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दुर्ग / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल अधीक्षक से जेल में रहने वाले कैदियों के बारे में जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल के कैदियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि जब ये कैदी जेल से बाहर आए तो उनके पास व्यवसाय का साधन हो और वे समाज में सामान्य जीवन बिता सके। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जेल के कैदियों से भी संचालित व्यवसायिक प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। कैदियों द्वारा जेल की व्यवस्था एवं प्रशिक्षण के प्रति संतुष्टि जताते हुए इसकी सराहना की गई। कुछ बंदियों ने बताया कि अच्छा कार्य करने पर उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाता है। जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदियों को कार्य के बद्ले आमदानी भी दी जाती है।
निरीक्षण के दौरान विधायक श्री गजेंद्र यादव एवं डोमन लाल कोरसेवाडा, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र शुक्ला, अपर कलेक्टर श्री अरविंद एक्का, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्विनी देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री मुकेश रावटे, सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे। -
- तीन दिनी आयोजन में रैली, भाषण, निबंध, चित्रकला, परिचर्चा, प्रश्न मंच और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संयोजन से बढ़ाई जाएगी जागरूकता
दुर्ग/ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो रायपुर द्वारा मंगल भवन नगर निगम भिलाई चरोदा जिला दुर्ग में राष्ट्रीय पोषण माह पर तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जिसका शुभारंभ सांसद श्री विजय बघेल एवं क्षेत्र के विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा द्वारा रिबन काटकर तथा द्वीप प्रज्जवलित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने राष्ट्रीय पोषण माह से संबंधित विस्तृत जानकारी पर आधारित मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का अवलोकन किया। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों का स्वागत क्षेत्रीय प्रदर्शनी अधिकारी श्री शैलेष फाये ने गुड़हल का पौधा भेंट कर किया। इस अवसर पर स्वागत भाषण में जानकारी देते हुए श्री शैलेष फाये ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह पर तीन दिवसीय मल्टीमीडिया चित्र प्रदर्शनी में चित्रकला भाषण निबंध रंगोली जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं, इसके साथ-साथ विभागीय पंजीकृत सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुति भी की जाएगी। इस आयोजन में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों को एकत्र कर विभिन्न आयोजन कराए जा रहे हैं।
उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए विधायक श्री डोमनलाल कोरसेवाड़ा ने कहा की राष्ट्रीय पोषण माह के आयोजन से लोगों को अपने खान-पान और स्वास्थ्य के बारे में अच्छी जानकारी मिलेगी। विषय पर अपने संबोधन में बोलते हुए सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि वर्तमान समय में अपने आहार के बारे में विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है। ऐसा देखा जा रहा है कि कम उम्र के लोगों में उच्च रक्तचाप और शुगर की बीमारी बढ़ती जा रही है, इसका मुख्य कारण जागरूकता की कमी है। इस तरह के आयोजन से लोगों को पोषण और स्वास्थ्य के विषय में भली भांति जागरूक किया जा सकता है। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिकों से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण होगा। इस अवधारणा को पूरा करने के लिए मल्टीमीडिया चित्र प्रदर्शनी बहुत अच्छा माध्यम है। आयोजन के दौरान स्वच्छता पखवाड़ा के तहत सांसद श्री विजय बघेल ने उपस्थित जन को स्वच्छता शपथ दिलवाई और स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों को लेकर एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में सही पोषण देश रोशन जैसे गगन भेदी नारे लगाते हुए छात्र-छात्राओं ने भिलाई तीन की बस्तियों में घूम कर पोषण संदेश दिये। रैली के पश्चात कार्यक्रम स्थल पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसका विषय सही पोषण देश रोशन रखा गया था, साथ ही चित्रकला प्रतियोगिता जिसका विषय पोषण आहार एवं स्वच्छता रखा गया था इसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दल स्वर धारा के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर पोषण पर संदेश दिए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आयुक्त नगर निगम श्री डीएस राजपूत, श्री रामखिलावन वर्मा, श्री फिरोज फारुकी, सुशांत वर्मा, श्रीमती सुषमा जेठानी, श्री दिलीप सिंह पटेल, श्री सतीश साहू, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती किरण मघाड़े, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्रचार श्रीमती आशा जैन, शासकीय महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अल्पना देशपांडे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण आहार संबंधी प्रदर्शनी भी लगाई गई। आयोजन के दूसरे दिन रंगोली और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन गोदभराई आदि कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। -
-तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर दी विनम्र श्रद्धांजलि
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पूर्व राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय के पूज्य पिता जी स्व. श्री श्याम पाण्डेय के तेरहवीं कार्यक्रम मैत्री नगर भिलाई दशहरा मैदान रिसाली दुर्ग में शामिल हुए। राज्यपाल श्री डेका एवं मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्व. श्री श्याम पाण्डेय जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरूव साव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक अंतागढ़ श्री विक्रम उसेण्डी, प्रदेश अध्यक्ष विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, विधायक अहिवारा श्री डोमनलाल कोरसेवाड़ा, विधायक दुर्ग श्री गजेन्द्र यादव, विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, पूर्व सांसद श्री सौदान सिंग, संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, एसपी श्री जितेन्द्र शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पुष्पकुंज अर्पित कर श्रद्धांजलि दिए। -
बिलासपुर/एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकंडा अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र हरदीपारा कोरबी में कार्यकर्ता एवं सिलपहरी के आंगनबाड़ी केंद्र 2 एवं जलसो के आंगनबाड़ी केंद्र 2 में सहायिका के पदों की नियुक्ति हेतु दावा-आपत्ति आमंत्रित किये गये है। इस संबंध में दावा आपत्ति 27 सितम्बर 2024 तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय सरकंडा में कार्यालयीन समय में जमा किये जा सकते है।
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तीन दिन तक स्कूली बच्चे दिखाएंगे अपने खेल का जौहर
बिलासपुर /24वी राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन आज पुलिस ग्राउंड मैदान में हुआ जहां अतिथि के तौर पर शहर विधायक अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान मौजूद रहे । कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने किया। इसके बाद पांचो संभाग के खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट के जरिए उपस्थित अतिथियों को सलामी दी । इसके बाद बेसबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी हर्षिता महोबिया ने वहां उपस्थित खिलाड़ियों को शपथ दिलाई । प्रतियोगिता में चार खेल - कबड्डी, बेसबॉल, एथलेटिक्स और हॉकी प्रतियोगिता होगी। राज्य के पांचों संभाग से आए 1100 से ज्यादा खिलाड़ी इसमें शिरकत कर रहे हैं।
बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन बिलासपुर में होना हमारे लिए गौरव का विषय है। वर्ष 2020 ओलंपिक और अभी 2024 ओलंपिक में हमारे देश के खिलाड़ियों ने पूरी दुनिया में खेल जगत में हमारे देश के गौरव को बढ़ाया है।ओलम्पिक में किसी को रजत मिला तो किसी को कांस्य पदक मिला और यह क्यों हो रहा है, पहले जब भी ओलंपिक होता था हमारे लोगों को मेडल नहीं मिलता था पूरे देश में निराशा होती थी और खेल जगत में हमारे देश का स्थान नहीं होता था। 2014 में जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बने हैं, उन्होंने खेलो इंडिया योजना के तहत देश में खेलों का विकास करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसके परिणाम स्वरुप अब खिलाड़ियों को न केवल संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं बल्कि उन्हें बचपन से अच्छी प्रतियोगिताओं में शामिल होने का अवसर मिल रहा है जिसके फलस्वरूप ऐसे अच्छे परिणाम आ रहे हैं। उम्मीद है कि भविष्य में छत्तीसगढ़ के भी यह खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे शहर का नाम ऊंचा करेंगे ।
