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- -कलेक्टर ने वीसी के जरिए बैठक लेकर की समीक्षा-दो दिनों में पेयजल के तमाम स्रोतों का क्लोरिनेशन करने दिए निर्देश--सभी हैंडपंपों में 15 दिनों में बनाएं प्लेटफार्म-निजी अस्पतालों और आईएमए से सहयोग करने की अपील की-ग्रामीण अस्पतालों में भी बेड की संख्या बढ़ाया जाए-आश्रम छात्रावासों में भी जरूरत पर बनाए जाएंगे अस्थाई अस्पताल-सेवा ट्रस्ट और समाजसेवी संस्थाओं का मिल रहा सहयोगबिलासपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय व मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने मलेरिया और डायरिया से निपटने के लिए जिला प्रशासन को हरसंभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उनसे मिले निर्देश के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने आज रविवार अवकाश के दिन भी वीसी के जरिए अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में मलेरिया और डायरिया के ताजा हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर इनके फैलने का कारण और परिस्थितियों को जानना चाहा। उन्होंने पेयजल के तमाम स्रोतों को अगले दो दिनों में क्लोरिनेशन के7 निर्देश दिए। गावों की सभी बोरिंग में प्लेटफार्म बनाने को कहा है। जिला पंचायत द्वारा किसी भी मद से अगले 15 दिनों में इसे बनाया जायेगा। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि सभी डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी अपने मुख्यालय में रहकर ईमानदारी से ड्यूटी करें। दवा और बेड की कोई कमी किसी भी स्तर नहीं होगी।कलेक्टर ने मलेरिया और डायरिया की रोकथाम के लिए संपूर्ण प्रयास व समन्वय करने की जिम्मेदारी अपने स्तर पर संबंधित एसडीएम को दी है। उन्होंने रतनपुर सहित सभी जगहों पर पानी आपूर्ति की फटे पाइप को बदलने के निर्देश दिए। जरूरत पड़े तो स्थिति सामान्य होते तक टैंकर से पानी दिया जाए। लोगों को बीमारी का असल कारण समझाएं और उन्हें पानी उबालकर और इसमें क्लोरिन टैबलेट डालकर पीने की सलाह दी। कलेक्टर ने पिछले 10 साल में हुए आउटब्रेक की जानकारी देकर इन ग्रामों का निरीक्षण करने के निर्देश एसडीएम व तहसीलदार को दिए। उन्होंने कहा की प्रशासन के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल बनाकर काम करें। उन्होंने इलाज के लिए जिला मुख्यालय के साथ एहतियात के तौर पर सभी सीएचसी और पीएचसी में भी अतिरिक्त बेड तैयार रखने को कहा है। सीएचसी में कम से कम 50 और पीएचसी में 15 बेड की व्यवस्था रखें। जरूरत पड़ने पर अंदरूनी क्षेत्रों में स्थित आश्रम व छात्रवासों का इस्तेमाल भी अस्थाई अस्पतालों के तौर पर किया जा सकता है।कलेक्टर ने कहा कि केवल तात्कालिक रूप से इन बीमारियों पर नियंत्रण करना पर्याप्त नहीं है। अगले दो तीन महीने तक हमें इसी जोश से काम करते रहना होगा। छुट्टी में कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं जायेगा। जो गए हैं, उन्हें वापस बुलाया जाए। मलेरिया और डायरिया के नोडल अधिकारी डॉक्टरों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए जरूरी दवाइयां और इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कोई दवाई की कमी किसी भी स्तर पर नहीं है। नगर निगम को भी फॉगिंग केमिकल्स उपलब्ध करा दिया गया है। लोगों का इस संबंध में सावधान व सजग रहने के लिए जागरूक करने की जरूरत है।कलेक्टर ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी उन्होंने सभी एसडीएम को उनके क्लीनिक व दुकान बंद कर कार्रवाई करने को कहा। यथासंभव उनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने निजी समाजसेवी संस्थाओं को भी अभियान में सहयोग देने की अपील की। कलेक्टर की अपील पर रतनपुर महामाया ट्रस्ट द्वारा बीमार मरीजों को खिचड़ी व भोजन उपलब्ध कराई जा रही है। नेमीचंद जैन ट्रस्ट ने 200 मच्छरदानी उपलब्ध कराने का वायदा किया है । जिला पंचायत सीईओ श्री राम प्रसाद चौहान ने बताया कि जिले के सभी 668 गांव में स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जा रहा है । सप्ताह में दो दिन शनिवार और मंगलवार को यह कार्यक्रम आयोजित होता है ।लोगों को साफ सफाई एवं खान-पान की जानकारी दी जाती है ।नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि जिले में नगर निगम क्षेत्र में पांच और आउटर में तीन संवेदनशील केंद्र के रूप में पहचान की गई है। यहां पानी टेस्ट करने के साथ-साथ जोनल अफसरों को रोज भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को एक और मोबाइल मेडिकल खूंटाघाट के आसपास गांव के लिए भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बिलासपुर के निजी अस्पतालों और आई एम ए का सहयोग भी अभियान में लिया जाए। उन्हें प्रभावित क्षेत्र में कुछ गांव आवंटित कर इलाज व शिविर लगाने का दायित्व सौंपा जाए। सीएमएचओ को उनसे बात करने के लिए अधिकृत किया। बैठक को सीएमएचओ डॉ. प्रभात श्रीवास्तव, मलेरिया के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव, डायरिया के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी ने भी संबोधित किया। डीपीएम पीयूली मजूमदार ने आभार ज्ञापन किया।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 355.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 21 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 854.4 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 138.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 204.3 मिमी, बलरामपुर में 341.3 मिमी, जशपुर में 241.4 मिमी, कोरिया में 249.5 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 205.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 291.1 मिमी, बलौदाबाजार में 314.7 मिमी, गरियाबंद में 428.2 मिमी, महासमुंद में 251.6 मिमी, धमतरी में 396.7 मिमी, बिलासपुर में 347.9 मिमी, मुंगेली में 340.2 मिमी, रायगढ़ में 332.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 205.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 332.3 मिमी, सक्ती में 277.4 कोरबा में 397.6 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 343.2 मिमी, दुर्ग में 223.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 287.0 मिमी, राजनांदगांव में 409.4 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 409.6 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 267.3 मिमी, बालोद में 465.3 मिमी, बेमेतरा में 202.6 मिमी, बस्तर में 513.1 मिमी, कोण्डागांव में 409.4 मिमी, कांकेर में 445.8 मिमी, नारायणपुर में 476.9 मिमी, दंतेवाड़ा में 463.0 मिमी और सुकमा जिले में 652.1 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- बिलासपुर / मलेरिया प्रभावित ग्रामों में दो मोबाइल मेडिकल वाहन तैनात किए जा हैं। दोनों मोबाइल वाहन के लिए दो दिन 21-22 जुलाई के लिए दौरा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। एक वाहन एक दिन में दो ग्रामों में शिविर लगाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की डीपीएम पीयुली मजूमदार ने बताया कि 21 जुलाई को एक वाहन पहली पाली में मझगवां व दूसरी पाली में केंदादार और दूसरा वाहन पहली पाली में केंदामुड़ा व दूसरी पाली में बेलगहना में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाएंगे। दूसरे दिन 22 जुलाई को पहला वाहन बिटकुली और दूसरी पाली में करवा तथा दूसरा वाहन मोहली और आमागोहन में शिविर लगाएंगे। इन मेडिकल वाहनों में डॉक्टर, नर्स सहित दवाइयां व जांच की सुविधा भी होगी।
