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एक ही स्थान पर मिलेगा नागरिकों को जानकारी
भिलाईनगर। निगम मुख्यालय सुपेला में अपने मकान, भूमि, टैक्स जैसे कार्यो के लिए आने वाले नागरिकों को एक ही स्थान पर जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। जहाॅ शासन की जनकल्याणकारी योजना तथा आवेदन की जानकारी दी जावेगी।
नागरिकों की सुविधा के लिए निगम भिलाई में हेल्प डेस्क की स्थापना कर प्रारंभ किया गया है। हेल्प डेस्क के माध्यम से निगम में विभिन्न कार्यो के लिए आने वाले नागरिकों को अपने कार्य के लिए अब विभाग में भटकना नहीं पड़ेगा, सभी तरह के कार्य की जानकारी इस एकल खिड़की में मिल जाएगी। महापौर नीरज पाल एवं आयुक्त रोहित व्यास के मार्गदर्शन में शुरू किये गए हेल्प डेस्क में नागरिक अपने आवेदन जमा कर आवेदन की स्थिति के बारे में अवगत हो सकेगें। हेल्प डेस्क में बैठे हुए कर्मचारी राशन कार्ड, सम्पत्तिकर, आवास, रजिस्ट्री, जन्म, मृत्यु, लाइसेंस नवीनीकरण, पेंशन, आधार कार्ड जैसे नागरिक सुविधाओं के संबंध में निगम के विभिन्न विभागो में किए जाने वाले कार्य की पूरी जानकारी भी नागरिकांे को उपलब्ध कराएंगे। बता दे कि अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी एवं प्रोग्रामर सुश्री दिप्ती साहू की उपस्थिति में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने विभाग में किये जा रहे कार्यो की प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत कर हेल्पडेस्क में बैठने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। भिलाई निगम क्षेत्र के नागरिकगण एवं हितग्राही किसी भी प्रकार की समस्या या किसी योजना का लाभ लेने से संबंधित जानकारी के लिए निगम मुख्यालय में आते है और कौन से कार्य किस विभाग से पूर्ण होगा इसकी पूरी जानकारी नहीं होने से परेशान होते है इस स्थिति से बचने के लिए महापौर एवं आयुक्त के निर्देश पर हेल्प डेस्क प्रारंभ किया गया है जहाॅ नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। -
कामता, कोटागांव, आड़ेझर, मलकुंवर, खैरवाही, नर्राटोला आदि गांवों में सिंचाई हेतु मिलेगा पर्याप्त पानी
बालोद। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार बीएसपी के द्वारा किसानों की मांग पर जिले के डौण्डी विकासखण्ड के दल्लीराजहरा के समीपस्थ स्थित बोईरडीह डेम से सिंचाई हेतु पानी छोड़ा गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डी श्री सुरेश साहू ने बताया कि किसान संघ डौण्डी द्वारा खेतों में फसलों के लिए पानी की समस्या को देखते हुए बीएसपी के अधीन बोईरडीह डेम से सिंचाई हेतु पानी प्रदान करने की मांग की गई थी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा किसानों की मांग के संबंध में तत्काल कलेक्टर श्री शर्मा को अवगत कराया गया था। कलेक्टर ने इसे तत्काल संज्ञान में लेते हुए बीएसपी प्रबंधन से बोईरडीह डेम से सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बीएसपी प्रबंधन द्वारा आज किसानों को आज सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने हेतु बोईरडीह डेम को खुलवाया गया है। उल्लेखनीय है कि बोईरडीह डेम से सिंचाई हेतु पानी छोड़े जाने से बोईरडीह के आसपास स्थित कामता, कोटागांव, आड़ेझर, मलकुंवर, नर्राटोला के किसानों को सिंचाई हेतु समुचित पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री सुरेश साहू द्वारा मौके पर पहुँचकर वस्तु स्थिति की जानकारी ली गई। श्री साहू ने बताया कि किसानों के खेतों में पानी पहुँचना शुरू हो गया है।
कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार किसानों की मांग पर पूरी संवेदनशीलता के साथ की गई त्वरित कार्रवाई के फलस्वरूप किसानों के खेतों में पानी पहुँचने से बहुत ही प्रसन्नचित एवं बेहतर पैदावार के लिए पूरी तरह आशान्वित है। बोईरडीह डेम से सिंचाई हेतु पानी छोड़े जाने बहुत ही खुश नजर आ रहे डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम आड़ेझर निवासी किसान मदनलाल एवं मयाराम ने कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के इस संवेदनशील निर्णय की भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने बताया कि बोईरडीह डेम से आज पानी छोड़े जाने के फलस्वरूप उनके खेतों में सिंचाई हेतु पानी पहुँच गया है। किसानों के समस्याओं के तत्काल निराकरण हेतु जिला प्रशासन की त्वरित पहल की सराहना आड़ेझर निवासी किसान निर्भयराम ने भी की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बारिश नहीं होने से अपने फसलों के लिए पानी की प्रबंध के लिए बहुत ज्यादा चिंतित थे। लेकिन कलेक्टर के पहल पर आज उनके खेतों में सिंचाई हेतु पानी पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि बोईरडीह डेम से पानी छोड़े जाने पर उनके एवं आसपास के अनेक गांव के किसानों के फसलों के लिए समुचित मात्रा में पानी उपलब्ध हो पाएगा। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा, बीएसपी प्रबंधन के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
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रायपुर। .जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तहत कार्य करने वाले जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (ट्राइफेड), रायपुर ने सूचित किया है कि 20 से 28 अगस्त, 2023 तक साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में आयोजित होने वाला ‘’आदि महोत्सव’’ स्थगित कर दिया गया है ।
ट्राइफेड ने बताया कि खराब मौसम और राज्य के बाहर से आने वाले कारीगरों को रायपुर पहुंचने में आने वाली बाधाओं के ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है । ट्राइफेड ने जानकारी दी कि नई तारीखों की घोषणा उचित समय पर की जाएंगी और असुविधा के लिए गहरा खेद व्यक्त किया है। - दुर्ग, / जिले में गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता की मानीटरिंग के लिए राज्य शासन के निर्देशानुसार खाद्य विभाग के जांच दल द्वारा जिले के 33 गेहूं व्यापारियों द्वारा धारित गेहूं के स्टाक का सत्यापन किया गया। खाद्य नियंत्रक श्री दीपांकर के अनुसारव्यापारियों की बैठक लेकर गेहूं स्टाक मानीटरिंग पोर्टल में संस्था के व्यापार की स्थिति के अनुसार थोक विक्रेता, फुटकर विक्रेता, बिग चैन रिटेलर तथा प्रसंस्करणकर्ता के रूप में अपनी संस्था का पंजीयन वेब पोर्टल के यू.आर.एल. में अविलंब कराने हेतु समझाईश दी गई। मौके पर 07 व्यापारियों का नया पंजीयन कराया गया। गेहूं व्यापारियों को अवगत कराया गया कि गेहूं के व्यापार के अनुसार गेहूं स्टाक मानीटरिंग पोर्टल में अपनी संस्था का पंजीयन कराना एवं प्रत्येक शुक्रवार को संस्था द्वारा धारित स्टाक का पोर्टल में दर्ज कर घोषित किया जाना अनिवार्य है। गेहूं व्यापारियों एवं उनके संगठन द्वारा उपरोक्तानुसार पंजीयन शीघ्र कराये जाने हेतु अपनी सहमति दी गई । file photo
