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दुर्ग / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई-दिल्ली एवं छ0ग0राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2023 की तृतीय ’’नेशनल लोक अदालत’’ जिला न्यायालय दुर्ग, परिवार न्यायालय, दुर्ग, श्रम न्यायालय दुर्ग, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं) दुर्ग तथा किशोर न्याय बोर्ड, व तहसील न्यायालय भिलाई-3 , पाटन, व धमधा में आयोजित की जावेगी।
नेशनल लोक अदालत की तैयारी अपने अंतिम चरण में है, जिसके तहत आपसी राजीनामा योग्य आपराधिक मामलें, सिविल मामलें, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित मामलें, परिवार न्यायालय में पारिवारिक विवाद के प्रकरण, श्रम न्यायालय के प्रकरण, स्थायी लोक अदालत में जनोपयोगी सेवा से संबंधित प्रकरण व राजस्व से संबंधित लगभग 4288 मामले एवं बैंक वित्तीय संस्था/विद्युत/दूरसंचार एवं नगर निगम के बकाया राशि के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किये जाने के पूर्व ’’प्री-लिटिगेशन’’ प्रकरण के कुल 2900 से अधिक मामलें सुनवाई हेतु रखे गये है। वहीं संबंधित चिन्हांकित व रखे गये मामलों के नेशनल लोक अदालत की तिथि में अधिकाधिक संख्या में निराकरण किये जाने न्यायालय के पीठासीन अधिकारीगण द्वारा नियमित रूप से पक्षकारों के मध्य प्री-सीटिंग/बैठक का आयोजन अधिक संख्या में किये जा रहे है। जिससे 09 सितंबर 2023 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में अधिकाधिक संख्या में प्रकरण निराकृत होने की संभावना है।
उक्त तिथि को आयोजित नेशनल लोक अदालत के दिवस ही जिला प्रशासन के सहयोग से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने एक दिवसीय ’’जागरूकता शिविर’’ का आयोजन भी किया जावेगा। 09 सितंबर 2023 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में चिन्हांकित कर रखे गये मामलों की सुनवाई हेतु जिला न्यायालय दुर्ग परिवार न्यायालय दुर्ग , व्यवहार न्यायालय तहसील भिलाई-3, पाटन, धमधा एवं किशोर न्याय बोर्ड , जनोपयोगी सेवा से संबंधित स्थायी लोक अदालत (जनो.से.) तथा श्रम न्यायालय के कुल 32 खण्डपीठ का गठन माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के निर्देशानुसार गठित किया गया है। संबंधित गठित खण्डपीठ में नेशनल लोक अदालत की तिथि में प्रकरणों की सुनवाई/निराकरण पक्षकारों के मध्य सौहाद्रपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति/राजीनामा के आधार पर किये जायेंगे। नेशनल लोक अदालत में आपसी राजीनामा के आधार पर अपने मामलों के निराकरण हेतु पक्षकार अधिक से अधिक संख्या में संबंधित गठित खण्डपीठ/न्यायालय में उपस्थित रहें और लोक अदालत के माध्यम से अपने मामलों का निराकरण कर समय एवं अन्य कठिनाइयों से बचे क्योंकि नेशनल लोक अदालत में प्रकरण के सौहाद्रपूर्ण वातावरण में पक्षकारों के मध्य विवाद का निपटारा आपसी सहमति/राजीनामा से होने के कारण उक्त निराकृत मामलों की अपील भी नहीं होती है।
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रायपुर / युवा कैरियर निर्माण योजना के तहत प्री. मेडिकल एवं प्री इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों के चयन के लिए प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। यह परीक्षा 10 सितम्बर रविवार को प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, सड्डू, उरकुरा मार्ग, मेे आयोजित होगी। इसका समय दोपहर 12 से 2 बजे तक होगा। इसके लिए इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियो से जिला स्तर पर आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। परीक्षण उपरांत पात्र पाये गये अभ्यर्थियों का प्राक्चयन परीक्षा शामिल हो सकते हैं। इस संबंध में आदिवासी विकास के सहायक आयुक्त ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी विभागीय वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर अपना रोल नंबर, स्वंय सत्यापित फोटो तथा संपूर्ण विवरण भरकर स्वंय परीक्षा केन्द्र पर लावें।
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खिलाडियों ने परंपरागत खेल में खो- खो, कबड्डी इत्यादि मे दिखाई प्रतिभा
रायपुर / रायपुर जिले में जिला स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभारंभ 04 सितम्बर से हुआ, जो 06 सितम्बर तक चलेगा। पहले दिन विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ी ने खो-खो, पिट्ठूल, रस्साकसी, रस्सीकूद, कबड्डी फुगड़ी, संखली जैसे सहित अन्य खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाई।
यह आयोजन बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, छात्रपति शिवाजी आउटडोर स्टेडियम, नेेताजी सुभाष स्टेडियम, स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में हो रहा है। इस खेल प्रतियोगिता में कबड्डी, फुगड़ी, बिल्लस, भौरा, रस्सीकूद, संखली, कुश्ती, बंाटी, पिट्ठूल, खो-खो, गिल्ली डंडा, रस्साकसी इत्यादि खेल जिनमें 18 से कम, 18 से 40 और 40 से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हो रहे है।
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जनचौपाल में आए 42 आवेदन
रायपुर / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे द्वारा लगाए गए जन चौपाल में 42 आवेदन प्राप्त हुए। यह कलेक्टोरेट परिसर स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित हुई। इसमें गांव विद्युतीकरण, आदर्श पाठशाला में अहाता निर्माण सहित अन्य आवेदन शामिल थे। डॉ भुरे ने जनचौपाल में पहुंचे आमजनों से उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए एवं नियमानुसार त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। जनचौपाल में बिपिन बिहारी वार्ड-64 के निवासियों ने बताया कि उनके वार्ड में शासकीय उचित मूल्य की एक ही दुकान है। जिसके कारण वहां कार्डधारियों को एक ही दुकान में पर निर्भर है। उन्हें घंटो अपने कार्य को बाधित कर लम्बी लाईन लगानी पडती है। उन्होंने वार्ड में एक अन्य शासकीय उचित मूल्य की नई दुकान खुलवाने आग्रह किया।
राजधानी के रमण मंदिर वार्ड क्रमांक-14 निवासी अमर दास टंडन ने बताया कि अमृत मिशन नल जल योजना के तहत खुदाई करने पश्चात सड़क की मरम्मत नही की गई है जिसके कारण उन्हें आने जाने में परेशानी हो रही है। श्री सुरेश दीवान ने ग्राम अकोली में विद्युत संबंधी विभिन्न कार्य कराने और सोलर एलईडी को सुधरवाने, गोबरा नवापारा निवासी श्रीमती चमेली सिंह ने टू-जी टाईप शासकीय आवास का आबंटन कराने, डगनिया निवासी रेखा गावंढे़ के उनकी जमीन पर अवैध भवन निर्माण पर कार्यवाही करने का आग्रह किया। वहीं लाल बहादुर शास्त्री वार्ड निवासी श्रीमती वर्षा डेनियल ने आर्थिक सहायता एवं रोजगार उपलब्ध कराने आवेदन दिया।