- -48 अस्पतालों के विरुद्ध कार्यवाही , 11 अस्पतालों के विरूद्ध लगाया गया जुर्मानारायपुर । आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आम जन के लिए एक अत्यंत ही महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके अंतर्गत समस्त पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवायें प्रदाय की जा रही है। अपने आर्थिक लाभ की दृष्टि से कई अस्पताल नियमों की अवहेलना कर मरीजों के अधिकार (आयुष्मान कार्ड) का दुरूपयोग करते हुए शासन को गुमराह कर रहे हैं । इसी कारण शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के सुचारू रूप से क्रियान्यवन हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियम विरुद्ध कार्य कर रहे अस्पतालों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसके तहत वर्ष 2024 में अब तक कुल 48 अस्पतालों के विरुद्ध कार्यवाही की जा चुकी है।इन 48 अस्पतालों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों पर जाँच उपरांत, 11 अस्पतालों के विरुद्ध जुर्माना लगाया जा चुका है एवं 1 अस्पताल का पंजीयन निरस्त (De-empanelment) किया गया है। इन अस्पतालों के विरुद्ध आयुष्मान कार्ड से इलाज करने के बाद भी हितग्राहियों से अतिरिक्त नगद राशि लेने, आर्थिक लाभ हेतु नियम विरुद्ध अनावश्यक रूप से मरीजों को योजना अंतर्गत भर्ती किये जाने एवं अवैधानिक तौर पर योजना के तहत गर्भाशय के ऑपरेशन करने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुयी थी।इन अस्पतालों के विरूद्ध की गई कार्रवाहीनियम विरूद्ध कार्य करने पर जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनंदगांव पर 15 हजार रुपए का अर्थदंड, श्री आरोग्यम हॉस्पिटल पर 11 लाख 41 हजार रुपए का अर्थदंड एवं अंकुर हॉस्पिटल रायपुर, 1 लाख 40 हजार का अर्थदंड, माँ यशोदा हॉस्पिटल, जिला-गरियाबंद पर 6 लाख 60 हजार रूपए, श्री राम हॉस्पिटल झलप, महासमुंद पर 11 लाख 41 हजार रूपए, अशोका हॉस्पिटल, रायपुर 31 लाख 60 हजार रूपए , ओमकार हॉस्पिटल बिलासपुर, 1 लाख 82 हजार रूपए, साईं समर्थ हॉस्पिटल रायपुर 4 लाख 25 हजार रूपए, CIMT हॉस्पिटल, रायपुर 11 लाख 8 हजार रूपए, केयर एंड क्योर हॉस्पिटल, बिलासपुर पर 12 लाख 74 हजार 900 रूपए का अर्थदंड एवं स्पर्श मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दुर्ग पर 24 लाख 44 हजार 700 का अर्थदंड लगाया गया है। 48 अस्पतालों में से शेष 33 अस्पताल जिनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था उनके द्वारा प्राप्त स्पष्टीकरण पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है । प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर जल्द ही नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- 0 सड़क दुर्घटना के रोकथाम एवं घुमन्तु पशुओं की विचरण की समस्या के रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों तथा खाद बीज की समुचित उपलब्धता की जानकारी ली0 ध्वनि प्रदुषण के नियंत्रण हेतु प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने तथा राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के दिए निर्देश
बालोद। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज प्रदेश के सभी संभाग आयुक्त, कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों का वीडियो कान्फ्रेंसिंग लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर एवं पुलिस तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों के सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध मंे जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने एवं सड़क सुरक्षा समिति की नियमित रूप से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। श्री जैन ने अधिकारियों से सड़क पर घुमन्तु पशुओं की विचरण की समस्या से निजात दिलाने हेतु किए जा रहे उपायों की समीक्षा की तथा इसकी रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य सचिव ने मौजूदा खरीफ सीजन के मद्देनजर राज्य के सभी जिलो में खाद बीज की समुचित उपलब्धता की भी जानकारी ली। उन्होंने किसानों को समुचित मात्रा में खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु निर्देश भी दिए।श्री जैन ने कलेक्टरों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से ध्वनि प्रदुषण के नियंत्रण हेतु किए जा रहे उपायांे के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने इसके लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने तथा विवाह, धार्मिक आयोजन आदि में लगाए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों का वीडियोग्राफी भी कराने के निर्देश दिए। श्री जैन ने राजस्व विभाग के अंतर्गत राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार के प्रकरणों का निराकरण, भू-अर्जन अवार्ड के अनुरूप राजस्व अभिलेख दुरस्तीकरण एवं राजस्व नक्शों में सुधार के लंबित प्रकरणों और निराकरण हेतु अभियान के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार के प्रकरणों के अंतर्गत आवेदकों के अभिलेखों में त्रुटि सुधार के उपरांत उसे अनिवार्य रूप सुधरा हुआ अभिलेख प्रदान की जाए। बैठक में मुख्य सचिव श्री जैन ने जिला स्तर पर जल जीवन मिशन योजनाओं की पूर्णता की प्रगति, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में लाभार्थी कृषकों का सेचुरेशन, वनाधिकार पट्टे का डिजिटाइजेशन एवं अभिलेख दुरूस्ती व्यवस्था, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के कार्यो की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
0 गली गली घुम कर साफ सफाई का लिया जायज़ा
0 झाड़ फूंक व झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में न पड़ें, सीधे अस्पताल पहुंचें