खिलाड़ी बच्चों को संबोधित करते हुए बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि यह क्रीडा प्रतियोगिता सिर्फ क्रीडा प्रतियोगिता नहीं है बल्कि यह हमारे नौनिहालों को शारीरिक शौष्ठ्य के साथ पढ़ाई के तालमेल के लिए उपलब्ध सुंदर मंच है। भारत को विश्व के सबसे बड़े युवा देश के रूप में स्थापित करने की जो पहल प्रारंभ की गई है, उस प्रारंभिक व्यवस्था का यह पहला चरण है खेल, जिसके माध्यम से हम अपने नौजवानों को और आने वाली पीढ़ी को मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक वातावरण देने की व्यवस्था बनाते हैं। आज आप एक संकल्प और खेल भावना के साथ इस मैदान में उपस्थित हैं। आप हारे या जीतें,इस बात की परवाह न कीजिएगा क्योंकि जब तक कोई हारेंगे नहीं तब तक जितने की ललक नहीं आएगी और जीतने वाला इस बात का दंभ भी न भरे कि वही बस विजेता है क्योंकि उसको भी रिप्लेस करने के लिए कोई पीछे खड़ा रहेगा । इस परिकल्पना के साथ कि इस खेल मैदान में खेल की भावना के साथ खेलते - खेलते हमारे बच्चे आगे जायेंगे मैं चाहता हूं की आदिशक्ति मां महामाया देवी आप सब की मनोकामना पूर्ण करे साथ ही इस बेहतरीन आयोजन के लिए मैं जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े तमाम लोगों का धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं।
तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने 24वी राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के उद्घाटन की विधिवत घोषणा की ।आयुक्त नगर निगम बिलासपुर अमित कुमार ने प्रशासन की तरफ से स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया । स्थानीय महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल की छात्राओं ने स्वागत में सुंदर छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन की तरफ से अमित कुमार आयुक्त नगर निगम बिलासपुर , पीयूष तिवारी एसडीम बिलासपुर,स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से टी आर साहू जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर , सहायक संचालक पी दशरथी , रघुवीर सिंह राठौड़ , जी डी गर्ग , सुशील मिश्रा, समग्र शिक्षा से एडीपीओ अनिल तिवारी , एपीसी चंद्रभान सिंह, रामेश्वर जायसवाल, मुकेश पाण्डेय, बीआरसी वासुदेव पाण्डेय , अखिलेश मेहता , जिला क्रीड़ा अधिकारी अवधराम चंद्राकर समेत विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य , व्याख्याता , व्यायाम शिक्षक उपस्थित थे। -
गायब डॉक्टरों और शिक्षकों को नोटिस जारी करने दिए निर्देश
थामा चाक और डस्टर,बच्चों को लगे पढ़ाने
बिलासपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कोटा ब्लॉक के बैगा बहुल आधा दर्जन ग्रामों का सघन दौरा किया। प्रमुख तौर पर उन्होंने स्कूल, अस्पताल, राशन दुकान और जनमन आवास देखे। ड्यूटी से नदारद डॉक्टर और शिक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अत्यंत पिछड़े आदिवासी बैगा परिवारों के घर पहुंचकर जनमन आवास का भी अवलोकन किया। एसडीएम युगल किशोर उर्वशा भी दौरे में साथ थे।
संभागायुक्त श्री कावरे ने कोटा ब्लॉक के ग्राम पीपरतराई स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया। वे चाक, डस्टर लेकर बच्चों को पढाने लग गये तथा बच्चों से सवाल भी पूछे। तत्पश्चात् मध्यान्ह भोजन कक्ष का निरीक्षण किया। कक्ष में रखे दाल, चावल, राशन सामग्रियों को बारीकी से निरीक्षण कर साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए। बच्चों का मुंह मीठा भी कराया। स्कूल में जो गंदगी थी,उसे साफ करने निर्देशित किया गया।
संभागायुक्त श्री कावरे इसके बाद कोटा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं था। अनुपस्थित डॉक्टर में डॉ.अवधेश्वर साय, एमडी मेडिसिन, डॉ. पारूल जोगी, महिला रोग विशेषज्ञ, डॉ.प्रेरणा रात्रे, चिकित्सा अधिकारी, डॉ.अभिषेक झा, डेंटिस्ट अनुपस्थित रहे। वही कुछ मरीजों ने बताया कि यहां के डॉक्टर मरीजों को बिना जांच किये बिलासपुर रिफर कर देते हैं। हॉस्पिटल में गंदगी व्याप्त थी, जिसे देखकर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सुव्यस्थित करने हेतु निर्देशित किए। मरीजों से व्यक्तिगत मिलकर जानकारी लिये, बिस्तरों में चादर नहीं पायी गयी। ड्यूटी से अनुपस्थित डॉक्टर और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने हेतु निर्देश दिया एवं उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने हेतु एसडीएम को निर्देशित किया गया ।एसडीएम और तहसीलदार को हॉस्पिटल की नियमित जांच करते रहने का निर्देश दिया गया। औषधी वितरण केन्द्र का निरीक्षण किया तो वहां उपस्थित फार्मासिस्ट ने कुछ दवाईयां उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी, जिसे तत्काल उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया।