इसी प्रकार सुश्री अलीसा लालानी ने परिवर्तित भूमि का रिकार्ड ऑनलाईन दुरूस्त कराने, ग्राम हिरमी निवासी गणेश राम साहू ने नक्शा दुरूस्तीकरण करवाने आग्रह किया। साथ ही ग्राम पंचायत भंडहा निवासी जानकी ध्रुव द्वारा जाति प्रमाण पत्र बनवाने आवेदन दिया। वहीं खरोरा निवासी कमल बांधे ने इंदिरा आवास योजना के तहत बने मकान में पटवारी कार्यालय संचालित करने की शिकायत की। ग्राम पंचायत कुर्रा के सरपंच श्री रविशंकर वर्मा ने आदर्श प्रा.शाला के छत की मरम्मत एवं स्कूल परिसर में खेल ग्राउंड की अपूर्ण अहाता को पूर्ण करने का आग्रह किया। - रायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिव मौजूद थे। बैठक में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा भेंट मुलाकात तथा विशेष अवसरों पर जिलों के दौरे के दौरान की गई विभिन्न घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले मौजूद थी।बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई ज्यादातर घोषणायें पूर्ण की जा चुकी हैं। शेष रही घोषणाओं के क्रियान्वयन की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। मुख्य सचिव ने राज्य शासन के विभागीय सचिवों को निर्देश दिए है कि वे विभागीय स्तर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करें। उन्होंने कहा है कि शीघ्र ही बजट में शामिल की गई सभी स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत निर्माण कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण के कार्यों की तैयारी कर ले। मुख्य सचिव ने बैठक में विभिन्न विभागों के न्यायालयीन प्रकरणों के आदेशों के पालन की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को माननीय न्यायालय के प्रकरण पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में प्रमुख सचिव शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री डी.डी.सिंह, राजस्व विभाग के सचिव श्री एन.एन.एक्का, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज तम्बोली सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले में संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मर्रा (पाटन) के नवनिर्मित भवनो का लोकर्पण करेंगे। यह महाविद्यालय 11.76 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इस मौके पर श्री बघेल बृहद कृषक सम्मेलन में भी शामिल होंगे। साथ ही शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू करेंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री श्री मोहम्मद अकबर एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रवीद्र चौबे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मर्रा (पाटन) को लगभग 87 एकड़ भूमि में बनाया गया है। यहां कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान हेतु नवीन महाविद्यालय भवन समस्त शैक्षणिक सुविधावों से सुसज्जित है। जिसकी लागत लगभग 5 करोड़ 25 लाख रुपये है। यहाँ पर कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान कार्य हेतु स्मार्ट क्लास रूम, वाई-फाई एवं इंटरनेट सम्मुनत प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, खेलकूद, एन.एस.एस., पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति आदि कि सुविधाएं उपलब्ध हैं। कृषि क्षेत्र में अनुसंधान हेतु 72 एकड़ में कृषि प्रक्षेत्र का विकास किया गया है, जहां हाइ-टेक नर्सरी का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत लगभग एक करोड़ रुपये है।महाविद्यालय परिसर में टिशू-कल्चर प्रयोगशाला का निर्माण लगभग 2.50 करोड़ रूपए की लागत से किया गया है। यहां टिशू-कल्चर के माध्यम से केला, गन्ना, बांस, गुलाब एवं अन्य पौधों तैयार किया जाएगा। छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड के सहयोग से बीज भंडार गृह इम्प्लीमेंट शेड एवं कृषक प्रशिक्षण हेतु कृषक विश्राम गृह का निर्माण लगभग 2.37 करोड़ रूपए में किया गया है, 200 मेट्रिक टन क्षमता वाले 3 खाद गोदामों का भी निर्माण 32.93 लाख रूपए कि लागत से किया गया हैं।कार्यक्रम में जिला पंचायत दुर्ग श्री अशोक साहू, सदस्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड श्री कौशल चंद्राकार, अध्यक्ष कृषि उपज मंडी, दुर्ग श्री अश्वनी साहू, कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, कुलपति इन्दिरा गांधी कृषि विश्ववविद्यालय रायपुर डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक, विस्तार सेवाएं डॉ. अजय वर्मा, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक त्रिपाठी, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ओ. पी. परगनिहा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
- रायपुर, /स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश के शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राष्ट्रपति बनने के पहले एक महान शिक्षक थे, इसलिए उनका जन्मदिन पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के दिन हमारे देश के शिक्षकों के प्रति सम्मान करने के लिए शिक्षक दिवस मनाया जाना गौरव की बात है।स्कूल शिक्षा मंत्री चौबे ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि छात्रों के व्यक्तित्व को आकार देने और भविष्य को उज्जवल बनाने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें एक आदर्श नागरिक बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक हमारे जीवन में ज्ञान का प्रकाश करने के साथ जीवन को नई दिशा भी देते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आव्हान किया कि शिक्षकीय पद की गरिमा को बनाए रखने के लिए शिक्षक निरंतर प्रयास करते रहें और शिक्षक की गुणवत्ता को बनाए रखें। उन्होंने 5 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर तथा विभिन्न स्तर पर सम्मानित होने वाले समस्त शिक्षकों को विशेष रूप से बधाई दी है।
- -खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान खरीदी के तैयारियों की ली जानकारीरायपुर / खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अमरजीत भगत ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। मंत्री श्री भगत ने नवीन धान खरीदी केंद्रों, पीडीएस दुकानों के आबंटन, पीडीएस दुकानों में चावल की उपलब्धता, नमक, गुड़, चना के संग्रहण की अद्यतन स्थिति कस्टम मिलिंग, बारदानों की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों से चर्चा कर जरूरी निर्देश दिए।खाद्य मंत्री श्री भगत ने अधिकारियों से नवीन धान खरीदी केन्द्रों के लिए जिलेवार प्राप्त प्रस्तावों की जानकारी ली। उन्होंने पीडीएस दुकानों के आबंटन तथा दुकानों में पीओएस मशीन लगाने में आ रही दिक्कतों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मंत्री ने किसान पोर्टल में पंजीयन, खाद्य विभाग के अंतर्गत रिक्त पदों पर भर्ती, नवीन खाद्य निरीक्षकों की पदस्थापना के संबंध में अधिकारियों से चर्चा कर उचित कार्यवाही करने को कहा। नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री भगत ने नमक, गुड़, चना के संग्रहण और पीडीएस हेतु चावल की उपलब्धता की जानकारी लेकर मांग व आपूर्ति के अनुरूप भण्डारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित कस्टम मिलिंग के जिलेवार भुगतान राशि के संबंध में अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।