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण के जिले में डायरिया के प्रभाव को नियंत्रित करने हेतु जनचौपाल एवं क्षेत्र भ्रमण के निर्देश पर एसडीएम बिलासपुर पीयूष तिवारी द्वारा तहसीलदार शशिभूषण सोनी , सीईओ बिल्हा, बीएमओ बिल्हा, एसडीओ पीएचई के साथ डायरिया प्रभावित ग्राम मदनपुर में स्वास्थ्य चौपाल लगाया। उन्होंने गली कूचों का भ्रमण कर साफ सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया। जिसमें ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उन्हें स्वच्छ जल सहित खान-पान की जानकारी दी गई। *पानी उबाल कर पीना है - डायरिया को दूर करना है* का स्लोगन दिया गया। गांव में मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डोर टू डोर सर्वे कर लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हे जागरूक किया जाकर ओआरएस एवं दवाई का वितरण किया जा रहा है। पीएचई विभाग द्वारा स्वच्छ जल आपूर्ति हेतु टंकी की सफाई कराकर सभी बोर को क्लोरिन डाला गया। नालियों की सफाई सहित ब्लीचिंग छिड़काव सीईओ पंचायत द्वारा कराया जा रहा है। एसडीएम बिलासपुर द्वारा ग्रामीणों को समझाइश दी गई कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य की समस्या होने पर झाड़-फूंक या झोलाछाप डॉक्टर से इलाज न कराकर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र जाकर इलाज करावे। सबका निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। - 0 श्रमदान से की जा रही है सार्वजनिक स्थानों की साफ सफाईबिलासपुर। कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर जिले के सभी गांवों में हर शनिवार को स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। मौसमी बीमारियों जैसे डायारिया मलेरिया के प्रति आम जन को जागरूक करने हेतु जनचौपाल आयोजित किया जा रहा है। चौपाल में हाथ धुलाई ,स्वास्थ्य परीक्षण , दवा वितरण एवं जनजागरुकता का कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिला एवं मितानिन द्वारा घर-घर जाकर मौसमी बीमारी के लक्षण एवं रोकथाम के उपाय से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थान मंदिर तालाब ,सड़क ,चौक चौराहों ,गली ,नाली सफाई रंगमंच सार्वजनिक भवन शाला परिसर आदि में स्वच्छता दीदियों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों के माध्यम से सामूहिक श्रमदान कर साफ सफाई का कार्य एवं कचरा संग्रहण किया गया।
- 0 आयुर्वेद चिकित्सक की अपील पर ग्रामीणों ने लिया पौधों की देखभाल का संकल्पबिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ यशपाल सिंह ध्रुव के मार्गदर्शन में शासकीय आयुर्वेद औषधालय सिंघरी के प्रभारी डॉ कुमुदिनी पटेल आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रीमती पटेल की अपील पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत औषधीय महत्व के 100 पौधे लगाए। लगाए गए पौधों में कचनार, अमलतास, घृतकुवारी, शतावरी, आवला, आम, नीम, तुलसी, अर्जुन, करंज, मुनगा, कटहल, अमरूद इत्यादि फलदार और औषधीय गुणों वाले पौधे शामिल हैं। सभी ने पौधों के बढ़ते तक इसकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी ली है। कार्यक्रम के सुचारू रूप से संचालन में सरपंच श्रीमती गिरिजा यादव,फार्मासिस्ट लक्ष्मी कुमार साहू, औषधालय सेवक श्री सत्य प्रकाश माथुर, पी.टी.एस. कुशल यादव, मितानिन निर्मला यादव, जनप्रतिनिधि रघुवीर कौशिक, धर्मेंद्र पाठक,प्रकाश प्रेमी, संजीव बैनर्जी, श्री विनोद यादव, प्रधान पाठक श्री रतनलाल सरोवर ,शिक्षकगण एवम स्कूली छात्र छात्राओं का सक्रिय योगदान रहा।
- 0 कलेक्टर के निर्देश पर जारी रहेगा धरपकड़ अभियान
बिलासपुर। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग बिलासपुर द्वारा कल और आज दो दिनों में दर्जनों ग्रामों में दबिश देकर 3 हाईवा और 8 ट्रैक्टर पकड़ा गया। ये वाहन रेत और खनिजों का अवैध तरीके से परिवहन कर रहे थे। वाहन चालकों और मालिकों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की प्रावधानों के उल्लंघन में कार्रवाई की गई है।खनिकर्म विभाग के उप संचालक दिनेश मिश्रा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की टीम द्वारा लोधीपारा, कोनी, सेंदरी, कछार लोफन्दी, मंगला, धुरीपारा, लोखंडी, निरतू, घुटकू , मोपका, उसलापुर, सिरगिट्टी, लावर क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया। सरकंडा क्षेत्र में 2 हाईवा को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर पुलिस थाना सरकंडा एवं सेंदरी क्षेत्र मे 1 ट्रेक्टर को पुलिस थाना कोनी मे अभिरक्षा में रखा गया है। रतनपुर क्षेत्र मे खनिज रेत का अवैध परिवहन करते जाने पर 05 ट्रेक्टर को जप्त कर पुलिस थाना रतनपुर मे अभिरक्षा मे रखा गया है। सिरगिट्टी क्षेत्र में 1 हाईवा एवं 1ट्रेक्टर रेत को पुलिस थाना सिरगिट्टी मे एवं 1गाड़ी ईट (मिट्टी) को खनिज जांच चौकी लांवर में अभिरक्षा में रखा गया है।वैध अभिवहन पास एवं रायल्टी पर्ची के बिना खनिजों का परिवहन किये जाने के कारण सभी 11 वाहन चालकों और मालिकों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71/खान एवं खनिज(विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 21 के तहत खनिज के अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है। खनि अमला द्वारा कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। - 0 प्रभावित गांवों में घुम घुमकर करेगा जांच और इलाज0 पहले दिन बेलगहना और सिलपहरी में 300 लोगों की जांच0 कलेक्टर स्वयं एक एक स्वास्थ्य केन्द्र की रोज कर रहे मॉनिटरिंग0 जनचौपाल में ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूकबिलासपुर। मलेरिया और डायरिया को काबू में रखने जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर अवनीश शरण स्वयं प्रभावित इलाके के अस्पतालों की रिपोर्टिंग ले रहे हैं। उन्होंने प्रभावी पहल करते हुए शहरी क्षेत्र से मोबाइल मेडिकल वाहन को गावों के लिए रवाना किया। इसमें डॉक्टर, नर्स सहित पर्याप्त मात्रा में दवाइयां और जांच किट मौजूद हैं।ज्यादा प्रभावित और संवेदशील ग्रामों में शिविर लगाकर लोगों की जांच और मुफ्त दवाइयां बांटी जा रही हैं। कलेक्टर ने शहरी क्षेत्रों के मोबाइल मेडिकल यूनिट को प्रभावित गांवों में तैनात किया है।सीएमएचओ डॉ प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल वाहन कोटा ब्लॉक के बेलगहना और केंदा के सिलपहरी गांव में पहुंचा। आज दोनों जगहों में स्वास्थ्य शिविर में 200 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 126 लोगों में मलेरिया की जांच की गई। जिनमें दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई उन्हें सिम्स में रेफर किया गया है। गांवों में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों को लगातर मलेरिया और डायरिया बीमारी के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपना इलाज कराएं। झाड़ फूक अथवा झोला छाप डॉक्टरों के चक्कर में न पड़ें। प्रशासन के दबाव के चलते झोला छाप डॉक्टर दुकान बंद कर गायब हो रहे हैं।
- 0 आईसीयू और सामान्य बेड की संख्या बढ़ाने दिए निर्देश
बिलासपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज सिम्स और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा। उनका अच्छे से देखरेख और इलाज करने के निर्देश डॉक्टरों को दिए। उन्होंने यहां मलेरिया और डायरिया के मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में मलेरिया और डायरिया प्रभावित मरीजों के लिए आपात स्थिति में 15 आईसीयू के बेड और 20 सामान्य बेड बढ़ाया जाए। इसी प्रकार सिम्स में 10 आईसीयू बेड बढ़ाने कहा।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने मरीजों की बेहतर निगरानी और इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित गांवों में जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है। सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने निर्देशित किया है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीएमएचओ डॉ प्रभात श्रीवास्तव , सिम्स के अधीक्षक डॉ एस के नायक, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता मौजूद थे। - 0 साफ-सफाई व लाइसेंस शर्ताें का पालन करने के दिए गए निर्देश0 कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के निर्देश पर आबकारी उपायुक्त श्री विकास गोस्वामी ने ली आहाता लाइसेंसियों की बैठक
रायपुर। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के निर्देश पर आबकारी उपायुक्त श्री विकास गोस्वामी ने आहाता लाइसेंसियों की बैठक ली। बैठक के दौरान सभी आहाता लाइसेंस की शर्ताें का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आहाता में निरंतर साफ-सफाई एवं अन्य लाइसेंस शर्ताें का नियमानुसार पालने करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आहाता में सभी आवश्यक सुविधा तत्काल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। आहाता लाइसेंसियो द्वारा शर्तों के उल्लंघन करने पर एवं समय पर लायसेंस फीस व बैंक गारंटी जमा नहीं करने पर सभी को नोटिस जारी किया गया। आहाता लाइसेंसियों को कड़ी हिदायत दी गई की किसी भी प्रकार से लाइसेंस शर्त का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर सभी वृत्त प्रभारी भी उपस्थित रहे। - भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई के सामान्य सभा में नगर निगम अधिनियम के अनुसार अध्यक्ष द्वारा सफाई हेतु जांच समिति का गठन गठन किया गया था। जिसमें सत्ता पक्ष विपक्ष एवं निर्दलीय कूल 19 पाषर्दगढ़ सदस्य हैं। नगर निगम भिलाई के चार अधिकारी भी उसमें विभागीय रूप से सदस्य है। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में सफाई व्यवस्था किस प्रकार से सुचारू रूप से और व्यवस्थित रूप से चले, इस परिपेक्ष में उनके द्वारा रिपोर्ट दिया जाना है। समिति की प्रथम बैठक गुरुवार के दिन नगर निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय में हुई थी। समिति के सदस्य द्वारा सर्वसम्मति से 25 बिंदु निर्धारित किया गया था । इसी को आधार मानकर शनिवार के दिन वैशाली नगर जोन कार्यालय में जाकर वहां पर सफाई में उपयोग किया जा रहे संसाधनों, गाड़ियों का निरीक्षण किया गया। साथ में सफाई कर्मचारियों से भी बातचीत करके जानकारी प्राप्त की गई। उनको प्रदान की जाने वाली सुविधाओं, सफाई कार्य के तरीके के बारे में पूछताछ की गई । निर्धारित समय के अंदर समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
- भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में स्थित शंकराचार्य कॉलेज में आधार कार्ड अपडेट करने का शिविर शनिवार को लगाया गया। जिला कलेक्टर सुश्री रिचा प्रकाश चौधरी को जानकारी मिली थी कि शंकराचार्य कॉलेज में 500 से अधिक छात्र ऐसे हैं। जिनके आधार कार्ड अपडेट नहीं होने के कारण उनको एडमिशन लेने में परेशानी हो रही है। इसी परिपेक्ष में शिविर लगाने का प्रबंध किया गया। छात्र-छात्राएं एडमिशन लेकर समय पर अपने आगे की पढ़ाई कर सकें। आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार शंकराचार्य कॉलेज में सुबह 10:00 से आधार अपडेट करने का काम शुरू हो गया। इसमें छात्रों के अलावा उनके परिजन, स्टाफ के सदस्य, एवं चौहान टाउन , स्मृति नगर एवं आसपास के निवासियों द्वारा आधार अपडेट करवाया गया। स्टाफ के सदस्य राजकुमार वर्मा ने बताया आधार कार्ड अपडेट करने का शिविर लगने से छात्र-छात्राओं एवं हम लोगों को बहुत सुविधा हो गई।
- 0 सड़क पर मवेशी पाये जाने पर होगी मालिकों पर कार्यवाही0 ऊंची आवाज डीजे बजाने पर होगी जब्त
दुर्ग। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठक करना/आवारा मवेशियों पर नियंत्रण, वर्ष 2024 में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण हेतु जब्ती, अभियोजन एवं राजसात की प्रगति, केन्द्रीय एवं जिला जेलों के ओव्हर क्रॉउडिंग के निराकरण हेतु किए जा रहे अतिरिक्त एवं प्रस्तावित बैरक्स/जेल निर्माण कार्यों की प्रगति के संबंध में, ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, प्रधानमंत्री किसान सम्मानि निधि में लाभार्थी कृषकों का सेचुरेशन, जिला स्तर पर जल जीवन मिशन योजनाओं की पूर्णता की प्रगति, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार प्रकरणों का निराकरण, भू-अर्जन अवार्ड के अनुरूप राजस्व अभिलेख दुरस्ती एवं संबंधित विभाग को संशोधित अभिलेख प्रति प्रदाय करना, राजस्व नक्शे में सुधार के लंबित प्रकरण एवं निराकरण हेतु अभियान, भारत सरकार की मुंबई-नागपुर-झारझुगुड़ा गैस पाईपलाईन परियोजना अंतर्गत कतिपय हिंड्रासेंस हेतु प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में, मादक पदार्थ से संबंधित जिला स्तरीय समिति की नियमित बैठक करना एवं उक्त बैठकों में चर्चा/समीक्षा हेतु एजेण्डा और मौसमी बीमारियों यथा मलेरिया, डायरिया आदि से निपटने हेतु त्वरित एवं सघन उपाय के संबंध में चर्चा की गई।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने बताया कि आठ मुख्य सड़क मार्ग को चिन्हांकित किया गया है, उन सड़कों पर मवेशियों को हटाने की कार्यवाही की जा रही है, उन्हें कांजी हाउस में रेडियम टेगिंग के साथ सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिये नगर निगम और पुलिस प्रशासन से सहयोग ली जा रही है। सड़कों पर मवेशी पाये जाने पर उनके मालिकों पर भी कार्यवाही की जा रही है। ध्वनि प्रदूषण को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि ऊंची आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यावाही कर कोर्ट के आदेशों के अनुसार राजसात किया जाना सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन पर्यावरण नियम के तहत डीजे वाली गाड़ियों की जांच आडियो मीटर के माध्यम से जांच किया जाए। जहां भी डीजे ऊंची आवाज में दिखे तुरंत कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को जेलों में बैरकों का निर्माण किया जाये। जो बैरक जर्जर हुये हैं, उनकी मरम्मत किया जाना सुनिश्चित करें। जेलों में साफ सुथरा रखा जाए।मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन नशा-मुक्ति के संबंध में चर्चा की। इस दौरान नशा करने वालों को समाज के मुख्यधारा में लाये जाने का प्रयास किया जाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा बच्चों के हॉस्टल, स्कूल, कालेजों पर निगरानी रखा जाना आवश्यक है। इसके लिए समिति गठन करना सुनिश्चित करें। चेक पोस्ट पर तैनाती बढ़ाया जाना सुनिश्चित करें ताकि नशे का सामान जिले में प्रवेश न हो। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मलेरिया व डायरिया होने वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित रोकथाम किया जाना सुनिश्चित करें। इसे स्वास्थ्य विभाग की टीम बनाकर मलेरिया व डायरिया से बचाव की रोकथाम किया जा सकें। राजस्व की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि नामांतरण, सीमांकन व राजस्व के लंबित प्रकरणों को शीघ्रता से निराकरण किया जाना सुनिश्चित करें।कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में विडियों कांफ्रेंसिंग के दौरान दुर्ग संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री रोजगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र शुक्ला, सीईओ जिला पंचायत श्री अश्वनी देवांगन, भिलाई नगर निगम आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, नगर निगम चरौदा भिलाई आयुक्त श्री एम. भार्गव, दुर्ग नगर निगम आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, रिसाली नगर निगम आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, एसडीएम भिलाई छावनी श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम दुर्ग श्री मुकेश रावटे, उप संचालक पशुपालन श्री एस.पी. सिंह, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी श्री मनोज दानी, मलेरिया अधिकारी बंजारे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि में अच्छे कार्यों के लिए पांच राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना बड़ी उपलब्धि – श्री अरुण सावरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भारत सरकार द्वारा ‘स्पार्क’ पुरस्कारों से नवाजे गए नगरीय निकायों के अधिकारियों और लाभार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव से नई दिल्ली से पुरस्कार प्राप्त कर लौटने के बाद ये अधिकारी और लाभार्थी सौजन्य मुलाकात के लिए आए थे। श्री साव ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत सभी नगरीय निकायों, वहां के अधिकारियों और लाभार्थियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी को बधाई दी।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि में अच्छे कार्यों के लिए पांच राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करना बड़ी उपलब्धि है। इन पांच में से तीन पुरस्कार हमारे नगरीय निकायों को पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए मिला है। वहीं एक पुरस्कार पूरे देश में द्वितीय स्थान पर रहने के लिए मिला है। दोनों योजनाओं में उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार मिला है। राज्य को ये सभी पुरस्कार शहरी गरीबों के सपनों को पूरा करने के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि के माध्यम से लोग आत्मनिर्भर हो रहे हैं। उनका जीवन आसान और खुशहाल हो रहा है। वे सशक्त हो रहे हैं। आप लोगों की मेहनत से शहरी गरीबों के जीवन में बदलाव आ रहा है। मैं इसके लिए आपकी सराहना करता हूं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अपने निवास में मौजूद सूडा, बिलासपुर और रायगढ़ नगर निगम तथा भाटापारा और चांपा नगर पालिका के अधिकारियों से कहा कि आप लोग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का साकार करने के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की कल्पना को ऐसे ही उत्कृष्ट कार्यों से धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान, सुविधापूर्ण और खुशहाल बनाने का काम करेंगे। हमें इन योजनाओं को लक्षित लोगों तक योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नई दिल्ली में विगत 18 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में भागीदारी के लिए राज्य शासन द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के नामांकित लाभार्थी जशपुर नगर पालिका के श्री सुमित किस्कु और लोरमी नगर पंचायत के श्री कुशाल राम साहू को सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लाभार्थी के रूप में नामांकित जगदलपुर नगर निगम की हैप्पी महिला स्वसहायता समूह की श्रीमती मृदुला जैन, भिलाई नगर निगम की राधा रानी स्वसहायता समूह की श्रीमती चित्ररेखा साहू, श्रीमती प्रियंका लोकवाणी, श्रीमती रागिनी टोण्डे, श्रीमती त्रिवेणी लहरे, श्रीमती सुनीता देवांगन, श्रीमती सुनीता यादव, श्रीमती सरस्वती झा और श्रीमती कंचन त्रिवेदी को भी सम्मानित किया।उप मुख्यमंत्री द्वारा अपने निवास पर अधिकारियों, स्वसहायता समूहों और लाभार्थियों के सम्मान के दौरान राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व मिशन संचालक श्री शशांक पाण्डेय, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त श्री अमित कुमार, भाटापारा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री लाल अजय बहादुर सिंह, चांपा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी और श्री भोला सिंह ठाकुर उपस्थित थे। कार्यक्रम में राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, परियोजना अधिकारी श्रीमती जागृति साहू, राज्य मिशन प्रबंधक श्री विवेक शुक्ला, श्री प्रशांत अमोली, श्री पी. घोष, श्री सी.एल. पाठक, सिटी मिशन प्रबंधक सुश्री एकता शर्मा, कोमल, रीमा, सरिता, सुषमा सीमा, रानु, माया, नाज पदमावती, नीरज साहू और संत कुमार महतो ने भी अपनी सहभागिता दी।केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने इन नगरीय निकायों को किया है पुरस्कृतदीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) में उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘स्पार्क 2023-24’ पुरस्कारों के अंतर्गत दस लाख तक जनसंख्या श्रेणी में बिलासपुर नगर निगम को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं तीन लाख तक जनसंख्या श्रेणी में रायगढ़ नगर निगम को और एक लाख तक जनसंख्या श्रेणी में भाटापारा नगर पालिका को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। चांपा नगर पालिका को 50 हजार तक जनसंख्या श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में श्रेष्ठ कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने विगत 18 जुलाई को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटॉट सेंटर में आयोजित समारोह में ये पुरस्कार वितरित किए थे।
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-जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में गुरू पूर्णिमा महोत्सव में होंगे शामिल
