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- दुर्ग / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये राज्य के संभागायुक्तों और कलेक्टर्स की बैठक ली। बैठक में राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्य सचिव के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, भूअर्जन, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, एक पेड़ मां के नाम, नारी शक्ति से जल शक्ति, जल जीवन मिशन, श्रम पोर्टल में दर्ज श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर कलेक्टरों से जिलेवार जानकारी ली।मुख्य सचिव ने राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ग्रामीण इलाकों में एक कारगर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह से जिलों में जनदर्शन कार्यक्रम के तहत निराकृत प्रकरणों के ऑंकड़े रखने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार कर प्रकरणों के निराकरण की जानकारी जिलेवार ली गई। भू-अर्जन में बटांकन में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए लोक निर्माण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पंजीयन विभाग और अन्य सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए कहा।जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण ऑकड़ों को पोर्टल में अपलोड करने और जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत एफएचटीसी प्राप्त करने वाली पंचायतों और ग्रामों में हुई प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों को श्रम पोर्टल में दर्ज सभी श्रमिकों के राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से बाल अधिकारों के संरक्षण के संबंध में जिलेवार की गई कार्यवाही की समीक्षा भी गई। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों से पोषण ट्रेकर एप्प में पोषण संबंधी जानकारी की प्रविष्टि की प्रगति की जानकारी ली।मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, व्यवस्थापन और फ्री होल्ड के संबंध में शासन द्वारा जारी परिपत्रों और निर्देशों के तहत जिलेवार की गई कार्यवाही के संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली गई। इसी तरह से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत किए गए कार्यों की जानकारी ली गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, मुख्य कार्यापालन अधिकारी श्री अश्विनी देवांगन, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, श्री मुकेश रावटे, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, महिला एवं बाल विकास के अधिकारी श्री अजय शर्मा सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लगातार स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार हो रहा है। इसी का परिणाम अब सामने आने लगा है। कलेक्टर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाए में निरंतर प्रगति हो रही है । मंदिरहसौद के स्वास्थ्य केंद्र ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कराई है। जहां 48 घंटे के भीतर 13 महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया है। वह बच्चे सामान्य प्रसव से हुए है। वर्तमान में जज्जा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ है।सीएमएचओ डाॅ. मिथिलेश चैधरी ने मंदिरहसौद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित जननी सुरक्षा योजना का सुचारू संचालन का जायजा लेते हुए अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रसूता महिलाओं से हाल-चाल पूछा और प्रसव उपरांत पोषण आहार, बच्चों की रेखदेख करने उचित मार्गदर्शन दिया। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक महीने में औसत 60-80 सामान्य व सुरक्षित प्रसव करवाने पर सभी हॉस्पिटल स्टाफ को बधाई व शुभकामनाएँ दीं।इस उपलब्धि में विशेष सहयोग स्टाफ नर्स श्रीमती तोशिमा डहरिया जिन्होंने कुल 13 में से 9 प्रसव करवाया। इनके साथ ही श्रीमती प्रतिभा साहू, श्री श्रवण तिवारी, स्टाफ नर्स श्रीमती सपना पलित, श्रीमती गीता मंडल, श्रीमती उषा सिंह का भी विशेष सहयोग रहा।
- बिलासपुर / कलेक्टर अवनीश शरण ने सिलपहरी में गत दिनों सड़क दुर्घटना में 9 गायों की मौत की जांच के लिए एसडीएम बजरंग वर्मा की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय टीम गठित की है। टीम ने आज इस सिलसिले में सिलपहरी गांव का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों और पशुपालकों से दुर्घटना के संबंध में चर्चा की और बयान लिए। दुर्घटना में मृत मवेशी किसके थे। घटना स्थल पर मवेशी कैसे पहुंचे। मवेशियों की मौत में किससे लापरवाही हुई है सहित और कई विषयों पर सुझाव लिए गए। मवेशियों को सड़क पर बैठने से कैसे रोका जाए, ताकि दुर्घटना से बचा जा सके,इस पर चर्चा किया गया। ग्रामीणों को अपने पशुओं की देखभाल करने की समझाइश दी गई। उन्होंने घटना स्थल का भी निरीक्षण कर कारण जानने का प्रयास किया। इस अवसर पर जांच टीम के सदस्य संजय कुमार साहू, उप पुलिस अधीक्षक यातायात, विजय चौधरी सिरगिट्टी थाना प्रभारी, शिवानी सिंह तोमर, उप संचालक पंचायत, संदीप पोयम जनपद सीईओ बिल्हा, डॉ. अरविंद त्रिपाठी पशु चिकित्सा अधिकारी बिल्हा तथा आरपी यादव ईई राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जन उपस्थित थे।
- -ओपीडी आईपीडी सभी मरीजों की हुई देखभालबिलासपुर / कोलकाता स्थित आर जी कर मेडिकल कॉलेज में पीजी छात्रा के साथ हुई घटना के विरोध मेंआज सिम्स हॉस्पिटल में कार्यरत पीजी रेसिडेंस डॉक्टर्स और जूनियर डॉक्टर्स के स्ट्राइक में जाने के कारण सभी विभागाध्यक्ष को अपने अपने विभाग के ओपीडी का संचालन कंसलटेंट से कराने के लिए निर्देशित किया गया था जो कि सफलता पूर्वक कार्यान्वित हुआ। किसी भी मरीज़ को कोई परेशानी नहीं हुई। दोपहर बाद सीनियर और जूनियर डॉक्टर अपने कार्य पर उपस्थित हो गये, जिससे वार्ड में भर्ती मरीजों का सफलता पूर्वक इलाज किया जा रहा है । सभी नर्सिंग स्टाफ द्वारा मरीजों का पूर्ण देखभाल किया गया । डीन डॉ कमल किशोर सहारे द्वारा दोपहर में ट्राइज कैज्यूलिटी तथा विभिन्न वार्ड का राउंड लिया गया । कीचन का निरीक्षण किया गया । डॉ निगम प्राध्यापक निश्चेतना विभाग और डॉ समीर पैकारा सहायक चिकित्सा अधीक्षक ने भी राउंड लेकर स्थिति का निरीक्षण किया ।
- रायपुर। टिकरापारा उर्फ गभरा पारा, रायपुर निवासी श्री आनंद मोहन मिश्रा का 65 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया। वे स्वर्गीय रामखिलावन मिश्रा (चंपारण वाले) के पुत्र, श्रीमती कुमुद मिश्रा के पति, आकाश मिश्रा, सागर मिश्रा के पिता तथा अश्वनी शर्मा के लघु भ्राता थे। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास (गभरापारा) टिकरापारा से मारवाड़ी मुक्तिधाम के लिए रविवार को प्रात: 10 बजे निकलेगी।
