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*कस्टम मिलिंग के लिए तीन दिनों में कराएं पंजीयन*
बिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंथन सभाकक्ष में आज राईस मिलर्स की बैठक ली। उन्होंने पात्र मिलर्स से अगले तीन दिनों में कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराने को कहा है। जिले में स्थापित कुल 170 मिलों में से 121 मिलों को कस्टम मिलिंग करने की पात्रता है। राज्य शासन के निर्देश के अनुसार जिन मिलों ने 70 फीसदी या अधिक चावल जमा कर दिए हैं, वे पंजीयन करा सकते हैं। बैठक में पिछले साल के नॉन का बकाया चावल भी इस महीने के अंत तक जमा करने के निर्देश दिए। लगभग 13 हजार एमटी चावल जमा करना शेष है। एफसीआई से भी जो स्टेक मिला है, उसे 15 दिवस में पूर्ण कर लिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में धान खरीदी शुरू हो चुकी है। फड़ में धान जमा होने शुरू हो गए हैं। इस धान को भी उन्हें कस्टम मिलिंग के लिए जल्दी उठाना होगा। उन्होंने कहा कि राइज मिलर्स भी धान खरीदी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण स्टेक होल्डर हैं। शासन की नियमों के अनुरूप समय सीमा में अपने हिस्से के काम को पूर्ण करना होगा। कलेक्टर ने राइस मिलर की समस्याएं भी सुनी और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर, राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल सहित राइस मिलर्स उपस्थित थे। -
*वर्ष 2047 तक इस मजबूत बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की इमारत खड़ी होगी*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। यह विधानसभा भवन केवल एक परिसर नहीं है, यह हमारे छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ निवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। इस भवन से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अब तक के सभी सदस्यों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यह संविधान का अमृत वर्ष है। हमें अपने संविधान को आत्मार्पित किए 75 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में यह अवसर संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने वाली विभूतियों के स्मरण का भी है।*श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं का विकास हुआ*मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विधानसभा भवन अंत्योदय और जनकल्याण की उपलब्धियों का साक्षी रहा है। सभी सदस्यगणों ने अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिभा के साथ इस विधानसभा भवन में जो कड़ी मेहनत की है, वह अविस्मरणीय रहेगी। उन्होने कहा कि विधानसभा के इस भवन में जो विधेयक पारित हुए हैं, जो कानून बनाये गए हैं, उनके माध्यम से आज 25 वर्षों की गौरवशाली संसदीय यात्रा में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव तैयार हुई है। श्री साय ने कहा कि राज्य बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र का आयोजन राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में हुआ था और उसके बाद इस भवन में विधानसभा शुरू हुई। फिर अनेक गौरवशाली पलों का यह विधानसभा भवन साक्षी रहा है। भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तक अनेक गणमान्य अतिथियों की यहां उपस्थिति एवं प्रेरक सम्बोधनों ने संवैधानिक परम्परा को मजबूत किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वरूप को निखरते हुए सभी सदस्यों ने देखा है। कैसे न्यूनतम साधनों से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों ने इन पच्चीस बरसों में छत्तीसगढ़ को संवारा है। प्रत्येक सदस्य इस बात के गवाह है। विधानसभा का यह भवन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। लोकतंत्र के इस मंदिर की बहुत सारी स्मृतियां, यहां के सत्र, तीखी और मीठी नोंक-झोंक, सबकुछ इस परिसर ने देखा है और यह दस्तावेज के रूप में संकलित है।*समृद्धि छत्तीसगढ़ की हुई नींव तैयार*श्री साय ने कहा कि 25 बरस पहले जब हमने विधानसभा की यात्रा आरंभ की थी, तब हम सभी अपने साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपराएं लेकर आये थे। हमने हर श्रेष्ठ संसदीय परंपरा का पूरी प्रतिबद्धता से निर्वहन किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में जिन सुंदर विधायी परंपराओं का निर्माण हुआ, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की विभूतियों की भी प्रमुख भूमिका रही है। मुझे भी अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक रहने का अवसर प्राप्त हुआ। हमें गर्व है कि सभी श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं को इस विधानसभा भवन ने समृद्ध करने का काम किया है।*25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव*मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के दिन हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा परिसर का लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम शिखर की ओर बढ़ा और एक नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ पृथक राज्य के रूप में और हमारा यह विधानसभा अस्तित्व में आया। स्व. श्री बाजपेयी ने राज्य का निर्माण तो किया ही, साथ ही केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रूप में ग्रामीण बसाहटों को जोड़ने की महती योजना तैयार की, जिसका इसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण के लिए 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में आपने और हमारे विधानसभा के साथियों ने बहुत पसीना बहाया है। सबको खाद्य सुरक्षा दिलाने की आपकी पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को भूख से मुक्ति मिली। छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को देश के अन्य राज्यों ने भी अपनाया। धान खरीदी के व्यवस्थित मॉडल से लाखों किसानों को पहली बार अपने फसल का बढ़िया मूल्य प्राप्त हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा नीति निर्माण का मंच होने के साथ सामाजिक सुधार का सेतु भी है। इसी विधानसभा भवन में मातृ शक्ति के सम्मान को सुरक्षित रखने टोनही प्रताड़ना निवारण विधेयक, शासन और लोक सेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक तथा युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होेने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास को डबल इंजन की सरकार से शक्ति मिल गई और चहुँओर ऐसे कार्य आरंभ हुए, जिससे छत्तीसगढ़ के विकास का ग्राफ तेजी से उत्तरोत्तर चढ़ता गया।*26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत*श्री साय ने कहा कि इस विधानसभा भवन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा वर्तमान यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइल को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं। घर भी बने और घर के अंदर रसोई भी बदली। चूल्हे की जगह उज्ज्वला सिलेंडर प्रदान किया गया।*हर घर बिजली पहुंचाई*मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में हमने हर घर बिजली पहुंचाई है। अब लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसी विधानसभा में पिछले दो साल में ज्ञान और गति आधारित ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस सदन द्वारा जनविश्वास विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, नगर पालिका तथा नगर निगम संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय स्थापना संशोधन विधेयक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक, राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक समेत अनेक जनकल्याणकारी विधेयक पारित किए गए।*छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा*मुख्यमंत्री श्री साय ने विधान सभा में कहा कि विधानसभा भवन को हमने धान की बालियों से सजाया है। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा है, क्योंकि पर्याप्त पानी है, बिजली है और उनके उत्पादन का उचित मूल्य है। जब किसान भरपूर मेहनत करते हैं, खूब अन्न उपजाते हैं तो एक संवेदनशील सरकार की यह भी जिम्मेदारी होती है कि किसानों के उत्पादन के अनुरूप खरीदी का स्तर भी बढ़ाये। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के साथ ही 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 25 बरसों की इस यात्रा में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। विधानसभा में बैठी हुईं महिला सदस्य राज्य को संवारने में कड़ी मेहनत कर रही हैं। पूर्व में भी महिला सदस्यों ने अपनी ऊर्जा और प्रतिभा से छत्तीसगढ़ को संवारा है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल करते हुए इसी विधानसभा भवन से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।*विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा*श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, इस संकल्प में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने विज़न डॉक्युमेंट नवा अंजोर 2047 के रूप में लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने का कि छत्तीसगढ़ की 25 बरसों की विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा है। इस रजत यात्रा में ऐसी अनेक संस्थाएं प्रदेश में स्थापित हुई हैं जिन्होंने प्रदेश के मानव संसाधन की प्रतिभा को उभारने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारे यहां एनआईटी, आईआईटी, ट्रिपलआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी है। यहां निफ्ट, फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट जैसी राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थाएं भी यहां आरंभ किया जा रहा है। हमारा नवा रायपुर आधुनिक भारत की सबसे नई बसाहट है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई तथा नवा रायपुर को मिलाकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है। यह आईटी हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल ने हमंे एम्स दिया, मोदी जी ने हमें मेडिकल कॉलेजों की सौगात दी, हम एम्स की तरह ही सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटलों की श्रेणी खड़ी करेंगे। इसके साथ ही हम मेडिसिटी बना रहे हैं।*बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न*श्री साय ने कहा कि माओवाद की वजह से पिछड़ गये बस्तर जैसे इलाकों के लिए यहां से विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। नियद नेल्ला नार योजना, पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय उत्कृष्ट ग्राम अभियान, जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से बस्तर विकसित छत्तीसगढ़ के आकाश में नक्षत्र की तरह उभरने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स यह संकेत देते हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के पुनर्वास की प्रभावी नीति और नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना ने जनविश्वास को अत्यधिक मजबूत किया है और बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत हो जाएगा।*200 यूनिट तक हाफ बिजली का लाभ देने का निर्णय*राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी।*पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत फ्री बिजली का लाभ*मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा एवं वैचारिक भिन्नता के बावजूद छत्तीसगढ़ विधानसभा ने मर्यादित और संसदीय आचरण की श्रेष्ठता को बरकरार रखा है। यह देश की अन्य विधानसभाओं के लिए अनुकरणीय है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि’ सत्ता पक्ष की ओर 15 और विपक्ष की ओर से 10 सदस्यों इस तरह 25 वर्ष की विकास यात्रा में संयोग से 25 माननीय सदस्यों ने सदन में विशेष सत्र में अपनी बात रखी। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि जिसकी बुनियाद हमारे पुरोधाओं ने रखी थी उसकी मर्यादा को यहाँ माननीय सदस्यों ने क़ायम रखा। उन्होंने कहा कि प्रेम प्रकाश पांडेय जी के विधानसभा अध्यक्ष रहते क्लोज़ डोर मीटिंग हुई। यह सदन केवल क़ानून नहीं बनाता बल्कि बेहतर भविष्य बनाता है। दिसम्बर 2023 को मेरे सार्वजनिक जीवन का वह क्षण था, जिसे मेरे लिए शब्दों में बाँध पाना संभव नहीं।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने आगे कहा कि आज जो दायित्व निभा रहा हूँ वह बड़ा दायित्व है। मैं इसके काबिल बनने का प्रयास कर रहा हूँ । विधानसभा अध्यक्ष का पद शक्ति का नहीं, उत्तरदायित्व का है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की विशेष पहचान बनी है। उनके नेतृत्व में राज्य और मुझे लगता है कि राष्ट्र की सबसे बड़ी समस्या माओवाद आतंक का समाधान होने जा रहा है । विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य ब्याज दर मिलने और सड़क का नेटवर्क यही से पास हुआ । मेडिकल कॉलेज सहित जनहित के सभी विकास कार्यों और कार्यक्रमों का निर्णय यही से हुआ। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा। उन्होंने रजत जयंती वर्ष में विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर सदस्यों और मीडिया के साथियों ने सहयोग दिया उसके लिए धन्यवाद दिया। -
*किसानों को केंद्रों में मिल रही सभी सुविधाएं*
बिलासपुर/जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में धान बेचने आ रहे छोटे-बड़े किसानों में उत्साह है। 15 नवम्बर से धान खरीदी का सिलसिला जारी है। 3100 के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं केंद्रों में मिल रही बेहतर सुविधाओं से किसान संतुष्ट नजर आ रहे है। विकासखण्ड तखतपुर के ग्राम गनियारी के किसान हेमंत कौशिक ने आज धान उपार्जन केंद्र गनियारी में 19.40 क्विंटल धान बेचा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी की व्यवस्था सुव्यवस्थित है और उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। हेमंत कौशिक ने कहा कि केंद्र में बारदाना, टोकन व्यवस्था और धान तौलने की प्रक्रिया सभी बेहतर और सुचारू हैं। कर्मचारियों का रवैया सहयोगपूर्ण रहा, जिससे धान बेचने में उन्हें आसानी हुई। सुविधाओं के सुव्यवस्थित होने से किसान बिना किसी परेशानी के धान बेच पा रहे हैं और उन्हें धान का उचित मूल्य भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से उनके जीवन में सकरात्मक बदलाव आ रहे है। -
आज तीसरे दिन धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में 411 क्विंटल एवं कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई
