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आदर्श आचरण संहिता एवं चुनाव संबंधी नियम-कायदों से अवगत कराया गया
बिलासपुर/कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव झा ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद आज यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम, आदर्श आचरण संहिता सहित चुनाव संबंधी अन्य नियम-कायदों से अवगत कराकर स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सद्भावपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में पूर्व की तरह सहयोग करने का आग्रह किया। सभी दलों ने आचरण संहिता का पालन करते हुए चुनाव मैदान में उतरने एवं जिला प्रशासन को सहयोग करने का भरोसा दिलाया। बैठक में निगम आयुक्त श्री कुणाल दुदावत, एडीएम आरए कुरूवंशी, एडीएम शिव कुमार बनर्जी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री महेश शर्मा उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री झा ने बताया कि बिलासपुर जिले की छहांे विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे चरण में 17 नवम्बर को मतदान होगा। इसके लिए 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक नाम निर्देशन पत्र लिए जाएंगे। जिला कार्यालय के विभिन्न कक्षों में रिटर्निंग अफसरों द्वारा नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। इस दफा आयोग द्वारा एडीएम एवे एसडीएम को रिटर्निंग अफसर बनाये गये हैं। कोटा एवं बिल्हा विधानसभा क्षेत्रों के कुछ बूथ अन्य जिलों की सीमा में आते हैं, लेेकिन नामांकन की प्रक्रिया बिलासपुर से ही संपन्न होगी। नामांकन दाखिला के समय अभ्यर्थी सहित कुल 5 लोग ही रिटर्निंग अफसर के कक्ष में जाने की अनुमति होगी।
कलेक्टर ने बताया कि सभी उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों को आदर्श आचरण संहिता का पालन करते हुए चुनाव लड़ना होगा। प्रचार-प्रसार का कार्य सद्भावना पूर्ण होने चाहिए। धार्मिक स्थलों पर प्रचार-प्रचार की अनुमति नहीं होगी। मतदाताओं को शराब अथवा अन्य किसी तरह का प्रलोभन करते हुए पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। शासकीय सम्पति पर बैनर, झण्डा लगाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। निजी सम्पति का चुनाव कार्य में उपयोग मालिक की लिखित सहमति उपरांत ही किया जा सकेगा। सभा एवं जुलूस के लिए संबंधित इलाके के एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। चुनाव वाहनों की अनुमति जिला कार्यालय में संयुक्त कलेक्टर श्री वैभव क्षेत्रज्ञ को अधिकृत किया गया है। प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर सभास्थलों की अनुमति राजनीतिक दलों को दी जायेगी।
सरकारी तंत्र के अलावा आम नागरिक भी सीविजिल एप्प के जरिए आचरण संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। जिले में 352 मतदान केन्द्र संवेदनशील के रूप में चिन्हित किये गये हैं। यहां विशेष व्यवस्था की जायेगी। चुनाव के दिन अथवा इसके पूर्व उम्मीदवारों द्वारा मतदाताओं की सादे पर्ची दी जा सकती है। पर्ची में किसी प्रकार के चुनाव चिन्ह अथवा अन्य कोई पहचान नहीं होने चाहिए। आयोग द्वारा बीएलओं के जरिए एक सप्ताह पर्ची बांटन की व्यवस्था की गई है। मतदान केन्द्र के 200 मीटर की दूरी पर उम्मीदवार अपने टेबल कुर्सी लगा सकते हैं। इनमें झण्डा, बैनर अथवा अन्य कोई प्रचार सामग्री नहीं रहेगी।
चुनाव के दौरान मीडिया पर भी आयोग की कड़ी नजर रहेगी। सोशल मीडिया पर जारी किये गये विज्ञापनों को एमसीएमसी कमेटी से सर्टिफिकेशन कराना होगा। पेड न्यूज की भी जांच कमेटी द्वारा की जायेगी। नाम दाखिल करने के पूर्व अभ्यर्थी को किसी बैंक में जीरो बैलेंस खाता खुलवाना होगा। पूरे अभियान के दौरान इसी खाते के जरिए लेन-देन करना होगा। समय-समय पर अभ्यर्थी के खर्चे की जांच की जायेगी। बिल्हा एवं बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र को चुनाव आयोग द्वारा खर्च के दृष्टिकोण से संवेदनशील माना गया है। चुनाव प्रचार के लिए छपाये गये बैनर पोस्टर में प्रकाशक एवं मुद्रक का नाम एवं प्रतियों की संख्या जरूर दर्ज होने चाहिए। इसकी प्रतियां भी जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करानी होगी। वाहनों के अनुमति की उपरी कोई संख्या नहीं रहेगी। मतदान के 48 घण्टे पूर्व केवल 3 वाहनों की अनुमति अभ्यर्थी को दी जायेगी। उन्होंने अनुमति पत्र सामने के विन्ड स्क्रीन में चस्पा कर प्रदर्शित करना होगा। -
उद्योगपति श्री नवीन जिन्दल के संकल्प से प्रेरित होकर फिलहाल प्रतिवर्ष 50 लाख पौष्टिक आहार उपलब्ध करा रहा है फाउंडेशन
ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के अनेक जिलों में योजना के विस्तार की तैयारी
रायपुर। जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) के चेयरमैन श्री नवीन जिन्दल ने भूख-मुक्त भारत का जो संकल्प लिया है, उससे प्रेरित होकर जेएसपी फाउंडेशन ने एक व्यापक योजना बनाई है। पूरे देश में फिलहाल प्रतिवर्ष 50 लाख पौष्टिक आहार उपलब्ध करा रहे फाउंडेशन ने प्रतिवर्ष 1 करोड़ भोजन और राशन पहुंचाने की तैयारी की है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के अनेक जिलों में इस योजना के विस्तार की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
गौरतलब है कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र से सांसद रहते हुए श्री नवीन जिन्दल ने 2006 में भूख-मुक्त भारत के लिए लोकसभा में एक निजी विधेयक पेश किया था, जिसकी परिणति खाद्य सुरक्षा कानून के रूप में हुई थी। श्री जिन्दल के उन प्रयासों से प्रेरित जेएसपी फाउंडेशन निरंतर मिशन जीरो हंगर कार्यक्रम चला रहा है और कोविड-19 के प्रकोप के समय उसके इस अभियान की राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना भी हुई थी।
जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल के नेतृत्व में इस मिशन के तहत विशेष रूप से निर्धनों, सामाजिक रूप से वंचित समुदायों, कुपोषण से पीड़ित बच्चों, गर्भवती माताओं और एनीमिया ग्रस्त महिलाओं-किशोरियों और प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें पका-पकाया भोजन और सूखा राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
श्रीमती शालू जिन्दल ने पहले चरण में ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड से इस अभियान की शुरुआत कर धीरे-धीरे पूरे भारत में भूख और कुपोषण समाप्त करने के लिए मिशन जीरो हंगर लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। ओडिशा के अलावा इसे छत्तीसगढ़ के रायपुर, राजनंदगांव, दुर्ग और झारखंड के रामगढ़ एवं रांची जिले में लागू किया जाएगा।
जेएसपी फाउंडेशन यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सीएसआर कार्यक्रम में पात्रता संबंधी केंद्रीय कंपनी मामलों के मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समान विचारधारा वाले उन गैर-सरकारी व नागरिक संगठनों एवं प्रोफेशनल एजेंसियों के साथ तालमेल करेगा, जो पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचकर भूख और कुपोषण उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जेएसपी फाउंडेशन अपेक्षा करता है कि इस पवित्र मिशन में भागीदारी के इच्छुक संगठन क्षमतावान होंगे और उनके पास प्रशिक्षित कार्यबल होगा ही लेकिन इनसे भी बढ़कर उनकी भावना जरूरतमंदों के प्रति करुणा और उनके कल्याण की होगी। भूख और कुपोषण उन्मूलन की प्रतिबद्धता वाले ऐसे संगठन [email protected] या जेएसपी फाउंडेशन की वेबसाइट www.jspfoundation.co.in के माध्यम से जुड़ सकते हैं। वेबसाइट पर योजना का विवरण और आवेदन उपलब्ध है।
जेएसपी फाउंडेशन का मानना है कि मिशन जीरो हंगर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक और परस्पर सहयोग आवश्यक है। समाजसेवा के लिए दृढ़संकल्पित भागीदारों के साथ मिलकर फाउंडेशन का उद्देश्य देश भर में वंचित और कमजोर समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। -