- -महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा कीरायपुर, / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये राज्य के संभागायुक्तों और कलेक्टर्स की बैठक ली। बैठक में राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, भू-अर्जन, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, एक पेड़ मां के नाम, नारी शक्ति से जल शक्ति, जल जीवन मिशन, श्रम पोर्टल में दर्ज श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर कलेक्टरों से जिलेवार जानकारी ली।मुख्य सचिव ने राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ग्रामीण इलाकों में एक कारगर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह जिलों में जनदर्शन कार्यक्रम के तहत निराकृत प्रकरणों के ऑंकड़े रखने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार कर प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार जानकारी ली गई। भू-अर्जन के बटांकन में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए लोक निर्माण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पंजीयन विभाग और सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए कहा।जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण ऑकड़ों को पोर्टल में अपलोड करने और जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत एफएचटीसी प्राप्त करने वाली पंचायतों और ग्रामों में हुई प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों को श्रम पोर्टल में दर्ज सभी श्रमिकों के राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से बाल अधिकारों के संरक्षण के संबंध में जिलेवार की गई कार्यवाही की समीक्षा की। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों से पोषण ट्रेकर एप में पोषण संबंधी जानकारी की प्रविष्टि की प्रगति की जानकारी ली।मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, व्यवस्थापन और फ्री होल्ड के संबंध में शासन द्वारा जारी परिपत्रों और निर्देशों के तहत जिलेवार की गई कार्यवाही के संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस संबंध में जांजगीर-चांपा जिले द्वारा जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेस्ट प्रेक्टिस पर प्रस्तुतिकरण भी दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी, संभागायुक्त और जिले के कलेक्टर मौजूद थे।
- -जशपुर क्षेत्र में 15 विभिन्न सड़कों का होगा निर्माणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार राज्य में मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए सड़कें, पुल-पुलिया के साथ ही स्कूल, छात्रावास सहित अन्य शासकीय भवनों के निर्माण आदि के लिए राज्य शासन द्वारा लगातार स्वीकृति दी जा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर ही जशपुर क्षेत्र के लिए 15 विभिन्न सड़कों के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर क्षेत्र में भुड़केला से लवानदी तक 2.10 किमी की लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 38 लाख 77 हजार रूपए, बालाछापर-आरा-सकरडेगा मार्ग से छोटा बनई पहुंच मार्ग 2.40 किमी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 57 लाख 84 हजार रूपए, बघियाकानी से शिवमंदिर तक मार्ग लंबाई 0.60 किमी निर्माण कार्य हेतु 87 लाख 21 हजार रूपए, ठेठेटांगर से बरंगजोर मार्ग 1.18 किमी निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 44 लाख 89 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इसी प्रकार एस.एच.17 में 15/10 से घुईडांड मार्ग 1.70 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 93 लाख 06 हजार रूपए, गड़ाकटा-दुलदुला मार्ग के किमी 10/4 से ग्राम रजौटी पहुंच मार्ग लंबाई 1.68 किमी. निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 87 लाख 33 हजार रूपए, कंदाडोड़हा से घुमरा पहुंच मार्ग लंबाई 0.80 किमी निर्माण कार्य हेतु 78 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।इसी तरह मयाली रिसोर्ट से देवबोरा बस्ती पहुंच मार्ग 1.26 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 27 लाख 41 हजार, बालाछापर-आरा-सकरडेगा मार्ग से कारीताला 2.00 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 25 लाख 71 हजार रूपए, खरवाटोली से बांधाटोली 2.00 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 33 लाख 99 हजार रूपए, बेलसोंगा से रनपुर पहुंच मार्ग लंबाई 1.38 किमी निर्माण हेतु 01 करोड़ 70 लाख 95 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार मुख्यमार्ग सिंगीबहार से रघराटोली 1.12 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 88 लाख 36 हजार रूपए, डिपाटोली (सिंगीबहार) से धवईटोली तक 1.36 किमी लंबी सड़क निर्माण हेतु 02 करोड़ 03 लाख 95 हजार रूपए, बहराखैर से जुड़वाईन लंबाई 1.63 किमी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 29 लाख 96 हजार रूपए एवं जशपुर के एन.एच. 73 खड़सा से कोमड़ो तक 1.94 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 45 लाख 68 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- -दिव्यांगजनों के हित के लिए होनी चाहिए सबकी सहभागिता-32 करोड़ रूपए की लागत से ग्राम ठाकुरटोला में सीआरसी के नये भवन का किया गया है निर्माण-केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया सीआरसी भवन का निरीक्षणरायपुर / केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार खटीक और प्रदेश के महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज राजनांदगांव के ग्राम ठाकुरटोला में दिव्यांगजन कौशल विकास पुनर्वास और सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने सीआरसी के पुराने भवन का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग उपस्थित रहे।केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि देश में दिव्यांगजनों के पुर्नवास एवं विशेष शिक्षा के लिए 10 राष्ट्रीय संस्थान तथा 25 सीआरसी चलाये जा रहे हैं। यह प्रदेश का पहला सीआरसी सेंटर राजनांदगांव में पुराने भवन में संचालित है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नये भवन का निर्माण कराया गया है। इस केन्द्र के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए दी जा रही सेवाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी। यहां फिजियोथैरेपी के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा। दिव्यांगजनों को ज्यादा अच्छी सुविधाएं मिलगी। ज्यादा मशीनें उपलब्ध करवायेंगे। डिप्लोमा कोर्स के साथ-साथ डिग्री कोर्स, प्रोफेशनल कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे। यहां के विद्यार्थी दिव्यांगजनों के क्षेत्र में विशेषज्ञ तौर पर सेवाएं दे सकेंगे। यह सीआरसी दिव्यांगजनों के लिए व्यावहारिक केन्द्र बनने वाला है। साथ ही मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांग बच्चों का ईलाज एवं उनको सशक्त बनाने के लिए कार्य किया जा सकेगा, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रति आभार प्रकट किया। सीआरसी भवन में सुविधाओं का विस्तार हेतु 11 करोड़ रूपए हॉस्टल के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीआरसी में सुविधा एवं गुणवत्ता बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कहते है कि सबका साथ सबका विकास की मंशा के साथ हमें दिव्यांगजन को भी सशक्त बनाने की जरूरत है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना लेकर चल रहे हैं। इस सपने को साकार करने के लिए सीआरसी को सशक्त बनाना है। दिव्यांगजनों से संबंधित सभी संस्थानों को सशक्त बनाया जा रहा है।समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह सीआरसी दिव्यांगजनों के लिए वरदान साबित होगा। दिव्यांगजनों को सशक्त करने की दिशा में केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सीआरसी नया भवन राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत ठाकुरटोला में निर्माण किया गया है। यह भवन 32 करोड़ की लागत से लगभग 2 मंजिला सर्व सुविधायुक्त बनाया गया है। इस भवन में कुल 35 कमरे हैं, जिसमें भूतल में 17 कमरे, पहली मंजिल में 18 कमरे का निर्माण किया गया है। इस अवसर पर श्री आलोक सोठी, सीआरसी निदेशक श्रीमती स्मिता महोबिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -विधानसभा अध्यक्ष लाभार्थी किसान सम्मेलन में हुए शामिल-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के कैलेण्डर, प्रसार पत्रक और अर्धवार्षिकी पुस्तिका का किया विमोचन-किसानों को पावर रिपर, तेलघानी यंत्र, स्पेयर का किया वितरणरायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजधानी रायपुर के समीप ग्राम बरौंडा में स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित लाभार्थी किसान सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अतिथियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत प्रबंधन संस्थान परिसर में रूद्राक्ष का पौधा रोपण किया। डॉ सिंह ने इस दौरान प्रतीक स्वरूप पांच किसानों को कृषि यंत्र पावर रिपर, तेलघानी यंत्र, स्पेयर पंप का वितरण किया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लाभार्थी किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान साथी जैविक तनाव या बायोटिक स्ट्रेस जैसी गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाकर आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर कार्य कर रहे हैं। जैविक तनाव से तात्पर्य पौधे पर जीवित जीवों के हानिकारक प्रभाव से है, जिसमें कीड़े, कवक, बैक्टीरिया, वायरस और अन्य रोगजनक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कृषि में जैविक तनावों पर बुनियादी, रणनीतिक और अनुकूल अनुसंधान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की भूमि से अधिक से अधिक अन्न उपार्जित कर प्रदेश में भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर पायें इस उद्देश्य से 7 अक्टूबर, 2012 को इस संस्थान की यहां आधारशिला रखी गई थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस संस्थान को 28 सितंबर 2021 को राष्ट्र को समर्पित किया था। तब से लेकर अब तक इस संस्थान ने कई अनुसंधान किये, कृषि जगत में निरंतर छत्तीसगढ़ के किसानों की बेहतर फसल के लिए काम किये और ढेरों उपलब्धियां अर्जित की हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि देश में जैविक स्ट्रेस से सालाना लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये की कृषि उपज का नुकसान होता है।भारत में जैविक स्ट्रैस के कारण सभी वस्तुओं में 30-35 प्रतिशत नुकसान होता है, वैश्विक स्तर पर, कीटों के कारण फसल उत्पादन का 10 से 28 प्रतिशत तक नुकसान होता है। एक ओर जहाँ अन्न के आभाव में बहुत सारे देश भुखमरी की स्थिति से गुजर रहे हैं तब दूसरी तरफ इतनी बड़ी संख्या में फसलों का नुकसान यह दिखाता है कि जैविक तनाव कृषि के लिए कितनी बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए इस संस्थान द्वारा रणनीति बनाकर और तकनीकी रूप से बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत कुल 3966 कृषक परिवारों और जनजातीय उप-योजना के तहत कुल 3324 कृषक परिवारों को शामिल किया गया है। प्रदेश के 13 जिलों जशपुर, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, बस्तर, महासमुंद, गरियाबंद, कोरबा, सरगुजा, धमतरी, बलौदाबाजार- भाटापारा, दुर्ग और रायपुर अंतर्गत कुल 333 गांवों को परियोजनाओं का लाभ दिया गया है। उन्होंने संस्थान द्वारा किसानों को समर्थन प्रदान करने के साथ ही अनुसंधान और युवाओं को कृषि के प्रति सजग बनाने की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष किसानों को 6000 रूपये का आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, तीसरी बार शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले ’पीएम किसान सम्मान निधि’ की 17वीं किश्त जारी कर, किसानों के बैंक खातों में 20,000 करोड़ रूपये अंतरित की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना, पीकेवीवाई (परंपरागत कृषि विकास योजना), किसान क्रेडिट कार्ड जैसी ढेरों योजनाओं के माध्यम से श्री मोदी ने देश के अन्नदाताओं के हाथ मजबूत कर रहे हैं।छत्तीसगढ़ में डेढ़ दशक की हमारी सरकार में हमने देश में पहली बार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर एक कीर्तिमान स्थापित किया। छत्तीसगढ़ की प्रमुख फसल धान को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था को कंप्यूटर तथा ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा। धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से संपूर्ण मॉनिटरिंग करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनाया।प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से, 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया। 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि दी। इस साल खरीफ सीजन में 145 लाख मी. टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खाता में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस की राशि अंतरित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को भी पूरा किया है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राजधानी रायपुर के समीप स्थित राष्ट्रीय स्तर का यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान द्वारा देश और प्रदेश के किसानों के हित में रणनीति बनाकर जैविक तनाव को कम करने की दिशा में बेहतर काम किया जा रहा है। संस्थान द्वारा किसानों की समृद्धि और उत्पादन में वृद्धि के लिए जैविक कारणों को ढूंढ कर उनका समाधान निकाला जा रहा है। इसके साथ ही देश और प्रदेश के विद्यार्थियों को कृषि मैनेजमेंट की शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान कर देश को उन्नति के राह पर ले जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष तथा आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में कृषि संस्थान सहित आईआईएम, आईआईटी स्थापित करने का श्रेय देते हुए कहा कि यह उनके कुशल नेतृत्व और दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ में भी उच्च स्तरीय राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित है।