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- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन 18 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा। file photo
- -ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए-बस्तर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ शासन की योजनाएं कारगर साबित हो रही है -सांसद श्री महेश कश्यपरायपुर / वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप अपने एक दिवसीय बीजापुर जिले के प्रवास के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।उन्होंने अपने उद्बोधन में जिला प्रशासन की टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीजापुर जिला अब शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाईयों को छूने लगा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच अब सुनिश्चित हो रही है।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बीजापुर के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। बस उन्हें सही अवसर मिलना चाहिए। केन्द्र और राज्य सरकार की योजना से समूचे बस्तर के आदिवासी बच्चों का भविष्य बेहतर हो रहा है। बीजापुर का नवोदय विद्यालय राज्य में दूसरे स्थान पर है यह जिले के लिए गर्व की बात है। यहां केन्द्रीय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, नवोदय विद्यालय सहित ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में उच्च स्तर के शैक्षणिक संस्थान है जिससे जिले के बच्चों का बेहतर भविष्य तय हो रहा है।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा में व्यापक बदलाव आएगा। शिक्षा के क्षेत्र में हमारी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए है। स्कूलों की अद्योसंरचना, शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण, गुणवत्तायुक्त मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति सहित तमाम योजनाएं बेहतर शिक्षा के लिए कारगर सिद्ध हो रही है।बस्तर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप ने जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना से तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से बस्तर अंचल अब विकास शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल जैसे बुनियादि सुविधाओं की ओर अग्रसर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित सभी बुनियादि सुविधाएं, व्यक्तिमूलक योजनाओं का क्रियान्वयन अब जमीनी स्तर पर हो रही है।अतिथियों द्वारा इस अवसर पर नवप्रवेशी बच्चों को फूल-माला, मिठाई एवं तिलक-चंदन लगाकर प्रोत्साहित किया गया। विधायक श्री विक्रम शाह मंडावी एवं पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा ने शाला प्रवेशोत्सव पर सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष श्री कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य श्री बसंत राव ताटी, श्रीमती नीना रावतिया उद्दे, श्रीमती बी पुष्पाराव, वरिष्ठ नागरिक जी वेंकट, श्रीनिवास मुदलियार, पुलिस अधीक्षक डा. जितेन्द्र यादव, डीएफओ सामान्य श्री रामाकृष्ण, उप निर्देशक इंद्रावती टाईगर रिजर्व श्री संदीप बल्गा, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- जिला प्रशासन की अभिनव पहल प्रत्येक घरों में दी जाएगी मनपसंद की दस पुस्तकेंरायपुर, / वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने जिला प्रशासन बीजापुर के अभिनव पहल ‘‘घर-घर पुस्तक, हर-घर लाइब्रेरी’’ का शुभारंभ किया। मंत्री श्री कश्यप अपने एक दिवसीय बीजापुर जिले के प्रवास के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नीति आयोग से प्राप्त राशि के द्वारा जिले के सभी घरों में कम से कम 10 पुस्तकें जिला प्रशासन द्वारा प्रदाय किया जा रहा है। यह पुस्तकें लोगों के मांग पर उनके मनपसंद साहित्यकारों की पुस्तके दी जाएगी। लोगों के मांग के अनुरूप पुस्तक की भाषा, विषय, साहित्यिक, दर्शन, सामान्य ज्ञान सहित सभी प्रकार की प्रत्येक इच्छानुसार पुस्तकें दी जाएगी। मंत्री श्री कश्यप ने इस अभिनव पहल सराहना करते हुए कहा कि लोगों को अपने घर में ही लाइब्रेरी का अनुभव हो सकेगा। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को पुस्तक का भी वितरण किया।कलेक्टर श्री अनुराग पाण्डेय के निर्देशन में जिले में शिक्षा के स्तर में व्यापक बदलाव लाने एवं अंदरूनी क्षेत्रों में पहली बार स्कूल खुलने की खुशी स्कूली बच्चों के उमंग और उत्साह का डाक्यूमेंट्री विडियो का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा के स्तर में सुधार लाने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देर्शों पर अमल करते हुए मुतवेंडी कांवड़गांव, डुमरीपालनार जैसे सुदूर एवं संवेदनशील गावों में पुनः स्कूल खोला गया जिसमें हजारों बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। शिक्षा के साथ-साथ नियद नेल्लानार योजना के तहत बिजली, पानी, राशन जैसे बुनियादि सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस दौरान इन 25 स्कूलों के स्थानीय स्तर पर नियुक्त शिक्षादूतों का सम्मान किया गया। वहीं जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर ने प्रभारी मंत्री को एक भारत श्रेष्ठ भारत नामक पुस्तक एवं सांसद श्री महेश कश्यप को वीर सावरकर के जीवन पर आधारित पुस्तकें भेंट की।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष श्री कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य श्री बसंत राव ताटी, श्रीमती नीना रावतिया उद्दे, श्रीमती बी पुष्पाराव, वरिष्ठ नागरिक जी वेंकट, श्रीनिवास मुदलियार, पुलिस अधीक्षक डा. जितेन्द्र यादव सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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-माउंट एवरेस्ट के 26200 फिट पर फहरा चुकी है तिरंगा
-मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं--सुश्री निशु माउंट एवरेस्ट सहित अब तक 22 पर्वत चोटियां कर चुकी है फतहरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बिलासपुर जिले की पर्वतारोही सुश्री निशु सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। देश- विदेश की कई प्रमुख पर्वत चोटियां फतह कर चुकी सुश्री निशु ने 21 मई 2024 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के 26,200 फिट पर तिरंगा फहराया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा की आपकी इस शानदार उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है। इससे उभरते पर्वतारोहियों को भी एक प्रेरणा मिलेगी।सुश्री निशु ने बताया कि माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान उन्हें कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बार बार खराब होते मौसम, बर्फबारी, कम होते ऑक्सीजन लेवल और ठंडी हवाओं ने उनकी कठिन परीक्षा ली, लेकिन उनके बुलंद हौसलों को डगमगा नहीं पाई। आखिरकार उन्होंने अपने सपने को सच कर दिखाया और दृढ़ साहस और इच्छाशक्ति के बदौलत माउंट एवरेस्ट के 26,200 फिट पर तिरंगा फहरा दिया।