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भिलाईनगर। निगम मुख्यालय सुपेला में अपने मकान, भूमि, टैक्स जैसे कार्यो के लिए आने वाले नागरिकों को एक ही स्थान पर जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। जहाॅ शासन की जनकल्याणकारी योजना तथा आवेदन की जानकारी दी जावेगी।
नागरिकों की सुविधा के लिए निगम भिलाई में हेल्प डेस्क की स्थापना कर प्रारंभ किया गया है। हेल्प डेस्क के माध्यम से निगम में विभिन्न कार्यो के लिए आने वाले नागरिकों को अपने कार्य के लिए अब विभाग में भटकना नहीं पड़ेगा, सभी तरह के कार्य की जानकारी इस एकल खिड़की में मिल जाएगी। महापौर नीरज पाल एवं आयुक्त रोहित व्यास के मार्गदर्शन में शुरू किये गए हेल्प डेस्क में नागरिक अपने आवेदन जमा कर आवेदन की स्थिति के बारे में अवगत हो सकेगें। हेल्प डेस्क में बैठे हुए कर्मचारी राशन कार्ड, सम्पत्तिकर, आवास, रजिस्ट्री, जन्म, मृत्यु, लाइसेंस नवीनीकरण, पेंशन, आधार कार्ड जैसे नागरिक सुविधाओं के संबंध में निगम के विभिन्न विभागो में किए जाने वाले कार्य की पूरी जानकारी भी नागरिकांे को उपलब्ध कराएंगे। बता दे कि अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी एवं प्रोग्रामर सुश्री दिप्ती साहू की उपस्थिति में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने विभाग में किये जा रहे कार्यो की प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत कर हेल्पडेस्क में बैठने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। भिलाई निगम क्षेत्र के नागरिकगण एवं हितग्राही किसी भी प्रकार की समस्या या किसी योजना का लाभ लेने से संबंधित जानकारी के लिए निगम मुख्यालय में आते है और कौन से कार्य किस विभाग से पूर्ण होगा इसकी पूरी जानकारी नहीं होने से परेशान होते है इस स्थिति से बचने के लिए महापौर एवं आयुक्त के निर्देश पर हेल्प डेस्क प्रारंभ किया गया है जहाॅ नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। -
रायपुर / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक संचालक कृषि (कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव विभाग) और आयुर्वेद अधिकारी (चिकित्सा शिक्षा (आयुष) विभाग) एवं सहायक संचालक (तकनीकी) चिकित्सा शिक्षा विभाग की परीक्षा 20 अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर 02 बजे तक 05 परीक्षा केन्द्रो में संचालित की जाएगी जिसमें 1 हजार 944 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
परिक्षा के सुचारू रूप से संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम प्रसाद रजक को परीक्षा प्रभारी अधिकारी और सहायक संचालक कौशल विकास विभाग श्री केदार पटेल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। - -सामान्य विभाग के सचिव ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों के संबंध में ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गयारायपुर / सोशल मीडिया में प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों के संबंध में एक आदेश वायरल हुआ है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि यह फर्जी आदेश है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया में एक फर्जी आदेश वायरल हुआ है जिसमें कहा गया है कि राज्य शासन के विभिन्न विभाग के पदों में विशेष भर्ती अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की विभागीय परीक्षा में अनुतीर्ण विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर दिया जाएगा।डा. सिंह ने बताया कि इस फर्जी आदेश में यह लिखा है कि विभागवार परीक्षा में 205 अभ्यर्थी शामिल हुए जिसमें 182 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए और शेष 23 अनुत्तीर्ण हुए। अनुत्तीर्ण अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से 15 दिवस के भीतर द्वितीय अवसर प्रदान करते हुए अंतिम परीक्षा परिणाम 20 नवंबर तक घोषित कर परिणाम की एक प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराएं।डा. सिंह ने बताया कि यह आदेश पूरी तरह से फर्जी है और इसमें मनगढ़ंत बात लिखी है जिसका खंडन विभाग द्वारा किया जाता है।
- -संचालक एससीईआरटी ने स्थानीय भाषाओं में 15 सितम्बर तक प्रथम पांडुलिपि तैयार करने कहारायपुर /स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आगामी शिक्षा सत्र से छत्तीसगढ़ भाषा एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय बोली को कक्षा 1 से 5 तक के पाठ्यक्रम में शामिल करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के संचालक श्री राजेश सिंह राणा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा की गई इस घोषणा पर कार्यवाही के लिए बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।श्री राजेश सिंह राणा ने मुख्यमंत्री की घोषणा से अवगत कराते हुए सभी अशासकीय संगठनों से बहुभाषा शिक्षण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्याें और अनुभव की संक्षिप्त जानकारी ली। उन्होंने मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन) के भाषागत लक्ष्यों, सीखने के प्रतिफलों को ध्यान में रखते हुए एससीईआरटी की अकादमिक टीम के साथ सहयोग करने कहा। श्री राणा ने इस कार्य के लिए कक्षा 1 से कक्षा 5 तक सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ी भाषा (रायपुर एवं बिलासपुर संभाग), सरगुजिहा, हल्बी, गोड़ी, सादरी, कुडुख स्थानीय भाषाओं में 15 सितम्बर तक प्रथम पांडुलिपि तैयार कर प्रस्तुत करने कहा है। अशासकीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने कक्षा 1 से 3 तक इस क्षेत्र में कार्य किए जाने वाली स्थानीय भाषाओं में पाठ्य सामग्री निर्माण कर, दी गई समय सीमा में प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया है। इसे स्थानीय भाषाओं के लिए पूर्व तैयार की गई समितियों के मध्य आगामी 15 सितम्बर को चर्चा हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।अगले शिक्षा सत्र से छत्तीसगढ़ी भाषा एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय बोली को कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के पाठ्यक्रम में एक विषय के रूप में सम्मिलित करने के संबंध में आयोजित बैठक में परिषद् की उपसंचालक श्रीमती पुष्पा किस्पोट्टा, पाठ्यपुस्तक लेखन के प्रकोष्ठ प्रभारी श्री वी.के. तिवारी, सहायक संचालक, श्री सुशील राठोड़, सहायक प्राध्यापक, डॉ. जयभारती चंद्राकर, स. प्रकोष्ठ प्रभारी बहु भाषा शिक्षण, श्री एस.के.तंबोली, व्याख्याता तथा अशासकीय संगठनों से श्री राधेश्याम थवाईत (अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन), श्री रंधीर एवं श्री प्रदीप (रूम टू रीड फाउंडेशन), श्री संजय गुलाटी एवं मधुलिका झा (लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन), सुश्री रागिनी मेहरा (संपर्क फाउंडेशन) उपस्थित थे।