-रायगढ़ जिले के बनोरा और कोसमनारा जाएंगेरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 21 जुलाई को गुरू पूर्णिमा के अवसर पर बालोद जिले के जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में आयोजित गुरू पूर्णिमा महोत्सव, रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा में श्री गुरू दर्शनम् तथा कोसमनारा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय पुलिस परेड ग्राउण्ड रायपुर से हेलीकॉप्टर से सुबह 10.35 बजे प्रस्थान कर 11.05 बजे बालोद जिले के बड़े जुंगेरा गांव पहुंचेंगे और जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में आयोजित गुरू पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री वहां से हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर दोपहर 1.30 बजे रायगढ़ जिले के ग्राम महापल्ली स्थित मिनी स्टेडियम पहुंचेंगे और ग्राम बनोरा में श्री गुरू दर्शनम् के पश्चात कोसमनारा जाएंगे। मुख्यमंत्री का कोसमनारा में संध्या 3.30 बजे से 4.00 बजे तक समय आरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री इसके पश्चात ओपी जिन्दल एयरपोर्ट रायगढ़ पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से संध्या 4.55 बजे पुलिस परेड ग्राउण्ड रायपुर लौट आएंगे। - दुर्ग / सेट (एसईटी) 2024 परीक्षा दुर्ग जिले के 99 परीक्षा केंद्रों में 21 जुलाई 2024 को संचालित की जा रही है। परीक्षा 2 पाली में आयोजित होगी। प्रथम पाली 10 से 11.15 बजे तक तथा द्वितीय पाली 2 से 4.15 बजे तक होगी। एडमिट कार्ड के साथ पहचान पत्र लाना अनिवार्य है। पहचान पत्र के बिना परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश नही दिया जाएगा।
- दुर्ग / जिले में 01 जून से 20 जुलाई तक 206.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 370.1 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 130.4 मिमी बोरी तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 167.8 मिमी, तहसील धमधा में 146.3 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 181.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 242.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 20 जुलाई को तहसील दुर्ग में 20.2 मिमी, तहसील धमधा में 8.8 मिमी, तहसील पाटन में 51.4 मिमी, तहसील बोरी में 15.9 मिमी, भिलाई 3 में 19.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 16.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- -नागरिकों के सपनों के अनुरूप शहर का होगा विकास : डॉ. रमन सिंह-राजनांदगांव संस्कारधानी, यहां विकास ऐसा हो जिसका अनुसरण पूरा प्रदेश करे : श्री अरुण सावरायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजनांदगांव में नगर निगम द्वारा कराए जाने वाले 13 करोड़ 81 लाख रुपए लागत के 96 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें अधोसंरचना मद के अंतर्गत सात करोड़ 54 लाख रुपए लागत के रोड, नाली, भवन, उद्यान एवं अन्य विकास कार्य, 15वें वित्त आयोग के तहत पांच करोड़ 50 लाख रुपए लागत के सीसी रोड, नाली, नाला व फिल्टर प्लांट में विकास कार्य, सांसद निधि से 29 लाख रुपए की लागत के भवन, शेड, पाथवे, मंच निर्माण तथा विधायक निधि, प्रभारी मंत्री निधि से 49 लाख रुपए लागत के भवन, शेड, रोड तथा नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं। राजनांदगांव के पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में सांसद श्री संतोष पाण्डेय और महापौर श्रीमती हेमा देशमुख भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव की जागरूकता पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पूरे छत्तीसगढ़ में सात माह के भीतर विकास का एक अद्भूत वातावरण निर्मित हुआ है। सरकार ने 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का लंबित बोनस, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि और 5500 रुपए में तेन्दूपत्ता खरीदी सहित कई घोषणाओं को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के लोगों ने शहर के विकास का जो सपना देखा है, उस सपने के अनुरूप शहर को बनाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य के साथ-साथ राजनांदगांव के भीतर भी बेहतर विकास दिखेगा।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि राजनांदगांव प्रदेश की संस्कारधानी है और इसका विकास नाम के अनुरूप होना चाहिए। यहां का विकास ऐसा हो जिसका अनुसरण पूरा प्रदेश करे। केवल भवन बनाने से शहर का विकास संभव नहीं है। शहर के विकास के लिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध एवं सुव्यवस्थित तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। श्री साव ने राजनांदगांव नगर निगम से कहा कि संस्कारधानी के समग्र विकास के लिए योजना बनाकर कार्य करें। इसके लिए शासन द्वारा हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद शहरों के विकास के लिए 1500 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। राजनांदगांव के विकास के लिए जिन भी कार्यों के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे जाएंगे, उन्हें स्वीकृत किए जाएंगे।भूमिपूजन कार्यक्रम को सांसद श्री संतोष पाण्डेय और महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने भी संबोधित किया। राजनांदगांव जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती गीता साहू, पूर्व सांसद श्री मधुसूदन यादव, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग और नगर निगम के आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता सहित अनेक पार्षद और जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -झाड़ फूंक व झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर से बचने कहा-गांवों में चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान-श्रमदान से की जा रही है सार्वजनिक स्थानों की साफ सफाईबिलासपुर/ बिलासपुर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज सिम्स और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा। उनका अच्छे से देखरेख और इलाज करने के निर्देश डॉक्टरों को दिए। उन्होंने यहां मलेरिया और डायरिया के मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में मलेरिया और डायरिया प्रभावित मरीजों के लिए आपात स्थिति में 15 आईसीयू के बेड और 20 सामान्य बेड बढ़ाया जाए। इसी प्रकार सिम्स में 10 आईसीयू बेड बढ़ाने कहा। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने मरीजों की बेहतर निगरानी और इलाज के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को समझाइश दी गई है कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य की समस्या होने पर झाड़-फूंक या झोलाछाप डॉक्टर से इलाज न कराकर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र जाकर इलाज कराएं।