पर्वतारोही सुश्री निशु सिंह को पर्वत चोटियां फतह करने का एक जुनून सा है। उन्होंने माउंट एवरेस्ट सहित तंजानिया के 19,500 फिट ऊंची माउंट किलिमंजारो शिखर, हिमाचल प्रदेश की 18,480 फिट ऊंची स्पीति वैली और मनाली की 20,000 फिट ऊंची माउंट यूनाम चोटी , लद्दाख के 20,800 फिट ऊंची कांग यास्ते 1 और 20500 फीट ऊंची चोटी कांग यास्ते 2 सहित अब तक देश- विदेश के 22 पर्वत चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दी। - रायपुर / राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 268.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 16 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 418.7 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 136.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 197.0 मिमी, बलरामपुर में 335.7 मिमी, जशपुर में 239.6 मिमी, कोरिया में 246.6 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 201.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 231.5 मिमी, बलौदाबाजार में 286.2 मिमी, गरियाबंद में 320.4 मिमी, महासमुंद में 216.9 मिमी, धमतरी में 271.0 मिमी, बिलासपुर में 325.4 मिमी, मुंगेली में 312.0 मिमी, रायगढ़ में 324.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 189.6 मिमी, जांजगीर-चांपा में 291.3 मिमी, सक्ती में 253.2 कोरबा में 382.5 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 340.2 मिमी, दुर्ग में 166.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 246.0 मिमी, राजनांदगांव में 217.9 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 238.2 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 182.1 मिमी, बालोद में 254.6 मिमी, बेमेतरा में 156.4 मिमी, बस्तर में 354.4 मिमी, कोण्डागांव में 256.4 मिमी, कांकेर में 263.3 मिमी, नारायणपुर में 296.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 298.0 मिमी और सुकमा जिले में 412.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों से दस्तावेज तैयार करने ली जा रही है सुझावरायपुर / छत्तीसगढ़ नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में आज स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया। संवाद कार्यक्रम की शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे वित्त मंत्री श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर किया गया।इस संवाद कार्यक्रम में ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजन‘ परिचर्चा में भाग ले रहे है और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त करेंगे। संवाद कार्यक्रम के समापन सत्र दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल होकर ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों‘‘ से संवाद करेंगे।वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी में कार्यक्रम में आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्ध जनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग है। देश और राज्य को ऊंचाई तक पहुंचाने में आपके विचार प्रभावी योगदान दे सकते हैं। मंत्री चौधरी ने निर्यात आधारित उद्योग, ग्रीन एनर्जी, सोलर एनर्जी, एथेनॉल बेस्ड टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की।संवाद कार्यक्रम को मुख्य सचिव एवं उपाध्यक्ष राज्य नीति आयोग श्री अमिताभ जैन सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव, सदस्य श्री के सुब्रमण्यम द्वारा भी संबोधित किया गया।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परिकल्पना को साकार करने में राज्य की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार दस्तावेज आगामी राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 को विजन डॉक्यूमेंट ‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047‘ जारी किया जाएगा। वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी विजन डॉक्यूमेंट जनता के समक्ष रखेंगे।राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047‘‘ संबंधित विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में सभी विभागों, सेक्टर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श प्रारंभ किया जा चुका है। इसके लिए आठ वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया है। लगातार बैठकें आयोजित कर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी विकसित छत्तीसगढ़ की उनकी परिकल्पना साझा करने के लिए आयोग द्वारा वेब-पोर्टल ‘‘मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़‘‘ लिंक http://sdgspc.cg.gov.in/viksitcg/#home भी तैयार किया गया है। इस अवसर पर योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, संयुक्त संचालक डॉक्टर नीतू गौरडिया विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में राज्य भर से आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।
- -कलेक्टर ने घायलों से मिलकर बेहतर इलाज के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिएसारंगढ़ / सारंगढ़ जिला मुख्यालय से बरमकेला के मध्य जंगल में स्थित 8 घाटनुमा मोड़ के पास एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें करीब 21 व्यक्ति सवार थे। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। 6 व्यक्ति को बरमकेला सरकारी हॉस्पिटल से रायगढ़ रिफर किया गया है। बाकी लोगो का इलाज बरमकेला सरकारी हॉस्पिटल में चल रहा है। कलेक्टर धर्मेश साहू ने घायलों से मिलकर बेहतर इलाज के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम सारंगढ़ अनिकेत साहू ने मृतक के परिवार को सड़क दुर्घटना में मुआवजा राशि 25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता दी है। गाड़ी में सवार सभी व्यक्ति सारंगढ़ के आसपास के निवासी हैं, जो बरमकेला के किसी निर्माण स्थल में मजदूरी का काम करते थे।
- -शारदा, प्रमिला, एवं अन्नपूर्णा बनेंगी अपने परिवार का सहारारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सरकार लोगों के हित में त्वरित कार्य कर रही है। समय सीमा के अंदर जरूरतमंद परिवार को अनुकंपा नियुक्ति मिल सकें, शासन इस पर लगातार प्रयास कर रही है। गरियाबंद जिले की श्रीमती शारदा पटेल, श्रीमती प्रमिला कुर्रे एवं सुश्री अन्नपूर्णा ध्रुव को अनुकम्पा नियुक्ति मिल गई है। कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल ने तीनों को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया। शासन की त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।ग्राम देवरी जिला जांजगीर चांपा की रहने वाली श्रीमती शारदा पटेल ने बताया कि उनके पति व्याख्याता के रूप में हायर सेकेण्डरी स्कूल अकलवारा में पदस्थ थे। उनके निधन के बाद भृत्य पद के रूप में अनुकंपा नियुक्ति शासकीय हाईस्कूल लोहझर में मिली है। उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के पालन पोषण एवं देखरेख में सहायता मिलेगी। साथ ही भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। इसी प्रकार मचेवा जिला महासमुंद की रहने वाली श्रीमती प्रमिला कुर्रे के पति शिक्षक (एलबी) के रूप में शासकीय मीडिल स्कूल गुड़ेमा में पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात उन्हें भृत्य के रूप में शासकीय हाईस्कूल सेमरा में अनुकंपा नियुक्ति मिली। उन्होंने बताया कि पति के जाने के बाद भविष्य चिंतित था। छत्तीसगढ़ शासन की पहल से अनुकंपा नियुक्ति मिलने से बच्चों के पढ़ाई -लिखाई एवं भविष्य सृजन में मदद होगी। मैनपुर अंतर्गत ग्राम गोना के निवासी सुश्री अन्नपूर्णा ध्रुव के पिता शासकीय मीडिल स्कूल गरहाडीह में शिक्षक (एलबी) के पद पर पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात राज्य शासन की संवदेनशीलता के कारण त्वरित रूप से अन्नपूर्णा को भृत्य पद में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल शोभा में अनुकंपा नियुक्ति दी गई है।