बिलासपुर/भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा 9 अक्टूबर को विधानसभा आम निर्वाचन 2023 की घोषणा कर दी गई है। निर्वाचन की घोषणा तिथि के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहित प्रभावशील हो गई है। आदर्श आचार संहिता के प्रभावशील होने के फलस्वरूप आदर्श आचार संहिता का भलीभांति पालन कराने एवं निर्वाचन संबंधी विभिन्न कार्याें के संपादनार्थ, आवश्यक चर्चा हेतु 10 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में बैठक रखी गई है। इसके पूर्व मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक दोपहर 12 बजे होगी।
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कलेक्टर ने जारी किये आदेश
बिलासपुर/जिले में निर्वाचन की घोषणा तिथि के पश्चात आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है जो कि निर्वाचन समाप्त तिथि तक लागू रहेगी। कलेक्टर श्री संजीव कुमार द्वारा आदेश जारी करते हुए निर्वाचन जैसे लोक महत्व के कार्य को दृष्टिगत रखते हुए विधानसभा आम निर्वाचन 2023 की कार्यवाही सम्पन्न होते तक जिले के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय केंद्रीय कार्यालयों एवं भारत सरकार के उपक्रमों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान जिले में पदस्थ कोई भी अधिकारी, कर्मचारी बिना कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बिलासपुर अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी के अनुमति के बिना, किसी प्रकार के अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेंगे और न ही मुख्यालय परित्याग करेंगे। किसी भी अधिकारी, कर्मचारी द्वारा बिना अनुमति के अवकाश पर जाने अथवा बिना अनुमति के अवकाश पर जाने अथवा मुख्यालय छोड़ने की दशा में संबंधित कार्यालय प्रमुख या नियंत्रण अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। -
जिला दण्डाधिकारी संजीव कुमार झा ने जारी किये आदेश
बिलासपुर/भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा आम निर्वाचन 2023 के लिए कार्यक्रम जारी करने के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने जारी आदेश में बताया कि जिले में लोक परिशांति बनाए रखने एवं निर्वाचन प्रक्रिया एवं मतदान निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने अन्य उपायों के साथ साथ प्रतिबंधात्मक उपाय आवश्यक है। उन्होंने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा जारी किया हैः- बिलासपुर जिले के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का घातक अस्त्र-शस्त्र यथा बंदूक, रायफल, पिस्टल, रिवाल्वर, भाला, बल्लम, बरछा, लाठी एवं अन्य प्रकार के घातक हथियार तथा विस्फोटक सामाग्री को किसी भी सार्वजनिक स्थान आम सड़क, रास्ता, सार्वजनिक सभाएँ एवं अन्य स्थानों पर लेकर नहीं चलेगा। कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी सशस्त्र जुलूस नहीं निकालेगा और न ही आपत्तिजनक नारे लगायेगा और न ही आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करेगा।
यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें अपने कार्य के सम्पादन के लिये लाठी या शस्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें चुनाव, मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था तथा लंगडापन होने के कारण लाठी रखना आवश्यक है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति अथवा दल भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अंतर्गत दण्डनीय होगा। प्रकरण के तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए इस आदेश के संबंध में संबंधितों को सूचना पत्र जारी कर सुनवाई, सम्यक रूप से संभव नहीं है। अतः यह आदेश एकपक्षीय पारित किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक संपूर्ण बिलासपुर जिले में प्रभावशील रहेगा।
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रायपुर / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे द्वारा छत्तीसगढ़ विधान सभा निर्वाचन 2023 के कार्यक्रम की घोषणा किये जाने के साथ ही जुलूस आमसभा और धरना इत्यादि के लिए निर्देश जारी किया गया है। इसके अनुसार निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ होने से जिला के अंदर कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के न तो कोई सभा करेगा न ही कोई रैली या जुलूस निकाल सकेगा तथा न ही कोई धरना देगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले समूह/व्यक्ति के विरूद्ध धारा 188 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश आज से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
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रायपुर/ जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधान सभा निर्वाचन 2023 के कार्यक्रम की घोषणा किये जाने के साथ ही निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, इस दृष्टिकोंण से यह सुनिश्चित किया जावे कि जिले में किसी संपत्ति का विरूपण न हो। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के प्रावधानों को कठोरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करें।
इसके अनुसार छत्तीसगढ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 03 में निहित प्रावधानानुसार कोई भी व्यक्ति जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर के उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रूपये तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डानीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। इस संबंध में टीम गठित की जाएगी, जिसमें नगरीय निकाय, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारी-अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम नियंत्रण भ्रमण कर जांच कर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई करेगी। -
रायपुर /कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आदेश जारी कर कहा है कि विधानसभा आम निर्वाचन 2023 हेतु समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को आदेशित किया जाता है कि वे कलेक्टर या जिला निर्वाचन अधिकारी के पूर्वानुमति के न तो अवकाश पर रहेंगे और न ही मुख्यालय छोड़ेंगे। इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार जिला स्तर पर तथा जिले अंतर्गत समस्त शासकीय एवं राज्य शासन के विभागीय इकाईयों/उपक्रमों के अमले के अवकाशों की स्वीकृति हेतु जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवकाश स्वीकृत करने हेतु सक्षम अधिकारी होंगे।
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विधानसभा निर्वाचन की घोषणा के साथ ही आचार संहिता तत्काल प्रभावशील
रायपुर/ रायपुर जिले में विधानसभा निर्वाचन 2023 की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता तत्काल प्रभावशाील हो गई है। जिले की सात विधानसभा क्रमशः 47 धरसींवा, 48-रायपुर (ग्रामीण), 49-रायपुर (पश्चिम), 50-रायपुर (उत्तर), 51-रायपुर (दक्षिण), 52-आरंग और 53-अभनपुर के चुनाव हेतु 21 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जायेगी। नामांकन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर, नाम वापसी की अंतिम तिथि 02 नवंबर, मतदान की तिथि 17 नवंबर और मतगणना 03 दिसंबर को की जायेगी। विधानसभा चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया 05 दिसंबर तक पूर्ण होगी। इस संबंध में कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक निर्देश भी दिए।