मंत्री श्री भगत ने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान खरीदी के तैयारियों की समीक्षा करते हुए नये पुराने बारदानों की उपलब्धता, धान खरीदी केन्द्रों के भौतिक सत्यापन की स्थिति के बारे में चर्चा की और इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री भगत ने बैठक छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि नवनिर्मित गोदामों का संयुक्त टीम बनाकर निरीक्षण करें और वहां आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फूड टेस्टिंग लैब के संबंध में अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली।इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह बाबरा और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री टोपेश्वर वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री धर्मेश साहू, एमडी मार्कफेड श्री मनोज सोनी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर /शिक्षक सीधी भर्ती - 2023 में व्याख्याता पद के अभ्यर्थियों के द्वितीय चरण की ऑनलाईन काउंसिलिंग 9 अगस्त से 15 अगस्त तक की गई थी। ऑनलाईन काउंसलिंग में शामिल अभ्यर्थियों के दस्तावेज का सत्यापन 8 सितम्बर को लोक शिक्षण संचालनालय खण्ड-3, प्रथम तल इन्द्रावती भवन, अटल नगर नवा रायपुर में प्रातः 11 बजे से किया जाएगा।
- -मिलेट मिशन की तर्ज पर तिलहन मिशन शुरू करने की जरूरत : डॉ. चंदेल-कृषि विश्वविद्यालय में तिलहनी फसलों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित-5 एवं 6 सितम्बर को अलसी तथा कुसुम फसलों पर दो दिवसीय वार्षिक कार्यशाला का होगा आयोजनरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद एवं इंडियन सोसायटी ऑफ आइलसीड रिसर्च, हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में आज यहां ‘‘तिलहनी फसलों हेतु जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकी एवं मूल्य संवर्धन’’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषि महाविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित इस संगोष्ठी का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने किया तथा अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस अवसर पर संचालक कृषि एवं पशु चिकित्सा, श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक (तिलहन एवं दलहन) डॉ. संजीव गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश भर में तिलहनी फसलों पर शोध कार्य करने वाले वैज्ञानिक शामिल हुए। इस दौरान छत्तीसगढ़ में उत्पादित होने वाली प्रमुख तिलहनी फसलों जैसे अलसी, सोयाबीन, कुसुम, रामतिल, तिल सरसों, मूंगफली, अरंडी आदि पर विशेषज्ञों द्वारा शोध पत्र भी प्रस्तुत किये गए। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा तिलहन फसलों पर प्रकाशित नवीन प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा देश तिलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर नहीं है और हमें बड़ी मात्रा में विदेशों से तेल का आयात करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में तिलहन फसलों का रकबा लगभग साढे़ पांच लाख हैक्टेयर तथा औसत उत्पादकता लगभग 7 क्विंटल प्रति हैक्टेयर है, जिसे बढा़ये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विगत कुछ वर्षां में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां बढ़ने के कारण आज फसलों की ऐसी नई किस्में विकसित करने की जरूरत है जो जलवायु परिवर्तन से कम प्रभावित होती हों और बदलती परिस्थितियों में भी अधिक उत्पादन देने में सक्षम हों। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से जलवायु अनुकूल नवीन किस्में तथा इनकी मूल्य संवर्धन प्रौद्योगिकी विकसित करने का आव्हान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि मिलेट मिशन शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ में लघु धान्य फसलों के उत्पादन में 85 प्रतिशत वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार राज्य सरकार तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय संगोष्ठी तथा कार्यशाला की सफलता हेतु शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अनुकूल प्रौद्योगिकी तथा फसलों के मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय काफी कार्य कर रहा है और इसमें राज्य सरकार की ओर से भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अलसी, सोयाबीन, कुसुम, सरसों, राम तिल आदि तिलहनी फसलों की 28 उन्नत किस्में विकसित की गई हैं। विश्वविद्यालय द्वारा स्पीड ब्रीडिंग कार्यक्रम के माध्यम से नवीन किस्मों के विकास की अवधि को कम करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि तिलहनी फसलों के मूल्य संवर्धन की प्रौद्योगिकी अपनाते हुए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा अलसी के रेशे से कपडे़ व अन्य सामग्री का निर्माण, कुसुम बीजों से तेल निष्कर्षण तकनीक एवं इसकी पंखुडियों से चाय बनाने की तकनीक विकसित की गई है। डॉ. चंदेल ने तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिलेट मिशन की तर्ज पर तिलहन मिशन प्रारंभ करने की आवश्यकता जताई।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक (दलहन एवं तिलहन) डॉ. संजीव गुप्ता ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नीति अयोग के साथ मिलकर भारत की आजादी की 100वीं वर्षगांठ सन् 2047 तक देश को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में प्रति वर्ष लगभग पौने दो लाख करोड़ रूपये मूल्य के तेल का आयात करना पड़ रहा है, जिसे अगले 25 वर्षां में समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि तिलहन उत्पादन के लिए संचालित ‘‘पीली क्रांति’’ के पूर्व देश की आवश्यकता के 30 प्रतिशत तिलहन का आयात होता था जो आज घटकर केवल 5 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत में अनाज का उत्पादन आवश्यकता से अधिक हो रहा है और दलहन उत्पादन के क्षेत्र में भी देश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि देश में तिलहनी फसलों को 85 प्रतिशत रकबा वर्षा पर आश्रित है और विभिन्न राज्यों के मध्य उत्पादकता में काफी अन्तर है। उन्होंने इन चुनौतियों से निपटने के लिए समुचित रणनीति एवं समन्वय के द्वारा कृषि में यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस जैसी नवाचारी तकनीक अपनाने पर जोर दिया। संगोष्ठी को संचालक कृषि श्रीमती चंदन त्रिपाठी, भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के निदेशक डॉ. आर.के. माथुर ने भी संबोधित किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी ने विषय प्रतिपादन करते हुए संगोष्ठी के आयोजन की आवश्यकता तथा इसकी रूप-रेखा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय में तिलहन फसलों पर किये जा रहे अनुसंधान के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार डॉ. अजय वर्मा, निदेशक प्रक्षेत्र एंव बीज डॉ. एस.