बालोद/राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिले के कृषक उन्हें जारी किए गए टोकन के अनुसार प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्रों में सुबह से पहुँचकर अपने धान की बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन भी आज 18 नवंबर को सुबह से ही जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की चहल कदमी शुरू हो गया था। इसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा में आज तीसरे दिन 411 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई। जिसमें 272.80 क्विंटल पतला एवं 138.4 क्विंटल मोटा धान है। धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में आज ग्राम दुपेचरा के कृषक श्री चोवाराम ने 18 क्विंटल मोटा धान, ग्राम कोचेरा के कृषक श्री दौलतराम ने 254 क्विंटल पतला, श्री दिलीप कुमार 110 क्विंटल पतला, जाम बाई ने 58 क्विंटल पतला, मुरली राम ने 125 विक्ंटल पतला, तानुराम ने 135 विक्ंटल पतला एवं नरोत्तम कुमार ने 30 क्विंटल मोटा, कुमेश्वर कुमार ने 100 क्विंटल पतला धान की बिक्री की। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की गई। जिसमें से 316 क्विंटल मोटा एवं 44 क्विंटल पतला धान शामिल है।धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आज सुबह से ही नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य का सतत मॉनिटरिंग की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। -
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 02 करोड़ 72 लाख रूपए की लागत से पुल का हुआ है निर्माण
लिमोरा के ग्रामीणों ने पुल के निर्माण होने पर शासन-प्रशासन का जताया आभारबालोद/बालोद जिले के ग्राम लिमोरा सहित क्षेत्र के हजारों लोगों की एक बड़ी समस्या का समाधान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो गया है। एक समय था जब बारिश के दिनों में यहाँ की एक बड़ी समस्या लोगों के जीवन को थाम देती थी। यह समस्या ग्राम लिमोरा के समीप बहने वाला नाला था, जो कि ग्राम लिमोरा का मुख्य मार्ग व मुजगहन से जोड़ता है, लेकिन बरसात शुरू होते ही यह नाला उफान पर आ जाता था, और पानी का तेज बहाव रास्ते को पूरी तरह बंद कर देता था। आने-जाने के लिए ग्रामीणों को भारी जोखिम उठाना पड़ता था। कई बार बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, ग्रामीणों को बाजार तथा मरीजों को अस्पताल तक पहुँचाना किसी चुनौती से कम नहीं था।लिमोरा के ग्रामीण वर्षों से एक सुरक्षित रास्ते और मजबूत पुल की उम्मीद करते आ रहे थे। बरसात के हर मौसम के साथ यह उम्मीद और भी गहरी होती जाती। आखिरकार यह इंतजार तब खत्म हुआ जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 02 करोड़ 72 लाख रूपए की लागत से लिमोरा नाला में पुल सहित पहुॅच मार्ग का निर्माण पूरा हुआ। अब जब पुल में आवागमन शुरू हुआ, तो ग्रामीणों में एक नया उत्साह आया है। महिलाओं और बुजुर्गों ने राहत की सांस ली है कि अब उन्हें बारिश में खतरनाक नाला पार नहीं करना पड़ेगा। किसानों के लिए यह पुल किसी वरदान से कम नहीं, अब उनकी उपज आसानी से दूसरे गांव पहुँच सकेगी। बच्चों को स्कूल जाने का सुरक्षित रास्ता मिल गया, और मरीजों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाना भी आसान हो गया। ग्राम पंचायत लिमोरा के सरपंच श्री जालम सिंह पडौति ने बताया कि पहले छोटी पुलिया होने से बहुत समस्या थी, अब पुल बनने से ग्रामीणों को सुविधा मिली है, अब किसी प्रकार से आवागमन में बाधा नहीं होती है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिली है। इसके लिए हम शासन प्रशासन का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले उनके गांव से मुख्य मार्ग में भारी वाहनों के आवागमन के लिए बहुत ही समस्या होती थी, लेकिन अब पुल के निर्माण होने से भारी वाहनों के आवागमन में सुविधा हुई है।लिमोरा गाँव का यह नया पुल सिर्फ कंक्रीट का ढांचा नहीं है, बल्कि यह उम्मीद, सुविधा और विकास का प्रतीक बन चुका है। बरसात के दिनों में जो गाँव चिंतित हो जाता था, वही आज आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने न सिर्फ एक पुल बनाया, बल्कि लिमोरा के लोगों के जीवन में नई रोशनी भी लाई है। -
हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली
बालोद/जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने आज बालोद विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में निर्माणधीन प्रधानमंत्री आवासों का औचक निरीक्षण कर हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण कार्य के प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने जनपद पंचायत बालोद के ग्राम पंचायत परसोदा के हितग्राही श्रीमती दयाबती, श्री थानसिंह, श्रीमती सुनीती बाई तथा ग्राम पंचायत लाटाबोड़ के हितग्राही श्रीमती ज्ञानेश्वरी बाई, श्री करणसिंह एवं श्रीमती कमला बाई के आवासों का औचक निरीक्षण कर लाभार्थियो से चर्चा भी की। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा लाभार्थियों को निर्माणाधीन आवासो में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिंस्टम, सोखता गड्ढा निर्माण करने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने हितग्राहियों से उनके आवास निर्माण में आने वाली समास्याओं की जानकारी लेते हुए उनके समाधान हेतु संबंधित अमलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम पंचायतो में आवास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। सीईओ चंद्रवंशी ने सरपंच, पंच एवं अन्य जन-प्रतिनिधियो से सहयोग लेते हुए जनमानस में एक साकारात्मक माहौल तैयार कर हितग्राहियों से समन्वय स्थापित करते हुए नवीन स्वीकृत अप्रारंभ आवासों को यथाशीघ्र प्रारंभ कराते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देशित किया। सीईओ श्री चंद्रवंशी ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेते हुए योजनाओ से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओ के संबंध में भी जानकारी ली। इसके साथ ही जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत लाटाबोड़ के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन एवं सामुदायिक भवन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने गांव के सरपंच, सचिव एवं अन्य अमलों को निर्माणाधीन कार्यों का निर्माण गुणवत्तापूर्वक एवं समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने अमृत सरोवर का निरीक्षण कर वृक्षारोपण, पाथवे एवं अन्य कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी लेते हुए रोपित पौधो के रखरखाव एवं देखभाल हेतु रोजगार सहायक, ग्राम सचिव एव सरपंच को निर्देश भी दिया। इस अवसर पर उप-संचालक पंचायत, सहायक परियोजना अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय लोकतांत्रिक यात्रा में वर्तमान विधानसभा भवन हमारी कार्यसंस्कृति, संवाद, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनसेवा के संकल्प का जीवंत प्रतीक रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा में वर्तमान विधानसभा भवन हमारी सामूहिक कार्यसंस्कृति, संवाद, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनसेवा के संकल्प का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में इस भवन ने अनगिनत ऐतिहासिक निर्णयों, महत्त्वपूर्ण बहसों और जनहित से जुड़े विधेयकों को जन्म लेते देखा है। यह भवन प्रदेश के विकास, समृद्धि और मजबूत लोकतंत्र का आधार स्तंभ रहा है। यह भवन न केवल हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है, बल्कि आगामी जिम्मेदारियों और भविष्य की चुनौतियों के प्रति हमें और अधिक दृढ़ता, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा भी देता है। हम सभी के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई इबारत लिखी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब जब हम नए विधानसभा भवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, तब यह पुराना भवन अपनी हर दीवार, खिड़की और आँगन के साथ हमारी स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा। यह स्थान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संसदीय परंपरा, सुसंस्कृत संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों का सजीव प्रमाण है।