आदर्श आचरण संहिता का पालन करें- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने सभी शासकीय सेवकों, राजनैतिक दलों को आदर्श आचरण संहिता का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी कर्मी निष्पक्ष रहें और निष्पक्ष भाव से चुनाव कार्य संपादित करें।
राजनैतिक दल तथा अभ्यर्थियों के लिए साधारण आचरण-
किसी दल या अभ्यर्थी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जो विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढ़ाये या घृणा की भावना उत्पन्न करे या तनाव पैदा करे। जब अन्य राजनैतिक दलों की आलोचना की जाय, तब वह उनकी नीतियों और कार्यक्रम, पुराने आचरण और कार्य तक ही सीमित होनी चाहिए, यह भी आवश्यक है कि व्यक्तिगत जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिए जिनका संबंध अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक क्रियाकलाप से न हो, अन्य दलों या उनके कार्यकर्ताओं के बारे में कोई ऐसी आलोचना नहीं की जानी चाहिए जो ऐसे आरोपों पर जिनकी सत्यता प्रमाणित न हुई हो या तोड़-मरोड़ कर कही गई बातों पर आधारित हो। मत प्राप्त करने के लिए जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिए। मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों या पूजा के अन्य स्थानों का चुनाव प्रचार के लिए मंच के रूप में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
सभी दलों और अभ्यर्थियों को ऐसे सभी कार्यों से ईमानदारी के साथ बचना चाहिए, जो निर्वाचन विधि के अधीन ’’भ्रष्ट आचरण’’ और अपराध हैं- जैसे कि मतदाताओं को रिश्वत देना, मतदाताओं को अभित्रस्त करना, मतदाताओं का प्रतिरूपण, मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर मत संयाचना (चुनाव प्रचार) करना, मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय को खत्म होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाएं करना और मतदाताओं को सवारी से मतदान केंद्रों तक ले जाना और वहां से वापस लाना। सभी राजनैतिक दलों या अभ्यर्थियों को इस बात का प्रयास करना चाहिए कि वे प्रत्येक व्यक्ति के शांतिपूर्ण और विघ्नरहित घरेलू जिन्दगी के अधिकार का आदर करें चाहे वे उसके राजनैतिक विचारों या कार्यों के कितने ही विरूद्ध क्यों न हों, व्यक्तियों के विचारों या कार्यों का विरोध करने के लिए उनके घरों के सामने प्रदर्शन आयोजित करने या धरना देने के तरीकों का सहारा किसी भी परिस्थिति में नहीं लेना चाहिए।
किसी भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी को झण्डा खड़ा करने, बैनर टांगने, सूचनाएं चिपकाने, नारे लिखने आदि के लिए किसी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते, दीवार आदि का उसकी सहमति के बिना उपयोग करने की अनुमति अपने अनुयायियों को नहीं देनी चाहिए। राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित सभाओं जुलूसों आदि में बाधाएं उत्पन्न न करें या उन्हें भंग न करें। एक राजनैतिक दल के कार्यकर्ताओं या शुभचिंतकों को दूसरे राजनैतिक दल द्वारा आयोजित सार्वजनिक सभाओं में मौखिक रूप से या लिखित रूप में प्रश्न पूछ कर या अपने दल के परचे वितरित करके गड़बड़ी पैदा नहीं करना चाहिए, किसी दल द्वारा जूलूस उन स्थानों से होकर नहीं ले जाने चाहिए जिन स्थानों पर दूसरे दल द्वारा सभाएं की जा रही हों, एक दल द्वारा निकाले गये पोस्टर दूसरे दल के कार्यकर्ता द्वारा हटाये नहीं जाने चाहिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री अबिनाश मिश्रा, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने सोमवार को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के जिला पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विधानसभा निर्वाचन-2023 अंतर्गत आदर्श आचरण संहिता एवं निर्वाचन की विभिन्न प्रक्रियाओं से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अरविंद एक्का, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बी.के. दुबे एवं विभिन्न राजनैतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित थे। विधानसभा निर्वाचन-2023 के अंतर्गत अधिसूचना जारी की तिथि 21 अक्टूबर 2023 शनिवार को, नामांकन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2023 सोमवार को, नामांकन की संवीक्षा की तिथि 31 अक्टूबर 2023 मंगलवार को, नामांकन वापस लेने की तिथि 02 नवम्बर 2023 गुरूवार को, मतदान की तिथि शुक्रवार 17 नवम्बर 2023 को, मतगणना की तिथि रविवार 03 दिसम्बर 2023 को निर्धारित की गई है। सामान्य सांख्यिकी जानकारी - कुल संसदीय निर्वाचन क्षेत्र - 01 (07 दुर्ग)
कुल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र -06 और 02 आंशिक (62 पाटन, 63 दुर्ग ग्रामीण, 64 दुर्ग शहर, 65 भिलाई नगर, 66 वैशाली नगर, 67 अहिवारा, 68 साजा (आंशिक) तथा 69 बेमेतरा (आंशिक)
वर्तमान में विधानसभा मतदान केन्द्रों की संख्या -
विधानसभा क्षेत्र 62 पाटन में 246, 63 दुर्ग ग्रामीण में 227, 64 दुर्ग शहर में 215, 65 भिलाई नगर में 167, 66 वैशाली नगर 242, 67 अहिवारा में 259, 68 साजा (आंशिक) में 101, 69 बेमेतरा (आंशिक) 22 मतदान केन्द्र है। इस तरह कुल मतदान केन्द्र 1479 है।
फोटोयुक्त निर्वाचन नामावलियों का द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2023 अर्हता तिथि 01 अक्टूबर 2023 की जानकारी के अनुसार प्रारंभिक प्रकाशन 02 अगस्त 2023 की स्थिति में पुरूष 694894 एवं महिला 697039 तथा तृतीय लिंग 53 है। जिनमें कुल मतदाता 1391986 है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन में 4 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 712067 एवं महिला 719228 तथा तृतीय लिंग 55 है। जिनमें कुल मतदाता 1431350 है।
प्रारंभिक प्रकाश दिनांक 02 अक्टूबर 2023 एवं अंतिम प्रकाशन दिनांक 04 अक्टूबर 2023 की स्थिति में मतदाताओं की जानकारी-
विधानसभा निर्वाचन-2023 के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 62 पाटन के प्रारंभिक प्रकाशन 02 अक्टूबर 2023 की स्थ्ािित में पुरूष 105743 एवं महिला 106837 तथा अन्य 1 मतदाता जिनमें कुल 212581 है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन में पुरूष 107574 एवं महिला 109086 तथा अन्य 1 जिनमें मतदाता कुल 216661 है। बढ़ोत्तरी मतदाता 4080 है।
विधानसभा क्षेत्र 63 दुर्ग ग्रामीण में प्रारंभिक प्रकाशन 02 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 107422 एवं महिला 107459 तथा अन्य 6 है। जिनमें कुल 214887 मतदाता है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन 04 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 109526 एवं महिला 110447 तथा अन्य 5 जिनमें कुल मतदाता 219978 है। बढ़ोत्तरी मतदाता 5091 है।
विधानसभा क्षेत्र 64 दुर्ग शहर में प्रारंभिक प्रकाशन 02 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 107933 एवं महिला 111321 तथा अन्य 21 है। जिनमें कुल 219275 मतदाता है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन 04 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 111426 एवं महिला 115797 तथा अन्य 21 जिनमें कुल मतदाता 227244 है। बढ़ोत्तरी मतदाता 7969 है।
विधानसभा क्षेत्र 65 भिलाई नगर में प्रारंभिक प्रकाशन 02 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 82661 एवं महिला 81169 तथा अन्य 1 है। जिनमें कुल 163831 मतदाता है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन 04 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 84500 एवं महिला 83842 तथा अन्य 3 जिनमें कुल मतदाता 168345 है। बढ़ोत्तरी मतदाता 4514 है।
विधानसभा क्षेत्र 66 वैशाली नगर में प्रारंभिक प्रकाशन 02 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 122246 एवं महिला 120924 तथा अन्य 7 है। जिनमें कुल 243177 मतदाता है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन 04 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 125410 एवं महिला 125050 तथा अन्य 11 जिनमें कुल मतदाता 250471 है। बढ़ोत्तरी मतदाता 7294 है।