- -27 लाख की लागत से बड़े तुमनार में स्थापित किया गया ’’सोलर फार्म स्टेशन’’-उत्पादकता बढ़ने से कृषकों के जीवन स्तर में आएगा बदलावरायपुर / सौर ऊर्जा के उपयोग से कृषकों के उत्पादन क्षमता में वृद्धि के फलस्वरूप उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखा जा सकता है। सौर किरण ऊर्जा के गैर परंपरागत एवं नवीकरण योग्य स्रोतों का सर्वाधिक प्रमुख माध्यम है, जिसमें सोलर फोटोवोल्टाइक सेल की मदद से सौर किरणों को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इस ऊर्जा एवं आधुनिक कृषि तकनीक के मेल से कृषि उत्पादकता में वृद्धि कर जिले दंतेवाड़ा के कृषकों को लाभान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस क्रम में गीदम ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम बड़े तुमनार में लगभग 27 लाख रुपये लागत का सोलर फार्म स्टेशन स्थापित किया गया है। इस सोलर फार्म स्टेशन से कृषक पंपों का ऊर्जीकरण करके न केवल सिंचाई क्षमता को बढ़ाया जायेगा बल्कि इसके द्वारा विभिन्न प्रकार के आधुनिक कृषि मशीनरी जैसे ’’थ्रेसर और बीडर’’ आदि उपकरण भी संचालित होंगे, जिन्हें अब तक विद्युत ऊर्जा के माध्यम से चलाया जाता था।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिला में सौर ऊर्जा से संचालित धान कुटाई की लघु मिल भी स्थापित की गई है जो पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित होगी। इस संबंध में इस सोलर फार्म स्टेशन के ऑपरेटर ने बताया कि इस सौर उर्जीकृत लघु मिल से धान से निकलने वाले चावल की गुणवत्ता बेहतर होती है और चावल भी कम टूटते हैं। साथ ही खेती में काम आने वाले अन्य मशीन भी इसके माध्यम से आसानी से चलाये जा सकते हैं। जिससे किसानों को समय और श्रम की बचत होगी। इसके लिए कृषकों के एक समूह को सोलर पावर स्टेशन संचालित करने का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।उल्लेखनीय है कि ग्राम बड़े तुमनार के निकटस्थ बहने वाली तुमनार नदी के किनारे लगभग 10 किसानों की कृषि भूमि है जहां की खेती किसानी ही उनके आय का प्रमुख जरिया है और वे पुराने तौर तरीकों से खेती करते चले आ रहे हैं। वर्षा ऋतु में उन्हें आम तौर पर सिंचाई की आवश्यकता नहीं रहती परन्तु मानसून इतर मौसम में फसलों के लिए पानी की समस्या हमेशा उनके सामने खड़ी होती थी। इन किसानों का कहना था कि अब तक वे बारिश के भरोसे ही खेती करते और अधिकतर किसानों के पास विद्युत पंप की सुविधा न होने से दूसरी फसल लगाने में उन्हें दिक्कत होती थी। परन्तु अब सोलर पावर स्टेशन स्थापित होने से बारहमासी पानी की व्यवस्था हो सकेगी, जिससे किसान दोहरी-तिहरी फसल ले सकने में सक्षम होंगे।बड़े तुमनार ग्राम के सरपंच श्री गुड्डी राम कश्यप ने बताया कि सोलर पावर स्टेशन लगने से यहां के कृषकों में उत्साह का माहौल है। श्री कश्यप ने कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से चलने वाले सभी प्रकार की कृषि मशीनरी का प्रयोग भी स्थानीय कृषकों ने सीख लिया है और अब इसका लाभ वे खरीफ सीजन के पश्चात् रबी फसलों में लाभ लेने के लिए उत्सुक हैं। विशेष तौर पर ऐसे कृषक जो लम्बे समय से नदी किनारे तोरई, भिंडी, करेला, बैंगन इत्यादि मौसमी साग सब्जियां उगाया करते हैं। आगामी रबी सीजन में अब वे सौर ऊर्जा के माध्यम से साग सब्जी उत्पादन को एक नया परिदृश्य देंगे। दूर-दराज के विद्युत विहीन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा तकनीक एक वरदान है, ऐसे किसानों के लिए जो विद्युत चालित पंपों के अभाव के कारण चाह कर भी कृषि कार्य नहीं कर पाते उनके लिए सोलर पावर स्टेशन एक उम्मीद की किरण बन कर आया है और जिसके माध्यम से ग्राम बड़े तुमनार के कृषक परिवार अब उत्पादकता को बढ़ाकर अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को बदलने में समर्थ होंगे।
- -युवाओं ने कृषि को आधुनिक बनाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और रोजगार आधारित शिक्षा पर दिया जोर-राज्य नीति आयोग द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में युवाओं ने खुलकर रखे अपने विचाररायपुर /विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर बनाए जा रहे छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट पर युवाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने के लिए यहां की परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करना होगा। राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने, इसे आधुनिक बनाने के साथ-साथ राज्य के प्रगति में कंधे से कंधा मिलाकार योगदान देने वाली मातृ शक्ति को भी सशक्त बनाना होगा।राज्य नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के सिलसिले में स्थानीय विश्राम गृह में आयोजित संवाद कार्यक्रम में युवाओं ने खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। संवाद कार्यक्रम में लक्षित सेठिया ने कहा कि राज्य की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए कृषि और फूड प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कृषि से संबंधित स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। श्री अंकित जैन ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के नये सेक्टरों जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाईल आदि क्षेत्रों पर फोकस करने की जरूरत है। इसके साथ ही कुशल मानव संसाधन के लिए वर्तमान आवश्यकता के अनुरूप नये क्षेत्रों में भी कौशल विकास के कार्यक्रम संचालित किए जाए। श्री मयंक नायक ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, इसके दोहन के लिए पर्यटन क्षेत्रों का विकास सहित अन्य सुविधाओं को बढ़ावा देना चाहिए। कुमारी सिमरन ने कहा कि राज्य में रोड़ नेटवर्क बढ़ाए जाने की जरूरत है। प्रेरणा शर्मा, लोमेश कश्यप और ऋतुराज साहू ने कहा कि युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए पाठ्यक्रमों में बदलाव करने की जरूरत है। युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने स्कूलों और महाविद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त बनाना चाहिए। अंकिता पाण्डेय ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में खेल को एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करते हुए खेल की सुविधाएं विकसित करना भी जरूरी है।
