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- -कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे-“भारत एवं उज्बेकिस्तान के मध्य द्विपक्षीय शैक्षणिक, अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग सुदृढ़ीकरण” विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होगारायपुर । भारत एवं उजबेकिस्तान के मध्य कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए उज़बेकिस्तान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल आज रायपुर पहुंचा। इस इस प्रतिनिधिमंडल में बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय सहयोग के उप-कुलपति प्रो. अब्रोर जोरायेव तुरोबोविच तथा समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसीन लाइवस्टाॅक एवं बायोटेक्नोलाॅजीस से अनुसंधान एवं नवाचार के उप-कुलपति प्रो. तयलाकोव तोलिब इसाकुलोविच सहित अन्य वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं वैज्ञानिक शामिल हैं। यह प्रतिनिधि मंडल कल 7 मई 2026 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में “भारत एवं उज्बेकिस्तान के मध्य द्विपक्षीय शैक्षणिक, अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग सुदृढ़ीकरण” विषय पर आयोजित एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में भी शामिल होगा। इस संगोष्ठी का उद्देश्य दोनों देशों के मध्य शैक्षणिक संबंधों को और सुदृढ़ करना तथा कृषि मृदा विज्ञान, फसल मूल्य श्रृंखला, जैव प्रौद्योगिकी प्रोसेसिंग एवं तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में नए सहयोगात्मक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करना है।उजबेक प्रतिनिधिमंडल 7 और 8 मई को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर रहेगा। इस दौरान यह अध्ययन दल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर की अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सुविधाओं तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संरचनाओं का अवलोकन करेगा। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में स्थापित कृषि उद्यमिता विकास एवं अनुसंधान संस्थानों का दौरा भी करेगा। इससे दोनों देशों के मध्य संयुक्त अनुसंधान, ज्ञान आदान-प्रदान एवं संस्थागत सहयोग के क्षेत्र में विस्तार होगा।उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल के नेतृत्व में कृषि विश्वविद्यालय के उच्चस्तरीय शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल ने विगत माह उजबेकिस्तान के तरमेज़, डेनाऊ, ताशकंद, बुखारा एवं समरकंद स्थित प्रमुख विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों एवं अनुसंधान केंद्रों का दौरा किया था। इस शैक्षणिक यात्रा ने संयुक्त अनुसंधान, कृषि नवाचार, जैव प्रौद्योगिकी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, स्टार्टअप तथा उद्यमिता विकास जैसे विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की मजबूत आधारशिला रखी। यह यात्रा भारत एवं उज्बेकिस्तान के मध्य शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग को संस्थागत रूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई। विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के साथ हस्ताक्षरित अनेक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण, एग्री-उद्यमिता सहयोग तथा दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी के नए अवसर विकसित हुए। इसी ऐतिहासिक शैक्षणिक संवाद को बढ़ाने के लिए उज्बेकिस्तान से 8 सदस्यीय उच्चस्तरीय शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ पहुंचा है।
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- राजनांदगांव में 2 केंद्रों पर 450 परीक्षार्थी होंगे शामिल
राजनांदगांव । जिले में प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 7 मई को 7 मई 2026 को शांतिपूर्ण, नकलरहित एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए जिले में कुल 2 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां 450 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा का समय प्रात: 10 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक निर्धारित है। सभी परीक्षा केंद्रों के गेट प्रात: 9.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे, इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है तथा व्यापम के सभी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड एवं वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर, इयरफोन सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। परीक्षा में केवल काले बॉल प्वाइंट पेन का उपयोग किया जा सकेगा। परीक्षार्थियों को हल्के एवं सरल कपड़े पहनने तथा जांच प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए समय से पूर्व केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। परीक्षा की निष्पक्षता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पर्यवेक्षक एवं फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (एफएसटी) की नियुक्ति की गई है, जो संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया की सतत निगरानी करेंगे।
कलेक्टर ने सभी केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों एवं परीक्षा कार्य में संलग्न अधिकारियों को निर्देशित किया है कि फ्रिस्किंग एवं सुरक्षा जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। प्रश्नपत्र एवं ओएमआर शीट की सुरक्षा हेतु डबल लॉक सिस्टम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा केंद्र परिसर में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रखा जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, आवश्यक सुरक्षा बल की तैनाती एवं शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षार्थी बिना किसी व्यवधान के परीक्षा दे सकें। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे, आवश्यक दस्तावेज साथ रखें एवं व्यापम द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा में सम्मिलित हों। - -नवा रायपुर में 10 व 13 मई के मैच हेतु सुरक्षा, ट्रैफिक, आग व आपदा प्रबंधन के दिए निर्देश-एसओपी का पालन अनिवार्य, सभी गेट पर वालेंटियर रखने के निर्देशरायपुर, । