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- -महासमुंद के भलेसर गांव के 120 किसानों ने किया भ्रमणबिलासपुर /केन्द्र सरकार द्वारा तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पाम योजना संचालित है। जिले में ऑयल पाम की व्यावसायिक खेती की संभावनाओं को देखते हुए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस दिशा में ऑयल पाम किसानों को आर्थिक सहायता के साथ तकनीकी मार्गदर्शन को बढ़ावा देने के लिए जिले के 120 किसानों के द्वारा कृषक प्रशिक्षण सह भ्रमण कार्यक्रम के तहत् महासमुंद के ग्राम भलेसर में कृषक श्री मुकेश चंद्राकर जी के ऑयल पाम प्रक्षेत्र में उद्यानिकी विभाग एवं अनुबंधित कंपनी प्रीयूनिक एशिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा विकासखण्ड बिल्हा के 30, तखतपुर के 30, मस्तूरी के 30 एवं कोटा विकासखंड क्षेत्र के 30 किसानों को भ्रमण कराया गया।कृषकों के भ्रमण का मुख्य उद्देश्य उद्यानिकी विभाग में संचालित ऑयल पाम योजना की तकनीकी जानकारियों प्रदाय करना, ऑयल पान की खेती में आ रही चुनौतियों, सरकारी सहायता की आवश्यकता, विपणन सुविधाएँ, एवं बेहतर उपज प्राप्त करने हेतु एफएफबी से संबंधित जानकारियों को प्रदाय करना था। जिले के कृषकों को भ्रमण के दौरान विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवगत कराया गया कि ऑयल पाम एक दीर्घ आमदनी देने वाली फसल है। इसकी विशेषता यह है कि रोपण के तीसरे वर्ष से उत्पादन शुरु होकर लगातार 25-30 साल तक चलता है। प्रति हेक्टेयर औसतन 20 टन उपज मिलजी है, जिससे किसान को हर साल संभावित 2 से 3 लाख रुपये की आमदनी हो सकती है।महासमुंद जिले के भलेसर ग्राम के कृषक श्री मुकेश चंद्राकर जी के द्वारा वर्तमान में भलेसर ग्राम में 32 एकड़ में ऑयल पाम की खेती की जा रही है। इसमें रोपित पौधों की आयु लगभग 8 वर्ष की है। जिससे उन्हें ऑयल पॉम के उत्पाद फलों के गुच्छों आदि को बेचकर सलाना 62 लाख की आय प्राप्त हो जाती है। साथ ही साथ वर्तमान में उनके द्वारा बोरवेल, ड्रिप सिस्टम एवं अंतरवर्तीय फसलों के रूप में कोकोआ की व्यासायिक खेती भी किया जा रहा है।इस भ्रमण कार्यकम में उप संचालक उद्यान डॉ. कमलेश दीवान, विकासखण्ड बिल्हा से ग्रा.उ.वि.अधि श्री श्रवण कुमार साहू, प्रक्षेत्र सलाहकार श्री शिशिर साहू, वि.ख. मस्तूरी से ग्रा.उ.नि.अधि. श्री मनीष केरकेट्टा, वि.ख. तखतपुर से प्रक्षेत्र सलाहकार श्री मनीष साहू, कोटा ब्लॉक से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री अविनाश पैकरा एवं अनुबंधित कंपनी प्रीयूनिक एशिया प्राइवेट लिमिटेड से श्री कांता साहू एवं श्री शिव भास्कर आदि उपस्थित हुए।
- बिलासपुर / 15 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी प्रक्रिया जिले में सुचारु रुप से चल रही है। आज ग्राम लखराम के युवा किसान रवि कुमार ने लखराम सहकारी समिति में पहुंचकर धान बेचा। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों में सभी व्यवस्था को पारदर्शी बताया और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।बिल्हा ब्लॉक के ग्राम लखराम के युवा किसान रवि कुमार 2 एकड़ भूमि में खेती करते हैं उन्होंने अपनी मेहनत, समय पर खेती के आधुनिक तरीकों का उपयोग और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना लिया है। लखराम केंद्र में 21 क्विंटल धान बेचने पहुंचे रवि कुमार ने धान खरीदी केंद्र की व्यवस्था पर संतोष जताया और कहा कि उन्हें टोकन कटने से लेकर धान बेचने में किसी तरह की समस्या नहीं हुई। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र की पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण वे आसानी से अपना धान बेच सके। टोकन प्रणाली से लेकर तौल प्रक्रिया तक हर चरण सुचारू रहा। केंद्र में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, साफ-सुथरा परिसर, पीने के पानी और बैठने की अच्छी व्यवस्था ने उनके धान विक्रय अनुभव को आसान बना दिया।रवि बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक खरीदी केंद्रों में भीड़, अनिश्चितता और कभी-कभी बारदाना की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित नीतियों और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता ने तस्वीर बदल दी है। आज खरीदी केंद्रों में तकनीक आधारित टोकन व्यवस्था, तेज़ तौल प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में भरोसा बढ़ा है। रवि कहते हैं कि अब खरीदी केंद्र में आते समय चिंता नहीं होती। सब कुछ व्यवस्थित मिलता है और हमारी मेहनत की सही कीमत मिलती है।
- बिलासपुर / धान खरीदी अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक जिले में 52 हजार क्विंटल से ज्यादा धान की खरीदी हो चुकी है। एक ही दिन में शुक्रवार को 27,344 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। शनिवार और इसके बाद रविवार को अवकाश रहेगा। इन दो दिनों में खरीदी केंद्र बंद रहेंगे। अब सोमवार को खरीदी केंद्र खुलेंगे। सोमवार के लिए 70,185 क्विंटल धान का टोकन कटा है। इस दिन 140 में से 133 केन्द्रों में खरीदी होगी। हालांकि शेष 7 केंद्रों में भी धान खरीदी की पूरी प्रशासनिक तैयारी है।
- -प्रोजेक्ट अनुभव, नालंदा, तक्षशिला तथा सेन्ट्रल लाइब्रेरी के अभ्यर्थियों को मिली सफलतारायपुर / कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी सभा कक्ष में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चयनित हुए युवाओं से कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मुलाकात कर मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी व उज्जवल भविष्य की कामना की | मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आज इस कार्यक्रम में उपस्थित कुछ अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अनुभव के तहत आयोजित मॉक इंटरव्यू में भाग लिया था एवं कुछ ने नालंदा, तक्षशिला और सेन्ट्रल लाइब्रेरी में अध्ययन भी किया |कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि आज की शाम हम सबके लिए सुखद अनुभव लेकर आई है, जब हम छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित युवाओं से मुलाकात कर रहे हैं। ये सभी युवा आज छत्तीसगढ़ का गौरव हैं, जिनमें से कुछ ग्रामीण परिवेश से भी हैं। जल्द ही इनकी पदस्थापना होगी और प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देंगे।डॉ. सिंह ने कहा कि शासकीय सेवा में आने के बाद आपकी जिम्मेदारियाँ बढ़ जाती हैं। आप शासन द्वारा दिए गए दायित्वों का निर्वहन करेंगे ही, साथ ही यह अवश्य याद रखें कि जनसेवा सर्वोपरि है। जब आपके समक्ष कोई जरूरतमंद आए, तो उसकी बात संवेदनशीलता से सुनें और उसकी समस्या के निराकरण का प्रयास करें।उन्होंने आगे कहा कि परिणाम आते ही आपका समाज के प्रति योगदान शुरू हो जाता है। जिस क्षेत्र या गाँव से आप आते हैं, वहाँ के लोग आपसे प्रेरणा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, कवि श्री मीर अली मीर, जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें |
- रायपुर, / जिले में शासन के विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित DEAF (Depositor Education and Awareness Fund) खातों तथा Inoperative खातों के त्वरित निराकरण और सक्रियण के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायपुर श्री कुमार बिश्वरंजन, अग्रणी जिला प्रबंधक रायपुर श्री मोहम्मद मोफिज, जिले के सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक/जिला समन्वयक, तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में विभागवार लंबित DEAF खातों की वर्तमान स्थिति और अब तक की प्रगति, विभागों एवं बैंकों के Inoperative खातों के सक्रियण हेतु समयबद्ध कार्ययोजना, बैंक–विभाग समन्वय को और मजबूत करने तथा लंबित खातों के शीघ्र एवं सुव्यवस्थित निस्तारण के लिए आवश्यक कार्यवाही के संबंध में विस्तृत समीक्षा एवं चर्चा की गई।कलेक्टर डॉ सिंह ने सभी बैंकों एवं विभागों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा लंबित DEAF एवं Inoperative खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें।
- -धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देशबालोद। संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने शुक्रवार को गुण्डरदेही विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र खप्परवाड़ा का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को धान खरीदी के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी केन्द्र खप्परवाड़ा में अब तक खरीदे गए कुल धान की मात्रा, आॅनलाईन टोकन के अलावा धान खरीदी केन्द्र के मूलभूत व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि धान खरीदी केन्द्र में केवल साफ-सूथरा एवं गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा उन्हांेने किसी भी स्थिति में कोचियों एवं व्यापारियों से अवैध धान की खरीदी के रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने को कहा। संभागायुक्त श्री राठौर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए शुद्ध पेयजल, बैठक एवं छांव इत्यादि की व्यवस्था के अलावा शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। श्री राठौर ने धान खरीदी केन्द्र के नोडल अधिकारी, प्राधिकृत अधिकारी एवं निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी केन्द्र में सुबह जल्दी पहुँचकर धान खरीदी का सतत् माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त श्री राठौर ने मौके पर उपस्थित किसानों से बातचीत कर धान खरीदी केन्द्र के व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा एवं अन्य अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित थे।
- -हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी एवं पीटी परीक्षा का कार्यक्रम जारीरायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर ने मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के लिए हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी तथा शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षाओं की समय-सारणी जारी कर दी है। हायर सेकण्डरी सर्टिफिकेट परीक्षा 20 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक आयोजित होगी। हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 21 फरवरी 2026 से 13 मार्च 2026 तक प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक संपन्न होगी। इसी प्रकार शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षा (प्रथम एवं द्वितीय वर्ष) 20 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। विस्तृत समय-सारणी मण्डल की आधिकारिक वेबसाइटwww.cgbse.nic.inपर उपलब्ध है।



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*बाल विवाह रोकने अधिकारियों ने ली शपथ*
*बाल विवाह रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय पर जोर*दुर्ग/ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से आज महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रेरणा सभाकक्ष में संभाग स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर और महापौर श्रीमती अलका बाघमार शामिल हुए।कार्यशाला में दुर्ग संभाग के छह जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत और श्रम विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।कार्यक्रम के दौरान संभागायुक्त श्री राठौर ने जिलों से आए अधिकारियों से बाल विवाह की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिलों में बाल विवाह के मामलों की संख्या शून्य है। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री राठौर ने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि एक गंभीर सामाजिक समस्या भी है। उन्होंने यह भी बताया कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षा जैसे मूलभूत अधिकार प्रभावित होते हैं, साथ ही कुपोषण और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह की सूचना देने के प्रावधानों का उल्लेख किया और कहा कि यदि पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर सभी विभाग सजग रहें, तो बाल विवाह को पूरी तरह रोका जा सकता है। इस दौरान उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों को बाल विवाह के विरुद्ध हर संभव प्रयास करने तथा परिवार, पड़ोस और समुदाय में किसी भी बालिका का बाल विवाह न होने देने की शपथ दिलाई।महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने भी जनभागीदारी की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही बाल विवाह को रोकने में सफलता मिल सकती है। उन्होंने सामूहिक विवाह को प्रोत्साहित करने और नोनी सुरक्षा योजना व सुकन्या योजना को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई। इस दौरान अधिकारियों से बाल विवाह उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने, समुदाय से सहभागिता सुनिश्चित करने और विभिन्न विभागीय योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आर.के.जाम्बुलकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय साहू सहित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। - दुर्ग/ दुर्ग जिले के ग्राम बोरई से आने वाले किसान-इंजीनियर श्री गजल यादव की कहानी आज कई युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा है। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बावजूद, गजल ने कॉर्पाेरेट करियर छोड़कर अपने पैतृक व्यवसाय कृषि को चुना। उन्होंने पारंपरिक कृषि में इंजीनियरिंग के सिद्धांतों को मिलाकर ’टेक्नो-फार्मिंग’ का सफल प्रयोग किया। गजल बताते हैं कि मेरी पढ़ाई ने खेती को एक वैज्ञानिक नज़रिया दिया। इंजीनियरिंग ने मैने डेटा एनालिटिक्स सीखा, जिसका इस्तेमाल करके मैंने मिट्टी की गुणवत्ता और मौसम के सटीक डेटा के आधार पर बीज, खाद और पानी का उपयोग किया और इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने उनकी इनपुट लागत (खेती का खर्च) को बहुत कम कर दिया। लेकिन मेरी मेहनत को असली पहचान तब मिली, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने धान के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल का ऐतिहासिक समर्थन मूल्य घोषित किया। यह दर देश में किसी भी राज्य द्वारा दिया गया अब तक का सर्वाधिक औपचारिक मूल्य है। गजल यादव ने बताया, उन्होंने सहकारी समिति के धान उपार्जन केंद्र दामोदा में 450 क्विंटल से भी अधिक धान बेचा। यह ऐतिहासिक एमएसपी उनके व अन्य किसान भाइयों के लिए वरदान साबित हुई है। उन्होंने कहा इस ऊँची दर से मुझे पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक शुद्ध लाभ हुआ है। मेरी इंजीनियरिंग ने इनपुट लागत कम की, लेकिन राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए समर्थन मूल्य इसमें चार चांद लगा दिए। मेरी खेती की पूरी लागत को कवर हो गयी और लाभ कमाने का ठोस मौका मिला।अपनी इस सफलता पर कृषक श्री यादव ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, ’’मैं शासन का हृदय से धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने किसानों की मेहनत और उनकी बढ़ती लागत को समझते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया। समर्थन मूल्य में यह वृद्धि किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे हम बिना किसी चिंता के अगली फसल की तैयारी कर सकते हैं।’’ श्री गजल ने अपनी शिक्षा का प्रयोग खेती में करके यह साबित कर दिया है कि सही सरकारी नीति और आधुनिक तकनीक का मेल खेती को भी एक सफल और बड़े स्तर का व्यवसाय (उद्यमिता) बना सकती है।
- दुर्ग। दुर्ग के खिलाड़ियों के लिए आज का दिन खास रहा। मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर दुर्गवासियों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इंडोर बैडमिंटन कोर्ट की नई सौगात मिली।रविशंकर स्टेडियम परिसर के पास तैयार इस नवनिर्मित कोर्ट के लोकार्पण कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, नागरिक एवं बड़ी संख्या में मौजूद खिलाड़ीगण ने शामिल हुए बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाये और बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार का आभार जताये।शिक्षा ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में दुर्ग रविशंकर स्टेडियम परिसर में शहर के प्रथम इंडोर बैडमिंटन कोर्ट भव्य लोकार्पण। यह अत्याधुनिक इंडोर सुविधा न सिर्फ खिलाड़ियों को बेहतर मंच प्रदान करेगी, बल्कि खिलाड़ियों को ऊर्जा देने की दिशा में मजबूत कदम है। इस कोर्ट के साथ ही शहर में स्विमिंग पुल और बघेरा में स्टेडियम का निर्माण जारी है जिससे खिलाड़ियों का प्रैक्टिस करने उपयुक्त स्थल मिल सके और उनके खेल प्रतिभा को तराशा जा सके।उन्होंने आगे कहा की ₹1.5 करोड़ की लागत से लगभग 13,500 स्क्वायर फीट पर निर्मित इस भवन को अत्याधुनिक बनाया गया है। शहर के प्रथम इंडोर बैडमिंटन कोर्ट में वुडन फ्लोरिंग, उच्च गुणवत्ता वाली एलईडी लाइटिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाओं से सुसज्जित है। अब हमारे दुर्ग के खिलाड़ियों को रात्रिकालीन में भी अभ्यास सहित बेहतर प्रशिक्षण वातावरण का लाभ उठा सकेंगे। इससे दुर्ग में खेल संस्कृति को नई दिशा देने और युवा प्रतिभाओं को खेल के अभ्यास हेतु उचित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में यह परिसर एक मील का पत्थर साबित होगा।इस अवसर पर महापौर अलका बाघमार, सभापति श्याम शर्मा, एमआईसी सदस्य शशि द्वारिका साहू, शिव नायक, ज्ञानेश्वर ताम्रकार, मनीष साहू, लीलाधर पाल, पार्षद संजय अग्रवाल, मनोज सोनी, कुलेश्वर साहू, लोकेश्वरी ठाकुर, सावित्री दमाहे, सुरुचि उमरे, सरस निर्मलकर, साजन जोसफ, मंडल अध्यक्ष महेंद्र लोढ़ा, कमलेश फेकर, कौशल साहू, हरीश चौहान, प्रहलाद रूंगटा, विनय गुप्ता, सोनू हजारे, सतीश यादव, किशोर अहिरवार,कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी. विजय अग्रवाल सहित बैडमिंटन ग्रुप के सभी सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -उद्योगों को वेस्ट टू वेल्थ एवं ईपीआर के लाभों की विस्तृत जानकारीरायपुर, /आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देशन में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर के तत्वाधान में भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल “सर्कुलर ईकोनॉमी एवं वेस्ट मैनेजमेंट (Waste to Wealth)” विषय पर बिलासपुर संभाग के लिए एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम प्लेनेटेरियम, व्यापार विहार, बिलासपुर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल के सदस्य सचिव श्री आर. अगसिमनी ने की।कार्यक्रम की रूपरेखा वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. सुरेश चंद ने प्रस्तुत की, वहीं स्वागत उद्बोधन क्षेत्रीय अधिकारी श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। कार्यशाला में सर्कुलर ईकोनॉमी व वेस्ट मैनेजमेंट के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई।मंडल मुख्यालय रायपुर के मुख्य रसायनज्ञ श्री राजेन्द्र प्रसाद वासुदेव ने उद्योग प्रतिनिधियों को वेस्ट टू वेल्थ, ईपीआर (Extended Producer Responsibility) एवं इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर के मुख्य रसायनज्ञ श्री सूरज कुमार धुर्वे ने फ्लाई ऐश मैनेजमेंट तथा MOEF की अधिसूचनाओं एवं दिशानिर्देशों पर उपयोगी जानकारी साझा की।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि, ई-वेस्ट, बैटरी वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, टायर वेस्ट व यूज़्ड ऑयल रिसायकलर उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ में स्थापित एकमात्र टीएसडीएफ मेसर्स केसदा वेस्ट मैनेजमेंट द्वारा AFR तकनीक की जानकारी दी गई। श्री राहुल झा ने ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग एवं क्रिटिकल मिनरल रिकवरी पर प्रस्तुति दी।एनटीपीसी सीपत, बिलासपुर के श्री पंकज शर्मा तथा एनटीपीसी लारा, रायगढ़ के डॉ. सुधीर दहिया ने फ्लाई ऐश के पर्यावरण-अनुकूल उपयोग के उदाहरण और उपलब्धियों को साझा किया।कार्यशाला के समापन अवसर पर सदस्य सचिव श्री आर. अगसिमनी ने उद्योगों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की और आश्वस्त किया कि मंडल सर्कुलर ईकोनॉमी व ईपीआर से संबंधित औद्योगिक आवेदनों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करेगा, जिससे उद्योगों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
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दुर्ग/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत 19 नवम्बर 2025 को ‘‘किसान सम्मान समारोह‘‘ का आयोजन कर वाराणसी उत्तर प्रदेश से 21वीं किश्त की राशि प्रधानमंत्री जी द्वारा जारी की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूरे देश में किया गया, जिले में कार्यक्रम का आयोजन जिला, विकासखण्ड, सहकारी समिति एवं ग्राम पंचायत पर आयोजन किया गया।