छत्तीसगढ़ के किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हुए है। किसान खेती-किसानी की ओर अग्रसर हुए है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिर्फ धान की खेती नहीं करनी चाहिए, जिसे अन्य फसल प्रभावित हो। उन्हें अन्य पारंपरिक खेती-किसानी की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य किए जा रहे हैं।किसान लाभार्थी सम्मेलन को संबोधित करते हुए धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का संस्थान छत्तीसगढ़ में होना गौरव की बात है और यह खुशी की बात है कि इस संस्थान की स्थापना कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रीत्व काल में हुआ था। यह संस्थान छत्तीसगढ़वासियों के हित में उनके दूरदृष्टि परिणाम है। उन्होंने किसानों को इस संस्थान से जुड़कर समृद्ध किसान बनने की अपील की। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के निदेशक एवं कुलपति डॉ. पी.के. घोष, डॉ. संजय शर्मा ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में किसान और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- -वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री कश्यप के निर्देश पर जंगल सफारी पूर्ण रूप से प्लास्टिक फ्री होगीरायपुर /. जंगल सफारी को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्रानी श्री सुधीर अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण के लिए जंगल सफारी प्रबंधन ने अहम कदम उठाया है lजंगल सफारी के निदेशक श्री धम्मशिल गणवीर ने बताया कि अब से जंगल सफारी में आगंतुकों को प्लास्टिक अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही सफारी में प्लास्टिक पैकेजिंग वाले उत्पादों की बिक्री भी प्रतिबंधित होगी l प्लास्टिक के कारण पर्यावरण पर होने वाले दुष्परिणामों के बारे में सतत रूप से पर्यटको को जागरूक किया जा रहा है और जलवायु परिवर्तन के उपायों अन्तर्गत रिसाइकल, रियूज, रिड्यूस के साथ पर्यावरण अनुकूल जीवन पद्धति को आत्मसात् करने पर्यटकों को अवगत कराया जा रहा हैl प्लास्टिक के बेतहाशा उपयोग से पर्यावरण को छति पहुँच रही है शासन द्वारा भी प्लास्टिक के उपयोग को लगातार हतोत्साहित की जा रही है l आम नागरिको के लिए मंगलवार से रविवार तक सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक खुला रहेगा l नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी मे आम नागरिक मंगलवार से रविवार तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक भ्रमण कर सकते हैँ l जंगल सफारी सोमवार को आम नागरिकों के लिए बंद रहेगा l
- -पौधारोपण करना स्वस्थ पर्यावरण के लिए बेहद आवश्यक: श्री जायसवालरायपुर / मनेंद्रगढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘अभियान के तहत वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया। आयोजन में कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मियावाकी पद्धति के माध्यम से परिसर में पौधारोपण कर वन महोत्सव का शुभारंभ फीता काटकर किया।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वनमण्डालाधिकारी ने वन महोत्सव के माध्यम से जिले में मियावाकी पद्धति के बारे में बताया। आज बड़े-बड़े मेट्रो सिटी में इस पद्धति के माध्यस से वानिकी किया जा रहा है। एक-एक मीटर के दूरी पर सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। जिससे घना वन मिलता है। जिससे हमें शुद्ध हवा मिलता है। 30 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है। इतना ही वायु और ध्वनि प्रदूषण भी सोखता है। हमारा मनेंद्रगढ़ अर्बन हिट आईलैण्ड बन सकता है। जिले के लोगों ने कॉॅफी मात्रा में पौधारोपण किया है। इसी प्रकार खाली स्थानों में और अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता है। जिससे हमें स्वस्थ पर्यावरण का लाभ मिलेगा। हमारे जिले में इस बार बारिश अच्छी हुई है। पौधारोपण के लिए हमें पर्याप्त मात्रा में आर्द्रता और नमी मिलेगी। उन्होंने जिले जनप्रतिनिधियों , अधिकारियों,महतारी वंदन के हितग्राहियों तथा स्कूल के छात्र एवं छात्राओं को अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया।इसके साथ ही उन्होंने वनमण्डलाधिकारी को जिले में पौधारोपण कार्यक्रम को अभियान के मिशन मोड में करने कहा। जिससे हम अपनी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध एवं स्वच्छ हवा प्रदान कर सके। पर्यावरण एवं वानिकी की उपलब्ध बताते उन्होंनेे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरूघासीदास तमोर पिंगला के रूप में जिले को बड़ा उपहार दिया है। जिसकी स्वीकृति कैबिनेट में मिल चुकी है। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। उन्होंने सभी को पौधारोपण एवं पर्यावरण की रक्षा करने के हरसंभव उपाय करने को कहा। पृथ्वी के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए वृक्षों का होना आवश्यक है। इसके लिए सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान का शुभारंभ पर्यावरण एवं जलवायु को बेहतर करने के उद्देश्य से किया गया है। अतः सभी जिलेवासी इस अभियान में शामिल होकर इसे सफल बनाएं। पौधारोपण कार्य केवल वनक्षेत्र न किया जाये बल्कि वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, छात्रावास, स्कूल परिसरों आदि स्थानों में भी किया जावेगा।वनमण्डलाधिकारी श्री मनीष कश्यप ने मियावाकी पद्धति के बारे में बताते हुये कहा कि इस विधि का प्रयोग कर के घरों के आस-पास खाली पड़े स्थान (बैकयार्ड) को छोटे बगानों या जंगलों में बदला जा सकता है। मियावाकी पद्यति के प्रणेता जापानी वनस्पतिशास्त्री अकीरा मियावाकी हैं। इसके माध्यम से जिले के छोटे-छोटे स्थानों पर मिनी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करना है। जिससे जिले को हिट वेव से बचाया जा सके। इस पद्धति से प्लांटेशन तीन से चार में बढ़ जाता है।
- -* मानव जीवन मे मधुमक्खियों की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया गया*रायपुर /. नंदनवन जू एवं जंगल सफारी, नवा रायपुर में राष्ट्रीय मधुमक्खी दिवस के अवसर पर "पोलिंनेटर्स प्यूपल एंड प्लेनेट कंसर्वे टुडे फॉर सस्टेनबल टुमारो " थीम पर आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।कार्यक्रम में मानव जीवन में मधुमक्खियों की महत्वपूर्ण भूमिका से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया l कार्यक्रम में नवा रायपुर के हायर सेकंडरी स्कूल राखी के 53 छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को मधुमक्खियों के बारे में प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की गई । मधुमक्खियों की पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ और जैव विविधता पर उनका प्रभाव,भारत में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मधुमक्खियाँ की प्रजापति और उनकी विशेषताएँ, मधुमक्खी पालन, मधुमक्खियों के जीवन चक्र आदि के बारे में विस्तार से बताया गया l छात्रों ने अत्यधिक रुचि और उत्साह के साथ भाग लिया और प्रश्न पूछ कर अपनी जिज्ञासा भी व्यक्त कीकार्यक्रम में जंगल सफारी की ओर से अधिकारीगण सर्वश्री चंद्रमणी साहू , हिमांशु प्रधान, और उपेंद्र साहू शामिल हुए l जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि नंदनवन जू एवं जंगल सफारी द्द्वारा वन मंत्री श्री केदार कश्यप के दिशा निर्देशानुसार वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण मुद्दों पर विभिन्न मोड्यूल तैयार कर स्कूली विद्यार्थियों को पर्यावरण और प्रकृति के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 788.