उन्होंने प्रभावित गांवों में जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है ताकि वर्षा जनित बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने निर्देशित किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वर्षाकाल में जलजनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करें और संक्रमण की जानकारी मिलने पर त्वरित स्वास्थ्य शिविर लगाकर उपचार करना सुनिष्चित करें।कलेक्टर ने जिले में डायरिया के प्रभाव को नियंत्रित करने हेतु जनचौपाल एवं क्षेत्र भ्रमण के निर्देश पर जिला प्रशासन, राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मदनपुर में स्वास्थ्य चौपाल लगाया। टीम ने गली कूचों का भ्रमण कर साफ सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया। जिसमें ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उन्हें स्वच्छ जल सहित खान-पान की जानकारी दी गई। इस दौरान पानी उबाल कर पीना है - डायरिया को दूर करना है का स्लोगन भी दिया गया। गांव में मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डोर टू डोर सर्वे कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हे जागरूक किया जाकर ओआरएस एवं दवाई का वितरण किया जा रहा है। पीएचई विभाग द्वारा स्वच्छ जल आपूर्ति हेतु टंकी की सफाई कराकर सभी बोर को क्लोरिन डाला गया। नालियों की सफाई सहित ब्लीचिंग छिड़काव भी कराया जा रहा है।कलेक्टर के निर्देश पर जिले के सभी गांवों में हर शनिवार को स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। मौसमी बीमारियों जैसे डायारिया मलेरिया के प्रति आम जन को जागरूक करने हेतु जनचौपाल आयोजित किया जा रहा है। चौपाल में हाथ धुलाई ,स्वास्थ्य परीक्षण , दवा वितरण एवं जनजागरुकता का कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिला एवं मितानिन द्वारा घर-घर जाकर मौसमी बीमारी के लक्षण एवं रोकथाम के उपाय से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थान मंदिर तालाब ,सड़क ,चौक चौराहों ,गली ,नाली की सफाई रंगमंच सार्वजनिक भवन शाला परिसर आदि में स्वच्छता दीदियों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों के माध्यम से सामूहिक श्रमदान कर साफ सफाई का कार्य एवं कचरा संग्रहण किया जा रहा है।
- -स्वास्थ्य विभाग में मिली नौकरी से पहाड़ी कोरवाओं की बदल रही जीवनरेखारायपुर / यह पहाड़ी कोरवा समारिन बाई है। कुछ दिन पहले तक इन्हें गिनती के कुछ लोग ही जानते थे। यह सिर्फ इनकी ही बात नहीं है। इनके गाँव की भी यहीं बात है। घने जंगल के बीच मौजूद इनके गाँव टोकाभांठा को भी बहुत कम लोग जानते हैं। मुख्य सड़क से दूर टोकाभांठा में रहने वाली पहाड़ी कोरवा समारिन बाई का जीवन भी घने जंगल में बसे गाँव की तरह गुमनाम सा था। जहाँ सुबह का सूरज तो रोज निकलता था, लेकिन इनकी जिंदगी में गरीबी का अंधेरा जस का तस रहता था। दिन के उजाले में पहाड़ के नजदीक पहाड़ जैसी जिंदगी जीने वाली समारिन बाई ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें नौकरी मिल जायेगी और अंधेरे से घिरी गरीबी को दूर कर कडुवाहट भरी जिंदगी में मिठास तथा जीवन में उल्लास का उजियारा लाएगी।कोरबा जिले के अजगर बहार ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम टोकाभांठा में रहने वाली समारिन बाई अब पहले से काफी बदल गई है। उनकी जिंदगी और रहन-सहन में बदलाव की शुरुआत हाल ही के दिनों से हुई है। जिला प्रशासन की पहल पर जब विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा था तब समारिन बाई की शिक्षा भी बहुत काम आई। कक्षा दसवीं तक पढ़ी समारिन बाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में वार्ड आया की नौकरी मिल गई। फिर क्या था, जंगल में बकरी चराने वाली और गरीबी की वजह से आर्थिक तंगी से जूझने वाली समारिन बाई अस्पताल में अलग रूप में नज़र आ रही है। ट्रे में दवाइयां लेकर मरीजों के वार्ड तक और डॉक्टर, नर्स के साथ उनके आस-पास समारिन का दिन गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन वह सरकारी अस्पताल में अपनी ड्यूटी करेगी। उन्हें तो लगता था कि हम पहाड़ी कोरवाओं की जिंदगी गरीबी के बीच जंगल में उनके पुरखों की तरह ही कठिनाइयों के बीच बीतेगी।पहाड़ी कोरवा समारिन बाई का कहना है कि उनका समाज ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। जंगल में गरीबी के बीच बहुत ही विषम परिस्थितियों में जीवन-यापन करना पड़ता है। ऐसे में शिक्षा से जुड़ पाना संभव नहीं हो पाता। खासकर लड़कियों को घर के काम करने पड़ते हैं, उनका स्कूल जाना और पढ़ाई पूरी कर पाना बहुत चुनौती है। मैंने किसी तरह पढ़ाई तो कर ली थी लेकिन नौकरी मिलेगी यह कभी सोचा ही नहीं था। समारिन बाई ने बताया कि उन्हें अस्पताल में नौकरी मिली है। इस जगह में रहकर वह जान पा रही है कि अन्य समाज के साथ कैसे रहना है। किस तरह पढ़ाई कर महिलाएं काम कर रही है। यहाँ बहुत कुछ सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अभी मानदेय में जो राशि मिल रही है उससे घर का खर्च चला रही है। भविष्य में कुछ पैसे बचत करने की कोशिश भी करेगी ताकि अपने बच्चों का भविष्य बना पाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में ही पहाड़ी कोरवा समार साय, बुधवार सिंह की भी स्वच्छक तथा वार्ड बॉय के रूप में नौकरी लगी है। मानदेय के आधार पर मिली नौकरी से दोनों खुश हैं और बताते हैं कि दिन भर जंगल में बिताने से बेहतर है कि यहां काम कर कुछ पैसे मिल जाएं। इससे घर परिवार का खर्च चल जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पहाड़ी कोरवाओं को दी जा रही नौकरी की सराहना करते हुए कहा कि हमारी कड़ुवाहट भरी जिंदगी में नौकरी से मिठास जरूर आयेगी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में जिले के पहाड़ी कोरवाओं तथा बिरहोरों को योग्यता के आधार पर मानदेय में नौकरी पर रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में पीवीटीजी के 19 युवाओं को अस्पतालों में विभिन्न पदों पर रखा गया है।