जिले में मुख्य कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा एवं पाहंदा (अ) में किया गया। उक्त कार्यक्रम में ‘‘पी.एम. किसान दिवस‘‘ के रूप में प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन का प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा में मुख्य अतिथि श्रीमती संगीता साहू सरपंच ग्राम पंचायत अंजोरा (ख), डॉ. आर.आर.बी. सिंह कुलपति, दाऊ वासूदेव कामधेनू विश्वविद्यालय, डॉ. संजय साक्य निदेशक विस्तार सेवाएं दाऊ वासूदेव कामधेनू विश्वविद्यालय, श्री संदीप कुमार भोई उप संचालक कृषि, डॉ. विकास खुंणे प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र श्रीमती सुचित्रा दरबारी सहायक संचालक कृषि, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित हुए।इसी अनुक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) में मुख्य अतिथि श्री सुरेन्द्र साहू मंडल सदस्य, श्री विजय जैन वरिष्ठ वैज्ञानिक, श्री सौरभ कुमार अनुविभागीय कृषि अधिकारी, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित हुए। उक्त कार्यक्रम में समस्त जनों ने प्रधानमंत्री जी के किसानों के नाम संदेश को ध्यानपूर्वक सुना एवं इस कार्यक्रम के तहत डी.बी.टी. के माध्यम से 2000 रूपए की 21वीं किश्त जारी करने की प्रक्रिया को देखा। इसके तहत जिले के 78859 कृषकों को 21वीं किश्त की राशि रु 15.77 करोड़ जारी की गई। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों से सीधा संवाद कर खेती किसानी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा धान के साथ अन्य फसलों को भी लगाने तथा खाद्यान्न के साथ दलहन-तिलहन इत्यादि क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने की अपील की गई। साथ ही किसानों को जैविक खेती, बीजोपचार, पोषक तत्व प्रबंधन तथा डी.ए.पी. के वैकल्पिक उर्वरक नैनो डी.ए.पी. इत्यादि के लिए मार्गदर्शन किया गया है। कई किसानों ने इस योजना से मिल रही आर्थिक सहायता को खेती में उपयोगी बताते हुये अभार व्यक्त किया उनका कहना है कि इस योजना से उन्हे बीज, खाद एवं अन्य कृषि कार्यो के लिए समय पर सहायता मिलती है जिससे उनकी उत्पादकता एवं आत्मनिर्भरता में वृद्धि हुई। - -ऑनलाइन टोकन जारी होने से किसानों को मिल रही बड़ी सुविधारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्यभर के सभी धान खरीदी केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से जारी है। इसी क्रम में आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम नारायणपुर धान खरीदी केंद्र में किसान राजकुमार भगत अपने धान की बिक्री के लिए पहुँचे। उन्होंने बताया कि उनका ऑनलाइन टोकन आसानी से कट गया और उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।राजकुमार भगत ने कहा कि वे हर वर्ष इसी केंद्र में धान बेचते हैं और इस बार भी सभी व्यवस्थाएँ बेहद सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने खरीदी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं जैसे—ऑनलाइन टोकन जारी व्यवस्था, माइक्रो एटीएम, पर्याप्त बारदाना, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर संतोष प्रकट किया।प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी प्रबंध किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को धान खरीदी की प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो। इसके लिए प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।क्या है माइक्रो एटीएम सुविधा?धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की त्वरित जरूरतों को पूरा करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार ने माइक्रो एटीएम सुविधा उपलब्ध कराई है। इस सुविधा के माध्यम से किसान 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की राशि तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल से किसानों को बैंक की शाखाओं में लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती, और धान बेचने के तुरंत बाद आवश्यक राशि आसानी से मिल जाती है।यह सुविधा किसानों की तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अत्यंत मददगार साबित हो रही है और संपूर्ण धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक, सुगम एवं किसान-फ्रेंडली बना रही है।
- -डिजिटल नवाचार से किसानों का धान विक्रय हुआ आसानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर आया है। इसका सकारात्मक प्रभाव जिलेभर के किसानों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा है।अंबागढ़ चौकी विकासखण्ड के ग्राम कलकसा के किसान श्री धनेश राम आज कौड़ीकसा उपार्जन केंद्र में 52 क्विंटल धान विक्रय के लिए पहुंचे थे। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस वर्ष उन्होंने धान विक्रय टोकन स्वयं मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त किया, जिससे प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हो गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार लागू किए गए इस डिजिटल नवाचार ने किसानों के लिए धान विक्रय की पारंपरिक जटिलताओं को काफी कम कर दिया है। अब किसान अपने मोबाइल फोन पर कुछ ही मिनटों में धान विक्रय के लिए टोकन काट सकते हैं और निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्र पहुंचकर बिना किसी बाधा के अपना धान बेच सकते हैं।कृषक श्री धनेश राम ने बताया कि उपार्जन केंद्र में कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगपूर्ण था, तौल-कांटे सही थे, बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध था तथा साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर थी। इसके कारण किसान निश्चिंत होकर अपनी उपज बेच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उनकी फसल की पैदावार भी अच्छी हुई है, जिससे परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने धान का उचित मूल्य उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