- -महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहकारिता से जोड़ने की जरूरतरायपुर, / नीति आयोग द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर विचार रखते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं को सशक्त करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण पर विशेष रणनीति बनानी होगी। महिलाओं को सहकारिता के माध्यम से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों के लिए तैयार करना होगा।कार्यक्रम में महिलाओं ने इस बात पर जोर दिया कि लैंगिक भेदभाव, नशाखोरी, बाल विवाह सहित सभी सामाजिक बुराईयों के प्रति जनजागरण अभियान भी चलाने की आवश्यकता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने, उनके कौशल विकास, नये स्टार्टअप शुरू करने के लिए नये कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत है।कार्यक्रम में शताब्दी पाण्डेय ने कहा कि सहकारिता से जुड़कर ही महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं। इसके लिए राज्यस्तरीय, अंतर्राज्यीय और देशव्यापी संस्थाओं और बहुस्तरीय सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा देने की जरूरत है। श्रीमती शमशाद बेगम ने कहा कि सामाजिक बुराईयों को दूर करने के लिए ठोस पहल होनी चाहिए। लखपति दीदी और ड्रोन दीदी के रूप में पहचान रखने वाली श्रीमती लामी बैगा, पुष्पा वस्त्रकार और चित्ररेखा साहू ने कहा कि उद्यमिता से जुड़े महिलाओं के लिये मार्केटिंग,पैकेजिंग और विक्रय की व्यवस्था करना जरूरी है।
- रायपुर /राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निर्देश एवं कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत 11 दिनों में कुल 88 ग्राम पंचायतों शिविरों का आयोजन किया गया। शिविर में 6 हजार 269 आवेदन मिले जिसमें से 5747 आवेदनों का निराकरण तत्काल किया गया। साथ ही बचे हुए 522 आवेदनों को समय सीमा में दर्ज किया गया है।भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त शिविर में बी-1 पठन 241, फौती नामांतरण-153, बंटवारा-43, अभिलेख त्रुटि सुधार-72, किसान किताब-108, आरबीसी.6-4 के 2, आय,जाति, निवास-5603 एवं अन्य-288 आवेदन शामिल है।अनुविभाग अनुसार बलौदाबाजार में बी-1 पठन 40, फौती नामांतरण-51, बंटवारा-9, अभिलेख त्रुटि सुधार-20, किसान किताब-35, आय,जाति, निवास-2342 एवं अन्य-123आवेदन शामिल है। पलारी में बी-1 पठन 70, फौती नामांतरण-17, बंटवारा-9, अभिलेख त्रुटि सुधार-36, किसान किताब-12, आर बी सी 6-4 के 1 आय,जाति, निवास-575 एवं अन्य-27 आवेदन शामिल है। भाटापारा में बी-1 पठन 42, फौती नामांतरण-45, बंटवारा-4, अभिलेख त्रुटि सुधार-3, किसान किताब-12, आय,जाति, निवास-586 एवं अन्य-30 आवेदन शामिल है। सिमगा में बी-1 पठन 37, फौती नामांतरण-19, बंटवारा-5, अभिलेख त्रुटि सुधार-8, किसान किताब-12, आरबीसी 64 के 1 आय,जाति, निवास-679 एवं अन्य-57 आवेदन शामिल है। कसडोल में बी-1 पठन 21, फौती नामांतरण-10, बंटवारा-6, अभिलेख त्रुटि सुधार-1, किसान किताब-23, आय,जाति, निवास-569 एवं अन्य-27 आवेदन शामिल है। गिरौद में बी-1 पठन 31, फौती नामांतरण-11, बंटवारा-10, अभिलेख त्रुटि सुधार-4, किसान किताब-14, आय,जाति, निवास-852 एवं अन्य-24 आवेदन शामिल है। उक्त शिविर में राजस्व अधिकारी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित पटवारी, कोटवार, सरपंच सचिव की लगातार उपस्थिति रही।कलेक्टर दीपक सोनी ने आज इस सफल आयोजन के लिए अधिकारियों की पीठ थपथपाई उन्होंने कहा हमें यही नहीं रुकना है। हमने जो राजस्व शिविर के लिए जो मापदंड निर्धारित किए थे उसे पूरे राज्य के लिए अपनाया गया है यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही अब 18 जुलाई से जिले में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. हमे उस पर फोकस करनी है। गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश में राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत जिले के 88 ग्राम पंचायतों में 1 से 15 जुलाई तक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए सहायक ग्रेड 03 पद हेतु प्रथम स्तर के लिखित परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए सरगुजा, बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग और रायपुर में केन्द्र बनाया गया है।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वेबसाइट पर आवेदक द्वारा सहायक ग्रेड-3 के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किए गए थे। सभी आवेदित अभ्यर्थियों को प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के लिए छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट में जाकर पंजीयन कराना आवश्यक होगा तथा परीक्षा जिला का चयन करना अनिवार्य होगा। व्यापम के वेबसाईट पर परीक्षा के लिए पंजीयन व जिला चयन की प्रारंभिक तिथि 2 जुलाई तथा अंतिम तिथि 16 जुलाई निर्धारित की गई है।नियंत्रक व्यावसायिक परीक्षा मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापम पंजीयन नंबर व परीक्षा केन्द्र जिला के चयन के आधार पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों को 22 जुलाई को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट पर पंजीयन नहीं किया है। उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार लिखित परीक्षा से वंचित माना जायेगा व जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी के स्वयं की होगी तथा इस संबंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं होंगे। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में जमा किये गए ऑनलाइन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।
- -बैगा आदिवासियों की मौत का कारण डायरिया नहीं, विभिन्न कारणों से हुई मौत-कलेक्टर के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने की मामले की जांच-जंगली मशरूम (फुटू), घर पर ही जड़ी-बूटी से उपचार और प्रसव पश्चात लापरवाही के कारण हुई मौत- स्वास्थ्य कर्मियों एवं मितानिनों द्वारा डोर-टू-डोर फीवर सर्वे और स्वच्छता के लिए लोगों को किया जा रहा जागरूक-हैंड पंप में पावर पंप लगाकर पानी टंकी के माध्यम से ग्रामीणों को दिया जा रहा है पेयजलरायपुर, /ग्राम सोनवाही में बैगा आदिवासियों की मृत्यु के संबंध में जांच के लिए कवर्धा कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम बनायी थी। इस टीम के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में बैगा आदिवासियों की मौत डायरिया से नहीं बल्कि अन्य कारणों से होना पाया गया। जांच टीम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे। जांच टीम ने संयुक्त रूप से ग्राम का भ्रमण कर तथा ग्रामवासियों और मृतकों के परिजनों से चर्चा कर जो तथ्य पाए हैं उसके अनुसार महिला बैगा आदिवासी फुलबाई के पति ने ये जानकारी दी है उन्होंने जंगली मशरूम खाया था जिसके बाद उसकी पत्नी और बेटे दोनों की तबीयत खराब हो गयी थी और फिर पत्नी की मौत हो गयी। एक अन्य मामले में मृतक सुरेश धुर्वे को पेट दर्द की शिकायत थी, मितानिन द्वारा उसके घर जाकर सरकारी अस्पताल ले जाकर ईलाज कराने के सलाह देने के बावजूद चिकित्सा लाभ न लेकर स्वयं घरेलू उपचार करने के कारण उसकी मौत हो गयी। अन्य प्रकरण में ललेश्वरी नाम की बैगा आदिवासी महिला सामान्य प्रसव होने के बाद अपने मायके लालघाट मध्यप्रदेश चली गई थी। और वहीं उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गयी। सोनसिंह नामक मृतक की तबीयत खराब थी जिसकी मौत की असली वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।जांच के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नए बोर में पम्प स्थापित कर पाइप लाइन को जोड़कर घरों में पानी सप्लाई करने की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही ग्राम सोनवाही में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य कर्मियों एवं मितानिनों द्वारा डोर टू डोर रैपिड फीवर सर्वे कराकर सभी संभावितों की जांच व उपचार किया जा रहा है तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति वर्तमान में ग्राम सोनवाही की स्थिति सामान्य है।