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने 10 एवं 13 मई को राजधानी के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होने वाले आईपीएल मैच की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के साथ बैठक ली। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए तथा सामानों की ओवररेटिंग न हो। पुलिस प्रशासन से समन्वय कर सुरक्षा एवं ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मैदान के एंट्री प्वाइंट पर वालेंटियर की तैनाती करें तथा वाईफाई एवं इंटरनेट की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए ताकि दर्शकों को प्रवेश में किसी प्रकार की समस्या न हो।उन्होंने कहा कि मैदान में खिलाड़ियों के साथ दर्शकों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित रहें। प्रशासन की एसओपी का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। आपदा के समय क्या किया जाए, इसकी कार्ययोजना पहले से तैयार रखें।डॉ. सिंह ने कहा कि आग से बचाव के लिए आवश्यक उपकरणों का अनिवार्य रूप से इंतजाम किया जाए तथा जिला सेनानी से समन्वय स्थापित कर उपकरणों का पूर्व परीक्षण कर लिया जाए। सभी गेट पर आयोजन समिति के वालेंटियर रहें और दर्शकों की सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करें। मेडिकल सुविधा का अनिवार्य रूप से इंतजाम किया जाए। सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए स्टेडियम और स्टेडियम परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए।क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस बार केवल ऑनलाइन माध्यम से टिकट की बिक्री की जा रही है।बैठक में निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, रायपुर ग्रामीण की प्रभारी एसपी श्रीमती मनीषा ठाकुर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एएसपी श्री विवेक शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के सीईओ श्री हरी गोंडापल्ली, बीसीसीआई के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक अधिसूचना आज राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इस छूट से अधिक से अधिक परिवार अपनी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराएंगे। संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आर्थिक सुरक्षा बढेगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण औरा महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन के स्वामित्व से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस योजना के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा। रजिस्ट्रेशन शुल्क में इस रियायत से राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, यह कोई राजस्व हानि नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा निवेश है, जिसके दूरगामी सामाजिक परिणाम होंगे।राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण के दस्तावेज यदि महिलाओं के पक्ष में निष्पादित किए जाते हैं, तो उन पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।
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- निर्धारित से कम संख्या में सफाई कामगार मिलने एवं नालियो एवं वार्ड क्षेत्र में भारी गंदगी मिलने पर सफाई ठेकेदार पर 15 हजार रू. जुर्माना और स्वच्छता निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस देने के दिये निर्देश
रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही ने रविन्द्रनाथ टैगोर वार्ड क्रमाक 55 के क्षेत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान की तैयारी को लेकर स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण जोन 10 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा एवं नगर निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग स्वच्छता निरीक्षक श्री गिरीजेश तिवारी की उपस्थिति में किया। औचक निरीक्षण के दौरान नगर निगम जोन 10 के वार्ड 55 में निर्धारित से कम सख्या में सफाई कामगार ड्यूटी पर मिले एवं जगह जगह भारी गंदगी एवं नालियो में कचरा एवं निकास व्यवस्था बाधित मिली। इसे लेकर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल वार्ड 55 के संबंधित अनुबंधित सफाई ठेकेदार को नोटिस देकर 15 हजार रू. का जुर्माना चेतावनी देकर करने एव वार्ड के स्वच्छता निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस देकर लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिये। - रायपुर - गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की जयन्ती दिनांक 7 मई 2026 गुरूवार को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर के टैगोर चौक स्थित मूर्ति के समक्ष उनका सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है।दिनांक 7 मई 2026 गुरुवार को प्रातः 11 बजे आयोजित गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की जयन्ती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम में गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर से सम्बंधित उनके मूर्ति के आसपास की विशेष सफाई, मूर्ति पुष्पसज्जा सहित अन्य आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थायें रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित जोन क्रमांक 6 के सहयोग से की जायेंगी।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल ने नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत वीर सावरकर नगर वार्ड क्रमांक 1 अंतर्गत जरवाय में रायपुर नगर निगम के सी एंड डी ( कंस्ट्रक्शन एंड डिमालीशन प्लांट और ट्रांसफर स्टेशन का कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, उपअभियंता श्री अबरार खान, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा एवं सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया और स्थल समीक्षा कर स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 की जोन 8 के स्तर पर सभी 7 वार्डों में पर्यावरण सुधार की दृष्टि से पुख्ता प्रशासनिक तैयारी करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए.