- -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देशभर के किसानों को जारी करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त-पीएम सम्मान निधि का राज्य स्तरीय समारोह धमतरी में 19 नवम्बर को-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान होंगे शामिल-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 2242 करोड़ रूपए की सड़कों का होगा शिलान्यासरायपुर, /प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत प्रदेश के किसानों को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल 19 नवम्बर को देशभर के किसानों को पीएम सम्मान निधि योजना की 21 वीं किश्त की राशि ऑनलाईन जारी करेंगे। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 17 हजार 640 किसानों को उनके बैंक खातों में 494 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित की जाएगी।पीएम किसान सम्मान निधि के राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन धमतरी में कल 19 नवम्बर को किया जा रहा है। इस समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। यह कार्यक्रम धमतरी के डॉ.शोभाराम देवांगन शासकीय स्कूल परिसर में 12.30 बजे से आयोजित किया जाएगा।केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत 100 से अधिक आबादी वाले 780 बसाहटों को जोड़ने हेतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना 4-क के तहत 2242 करोड़ रूपयों से अधिक लागत की लगभग 2442 किलोमीटर लंबी 774 सड़कों के निर्माण कार्य का शिलान्यास एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के अंतर्गत 17,357 स्वसहायता समूहों को चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश निधि, बैंक क्रेडिट लिंकेज निधि के 286 करोड़ रूपयों का वितरण करेंगे।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान वॉटरशेड कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्रदेश स्तरीय वॉटरशेड महोत्सव का भी शुभारंभ करेंगे। इसके अतिरिक्त वे विभिन्न कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित भी करेंगे।
- -सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल का कोई प्रभाव नही-प्रतिदिन औसतन दो से ढाई लाख क्विंटल धान का उपार्जन-केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था से प्रसन्न है किसानरायपुर / राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। राज्य में औसतन प्रतिदिन दो से ढाई लाख क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर होने लगा है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। कल 17 नवंबर को राज्य में किसानों से 2,43,831 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई, जिसमें 1,05,342 क्विंटल मोटा, 71,603 क्विंटल पतला तथा 66,886 क्विंटल सरना धान शामिल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं।खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर 17 नवंबर को 725 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 39,015 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया, जबकि राजनांदगांव जिले ने 35,162 क्विंटल और रायपुर जिले ने 28,272 क्विंटल धान का उपार्जन कर क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 17 नवंबर को बस्तर जिलें में 95.2 क्विंटल बीजापुर में 137.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 1.6 क्विंटल, कांकेर में 80, कोण्डागांव में 1147.6, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 1573.6, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 2550, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 97.2, मुंगेली में 2224, रायगढ़ में 1413.2, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 917.6, बालोद में 19656, बेमेतरा में 39015.2, दुर्ग में 27699.2, कवर्धा में 3682.4, राजनांदगांव में 35162.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 14322.8, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 834.8, बलौदाबाजार में 19419.6, धमतरी में 25227.2,गरियाबंद में 9106.4, महासमुंद में 1073.6, रायपुर में 28272.4, बलरामपुर में 612.4, जशपुर में 224, कोरिया में 1193.6, सरगुजा में 276.8, सूजरपुर में 1456.4, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 212 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों द्वारा संचालित सफल ऑपरेशन में शीर्ष नक्सली लीडर एवं सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस को सलाम करते हुए कहा है कि “यह घटना नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में निर्णायक उपलब्धि है।"मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों के सफल ऑपरेशन में शीर्ष नक्सली लीडर और सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों का न्यूट्रलाइज होना नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई में एक निर्णायक उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सुरक्षाबल के जवानों के अदम्य साहस को नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिड़मा वर्षों से बस्तर में रक्तपात, हिंसा और दहशत का चेहरा था। आज उसका अंत न सिर्फ एक ऑपरेशन की उपलब्धि है, बल्कि लाल आतंक पर गहरी चोट है, साथ ही यह क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स बताते हैं कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हमारी सुशासन सरकार बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा बहा रही है।नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति, नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना, इन कदमों ने जनविश्वास को मजबूत किया है और बस्तर के हर गांव में नया आत्मविश्वास भरा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि केंद्र–राज्य की संयुक्त रणनीति के साथ मार्च 2026 तक भारत पूर्णतः नक्सलमुक्त होगा।