विधानसभा क्षेत्र 67 अहिवारा में प्रारंभिक प्रकाशन 02 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 117785 एवं महिला 119271 तथा अन्य 14 है। जिनमें कुल 237070 मतदाता है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन 04 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 120942 एवं महिला 123301 तथा अन्य 12 जिनमें कुल मतदाता 244255 है। बढ़ोत्तरी मतदाता 7185 है।
विधानसभा क्षेत्र 68 साजा (आंशिक) में प्रारंभिक प्रकाशन 02 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 42266 एवं महिला 41369 तथा अन्य 3 है। जिनमें कुल 83638 मतदाता है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन 04 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 43510 एवं महिला 42653 तथा अन्य 2 जिनमें कुल मतदाता 86165 है। बढ़ोत्तरी मतदाता 2527 है।
विधानसभा क्षेत्र 69 बेमेतरा (आंशिक) में प्रारंभिक प्रकाशन 02 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 8838 एवं महिला 8689 है। जिनमें कुल 17527 मतदाता है। इसी प्रकार अंतिम प्रकाशन 04 अक्टूबर 2023 की स्थिति में पुरूष 9179 एवं महिला 9052 मतदाता है, जिनमें कुल मतदाता 18231 है। बढ़ोत्तरी मतदाता 704 है।
मतदाता सूची में पीडब्ल्यूडी चिन्हांकित मतदाताओं की संख्या प्रारंभिक प्रकाशन-6619 से बढ़कर अंतिम प्रकाशन में कुल 7752 है। 18-19 आयुवर्ग समूह में 40062 मतदाता पंजीकृत है। प्रारंभिक में 18-19 आयुवर्ग के कुल मतदाता 23914 थे, इस प्रकार इस आयुवर्ग में पुनरीक्षण अवधि के दौरान कुल 16148 मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वरिष्ठ नागरिक मतदाता (80$ आयु वर्ग) 14805 है। जिले में निर्वाचन नामावली के अंतिम प्रकाशन तिथि 04 अक्टूबर 2023 को सर्विस वोटर्स की कुल संख्या 1937 दर्ज है।
अंतिम प्रकाशन दिनांक 04 अक्टूबर 2023 की फोटोरहित मतदाता सूची इस कार्यालय के वेबसाईट के साथ-साथ सीईओछत्तीसगढ़डाटएनआईसीडाटइन में होस्ट कर दी गई है। आम जनता मतदान केन्द्रवार मतदाता सूची डाउनलोड कर इसका अवलोकन कर सकते हैं। जिले में संक्षिप्त पुनरीक्षण-2023 (प्रथम चरण), सतत अद्यतनीकरण एवं संक्षिप्त पुनरीक्षण-2023 (द्वितीय चरण) में अब तक कुल 187109 मतदाता फोटो पहचान पत्र (एपिक कार्ड) की प्रिंटिंग एवं वितरण का कार्य डाक विभाग के माध्यम से कराया जा चुका है। एम.टेक पुणे वंेडर को 62952 डेटा पिं्रट हेतु प्रेषित किया गया है, पिं्रट होने के उपरांत वितरण डाक विभाग द्वारा किया जाएगा। मतदाता सूची में आपका नाम एवं मोबाईल नंबर दर्ज होने पर आयोग द्वारा संचालित वोटर सर्विस पोर्टल (एचटीटीचीएसः//वोटर्सडाटइसीआईडाटजीओभीडाटइन) में जाकर आप ई-एपिक डाउन लोड कर सकते हैं। निर्वाचनक नामावली में फार्म-6 के माध्यम से नये नाम जोड़ने की कार्यवाही एवं फार्म-8 के माध्मय से शिफ्टिंग वाले आवेदन नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के 10 दिवस पूर्व तक प्राप्त किये जाएंगे तथा ऐसे सभी आवेदन की प्रोसेसिंग इन 10 दिवसों में ही जाकर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि को मतदाता सूची फ्रीज हो जाएगी। निर्वाचन की घोषणा होने के उपरांत प्राप्त फार्म-7 के माध्यम से नाम विलोपन एवं फार्म-8 के माध्यम से शिफ्टिंग केटेगरी के आवेदनों को छोड़कर अन्य श्रेणियांें के आवेदनों (संशोधन, पीडब्ल्यूडी मार्किंग एवं रिप्लेंसमेंट एपिक) की प्रोसेसिंग पूर्णतः बंद हो जाएगी एवं इनका निर्वाचन संपन्न होने के उपरांत अतिशीघ्र किया जाएगा। -
दुर्ग / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने जिले में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मीणा ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-1985 की धारा 4 का प्रयोग करते हुए जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्णतः निशिद्ध कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया हैे।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मीणा ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहते उक्त आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दल, उनके कार्यकर्ता तथा उनसे सहानुभूति रखने वाले व्यक्ति अपने दल के प्रचार-प्रसार के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग करते हैं। इन ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग ना केवल स्थायी रूप से होता है, वरन् विभिन्न वाहनों पर घूम-घूम कर भी किया जाता है। लाउड-स्पीकरों का ऊंची आवाज में प्रयोग करने से विद्यार्थी वर्ग, वृद्ध, दुर्बल और बीमार व्यक्ति को परेशानी होती है।
जारी आदेशानुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग चुनाव प्रचार करने के लिए वाहनों पर एवं चुनावी सभाओं में प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही सक्षम अधिकारी के अनुमति के आधार पर किया जा सकेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के एवं मध्यम आवाज पर ही लागू होगा। लोक परेशांति को देखते हुए लंबे चोंगे वाले लाउड-स्पीकरों का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। वाहनों एवं चुनावी सभाओं में एक से अधिक लाउड-स्पीकर समूहों में लगाए जाना भी प्रतिबंधित किया गया है। चुनावी सभाओं में चुनाव प्रचार के लिए वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने के लिए जिला मुख्यालय में कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ नगर पालिक निगम रिसाली के श्री आशीष देवांगन को सक्षम प्राधिकारी बनाया गया है। इस हेतु जिला कार्यालय दुर्ग के कक्ष क्रमांक 28 में निर्धारित समय-सीमा में आवेदन प्रस्तुत करेंगे। इनके लिंक अधिकारी संयुक्त कलेक्टर श्री दीपक निकुंज होंगे। उपयोग के पूर्व सक्षम प्राधिकारी से लिखित पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। साथ ही साथ मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन ना हो, यह भी प्राप्तकर्ता सुनिश्चित करेगा।
ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सक्षम अधिकारी की अनुमति से प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जा सकेगा, किन्तु शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सालय, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास, नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत, किसी अन्य स्थानीय निकाय कार्यालय, बैंक, पोस्ट आफिस, दूरभाष केन्द्र आदि से 200 मीटर के दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सामान्य स्थिति में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। -
दुर्ग/ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचन-2023 की घोषणा की जा चुकी है। इसी के साथ जिले में आदर्श आचरण संहिता भी प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने जिले की सभी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत व आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए है। जारी किए गए आदेश में कहा है कि चुनाव के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों के अभ्यर्थियों द्वारा शासकीय भूमि/भवन/अहाता/बिजली एवं टेलीफोन के खंबे आदि में पोस्टर/बैनर/होर्डिंग्स आदि लगाकर तथा दिवाल लेखन कर संपत्ति विरूपण अधिनियम का उल्लंघन किया जाता है तो ऐसे मामलों में आयोग द्वारा संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए है।
संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत प्रभावी कार्यवाही करने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मीणा ने जारी आदेश में कहा है कि कोई भी व्यक्ति जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि से आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खड़िया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो 1 हजार रूपए तक हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संपत्ति विरूपण के संदर्भ में राज्य में प्रचलित विधि के प्रावधनों के अनुसार कठोर कार्यवाही किया जाएगा। सम्पूर्ण चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों अथवा चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा शासकीय एवं अशासकीय भवनो ंकी दिवालों पर किसी प्रकार की नारे लिखकर विकृत किया जाता है, तो उनके विरूद्ध छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम-1994 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी। ग्राम व नगर में प्राप्त संख्या में टीम गठित की गई है। टीम में नगरीय निकाय, नगर पालिका निगम, नगर पंचायत, लोक निर्माण विभाग तथा राजस्व विभाग, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मिलित किया गया है। टीम सघन भ्रमण कर विरूपित संपत्ति को विरूपण करने वाले के व्यय पर पूर्ण स्वरूप में लाएगी। टीम द्वारा संपत्ति विरूपण करने वाले तत्वों के विरूद्ध अधिनियम के प्रावधानानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।
यदि किसी राजनैतिक दल या निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है तो, निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराने के बाद गठित टीम निजी संपत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा। संबंधित थाना प्रभारी प्रदत्त सूचना रिपोर्ट पर विधिवत् जांच कर सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत करेगा। इसी प्रकार किसी धार्मिक स्थल का उपयोग किसी भी रूप में चुनाव प्रसार के लिए नही किया जा सकेगा। संबंधित टीम शिकायत प्राप्त होने पर संपत्ति विरूपण के प्रकरणों को पृथक से पंजी में दर्ज करेगा एवं विरूपित संपत्ति की फोटोग्राफी एवं विडियोग्राफी कराएगा। -
दुर्ग/ भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली द्वारा विधानसभा निर्वाचन-2023 के लिए कार्यक्रम जारी किए जाने के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो चुकी है। निर्वाचन घोषणा होने की तिथि 9 अक्टूबर 2023 से निर्वाचन समाप्ति की तिथि के मध्य कोई भी राजनैतिक दल के व्यक्ति, मंत्रीगण, सार्वजनिक उपक्रमांे के पदाधिकारी आदि शासकीय अथवा अर्धशासकीय विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस आदि में चुनाव प्रचार-प्रसार अथवा राजनैतिक उद्देश्य से नहीं ठहर सकेंगे। न ही वहां पर राजनैतिक गतिविधियां कर सकेंगे। पात्रता अनुसार उपलब्ध होने पर उन्हें इन विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस आदि में कक्ष उपलब्ध कराया जा सकेगा, किन्तु भोजन इत्यादि की व्यवस्था नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त पात्रता अनुसार ठहरने वाले व्यक्ति से निर्धारित राशि जमा कराकर विधिवत् रसीद दी जाएगी।
टेलीफोन हेतु अलग से रजिस्टर रखा जाएगा। किए गए काल का निर्धारित राशि तत्काल प्राप्त की जाएगी। किसी प्रकार की राजनैतिक बैठक अथवा विचार, नाम, पता, ठहरने का प्रयोजन ली गई राशि इत्यादि का समस्त ब्यौरा अंकित किया जाएगा। जब कभी भी प्रेक्षक या निर्वाचन आयोग के पदाधिकारी उपरोक्त अभिलेखों की मांग करेंगे तो उन्हें अवलोकन हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। इन भवनों का आरक्षण जिला मुख्यालय में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी तथा अनुविभागीय मुख्यालय स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा किया जाएगा। कक्षों का आरक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। जिसमें निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं उनके कार्यालय के अधिकारी तथा निर्वाचन कार्य से संबंधित अन्य अधिकारी के आधार पर किया जाएगा। यह भी ध्यान रखा जाएगा कि निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारीगण, प्रेक्षक आदि के लिए सदैव कक्ष आरक्षित रखा जाएगा। इसके उपरान्त कक्ष उपलब्ध होने की स्थिति में अन्य व्यक्तियों को नियमानुसार आबंटित किया जाएगा। यह प्रतिबंध निर्वाचक प्रक्रिया समाप्ति तक प्रभावशील रहेगा। -
शस्त्र लायसेंस धारियों को अपने आग्नेय अस्त्र-शस्त्र समीपस्थ पुलिस थाने में 17 अक्टूबर तक जमा करने के निर्देश
बालोद। जिला दण्डाधिकारी एवं अनुज्ञापन प्राधिकारी श्री कुलदीप शर्मा ने आदेश जारी कर कहा है कि बालोद आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 के निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करने हेतु तथा लोक शांति की सुरक्षा हेतु (सिक्योरिटी आॅफ पब्लिक पीस) साथ ही आम व्यक्ति की सुरक्षा (फोर पब्लिक सेफ्टी) हेतु सीमित अवधि के लिये बालोद राजस्व जिला सीमा क्षेत्र में आग्नेय शस्त्र लायसेंसधारियों से जमा करवा लेना उचित समझता हूँ ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान भय एवं आतंक का वातावरण न हो सके तथा इन अस्त्र-शस्त्रों का दुरुपयोग होने से रोका जा सके। अतः आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 17 उपधारा (3) के उपक्लॉज (बी) एवं धारा 21 तथा शस्त्र नियम 2016 के नियमों के तहत बालोद राजस्व जिला सीमा क्षेत्र के भीतर रहने वाले समस्त लायसेंसधारियों को निर्देशित करता हूँ कि वे अपने-अपने आग्नेय अस्त्र-शस्त्र समीपस्थ पुलिस थाने में 17 अक्टूबर 2023 तक जमा करें। यह आदेश जिले में निवासरत तथा बाहर के जिले से आये लायसेंसधारी पर भी लागू होगा। सभी लायसेंसधारी विधानसभा निर्वाचन 2023 के परिणामों की घोषणा उपरांत अपने अस्त्र-शस्त्र वापस प्राप्त कर सकेंगे। इस आदेश से समस्त मान्यता प्राप्त बैंकों के सुरक्षा गार्ड, राष्ट्रीय रायफल संघ व जिला रायफल संघ तथा इस जिले के औद्योगिक संस्थानों पर सुरक्षा हेतु तैनात सुरक्षा गार्ड मुक्त रहेंगे, लेकिन ये लोग अपने अस्त्र-शस्त्र की सूचना संबंधित थाने में अवश्य देंगे तथा अपने अस्त्र-शस्त्र बिना थाना प्रभारी की अनुमति के अपने परिसर की सीमा क्षेत्र से बाहर नहीं ले जा सकेंगे।
आज 09 अक्टूबर 2023 से विधानसभा निर्वाचन 2023 हेतु आदर्श आचार संहिता प्रभावशील रहने तक के लिये सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र के भीतर रहने वाले शस्त्र लायसेंसधारियों के शस्त्र लायसेंस निलंबित किये जाते हैं। उन्होंने जारी आदेश में कहा है कि सभी संबंधित थाना प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इस तरह जमा किये जाने वाले शस्त्र का उचित रूप से पंजी बनाकर उसमें जमा किये जाने वाले शस्त्रों का इंद्राज करेंगे और शस्त्र जमा करने वालों को इस संबंध में पावती देंगें। जमा कराये गये शस्त्रों को समुचित रूप से अपने अभिरक्षा में सुरक्षित रखेंगे एवं निर्वाचन प्रक्रिया के समाप्ति पश्चात एक सप्ताह के अंदर संबंधित अनुज्ञप्तिधारियों को शस्त्र लौटाना सुनिश्चित करेंगे। -
बालोद। विधानसभा निर्वाचन 2023 हेतु आज 09 अक्टूबर 2023 को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा किये जाने से आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुलदीप शर्मा के आदेशानुसार संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत जिले के नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायत क्षेत्रों में संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत शासकीय एवं सार्वजनिक स्थानों में लगाए गए पोस्टर, बैनर, वाॅल पेंटिग आदि प्रचार की युक्तियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