एस. टुटेजा, कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय कुमार पाण्डेय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. दवे सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि तिलहन फसलों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के साथ ही 5 एवं 6 सितम्बर को अलसी तथा कुसुम फसलों पर दो दिवसीय वार्षिक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा देश भर में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं (अलसी) के 14 अनुसंधान केन्द्रों तथा अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं (कुसुम) के 8 अनुसंधान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे। वार्षिक कार्यशाला के दौरान देश में अलसी तथा कुसुम फसलों पर विगत वर्षां में किये गये अनुसंधान कार्यां की समीक्षा की जाएगी तथा आगामी वर्ष में किये जाने वाले अनुसंधान की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस दौरान इन फसलों के मूल्य संवर्धन पर प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें अलसी के रेशे से कपडे़ व अन्य सामग्री का निर्माण, कुसुम बीजों से तेल निष्कर्षण तकनीक एवं इसकी पंखुडियों से चाय बनाने का जीवंत प्रदर्शन भी विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा।
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-विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं एवं गतिविधियों का अवलोकन कियारायपुर । प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न कृषि अनुसंधान परियोजनाओं एवं गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के सहयोग से संचालित धान प्रजनन आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत एक्सीलरेटेड ब्रीडिंग फेसिलिटी का लोकार्पण किया। कंसल्टेटिव ग्रुप ऑफ इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल रिसर्च (सी.जी.आई.ए.आर.) के तकनीकी मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यक्रम के तहत धान की नवीन किस्मों के विकास में लगने वाली 12 वर्ष की अवधि को घटाकर कर 6 वर्ष किया जा सकेगा। लोकार्पण कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति तथा सी.जी.आई.ए.आर. के प्रमुख डॉ. संजय कटियार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, कुलसचिव श्री जी.के. निर्माम सहित परियोजना के जुड़े अनेक कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे। श्री साहू ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में संचालित टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला का अवलोकन किया तथा वहां टिश्यू कल्चर तकनीक के माध्यम से विकसित किये जा रहे केला, गन्ना, आर्किड आदि के पौधों का अवलोकन किया। श्री साहू ने डॉ. आर.एच. रिछारिया प्रयोगशाला में संचालित अक्ती जैव विविधता संग्रहालय में संग्रहित धान की 23 हजार 250 किस्मों का अवलोकन किया। डॉ. चंदेल ने उन्हें बताया कि यह अन्तर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान मनीला के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा धान जननद्रव्य संग्रहालय है। श्री साहू ने वहां धान से प्रोटीन, शुगर सीरप तथा बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक निर्माण की प्रौद्योगिकी का भी अवलोकन किया। श्री साहू ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए किए जा रहे अनुसंधान कार्यां एवं प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम की सराहना की। श्री साहू ने राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान में संचालित जैविक खेती मिशन तथा कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम में शामिल कृषकों तथा कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिक शामिल थे। इस अवसर पर शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राम कुमार पटेल तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशकडा.संजीव गुप्ता भी उपस्थित थे। - -अरमुरकसा महिलाएं लगभग 31 लाख रूपए चिक्की कर चुकी विक्रयरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की परिकल्पना को कर रहा है साकार बालोद जिले के जनपद पंचायत डौण्डी के ग्रामीण औघोगिक पार्क अरमुरकसा में महिलाएं वृहद पैमाने पर मिलेट चिक्की का बनाने का कार्य कर रही है। जहां गांव की महिलाओं को उनके घर के नजदीक ही काम मिलने से खुश हैं। 13 महिलाएं एक दूसरे से सम्पर्क करके रोजगार से निरंतर जोड़ने का सार्थक कार्य भी कर रही है। महिलाओं को काम मिलने से अपने रूचि के अनुसार कार्य कर रही है। साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता भी करने लगी है।बलोद जिले के जनपद पंचायत डौण्डी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि अरमुरकसा रीपा में मिलेट चिक्की उत्पादन इकाई स्थापित होने से गांव की महिलाओं को काम मिल गया है। ग्रामीण औघोगिक पार्क में कुल 41 लाख 574 रूपए का 23.89 टन चिक्की का उत्पादन हुआ है। महिलाओं ने 30 लाख 87 हजार 892 रूपए चिक्की विक्रय कर चुकी हैं चिक्की बनाने वाली महिलाओं को 53 हजार रुपए का शुद्ध लाभ मिल चुका है। महिलाओं इस कार्य को निरंतर कर रही है। चिक्की बनाने वाली समूह की महिला श्रीमती सुनीता निर्मलकर ने बताया कि 17 जुलाई 2023 से अरमुरकसा में मिलेट चिक्की इकाई शुरू किया गया जिला प्रशासन ने महिला समूहों को चिक्की बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। जिसमें सभी महिलाएं अब मिलेट चिक्की निर्माण कार्य में पूरी तरह से दक्ष हो गई है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के साथ समूह की महिलाएं अन्य गतिविधियों से भी जुड़ी हुई है। जिससे महिलाओं को अच्छी खासी आमदनी प्राप्त हो रही है। चिक्की पोषक तत्वों से भरपूर है नन्हें मुन्ने बच्चों एवं शिशुवती माताएं इन्हें बहुत पसंद करती हैं और बड़े चाव से खाती है। चिक्की कुपोषण को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