- बिलासपुर / राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्य को सुचारू और समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनगणना कर्मियों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी संजय अग्रवाल द्वारा इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।गौरतलब है कि जनगणना 2027 का कार्य इस माह की 1 तारीख से प्रगति पर है और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में नियुक्त अधिकारी-कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें तथा उनके सम्मान का ध्यान रखें, ताकि यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करने, कर्मचारियों के साथ अभद्रता या विवाद करने वालों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में बिल्हा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम घोघरा में जनगणना कार्य में बाधा पहुंचाने और जनगणना कर्मी से मारपीट के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं का आधार है। ऐसे में सभी नागरिकों का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- -कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जारी किया आदेशरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के आदेशानुसार जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक दोपहर 12ः00 बजे से 3ः00 बजे के बीच पशु-चालित वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।जिले में दोपहर 12ः00 बजे से 3ः00 बजे के बीच तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने के कारण भारवाही पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है। इस दौरान पशुओं पर सामान लादकर या सवारी के रूप में उपयोग करने से वे लू एवं अधिक तापमान के कारण बीमार पड़ सकते हैं, और उनकी मृत्यु भी हो सकती है।इस हेतु “परिवहन एवं कृषि पशुओं पर क्रूरता निवारण नियम 1965” के नियम 6(3) के तहत जिला रायपुर की सीमा में गर्मी के दौरान पशुओं की सहायता से चलने वाले साधन- टांगे, बैलगाड़ी, भैंसा गाड़ी, ऊंट गाड़ी, खच्चर, टट्टू गाड़ी तथा गधों के माध्यम से वजन ढोने या सवारी कराने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
- -छत्तीसगढ़ की किरण पिस्दा और अनुष्का भगत ने भविष्य की जगाई उम्मीदें, सपनों को दिए नए पंखरायपुर।छत्तीसगढ़ में आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ने देशभर के जनजातीय समुदायों के खिलाड़ियों को एक मंच पर एकत्रित किया, जहाँ कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुछ के लिए यह इतनी बड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का पहला अनुभव था, तो कुछ के लिए यह उनके उभरते करियर का अगला बड़ा कदम साबित हुआ।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण में 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने भाग लिया, जिसमें 2000 खिलाड़ियों के बीच रोमांचक प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर थे। मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को इसमें प्रदर्शन खेलों के रूप में शामिल किया गया था। सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण छत्तीसगढ़ के तीन शहरों - रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर को इन खेलों की मेजबानी सौंपी गई थी।ऐसे मौके पर जब भारत वर्ष 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की संभावित मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर रहा है, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ने विविध जनजातीय पृष्ठभूमि के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और कई खेलों में भारत की बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पहले से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभाव छोड़ने वाले खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से चमक बिखेरी। वहीं कई खिलाड़ियों ने भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन की संभावना दिखाई। तैराकी में कनार्टक के 21 साल के तैराक मणिकांता एल. और ओडिशा की 15 वर्षीया अंजलि मुंडा, तीरंदाजी में विश्व यूथ चैंपियन बनने वाली झारखंड की कोमालिका बारी एवं गुजरात की 21 वर्षीया भार्गवी भगोरा ने अपने कामयाब प्रदर्शन से देशभर के लोगों का ध्यान खींचा। वेटलिफ्टिंग में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले झारखंड के 19 साल के बाबूलाल हेम्ब्रम और ओडिशा की झिल्ली दलाबेहरा तथा झारखंड के धावक शिव कुमार सोरेन ने भी खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के दौरान अपनी प्रतिभा और क्षमता का लोहा मनवाया। छत्तीसगढ़ की 24 साल की उभरती अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर किरण पिस्दा और 4 रजत पदक जीतने वाली तैराक अनुष्का भगत पूरे आयोजन के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहीं। छत्तीसगढ़वासियों के लिए इन दोनों ने न केवल भविष्य के लिए अच्छी उम्मीदें जगाईं, बल्कि अपने खुद के सपनों को भी दिए नए पंख दिए।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण रायपुर ने राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI) कानपुर के सहयोग से बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स गोढ़ी (दुर्ग) में किसान सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य गन्ना आधारित खेती में सफेद चुकंदर (शुगरबीट) को अंतरफसली के रूप में अपनाकर भूमि उपयोग दक्षता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना था। इस दौरान किसानों को शुगरबीट की खेती का प्रत्यक्ष भ्रमण कराया गया एवं फसल की खुदाई भी की गई, जिसमें शुगरबीट का औसत वजन लगभग 3.7 किलोग्राम पाया गया, जो इसकी सफल खेती की संभावनाओं को दर्शाता है।