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बालोद । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कुलदीप शर्मा ने आदेश जारी कर कहा है कि जिले में विधानसभा आम निर्वाचन 2023 हेतु आज 09 अक्टूबर 2023 से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा किये जाने से आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गयी है। सभी राजनैतिक दल उनके कार्यकर्ता तथा उनसे सहानुभूति रखने वाले व्यक्ति अपने दल के प्रचार-प्रसार के लिए लाउडस्पीकरों का प्रयोग करते हंै। इन लाउडस्पीकरों का न केवल स्थाई मंच से होता है बल्कि वाहनों यथा ट्रक, टेम्पों, कारें, टैक्सियों, वैन, तिपहिया, स्कूटर, साईकिल, रिक्शा आदि पर होते है। ये वाहन सड़को, गलियों, उप गलियों पर चलते है और गांवों, बस्तियों, मोहल्लों, कालोनियों में भी बहुत ऊंची आवाज पर लाउडस्पीकरों से प्रसारण करते हुए जाते हैं। इससे ध्वनि प्रदुषण होता है और आम जनता की शांति व प्रशांति में बहुत बाधा उत्पन्न होती है। लाउडस्पीकरों की ऊंची आवाज के प्रयोग से विद्यार्थी वर्ग विशेष रूप से अशांत हो जाते हंै एवं उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। चूंकि लाउडस्पीकर पर बहुत सुबह शोरगुल करना शुरू कर देते हैं और पूरा दिन इससे बुढ़े, दुर्बल और बीमार चाहे किसी भी संस्था, अस्पताल आदि में हो या घर में हो बहुत बेचैनी होती है। मैं इस बात से पूरी तरह भिज्ञ हूँ कि निर्वाचन अवधि में लाउडस्पीकरों के प्रयोग को पूर्ण रूप से रोका नहीं जा सकता क्योंकि लाउडस्पीकर निर्वाचन प्रचार के एवं जन समूह संप्रेषण के साधनों में से एक साधन है। लेकिन इसके साथ-साथ विषम समय एवं विषम स्थान पर लाउडस्पीकर के अविवेकपूर्ण तथा ऊंचे स्वरों पर अव्यवहारिक प्रयोग जिसमें प्रशांति पर कुप्रभाव पड़ता हो एवं सामान्यतः जन सामान्य एवं विशेषत रोगियों एवं विद्यार्थी समुदाय की बेचैनी का कारण हो जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। अतएव उपरोक्त वर्णित तथ्यों के प्रकाश में एवं समस्त तथ्यों पर विचार उपरांत जिला दण्डाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शर्मा ने छ.ग. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-4 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए रात्रि 10 से प्रातः 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रो का चलाया जाना अथवा लगाया जाना पूर्ण रूप से निषिद्ध किया है। ध्वनि विस्तारक यंत्रो का उपयोग चुनाव प्रसार करने के लिए वाहनों पर और चुनावी सभाओं में प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 10 तक ही किया जा सकेगा किन्तु ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के होंगे और मध्यम आवाज में ही चलाये जायेंगे। लोक शांति को देखते हुए लंबे चोंगे वाले माईक (हाॅर्न माइक) का उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। वाहनों पर और चुनावी सभाओं में एक से अधिक माईक समूह में नहीं लगाये जायेंगे। इन्हें भी प्रतिबंधित किया जाता है। चुनावी सभा में चुनाव प्रचार करने के लिए वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने के लिए अनुमति सम्पूर्ण बालोद जिला क्षेत्र हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अनुभाग क्षेत्र हेतु अनुविभागीय
दण्डाधिकारी से लिखित पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रातः 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा उप तहसील यथा-दल्ली राजहरा तथा पुलिस चैकी क्षेत्र में संबंधित थाना, चैकी प्रभारी की अनुमति लेकर सामान्यतः किया जा सकता है किन्तु शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सालयों व नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास, नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत एवं किसी भी स्थानीय निकाय कार्यालयों, बैंकों, पोस्ट ऑफिस, दूरभाष केन्द्र आदि कार्यालयों से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सामान्य स्थिति में भी पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। यह आदेश आज से चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक सम्पूर्ण बालोद राजस्व जिले में प्रभावशील रहेगा।
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दुर्ग /जिला चिकित्सालय दुर्ग में 8 अक्टूबर 2023 को कलेक्टर के निर्देशानुसार संपूर्ण अस्पताल परिसर की गहन साफ सफाई करायी गयी। सफाई कर्मचारियों द्वारा अस्पताल के बाहरी परिसर जैसे- पार्किंग एरिया, गार्डन, अस्पताल का फ्रंट एरिया, एमसीएच भवन के सामने का खुला क्षेत्र आदि की साफ सफाई की गयी साथ ही अस्पताल के विभीन्न विभागों में भी विशेष अभियान चलाकर पंखो की सफाई, दिवारो के जाले, फर्नीचर्स/उपकरण की सफाई की गयी। एमसीएच भवन के पीछे की नालीयो की भी सफाई की गयी । आज के इस अभियान मे कुल 35 सफाई कर्मचारियों में विशेष योगदान दिया एवं प्रतिदिन की साफ सफाई के अलावा, प्रतिमाह 1 दिन विशेष अभियान चलाकर संपूर्ण अस्पताल परिसर की गहन साफ सफाई सतत रुप से किये जाने का निर्णय लिया गया।
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*हाथी-मानव द्वंद रोकने चलाया गया जन-जागरूकता अभियान*
रायपुर/मरवाही वनमण्डल, पेण्ड्रारोड अंतर्गत प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वनस्पतियों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से 02 अक्टूबर 2023 से 08 अक्टूबर 2023 तक वनमण्डल के सभी परिक्षेत्रों में वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य रूप से मरवाही परिक्षेत्र अंतर्गत डी.ए.वी. स्कूल मरवाही, स्वामी आत्मानंद विद्यालय मरवाही एवं शासकीय हाई स्कूल दानीकुण्डी में ड्रॉइंग-पेंटिंग, स्लोगन, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चे बहुत ही उत्साह से भाग ले रहे हैं।*हाथी मानव द्वंद रोकने चलाया गया जन-जागरूकता अभियान -*मरवाही में हाथी से प्रभावित ग्रामों में हाथी मानव द्वंद रोकने जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। गजरथ के माध्यम से हाथी मानव द्वंद को कम करने हेतु हाथी के व्यवहार एवं हाथी के आने पर क्या करें और क्या न करें इस संबंध में लाउड स्पीकर के माध्यम से एवं पाम्पलेट के माध्यम से जन जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही गजराज द्वारा किये गये क्षतिपूर्ति राशि ग्रामीणों को चेक के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है।मानव हाथी द्वंद रोकने चलाए गए जन-जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि हाथी आने की सूचना निकटवर्ती वन कर्मचारी को तुरंत दी जानी चाहिए। सभी घरों में पर्याप्त रौशनी रखें, हाथियों का सामना होने पर उनसे दूरी बनाकर रखें। पहाड़ी स्थानों में सामना होने पर ढलान की ओर दौड़े। हाथी ढलान में तेज गति से नहीं उतर सकता है, परंतु चढ़ाई में दक्ष होते हैं। सुरक्षा संबंधी निर्देशों को अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार का शोरगुल या हल्ला न करें, सेल्फी और फोटो न लें, हाथियों को खदेड़ने उसके पास न जाए, हाथियों को गुलेल, तीर, मशाल और पत्थरों से बिल्कुल न मारें। घर में बनें शौचालय का उपयोग करें। देशी शराब व महुआ से शराब न बनाएं व भंडारण न करें। हाथियों के विचरण क्षेत्र में तेंदूपत्ता, फुटु, बांस के संग्रहण के लिए एवं मवेशी चराने के लिए न जाएं।*नुक्कड़ नाटक के के जरिए दिया वन्यप्राणी संरक्षण का संदेश*ग्रामों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वन्यप्राणी संरक्षण का संदेश प्रसारित किया जा रहा है एवं गौरला परिक्षेत्र अंतर्गत ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल पेण्ड्रारोड, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय आमाडोब एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पकरिया में भी में ड्रॉइंग-पेंटिंग स्लोगन, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई है । -