- -प्रत्येक जिले में 16-16 पद प्रतिनियुक्ति/संविदा से भरे जाएंगेरायपुर / राज्य के नवगठित पांच जिलों सक्ती, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी एवं सारंगढ़ में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रशासन योजना के लिए पद सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से आदेश जारी किए गए हैं।अवर सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक जिले में प्रशासन योजना जिला स्तर हेतु 16 पद के मान से पद सृजन की स्वीकृति दी गई हैं। इन पदों में जिला प्रशासन योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवगठित जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी या परियोजना अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी, लेखाधिकारी, लेखापाल या सहायक वर्ग 02, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, अधीक्षक, शीघ्रलेखक, वाहन चालक और चौकीदार के लिए 01-01 पद, भृत्य के लिए 02 पद तथा सहायक वर्ग 03 के 04 पद शामिल हैं। इन पदों की भर्ती संविदा/प्रतिनियुक्ति पर की जा सकेगी।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर हम गौरवान्वित महसूस करते हैं। डॉ. राधाकृष्णन एक दार्शनिक और अध्यापक भी रहे हैं। देश को शिक्षा की दिशा में आगे ले जाने में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने उच्च नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारा और अपने छात्रों को भी प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक अच्छा नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के माध्यम से वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। आशा है कि डॉ. राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए सभी शिक्षक देश और समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- -रायपुर आरटीओ में सबसे ज्यादा 8,143 मोटरयानों का हुआ पंजीयनरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा सुगम यातायात व्यवस्था सहित जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए निरंतर नवाचारी पहल जारी है। इस तारतम्य में वाहनों की खरीद-बिक्री की सुविधा के फलस्वरूप प्रदेश में लगातार मोटरयानों के पंजीयन की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रदेश में अगस्त 2022 में 30,236 मोटरयानों का पंजीयन हुआ था, वहीं अगस्त 2023 तक 39,509 मोटरयानों का पंजीयन हो चुका है। वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2023 में मोटरयानों के पंजीयन में लगभग एक तिहाई अर्थात् 30.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।आयुक्त परिवहन श्री दीपांशु काबरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में अगस्त 2022 से अगस्त 2023 तक रायपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत सबसे ज्यादा 8,143 मोटरयानों का पंजीयन हुआ। इनमें सरगुजा क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत 1,710, बिलासपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत 3,213, दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत 3,515, जगदलपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत 1,169 मोटरयानों का पंजीयन हुआ है। इन वाहनों में ट्रैक्टर, एम्बुलेंस, बस, ई-रिक्शा, माल वाहक, हारवेस्टर, टैक्सी (कैब), मोटरसाइकिल, भारी वाहन आदि मोटरयान शामिल हैं।इसी तरह जिला परिवहन कार्यालय अंतर्गत बैकुंठपुर में 637, बालोद में 724, बलोदाबाजार-भाटापारा में 1,178, बलरामपुर में 593, बेमेतरा में 641, बीजापुर में 264, दंतेवाड़ा में 389, धमतरी में 1,090, गरियाबंद में 479, गौरेला-पेंड्रा-मारवाही में 325, जांजगीर-चांपा में 1,917, जशपुर में 958, कांकेर में 1,147, कवर्धा में 961, कांेडागांव में 738, कोरबा में 2,084, महासमुंद में 1,409, मुंगेली में 660, नारायणपुर में 225, राजनांदगांव में 1,999, सुकमा में 245, सूरजपुर में 559 और रायगढ़ में 2,537 मोटरयानों का पंजीयन हुआ है।
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- मंदिर परिसर में 7 और 8 सितंबर को राज्य स्तरीय रामचरितमानस सम्मेलन का आयोजन-सम्मेलन में राज्य के 27 जिलों से विभिन्न मंडलियां हिस्सा लेंगीभिलाई। उमरपोटी नेवाई भाठा स्थित श्याम श्याम धाम मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस आयोजन को भव्य रूप देने के लिए श्याम श्याम धाम ट्रस्ट समिति जुटी हुई है। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 7 सितंबर को मनाया जाएगा।श्याम श्याम धाम ट्रस्ट समिति के नंदकुमार कश्यप ने बताया कि इस साल भी महोत्सव का आकर्षण राज्य स्तरीय रामचरितमानस सम्मेलन होगा। मंदिर परिसर में ही 7 और 8 सितंबर को दो दिवसीय राज्य स्तरीय रामचरितमानस सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रदेश के 27 जिले से रामायण की एक-एक मंडली आमंत्रित की गई है। अब तक राजनांदगांव, डोंगरगढ़, कवर्धा ,खैरागढ़ ,बालोद ,धमतरी ,बस्तर ,महासमुंद, बलौदाबाजार और कुछ अन्य जिलों की मंडलियों का इस आयोजन में शामिल होना सुनिश्चित हो चुका है।श्री कश्यप ने बताया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 7 सितंबर अष्टमी को प्रात: 9:00 बजे लड्डू गोपाल के अभिषेक के साथ होगी। पंडित संतोष अवस्थी और पंडित राजू तिवारी की उपस्थिति में भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप का अभिषेक किया जाएगा। दोपहर 12:00 बजे से मानसगान का कार्यक्रम शुरू होगा जो रात्रि 9:00 बजे तक चलेगा। मानस गान के पश्चात रात्रि 10:00 बजे से भजन संध्या का कार्यक्रम होगा जिसमें भिलाई के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे जो रात्रि 1:00 बजे तक चलेगा। 7 सितबंर को ही शाम से रात्रि 8:00 बजे लाडिली राधा और श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। रात्रि 12:00 बजे महा आरती होग। मंदिर में श्रीराधा- कृष्ण को छप्पन भोग लगाया जाएगा। साथ ही केक भी काटा जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा।वहीं 8 सितंबर को सुबह 10:00 बजे रामचरितमानस सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जो रात्रि 12:00 बजे तक जारी रहेगा। 8 सितंबर को ही नंदउत्सव भी मनाया जाएगा एवं श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का भी वितरण किया जाएगा। - -महिलाओं के संरक्षण के लिए कानून का सख्ती से किया जा रहा है पालनरायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ राज्य में महिला सुरक्षा के प्रति बेहत संवेदनशील हैं। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री बघेल के निर्देशों के अनुसार महिलाओं के संरक्षण के लिए कानून का सख्ती से पालन किया जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए राज्य के प्रत्येक थाने में एक महिला सेल का गठन किया गया है और महिलाओं के संबंधित अपराधों की स्वतंत्र जांच भी की जा रही है ।महिला अपराध से जुड़े लोगों को नहीं मिलेगी शासकीय नौकरीमहिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ये घोषणा भी की है कि महिला अपराध से जुड़े व्यक्ति को शासकीय नौकरी नहीं मिलेगी।महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु किये जा रहे प्रयासछत्तीसगढ़ में गृह( पुलिस) विभाग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विभाग कई योजनाओं का संचालन कर रहा है और जन जागरूकता अभियान भी चला रहा है।अभिव्यक्ति ऐपमहिलाओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ’’अभिव्यक्ति’’ महिला सुरक्षा ऐप विकसित किया है। इस मोबाइल एप्प का शुभारंभ 01 जनवरी 2022 को किया गया है।’अभिव्यक्ति’ जन-जागरूकता अभियानछत्तीसगढ़ की महिलाओं को कानून में प्रदत्त अधिकारों के बारे में जागरूक करने हेतु अभिव्यक्ति जन जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है।महिला विरुद्ध अपराध अनुसंधान इकाई (IUCAW)राज्य के 06 जिलों में IUCAW का गठन किया गया है।महिला थानाराज्य के 04 जिलों में पृथक से महिला थाना संचालित है।थाना स्तर पर महिला सेलराज्य के समस्त 455 पुलिस थानों/चौकी में महिला सेल का गठन किया गया है।जिला स्तर पर महिला प्रकोष्ठमहिलाओं से संबंधित प्रकरणों एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु जिला स्तर पर महिला प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।सीसीटीव्ही कैमरासार्वजनिक स्थानों में लगभग 50,000 सीसीटीव्ही कैमरे लगाये गये हैं।पीड़ित क्षतिपूर्ति योजनायौन उत्पीड़न/अन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं/उत्तरजीवियों के लिए क्षतिपूर्ति योजना - 2018 राज्य में लागू है, जिसमें अधिकतम 10 लाख रूपये तक राहत राशि दिये जाने का प्रावधान है।