- रायपुर / दुर्ग जिले के ग्राम बोरई से आने वाले किसान-इंजीनियर श्री गजल यादव की कहानी आज कई युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन गयी है। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बावजूद, गजल ने कॉर्पाेरेट करियर छोड़कर अपने पैतृक व्यवसाय कृषि को चुना। उन्होंने पारंपरिक कृषि में इंजीनियरिंग के सिद्धांतों को मिलाकर ’टेक्नो-फार्मिंग’ का सफल प्रयोग किया।गजल बताते हैं कि मेरी पढ़ाई ने खेती को एक वैज्ञानिक नज़रिया दिया। इंजीनियरिंग ने मैने डेटा एनालिटिक्स सीखा, जिसका इस्तेमाल करके मैंने मिट्टी की गुणवत्ता और मौसम के सटीक डेटा के आधार पर बीज, खाद और पानी का उपयोग किया और इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने उनकी इनपुट लागत (खेती का खर्च) को बहुत कम कर दिया। लेकिन मेरी मेहनत को असली पहचान तब मिली, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने धान के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल का ऐतिहासिक समर्थन मूल्य घोषित किया। यह दर देश में किसी भी राज्य द्वारा दिया गया अब तक का सर्वाधिक औपचारिक मूल्य है।गजल ने बताया कि उन्होंने सहकारी समिति के धान उपार्जन केंद्र दामोदा में 450 क्विंटल से भी अधिक धान बेचा है। यह ऐतिहासिक एमएसपी उनके अन्य अन्य किसान भाइयों के लिए वरदान साबित हुई है। उन्होंने कहा इस ऊँची दर से मुझे पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक शुद्ध लाभ हुआ है। मेरी इंजीनियरिंग ने इनपुट लागत कम की और राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए समर्थन मूल्य ने इसमें चार चांद ही लगा दिए। मेरी खेती की पूरी लागत तो कवर हो ही गयी और लाभ कमाने का भी मौका अब मिल रहा है।अपनी इस सफलता पर कृषक श्री यादव ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं शासन का हृदय से धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने किसानों की मेहनत और उनकी बढ़ती लागत को समझते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया। समर्थन मूल्य में यह वृद्धि किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे हम बिना किसी चिंता के अगली फसल की तैयारी कर सकते हैं। श्री गजल ने अपनी शिक्षा का प्रयोग खेती में करके यह साबित कर दिया है कि सही सरकारी नीति और आधुनिक तकनीक का मेल खेती को भी एक सफल और बड़े स्तर का व्यवसाय (उद्यमिता) बना सकती है।
- रायपुर, / भारत सरकार युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव तथा नीति आयोग के आकांक्षी कार्यक्रम के बस्तर जिला प्रभारी अधिकारी श्री शोभित जैन के द्वारा शुक्रवार को दरभा विकासखंड में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया।संयुक्त सचिव ने सबसे पहले तीरथगढ़ पंचायत में आईएफसी की दीदियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया, इस दौरान दीदियों द्वारा बताया गया कि सोलर लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से सब्जियों की जैविक खेती कर रही हैं। इसके साथ ही जैविक खाद का स्वयं उत्पादन कर उसे एफपीओ के माध्यम से बाजार तक पहुँचाने की व्यवस्था की भी जानकारी दी। उन्होंने इस प्रयास की सराहना करते हुए उत्पादन बढ़ाने, बेहतर पैकेजिंग और बाजार विस्तार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।संयुक्त सचिव श्री जैन ने इसके पश्चात डिलमिली में उद्यानिकी विभाग एवं उद्यानिकी महाविद्यालय द्वारा लगाए गए कॉफी प्लांटेशन का साइट विजिट किया गया। निरीक्षण के दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारी ने विभाग द्वारा किए जा रहे कॉफी उत्पादन से संबंधित कार्यों, पौधों की वर्तमान स्थिति, सिंचाई एवं रख-रखाव की प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।इसी क्रम में केंद्रीय प्रभारी अधिकारी श्री जैन ने कॉफी प्रोसेसिंग पूर्ण होने के बाद उसे बाजार तक पहुँचाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने पौधों की वृद्धि एवं भविष्य की संभावनाओं का मूल्यांकन करते हुए कॉफी उत्पाद के मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग एवं मार्केट लिंक तैयार करने पर विशेष जोर दिया। संयुक्त सचिव श्री जैन ने निरीक्षण में यूनेस्को की पर्यटन सूची में शामिल धुरमारास गाँव का अवलोकन किया। उन्होंने पर्यटन स्थल में बैम्बू राफ्टिंग, होम-स्टे संचालन करने वाले पर्यटन समिति के सदस्यों के साथ चर्चा की।चर्चा में स्थानीय पर्यटन को सशक्त बनाने, होम-स्टे, पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार करने एवं बैम्बू राफ्टिंग को सुरक्षित और आकर्षक बनाने संबंधी दिशा-निर्देश दिए। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत यह भ्रमण ग्रामीण आजीविका संवर्धन, कृषि-आधारित उद्यम, पर्यटन विकास एवं स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिरता को बढ़ाने की दिशा में किया गया। इस दौरान दरभा जनपद पंचायत सीईओ श्री बीरेंद्र बहादुर, आकांक्षी कार्यक्रम के जिला प्रभारी और आकांक्षी कार्यक्रम के फेलो भी उपस्थित रहे।
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वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर तथा गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश
कार्य में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनीबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज जिले के बालोद एवं डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य एवं वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी के कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को केवल वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर एवं गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाला कार्य है। इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दास्त नही की जाएगी। श्रीमती मिश्रा ने अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी के कार्य को पूरे मनोयोग, तत्परता एवं त्रुटिरहित ढंग से करने के निर्देश दी तथा धान खरीदी के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरते जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज बालोद विकासखण्ड के तरौद एवं कोबा तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा एवं भीमकन्हार धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरके राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर एवं तहसीलदार, जिला विपणन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं कृषकगण उपस्थित थे।इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में जारी धान खरीदी के कार्य के अलावा वहाँ पर मूलभूत सुविधाओं की उलपब्धता, किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए जाने वाले धान की गुणवत्ता, धान खरीदी केन्द्रों के संचालन हेतु नियुक्त किए गए अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति एवं उनके द्वारा संपादित किए जा रहे कार्यों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने हड़ताल के पश्चात् आज अपने काम पर लौटे समिति प्रबंधकों से बातचीत भी की। कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों को पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर धान खरीदी के कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होेंने धान खरीदी के कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने हेतु निगरानी समिति में शामिल पटवारी, ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों तथा नोडल अधिकारियों से भी बातचीत कर धान खरीदी केन्द्र के व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारी एवं नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 08 बजे धान खरीदी केन्द्र में पहुँचकर