बेलगहना में उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत निर्मित आवास हितग्राही श्री रामप्रसाद पिता जोगविंदर बैगा एवं श्रीमती रामवती पति कुंवर बैगा के आवास का निरीक्षण किया गया। पक्का मकान पाकर बैगा परिवार खुश थे। जनमन योजनांतर्गत निर्मित आवासों के गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जावे तथा हितग्राहियों के सुविधा हेतु आवास निर्माण कार्य समय पर पूर्ण करने हेतु जिला पंचायत बिलासपुर सीईओ को निर्देशित किया गया एवं जनमन योजना अंतर्गत हितग्राहियों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, वन अधिकार पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड सहित सभी सुविधा का लाभ समय पर प्रदाय किये जाने हेतु लगातार शिविर का आयोजन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। तत्पश्चात् शासकीय प्राथमिक शाला तुमाडबरा का निरीक्षण किये। निरीक्षण के दौरान तृप्ति बुडेक, सहायक शिक्षक अनुपस्थित थी, उनको कारण बताओं नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।
कमिश्नर श्री कावरे ने आमागोहन शासकीय उचित मूल्य दुकान आमागोहन का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नमक का जो भण्डारण था उसका स्टाक पंजी नहीं रखा था जिसके लिए दुकान संचालक को फटकार लगाई तथा मूल्य सूची, स्टाक पंजी अद्यतन रखने एवं राशन सामग्री का वितरण समय पर करने हेतु निर्देशित किया गया। -
1300 ओपीडी मरीजों का हुआ इलाज, नए 80 मरीज भर्ती किए गए
दो दिवसीय निश्चेतना कार्यशाला का शुभारंभ, गंभीर महिला का सफल मेजर ऑपरेशन
बिलासपुर/ सिम्स अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों की सहायता के लिए पंजीयन कक्ष के समीप हेल्प डेस्क शुरू किया गया है। कलेक्टर अवनीश शरण ने आज सवेरे निरीक्षण के दौरान हेल्प डेस्क शुरू करने कहा था। उनके निर्देश पर दोपहर 12 बजे हेल्प डेस्क स्थापित करके काम शुरू कर दिया गया। इससे मरीजों को काफी सुविधा होने लगी है।
सिम्स अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. एआर बेन ने बताया कि चिकित्सालय के विभिन्न विभागों में कुल 1307 बाहय रोगी मरीजों ने पंजीयन कराया। जिसमें से दोपहर 02 बजे तक विभिन्न गम्भीर बीमारियों से ग्रसित कुल 80 मरीजों को विभिन्न वार्डों में भर्ती किया गया। जिनमें से स्त्री रोग विभाग में आई एक महिला का सफल मेजर ऑपरेशन भी किया गया।
सिम्स के निश्चेतना विभाग के द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसका प्रिकानफेंस कार्यशाला का आयोजन आज हुआ। जिसमें संबंधित विभाग के चिकित्सकों को एयरवे मैनेजमेंट वेंटीलटोरी के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम का शुभारम्भ डीन डॉ के. के. सहारे, अधीक्षक डॉ एस. के. नायक और डॉ एस. चर्टेजी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यशाला में निश्चेतना विभाग के अन्य चिकित्सक भी सम्मिलित हुए। दूसरे दिन 22 तारीख को यह कानफ्रेंस बिलासपुर मोटल नये बस स्टेण्ड में रखी गई हैं जिसमें मुख्य अतिथि बिलासपुर के सीएमएचओ रहेगें। - -8 लाख 84 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण- 229 करोड़ रूपए से अधिक के अवार्ड पारित-मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा किया गया वर्चुअल निरीक्षणरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य में तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय-सह-मुख्य संरक्षक श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राज्य के सभी 23 जिला एवं सत्र न्यायालयों से वर्चुअल मोड के माध्यम जुड़कर लोक अदालत की कार्यवाहियों का निरीक्षण किया गया।मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा सभी जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीशों व अन्य खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारियों से संवाद व चर्चा की गई और लोक अदालत की प्रगति का जायजा लिया गया और उन्हें अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए मार्गदर्शन करते हुए प्रोत्साहित किया गया।मुख्य न्यायाधिपति के द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में नेशनल लोक अदालत के संबंध में गठित दोनों खण्डपीठों का भी भ्रमण किया गया और लोक अदालत की कार्यवाहियों का जायजा लेते हुए अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों को निराकृत कराये जाने की बात कही गई।मुख्य न्यायाधिपति द्वारा सभी 23 जिलों का वर्चुअल मोड से निरीक्षण जहां आधुनिक तकनीक का न्यायालयीन कार्यवाहियों में उपयोग को दर्शाता है, वहीं माननीय मुख्य न्यायाधिपति की यह पहल लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को प्रोत्साहित करने के साथ साथ पक्षकारों में विश्वास सृजित करेगा और लोक अदालत को और विश्वसनीयता और प्रमाणिकता प्रदान करेगा।उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा नेशनल लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में सभी जिले के प्रधान जिला न्यायाधीशों के साथ बैठक कर सतत् पर्यवेक्षण करते हुए मार्गदर्शन दिया गया था। मुख्य न्यायाधिपति के छत्तीसगढ उच्च न्यायालय में पदभार ग्रहण करने के उपरांत से छत्तीसगढ में शीघ्र सुलभ व सस्ता न्याय की अवधारणा को साकार करते हुए लोगों को लोक अदालत के माध्यम से त्वरित न्याय प्रदान किया जाना सुनिश्चित हो पा रहा है।छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च न्यायालय से लेकर तालुका स्तर न्यायालयों के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 8 लाख 84 हजार से अधिक मामलों का निराकरण करते हुए 229 करोड़ रूपये से अधिक का अवार्ड पारित किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में यह महत्वपूर्ण रहा है कि सुकमा जिले में बाढ़ के कारण पक्षकार जिला न्यायालय तक नहीं आ पाए उन पक्षकारों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़कर प्रकरणों में राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया।मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा उच्च न्यायालय में गठित लोक अदालत की दोनों खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्तिगण व सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा राज्य के सभी सम्मानित प्रधान जिला न्यायाधीशगणों और नेशनल लोक अदालत के संबंध में राज्य में गठित सभी खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारियों और खण्डपीठ के सदस्यों, राजस्व अधिकारियों, पुलिस प्रशासन सभी न्यायालयीन कर्मचारियों के साथ-साथ सभी पैरालीगल वालेण्टियर, अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा पक्षकारों तथा अन्य सभी लोगों जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नेशनल लोक अदालत को एतिहासिक रूप से सफल बनाने में योगदान दिया है, को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -आदिवासी परिवारों के सामाजिक-आर्थिक विकास सहित गांवों में अधोसंरचनात्मक सुधार किए जाएगेंरायपुर /छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में साढ़े 6 हजार से अधिक गांवों में लोगों के बेहतर जीवन स्तर के लिए ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान‘ के अंतर्गत गांवों में आविवासी परिवारों के सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का राज्य में बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट द्वारा हाल में ही इस योजना को मंजूरी दी गई है। इस अभियान के तहत आदिवासी बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में आदिवासी परिवारों के सामाजिक-आर्थिक विकास संबंधी उपलब्धि अर्जित करने, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कनेक्टिविटी एवं लाईवलीहुड आदि अत्यावश्यक सेक्टर्स का अधोसंरचनात्मक सुधार के कार्य किए जाएगें।आदिम जाति विकास मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य में कुल 30.62 प्रतिशत जनजातीय जनसंख्या निवास करती है। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों के विकास हेतु भारत सरकार द्वारा राज्य के कुल 4029 ग्रामों का चिन्हांकन किया गया है। जिनमें से वर्ष 2021-22 में 1530 ग्रामों का चयन किया गया था। उक्त ग्रामों में प्रति ग्राम 20.38 लाख के मान से राशि की स्वीकृति प्रदान की जाकर कार्यो का क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं 733 ग्रामों की ग्राम विकास योजना केन्द्र सरकार को स्वीकृति के लिए प्रेषित की गई है। शेष 1766 ग्रामों की विजेअ डेवलपमेंट प्लान (टक्च् जिलों से तैयार कराई जा रही है।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि वर्तमान में भारत सरकार द्वारा जनजातीय समुदायो को सामाजिक-आर्थिक रूप से मजबूत करने हेतु प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना को प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के रूप में क्रियान्वित करने की मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के 32 जिलों के 138 विकासखण्डो के 6691 अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को शामिल किए गए है।मंत्री श्री नेताम ने बताया कि इस अभियान के तहत जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा ट्रायबल मल्टीपरपज मार्केटिंग सेन्टर्स, आश्रम शालाओं, छात्रावासों, शासकीय जनजातीय आवासीय विद्यालयों में अधोसंरचनात्मक सुधार, सिकलसेल डिजीज हेतु सपोर्ट-जागरूकता काउन्सलिंग तथा काम्पीटेन्स सेंटर की स्थापना, एफ.आर.ए. दावे की प्रक्रिया का डिजिटाइलेशन एवं सपोर्ट तथा एफ.आर.ए. सेल की स्थापना आदि गतिविधियों को शामिल किया जायेगा।