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 17 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1711.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 424.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 751.4 मिमी, बलरामपुर में 1128.3 मिमी, जशपुर में 613.4 मिमी, कोरिया में 777.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 788.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 677.0 मिमी, बलौदाबाजार में 821.1 मिमी, गरियाबंद में 755.8 मिमी, महासमुंद में 567.9 मिमी, धमतरी में 726.3 मिमी, बिलासपुर में 708.1 मिमी, मुंगेली में 779.7 मिमी, रायगढ़ में 686.1 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 444.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 779.5 मिमी, सक्ती 653.3 मिमी, कोरबा में 985.7 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 749.5 मिमी, दुर्ग में 502.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 626.7 मिमी, राजनांदगांव में 831.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 924.0 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 585.2 मिमी, बालोद में 848.3 मिमी, बेमेतरा में 456.2 मिमी, बस्तर में 865.1 मिमी, कोण्डागांव में 795.2 मिमी, कांकेर में 1036.5 मिमी, नारायणपुर में 920.4 मिमी, दंतेवाड़ा में 1004.2 मिमी और सुकमा जिले में 1089.5 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -उप मुख्यमंत्री ने रायपुर में लोरमी के अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की, मैदानी स्तर पर योजनाओं का हाल-चाल भी जाना-कहा लोरमी के विकास के लिए मैं भी आपकी टीम का हिस्सा, हम सब मिलकर जन आकांक्षाओं को करेंगे पूरारायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रायपुर में लोरमी के विकासखण्ड और तहसील स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों से कहा कि लोरमी के विकास और वहां के नागरिकों को खुशहाल बनाने के लिए मैं भी आपकी टीम का हिस्सा हूं। हम सब मिलकर क्षेत्र का तेजी से विकास करेंगे और जन आकांक्षाओं को पूरा करेंगे। विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में लोरमी प्रदेश में नज़ीर बने, ऐसा काम हम सबको मिलकर करना है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि हम सबको मिलकर लोरमी की समस्याओं को दूर करना है। क्षेत्रवासियों को सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोरमी के लोगों के लिए नई कार्ययोजनाएं तैयार करें और उन्हें गंभीरता से अमलीजामा पहनाएं। उन्होंने लोक सेवक के तौर पर नागरिकों से अच्छा व्यवहार रखने और उनकी समस्याओं का तत्परता से निराकरण करने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की के वे अच्छे कार्यों से अपनी पहचान बनाएं। अपने विभाग और खुद की प्रतिष्ठा बढ़ाएं। लोरमी में हो रहे कार्यों का दूसरे विकासखण्ड और तहसील अनुसरण करें, ऐसा काम करें।श्री साव ने बैठक में लोरमी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सहित सभी विभागों के कार्यों की बारी-बारी से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने लोरमी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को शहर में नगर पालिका के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने को कहा। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए क्षेत्र में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने जिला खाद्य अधिकारी को अचानकमार क्षेत्र में बारिश के दिनों में पर्याप्त राशन का भंडारण करने को कहा। उन्होंने पीडीएस दुकानों की संख्या बढ़ाने के साथ ही सभी दुकानों की व्यवस्था जांचने के भी निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने श्रम विभाग के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निर्देशित किया। उन्होंने संगठित क्षेत्र और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीकरण और योजनाओं की जानकारी देने शिविर आयोजित करने को कहा। उन्होंने इन शिविरों में श्रमिकों को अन्य विभागों की योजनाओं की भी जानकारी देने को कहा। श्री साव ने जनपद पंचायत कार्यालय में हेल्प-डेस्क स्थापित कर लोगों को अपेक्षित जानकारियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, एसडीएम श्री जी.एल. यादव, तहसीलदार श्री शेखर पटेल, एसडीओपी सुश्री माधुरी धिरही, जनपद पंचायत के सीईओ श्री चंद्रकुमार धृतलहरे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री लालजी चन्द्राकर, बीएमओ डॉ. जी.एस. दाऊ और बीईओ श्री डी.एस. राजपूत सहित सभी विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
- रायपुर /राजधानी में आयोजित दिव्य कला मेले में मुख्य अतिथि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री श्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत सरकार की संस्था एलिम्को द्रारा दिव्य कला मेले में दिव्यांगजन को प्रोत्साहित करने के लिए टोकन के रूप में सहायक उपकरण वितरित किए गए। जिसमे बलौदाबाजार जिला के 4 दिव्यांगजनों श्री संतोष यादव, श्री पुष्पराज पुरेना, श्री धनंजय देवांगन, सुश्री रामसीला पटेल को मोटराइज्ड ट्राई सायकल और रायपुर के श्री देवांश शर्मा को व्हील चेयर प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान 11 दिव्यांगजनो को टोकन के रूप में ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। जिसमें रायपुर जिले के श्री रोहित कुमार वर्मा को ट्रैक्टर बाहर व्यवसाय हेतु 8 लाख 44 हजार रुपए, ई रिक्शा वाहन क्रय व्यवसाय के लिए क्रमशरू श्री सेवाराम साहू को 1 लाख 57 हजार रुपए, श्री चंदन गिलहरे को 3 लाख 44 हजार रुपए, बालादास मानिकपुरी को 2 लाख 79 हजार रुपए, बेमेतरा के श्री भूपेन्द्र सिंहा टेंट हाउस व्यवसाय के लिए 60 लाख 50 हजार रूपये, दंतेवाड़ा के श्री विक्रम सोनी को सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय के लिए 8 लाख 50 हजार रूपये, ट्रेक्टर-ट्रॉली कृषि सेवा हेतु जशपुर जिले के श्री अशोक यादव 7 लाख 52 हजार रूपये और श्री धनेश्वर यादव को 10 लाख 88 हजार रूपये, बलौदाबाजार जिले के श्री मनोज कुमार वर्मा को मेडिकल व्यवसाय के लिए 8 लाख 50 हजार रूपए, बलरामपुर की श्रीमती प्रतिमा जायसवाल को रेडिमेंट गारमेंट व्यवसाय हेतु 5 लाख रूपए, गौरेला-पेड्रा-मरवाही श्री गणपत कश्यप को किराना दुकान व्यवसाय हेतु 4 लाख 25 हजार रूपए की ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान की गई। ऋण स्वीकृति पत्र दिए जाने वाले इन दिव्यांगों में अस्थि बाधित, दृष्टि बाधित एवं मूक बधिर दिव्यांग शामिल है।कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री साय को राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में आयोजित दिव्य कला मेला में कलाकार सुश्री हीरा धृतलहरे ने अपने हाथों से बनाई पैरा शिल्प पोर्ट्रेट भेंट की। सुश्री हीरा की भेंट पाकर मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सुश्री हीरा से कहा कि उनके पास पैरा शिल्प स्केच बनाने का अनूठा हुनर है और खूब अभ्यास कर इसको निखारना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रैक्टिस से परफेक्शन आता है, उसकी बारीकियाँ पता चलती है। लगातार प्रैक्टिस करके वो एक अच्छी शिल्पी बनकर देश-दुनिया में अपना और अपने प्रदेश का नाम रोशन कर सकती है।