रायपुर / राज्य शासन द्वारा गोवर्धन पूजा पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार गोवर्धन पूजा के अवसर पर 13 नवंबर 2023 के पूर्व में नवा रायपुर अटल नगर एवं रायपुर शहर में स्थित शासकीय कार्यालय एवं संस्थाओं के लिए घोषित स्थानीय अवकाश को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के फलस्वरूप 15 नवंबर को भाईदूज पर्व के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर तथा रायपुर शहर में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। यह स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय और उप कोषालय के लिए लागू नहीं होगा। - रायपुर /छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयन प्रक्रिया के दौरान होने वाले साक्षात्कार में पात्र अभ्यर्थी को न बुलाए जाने के संबंध में सोशल मीडिया में एक समाचार प्रसारित हुआ है, जिसमें उल्लेख है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के एक अभ्यर्थी द्वारा पीएससी के सचिव और परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर यह शिकायत की गई है कि सीजीपीएससी-2022 की भर्ती के दौरान ओबीसी श्रेणी में लिखित परीक्षा में 710 से 715 नम्बर पाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। अभ्यर्थी श्री शिवम देवांगन का आरोप है कि उन्हें लिखित परीक्षा में 771.5 अंक प्राप्त हुए थे। इसके बावजूद भी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि प्रसारित समाचार भ्रामक तथा तथ्यहीन हैै। वस्तुस्थिति यह है कि राज्य सेवा परीक्षा 2022 में अभ्यर्थी श्री शिवम देवांगन द्वारा प्रथम प्रश्न पत्र के प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में पृष्ठ क्रमांक 20 पर प्रश्न क्रमांक 17 (ख) में श्री राधेश्याम तथा राजेश मोहन उल्लेख कर पहचान चिन्ह दर्शित करने के कारण आयोग द्वारा उन्हें अनर्ह घोषित करते हुए परीक्षा परिणाम प्रक्रिया से पृथक किया गया है। इस कारणवश राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 2022 के साक्षात्कार की सूची में अभ्यर्थी को शामिल नहीं किया गया।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन की कंडिका 11 का (पग) एवं प्रश्न सह उत्तरपुस्तिका में उल्लेखित निर्देश की कंडिका-04 के अनुसार- प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में निर्धारित स्थान के अतिरिक्त कहीं पर भी अपना नाम, अनुक्रमांक, कोई धार्मिक चिन्ह, कोई पहचान चिन्ह या उत्तर के अतिरिक्त अन्य कोई अक्षर, शब्द, वाक्य या कोई धार्मिक शब्द या वाक्य नहीं लिखा जाना चाहिए। उत्तर पुस्तिका में नीले व काले बॉल पॉइण्ट पेन के अतिरिक्त अन्य किसी भी रंग अथवा किसी प्रकार के पेन जैसे स्केच पेन, हाईलाइटर, ग्लिटर पेन इत्यादि का प्रयोग न करें। ऐसा करने पर जाँचकर्ता द्वारा संबंधित अभ्यर्थी को अनर्ह घोषित किए जाने की अनुशंसा की जा सकती है। उक्त संदर्भ में आयोग का निर्णय अंतिम होगा।उक्त निर्देशों का पालन अभ्यर्थी श्री शिवम कुमार देवांगन द्वारा नहीं किए जाने के कारण ही उन्हें अनर्ह घोषित किया गया है।
- कांकेर। कोतवाली कांकेर अंतर्गत अजुर्नी छोटेपारा में आरोपी ने प्रार्थियां के घर के आंगन में रखी स्कूटी व पल्सर बाईक को आग के हवाले कर दिया। परिजनों ने जलने की बदबू आने पर जलते हुए वाहन को बचाने का प्रयास किया, परंतु तब तक वाहन जलकर खाक हो गए थे। प्रार्थियां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के अंदर धरदबोचा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 457, 435 आईपीसी के तहत कार्यवाही की गई।कोतवाली में शिकायत करने पहुँची अर्जुनी छोटेपारा निवासी 29 वर्षीय अनिता उसेण्डी पति महेश उसेण्डी ने पुलिस को बताया कि7 अक्टूबर की रात्रि में मेरे घर आगन मे एक्टिवा वाहन क्रमांक बीएच 3274 और पल्सर वाहन मोटर सायकल क्रमांक सीजी 04 जे 4784 को रात्रि करीबन 01 बजे कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगा दिया गया। अवाज आने व जलने की बदबू आने से हम लोग उठ कर देखे कि दोनो वाहन जल रहा है। पानी डाल कर बुझाए, परंतु वाहन उस समय तक पूरी तरह जलकर खाक हो गए थे। लिखित में शिकायत मिलने के उपरांत कोतवाली पुलिस घटनास्थल पहुँची और घटना का अवलोकन करने के उपरांत परिजनों से बातचीत किया। बातचीत और पूछताछ करने पर पुलिस को कुछ सबूत मिले।पुलिस को जाँच में पता चला कि आरोपी भीरावाही मांझापारा 32 वर्षीय रिंकू कोमरा पिता सजीवन राम 7 अक्टूबर की रात को करीबन 1 बजे प्रार्थिया के घर दीवाल फांदकर आंगन में पहुँचा और आंगन मी रखी स्कूटी एक्टीवा क्रमांक सीजी 19बीएच 3274 तथा मोटर सायकल बजाज पल्सर क्रमांक सीजी 20 जे4794 को आग लगा दिया, जिससे मोटर सायकल तथा स्कूटी पूरी तरह जलकर खाक हो गई थी। पुलिस ने आरोपी को दबोचा और अपने कब्जे में लिया। आरोपी ने पुलिस को बतायाा कि दुर्भावनावश व रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि विगत कुछ दिनों से आयोग द्वारा की जा रही भर्ती प्रक्रियाओं पर कुछ सोशल मीडिया व प्रिंट मीडिया के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाएं (प्रश्न के आधे-अधूरे उत्तरों को स्क्रीनशॉट इमेज क्लिप तैयार कर) वायरल किए जा रहे हैं कि प्रश्न के अनुरूप उत्तर न होने पर भी अंक प्रदान किए गए हैं, यदि ऐसा किसी अभ्यर्थी के साथ घटित हुआ हो तो उक्त संबंध में आयोग कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अवर सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2022 में कुल 2661 अभ्यर्थी शामिल थे। अतः सोशल मीडिया में प्रसारित उत्तर पुस्तिकाओं के 1 या 2 पृष्ठ (प्रश्न के आधे-अधूरे उत्तरों के स्क्रीनशॉट इमेज क्लिप) के आधार पर उक्त उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी के है, यह आयोग स्तर पर पहचान किया जाना संभव नहीं है और न ही उक्त तथ्यों की जाँच किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। अतः मीडिया में प्रसारित उत्तर पुस्तिकाओं के पृष्ठ से संबंधित अभ्यर्थी अपने उत्तर पुस्तिकाओं की छायाप्रति के साथ आयोग कार्यालय में अभ्यावेदन प्रस्तुत करें, ताकि नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही किया जा सके।
- -प्रति एकड़ 75 हजार से डेढ़ लाख रूपए तक की आमदनीरायपुर /छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा महत्वपूर्ण औषधीय पौधे- सैलेशिया, नन्नारी, मिल्क थिसल, पुदीना, यलंग-यलंग, सिट्रोडोरा एवं गुड़मार आदि पौधे का छत्तीसगढ़ में कृषिकरण को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इन प्रजातियों के कृषिकरण से किसान प्रति एकड़ 75 हजार से डेढ़ लाख रूपए तक की आमदनी प्राप्त कर सकते है।इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य में औषधीय प्रजातियों का कृषिकरण किए जाने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के अतिरिक्त अन्य फसल के वाणिज्यिक कृषिकरण को बढ़ावा देकर स्थानीय कृषकों के आर्थिक लाभ को बढ़ाना एवं कृषिकरण के प्रति उनका मनोबल बढ़ाना है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में औषधि पादप बोर्ड द्वारा किसानों को दी जा रही सहुलियत के फलस्वरूप इनकी खेती के लिए भरपूर प्रोत्साहन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 108 एकड़ में प्रायोगिक तौर पर बच की खेती तथा 800 एकड़ से अधिक रकबा में लेमन ग्रास की खेती की जा रही है।राज्य औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु औषधीय प्रजातियों के लिए बहुत उपयुक्त है। बोर्ड का यह प्रयास है कि किसानों को उपरोक्त प्रजातियों के फायदे एवं कृषिकरण की जानकारी देकर इसके लिए प्रोत्साहित किया जाना। उक्त प्रजातियों के कृषिकरण का प्रयास बोर्ड द्वारा जा चुका है, जो सफल हुआ है। ये औषधीय पौधे कई बीमारियों में उपयोग किये जाने के कारण इनका बाजार मांग अधिक होने के साथ-साथ अत्यधिक मूल्य वाले प्रजातियॉ है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड श्री जे.ए.सी.