- -जनप्रतिनिधियों से लेकर जनसमुदाय तक सभी बन रहे अभियान के सहभागीरायपुर / छत्तीसगढ़ के 52 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में 01 से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण माह 2024 का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, मितानिन, 0 से 6 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को शामिल करते हुए महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से प्रत्येक आंगनबाड़ी में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, सहायिकाएं प्रतिदिन आंगनबाड़ियों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को पोषण माह में अपना सहयोग देने को कहा है। पोषण माह के दौरान इस वर्ष एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार, पोषण भी और पढ़ाई भी, गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदाय हेतु तकनीक का प्रयोग और समग्र पोषण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। श्री साय ने कहा है कि जन समुदाय तक स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधित संदेशों के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु 1 सितम्बर 2024 से 30 सितंबर 2024 तक पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है ताकि एक जन आंदोलन के रूप में सुपोषण की यात्रा में समुदाय की विभिन्न घटक सहभागी हो सके।पोषण माह के अंतर्गत महिलाओं के साथ एनीमिया पर चर्चा के साथ उनकी एनीमिया की जांच भी की जा रही है, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के ऊपर जन समुदाय को जागरूक करने के साथ टेक्नोलॉजी का सरकारी कामकाज अनुप्रयोग विषय पर भी चर्चा की जा रही है जिसका थीम है ’टेक्नोलॉजी फॉर गवर्नेंस एरियाज इनफ्लुएंसिंग न्यूट्रिशन’। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ प्रथम गर्भवती महिलाओं को दिलाना, जिसकी एंट्री ऑनलाइन होती है एवं आंगनबाड़ी में बच्चों की सभी जानकारियों की एंट्री पोस्ट ट्रैकर में करते हुए उन्हें लाभान्वित करना आदि किया जा रहा है।पोषण माह से समुदाय में आ रही जागरूकतापोषण माह के अंतर्गत महिलाओं बच्चों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें पहुंचा जा रहा है जैसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत जो माताएं लाभान्वित होने से छूट गई थी उन्हें लाभ दिलाया जा रहा है, पोषक आहार पर दिए गए ज्ञान से गर्भवती महिलाओं के खान-पान में सुधार देखने को मिल रहा है वे अब प्रोटीन को अपने आहार में शामिल कर रही हैं, पोषण माह मानने से आंगनबाड़ी में जन समुदाय की भागीदारी बढ़ी है साथ ही साथ वजन त्यौहार भी मनाया जा रहा है जिसमें जनप्रतिनिधि भी शामिल होकर जनसमुदाय को स्वस्थ एवं पोषण के संबंध में जागरूक करने सामने आ रहे हैं और अपनी भागीदारिता निभा रहे हैं। राज्य में राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत डैशबोर्ड में अब तक 40 लाख 21 हजार 870 गतिविधियों की एंट्री की जा चुकी है।
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-सफलता की कहानी
-शासन की योजनाओं से सपने हुए साकार,संतोषी के परिवार में आई खुशियां अपाररायपुर / विष्णु के सुशासन में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में नित नए कदम उठाए जा रहे है। बिहान की योजनाएं हो या महतारी वंदन योजना या कृषक मित्र आदि से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। धमतरी के ग्राम पोटियाडीह की श्रीमती संतोषी हिरवानी को अब अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी की मदद की आवश्यकता नही है। बिहान के तहत श्रीमती हिरवानी लखपति दीदी बन गई है। कृषक मित्र बनकर किसानों को जैविक खाद बनाने और उसका उपयोग करने को प्रेरित करती है। इसके साथ ही जैविक दवाइयों की बिक्री से श्रीमती हिरवानी को 2 हज़ार रुपए तक आमदनी हो जाती है।इसके अलावा संतोषी चिकन सेंटर का संचालन कर रहीं हैं, जिससे उन्हें 6 से 7 हजार रूपये तक की आमदनी हो रही है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी और मनरेगा के तहत बने मुर्गी शेड में मुर्गियों का पालन करतीं हैं। वे बताती हैं कि इन सभी कामों से उसे साल में एक लाख रूपये से अधिक की आमदनी हो जाती है। इन सभी से होने वाली आमदनी का उपयोग वे अपने दोनों बच्चों को अच्छी सी अच्छी शिक्षा में देने के लिए करेंगी। श्रीमती संतोषी ने अपने जीवन में आये इस सुधार के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया है।