- रायपुर /आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वाधान में शनिवार 9 सितम्बर 2023 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। जिसमें जिला न्यायालय, एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे, दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, दंड प्रकिया संहिता 145 के कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।
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जांजगीर-चाम्पा। नवागढ़ थाना क्षेत्र के अमोदा गांव में देशी शराब पीने से 2 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी विजय सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है ।मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 304, 328 के तहत जुर्म दर्ज किया है। इस मामले में एसपी ऑफिस में एडिशनल एसपी अनिल सोनिने प्रेस कांफ्रेंस की और पूरी वारदात का खुलासा किया है.। आरोपी 2021 में सरागांव थाना क्षेत्र के एक मर्डर के मामले में जेल जा चुका है। रोगदा गांव निवासी विजय सूर्यवंशी, अमोदा गांव के अपने मुंहबोले साला रोहित कमलाकर को पुराने विवाद की वजह से रास्ते से हटाने के लिए शराब में जहरीला पदार्थ मिलाया था, जिसे रोहित की बजाय किरन प्रधान और ललिता सूर्यवंशी ने पी ली थी।
दरअसल, 31 अगस्त को रात में अमोदा गांव में किरन प्रधान और ललिता सूर्यवंशी ने देशी शराब पी थी.। शराब पीने के बाद दोनों की तबियत बिगड़ गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया था। 1 सितम्बर को सुबह दोनों शव का पोस्टमार्टम हुआ । नवागढ़ पुलिस की टीम अमोदा गांव पहुंची। यहां टीम ने देशी शराब की बोतल, गिलास को जब्त किया। दूसरी ओर, पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण, शराब में कुछ जहरीले पदार्थ डालने की जानकारी डॉक्टर ने दी। साथ ही, मौत की स्पष्ट वजह के लिए बिसरा को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की जानकारी दी है।इधर, नवागढ़ पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतकों के परिजन के बयान और पुलिस की जांच में रोगदा गांव के एक शख्स विजय सूर्यवंशी का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि रोगदा गांव के आरोपी विजय सूर्यवंशी का ससुराल अमोदा गांव है। जहां के रोहित कमलाकर से उसका विवाद हुआ था और वह, उसे मारना चाहता था.। आरोपी विजय सूर्यवंशी ने रोहित कमलाकर को पहले भी जान से मारने दी थी। रोगदा गांव के आरोपी विजय सूर्यवंशी ने साजिश रची और शराब को अमोदा गांव के रोहित के घर उसकी बच्ची को दिया था. विजय सूर्यवंशी, रोहित को मारना चाहता था, लेकिन उस शराब को बाराद्वार क्षेत्र के हनुमंता गांव से राखी में सुसराल अमोदा पहुंचे किरन प्रधान, महिला ललिता सूर्यवंशी ने पी ली, जिससे दोनों की मौत हो गई।पुलिस की जांच में रोगदा गांव के आरोपी विजय सूर्यवंशी का नाम सामने आने के बाद उसे चन्द्रपुर से पकड़ा गया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी विजय सूर्यवंशी ने बताया कि महुदा गांव के रोहित कमलाकर से विवाद हुआ था। राखी के दिन 30 अगस्त को भी विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने रोहित को मारने के लिए प्लान बनाया।वारदात के बाद प्रशासन में हड़कम्प मचा रहा और छ्ग में सियासत में तेज हो गई है। घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष नारायण चन्देल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा था। दरअसल, नवागढ़ क्षेत्र के रोगदा गांव में 3 माह पहले 15 मई को शराब पीने से सेना के जवान समेत 3 लोगों की मौत हुई थी। नवागढ़ क्षेत्र में अब यह दूसरी घटना अमोदा गांव में हुई है, जिसके बाद तमाम सवाल खड़े हो गए थे। - भिलाई । भिलाई में एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने रायपुर-भिलाई एनएच 56 में महिला सहित दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि इसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसका इलाज जिला अस्पताल दुर्ग में चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक गंगा सागर यादव (38) पुत्र जंगली यादव जोन तीन खुर्सीपार में शर्मा आश्रम के पास रहता था। वह रात में गार्ड की ड्यूटी और दिन में कबाड़ बीनने का काम करता था। रविवार दोपहर एक बजे के करीब पावर हाउस चौक दुर्गा धर्म कांटा के पास सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान ट्रेलर ने दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर से महिला दूर जा गिरी, जबकि गंगा सागर ट्रेलर के नीचे आ गया। आसपास मौजूद लोगों ने खुर्सीपार पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी उमेंद कुमार टंडन मौके पर पहुंचे और दोनों को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने गंगा सागर को मृत घोषित कर दिया। उसका शव मॉर्चुरी में रखवाया गया है। वहीं घायल महिला की हालत गंभीर होने से उसे दुर्ग जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने ट्रेलर चालक कोमल वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है।गंगा सागर के दो लड़के मुकेश, राकेश और दो लड़कियां मनीषा और उर्मिला हैं। पत्नी सोनी देवी हाउस वाइफ है। गंगा सागर की मौत के बाद से चारों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिजन सूचना मिलते ही लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मॉर्चुरी पहुंचे। वहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- -प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा बीजापुर जिले में और कम वर्षा सरगुजा जिले मेंरायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2023 से अब तक राज्य में 737 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2023 से आज 03 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1306.3 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 336.