- -जलाशयों में जल भराव और सिंचाई के लिए पानी की मांग की समीक्षारायपुर / जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने आज महानदी भवन, मंत्रालय स्थित अपने कक्ष में सिंचाई जलाशयों में जल भराव की स्थिति और कृषकों द्वारा सिंचाई के लिए जल की मांग के संबंध में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को जलाशयों से सिंचाई के लिए मांग और आवश्यकता के अनुसार पानी छोड़ा जाए।बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 12 वृहद और 34 मध्यम परियोजनाओं में औसतन 79 प्रतिशत जल भराव है। वर्तमान में महानदी जलाशय परियोजना (गंगरेल), मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना, तांदुला जलाशय, खारंग जलाशय, सीकासार जलाशय, मनियारी, कोडार, घोंघा, कोसारटेडा (बस्तर), खरखरा, गोंदली, श्याम घुन्घुट्टा, छिरपानी जलाशय सहित अन्य मध्यम एवं लघु जल परियोजनाओं जलाशयों से किसानों को मांग अनुरूप जल प्रदाय किया जा रहा है। राज्य के अन्य जलाशयों से भी सिंचाई के लिए पानी दिया जा सकता है।
- -अब तक 500 से अधिक कैम्पों के माध्यम से 34 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वितरायपुर / छत्तीसगढ़ में वन विभाग अंतर्गत कैम्पा प्राधिकरण द्वारा स्कूली बच्चों में वन संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए प्रदेशव्यापी प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत वन मितान जागृति कार्यक्रम के माध्यम से राज्य में कुल 509 कैम्पों का आयोजन किया जा चुका है। इन कैम्पों के माध्यम से 2 हजार 357 शिक्षक, 15 हजार 824 छात्र और 16 हजार 295 छात्राएं सहित कुल 34 हजार 476 लोगों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से वनों के प्रति जागरूक किया जा चुका है।गौरतलब है कि वन प्रबंधन में भागीदारी के प्रथम चरण के रूप में वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण के महत्व के संबंध में प्रशिक्षण सह जागरूकता की अहम भूमिका होती है। इस तारतम्य में वन क्षेत्रों के निकटवर्ती विद्यालयों के विद्यार्थियों को वनों के प्रबंधन में सहभागी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में कैम्पा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता शिविरों का आयोजन निरंतर जारी है। इसके माध्यम से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को वन संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिससे वे पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी व्यवहार अपनाएं और उनमें प्राकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता स्वतः विकसित हो सके। इसके तहत राज्य के 43 वनमंडलों में कुल 624 कैम्प का आयोजन किया जाना है।प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जैव-विविधता एवं वानिकी कार्यों के महत्व और प्रकृति भ्रमण कर पेड़-पौधों और पारिस्थितिकीय तंत्र का परिचय, वनों की भूमिका, मृदा, जड़ तंत्र और वृक्ष के घटक एवं वनौषधियों की जानकारी दी जा रही है। वन्यप्राणियों की पहचान एवं उनकी आदतें, भोजन, शारीरिक संरचना संबंधी जानकारी, कीट-पतंगों की पहचान, सरीसृप जीवों की पहचान, जंगली पशुओं के चिन्ह संबंधी जानकारी तथा वन्यप्राणियों का पारिस्थितिकीय तंत्र में महत्व आदि से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही विभिन्न जीवों का मानव जीवन में महत्व इत्यादि की जानकारी भी दी जा रही है। जागृति शिविरों के आयोजन से स्कूली बच्चों में वनों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
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-मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा से मुलाकात कर अनुभव साझा किए
-छत्तीसगढ़ रीपा मॉडल अपनाने में असम की हर तरह की करेगा मदद – प्रदीप शर्मारायपुर ।छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए बोडोलैंड टेरिटोरियल कमेटी (Bodoland Territorial Committee - BTC) के सदस्यों ने यहां के रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (RIPA) को काफी सराहा है। कमेटी के सदस्यों ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी मल्टी यूटिलिटी सेंटर तथा लखोली और कोसरंगी रीपा का भ्रमण कर आजीविकामूलक गतिविधियों को देखा और इनके बारे में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा से नवा रायपुर स्थित राज्य योजना आयोग के कार्यालय में मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने भ्रमण के अनुभव साझा किए। बीटीसी के सदस्यों ने इस दौरान कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर ही लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए रीपा बहुत अच्छा कदम है। हमने छत्तीसगढ़ के इन कार्यों के बारे में सुना था, आज इन्हें देख भी लिया है।बोडोलैंड टेरिटोरियल कमेटी के सदस्यों ने कहा कि रीपा में उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक सुव्यवस्थित ढंग से काम किया जा रहा है। वहां ऐसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं जो रोजमर्रा के जीवन में काम आते हैं। ग्रामीणों के कौशल विकास और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह बहुत अच्छी योजना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉडल को एडॉप्ट करना हमारे लिए भी काफी उपयोगी हो सकता है। बोडोलैंड में भी गांवों में हैंडलूम एवं अन्य समानों का बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है। बीटीसी के सदस्यों ने श्री प्रदीप शर्मा और राज्य योजना आयोग के सदस्यों से चर्चा कर रीपा के बारे में अपनी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान किया।मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा ने बीटीसी के सदस्यों को राज्य शासन की महत्वाकांक्षी नरवा गरवा घुरवा बारी कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गौठान और रीपा में संचालित रोजगारमूलक गतिविधियों के कारण मजबूत हो रहे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बारे में भी बताया। उन्होंने जानकारी दी कि एक वर्ष के भीतर राज्य में 300 रीपा स्थापित किए गए हैं। यहां के हर विकासखंड में दो-दो रीपा संचालित हैं। इनमें फ्री वाई-फाई की भी सुविधा है। श्री शर्मा ने बताया कि राज्य के 300 रीपा में 1213 वर्किंग शेड बनाएं गए हैं। इनमें 1383 इंटरप्राइजेस संचालित हैं जिनसे 11 हजार हितग्राही जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से नालों के उपचार के कारण अब उनमें साल भर पानी रहने लगा है। इससे जलस्रोतों का स्तर ऊपर आया है जिससे खेती आसान होने लगी है।