मुख्य अतिथि राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर की निदेशक डॉ. सीमा परोहा ने कहा कि गन्ना-शुगरबीट अंतरफसली खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का व्यवहारिक विकल्प है। इस तकनीक का सफल परीक्षण राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र में किया जा चुका है छत्तीसगढ़ में सीबीडीए के सहयोग से इसका प्रथम क्रियान्वयन हुआ है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।सीबीडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित सरकार ने बताया कि नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट के सहयोग से राज्य में पहली बार गन्ना एवं सफेद चुकंदर (शुगरबीट) की अंतरफसली खेती पर अनुसंधान प्रारंभ किया गया है। शुगरबीट लगभग 5–6 माह में तैयार हो जाती है और इसे गन्ने के साथ उगाकर अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे बायोएथेनॉल उत्पादन हेतु अतिरिक्त कच्चा माल उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।सहायक परियोजना अधिकारी श्री संतोष कुमार मैत्री ने बताया कि राज्य में पहली बार गन्ना एवं शुगरबीट की अंतरफसली खेती पर ग्राम गोढ़ी में अनुसंधान प्रारंभ किया गया है। राष्ट्रीय शर्करा संस्था से प्राप्त उन्नत किस्म के माध्यम से किए गए इस अध्ययन के प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक हैं, विशेषकर मुरुम भूमि में इसकी सफलता ने किसानों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं।सहायक प्राध्यापक डॉ. लोकेश बाबर ने किसानों को शुगरबीट की खेती अपनाने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि यह कम लागत में अधिक लाभ देने वाली तकनीक है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीमा परोहा ने प्राधिकरण के परिसर स्थित हर्बेरियम एवं आर्बोरेटम का भ्रमण किया तथा ऊर्जा फसल नेपियर घास के क्षेत्र का अवलोकन किया, जिससे कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की संभावनाएं हैं।
- -श्री साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन-स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव और सांसद श्री विजय बघेल भी हुए शामिलरायपुर ।लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने धमधा नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन की घोषणा की। धमधावासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। नगर पालिका के रूप में उन्नयन के बाद शहर को विकास कार्यों के लिए और ज्यादा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने वाली उप मुख्यमंत्री श्री साव की इस घोषणा से धमधा के सुव्यवस्थित विकास तथा जनसुविधाएं विकसित करने के कामों को और अधिक गति मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अपने धमधा प्रवास के दौरान करीब 7 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 39 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने शहर के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की। श्री साव ने बताया कि विगत दो वर्षों में धमधा नगर पंचायत के विकास के लिए 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम किए जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, दुर्ग के सांसद श्री विजय बघेल, विधायकगण सर्वश्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ईश्वर साहू और श्री ललित चन्द्राकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, धमधा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री ब्रिजेन्द्र दानी, जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री लिमन साहू और पूर्व मंत्री श्री जागेश्वर साहू सहित सर्वश्री सुरेन्द्र कौशिक, जितेन्द्र वर्मा, प्रीतपाल बेलचंदन, पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे।
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मोहला । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत समाधान शिविर के माध्यम से शासन द्वारा देश के गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। विचारपुर समाधान शिविर के माध्यम से अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम मुड़पार की रहने वाली श्रीमती सीमापूरी गोस्वामी कों शिविर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया।
जिसके लिए उन्होंने नें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए श्रीमती गोस्वामी कहतीं हैं इस योजना से अब स्वास्थ्य खराब होने पर ईलाज की चिंता नहीं रही है।
बता दें कि कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देश पर जिले के विभिन्न विकासखण्डों में सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत समाधान शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। इन शिविरों में जहां जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को विभागीय जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। वहीं योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही भी अपनी कहानी बता रहे हैं। इस योजना के तहत पात्र बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपए तक एपीएल परिवारों को 50 हजार रूपये का स्वास्थ्य बीमा केंद्र सरकार मुहैया कराती है। परिवार को आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता है. इस कार्ड को दिखाकर सूचीबद्ध अस्पतालों में फ्री इलाज कराया जा सकता है। - - समय-सीमा में मकान सूचीकरण पूरा करने वाले कर्मियों को मिला प्रशस्ति पत्रमोहला । जिले में जनगणना कार्य के अंतर्गत संचालित मकान सूचीकरण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति द्वारा सम्मानित किया गया। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक के दौरान सभी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई।बैठक में खड़गांव ग्रामीण चार्ज के पर्यवेक्षक क्रमांक 006 श्री रमेश सोरी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने 4 मई 2026 को सुपरवाइजरी सर्कल क्रमांक 06 के सभी 09 एचएलबी में मकान सूचीकरण कार्य पूर्ण किया।इसी प्रकार औंधी ग्रामीण चार्ज के पर्यवेक्षक क्रमांक 004 श्री शिवेन्द्र सिंह सोरी एवं नगर पंचायत अं. चौकी के पर्यवेक्षक क्रमांक 002 श्रीमती संध्या यादव को उनके कुशल नेतृत्व में समय-सीमा के भीतर कार्य संपादन के लिए सराहा गया।खड़गांव ग्रामीण क्षेत्र के प्रगणक क्रमांक 38, 39, 40 एवं 41 श्री शिवदयाल तारम ने 4 मई 2026 को संबंधित एचएलबी में मकान सूचीकरण कार्य पूर्ण आकिया। वहीं औंधी ग्रामीण के प्रगणक क्रमांक 0036 एवं 0040 श्री टेकन सिंह जंघेल ने 1 मई 2026 को एसएलबी 0036 में कार्य पूर्ण किया। नगर पंचायत अं. चौकी के प्रगणक क्रमांक 009 श्री तोमन आंचले ने भी 1 मई 2026 को एसएलबी 009 में मकान सूचीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में उनकी प्रतिबद्धता, दक्षता एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी अधिकारी-कर्मचारी इसी प्रकार समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाएंगे।
- रायपुर /जब हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की कहानी आज सुशासन और संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बन चुकी है। विशेष पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाला यह दंपति दृष्टिबाधित है, लेकिन आज इनके चेहरे की मुस्कान सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्रतिबद्धता को बयां कर रही है।कृष्णा और अनिता के परिवार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक मोड़ राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर आया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने हाथों से कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के घर की चाबी सौंपी। यह मात्र एक कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि वर्षों के अभाव और असुरक्षा के बाद मिला वह सम्मान था, जिसकी इस दंपति ने कल्पना की थी। अपनी मेहनत और शासकीय अनुदान के मेल से इन्होंने न केवल घर बनाया, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षित बुनियाद भी रखी।पक्के घर के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन के लिए महात्मा गांधी नरेगा (डळछत्म्ळ।) इस परिवार का सबसे बड़ा संबल बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी। वे मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2024-25 में 86 दिनों का रोजगार और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कृष्णा और अनिता के लिए सुशासन का अर्थ केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर और भविष्य की एक नई किरण है।शासन की बहुआयामी योजनाओं ने इस परिवार के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक घेरा तैयार कर दिया है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन की उपलब्धता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिली, जिससे इलाज की चिंता खत्म हुई और दिव्यांग पेंशन के माध्यम से निरंतर वित्तीय सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हुआ।'अंधेरे से उजाले की ओर' कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रतीकात्मक कहानी है, जो दर्शाती है कि कैसे सरकारी योजनाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही आम नागरिकों का जीवन बदल सकती हैं।
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मोहला । मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा की तिथि, समय एवं प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया 1 मई 2026 से प्रारंभ होकर 10 मई 2026 की सुबह 9:30 बजे तक जारी रहेगी। अभ्यर्थी निर्धारित अवधि के भीतर आधिकारिक वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
चयन परीक्षा 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के दिन प्रातः 9:30 बजे से 10:00 बजे तक अभ्यर्थियों द्वारा OMR शीट भरी जाएगी, जबकि मुख्य परीक्षा सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चलेगी। इस योजना के तहत प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट और एनडीए जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। यदि किसी विद्यार्थी को प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। - -लम्बित मामलों का होगा निराकरणरायपुर /भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आम जनता तक पहुचने तथा आपसी सहभागिता एवं सहमति से विवादों के समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत आरंभ होकर 21, 22 एवं 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों का निराकरण सम्पन्न होगा। विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22, 23 अगस्त को किया जाएगा। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित मामलों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान पूर्व सुलह बैठको का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। वार्ता की प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारभ हो चुकी है। इस समाधान शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निष्पादन करना है। अधिवक्ता वादीगणों एवं संबंधित सभी पक्षों से अपील की गई है कि, सक्रिय रूप से भाग ले एवं आपसी सहमति से समाधान की दिशा में प्रयास करें।