धान खरीदी कार्य का सूक्ष्मता से माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। जिससे कि धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने समिति प्रबंधक एवं मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी केन्द्र के अंतर्गत शामिल सभी गांवों के अनुमानित रकबा, औसत पैदावार, पिछले वर्ष के कुल धान खरीदी तथा मौजूदा वर्ष में धान खरीदी हेतु निर्धारित लक्ष्य के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में बारदानों की समुचित उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में आवश्यकता के आधार पर समुचित मात्रा में बारदानों की मांग करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने प्रत्येक धान खरीदी केन्द्र्रों के अंतर्गत शामिल गांवों में एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष रह गए किसानों के संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने के लिए 19 से 25 नवंबर तक अतिरिक्त समय का प्रावधान किया गया है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए किसानों तक इसकी जानकारी पहुँचाकर शेष कृषकों का शत प्रतिशत एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने मुनादी आदि के माध्यम से इसका समुचित प्रचार-प्रसार करने को कहा। कलेक्टर ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में रकबा समर्पण के संबंध में जानकारी लेते हुए इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत उन्होंने निर्धारित मात्रा से कम धान की बिक्री करने वाले किसानों का अनिवार्य रूप से रकबा समर्पण कराने को कहा। उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में समुचित मात्रा में रकबा समर्पण के प्रारूप की उलपब्धता भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने समिति प्रबंधकों एवं धान खरीदी कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी केन्द्रों में टोकन के लिए आने वाले सभी किसानों का आॅनलाईन पद्धति से ही टोकन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल विशेष परिस्थिति में अत्यंत बुजुर्ग व्यक्ति या किसानों के पास मोबाईल उपलब्ध नही होने पर अथवा अन्य वाजिब एवं महत्वपूर्ण परिस्थिति में ही आॅफलाईन टोकन काटने को कहा। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रों में किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान का भी अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित समिति प्रबंधकों एवं अधिकारियों को धान की नमी एवं गुणवत्ता जाँच कर दिखाने को भी कहा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी होेने पर एवं धान साफ-सूथरा नही होेने या धान में गुणवत्ता का अभाव पाए जाने पर धान की खरीदी नही करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित किसानों को साफ-सूथरा एवं गुणवत्तायुक्त धान ही बिक्री हेतु धान खरीदी केन्द्रों में लाने की समझाईश दी। इस मौके पर उन्होेंने किसानों से बातचीत कर टोकन काटने में आ रही परेशानियों एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को अपने प्रभार वाले सभी धान खरीदी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण कर धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश भी दिए। -
बिलासपुर/ 15 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी प्रक्रिया जिले में सुचारु रुप से चल रही है। आज ग्राम लखराम के युवा किसान रवि कुमार ने लखराम सहकारी समिति में पहुंचकर धान बेचा। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों में सभी व्यवस्था को पारदर्शी बताया और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।
कोटा ब्लॉक के ग्राम लखराम के युवा किसान रवि कुमार 2 एकड़ भूमि में खेती करते हैं उन्होंने अपनी मेहनत, समय पर खेती के आधुनिक तरीकों का उपयोग और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना लिया है। लखराम केंद्र में 21 क्विंटल धान बेचने पहुंचे रवि कुमार ने धान खरीदी केंद्र की व्यवस्था पर संतोष जताया और कहा कि उन्हें टोकन कटने से लेकर धान बेचने में किसी तरह की समस्या नहीं हुई। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र की पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण वे आसानी से अपना धान बेच सके। टोकन प्रणाली से लेकर तौल प्रक्रिया तक हर चरण सुचारू रहा। केंद्र में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, साफ-सुथरा परिसर, पीने के पानी और बैठने की अच्छी व्यवस्था ने उनके धान विक्रय अनुभव को आसान बना दिया।रवि बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक खरीदी केंद्रों में भीड़, अनिश्चितता और कभी-कभी बारदाना की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित नीतियों और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता ने तस्वीर बदल दी है। आज खरीदी केंद्रों में तकनीक आधारित टोकन व्यवस्था, तेज़ तौल प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में भरोसा बढ़ा है। रवि कहते हैं कि अब खरीदी केंद्र में आते समय चिंता नहीं होती। सब कुछ व्यवस्थित मिलता है और हमारी मेहनत की सही कीमत मिलती है। -
*किसान अब 25 नवम्बर तक करा सकेंगे पंजीयन और रकबा में संशोधन*
बिलासपुर/खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत ‘एकीकृत किसान पोर्टल’ में कृषकों का पंजीयन किया जा रहा है। किसानों को एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन एवं रकबा संशोधन कराने की अंतिम तिथि में संशोधन किया गया है। इसके अंतर्गत कैरीफारवर्ड, नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल, रकबे की पंजीयन की तिथि 25 नवम्बर तक बढ़ाई गई है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि किसान अब तहसील कार्यालय में जाकर आसानी से नवीन पंजीकरण और रकबा संशोधन करा सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर एग्रीस्टेक हेल्पडेस्क 1800-233-1030 अथवा खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर सम्पर्क कर सकते हैं।ज्ञात हो कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 धान खरीदी हेतु डुबान, वन पट्टाधारी कृषकों का कैरीफारवर्ड, पंजीयन शेष रहने की जानकारी दी गई है। जिसके परिपेक्ष्य में एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देने तथा शेष डुबान एवं वन पट्टाधारी कृषकों के कैरीफारवर्ड, पंजीयन शेष रहने पर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा की गई -
*अब टोकन बस एक क्लिक में-किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा टोकन तुंहर हाथ ऐप*