- -जिले में दूसरे केंद्र की -शुरुआत-विभिन्न योजना के तहत 176 श्रमिक परिवारों को चेक का करेंगे वितरणरायपुर, /शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत कोरबा में बुधवारी बाजार के समीप नवीन अन्न केंद्र का श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन बुधवार 17 जुलाई को शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही श्रम विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजना के तहत 176 श्रमिक परिवारों को चेक का वितरण भी करेगें। श्रमिक हितैषी विष्णु देव सरकार द्वारा लगातार श्रमिक परिवारों को नित नई सौगात दी जा रही है। श्रम मंत्री श्री देवांगन द्वारा श्रमिकों के लिए कोरबा स्थित बालको एल्यूमिना गेट के समीप पहले केन्द्र की शुरुवात की गई थी। शहर के बुधवारी बाजार के समीप दूसरे अन्न केंद्र का शुभारंभ बुधवार को मंत्री श्री लखन लाल देवांगन द्वारा दोपहर एक बजे किया जाएगा।इन योजनाओं के तहत हितग्राहियों को चेक का वितरणश्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब श्रमिक परिवारों को मिलने लगा है। असंगठित कर्मकार श्रमिक प्रसूति सहायता योजना के तहत 129 हितग्राहियों को 20-20 हजार की राशि, ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार व हमाल श्रमिक प्रसूति सहायता योजना के तहत 27 हितग्राही को 20-20 हज़ार की राशि व असंगठित कर्मकार मृत्यु व दिव्यांग सहायता योजना के तहत 16 हितग्राही को 1-1 लाख रूपए की राशि का चेक वितरित करेगें।
- -22 जुलाई तक बलौदाबाजार में सजेगा बाजार, दी जा रही है विशेष छूटरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ग्रामोद्योग विभाग हाथकरघा बलौदाबाजार-भाटापारा के सौजन्य से जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में भव्य प्रदर्शनी सह-विक्रय का आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष चितावर जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।मंत्री श्री वर्मा ने आयोजन के लिए विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बीच-बीच में करते रहना चाहिए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने जिले के सभी लोगों से इस मेले का लाभ लेने और अधिक से अधिक उत्पादों का क्रय कर हाथकरघा को बढ़ावा देने की अपील की, ताकि लोग अधिक से अधिक सक्षम व आत्मनिर्भर हो सके और गाँधी जी के सपने को पूरा कर सके। उक्त मेले में छतीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कोसा, कॉटन हथकरघा वस्त्रों का विशाल प्रदर्शनी होगा। यह प्रदर्शनी बलौदाबाजार शहर के मध्य स्थित पं.बाल्मीकि शुक्ल विप्र वाटिका गॉर्डन चौक में लगाई गई है। यह प्रदर्शनी आज से 22 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुला रहेगा। इस प्रदर्शनी के विशेष आर्कषक के रूप में महामहिम राष्ट्रपति जी के द्वारा सम्मानित छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों द्वारा हाथों से निर्मित वस्त्रों का प्रर्दशन कर विक्रय किया जायेगा। इसके लिए 15 स्टॉलों को सजाया जा रहा है। इस मेले में उत्कृष्ट कलात्मक कोसा साड़िया, कोसा मलमल,कोसाड्रेस मटेरियल, कोसा सलवार सूट,कोसा बाफ्ता,सूती साड़िया शर्टिंग, बेड शीट, पिलो कवर, टॉवेल नेपकिन गमछा इत्यादि एक ही जगह मिल जायेगा। जिला हथकरघा के सहायक संचालक श्री बी आर शेन्द्रे ने बताया कि वस्त्रों आदि सभी उत्पादों की खरीदी में लोगों को 20 प्रतिशत का विशेष छूट दिया जायेगा।
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रायपुर / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन व्यापम की वेबसाईट पर आमंत्रित किए गए थे, जिसके लिए लिखित भर्ती परीक्षा के लिए संभावित तिथियां घोषित कर दी गई है। जिसमें सहायक ग्रेड-3 (एचएजी23) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के लिए 28 जुलाई 2024 को सुबह, प्रयोगशाला सहायक (एफडीएलटी24) राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 25 अगस्त 2024 सुबह एवं प्रयोगशाला तकनीशियन (एफडीएलटी24) राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 25 अगस्त 2024 संध्या को आयोजित की जाएगी।
इसी तरह छात्रावास अधीक्षक (टीएचएस24) श्रेणी ‘द‘ आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास की परीक्षा 15 सितंबर 2024 सुबह, प्रयोगशाला तकनीशियन (एचईएलटी24) उच्च शिक्षा संचालनालय 29 सितंबर 2024 सुबह, मत्स्य निरीक्षक (एफएफआई24) संचालनालय मछली पालन विभाग 29 सितंबर 2024 संध्या, सहायक सांख्यिकी अधिकारी (केएएसएल23) संचालनालय कृषि की परीक्षा 20 अक्टूबर 2024 सुबह एवं प्रयोगशाला सहायक (केएएसएल23) संचालनालय कृषि की परीक्षा 20 अक्टूबर 2024 संध्या को आयोजित की जाएगी। - -अवैध परिवहन पर सात साल की सजा और 50 हजार रुपये का लगेगा जुर्माना-गृह विभाग में प्रभावी कार्रवाई के लिए जारी किए आदेश-छत्तीसगढ़ में अब गौ तस्करी संभव नहीं-विजय शर्मारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर गृह विभाग द्वारा गौवंश व दुधारु पशुओं के अनाधिकृत परिवहन (तस्करी), वध व मांस की बिक्री आदि घटनाओं की रोकथाम तथा संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि साय सरकार गौवंश के अवैध परिवहन पर सख्ती से निपट रही है। हमने सजा और जुर्माने का प्रावधान करके यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी इस कानून का उल्लंघन न कर सके। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में अब गौ तस्करी संभव नहीं और इसके लिए हमने प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने कहा कि अवैध परिवहन पर सात साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह सिद्ध करना कि तस्करी नहीं हो रही है, अभियुक्त पर होगा। अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाया गया है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम अधिकारी के अनुमति के बिना गौवंश का परिवहन नहीं किया जा सकेगा। परिवहन के दौरान वाहन में फ्लेक्स आदि लगाना होगा। तस्करी करने पर वाहन राजसात किया जाएगा और वाहन मालिक पर भी कार्यवाही होगी। इससे अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर कुर्क किया जाएगा।श्री शर्मा ने कहा कि राजपत्रित अधिकारी को उक्त घटनाओं की रोकथाम और पर्यवेक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। पुलिस के अधिकारी शिथिल या संलिप्त होने पर उन पर कठोर कार्यवाही होगी। आसूचना एकत्रित करना, जिले के सभी प्रकारों का अध्ययन करना और सभी आरोपियों की पुनः समीक्षा व सतत निगरानी आवश्यक होगी।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नियम विरुद्ध परिवहन होना पाया जाता है तो जहां से परिवहन शुरू हुआ और जहां वाहन जब्त किया गया है, उस बीच के समस्त पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारियों के सर्विस बुक में नकारात्मक टीप अंकित की जाएगी और पांच से अधिक बार नकारात्मक टीप अंकित होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जाएगी। यदि किसी पुलिस अधिकारी-कर्मचारी की गौवंश के वध तथा गौवंश व दुधारू पशुओं की तस्करी (अवैध परिवहन) की कार्यवाही में किसी प्रकार की शिथिलता व संलिप्तता पायी जाती है, तो उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक और विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