श्री शर्मा ने कहा कि यदि असम अपने गांवों में रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए यहां के रीपा मॉडल को अपनाता है तो हम उन्हें हर तरह का मार्गदर्शन और जरूरी मदद उपलब्ध कराएंगे। बीटीसी और राज्य योजना आयोग के बीच चर्चा के दौरान राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री अजय सिंह, सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, बीटीसी के उप प्रमुख श्री जी.सी. बासुमटरी, सचिव श्री जतिन बोरा, डेवलपमेंट एडवाइजर डॉ. सुनील कौल, बीटीसी प्रमुख श्री प्रमोद बोरो के ओएसडी श्री जी.डी, बरूआ, श्री चरणजीत बासुमटरी, श्री अर्पण भट्टाचार्जी, ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन (TRIF) के निदेशक श्री श्रीश कल्याणी, राज्य योजना आयोग के संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गोरदिया और रायपुर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरिकृष्ण जोशी भी उपस्थित थे। - रायपुर । श्रम न्यायालय रायपुर ने बिजलीकर्मियों के संगठन छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनीज अधिकारी-कर्मचारी ओपीएस बहाली संयुक्त मोर्चा की प्रस्तावित 18 अगस्त के सामूहिक अवकाश सत्याग्रह को अवैध घोषित कर दिया है। श्रम न्यायालय ने आज 17 अगस्त को जारी आदेश में कहा है कि प्रस्तावित 18 अगस्त की हड़ताल से जनहित प्रभावित होने की आशंका होने के कारण अवैध घोषित किया जाता है। कर्मचारी-अधिकारी किसी भी हड़ताल सत्याग्रह में शामिल न हों।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री एके वर्मा ने बताया कि श्रम न्यायालय – 01 के माननीय न्यायाधीश श्री एसएल मात्रे के कोर्ट में फेडरेशन एवं 7 कर्मचारी संगठनों के 18 अगस्त को सामूहिक अवकाश हड़ताल पर स्थगन देने की अपील की गई थी। कंपनी ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक संगठन अधिनियम 1960 की धारा 167 सहपठित धारा 64 ए तहत वाद प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि प्रस्तावित हड़ताल से विद्युत आपूर्ति बाधित होगी तथा सामान्य जनजीवन प्रभावित होगा और जनसामान्य को समस्याओं से जूझना पड़ेगा। इससे अपूरणीय क्षति होने की आशंका है। श्रम न्यायालय ने मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए हड़ताल को अवैध घोषित किया है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से फोन पर बात कर वहां की त्रासदी के संबंध में किये जा रहे राहत कार्यों के लिए एकजुटता दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदा के चलते कठिन वक्त से गुजर रहा है। इस त्रासदी में सभी देशवासी हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ खड़े हैं। हर प्रकार के आवश्यक प्रयासों में हम साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने फोन पर श्री सुक्खू से वर्तमान हालात की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि देवभूमि के लोग प्राकृतिक आपदा के चलते कठिन स्थिति से गुजर रहे हैं। आपदा बहुत बड़े स्तर की है और देशवासियों की सामूहिक एकजुटता से इस आपदा से निपटेंगे। इससे बाहर आने और सामान्य स्थिति बहाली के लिए आपके द्वारा किये जा रहे हर आवश्यक प्रयास में हम आपके साथ खड़े हैं।
- -पशुविहीन सड़क अभियान में सहभागिता के लिये स्थानीय प्रशासन के साथ बनाएं समन्वय: अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात)रायपुर। पुलिस मुख्यालय में आज राज्य के विभिन्न जिलों में सड़क दुर्घटनाओं विशेषकर पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के उपायों के संबंध में श्री प्रदीप गुप्ता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) की अध्यक्षता में प्रदेश के समस्त यातायात प्रभारीगण/पर्यवेक्षण अधिकारियों की ऑनलाईन/वर्चुअल समीक्षा बैठक संपन्न हुई।बैठक में मुख्य सचिव महोदय द्वारा शासन के विभिन्न विभागो की समीक्षा बैठक में दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण हेतु कर्तव्यस्थ हाईवे पेट्रोल एवं अन्य पेट्रोलिंग वाहनों को उनके क्षेत्राधिकार की मुख्य सड़को विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग में जानवर दिखने की स्थिति में टोल फ्री नंबर 1033 तथा अन्य मार्गो में 1100 तथा स्थानीय प्रशासन को संसूचित कर समन्वय से पशुविहीन सड़क अभियान में सहभागिता के लिये निर्देशित किया गया।इसके अतिरिक्त सड़क मार्ग में जानवरों से टकराकर हुई दुर्घटना एवं इससे हुई मृत्यु एवं घायलो के प्रकरणो की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी सड़क दुर्घटनाओ पर नियंत्रण हेतु स्थानीय प्रशासन के सहयोग से प्रभावी पहल, ऐसे दुर्घटनाजन्य सड़क खण्डों के समीप स्थित सीसीटीवी कैमरे की सहायता से अनुसंधान एवं रोकथाम हेतु कार्ययोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राज्य के 51 सड़क खण्डों में विचरण करने वाले पशुओं को हटाने के लिये तैनात सहायकों के कर्तव्य निर्वहन में आवश्यक वैधानिक सहयोग हेतु भी निर्देशित किया गया। साथ ही एल्कोमीटर, स्पीडराडार गन, बॉडीवार्न कैमरा सहित अन्य उपलब्ध सड़क सुरक्षा संसाधनो के अधिकतम उपयोग एवं प्रभावी प्रवर्तन से सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण हेतु निर्देशित किया गया।समीक्षा बैठक में उपस्थित एआईजी ट्रेफिक श्री संजय शर्मा ने विभिन्न जिलों में गत 7 माह में घटित सड़क दुर्घटनाओं के संबंध तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत करते हुए सड़क दुर्घटना मृत्युदर में कमी हेतु सीट-बेल्ट एवं हेलमेट के धारण सहित अन्य किये जाने वाले प्रयासों एवं इंटीग्रेटेड रोड़ एक्सीडेंट डाटाबेस (iRAD) एवं ईडार (eDAR) के संबंध में व्यापक प्रशिक्षण के साथ-साथ अद्यतन प्रविष्टि तथा इसके समुचित विश्लेषण से दुर्घटनाजन्य सड़क खण्डों में प्रभावी कार्यवाही हेतु कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने हेतु अवगत कराया। बैठक में पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण हेतु पुलिस एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम के क्रमशः महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं उड़ीसा प्रवास एवं इन राज्यों में दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों के संबंध में भी अवगत कराया गया।