- -मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए उन्नत व्यापार और सहयोगी कर प्रशासन अनिवार्य– वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी-घटी GST दरों का लाभ आम जनता तक पहुँचाना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी–वित्त मंत्रीरायपुर, / छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग के 5वें एवं 6वें तल पर निर्मित आयुक्त, राज्य कर (GST) के नए अत्याधुनिक कार्यालय भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन श्री सतीश थौरानी एवं प्रतिनिधिगण, CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर परवानी, CA एसोसिएशन व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित रायपुर मुख्यालय एवं विभिन्न संभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि “राज्य की अर्थव्यवस्था तभी मजबूत हो सकती है, जब व्यापार तरक्की करे और व्यापारियों को सरल एवं सहयोगी कर प्रशासन मिले। राज्य सरकार जनकल्याण के कार्यों को प्रभावी ढंग से तभी आगे बढ़ा सकती है, जब राजस्व व्यवस्था सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि GST विभाग के अधिकारी व्यापारियों की समस्याओं को समर्पण भाव से दूर करें, तकनीकी कठिनाइयों में उनकी सहायता करें और उन्हें नियमों व प्रक्रियाओं को समझने में सहयोग प्रदान करें।GST 2.0: जनता को राहत, व्यवसाय और रोजगार को गतिवित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि GST 2.0 कर सुधारों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों पर कर का बोझ कम करना, खपत को बढ़ावा देना, रोजगार सृजित करना और छोटे व्यवसायों व किसानों को मजबूती देना है। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से औसत भारतीय परिवार को सालाना 25 हजार से 40 हजार तक की सीधी बचत मिलेगी, वहीं किसानों, छोटे व्यवसायियों और कारीगरों की आय में 10-20% वृद्धि संभव होगी।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनयापन संबंधी वस्तुओं पर कर घटने से परिवारों पर व्यय का बोझ कम होगा और जीवन अधिक सुरक्षित व सुलभ बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि “GST 2.0 से मिलने वाली राहत का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे, यह विभाग की जिम्मेदारी है।वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू GST 2.0 ने कर संरचना को सरल बनाया है और कई वस्तुओं पर कर दरों में कटौती की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुधारों का लाभ व्यापारियों, मध्यम वर्गीय परिवारों, किसानों, विद्यार्थियों और आम उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा पहुँचाया जाए।उत्कृष्ट करदाताओं को किया सम्मानितकार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के उत्कृष्ट करदाताओं को उच्च कर भुगतान, उत्कृष्ट अनुपालन और निरंतर वृद्धि के लिए Taxpayer Appreciation Award प्रदान किए गए। पुरस्कार पाने वाले प्रमुख संस्थानों में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमपीसीजी मोबाइल प्रा. लि., एनटीपीसी, रिलायंस रिटेल लिमिटेड, सारडा एंड मिनरल्स, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे, भिलाई स्टील प्लांट और एबिस फूड्स एंड प्रोटीन प्रा. लि. शामिल हैं।वित्त मंत्री ने कहा कि यह सम्मान राज्य के अनुकरणीय करदाताओं को प्रोत्साहित करने तथा कर अनुपालन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।आधुनिक, पारदर्शी व करदाता हितैषी प्रशासन की दिशा में कदमअपने संबोधन के अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में निर्मित नया कार्यालय भवन राज्य कर विभाग की पारदर्शिता, कार्यकुशलता और करदाता हितैषी सेवाओं को नई दिशा देगा। यह भवन आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था और सहज कर सेवा प्रणाली का नया प्रतीक है।
- -प्रदेश में प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विश्व की प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी पहली बार भारत टूर के तहत आज छत्तीसगढ़ पहुंची और विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में इसका अनावरण किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन होना अत्यंत गर्व की बात है और इस ट्रॉफी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए विशेष सम्मान का अवसर है। उन्होंने हॉकी इंडिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ट्रॉफी टूर देशभर में खेलों के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा इस अभियान का शुभारंभ देश में खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही हॉकी की उर्वर भूमि रहा है। राजनांदगांव, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी खेल में अपना भविष्य संवार रहे हैं। ट्रॉफी का यहां आगमन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री साय ने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी इंडिया, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई और शुभकामनाएं भी दी।इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्रॉफी के भव्य अनावरण के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी, हॉकी संगठन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।भारत पहली बार बनेगा जूनियर वर्ल्ड कप का मेजबानगौरतलब है कि एफआईएच हॉकी जूनियर मेन्स वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगी और तमिलनाडु के चेन्नई व मदुरै में आयोजित की जाएगी।
- रायपुर,। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर “जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत – ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष माननीय श्री विकास मरकाम थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संभागायुक्त श्री महादेव कांवरे ने की।कुलपति श्री कांवरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि बिरसा मुंडा आधुनिक भारत का वह सपना देखते थे जिसमें विकास और शिक्षा जन-जन तक पहुँचे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित जन-मन योजना एवं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना की जानकारी देते हुए कहा कि ये योजनाएँ जनजातीय अंचलों में विकास की नई राह बना रही हैं।मुख्य अतिथि श्री विकास मरकाम ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास को याद करने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि केवल 14 वर्ष की अल्प आयु में बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका और जल–जंगल–जमीन की रक्षा का नेतृत्व किया। उन्होंने परलकोट आंदोलन के गेंदसिंह, वीर नारायण सिंह, गुंडाधूर और लांगुर किसान जैसे जनजातीय नायकों के योगदान को भी स्मरण किया।श्री मरकाम ने युवाओं से आह्वान किया कि शिक्षा लो, आगे बढ़ो, लेकिन अपनी संस्कृति, अपने त्योहार और अपनी जड़ों को कभी मत भूलो। कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की प्रासंगिकता और बिरसा मुंडा जयंती के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और पुरस्कार वितरणछात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को जीवंत बना दिया। रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत हुई प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।निःशुल्क मेडिकल कैंपएमबीए (एचए) विभाग द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों व कर्मचारियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। मेडिकल कैंप में डॉ. देवेंद्र कश्यप एवं उनकी टीम की प्रमुख भूमिका रही।कार्यक्रम संयोजक डॉ. आशुतोष मंडावी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमें अपनी संस्कृति, परंपरा और इतिहास से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं और विद्यार्थियों को जनजातीय समाज पर शोध के लिए प्रोत्साहित करते हैं।कार्यक्रम में उप कुलसचिव श्री सौरभ शर्मा, विभागाध्यक्षगण, अग्रसेन महाविद्यालय की शिक्षिका सुश्री ऋतुलता तारक एवं सुश्री ईशा गोस्वामी सहित अनेक अतिथि, शोधार्थी व छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