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 655.7 मिमी, बलरामपुर में 699.7 मिमी, जशपुर में 595.3 मिमी, कोरिया में 708.7 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 715 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 834.2 मिमी, बलौदाबाजार में 732.4 मिमी, गरियाबंद में 671.4 मिमी, महासमुंद में 768.1 मिमी, धमतरी में 731.2 मिमी, बिलासपुर में 748.7 मिमी, मुंगेली में 888.3 मिमी, रायगढ़ में 815.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 665.6 मिमी, जांजगीर-चांपा में 618.3 मिमी, सक्ती में 614.2 मिमी, कोरबा में 719.2 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 745.4 मिमी, दुर्ग में 591.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 569.5 मिमी, राजनांदगांव में 791.4 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 930.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 750 मिमी, बालोद में 779.8 मिमी, बेमेतरा में 563.9 मिमी, बस्तर में 802.6 मिमी, कोण्डागांव में 701.4 मिमी, कांकेर में 713.7 मिमी, नारायणपुर में 704.8 मिमी, दंतेवाड़ा में 857.1 मिमी और सुकमा में 1086.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -52 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान से होंगे सम्मानितरायपुर / शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन के मुख्य आतिथ्य में 05 सितंबर 2023 को प्रातः 10 बजे से राजभवन के दरबार हॉल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल करेंगे और अति विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे और विशिष्ट अतिथि संसदीय सचिव श्री द्वारिकाधीश यादव होंगे।शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 52 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 48 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 48 शिक्षिकों में से प्रत्येक को 21-21 हजार रूपाए की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 50-50 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।राज्य स्मृति पुरस्कारशिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के 04 महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर 04 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें रायपुर जिले की प्रधान पाठक सुश्री ममता अहार को ’’डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार’’, कोण्डागांव जिले की प्रधान अध्यापक श्रीमती मधु तिवारी को ’’डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार’’, रायगढ़ जिले की व्याख्याता श्रीमती रश्मि वर्मा को ’’डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार’’ और खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले की शिक्षक एलबी श्रीमती इन्दिरा चन्द्रवंशी को ’’श्री गजानन्द माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार’’ प्रदान किया जाएगा।राज्य शिक्षक पुरस्कार-2022राज्य शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2022 से सम्मानित होने वाले 48 शिक्षकों में से कांकेर जिले के शिक्षक एल.बी. श्री कृष्णपाल राणा और शिक्षक एल.बी. श्रीमती रूखमणी साहू, नारायणपुर जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री देवेन्द्र कुमार देवांगन और प्रधान पाठक श्रीमती ब्रजेश्वरी रावटे, जगदलपुर जिले के शिक्षक श्री महेश कुमार सेठिया और व्याख्याता श्री रमेश कुमार उपाध्याय, दंतेवाड़ा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री खेमलाल सिन्हा और उच्च श्रेणी शिक्षक श्रीमती उषा भूआर्य, बालोद जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री श्रवण कुमार यादव और सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती पुष्पलता साहू, राजनांदगांव जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री तुलेश्वर कुमार सेन और शिक्षक एल.बी. श्री पारूल चतुर्वेदी, दुर्ग जिले के प्रधान पाठक श्री यशवंत कुमार पटेल और शिक्षक एल.बी. सुश्री के. शारदा, कबीरधाम जिले की शिक्षक श्रीमती यक्ष चंद्राकर और प्रधान पाठक श्री शिव कुमार बंजारे, बेमेतरा जिले की शिक्षक एल.बी. श्रीमती ज्योति बनाफर और व्याख्याता एल.बी. श्रीमती सुषमा शुक्ला शर्मा, महासमंुद जिले के व्याख्याता एल.बी. श्री अनिल कुमार प्रधान और सहायक शिक्षक एल.बी. श्री डोलामणी साहू, गरियाबंद जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री संतोष कुमार तारक और सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती लताबेला मोंगेंरे के नाम शामिल है।इसी प्रकार वर्ष 2022 राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए रायपुर जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री उत्तम कुमार देवांगन और सहायक शिक्षक एल.बी. डॉ. श्रीमती गोपा शर्मा, धमतरी जिले के व्याख्याता एल.बी. श्री राजूराम साहू और सहायक शिक्षक एल.बी. श्री दीनबुधु सिन्हा, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री विनोद कुमार डड़सेना और प्रधान पाठक श्रीमती आशा साहू, जांजगीर चांपा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी और व्याख्याता एल.बी. श्री अनुराग तिवारी, रायगढ़ जिले के व्याख्याता एल.बी. श्री भोजराम पटेल और सहायक शिक्षक एल.बी. श्री संतोष कुमार पटेल, बिलासपुर जिले के व्याख्याता एल.बी. श्री सुशील कुमार पटेल और सहायक शिक्षक एल.बी. श्री रामधन पटेल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती अदिति शर्मा और सहायक शिक्षक एल.बी. श्री भीष्म प्रसाद त्रिपाठी, कोरबा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री गोकुल प्रसाद मार्बल और शिक्षक श्री मुकुन्द केशव उपाध्याय, जिला सक्ती के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री पुष्पेन्द्र कुमार कौशिक और सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती मीरा देवांगन, कोरिया जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री रूद्र प्रताप सिंह राणा और व्याख्याता प्रभारी प्राचार्य डॉ. विनोद पाण्डेय, सूरजपुर जिले की व्याख्याता श्रीमती निशा सिंह और सहायक शिक्षक एल.बी. श्री दिनेश कुमार साहू, सरगुजा जिले की व्याख्याता श्रीमती अनामिका चक्रवर्ती और व्याख्याता एल.बी. श्री अंचल कुमार सिन्हा, बलरामपुर जिले के व्याख्याता प्रभारी प्राचार्य श्री बाबूलाल लहरे और सहायक शिक्षक एल.बी. श्री रमेश कुमार साकेत का नाम शामिल है।
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16 खेलों में हुनर दिखा रहे खिलाड़ी, विजेता प्रतिभागी होंगे पुरुस्कृत
कलेक्टर ने जिला स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन की तैयारी करने के दिए निर्देश