- -23 अगस्त तक चलेगी प्रतियोगिता-विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तर पर होगी प्रतियोगितारायपुर / छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के तीसरे चरण की शुरूआत 18 अगस्त से विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर की प्रतियोगिता से होगी। यह स्पर्धा दूसरे चरण में आयोजित जोन स्तरीय विजेता प्रतिभागियों एवं दलों के मध्य होगी। प्रतियोगिता का समापन 23 अगस्त को होगा। पहले चरण में राजीव युवा मितान क्लब स्तर की प्रतियोगिता 17 जुलाई से 22 जुलाई तक एवं दूसरे चरण में जोन स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक किया गया था। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, खेलों के प्रति जागरूकता फैलाने, खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत की गई। प्रथम छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को अभूतपूर्व लोकप्रियता मिली थी और गांवों से लेकर शहरों तक बूढ़े, बच्चों एवं महिलाओं ने इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। अभी चल रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर लोगों में भारी उत्साह है।छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के तीसरे चरण की स्पर्धा में ग्रामीण क्षेत्रों के जोन स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी एवं दल विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में एवं नगरीय क्षेत्रों के जोन स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी एवं दल नगरीय क्लस्टर स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। नगरीय स्तर की प्रतियोगिता में जिन जिलों में नगर निगम हैं, वहां यह प्रतियोगिता नगर निगम मुख्यालय पर नगरीय क्लस्टर स्तर पर होगी, जो कि विकासखंड स्तर के समतुल्य मानी जाएगी। जिले के सभी नगर पंचायतों तथा नगर पालिका क्षेत्र के जोन स्तर के विजेता सम्मिलित रूप से वर्चुअल नगर निगम क्षेत्र में समाहित मानते हुए किसी उपयुक्त नगरीय निकाय में आयोजित वर्चुअल नगर पालिक निगम में निगम स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे।राजीव युवा मितान क्लब स्तर, जोन स्तर एवं विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तर पर प्रतियोगिता होने के बाद चौथे चरण में जिला स्तर पर इसका आयोजन 27 अगस्त से 04 सितंबर तक, पांचवे चरण में संभाग स्तर पर 10 सितंबर से 20 सितंबर तक और अंतिम में राज्य स्तर स्पर्धाएं आयोजित होंगी। जिसका आयोजन 25 सितंबर से 27 सितंबर तक होगा।छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय व एकल दो श्रेणी में आयोजित की जा रही है। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं।
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-बच्चों ने सामान्य ज्ञान क्विज प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया
रायपुर / राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 76 वीं वर्षगांठ पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी का अवलोकन आम नागरिक महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्कूली बच्चों द्वारा उत्साह पूर्वक कर रहे हैं। रायपुर के बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, संत कंवर राम शासकीय स्कूल कटोरा तालाब, शासकीय हाई और मीडिल स्कूल पुरैना रायपुर, शहीद भगत सिंह शासकीय स्कूल, माधराव स्प्रे शासकीय स्कूल रायपुर के विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी रखी गई थी। जिसमें लगभग 200 बच्चों ने बढ़ चढ़कर कर भाग लिया। बच्चों को प्रदर्शनी के माध्यम से ज्ञानवर्धक बातें भी बताई जा रही है। ताकि बच्चों को आगे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो क्विज के माध्यम से इतिहास, संस्कृति, अंग्रेजी, कृषि और रायपुर के प्रसिद्ध जगह और अन्य महत्वपूर्ण विषय के संबंध में प्रतियोगिता में प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वाले बच्चों को तुरंत इनाम देकर पुरस्कृत भी किया गया।छाया चित्र का अवलोकन कक्षा 10वीं छात्रा पुष्पांजलि मानिकपुरी, पूनम पटेल, पूर्वी धु्रव, यामिनी, पूरवीनी धृतलहरे, पूर्वी मनहर ने बताया की आज उनको प्रर्दशनी देखर बहुत अच्छा लगा आम जनो के लिए जिसमें भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी का छत्तीसगढ़ के प्रवास दौरान, भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का परिचय सहित फाटो प्रदर्शनी देखकर छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी मिली।विद्यार्थियों ने बताया कि छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से बहुत सारी ज्ञानवर्धक जानकारी मिल रही है। अन्य साथियों को भी इसकी जानकारी देंगे ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। कक्षा आठवीं की अंजल साहू, आशा, मोनिका ध्रुव, स्नेहा अन्य विद्यार्थियों ने क्विज प्रतियोगिता के साथ और सांस्कृतिक कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भाग लिया प्रर्दशनी का अवलोकन श्रीमती अर्पना सिंह, श्रीमती प्रीति गुप्ता, रोशनी प्रधान, श्रीमती अंजू राघव, श्रीमती आशा सिंह ठाकुर, बंसती वर्मा, अस्मा फारूकी, श्री सुधीर पांडे आदि अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अवलोकन किया। - रायपुर, / नगरीय प्रशासन विकास एवं श्रम मंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया शुक्रवार 18 अगस्त को दोपहर 01 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष कोरबा में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। मंत्री डॉ. डहरिया 18 अगस्त को सुबह 11 बजे पुलिस ग्राउंड रायपुर से हैलीकाप्टर द्वारा कोरबा के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 12.10 बजे सर्किट हाउस कोरबा में कार्यकर्ताओं से भेंट/चर्चा करेंगे। समीक्षा बैठक उपरांत वे शाम 4.30 बजे मुड़ापार हेलीपेड-हेलीकाप्टर से रवाना होकर 5.30 बजे रायपुर लौट आएंगे।