- बच्चों ने सामान्य ज्ञान क्विज प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लियारायपुर, / राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 78 वीं वर्षगांठ पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी का अवलोकन आम नागरिक महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्कूली बच्चें उत्साह पूर्वक कर रहे हैं। रायपुर के बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पी.जी.उमाठे स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूल रायपुर एवं अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी रखी गई थी। जिसमें लगभग 100 बच्चों ने बढ़ चढ़कर कर भाग लिया। बच्चों को प्रदर्शनी के माध्यम से ज्ञानवर्धक बातें भी बताई जा रही है। ताकि बच्चों को आगे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो क्विज के माध्यम से इतिहास, संस्कृति, अंग्रेजी, कृषि और रायपुर के प्रसिद्ध जगह और अन्य महत्वपूर्ण विषय के संबंध में प्रतियोगिता में प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वाले बच्चों को तुरंत इनाम देकर पुरस्कृत भी किया गया।छाया चित्र का अवलोकन कक्षा 12वीं की प्रिया मसीह, शेख सानिया, नोसिन, यश साहू, सेजल चंद्राकर, राखी साहू, लक्ष्मी साहू, प्रतिभा, यश साहू, जतिन आदि छात्र एवं छात्राओं ने बताया की आज उनको प्रर्दशनी देखर बहुत अच्छा लगा। जिसमें भारत के छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का परिचय सहित फोटो प्रदर्शनी देखकर छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी मिली।विद्यार्थियों ने बताया कि छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से बहुत सारी ज्ञानवर्धक जानकारी मिल रही है। अन्य साथियों को भी इसकी जानकारी देंगे ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। कक्षा 12वीं की शेख सानिया, राखी साहू, लक्ष्मी साहू एवं यश साहू, जतिन एवं अन्य विद्यार्थियों ने क्विज प्रतियोगिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भाग लिया। प्रर्दशनी का श्रीमती आशा राठौर, श्री अरविंद अग्रवाल एवं अन्य शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों ने भी अवलोकन किया।
- *दुकान मालिक के विरुद्ध खाद्य विभाग ने दर्ज कराया एफआईआर**चावल बेचने वालों का राशन कार्ड भी निरस्त होगा**राजस्व और खाद्य अफसरों की संयुक्त दबिश*बिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देशानुसार एस डी एम बिलासपुर के मार्गदर्शन में शुक्रवार को विवेक राईस ट्रेडिंग ,संजय तरण पुष्कर के सामने नेहरू नगर में पी डी एस का चावल खरीदी बिक्री की शिकायत प्राप्त होने पर खाद्य एवं राजस्व विभाग की सँयुक्त टीम द्वारा उपरोक्त दुकान का निरीक्षण किया गया जिसमें 13 क्विंटल(52 बोरी) पी डी एस योजना अंतर्गत बीपीएल श्रेणी में प्रदाय योग्य फोर्टीफ़ाइड मोटा चावल प्राप्त होने पर और दुकान के प्रोपराइटर द्वारा इस संबंध में कोई भी बिल प्रस्तुत नही किये जाने के कारण उक्त मात्रा में प्राप्त चावल की जप्ती की कार्यवाही की गयी ।निरीक्षण के दौरान दो स्थानीय निवासी जो उक्त दुकान में पी डी एस योजना अंतर्गत प्राप्त मोटा चावल बेचने आये थे, का बयान भी लिया गया ।उक्त दुकान के प्रोपराइटर के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत खाद्य नियंत्रक बिलासपुर द्वारा थाना सिविल लाइन बिलासपुर में एफआईआर दर्ज कराया गया है तथा अपना राशन अवैध तरीके से बेचने वालो का भी राशन कार्ड निरस्त किया जाएगा।उक्त कार्रवाई में तहसीलदार बिलासपुर श्री अतुल वैष्णव, अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर श्रीम जजती सिद्धि गबेल, खाद्य विभाग से सहायक खाद्य अधिकारी श्री राजीव लोचन तिवारी ,श्री अजय मौर्य,खाद्य निरीक्षक धीरेंद्र कश्यप उपस्थित थे।
- बिलासपुर/केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष यह अभियान नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान की थीम पर चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जल संरक्षण में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में भी जल संरक्षण एवं जल संचयन का कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव द्वारा लगातार इस अभियान की समीक्षा की जा रही है। उनके द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिले में जल शक्ति केंद्र स्थापित किया जाए। बिलासपुर जिले में जल शक्ति केंद्र स्थापित कर लिया गया है। यहां स्थापित जल शक्ति केन्द्र में 26 हजार 356 जलीय संरचनाओं का जीईओ टैगिंग पूरा कर लिया गया है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजस्व अभिलेख में जलीय संरचनाओं के इन्द्राज कार्य पूर्ण कर लिया जाए। जल शक्ति अभियान से संबंधित विभागों द्वारा जल संरक्षण एवं जल संचयन हेतु नारी शक्ति से जल शक्ति के थीम पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे वर्षा के जल को अधिक से अधिक संरक्षित किया जा सके।
- रायपुर। श्रीमती मीरा मिश्रा का 16 अगस्त को शाम 6.30 बजे निधन हो गया। वे बालमुकुंद मिश्रा (तोडगांव वाले) की धर्मपत्नी व कौस्तुभ, अमित, अभिषेक मिश्रा की माता थीं।
- प्रवेश जोशी एवम श्री हेमंत खूंटे भी रहे उपस्थितअब तक तीन चक्र समाप्त चौथा चक्र जारीरायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संरक्षण में रायपुर जिला शतरंज संघ तथा विप्र भवन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित अंडर 15 बालक एवम बालिका चयन एवम फिडे रेटिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ 15 अगस्त को शाम 3 बजे बजे विप्र भवन समता कॉलोनी में एम आई सी लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा एवं नेता प्रतिपक्ष नगर निगम श्रीमती मीनल चौबे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया विशिष्ट अतिथि के रूप में खेल एवम युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री प्रवेश जोशी एवं छत्तीशगड़ शतरंज संघ के सचिव श्री हेमंत खूंटे उपस्थित थे, उन्होंने प्रदेश भर से आये हुए खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि शतरंज के द्वारा आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में उन्नति के शिखर पर पहुंच सकते है ,साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों के अभिभावकों की सराहना करते हुए उनके समर्पण और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। प्रतियोगिता कुल 9 चक्रों में खेली जा रही है जिसमे 169 प्रतिभागी विजेता बनने के लिए संघर्ष कर रहे है।