कवर्धा।छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल और संस्कृति को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हरेली तिहार के दिन छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत की। जिसमें जिले के प्रतिभागी उत्साह से भाग ले रहे है और ग्राम पंचायत, जोन, विकासखंड एवं नगरीय स्तर पर विजय होकर को आगे बढ़ रहे है। हरेली तिहार 17 जुलाई से ग्राम स्तर से शुरू किए गए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 4 सितंबर 2023 को आउटडोर स्टेडियम कवर्धा, शासकीय पी जी कॉलेज मैदान, छिरपानी मैदान में किया जाएगा।
कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का जिला स्तर पर शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार आयोजन की तैयारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
जिले में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का प्रथम चरण 17 जुलाई से 22 जुलाई तक आयोजित किया गया। दूसरे चरण जोन स्तर की शुरूआत जिले में शुरू होकर 31 जुलाई को समाप्त हुई। इसके बाद विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तर पर आयोजन किया। जिसमे विजेता प्रतिभागी अब जिला स्तर पर भाग लेंगे। जिला स्तर पर विजेता प्रतिभागी संभाग स्तर पर और फिर राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता में शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में 16 खेलों में हुनर दिखा रहे खिलाड़ी
छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय व एकल दो श्रेणी में आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं।
हर आयु वर्ग के खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में आयु वर्ग को तीन वर्गों में बांटा गया है। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा वर्ग 18-40 वर्ष आयु सीमा तक और तीसरा वर्ग में 40 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल हो रहे है । इस प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग में प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
विजेता प्रतिभागियों को किया जा रहा सम्मानित
छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर पर विजेता प्रतिभागियों से लेकर राज्य स्तर के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान की जा रही। विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर प्रथम आने वाले विजेता खिलाड़ियों को 1000 रूपए, द्वितीय स्थान आने पर 750 रूपए एवं तीसरा स्थान आने पर 500 रूपए की पुरस्कार राशि एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह जिला स्तर पर प्रथम आने वाल विजेता प्रतिभागियों को 2000 रूपए की राशि, द्वितीय आने पर 1500 रूपए और तीसरे स्थान आने पर 1000 रूपए की राशि सहित प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। संभाग स्तर पर विजेता प्रतियोगियों को प्रथम आने पर 3000 रूपए, द्वितीय आने पर 2500 रूपए एवं तीसरे स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को 2000 रूपए एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। राज्य स्तर पर ओलंपिक के अंतिम आयोजन में प्रथम आने वाले प्रतिभागियों को 5000 रूपए, द्वितीय आने पर 4500 रूपए एवं तीसरे स्थान आने वाले खिलाड़ियों को 4000 रूपए की राशि और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। -
धमतरी। जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पत्थर्रीडीह में शिक्षा सत्र 2023-24 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु राज्य कार्यालय से जिलावार एवं श्रेणी वार मेरिट सूची प्राप्त हुई है, जिसमें से धमतरी जिले के मेरिट सूची श्रेणीवार जिले के वेबसाईट में अपलोड किया जाना है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने बताया की प्रवेश प्रक्रिया 04 सितंबर से विद्यालय में प्रारंभ की जायेगी। प्रवेश की कार्यवाही एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह में कार्यालयीन दिवस में सवेरे 10 बजे से सायं 4 बजे तक की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया की संस्था में प्रवेश के समय ऑनलाईन आवेदन में प्रविष्टि किये गये समस्त दस्तावेजों की मूल प्रति एवं एक-एक छायाप्रति के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी उक्त सूची का अवलोकन जिले के वेबसाईट dhamtari.gov.in पर कर सकते है। उपरोक्त जानकारी में आई.टी. एक्ट 2000 एवं आधार एक्ट 2016 का पालन किया गया है। -
बी. बाक्स तथा शहद उत्पादन से संबंधित अन्य उपकरण प्रदाय किये गये
हितग्राहियों को शहद उत्पादन हेतु वैज्ञानिक तकनीकी की सहायता से अधिकतम उत्पादन हो सकेगा, अतिरिक्त आय में वृद्धि होगी
जशपुर क्षेत्र मधुमक्खी पालन के लिए अनुकूलित है, आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञ टीम के प्रशिक्षण का लाभ हितग्राहियों को मिलेगा
जशपुरनगर। जिला प्रशासन द्वारा मधुमक्खी पालन की दिशा में पहल करते हुए डीएमएफ मद से वन विभाग द्वारा प्राप्त परियोजना प्रतिवेदन अनुसार राशि जारी की गई। जिले में मधुमक्खी पालन की संभावनाओं को देखते हुए आईआईटी मुम्बई के विशेषज्ञों द्वारा सर्वे एवं अध्ययन उपरान्त परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर प्रशिक्षण कराया गया।
यह कार्य आईआईटी मुम्बई के तकनीकी मार्गदर्शन एवं वन अमला के देखरेख एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से कार्य प्रारम्भ किया गया। कलेक्टर डॉ रवि मित्तल के मंशा अनुसार तथा आईआईटी.मुम्बई के तकनीकी निर्देशन में वन विभाग जशपुर के द्वारा मनोरा ब्लाक के ग्राम करदना, छतौरी, घाघरा, सैला, अराकोना कण्डोरा, खुटापानी, मिर्चीटोली व सरुआ के कुल 9 ग्रामों में प्रारंभिक प्रशिक्षण 1 सितंबर 2023 को आईआईटी मुम्बई से आये प्रोफेसर श्रीमती बकुल राव, श्री मंजुनाथ, श्री अपूर्वा, विधायक श्री विनय भगत की उपस्थिति एवं कलेक्टर डॉ रवि मित्तल जिला पंचायत सीईओ. श्री संबित मिश्रा, वनमण्डलाधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, वन विभाग के एस.डी.ओ.,रेंज आफिसर, श्री राजेश गुप्ता रिड्स की उपस्थिति में 50 हितग्राहियों को मधुमक्खी पालन हेतु तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
इस दौरान 100 नग बी. बाक्स तथा शहद उत्पादन से संबंधित अन्य समस्त उपकरण प्रदाय किये गये। जिससे हितग्राहियों को शहद उत्पादन हेतु वैज्ञानिक तकनीकी की सहायता से अधिकतम उत्पादन हो सकेगा । उनकी आजीविका में इससे अतिरिक्त आय का सृजन होगा। द्वितीय चरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है तथा उपरोक्त मधुमक्खी पालन की समस्त तकनीकी पहलुओं की निगरानी आईआईटी. मुम्बई एवं वन अमला द्वारा निरंतर की जा रही है। जशपुर क्षेत्र मधुमक्खी पालन के लिए अनुकूलित माना जाता है जिसे बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है। आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञ टीम के द्वारा हितग्राहियों को वैज्ञानिक तकनीकी की सहायता से मधुमक्खी पालन की जानकारी दी जा रही है जिससे निश्चित ही हितग्राहियों को लाभ मिलेगा।







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