- -खाद-बीज, पीएम किसान सम्मान निधि, राजस्व, एफ आर. ए., ध्वनि प्रदूषण सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा कीरायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कलेक्टरों और संभागयुक्तों की बैठक ली। बैठक में सड़क सुरक्षा, ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण, अभियोजन और राजसात की प्रगति, जेलों में अतिरिक्त बैरक्स, सॉलिड एवं लिक्विड बेस्ट मैनेजमैंट, पी एम किसान सम्मान निधि , वनाधिकार पट्टों का डिजीटाईजेशन एवं अभिलेख दुरूस्ती, जल-जीवन मिशन, राजस्व अभिलेखों, मादक पदार्थों की रोकथाम और मौसमी बीमारियों से निपटने जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर जिलेवार विस्तार से समीक्षा की गई।मुख्य सचिव श्री जैन ने जिला सड़क सुरक्षा समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने और सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने, गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुपालन, लोक निर्माण, परिवहन तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को समन्वय से कार्य के निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण हेतु डी.जे. वाहनों पर कानूनी प्रावधानों के तहत सक्त कार्यवाही कर अभियोजन एवं राजसात करने के लिए कहा गया है। मुख्य सचिव ने नक्सल प्रभावित जिलों के नक्सल पीड़ित परिवार और आत्म समर्पित नक्सलियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को मादक पदार्थों की रोकथाम तथा नशा करने वालों को नशामुक्ति अभियान से जोड़ने कहा है। उन्होंने इस संबंध प्रतिमाह जिला स्तरीय समिति की नियमित बैठक लेने और प्रभावी कार्यवाही करने को कहा है। बैठक में वनाधिकार पत्रकों के डिजीटाईजेशन एवं अभिलेखों की दुरूस्तीकरण की जिलेवार समीक्षा की गई। व्यक्तिगत और सामुदायिक वनाधिकार पत्रकों के हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने विशेष कार्यवाही करने कहा गया है। एफआरए पट्टों के नामांतरण एवं फौत दर्ज कर नियमानुसार अभिलेख दूरूस्ती की कारगर व्यवस्था करने आदिम जाति विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को समन्वय से कार्य करने कहा गया है। इसी तरह से राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार और भू-अर्जन अवार्ड के अनुरूप राजस्व अभिलेखों में दुरूस्ती कर संबंधित हितग्राहियों को संशोधित अभिलेख की प्रति प्रदान करने राजस्व अधिकारियों से कहा गया है। राजस्व नक्शों में सुधार के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए भी विशेष अभियान चलाने कहा गया है।मुख्य सचिव ने उच्चतम न्यायालय के पारित आदेश के परिपेक्ष्य में केन्द्रीय और जिला जेलों के ओव्हर क्रॉउडिंग के निराकरण के लिए अतिरिक्त बैरक और जेल निर्माण कार्यों के लिए गृह एवं जेल, लोक निर्माण और वित्त विभाग के अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड बेस्ट मैनेजमैंट के लिए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिलेवार समीक्षा की गई।बैठक में जिलेवार वर्षा की स्थिति एवं खरीफ फसलों की बुआई और खाद-बीज वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने मौसमी बीमारियों तथा मलेरिया, डायरिया आदि से निपटने के लिए जिला कलेक्टरों को प्रभावित इलाकों की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है। बैठक में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मुम्बई-नागपुर-झारसुगड़ा गैस पाईप लाईन परियोजना के अंतर्गत आने वाले जिलों में राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, बेमेतरा, रायपुर, सक्ति सहित अन्य जिलों के राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही कर सहयोग करने कहा गया है।बैठक में आदिवासी विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, नगरीय प्रशासन एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस., राजस्व विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक़, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश सहित कृषि आवास एवं पर्यावरण, गृह, पशुधन विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारी, सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टर शामिल हुए।
- -महासमुंद जिले की 8846 हितग्राहियों को मिला लाभरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में मिल रहा है गर्भवती महिलाओं को लाभ। गरीब परिवारों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान सबसे बड़ी समस्या आती है। ऐसी परिस्थिति को देखते हुए, छत्तीसगढ़ में मिनीमाता महतारी जतन योजना की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सहायता राशि प्रदान करना है। इससे महिलाओं को मदद मिलेगी और उनके परिवार को लाभ होगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत, पंजीकृत हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की प्रसूति सहायता राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य है कि राज्य की अधिकतर जरूरतमंद महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।महासमुंद जिले में मिनीमाता महतारी जतन योजना की शुरुआत से अब तक 8846 हितग्राहियों को लाभ मिला है। जिसमें महासमुंद की सुभाष नगर निवासी श्रीमती जागृति साहू को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। जागृति ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिक हैं। उन्होंने योजना की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग बच्चे के रहन-सहन और उचित देखभाल में किया जा रहा है।मिनीमाता महतारी जतन योजना की पात्रतागौरतलब है कि मिनीमाता महतारी जतन योजना का लाभ लेने के लिए महिला श्रमिकों का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत होना अनिवार्य है। योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही को बच्चे के जन्म के 90 दिनों के भीतर श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, उत्तराधिकारी का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, शिशु के जन्म प्रमाण पत्र तथा मूल दस्तावेज के साथ श्रम विभाग, लोक सेवा केंद्र या वीएलई के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- रायपुर / राज्य के भू-स्वामियों को पटवारी रिकार्ड में त्रुटियों में सुधार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की पहल पर राजस्व विभाग ने भू-स्वामियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अब पटवारी रिकार्ड में दर्ज त्रुटियों का निराकरण करने के लिए तहसीलदारों को अधिकृत किया है। पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भू-स्वामियों के पटवारी रिकार्ड के त्रुटियों को निराकृत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राजस्व रिकार्ड में त्रुटि सुधार के अभ्यावेदन पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी और इसके लिए तहसीलदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ राज पत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 (क्र. 20 सन् 1959) की धारा 24 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार द्वारा उक्त संहिता की धारा 115 के अधीन तहसीलदार को भूमि स्वामी उसके पिता, पति के नाम, उपनाम, जाति, पते में लिपिकीय त्रुटि सुधार करने अधिकृत किया गया है। इसी प्रकार राजस्व रिकार्ड में कैफियत कॉलम में की गई त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि में सुधार करना, त्रुटिवश जोड़े गये खसरों को पृथक करना, भूमि के सिंचित, असिंचित होने संबंधी प्रविष्टि में सुधार करना, भूमि के एक फसली तथा बहु फसली की प्रविष्टि में त्रुटि सुधार करने के लिए तहसीलदार को अधिकृत किया गया है।


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