सुलाह बैठक में पक्षकार शारीरिक एवं अभासी माध्यम से भी सम्मिलित हो सकते है, इस बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थता एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी सहयोग प्रदान करेगें। अपने मामले को समाधान समारोह विशेष लोक अदालत में सम्मिलित करने केे लिए सर्वोच्च न्यायालय के वेबसाईट पर गुगल फार्म भरना होगा फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई। अधिक जानकारी एवं समाधान के लिए वन स्टाप सेन्टर (बार रूम) के सम्पर्क नम्बर, या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर से भी सम्पर्क कर सकते है। आधिक जानकारी के लिए समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) हेतु बनाये गये (वन स्टॉप सेन्टर ) (वार रूम) इंचार्ज का सम्पर्क नम्बर 011-2311565652, 011-23116464, सी.आर.पी निदेशक का सम्पर्क नं.-011-23115652 वन स्टॉप सेन्टर (कक्ष क्रं.806 एवं 808 बी ब्लाक), अतिरिक्त भवन परिसर सर्वोच्च न्यायालय लेण्डलाइन नं.-011-23116464 से संपर्क कर सकते है वहीं ई.मेल आई. डी speciallokadalat [email protected] तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर जिला न्यायालय परिसर मो.नं. 0771-24259’44 मो.नं.-8301508992 से भी सम्पर्क किया जा सकता है।
- -राजधानी क्षेत्र बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र, महानगरों की तर्ज पर होगा तेज विकास-आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गतिरायपुर / छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को औपचारिक गति मिल गई है।राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित हो सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस ऐसे शहरी तंत्र के निर्माण पर है जहां बेहतर आवास, उच्च स्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिले तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा सके।अनुमान है कि वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन योजनाओं में आधुनिक परिवहन प्रणाली का विकास, सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।स्टेट कैपिटल रीजन के प्रभावी विकास और प्रबंधन के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए केंद्रीय नियामक और समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह प्राधिकरण दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करने, अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने, निवेश को आकर्षित करने तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। साथ ही एक कार्यकारी समिति भी गठित की गई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विधिक आधार प्रदान करने के लिए The Chhattisgarh Capital Region Development Authority Act, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम प्राधिकरण की संरचना, शक्तियों, कार्यप्रणाली और वित्तीय अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होती है।राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि और पुनरावृत्ति निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को विशेष उपकर लगाने, परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और अपना वार्षिक बजट तैयार करने का अधिकार भी दिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके परिणामस्वरूप नए उद्योग स्थापित होंगे, सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह क्षेत्र भविष्य में राज्य का प्रमुख आर्थिक हब बनकर उभर सकता है। छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक विधानसभा में 11 मार्च 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसमें राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर चर्चा की गई।बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही भूमि विकास और आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी सहमति बनी। प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपए के प्रावधान की जानकारी भी बैठक में दी गई।राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र तेजी से एक बड़े शहरी समूह के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना इसी आवश्यकता का परिणाम है, जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा। स्टेट कैपिटल रीजन की पहल छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। योजनाबद्ध शहरीकरण, आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
- -मनरेगा एवं विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को मिली नई मजबूतीरायपुर / राज्य शासन के “मोर गांव – मोर पानी” महाअभियान अंतर्गत मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए गए हैं। “जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” की थीम पर संचालित इस अभियान के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को आजीविका संवर्धन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। सामुदायिक सहभागिता और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोख्ता गड्ढे का निर्माण कराया गया। इसके अलावा श्रमदान एवं जनसहभागिता से 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच तथा 87 तालाबों का नवीनीकरण कर जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत किया गया। अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिले में रैली, कलश यात्रा, शपथ एवं दीपदान जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। जलदूत ऐप से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्री मानसून 2024 की तुलना में प्री मानसून 2025 में जल स्तर में 1.81 मीटर तथा पोस्ट मानसून 2024 की तुलना में पोस्ट मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े अभियान की प्रभावशीलता और जिले में किए गए जल संरक्षण कार्यों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। अभियान के सकारात्मक परिणामों के फलस्वरूप ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 23 सितम्बर 2025 के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पूर्व में सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में शामिल थे, अब “सेफ ब्लॉक” की श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले में सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है।