- -हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल की द्वितीय मुख्य परीक्षा के सफल संचालन हेतु आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल की द्वितीय मुख्य परीक्षा 23 जुलाई 2024 से 12 अगस्त 2024 तक आयोजित होगी। परीक्षा के सफल संचालन हेतु राज्य स्तर पर आनलाईन प्रशिक्षण उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया । माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी पिल्ले एवं सचिव श्रीमती पुष्पा साहू के मार्गदर्शन में 15 एवं 16 जुलाई को उक्त प्रशिक्षण संपन्न हुआ, जिसमें राज्य के सभी 227 परीक्षा केन्द्रों से केन्द्राध्यक्ष शामिल हुए।उन्मुखीकरण में मुख्य रूप से परीक्षा पूर्व तैयारी, परीक्षा के दिन की कार्यवाही परीक्षा समाप्ति पश्चात की कार्यवाही किस प्रकार से किया जाना है इसकी विस्तार से जानकारी दी गई। परीक्षा केन्द्र में विभिन्न मुख्य व्यवस्था बिजली, पेयजल तथा प्रसाधन की उचित व्यवस्था, मुख्य द्वार पर बैठक व्यवस्था की जानकारी का नोटिस बोर्ड, प्रतिदिन छात्र संख्या अनुसार पुलिस व्यवस्था, सूचना पटल पर आवश्यक सूचना, समय-सारणी लगाना, उत्तर पुस्तिका के बंडल तैयार करने हेतु आवश्यक सामग्री की समुचित मात्रा, स्थायी केन्द्र निरीक्षण पंजी का संधारण, 40 प्रतिशत या उससे अधिक निःशक्तता वाले परीक्षार्थियों को लेखक की नियमानुसार पात्र परीक्षार्थियों हेतु बैठक व्यवस्था, छात्र संख्या एवं कक्ष क्षमता अनुसार परीक्षा कक्ष का चयन, प्रकाशयुक्त एवं हवादार कक्ष, आवश्यक एवं पर्याप्त फर्नीचर का प्रबंध परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका में लालस्याही या पेसिंल का उपयोग न किए जाने हेतु सूचित करना, परीक्षार्थियों के परीक्षा कक्ष से बाहर जाने का निर्धारित प्रपत्र में रिकार्ड संधारित करना , अकारण बार-बार परीक्षार्थियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं दिया जाना, उपस्थिति पत्रक पर छात्र एवं पर्यवेक्षक का प्रतिदिन हस्ताक्षर अनिवार्यतः लिया जाना , एक ही कक्ष में विभिन्न विषयों की परीक्षा के प्रश्नपत्रों का सावधानीपूर्वक वितरण कमरे में पूर्ण शांति एवं अनुशासन बनाये रखना, अनुचित साधनो के प्रयोग को सजगता से रोकथाम किये जाने के लिए आश्यक निर्देष दिये गये। सभी उत्तर पुस्तिकाओ में “द्वितीय मुख्य परीक्षा 2024” की सील अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया गया। उन्मुखीकरण का प्रस्तुतीकरण सहायक प्राध्यापक श्रीमती प्रीति शुक्ला के द्वारा किया गया।
- -पालक भी हुए जागरूक, आश्रम में कराया दाखिल-पहले बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते थे बच्चे-दाखिला के साथ नई किताबें, ड्रेस,बेड पाकर खुश हुएरायपुर / विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा श्री गुरवार सिंह, बिरसराम, करम सिंह कोरबा जिले के वनांचल के सारबाहर,छातीबहार के रहने वाले हैं। आज इन्हें मलाल है कि उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई नहीं की। किसी ने पांचवीं तक तो किसी ने आठवी से पहले ही स्कूल और पढ़ाई से नाता तोड़ लिया था। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले इन पहाड़ी कोरवाओं का कहना है कि काश उन्होंने उस वक्त पढ़ लिया होता। बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ी होती तो आज उन्हें जंगल में बकरी चराना नहीं पड़ता। वे भी किसी स्कूल और अस्पताल में नौकरी कर रहे होते और उन्हें गरीबी से नहीं जूझना पड़ता। हालांकि उनका कहना है कि घर परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उन्हें कोई बताने वाला भी नहीं था, इसलिए वे स्कूल नहीं जा सके। अब जबकि पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी मिलने लगी हैं तो उन्हें भी लगने लगा है कि पढ़ाई का बहुत महत्व है और इस महत्व को समझते हुए इन्होंने अपने बच्चों को छठवीं से आगे की पढ़ाई कराने ग्राम लेमरू के आश्रम में दाखिला कराया। आश्रम में इन पहाड़ी कोरवा बच्चों को निःशुल्क किताबे, गणवेश के साथ सोने के लिए बिस्तर आदि दिया गया।कोरबा ब्लॉक के अंतर्गत सारबहार के पहाड़ी कोरवा गुरवार सिंह ने अपने बेटे अमित कुमार, बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत और और छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू को कक्षा छठवीं की पढ़ाई कराने के लिए लेमरू के अनुसूचित जनजाति आश्रम में दाखिला कराया। गुरवार सिंह ने बताया कि उन्हें मालूम हुआ कि कोरबा जिले में पहाड़ी कोरवाओं के लड़के-लड़कियों को स्कूल और अस्पताल में नौकरी दी जा रही है। उनका बेटा पांचवी पास है। इसलिए नौकरी नहीं मिली है। अब आगे की पढ़ाई कराना है इसलिए लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि हम पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों का घर में रहकर पढ़ाई कर पाना मुश्किल हो जाता है। जंगल के आसपास रहने से बच्चे जंगल की ओर चले जाते हैं। आश्रम में एक जगह रहकर पढ़ाई करना आसान हो जाएगा। भोजन भी समय पर मिलेगा। छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू का दाखिला कराया। उन्होंने बताया कि उनका जीवन गाँव में जंगल में भटकते हुए कटता है। घर में 7 सदस्य है। उनकी एक बेटी को देवपहरी के आश्रम में और अपने बेटे सोनू को लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। आश्रम में व्यवस्था देखकर खुशी है कि बेटा-बेटी यहाँ आगे कि पढ़ाई बिना इधर-उधर भटके कर लेगा। यहाँ समय पर सोना-जागना, नहाना, खाना होगा तो निश्चित ही पढ़ाई में मन लगेगा और ज्यादा कक्षा पढ़कर नौकरी पा सकेगा। बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत को कक्षा 6 वी में भर्ती कराने के बाद कहा कि पहले हम अपने बच्चों को अपने पास ही घर में रखते थे। जब कही जाते थे,बच्चे भी साथ चले जाते थे। इससे स्कूल भी छूट जाता था। अब हमें पढ़ाई का महत्व मालूम हुआ है। इसलिए आश्रम में अपने बेटे को भर्ती कराया है। वह अच्छे से पढ़ाई करके नौकरी पायेगा तो वह अपने परिवार को अच्छा रख सकेगा। इधर आश्रम में दाखिले और स्कूल में भर्ती के साथ ही पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों को यहाँ नई ड्रेस, किताबें और अपने सोने के लिए लाइट-पंखे लगे हुए कमरे और अलग से बिस्तर पाकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। उनका कहना है कि हम यहाँ अच्छे से रहकर पढ़ाई करेंगे और नौकरी मिलेगी तो वह भी करेंगे। आश्रम के अधीक्षक और हेड मास्टर श्री रामनारायण भगत ने बताया कि आश्रम में अनुशासन के साथ बच्चों को समय पर पढ़ना, भोजन, खेलकूद कराया जाता है। यहाँ उन्हें दो टाइम भोजन, रविवार को विशेष भोजन, तेल, साबुन भी दी जाती है। आश्रम में पहले से ही पहाड़ी कोरवा 3 बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुवात के दिनों में पहाड़ी कोरवा बच्चों को रहने में कुछ अटपटा से लगता है, क्योंकि ये अपने परिवार के साथ जंगल में एक अलग तरह से रहते रहे हैं। यहाँ समय पर रहना, खाना होने से इनकी दिनचर्या बदलेगी और इन्हें भी अन्य बच्चों के साथ घुलमिलकर अच्छा लगेगा। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा बच्चों का आश्रम में आकर दाखिला लेना खुशी की बात है वरना ये अन्य समाज से भी दूर-दूर रहने की कोशिश करते हैं।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में कोरबा जिले में निवासरत् विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 108 बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी गई है। जिला प्रशासन की पहल पर जिला खनिज न्यास मद से मानदेय के आधार पर 79 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के युवाओं को भृत्य तथा 29 युवाओं को अतिथि शिक्षक के रूप में तथा अस्पताल में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर रोजगार प्रदान किया गया है। अपने समाज के युवाओं को नौकरी मिलने के पश्चात शिक्षा में रुचि नहीं लेने वाले कोरवा भी जागरूक हुए हैं और वे अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने आश्रमों में दाखिला कराने लगे हैं, जो कि एक अच्छा संदेश भी है।
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- अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047
- युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों से दस्तावेज तैयार करने ली जा रही है सुझावरायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में आज स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ को देश में कृषि एवं प्रसंस्कृत सुपरफूड का पावर हाऊस बनाने आज कृषकों ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी फसलों, कृषि के क्षेत्र में बुनियादी ढ़ाचे में सुधार सहित अनेक मुद्दों पर अपना सुझाव दिए। बैठक में कृषि से संबंधित लक्ष्य, चुनौतियां एवं सामर्थ्य विषय पर विस्तार से मंथन किया गया।इस संवाद कार्यक्रम में ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों ने परिचर्चा में भाग लिया और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त किया।वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी में कार्यक्रम में आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग हैं। देश और राज्य को ऊंचाई तक पहुंचाने में आपके विचार प्रभावी योगदान दे सकते हैं।’’अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047’’ डॉक्यूमेंट तैयार करने का सिलसिला जारी है। कृषकों ने संवाद कार्यक्रम में वानिकी उत्पादों के साथ मजबूत ब्रांड का निर्माण करने, खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों का कार्यान्वयन, कौशल उन्नयन और बुनियादी ढांचे में निवेश, फसलों का पैदावार बढ़ाने, मूल्य वर्धित उत्पादों के उत्पादन के लिए बागवानी पर ध्यान केंद्रित करनेे पर भी विचार-विमर्श हुआ।कृषकों द्वारा कृषि सेवा केेन्द्र को बढ़ाने, कृषिजोत आकार को बढ़ाने खेतों के चकबंदी योजना बनाने, फसल चक्र को बढ़ावा देने किसानों के लिए पर्याप्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराने, मृदा जांच तथा छत्तीसगढ़ को जड़ी बूटी और वनोपज के केंद्र के रूप में विकसित करने, वनोपज व्यापार केंद्र बनाने, भंडारण प्रसंस्करण और परिवहन के लिए बुनियादी ढांचा बनाने, किसानों को सक्षम बनाने राज्य सरकार द्वारा की जा रही पहल, लघु वनोपजों की मजबूती, जल और सिंचाई की पर्याप्त उपलब्धता पशुपालन व गोपालन प्रबंधन, प्रति एकड़ कृषि आय में वृद्धि करने, सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान दर में वृद्धि सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए गए।कृषि भूमि के बेहतर उपयोग एवं अन्तर्वर्तीय फसल को बढ़ाने की क्षमता, प्रति कृषि परिवार की औसत मासिक आय में बढ़ोतरी, किसानों के लिए बेहतर ऋण की सुविधा, उन्नत तकनीकी की आवश्यकता, उत्पादकता एवं क्षमता बढ़ाने के लिए सटीक खेती जैसे विषयों को डाक्यूमेंट में शामिल करने की बात की गई।राज्य के विभिन्न जिलों से आए कृषकों ने सुझाव देते हुए कहा कि किसानों के लिए समन्वित योजना बनाए जाने की आवश्यकता है। कृषि में परिवहन बहुत बड़ा मुद्दा है, सस्ते परिवहन पर विचार करना चाहिए। किसानों को उत्पादित फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा किसानोें के हित के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी किसानों को समय पर मिलना चाहिए।कृषकों ने कृषि अनुसंधान एवं विकास में निवेश करने, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर देने, जैविक खेती, खाद्य वितरण प्रणाली और कोल्ड स्टोरेज को मजबूत करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अपना सुझाव दिए।कृषकों ने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक फसल में अधिकतम मूल्य वर्धन करना, कृषि से संबंधित गतिविधियों में आय में वृद्धि, देश और विदेशों में नए बाजार खोलने, निर्यात केंद्र, प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं, नर्सरी, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता अभियान चलाने की आवश्यकता, वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने, वन धन शक्ति के तहत क्षमता निर्माण और सरकारी समितियां के माध्यम से जनजातीय समाज को सशक्त बनाने, सरकारी बाजार, पीपीओ और सरकारी समितियां को बढ़ावा देने जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों का समावेश डॉक्यूमेंट में होना चाहिए।इस संवाद कार्यक्रम में श्रीमती अंकिता वर्मा, श्री मोतीराम सिन्हा, श्री कुलदीप पटेल, श्री रजनीश गुप्ता, सुश्री अपूर्वा त्रिपाठी, श्री मोहन पटेल, श्री राजेश गुप्ता, श्री राम शर्मा, श्रीमती बिंदेश्वरी शर्मा, श्री पुष्कर चंद्राकर, श्री पंकज शर्मा सहित राज्य से आए अनेक प्रगतिशील कृषकों एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सुझाव दिया गया। - रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल 16 जुलाई को रायपुर ग्रामीण व रायपुर उत्तर में मतदाता आभार सम्मेलन में शामिल होंगे। श्री अग्रवाल दोपहर 3 :00 बजे पाटीदार भवन भनपुरी में रायपुर ग्रामीण विधानसभा द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय मतदाता आभार समारोह में भाग लेंगे । वहीं श्री अग्रवाल अपरान्ह 5 :00 बजे एकात्म परिसर रजबंधा मैदान रायपुर में भारतीय जनता पार्टी रायपुर उत्तर विधानसभा द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय मतदाता आभार सम्मेलन में भाग लेंगे। कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं ।