- -इलेक्ट्रिक वाहन नीति के बाद बढ़ा है इलेक्ट्रिक वाहनो का पंजीयन-राज्य में अब तक 71736 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं-परिवहन विभाग के द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने वाहन के मूल्य का 10 प्रतिशत सब्सिडी दिया जा रहारायपुर, /छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रिक पॉलिसी की वजह से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में उतरोत्तर वृद्धि दर्ज हो रही है। परिवहन विभाग के अंतर्गत राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 के बाद अब तक 71 हजार 736 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं।इस संबंध में परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप हर संभव पहल की जा रही है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति जो इलेक्ट्रिक व्हीकल ख़रीदता है, वह राज्य शासन से सब्सिडी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए वाहन विक्रेता डीलर को अपना अकाउंट नंबर और आईएफएस कोड देना होगा। वाहन के मूल्य का 10 प्रतिशत जो अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक हो सकता है, इलेक्ट्रिक वाहन क्रेता के खाते में परिवहन विभाग द्वारा सीधे हस्तांतरित किए जाएंगे।परिवहन आयुक्त श्री दीपांशु काबरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में राज्य में अब तक 71 हजार 736 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें परिवहन कार्यालय अंतर्गत रायपुर में 27 हजार 110, दुर्ग में 8 हजार 272, बिलासपुर में 7 हजार 438, अंबिकापुर में 4 हजार 302, राजनांदगांव में 3 हजार 461, कोरबा में 3 हजार 311, रायगढ़ में 3 हजार 243, बलौदाबाजार में 2 हजार 415 तथा जांजगीर-चांपा 2 हजार 367 वाहन मालिक इलेक्ट्रिक पॉलिसी से लाभान्वित हो चुके हैं।इसी तरह सूरजपुर में एक हजार 86, धमतरी में एक हजार 40, महासमुन्द में एक हजार 4, जगदलपुर में 782, बैकुण्ठपुर में 680, जशपुर मे ं634, मुंगेली में 627, कवर्धा में 603, बलोद में 596 तथा बेमेतरा में 517 वाहन मालिक इलेक्ट्रिक पॉलिसी से लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा दंतेवाड़ा में 500, कांकेर में 429, कोण्डागांव में 330, बलरामपुर में 279, गरियाबंद 213, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही मंे 170, बीजापुर में 134, नारायणपुर में 97 तथा सुकमा में 96 वाहन मालिकों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी कर इलेक्ट्रिक पॉलिसी से लाभान्वित हो चुके हैं।
- -लोगों को पलायन से रोकने के लिए रीपा एक महत्वपूर्ण पहल: श्री बोरो-रीपा को बताया छत्तीसगढ़ सरकार की अच्छी सोच का परिणामरायपुर / बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी सदस्य श्री प्रमोद बोरो के नेतृत्व में आई 11 सदस्यीय प्रतिनिधि कमेटी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान गुरुवार को आरंग विकासखण्ड के सेरीखेड़ी, लखौली और कोसरंगी में संचालित रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) में संचालित हो रही विभिन्न आयमूलक गतिविधियों का जायजा लिया। सर्वप्रथम श्री प्रमोद बोरो सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर पहुंचे, यहां उन्होंने सोप यूनिट, गोदना यूनिट, एंब्रॉयडरी आर्ट, राखी निर्माण बेकरी यूनिट, नर्सरी यूनिट, पैकेट ड्रिंकिंग वॉटर यूनिट, नरवा, गोबर पेंट यूनिट, बिहान कैंटीन, मिक्चर निर्माण यूनिट, हथकरघा यूनिट, स्टिचिंग यूनिट, आंगनबाड़ी केंद्र, मोती उत्पादन एवं मछली प्रजनन यूनिट का अवलोकन किया। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव एवं राज्य रीपा के नोडल डॉ. गौरव सिंह भी उपस्थित थे।बोडोलैंड के मुख्य कार्यकारी सदस्य श्री प्रमोद बोरो ने कहा कि हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर ही लोगों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। हमने छत्तीसगढ़ में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क और मल्टी यूटिलिटी सेंटर को लेकर किए जा रहे कार्यों की सराहना सुनी थी, आज देख भी लिया। इसके बाद मैं कह सकता हूं कि लोगों को पलायन से रोकने के लिए रीपा एक महत्वपूर्ण पहल है।श्री प्रमोद बोरो ने कहा हमारा फोकस स्थानीय पर रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में है। इस काम को छत्तीसगढ़ सरकार बखूबी कर रही है। उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक एक ही जगह पर सुव्यवस्थित ढंग से काम किया जा रहा है। यह स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का एक अच्छा तरीका है। रीपा छत्तीसगढ़ सरकार की अच्छी सोच का परिणाम है। छत्तीसगढ़ सरकार रीपा के जरिए सभी गतिविधियों का संचालन अच्छी तरह से करवा रही है, छत्तीसगढ़ में 300 रीपा तैयार किए जा चुके हैं और ऐसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं जो दैनिक जीवन के लिए उपयोगी है, जो लगातार लोगों की जरूरत के हैं। स्थानीय रोजगार के लिए रीपा की पहल बहुत अच्छी है।गौठान में एक ही जगह पर खाद, पानी, शेड, चराई की व्यवस्था अच्छी सोचलखौली में संचालित रीपा में बोडोलैंड के मुख्य कार्यकारी सदस्य श्री प्रमोद बोरो ने दोना पत्तल निर्माण इकाई, अगरबत्ती निर्माण इकाई, झाड़ू निर्माण इकाई, हेचरी इकाई, कुम्हार गुड़ी, इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी एसेंबलिंग, स्टेशनरी एवं प्रिंटिंग इकाई, नमकीन इकाई, लोहार गुड़ी, मोची गुड़ी, सिलाई इकाई, रजक गुड़ी, प्रशिक्षण केंद्र, फ्री वाई फाई जोन का अवलोकन किया एवं जानकारी ली। उन्होंने यहां गौठान का भी निरीक्षण किया और कहा कि यहां पशुओं के लिए बेहद सुव्यवस्थित इंतजाम किया गया है। गौठान में एक ही जगह पर खाद, पानी, शेड, चराई की व्यवस्था सरकार की अच्छी सोच है। श्री प्रमोद ने यहां महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे जैविक खाद एवं कंपोस्ट उत्पादन की प्रकिया को भी समझा।कोसरंगी में बैग टेलर के काम को सराहाबोडोलैंड के मुख्य कार्यकारी सदस्य श्री प्रमोद बोरो ने ग्राम पंचायत कोसरंगी में संचालित रीपा के अवलोकन के दौरान यहां हो रही गतिविधियों को देखा। उन्होंने बैग निर्माण यूनिट के उत्पादों की प्रशंसा की और बैग बनाने वाले टेलर के काम को सराहा। श्री प्रमोद ने कोसरंगी रीपा में स्थापित फर्नीचर यूनिट, डिटर्जेंट निर्माण यूनिट, लोहार गुड़ी, दोना पत्तल यूनिट, पूजा सामग्री निर्माण यूनिट, सिलाई मशीन यूनिट और बैग निर्माण यूनिट का अवलोकन किया।उन्होंने सी-मार्ट में स्थानीय उत्पादों की बिक्री के सम्बंध में जानकारी ली। श्री बोरो ने स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए सी-मार्ट को एक अच्छी पहल बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार और रीपा से जुड़े सभी लोगों को इस रचनात्मक सोच के लिए बधाई दी।