*ऑनलाईन टोकन व्यवस्था से समय की हो रही बचत*बिलासपुर/पूरे प्रदेश सहित जिले में भी धान खरीदी पर्व को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मेहनत का वाजिब दाम मिलने से किसान खुश हैं। टोकन तुंहर हाथ ऐप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिसके जरिए अब किसान घर बैठे ही एक क्लिक में अपना टोकन निकाल पा रहे है। इस डिजिटल नवाचार ने उपार्जन केंद्रों में लगने वाली भीड़, समय की बरबादी और लाईन को काफी हद तक कम कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेश में लागू की गई इस व्यवस्था से किसान अब अपने मोबाईल से कुछ ही मिनटों में धान विक्रय हेतु टोकन निकाल पा रहे है और निर्धारित समय पर आसानी से केंद्र पहंुचकर धान बेच पा रहे है।*एरमसाही धान खरीदी केंद्र-किसानों ने ऐप को बताया बेहद आसान*मस्तुरी ब्लॉक के एरमसाही धान खरीदी केन्द्र में समर्थन मूल्य पर धान बेचने आए किसान समिति में धान खरीदी के लिए की गयी व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। ऑनलाईन टोकन व्यवस्था से किसानों के समय की बचत हो रही है। उन्होंने इस व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया। किसानों ने कहा कि सरकार ने माटीपुत्रों को सच्चा सम्मान किया है।एरमसाही धान खरीदी केन्द्र में धान बेचने आए हरदाडीह के किसान श्री धनीराम साहू ने बताया कि उन्होंने 87 क्विंटल धान के लिए टोकन कटाया है। श्री साहू ने टोकन तुंहर हाथ ऐप को बहुत उपयोगी बताया। उन्होंने इसी के जरिए टोकन कटाया है। श्री साहू ने कहा कि इस ऐप से टोकन कटाने में किसी प्रकार से दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने सभी किसानों से इसका उपयोग करने की अपील की। धान खरीदी केंद्र की भी व्यवस्थाओं पर भी संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि यहां सारी व्यवस्थाएं बहुत अच्छी है। श्री साहू ने कहा कि 3100 रूपए क्विंटल में धान खरीद कर सरकार ने किसानों की मेहनत का एक-एक दाना खरीदा है। उन्हें धान बेचने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आई। बेलटुकरी से धान बेचने आए श्री महेंद्र श्रीवास ने भी टोकन तुंहर हाथ ऐप से धान बेचने के लिए टोकन कटाया है। उन्होंने कहा कि इस ऐप के जरिए घर बैठे ही मोबाईल से बिना किसी दिक्कत के टोकन कटवाया जा सकता है।*कौड़िया धान खरीदी केंद्र-किसानों ने कहा नई तकनीक से आया खुशहाली का दौर*कौड़िया धान खरीदी केंद्र में धान बेचने आए किसान श्री योगेश पटेल ने बताया कि उन्होंने टोकन तुंहर हाथ ऐप से टोकन कटवाया था। वे 27 कट्टी धान बेचने आए थे। धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं से वे संतुष्ट नजर आए। धान बेचने में कोई दिक्कत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्र में किसानों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वे धान बिक्री की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न हैं। सभी किसानों ने एक स्वर में कहा कि वे छत्तीसगढ़ सरकार के आभारी है, जिससे उनके जीवन में खुशहाली का दौर आया है। - -रोजगार के वैश्विक द्वार खुले : छत्तीसगढ़ के युवाओं ने पाया अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग का अवसररायपुर, / छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना से प्रदेश के विकास में नया आयाम जुड़ रहा है। छत्तीसगढ़ के युवा अब दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक में अपनी जगह बना रहे हैं। सेमीकंडक्टर क्रांति के साथ छत्तीसगढ़ देश के उच्च-प्रौद्योगिकी मानचित्र पर उभर रहा है।पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा राज्य में सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने का निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न और केंद्र सरकार की अग्रणी तकनीकी नीतियों का परिणाम है। पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, जो भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप निर्माता कंपनी है, छत्तीसगढ़ में ₹1143 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है। डेढ़ लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स का उत्पादन करेगा, जो टेलीकॉम, 6G/7G, लैपटॉप, पावर-इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में उपयोग होंगे। इस प्लांट से छत्तीसगढ़ के अनेक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स ने छत्तीसगढ़ के चयनित युवाओं की पहली सूची जारी की है, जिनमें अधिकांश छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग और कॉमर्स ग्रेजुएट्स शामिल हैं। चयनित युवाओं में में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से कुल 12 युवा शामिल हैं। इनमें दुर्ग से आभार मेहूंकर (B.Tech–EEE), भिलाई से अभिषेक काशी (B.Tech–E&T), बालोद से नवीन कुमार देवांगन (B.Tech–ME), रायपुर से कुणाल यादव (BE–Mechanical), बस्तर से तुषार देवांगन (B.Tech–E&T), रायपुर से अपूर्व देवांगन (B.Tech–E&T), भिलाई की धारा सरपे (B.Tech–EEE), रायपुर के अरिन सोनी (B.Tech–E&T), रायगढ़ की तरू यादव (B.Tech–E&T), भिलाई के तुषार कुमार ठाकुर (BE–Mechanical), रायपुर के भूपेंद्र यादव (B.Com) तथा बालोद के अबिश सी. थॉमस (M.Com) को प्रशिक्षण एवं नियुक्ति के लिए चयनित किया गया है।कंपनी के अधिकारियों ने बताया है कि चयनित युवाओं को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए चेन्नई में ट्रेनिंग दी जाएगी। युवाओं के एयर ट्रैवल, आवास, भोजन सहित सभी खर्च कंपनी वहन करेगी। इसके बाद चयनित युवाओं को एस्टोनिया, सिंगापुर और फ्रांस स्थित पॉलीमैटेक के वैश्विक प्लांट्स में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सभी चयनित उम्मीदवार फ्रेश इंजीनियर्स हैं। मार्च 2026 तक चयनित युवाओं की संख्या बढ़कर 200 से 250 तक हो जाएगी।"सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना से प्रदेश के विकास में एक नया तकनीकी अध्याय जुड़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न के अनुरूप छत्तीसगढ़ अब उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेज़ी से उभर रहा है। पॉलीमैटेक द्वारा राज्य के युवाओं को चयनित कर उन्हें चेन्नई सहित एस्टोनिया, सिंगापुर और फ्रांस के वैश्विक प्लांट्स में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना इस बात का प्रमाण है कि हमारे युवाओं की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है। यह अवसर न केवल रोजगार का माध्यम बनेगा, बल्कि युवाओं को अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक की गहन समझ देकर उन्हें भविष्य का तकनीकी नेतृत्व प्रदान करेगा। हमारी सरकार हर निवेशक को पूर्ण सहयोग और हर युवा को विश्वस्तरीय कौशल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।” - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