- -पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर फुलबासन यादव ने जताया संतोष, कहा- मिला पूरा सहयोग-पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के दिए गए हैं निर्देशरायपुर / पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर श्रीमती फुलबासन यादव से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री श्रीमती फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।
- -सुबह अखबार पढ़ते ही कलेक्टर सरगुजा को फोन कर दिए समाधान के निर्देश-मैनपाट के सपनादर स्थित चेराजोबला बस्ती में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह समाचार पत्रों का अवलोकन करते समय “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी” शीर्षक से प्रकाशित खबर को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ ज़मीन पर सुनिश्चित करना है।
- -छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के अवसर पर ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गतिरायपुर / छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है।इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना। रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके।अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- मोहला । भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 के गणतंत्र दिवस अवसर पर दिए जाने वाले प्रतिष्ठित पद्म पुरस्का—पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री—के लिए नामांकन प्रक्रिया 15 मार्च 2026 से प्रारंभ हो गई है। सरकार ने आमजन से अपील की है कि वे समाज के ऐसे गुमनाम और अनछुए नायकों को सामने लाएं, जो विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।सरकार की मंशा है कि इन पुरस्कारों के माध्यम से सुदूर वनांचल, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान की जाए, जिन्होंने समाज सेवा, कला, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।साथ ही अधिकारियों को अपने क्षेत्र में विशेष प्रतिभाओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन और दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। व्यक्तिगत नामांकन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिसके लिए भारत सरकार का राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टलhttps://awards.gov.in/ निर्धारित किया गया है।जिला कलेक्टर के माध्यम से अनुशंसा सहित योग्य व्यक्तियों के नामांकन प्रस्ताव 15 जुलाई 2026 तक संबंधित विभाग को अनिवार्य रूप से भेजे जाने हैं। सरकार ने समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास के योग्य और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने में सहयोग करें।
- 0- मानसी ने कहा : मेहनत, माँ का सहयोग और मिशन उत्कर्ष से मिले मार्गदर्शन से हासिल की सफलतारायपुर. सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मंदिरहसौद की छात्रा सुश्री मानसी टंडन ने कक्षा 12वीं में वाणिज्य विषय में 96.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य के मेरिट सूची में 10वां स्थान प्राप्त किया है।मानसी के पिता नहीं हैं। उनकी माता श्रीमती नंदनी टंडन नगर पालिका में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत हैं और सीमित आय में अपनी पाँच बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं। लगभग 9000 रुपये प्रतिमाह के वेतन के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।मानसी ने अपनी इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में संचालित मिशन उत्कर्ष योजना, अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा अपनी माता के निरंतर सहयोग को दिया है। उन्होंने बताया कि नियमित अध्ययन, बार-बार पुनरावृत्ति और आत्मविश्वास ही उनकी सफलता के मुख्य आधार रहे।
- 0- फौती, नामांतरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, पीडीएस में समय पर राशन वितरण सुनिश्चित करें
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि फौती नामांतरण के प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसमें अनावश्यक विलंब करने पर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने एग्रीस्टेक से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने को कहा और इसमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। खाद्य विभाग को निर्देशित किया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन का वितरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित हो, ताकि हितग्राहियों को असुविधा न हो।जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। आबकारी विभाग को राजसात किए गए वाहनों की शीघ्र नीलामी की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों को ‘प्रोजेक्ट वंदन’ के अंतर्गत हितग्राहियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की 30 तारीख को सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरण 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश दिए।बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित समस्त विभाग प्रमुख उपस्थित थे।


















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