- -राज्य स्तरीय आश्रय स्थल निगरानी समिति की बैठक में अध्यक्ष श्री सुयोग्य मिश्र ने दिये निर्देश-सीएसआर, निराश्रित निधि तथा अन्य संस्थानों से भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में करें कामरायपुर, / शहरी बेघरों के लिए आश्रयस्थलों में पर्याप्त व्यवस्था हो, इसके लिए नगर निगमों में शहरी बेघरों के अद्यतन आंकड़ों का सर्वे कर इसके मुताबिक आश्रयस्थल की क्षमता निर्धारित की जाएगी। इसके साथ ही आश्रयस्थलों के चिन्हांकन में लोकेशन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। आश्रयस्थल ऐसे जगहों पर आरंभ किये जाएंगे जो स्टेशन, बस स्टैंड, श्रमिकों की आवाजाही वाली जगहों के निकट हों। यह निर्देश राज्य स्तरीय आश्रय स्थल निगरानी समिति की राजधानी स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में समिति के अध्यक्ष श्री सुयोग्य कुमार मिश्र ने दिये। बैठक में श्री मिश्र ने कहा कि आश्रयस्थल यहां आने वाले शहरी बेघरों के लिए उपयोगी हों, इसमें बुनियादी अधोसंरचनाएं और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और समय-समय पर इसकी मानिटरिंग होती रहे।श्री मिश्र ने कहा कि आश्रय स्थलों के लिए पर्याप्त फंडिंग भी बहुत जरूरी है ताकि यहां आने वाले बेघरों के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित कर सकें। इसके लिए सीएसआर से तथा निराश्रित निधि से सहायता ली जा सकती है। बहुत से धार्मिक संस्थान, व्यावसायिक संगठन तथा चेंबर आफ कामर्स आदि शहरी बेघरों की सहायता के लिए इच्छुक रहते हैं। इनसे संपर्क कर आश्रयस्थलों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए मदद ली जा सकती है। ऐसी फंडिंग से यहां उपयोगी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। आश्रयस्थलों में रचनात्मक गतिविधियां भी की जा सकती हैं ताकि यहां बेहतर वातावरण बनाने में मदद मिले।श्री मिश्र ने कहा कि आश्रयस्थलों के निर्माण में लोकेशन का महत्व काफी है। जो लोकेशन भीड़भाड़ वाली जगहों के पास होती है वो ज्यादा उपयोगी होती हैं और इससे आश्रयस्थल का उद्देश्य भी पूरा होता है। इसके साथ ही आश्रयस्थल का व्यापक प्रचार-प्रसार भी हो ताकि लोगों को इसके बारे में जानकारी रहे।बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ श्री सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि संयुक्त संचालक नियमित रूप से आश्रयस्थलों की मानिटरिंग करें। उन्होंने खैरागढ़ में आश्रय स्थल भवन निर्माण कार्य आगामी सितंबर माह के पहले सप्ताह तक पूर्ण होने की जानकारी दी और बताया कि बस स्टैण्ड, भाटापारा एवं नगर पालिका परिषद कार्यालय रतनपुर के समीप बनने वाले आश्रय स्थल भवन के निर्माण हेतु निविदा की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है।राज्य स्तरीय आश्रय स्थल निगरानी समिति की बैठक में समिति द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के परिपालन में की गई कार्यवाही से अवगत कराया गया। गौरतलब है कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत राज्य में 51 आश्रय स्थल स्वीकृत हैं, जिनमें से 47 आश्रय स्थल वर्तमान में संचालित है एवं 1 आश्रय स्थल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं।बैठक में नगर पालिक निगम, धमतरी एवं बीरगांव के आयुक्त तथा नगर पालिक निगम, रायपुर, भिलाई एवं बिलासपुर के प्रतिनिधि तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सूर्यकिरण तिवारी, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राजेंद्र कुमार दोहरे, परियोजना अधिकारी श्रीमती जागृति साहू एवं नगर पालिका परिषद भाटापारा, रतनपुर एवं खैरागढ़ के अधिकारी उपस्थित रहे।
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रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग में कार्यरत डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. परमेश्वर साहू एवं भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र, मुम्बई के डॉ. बी.के. दास को संयुक्त रूप से पादप आनुवंशिक संसाधनों के कुशल उपयोग हेतु प्रतिष्ठित ‘‘डॉ. एस.के. वसल पुरस्कार - 2023’’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान इंडियन सोसायटी ऑफ प्लान्ट जेनेटीक रिसोर्सेज, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं नेशनल ब्यूरो प्लान्ट जेनेटिक रिसोर्सेज, नई दिल्ली के द्वारा प्रदान किया गया है। सम्मान समारोह में डॉ. हिमांशु पाठक, सचिव परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, डॉ. आर.आर. परोदा, पूर्व महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं अध्यक्ष, इंडियन सोसायटी ऑफ प्लान्ट जेनेटीक रिसोर्सेज, नई दिल्ली, डॉ. जी.पी. सिंह, निदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, डॉ. आर.सी. अग्रवाल, उप महानिदेशक (शैक्षणिक), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. दीपक शर्मा एवं उनकी टीम को यह पुरस्कार धान की परंपरागत देशी किस्मों में विकिरण आधारित उत्परिवर्तन विधि द्वारा सुधार करने, देशी किस्मों के संरक्षण, पंजीकरण, जीराफूल एवं नगरी दुबराज चावल को जी.आई. टैग दिलाने एवं कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए एक लाख रूपये नगद, प्रमाण पत्र एवं मोमेन्टो प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. शर्मा वर्तमान में आनुवंशिक एवं पादप प्रजनन विभाग के विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं तथा धान अनुंसधान के क्षेत्र में विगत 15 वर्षां से निरंतर कार्य कर रहे हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने डॉ. शर्मा और डॉ. साहू को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। -


रायपुर। प्रदेश में विपरीत परिस्थितियों में भी विद्युत आपूर्ति कर उपभोक्ता सेवा में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के चेयरमेन श्री अंकित आनंद (आई.ए.एस) ने पुरस्कृत किया। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्यो के लिए पांच हजार रुपए नकद के साथ प्रशस्ति पत्र और पदक प्रदान किया गया तथा केंद्रीय कार्यालय स्तर पर उत्कृष्ट कार्यों के लिये एक हजार रूपए नकद के साथ प्रशस्ति पत्र और पदक प्रदान किया गया।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में हर साल राज्य स्तर पर छह एवं केंद्रीय कार्यालय स्तर पर छह कर्मियों को उत्कृष्ट पदक से सम्मानित किया जाता है। मुख्यालय में आयोजित उत्कृष्ट पदक वितरण समारोह में प्रबंध निदेशकगण श्रीमती उज्जवला बघेल, श्री मनोज खरे, श्री एसके कटियार, निदेशक श्री केएस रामाकृष्णा, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री अशोक कुमार वर्मा उपस्थित थे।जिस उपकरण की मरम्मत करने से उसकी निर्माता कंपनी भेल ने इंकार कर दिया था] उसे जनरेशन कंपनी के इंजीनियरों ने अपने अनुभव और कौशल से बनाने में सफलता प्राप्त की इसके लिए हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पश्चिम के ईई श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव तथा एई श्री विकल्प तिवारी को पुरस्कृत किया गया। उन्होंने इकाई क्रं&-01 के एक्साइटेशन सिस्टम में आई खराबी को बीएचईएल के इंजीनियरों एवं नये पार्टस की अनुपलब्धता की स्थिति में अपने तकनीकी ज्ञान व कौशल का उपयोग करते हुए बनाकर करोड़ों रूपयों की आर्थिक क्षति होने से बचाने का उत्कृष्ट कार्य किया।