श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि उसे शासन की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। महतारी वंदन जैसी योजना के बलबूते छत्तीसगढ़ की गरीब महिलाओं में आत्मनिर्भरता की नींव धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। छत्तीसगढ़ के महिलाओं की खुशियों के पीछे आर्थिक सशक्तिकरण का यह आधार भी है। केवल 7 महीनों में ही विष्णु सरकार की महतारी वंदन योजना ने महिलाओं में ही नही अपितु उनके घर-परिवार में खुशियों की मिठास घोल दी है। इस योजना से महिलाओं का सम्मान भी बढ़ाने के साथ-साथ उनके जीवनशैली में परिवर्तन किया है। आर्थिक रूप से सशक्तिकरण ने परिवार के बीच रिश्तों की गाँठ को और भी मजबूती से बाँधना शुरू कर दिया है। - -तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर दी विनम्र श्रद्धांजलिरायपुर / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पूर्व राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय के पिता स्व. श्री श्याम पाण्डेय के तेरहवीं कार्यक्रम दुर्ग जिले के मैत्री नगर भिलाई दशहरा मैदान रिसाली में शामिल हुए।राज्यपाल श्री डेका एवं मुख्यमंत्री श्री साय ने स्व. श्री श्याम पाण्डेय के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरूव साव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा, वरिष्ठ नेता श्री सौदान सिंह, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेण्डी, किरण देव, डोमनलाल कोरसेवाड़ा, गजेन्द्र यादव, ललित चंद्राकर, राजेश मूणत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
- -ओबीसी सर्वेक्षण कार्यों का किया निरीक्षण, संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने पर कुम्हारी नगर पालिका के सीएमओ और संबंधित लिपिकों को जारी किया नोटिस-अनुपस्थित पाए गए कार्यपालन अभियंता को भी नोटिसरायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार ने आज कुम्हारी नगर पालिका तथा भिलाई-चरोदा और रिसाली नगर निगमों का दौरा कर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने तीनों नगरीय निकायों में ओबीसी सर्वेक्षण कार्यों का भी निरीक्षण किया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नगरीय निकायों के आगामी आम निर्वाचन के लिए महापौरों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों तथा वार्ड पार्षदों के पदों के लिए आरक्षण किया जाना है। राज्य शासन द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया है। आयोग के निर्देश पर सभी निकायों में अन्य पिछड़ा वर्गों के सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है जिसे 25 सितम्बर तक पूर्ण किया जाना है।नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य के सभी नगरीय निकायों में ओबीसी सर्वेक्षण का कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए गंभीरतापूर्वक कार्यवाही की जा रही है। संचालनालय और संभागीय कार्यालयों द्वारा इसकी मॉनिटरिंग के लिए टीमों का गठन किया गया है। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार खुद प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आज कुम्हारी नगर पालिका पहुंचकर औचक निरीक्षण कर सर्वेक्षण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही निविदा प्रक्रिया में पादर्शिता, शुचिता तथा जेम पोर्टल के स्पेशिफिकेशन्स के अनुरूप खरीदी के निर्देश दिए।नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री कुमार ने कुम्हारी नगर पालिका में चल रहे अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के कार्यों की भी समीक्षा की तथा संधारित नस्तियों का अवलोकन किया। उन्होंने निकाय की कार्यप्रणालियों में खामी मिलने तथा सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सीएमओ एवं संबंधित प्रभारी लिपिकों को नोटिस जारी किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में प्रभारी कार्यपालन अभियंता के अनुपस्थित पाए जाने पर उसे भी नोटिस जारी किया गया। संचालक, नगरीय प्रशासन ने कुम्हारी नगर पालिका के बाद भिलाई-चरोदा नगर निगम और रिसाली नगर निगम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों नगर निगमों में भी ओबीसी सर्वेक्षण और अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
- -पक्के आवास में परिवार के साथ खुशहाली पूर्वक कर रही जीवन व्यतीतरायपुर / विशेष पिछड़ी जनजातियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ की गई कल्याणकारी योजना पीएम जनमन का लाभ सुदूर अंचलों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य वाले इलाकों तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का स्वयं के पक्के मकान निर्माण के सपने को हकीकत में बदला जा रहा है।कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत डूमरकछार की रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समूह की श्रीमती बुधवारा बाई को पीएम आवास निर्माण होने से कच्चे मकान में जिंदगी बसर करने से राहत मिली है। अब वह अपने परिवार के साथ पक्के घर मे खुशहाली के साथ रह रही है। हितग्राही ने बताया कि वह पहले अपने कच्चे मकान में परिवार के साथ रहती थी। पक्का आवास की इच्छा तो हमेशा से थी परंतु जितनी घर की आमदनी थी उसमें परिवार का पालन पोषण हो पाता था। थोड़ी बहुत जमा पूंजी कच्चे मकान की समय-समय पर मरम्मत में खर्च हो जाती थी। जिससे उनका पक्का मकान बनाने का सपना, सपना ही रह गया था।योजना का लाभ लेकर पक्का मकान बन जाने से बुधवारा बाई को इन सभी परेशानियों से छुटकारा मिला है। अब उसे बारिश में छत से पानी टपकने या गीले दीवारों की चिंता नही रही। साथ ही सांप बिच्छुओं का भी डर नही रहा। अब वह अपने परिवार के साथ पक्के मकान में खुद को सुरक्षित महसूस करती है एवं सुखद जीवन व्यतीत कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत वर्ष 2023-24 में आवास निर्माण हेतु स्वीकृति मिली। मकान निर्माण की विभिन्न चरणों में उन्हें 02 लाख रुपए की राशि चार किश्तों में उनके बैंक खाते में मिली तथा मनरेगा के माध्यम से 95 दिवस की मजदूरी की राशि भी प्राप्त हुई। हितग्राही ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से उनके सामाजिक जीवन मे काफी बदलाव आया है, उन्हें शासन की अनेक योजनाओ का लाभ नियमित रूप से मिल रहा है जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का घर बनाने के सपने को सच करने हेतु जिला प्रशासन सहित प्रधानमंत्री श्री मोदी व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया।
- नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में आज का दिन बस्तर के नक्सल पीड़ितों के लिए उम्मीदों भरा था। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र से आए 70 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल के तहत, अपनी पीड़ा को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचा। उनके चेहरे पर वर्षों से झेले गए अत्याचार की छाप थी, लेकिन उनकी आंखों में अब उम्मीद की किरण भी नजर आ रही थी।राष्ट्रपति से मुलाकात का उद्देश्य साफ था — नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों की समस्याओं को देश की सर्वोच्च शक्ति के सामने रखना और बस्तर को माओवाद के आतंक से मुक्त कराने की अपील करना। मुलाकात के दौरान पीड़ितों ने बताया कि कैसे माओवादी हमलों ने उनके जीवन को तबाह कर दिया है।बस्तरवासियों की व्यथाप्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि पिछले चार दशकों से बस्तरवासी माओवादी आतंक का दंश झेल रहे हैं। माओवादी हमलों में हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और सैकड़ों लोग अपंग हो चुके हैं। बारूदी सुरंगों और बम विस्फोटों ने उनके जीवन को तहस-नहस कर दिया है। विस्फोटों से न केवल शरीर को नुकसान पहुंचा है, बल्कि मानसिक रूप से भी वे पूरी तरह टूट चुके हैं।प्रतिनिधियों ने बताया कि माओवादियों ने उनके घर, जमीन और संस्कृति को भी बर्बाद कर दिया है। बस्तर में 8,000 से अधिक लोग पिछले ढाई दशकों में माओवादी हिंसा के शिकार हुए हैं। आज भी कई लोग नक्सलियों के डर के साये में जीने को मजबूर हैं। जहां देश के अन्य हिस्सों में लोग स्वतंत्रता का आनंद ले रहे हैं, वहीं बस्तर के लोग अपनी जमीन और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहलप्रतिनिधिमंडल ने जब राष्ट्रपति के समक्ष अपनी बात रखी, तो उन्होंने खास तौर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व को सराहा। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल और नेतृत्व के कारण बस्तर में शांति बहाली और विकास के कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उनके नेतृत्व में बस्तर में न केवल नक्सल उन्मूलन के लिए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं, बल्कि लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनके द्वारा शुरू की गई योजनाओं ने बस्तरवासियों में एक नई आशा जगाई है।शांति और पुनर्निर्माण की अपीलबस्तर शांति समिति के प्रतिनिधिमंडल के नेताओं मंगऊ राम कावड़े और जयराम दास ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि बस्तर में शांति बहाल करने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांतिपूर्ण जीवन के लिए जाना जाता था, लेकिन माओवादी आतंक ने इस स्वर्ग को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि वहां फिर से शांति और सामान्य जीवन लौट सके।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नक्सल पीड़ितों की व्यथा गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों के बेहतर भविष्य के प्रति सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और जल्द ही उन्हें राहत मिलेगी।











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