अभी तक आये परिणाम के अनुसार कुल 25 खिलाड़ी जिसमे 16 खिलाड़ी 3 अंको के एवम 9 खिलाड़ी 2.5 अंको के साथ प्रथम स्थान पर चल रहेहै ,तथा कुल 53 खिलाड़ी 2 अंको के साथ प्रतियोगिता में तीसरे अंक बनाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे है एवमअपनी दावेदारी प्रस्तुत किये हुए हैअभी चौथे चक्र में टॉप टेबल पर कोरबा के प्रभमन ने बोटूकू पूजन को 43 चाल में मात दी, दूसरे मुकाबले में वनेध खटवा ने मयंक महंत को हराया और पूरे अंक हासिल कर 4अंको के साथ टॉप खिलाड़ियों की सूची में सामिल हो गए है , अन्य मुकाबलों में भव्यम और ईशान सैनी ,अक्ष और विवान रॉय कि बाजी ड्रॉ रही।खबर लिखे जाने तक प्रभमन और वनेध 4 अंक के साथ शीर्ष पर चल रहे है, अन्य खिलाड़ियों में अक्ष चोपड़ा,ईशान, भव्यम,विवान रॉय ,इशिका ,परी तिवारी, तनीशा ड्रोलिया समेत 8 खिलाड़ी 3.5 अंको के साथ दूसरे स्थान पर चल रहे है।इस स्पर्धा में प्रदेश के हर सम्भाग से कुल 169 प्रतिभागि हिस्सा लेंगे जिसमे रायपुर के अलावा बस्तर,सरगुजा,कवर्धा, महासमुंद,दुर्ग,भिलाई,जगदलपुर राजनांदगांव ,धमतरी,शक्ति, रायगढ़ ,बिलासपुर ,चाम्पा समेत छत्तीसगढ़ के सुदूर हिस्सो से खिलाड़ी भाग ले रहे है।इस प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक पाटन से आये हुए फिडे ऑर्बिटर श्री रॉकी देवांगन है उनके साथ डिप्टी चीफ ऑर्बिटर रायपुर के अनूप झा है एवम दुर्ग के दिव्यांशु उपाध्याय है प्रतियोगिता में सहायक निर्णायक के रूप में सीनियर नेशनल आर्बिटर श्रीमती हेमा नागेश्वर, चंदन विश्वकर्मा, स्टेट ऑर्बिटर संदीप पटले, लतीफ़, अभिनव पाण्डेय सहित कुल 9 लोग इस स्पर्धा को संचालित कर रहे है।द्वितीय एवम तृतीय चक्र की शुरुआत छत्तीशगड़ के अन्यर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बॉडी बिल्डर एवम निर्णायक हनुमान अवार्ड से सम्मानित संजय शर्मा जी तथा दक्षिणामूर्ति विद्यापीठ के डाइरेक्टर अविनाश मिश्र ने किया। इस प्रितयोगिता मे आयोजन समिति में संदीप दीवान,गौरव दीवान,रोहित एफव,विवेक दुबे,विकास शर्मा,आशुतोष शर्मा ,राघव शुक्ला,शिवांश शुक्ला,दीपक दीवान सहित रायपुर जिला शतरंज संघ के सभी सदस्य शामिल हैकल इस स्पर्धा का 5 वा 6वा और 7 वा चक्र खेल जाएगा
- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री अबिनाष मिश्रा के आदेषानुसार नगर निगम जोन 9 कार्यालय में जोन 9 कमिष्नर श्री संतोष पाण्डेय ने सहायक राजस्व अधिकारी श्री विजय शर्मा सहित सभी आरआई, एआरआई की बैठक बुलाकर जोन के सभी 7 वार्डो में की जा रही राजस्व वसूली कार्यवाही की वार्डवार समीक्षा करते हुए उसमें तत्काल तेजी लाकर नगर निगम आयुक्त द्वारा दिये गये राजस्व वसूली के 500 करोड़ रू. के निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जोन 9 के 7 वार्डो में 57 करोड रू. राजस्व वसूली का लक्ष्य सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देष दिये।जोन 9 जोन कमिष्नर ने सहायक राजस्व अधिकारी एवं राजस्व निरीक्षकों, मोहर्रिरों को निर्देषित किया है कि जोन के सभी वार्डो में फील्ड में जाकर प्रतिदिन तेज गति से राजस्व वसूली अभियान चलाना सुनिष्चित करें। साथ ही सभी खाली प्लाटो में करारोपण की कार्यवाही करवाना प्राथमिकता से सुनिष्चित करवायें। इसके साथ नगर निगम द्वारा जारी किये गये सभी टेªड लाईसेंस का भौतिक सत्यापन करवायें कि क्या संबंधित व्यक्ति द्वारा व्यवसायिक कर दिया जा रहा है अथवा नहीं , यदि आवासीय कर देना एवं व्यवसायिक गतिविधि चलाना पाया जाये तो तत्काल रिकार्ड अपडेट कर आवासीय की जगह व्यवसायिक कर की वसूली सुनिष्चित की जाये। अवैध नलों के नियमानुसार नियमितिकरण की कार्यवाही की जाये एवं अमृत मिषन के तहत नल कनेक्षन प्राप्त किये संबंधित सभी लोगो से नियमानुसार जलकर की वसूली करना सुनिष्चित किया जाये। जोन 9 जोन कमिष्नर ने सम्पूर्ण राजस्व अमले को फील्ड में निरंतर जाकर वर्ष 2024-25 हेतु जोन 9 को दिये गये लक्ष्य 57 करोड रू. की वसूली शत प्रतिषत सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाना सुनिष्चित करने निर्देषित किया है।
- सम्पूर्ण राजस्व अमला फील्ड में कार्य करें, ताकि निर्धारित राजस्व लक्ष्य 500 करोड़ रू. की वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्ति हो सकें 00 निगम से ट्रेड लाईसेंस लेने वाले ऐसे व्यवसायी जो आवासीय कर दे रहे हैं वे राजस्व विभाग में संपर्क कर रिकार्ड अपडेट कराकर तत्काल व्यवसायिक कर अदा कर दें एवं जुर्माने से बचेंरायपुर । नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री अबिनाष मिश्रा के आदेषानुसार निगम अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने सभी जोन कमिष्नरों को निर्देषित किया है कि जोन कार्यालय का सम्पूर्ण राजस्व अमला फील्ड पर कार्य करें, ताकि निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हो सकें। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में समस्त जोनों को मिलाकर 500 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नगर निगम राजस्व विभाग ने नगर निगम से टेªड लाईसेंस प्राप्त करने वाले व्यवसायियों से अनुरोध किया है कि यदि उन्होने निगम को आवासीय कर अदा किया है और व्यवसायिक गतिविधि चला रहे है तो कृपया ऐसे सभी व्यवसायी अपने वार्ड के जोन के सहायक राजस्व अधिकारी से संपर्क कर रिकार्ड अपडेट करवाकर आवासीय के स्थान पर व्यवसायिक कर देना तत्काल स्वतः सुनिष्चित कर लें ताकि वे जुर्माने की कार्यवाही से सुरक्षित रहे। निगम राजस्व विभाग ने इसमें संबंधित व्यवसायियों से सहयोग देने अनुरोध किया है अन्यथा की स्थिति में जांच उपरांत व्यवसायिक करों की वसूली जुर्माना सहित करने की चेतावनी दी है।अपर आयुक्त ने निर्देष दिये है कि नगर निगम सीमा अंतर्गत आवासीय क्षेत्र में हॉस्टल, किराना दुकान, व्यावसायिक कार्यालय अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही है, परंतु संपत्तिकर आवासीय जमा किया जा रहा है। वार्डवार टीम द्वारा फील्ड में जाकर मौके पर जांच कर उन पर व्यावसायिक टैक्स वसूल किया जाना सुनिश्चित करें। निर्देषित किया गया है कि माह अगस्त 2024 तक 90 करोड़ की राजस्व वसूली पूर्ण करना है।अपर आयुक्त ने सभी जोन कमिष्नरों को निर्देषित किया है कि नगर निगम द्वारा जारी लगभग 40000 ट्रेड लायसेंस की जानकारी निगम मुख्यालय से जोनवार जोनो को भेजी जा रही है। जिससे वे जोन स्तर पर राजस्व अमले को फील्ड में भेजकर प्रकरणवार भौतिक जांच करें एवं आवासीय होने पर व्यावसायिक सम्पत्तिकर एवं यूजर चार्ज आरोपित करें। किसी भी स्थिति में ट्रेड लायसेंस, गुमास्ता आवासीय टैक्स पर जारी नहीं किया जाना सुनिश्चित करें।अपर आयुक्त ने सभी जोन कमिष्नरों को निर्देषित किया है कि अमृत मिशन के सभी नल कलेक्शन को वर्ष 2023-24 अथवा नल में जल प्रवाह प्रारंभ करने के वर्ष से नियमानुसार जलशुल्क सम्पत्तिकर के साथ वसूल करना सुनिश्चित करें। खाली प्लॉट, अनआईडेन्टीफाईड प्रॉपर्टी आदि पर अनिवार्य रूप से सम्पत्तिकर वसूल किया जाना सुनिश्चित करें ।