- -राज्य स्तरीय समारोह प्रातः 09 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में होगा-कलेक्टोरेट परिसर में प्रातः 08 बजे होगा ध्वजारोहणरायपुर / प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के संबंध में अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय समारोह पुलिस परेड ग्राउण्ड रायपुर में प्रातः 9 बजे से आयोजित होगा एवं समस्त कार्यालयों में प्रातः 07ः30 बजे तथा कलेक्टोरेट में प्रातः 08 बजे ध्वजारोहण होगा। कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय पुरस्कार का वितरण किया जाएगा।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभित्र व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। जिसमें पुलिस, सशस्त्र बल और एनसीसी, छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के दौरान यातायात पार्किंग ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था पुलिस विभाग द्वारा की जाएगी। बारिश को देखते हुए समारोह स्थल पर वाटर प्रूफ पंडाल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि पुलिस परेड ग्राउंड में साफ़-सफ़ाई, पेय जल तथा महिला पुरुष के लिए पृथक शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई इत्यादि की सम्पूर्ण व्यवस्था नगर निगम रायपुर द्वारा की जाएगी।समारोह में परेड के लिए उपस्थित एन. सी. सी., एन. एस. एस., स्काउट गाईड छात्रों के लिए मिष्ठान एवं अतिथियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था खनिज विभाग द्वारा किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया जाए एवं स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला जाए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि जिले के ऐसे परिवार जिनके सदस्य नक्सली/ आतंकवादी हिंसा या अन्य किसी कारण से देश सेवा में शहीद हुए हों उनको कार्यक्रम में ससम्मान आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी/ कर्मचारी को सम्मानित किया जाएगा स्वतंत्रता दिवस समारोह की फाइनल रिहर्सल 13 अगस्त को प्रातः 08ः30 बजे किया जाएगा।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह को सफल बनाने के लिए प्रारंभिक तैयारी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए। बैठक में नगर पालिक निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप शामिल हुए।
- -कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के दिए निर्देश-31 जुलाई तक किया जा सकता है फसल बीमारायपुर। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्राॅस सभाकक्ष में जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक लेकर अधिक से अधिक कृषकों को बीमा आवरण में शामिल करने के लिए निर्देशित किया, जिससे कि प्राकृतिक आपदाओं से फसल प्रभावित होने पर उन्हें क्षतिपूर्ति मिल सकें।जिले में संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2024 मौसम के लिए जिले के लिए धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन (ग्राम स्तर पर) फसलों को अधिसूचित फसलों में शामिल किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। इसके लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 निर्धारित की गई है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाली नुकसान से राहत दिलाई जाती है। योजना में ऋणी और अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो, शामिल हो सकते हैं। ऐसे किसान जो अधिसूचित ग्राम में अधिसूचित फसल के लिए बीमा कराना चाहते हैं वे नियत तिथि के पूर्व अपना फसल बीमा करा सकते हैं। इसके लिए किसान अपना आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका, बी-1 पॉचशाला खसरा, बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं बोनी प्रमाण पत्र के साथ पंजीयन कराना होगा। किसान बैंक अथवा चॉईस सेंटरों के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। खरीफ फसलों में धान सिंचित के लिए राशि 60000 रूपए प्रति हे. धान असिंचित के लिए राशि रू. 45000 प्रति हेक्टेयर, मक्का के लिए 42000 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं सोयाबीन के लिए 40000 प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित है एवं किसान द्वारा देय प्रीमियम दर (बीमित राशि का) 2रूपए है। स्थानीय आपदा एवं फसल कटाई के बाद होने वाले नूकसान की स्थिति में 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 18002660700 में सूचना दे सकते है।
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-कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक
-शासकीय जमीन पर कब्जा व अतिक्रमण होने पर तत्काल करें कार्रवाई-आवारा मवेशियों को पकड़कर गौठान व कांजीहाऊस में भेंजेरायपुर । नगर निगम सभी जोन में किसी भी स्थिति में कचरे का जमाव न होने दें। यह पाया जा रहा है कि कूड़े का देरी से उठाव होने से जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है, इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना रहेगा। निगम का अमला रिस्पॉंस टाईम में कचरे का उठाव करें। यह निर्देश कलेक्टर डॉ गौरव ंिसंह ने समय-सीमा की बैठक में सभी जोन कमिश्नरों को दी। उन्होंने कहा कि कंडम गाड़ियों के कारण सड़कों में, गलियों में यातायात बाधित हो रहा है। नगर निगम और पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर इन्हें हटाएं और कड़ी कार्रवाई करें।कलेक्टर ने कहा डीकेएस, मेकाहारा तथा सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल-कॉलेजों के बाहर अवैध रूप से ठेलें-खोमचंे का कब्जा हुआ है। जिससे इन स्थानों आवाजाही में बाधा और अन्य शिकायतें आ रही है। सड़कों के किनारे कबाड़ और कंडम गाड़ियों सहित यातायात बाधित हो रहें है। पुलिस विभाग, नगर निगम ऐसे मामलों पर समय-समय पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सभी अनुविभागीय अधिकारी अपने क्षेत्रों में सरकारी जमीन में कब्जा और अतिक्रमण जैसी सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम सड़कों में वीडियो वैन चलाकर दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण के रिकॉर्डिंग फोटोकॉपी करें और दुकानदार को वीडियो, फोटो सहित नोटिस भेजकर चालानी कार्रवाई करें।कलेक्टर ने कहा कि धनेली, मंदिर हसौद, व्हीआईपी रोड सहित अन्य स्थानों पर विचरण कर रहें आवारा मवेशी धर-पकड़ करें और संबंधित गौठानों, कांजीहाउस में भेजें। इस संबंध में एनएचए पुलिस और नगर निगम संयुक्त रूप से अभियान चलायें। ध्वनि प्रदूषण के मामलों पर पुलिस विभाग कड़ी कार्रवाई करें और प्रतिवेदन प्रदान करें। पीएचई जल-जीवन मिशन के अपूर्णं कार्य को करते हुए हितग्राहियों के घर तक पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करें। एनआरडीए द्वारा तूता धरना स्थल में आवश्यक इंतजाम किया जाए।21 जुलाई को होने वाली सेट की परीक्षा पर चाक-चौबंद तैयारी करें21 जुलाई को सेट की परीक्षा व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा होने वाली है। इसमें जिले में 33 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होने वाले है। 95 परीक्षा केन्द्र बनाये गये है। कलेक्टर ने कहा कि यह एक बड़ी परीक्षा है। इसे गंभीरतापूर्वक और संवेदनशीलता के साथ आयोजन कराएं। जिन परिवहन सह पर्यवेक्षक को इस परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण करके आ जाएं और सभी कमियां पूरी करें। चूंकि जिले के दूरस्थ स्थानों में परीक्षा केन्द्र बनाये गये। अपने शासकीय वाहनों के साथ सुबह 6 बजे से पहले अनिवार्य रूप से ट्रेजरी पहुंच कर परीक्षा सामग्री प्राप्त कर लें। नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप सहित एडीएम, एसडीएम और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।





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