ट्रांसमिशन कंपनी के लाइन परिचारक श्रेणी&एक, श्री प्रीतम कुमार निर्मलकर को 132 केव्ही उपकेन्द्र कुरूद (भिलाई) में 40 एम-व्ही-ए- ट्रांसफार्मर के 33 केव्ही. ब्रेकर के दो पोल बर्स्ट होने के कारण बाधित विद्युत आपूर्ति बहाल करने के उत्कृष्ट कार्य के लिये पुरस्कृत किया गया तथा परिचारक श्रेणी-दो, श्री ठाकुर राम देवांगन को सुदूर वनांचल में स्थित गरियाबंद जिले के मैंनपुर एवं देवभोग क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति एवं समय सीमा में उक्त लाईन को ऊर्जीकृत करने के लिए पुरस्कृत किया गया।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अंबिकापुर में पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी श्री महेन्द्र कुमार तिवारी को अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करने के साथ&साथ अन्य अनुभाग से संबंधित अनेक प्रकरणों का निराकरण करने में महत्वपूर्ण योगदान के लिये उन्हें उत्कृष्ट कार्य से सम्मानित किया गया। बालोद के परिचारक श्रेणी-एक श्री मलखान सिंह को हाथी प्रभावित क्षेत्र डौंडी के 11केव्ही- लाईन को भारी बारिश में अपनी जान जोखिम में डालकर वनांचल के 18 गांवों का विद्युत सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए पुरस्कृत किया गया।इनके अलावा केंद्रीय कार्यालय स्तर पर छह कर्मियों को पुरस्कृत किया गया। इसमें जनरेशन कंपनी के एई श्री अमन पुराम को डीएसपीएम के राखड़ बांध की ऊंचाई में वृद्धि करने से संबंधित उत्कृष्ट कार्य के लिये पुरस्कृत किया गया। इन्होंने मैदानी स्तर पर राखड़ उपयोगिता के लिये निर्धारित लक्ष्य का लगभग 86 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। रायपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री जयंत कुमार जैन को कोरबा एवं मड़वा स्थित ताप संयंत्रों के कार्य को गति प्रदान करने हेतु उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।ट्रांसमिशन कंपनी के ईई श्री प्रशांत कुमार अग्रवाल को सिविल स्ट्रक्चर की ड्रांईंग एवं डिजाईन] स्थापना एवं टेस्टिंग के कार्य हेतु सम्मानित किया गया। ट्रांसमिशन कंपनी के मानव संसाधन कार्यालय रायपुर में पदस्थ जेई श्री रजनीश चौबे को अपने आबंटित कार्य के अतिरिक्त आईटी, कम्प्यूटर एवं कार्यालयीन उपकरण से संबंधित कार्यों का बेहतर ढंग से निष्पादन करने के लिए सम्मानित किया गया।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालन अभियंता, श्रीमती कंचन महेश ठाकुर को एसटीएन योजना हेतु राशि 817 करोड़ रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति तथा 255 करोड़ रूपए का डीपीआर बनाकर संधारण एवं संचालन कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। ईआईटीसी के प्रोग्रामर श्रीमती प्रमिला खुंटे को सेप सिस्टम से संबंधित कार्य को सेप प्रणाली में उपलब्ध कराने का कार्य सुचारू रूप से संपादन करने के लिए पुरस्कृत किया गया। - रायपुर /राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने वरिष्ठ नेता, समाज सेवी और अविभाजित मध्यप्रदेश में पूर्व मंत्री रहे श्री लीलाराम भोजवानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने स्वर्गीय श्री भोजवानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। युवा पीढ़ी उनके कार्यों से सदैव प्रेरणा लेती रहेगी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस दुःखद घड़ी में शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री लीलाराम भोजवानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताया है।
अपने ट्वीट शोक संदेश में डॉ. सिंह ने लिखा-भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और अविभाजित मध्यप्रदेश में पूर्व मंत्री श्री लीलाराम भोजवानी जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।आज हमारे काकाजी श्री भोजवानी जी हमें छोडक़र चले गये हैं, यह मेरे लिये व्यक्तिगत क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को श्रीधाम में स्थान तथा शोक संतप्त परिजनों को यह कठिन दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
वहीं पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने अपने शोक संदेश में लिखा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री रहे, राजनांदगांव के लोकप्रिय जननायक लीलाराम भोजवानी जी की मृत्यु की सूचना अत्यंत दुखद है।भगवान पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें व परिजनों को दु:ख की इस घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करें।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और अविभाजित मध्यप्रदेश में पूर्व मंत्री श्री लीलाराम भोजवानी का निधन हो गया है। तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें रायपुर के अस्तपाल में भर्ती किया गया था। अस्पताल में उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद परिजनों ने लीलाराम भोजवानी को वापस राजनांदगांव ले जाने का फैसला किया। श्री भोजवानी को कल एंबुलेंस पर वेंटिलेटर सपोर्ट के जरिए राजनांदगांव भेजा गया था। लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया। श्री भोजवानी वर्तमान में डॉक्टर रमन सिंह के विधायक प्रतिनिधि थे।उनकी अंतिम यात्रा आज दोपहर 3:30 बजे उनके निवास स्थान से मानव मंदिर चौक से गंज चौक, पुराना बस स्टैंड होते हुए भाजपा कार्यालय जाएगी। जहां पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आमजनों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। उसके बाद लखोली मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।पार्षद से मंत्री तक का सफरश्री लीलाराम पहली बार साल 1965 में राजनांदगांव नगर निगम में पार्षद बने। 1990 में पहली बार विधानसभा का चुनाव जीता, फिर 98 में भी वापस विधायक चुने गए । तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार में वे श्रम विभाग में मंत्री रहे । इसके अलावा उन्होंने साल 2000 से विधायक दल के कोषाध्यक्ष, राजनांदगांव भाजपा के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारियां भी बखूबी संभाली। भोजवानी पत्रकारिता से भी जुड़े रहे। कई बार मजदूर, मुर्रा पोहा श्रमिकों, झुग्गी झोपड़ी वासियों की समस्या और सामाजिक संस्थाओं के आंदोलन की वजह से वे जेल भी जा चुके थे।



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