एस. राव ने जानकारी दी कि इसका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना एवं पलायन करने वाले युवाओं को भी बेहतर भविष्य की तरफ ले जाना है। उक्त प्रजातियों के कृषिकरण हेतु निःशुल्क पौधे एवं मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य पंरपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा दिया जा रहा है एवं बोर्ड द्वारा मार्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है।सैलेशिया बहुवर्षीय काष्ठीय लता वाली झाड़ी है इसके जड़ औषधीय महत्व के होते है, जिनका उत्पादन किया जाता है। इसके जड़ का उपयोग मोटापा कम करने व मुख्य रूप से डायबिटिस रोग में किया जाता है। साथ ही इसके तने में भी औषधीय गुण सैलेषिलॉन मैंजीफेरीन पाये जाते है, जिसका बाजार मांग है। इसकी खेती बीज एवं तने के कटिंग से की जाती है। एक एकड़ में रोपण हेतु 3000 पौधे की आवश्यकता होती है। एक एकड़ से सालाना 2.00 लाख रूपये प्राप्त होता है। इसे प्रत्येक 4 वर्षो में संग्रहण किया जाता है।नन्नारी एक बहुवर्षीय काष्ठीय लता है, जिसके जड़ का उपयोग औषधीय में किया जाता है। इसके जड़ में बिटा-साइक्लोडेस्ट्रीन (वनीला फ्लेवर) पाया जाता है। यह एन्टीआक्सिडेंट से भरपूर होता है। जिसका उपयोग हर्बल हेल्थ ड्रिंक्स में किया जाता है। इसकी बाजार मांग अंतराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक है। इसके खेती से किसान एक एकड़ से 1.5 साल में 5 से 6 लाख रूपये की आय प्राप्त कर सकते है। जो कि अन्य फसल के ख ेती से प्राप्त नही की जा सकती है। इसकी खेती हेतु रेतीली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। पौधे से 18-30 माह में जड़ का संग्रहण किया जाता है। एक एकड़ से 2 टन सूखा जड़ प्राप्त होता है। इसका बाजार मूल्य 300 रू. है। एक एकड़ से किसान को 5 से 6 लाख रू. आय प्राप्त होती है।मिल्क थिसल बहुवर्षीय शाकीय पौधा है। यह एक प्रकार का खरपतवार जैसा है, जो आसानी से फैलता है। यह एक शोध पौधा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से लीवर रोग में किया जाता हैे। इस कारण इसका बाजार मांग अत्यधिक है। इसे किसी भी प्रकार के मिट्टी में लगाया जा सकता है। इसके बीज का छिड़काव कर खेती की जाती है। इसके बीज का छिड़काव अक्टूबर माह में किया जाता है। इसके बीज का संग्रहण जुलाई से अगस्त माह में किया जाता है। इस पौधे की यह विशेषता है कि इसे कम पानी एवं किसी भी प्रकार के मिट्टी में लगाया जा सकता है। यह एक रवी फसल है, जो धान के फसल लगाने के पश्चात इस फसल को लगाकर किसान एक एकड़ से लगभग 50 से 60 हजार का मुनाफा प्राप्त कर सकते है।पुदीना सामान्य शाकीय पौधा है, यह रवी फसल के रूप में अक्टूबर माह में लगाया जाता है, जो 4 से 5 माह में तैयार हो जाता है। इसे खरीफ फसल के बाद वाणिज्य फसल के रूप में छत्तीसगढ़ में 2 वर्षो से सफल कृषिकरण किया जा रहा है। एक एकड़ से लगभग 30 से 50 किलोग्राम तेल प्राप्त किया जाता है। किसान अपने खेत में लगाकर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते है। यह बहुत ही कम देखभाल वाला पौधा है। इसके तेल की बाजार मांग अच्छी है। पुदीना की खेती से किसान एक एकड़ से 30 से 50 हजार रूपए तक की आय प्राप्त कर सकते है।खुशबूदार पौधे में यलंग-यलंग, जिसे इत्रों की रानी कहते है। यह तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है। इसके पेटल से खुशबूदार तेलप्राप्त होता है। यह छत्तीसगढ़ के जलवायु में आसानी से उगाया जा सकता है। इसके तेल का उपयोग एंजाटि, उच्च रक्तचाप आदि में मुख्य रूप से किया जाता है। तीन वर्ष पश्चात् पौधे से फूल उगने लगते है। इसके तेल की कीमत काफी ज्यादा होती है। ऐसे में पौधे का कृषिकरण करने पर किसानों को कई गुणा लाभ इस फसल से होगा जो अन्य पारंपरिक खेती ज्यादा है।अन्य सुगंधित पौधे के रूप में सिट्रोडोरा, जो ऊंचा वृक्ष है। यह छत्तीसगढ़ के जलवायु में आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए अच्छी धूप, जल निकासी क्षेत्र व बंजर भूमि में भी लगाया जा सकता है। इसे 4 से 5 वर्ष में जमीन से 5 फीट छोड़ कर तने को काट देने के उपरांत आये पत्तियों का संग्रहण किया जाता है। इसकी पत्तियों से नींबू की सुगंध आती है। इसका तेल एंटीसेप्टिक व जीवाणुरोधी है। इसका उपयोग खांसी और गले में खराश व अन्य संक्रमण में राहत के लिए किया जाता है। इसके तेल का बाजार मूल्य 1200 प्रति लीटर है एवं किसान इसकी खेती कर एक एकड़ से एक लाख रूपए सालाना आय प्राप्त कर सकते हैं।
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-रोजाना सुबह 6.00 बजे से 7.30 बजे योग आसनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है
दुर्ग। छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा नि:शुल्क नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम के अंतर्गत दुर्ग के अनेक क्षेत्रों में नि:शुल्क योगाभ्यास केंद्र शुरू किए गए हैं। हाल ही में, महावीर खेल मैदान बोरसी, न्यू आदर्श नगर और वार्ड क्र. 46 में ओम्कारेश्वर मंदिर के पीछे जिम क्लब पद्मनाभपुर में नि:शुल्क योगाभ्यास केंद्र शुरू किया गया है। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने इन केंद्रों का शुभारंभ किया।
इन केंद्रों में लोगों को योग की शिक्षा देने के लिए स्थानीय योग प्रशिक्षकों की मदद ली जा रही है। वार्ड क्र. 46 में ओम्कारेश्वर मंदिर के पीछे जिम क्लब पद्मनाभपुर में हॉकी खिलाड़ी और योग प्रशिक्षक भूमिका उपाध्याय की देखरेख में योगाभ्यास कराया जा रहा है। भूमिका उपाध्याय ने बताया कि योग केंद्रों में रोजाना प्रात: 6.00 बजे से 7.30 बजे योग आसनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नि:शुल्क है। भूमिका ने बताया कि योग करने के कई फायदे हैं। योग हमारे शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी स्वस्थ बनाता है। योग हमारे शरीर की मांसपेशियों को अच्छा व्यायाम देने के साथ ही तनाव से राहत देता है और बेहतर नींद लाता है, भूख और पाचन को बढ़ाता है। यह दिमाग को हमेशा शांत रखता है। इन योगाभ्यास केद्रों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि वे किसतरह योग को अपनाकर स्वस्थ और निरोगी काया प्राप्त कर सकते हैं।वहीं वार्ड क्र. 51 महावीर खेल मैदान बोरसी दुर्ग में योगाभ्यास केंद्र की जिम्मेदारी योग प्रशिक्षक जानकी सिन्हा और न्यू आदर्श नगर दुर्ग में स्निग्धा शर्मा को दी गई है। -
बिलासपुर/राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत जिला पंचायत बिलासपुर के सभाकक्ष में सभी क्षेत्रीय बैंक के शाखा प्रबंधकों के लिए उन्नमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भारत सरकार द्वारा चिन्हित नेशनल रिसोर्स पर्सन श्री डीडी मिश्रा, श्री मोहन रेड्डी एवं राज्य मिशन कार्यालय नवा रायपुर से इज्क्यूटिव-एफआई श्री अशोक कुमार द्वारा शाखा प्रबंधकों, मिशन स्टॉफ एवं कैडर्स को भारत सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार एसएचजी कान्सेप्ट, एसएचजी कार्पस, बैंक क्रेडिट लिंकेज, इंटरप्राईज क्रेडिट, दोहरी प्रमाणीकरण, एनपीए, ब्याज अनुदान, ऑनलाईन लोन एप्लीकेशन, सामुदायिक बीमा एवं क्लेम संबंधी एवं अन्य विषयों की जानकारी दी गई। उनके द्वारा स्व-सहायता समूहों हेतु बैंक सरलीकरण पर विशेष जोर दिया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अजय अग्रवाल के द्वारा मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के वित्तीय समावेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छ0ग0 राज्य ग्रामीण बैंक की चार शाखाओं गनियारी, करगीरोड, खम्हरिया एवं चकरभाठा के शाखा प्रबंधकों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में शाखा प्रबंधक, लीड बैंक अधिकारी, श्री दिनेश उरांव, डीएमएम श्री रामेन्द्र सिंह गुर्जर, प्र. डीपीएम अजीत वर्मा, ब्लाक स्तरीय बीपीएम एवं केडर्स उपस्थित थे।



