- -“छत्तीसगढ़ के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का पहुँचे लाभ – मुख्यमंत्री श्री साय-जनकल्याणकारी योजनाओं का तेज़ और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने मुख्यमंत्री ने दिए निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय दिशा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं की प्रगति की व्यापक और विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दिशा समिति की बैठकें अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इन्हीं बैठकों के माध्यम से केंद्र पोषित योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक 6 माह में दिशा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। उन्होंने बताया कि 26 विभागों के अंतर्गत कुल 81 योजनाएँ संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे जिले स्तर पर आयोजित प्रत्येक तिमाही दिशा समिति की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बैठक की नियमितता, बेहतर समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समिति विकास कार्यों की दिशा तय करने वाली प्रमुख संस्था है।मुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित प्रमुख योजनाओं—महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सांसद आदर्श ग्राम योजना, और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से संबंधित पीएम जनमन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की स्थिति पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देशित किया कि शत-प्रतिशत पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए और किसी भी पात्र किसान को लाभ से वंचित न रखा जाए। उन्होंने इस दौरान वनभूमि पट्टाधारियों के एग्रीस्टेक पंजीयन की स्थिति की भी जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से प्रारम्भ हुई डेयरी समग्र विकास योजना की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों के साथ-साथ पारंपरिक रूप से दुग्ध उत्पादन करने वाले किसानों को भी योजना से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि योजना को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों।नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), मिशन अमृत, तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शहरी आवास निर्माण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत जारी आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदन कार्ड की संख्या पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने नियद नेल्ला नार क्षेत्र के गांवों में विशेष अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान कार्ड से जुड़ी शिकायतों पर कठोर कार्रवाई करने और हितग्राहियों की सुविधा के लिए राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन नंबर जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं पोषण योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मध्याह्न भोजन की उत्कृष्ट गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ महिला और स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ प्रदेश के विकास का आधार हैं। उन्होंने ‘न्योता भोज’ पहल की निरंतरता की जानकारी ली और जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया।मुख्यमंत्री ने टेलिकॉम सेक्टर में भारत नेट परियोजना की प्रगति धीमी होने पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने फाइबर नेटवर्क का कार्य शीघ्र पूर्ण करने और बस्तर एवं सुदूर क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में रेलवे द्वारा किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी भी ली गई।बैठक में राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, विधायक श्री ईश्वर साहू, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री मुकेश बंसल, श्री बसव राजू एस. सहित विभागों के भारसाधक सचिव एवं सदस्यगण उपस्थित थे।
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बिलासपुर/कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र सेंवार की बीएलओ रोहिणी वैष्णव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। उनके द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में उत्कृष्ट कार्य किया गया है। रोहिणी इस गांव में आंगनबाडी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने मतदान केंद्र के सभी 1032 मतदाताओं को गणना पत्रक उपलब्ध करा दिया है। इनमें से 97 प्रतिशत मतदाताओं के गणना पत्रों के डिजिटाईजेशन का कार्य भी पूर्ण कर लिया है। जबकि अभियान के संपन्न होने में अभी 13 दिन बचे हुए हैं। मालूम हो कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, रायपुर द्वारा रोहिणी को जिले की बेस्ट बीएलओ के रूप में चिन्हित किया गया है। कलेक्टर ने इस अवसर पर इलाके के सुपरवाईजर एवं महिला पटवारी कविता भानु को भी गुलदस्ता भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में अच्छे कार्य करने वाले बीएलओ एवं सुपरवाईजरों को जिला स्तर पर भी सम्मानित किया जायेगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य जगत के प्रतिष्ठित ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य की उस विराट परंपरा के प्रतिनिधि हैं, जिसने अपनी सादगी, संवेदना और अद्भुत लेखन-शक्ति से साहित्य की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी लेखनी ने न केवल हिंदी भाषा को समृद्ध किया है, बल्कि पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का क्षण है कि श्री विनोद कुमार शुक्ल को यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान साहित्य जगत में उनके अद्वितीय योगदान को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ, स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका रचनात्मक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
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बिलासपुर/जिले के बेलगहना तहसील के केंदाडांड गांव में मुख्य नहर निर्माण के लिए भूमि का अर्जन किया जाना है। सामाजिक समाघात दल ने ग्राम केंदाडांड में भू-अर्जन से पड़ने वाले प्रभाव का आंकलन किया।
मूल्यांकन में पाया गया कि केंदाडांड गांव में भू-अर्जन से 2.63 एकड़ भूमि प्रभावित हो रही है जिसका समाघात दल ने किसानों से भी सहमति लिया और पाया कि अर्जित भूमि से कोई मकान आदि प्रभावित नहीं हो रहा है और न ही किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना है। सामाजिक समाघात दल द्वारा यह पाया गया है कि अधोसंरचना पर कोई बाधा नहीं है तथा अधोसंरचना का कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। समाघात दल इस बात से संतुष्ट है कि जल संसाधन विभाग को जितनी भूमि की आवश्यकता है उतनी ही भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। समाघात दल ने ग्राम केंदाडांड तहसील बेलगहना के अंतर्गत जल संसाधन संभाग पेण्ड्रारोड के नहर निर्माण हेतु ग्राम केंदाडांड में रकबा 2.63 एकड़ भूमि का अर्जन लोकहित में किए जाने की अनुशंसा की है। नहर निर्माण होने से 4 गांवों की लगभग 612.40 हेक्टेयर खरीफ कृषि भूमि पर सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।



















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