- -कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबलरायपुर ।विकासखंड स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का समापन आज बलौदाबाजार स्पोर्ट्स स्टेडियम में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और सभी खिलाड़ियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।अपने उद्बोधन में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि खेल जीवन के हर उतार-चढ़ाव का सामना करना सिखाते हैं। सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार किसी संसदीय क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ी एक साथ जुटे हैं, जो खेल जगत के लिए उत्साहजनक है।सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीत-हार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना है। उन्होंने कहा कि खेलकूद से व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है, साथ ही टीम स्पिरिट, अनुशासन और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा फिट इंडिया मिशन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए सांसद खेल महोत्सव की महत्ता बताते हुए कहा कि इससे युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है। सांसद श्री अग्रवाल ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्त कर रही है और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले कई खिलाड़ी आज सरकारी पदों पर कार्यरत हैं।उल्लेखनीय है कि सांसद खेल महोत्सव 2025 के तहत रायपुर लोकसभा क्षेत्र में 21 सितंबर से 13 विधाओं में पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। 9–19 वर्ष एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने खो-खो, कुश्ती, वॉलीबॉल, भारोत्तोलन, तैराकी, शरीर सौष्ठव, शतरंज, फुगड़ी, कबड्डी, गेड़ी दौड़, रस्सा-कस्सी और रस्सीकूद सहित अन्य खेलों में दमखम दिखाया। विजेता खिलाड़ी अब जिला एवं राज्य स्तरीय स्पर्धाओं में सहभागिता करेंगे।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और नागरिक उपस्थित रहे।
- -राष्ट्रीय सम्मान से देश में बढ़ा गरियाबंद का गौरव जिले को मिला एक करोड़ रूपये का पुरस्कार- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों गरियाबंद जिले के कलेक्टर बी एस उइके ने ग्रहण किया पुरस्कार-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर / जल संचय और जन भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला को जोन-1, केटगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के कर कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत गरियाबंद जिले को विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। इससे न सिर्फ गरियाबंद जिला, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस दौरान केंद्रिय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल, जल शक्ति एवं रेल मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री वी. सोमन्ना एवं जल शक्ति मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी उपस्थित थे। यह पुरस्कार जिले के कलेक्टर श्री बी एस उइके, जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस के बर्मन एवं सहायक अभियंता श्री मनोज ताण्डिल्य ने प्राप्त किया। राष्ट्रीय जल संचय एवं जलभागीदारी कार्य के लिए तीसरा पुरस्कार के रूप में गरियाबंद जिले को एक करोड़ रूपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि गरियाबंद जिला, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का तृतीय बेस्ट जिला चुना गया।उल्लेखनीय है कि जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए गरियाबंद को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ एक करोड़ रूपए का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह उपलब्धि जिले के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के क्रियान्वयन का परिणाम रहा है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान - कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा - नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की गई है। भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, कार्य किए गए है।
- -राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने पुरस्कार ग्रहण किया-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर, / जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जिले को उत्कृष्ट कार्य के लिए एक करोड़ रूपए की राशि से सम्मानित किया है। महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस पुरस्कार को ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।गौरतलब है कि जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिला को बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आज आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने महासमुंद जिले में जल संचय, जन भागीदारी में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिया। जिससे जिले को एक करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री सीआर पाटिल, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना एवं अन्य अतिथियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। जिले की ओर से कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण के लिए यह उपलब्धि मिली है।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण महासमुंद जिले वासियों को दिया है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं संपूर्ण जिले वासियों के अथक प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता के फलस्वरूप जल संचयन एवं जन भागीदारी अभियान में जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सका है। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित पूरे जिले वासियों के प्रति आभार प्रकट किया है। श्री लंगेह ने जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान में बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर महासमुंद जिले को भारत के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त होने पर संपूर्ण जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
- -मुख्यमंत्री के निर्देशन में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए मिला सम्मान-नगर निगम पूरे देश में प्रथम स्थान पर एवं ईस्टर्न जोन पर रायपुर जिला तीसरे स्थान पर-कलेक्टर डॉॅ. गौरव सिंह एवं नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने ग्रहण किया सम्मानरायपुर । राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज रायपुर जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आज विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में पुरस्कृत किया। यह पुरस्कार कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने ग्रहण किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता अर्जित करते हुए रायपुर जिला प्रशासन एवं रायपुर नगर निगम को जल संचय जन भागीदार (JSJB) 1.0 अभियान का पुरस्कार प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति द्वारा पहली बार इस श्रेणी में पुरस्कार दिया है। देश भर कर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम, रायपुर जिला ईस्टर्न जोन के कैटेगरी 01 में तीसरा तथा राज्यों में छत्तीसगढ़ ने द्वितीय स्थान हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि रायपुर जिला प्रशासन ने स्थानीय निकाय और जन समुदाय के संयुक्त भागीदारी से उल्लेखनीय पहल करते हुए जल संरक्षण का जन आंदोलन का रूप दिया। निगमों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए रायपुर नगर निगम ने 33,082 कार्य पूर्ण किये, जिला रायपुर ने 36,282 कार्य पूर्ण किए एवं छत्तीसगढ़ ने 4,05,563 कार्य किए। जिसमें, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पिट्स, अमृत सरोवर, टॉप डैम और परकोलेशन टैंक का निर्माण शामिल है। साथ ही तरल अपशिष्ट प्रबंधन में रायपुर में 4 एसटीपी से 206 MLD क्षमता विकसित की गई, और 9 औद्योगिक इकाइयों को 125.849 MLD शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। रायपुर नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में वर्षा जल संचयन और रिचार्ज पिट्स का निर्माण किया गया । शहर के आसपास 20 से अधिक नए सरोवरों का पुनर्जीवन कार्य किया । इसके अलावा स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट भू-जल स्तर की निगरानी के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की शुरुआत की गई।