- यदि सड़कों पर मवेशी दिखे, तो संबंधित डेयरी पर भारी जुर्माना कर मवेषी जप्त कर लिया जायेगा0 तत्काल डेयरी निगम क्षेत्र से बाहर षिफ्ट कर लेने कहा 0रायपुर /नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा के आदेषानुसार एवं अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता के निर्देशनुसार नगर निगम जोन 9 कार्यालय में जोन कमिष्नर श्री संतोष पाण्डेय ने जोन क्षेत्र के 27 डेयरी संचालको को बुलाकर उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी कि कल दिनांक 17 अगस्त 2024 शनिवार से यदि किसी भी पषु पालक अथवा डेयरी संचालक के मवेषी सड़क पर मिले तो उन्हें तत्काल जप्त कर संबंधित पषुपालक अथवा डेयरी संचालक पर भारी जुर्माना लगाने कार्यवाही अभियान पूर्वक की जायेगी एवं जप्त किये गये मवेषियों को वापस नहीं किया जायेगा।जोन 9 जोन कमिष्नर श्री संतोष पाण्डेय ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आदिव्य हजारी की उपस्थिति में जोन क्षेत्र के पषुपालकों व डेयरी संचालको की बैठक लेकर उन्हें जानकारी दी कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेष के परिपालन में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रषासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रषासन के निर्देषानुसार नगर निगम रायपुर द्वारा सड़को पर मवेषियों को जप्त कर गौठान भेजने की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। इस कार्यवाही में सभी संबंधित पषुपालक एवं डेयरी संचालक आगे आकर सहभागी बने । अपनी डेयरी से किसी भी मवेषी को कदापि सडक पर खुला ना छोड़े एवं उन्हें बांधकर रखें। यदि कोई भी मवेषी कल से सड़क पर मिलता है तो उसे विषेष टीमें तत्काल सड़क से जप्त कर गौठान भेजेगी एवं जप्त किये गये मवेषी को वापस नहीं किया जायेगा। इसके साथ ही संबंधित पषुपालक अथवा डेयरी संचालक पर व्यवस्था सुधारने भारी जुर्माना किया जायेगा। जोन 9 जोन कमिष्नर ने सभी पषु पालकों एवं डेयरी संचालको को हिदायत दी कि वे तत्काल नगर निगम सीमा क्षेत्र स्थित रहवासी क्षेत्रों की अपनी डेयरियों को स्वतः निगम सीमा से बाहर षिफ्ट कर लें, अन्यथा निगम सीमा रहवासी क्षेत्र में संचालित उनकी डेयरियां निर्देषानुसार कभी भी किसी भी दिन अभियान चलाकर सीलबंद कर एवं सभी मवेषियों को जप्त कर डेयरी व्यवसाय बंद करने की कार्यवाही निगम सीमा क्षेत्र रहवासी क्षेत्र में की जा सकती है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेष के परिपालन में छ.ग. शासन के नगरीय प्रषासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रषासन द्वारा दिये गये निर्देषानुसार आवारा मवेषियों की धरपकड़ का अभियान प्रतिदिन सतत जारी रहेगा ।
- -खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में प्रथम इंडस्ट्री - एकेडेमिया मीट संपन्नरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में नई शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत बी.टेक फूड टेक्नालॉजी के विद्यार्थियों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं तथा संभावनाओं से रूबरू कराने के लिए प्रथम इंडस्ट्री एकेडेमिया आयोजित की गई। इसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों जैसे इन्डस मेगा फूड पार्क, गोयल फूड्स, आकृति सुपर स्नेक्स, मनोरमा इंडस्ट्री लिमिटेड, केपस आईसक्रीम, सी जी सोया फूड्स, देवकान फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, अजय फूड्स, रामांजली आर्गेनिक्स, अमूल, साई सदन फूड प्रोसेसिंग, क्रिस्पस क्राप डिलाईट्स प्राइवेट लिमिटेड, बोंजेलो आदि के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस एकेडेमिया में विभिन्न विषयों जैसे बायोकेमेस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, फूड टेक्नॉलाजी, फूड इंजीनियरिंग, डेयरी इंजीनियरिंग, माइक्रो बायोलाजी, कृषि व्यवसाय प्रबंधन, इंजीनियरिंग केमेस्ट्री, इलेक्ट्रिल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस आदि के विशेषज्ञ शामिल हुए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने अपने उद्बोधन में उद्योगों को शिक्षा संस्थानों से जोड़कर कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने उद्योगों से फूड टेक्नालॉजी के क्षेत्र में होने वाले परिवर्तन को ध्यान में रखकर नए शोध करने की वकालत की। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही जिससे कच्चा माल स्थानीय स्तर पर प्राप्त किया जा सके। उन्होंने फूड इन्डस्ट्री में नए मिलेट बेस्ड उत्पादों के निर्माण पर जोर दिया। उल्लेखनीय है कि खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय ने सन 2024-25 से नई शिक्षा नीति के अनुरूप भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की छठवीं डीन्स समिति की रिपोर्ट के आधार पर बी.टेक फूड टेक्नोलाजी के नये सिलेबस के अनुरूप पाठ्यक्रम में परिवर्तन किये हैं जिनमें फूड इंडस्ट्रीज के सहयोग से स्कील डेवलपमेंट कार्यक्रम, फूड इंडस्ट्रीज में एक समेस्टर इंन्टर्नशिप तथा फूड इंडस्ट्रीज के सहयोग से आवश्यक इंडस्ट्री रेडी मानव संसाधन तैयार करना शामिल है। फूड टेक के चार वर्षीय पाठ्यक्रम पर चर्चा के दौरान इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थियों को आधारभूत तकनीकी ज्ञान देते हुए सॉफ्ट स्किल में प्रशिक्षित किया जाये। प्रायोगिक विषयों में ज्यादा ध्यान देकर विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में विकसित करने हेतु संस्थान को सलाह दी गयी।इंडस्ट्रीज में इन्टर्नशीप विषय पर पेनल डिस्कसन में यह बात कही गई कि उद्योग संस्थानों ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को पूर्व के वर्षों के अनुरूप इन्टर्न के रूप में लेने हेतु सहमति देते हुए अपेक्षा की कि संस्थान इन्टर्नशीप में संलग्न करने के पूर्व विद्यार्थियों को इंडस्ट्रीज की आधारभूत जानकारी एवं कार्यक्रम पर इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि को आमंत्रित कर एक दिवसीय व्याख्यान आयोजित करें जिससे इंडस्ट्रीज, विद्यार्थी एवं संस्थान एक दिशा में कार्य कर सकें। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. दवे ने महाविद्यालय की प्रयोगशालाओं, परियोजनाओं, शैक्षणिक गतिविधियों, प्रथम बैच के सभी विद्यार्थियो को रोजगार प्राप्त होने की जानकारी पावरपाइंट के माध्यम से प्रस्तुत की गई तथा महाविद्यालय का भ्रमण कराया गया। उद्योगपतियों को सोया पनीर इकाई और मिलेट प्रोसेसिंग इकाई का अवलोकन कराया गया। सभी अतिथियों ने महाविद्यालय द्वारा किये जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय पाण्डेय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, आई.जी.के.वी. राबी मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. हुलास पाठक खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक उपस्थित थे।













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