- -छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिला सम्मान-छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति के हाथों छत्तीसगढ़ को मिला पुरस्कार-जल संचय, जन भागीदारी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ को मिला द्वितीय पुरस्कार, रायपुर नगर निगम ने मारी बाजीनई दिल्ली। जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ को विभिन्न श्रेणियों में तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जल संचय, जन भागीदारी श्रेणी में भी छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं, नगरीय निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को प्रथम स्थान मिला है। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया।विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्रीय जलमंत्री श्री सीआर पाटिल भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा यह सम्मान राज्य में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के प्रति हमारी निरंतर मेहनत का परिणाम है।केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आज छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान तथा रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया गया।जल शक्ति मंत्रालय द्वारा एक नई पहल शुरू की है, जल संचय, जन भागीदारी। इसके तहत भी इस वर्ष पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। छत्तीसगढ़ से जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। वहीं, नगरीय निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को देश में प्रथम स्थान मिला है। निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया।जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण और प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय जल पुरस्कार (एनडब्ल्यूए) की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से लोगों को जल के महत्त्व से अवगत कराने और उन्हें बेहतर जल उपयोग पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।राष्ट्रीय जल पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा पूरे देश में जल संरक्षण, जल प्रबंधन और ‘जल समृद्ध भारत’ के सरकार के विज़न को साकार करने के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को सम्मानित किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देना, जागरूकता फैलाना और समाज को जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है।“छत्तीसगढ़ को एक साथ तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार तथा ‘जल संचय–जन भागीदारी’ श्रेणी में उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय स्थान मिलना हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि हमारे किसानों, पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, नगरीय निकायों, जल संसाधन विभाग, समाज के जागरूक नागरिकों और जनभागीदारी से आगे बढ़े जल संरक्षण जनआंदोलन का प्रतिफल है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के हाथों यह सम्मान मिलना हमारे प्रयासों को और सशक्त करता है। छत्तीसगढ़ सरकार जल संसाधनों के संरक्षण, पुनर्भरण और सतत प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘जल समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को तेज गति से आगे बढ़ा रही है।” — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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-अब तक 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान की हुई खरीदी
-सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल का कोई प्रभाव नही-18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान खरीदा गया-केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था से प्रसन्न है किसानरायपुर /राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। आज 18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान की खरीदी किसानों से समर्थन मूल्य पर की गई। बीते 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के तहत अब तक राज्य में कुल 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जिसमें 3 लाख 4 हजार 512 क्विंटल मोटा धान, 2 लाख 1 हजार 174 क्विंटल पतला तथा 2 लाख 22 हजार 317 क्विंटल सरना धान शामिल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं।खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। 18 नवंबर की स्थिति में 1155 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 97698.8 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जबकि राजनांदगांव जिले ने 92390.4 क्विंटल और रायपुर जिले ने 83299.2 क्विंटल धान का उपार्जन कर राज्य में धान खरीदी के मामले में क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 18 नवंबर तक बस्तर जिलें में 395.6 क्विंटल बीजापुर में 155.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 6.4 क्विंटल, कांकेर में 754.8, कोण्डागांव में 5351.2, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 4050.4, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 6668.4, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 396.8, मुंगेली में 8806.8, रायगढ़ में 3949.6, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3922.8, बालोद में 70197.2, बेमेतरा में 97698.8, दुर्ग में 73033.6, कवर्धा में 22252.4, राजनांदगांव में 92390.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 50926, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 3214, बलौदाबाजार में 60551.2, धमतरी में 75660.8, गरियाबंद में 28674.4, महासमुंद में 23388.8, रायपुर में 83299.2, बलरामपुर में 1490.4, जशपुर में 248, कोरिया में 4200, सरगुजा में 645.2, सूजरपुर में 3415.2, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1513.6 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है। -
-अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने शासकीय संस्कृत महाविद्यालय में दिया व्याख्यान
रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने शासकीय दू .श्री. वै. स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय रायपुर में आयोजित व्याख्यान में कहा कि देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताडऩा का शिकार होना पड़ता है,जिससे निदान के लिए आम जन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास की अत्यंत आवश्यकता है।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि कुछ लोग अंधविश्वास के कारण हमेशा शुभ-अशुभ के फेर में पड़े रहते हैं। यह सब हमारे मन का भ्रम है। शुभ-अशुभ सब हमारे मन के अंदर ही है। किसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाए, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमाई हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में हैं। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही हंै। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास को कुरीतियों के विरूद्ध समाज के साथविद्यार्थियों को भी एकजुट होकर आगे आना चाहिएडॉ. मिश्र ने कहा प्राकृतिक आपदाएं हर गांव में आती हैं, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती हैं, वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते हैं। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते हंै। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुन: प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगडऩे पर उसे ताबीज पहनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चाहिए। डॉ. मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से नहीं डराएं , क्योंकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है , उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा — देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन /टोनही के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। डायन के सन्देह में प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। कुछ मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई हंै अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती हैं। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी व्यक्ति के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, असम सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही हैं जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए। झारखंड ,बिहार छत्तीसगढ़ ,ओडिशा में, राजस्थान,आसाम में हजारों प्रमाणिक जानकारी है।जबकि कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला, पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैं ।डॉ. मिश्र ने कहा आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं को वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्मे थे।डॉ. मिश्र ने कहा भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा के बजाय चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है।डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को आगे आना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ सीमा शुक्ला, डॉ शकुन्तला डहारे ,डॉ कादम्बिनी शर्मा सहित प्राध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे. अन्धविश्वास एवं टोनही प्रताडऩा के खिलाफ़ अभियान के अंतर्गत पंपलेट किताबें प्रदान की गईं. - -प्रति एकड़ 21 क्विंटल और प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी-किसानों में उत्साह का माहौल धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की किसानों ने की सराहनारायगढ़। प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की आर्थिक तरक्की, उन्नति और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार बनते ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रति एकड़ 21 क्विंटल एवं प्रति क्विंटल 31 सौ रुपये की दर से धान खरीदी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इस किसान हितैषी नीति का लाभ गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी रायगढ़ जिले के किसानों को व्यापक रूप से प्राप्त हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है।ग्राम कोड़तराई के किसानों में धान खरीदी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। इसी क्रम में ग्राम के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। तीन भाई मिलकर साझा खाते में 40 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उनके परिवार का पहला टोकन जारी हुआ, जिसके अंतर्गत 44 क्विंटल धान की बिक्री की गई।किसान श्याम दयाल पटेल ने कहा कि 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा और 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बढ़ी हुई आय से वे परिवार की आवश्यक जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की उच्च शिक्षा, कृषि उपकरणों की खरीद, घर-परिवार की दैनिक आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ करने में सक्षम हो रहे हैं। इसे उन्होंने अपने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी खरीदी के लिए उत्कृष्ट तैयारी की गई है। उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठने की सुविधा, पीने के पानी की उपलब्धता, सटीक तौल व्यवस्था तथा पर्याप्त बारदाना जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। सहज, पारदर्शी और किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं से ग्राम कोड़तराई सहित पूरे जिले के किसानों में प्रसन्नता और संतोष का माहौल है। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर / राज्य शासन द्वारा पेंशनरों की सुविधा के लिए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate-DLC) जमा करने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपने मूल बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक में जाकर या घर बैठे "Jeevan Pramaan" मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली तथा संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह सुविधा राज्य के सभी पेंशनरों के लिए उपलब्ध कराई गई है।संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़, रायपुर, श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों एवं जिला कोषालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि नवंबर माह में पेंशन वितरण की तिथि से पूर्व अधिकतम संख्या में पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो।इन निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा "डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0" (Digital Life Certificate Mission 4.0) के अंतर्गत विभिन्न शहरों में विशेष कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनरों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएंगे।भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब सभी बैंक अपनी शाखाओं में आने वाले प्रत्येक पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए उत्तरदायी होंगे, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक या शाखा में हो।सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर समय पर अपना जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करें, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।
- रायपुर, /आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहा है। मनरेगा योजना के अंतर्गत पक्का मुर्गी शेड निर्माण से हितग्राही भूलू की आय में वृद्धि हुई है तथा मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोग कर वे कृषि कार्य में भी लाभ प्राप्त कर रहे हैं।हितग्राही भूलू की आय में हुई वृद्धिबलौदाबाजार जिले के ग्राम पंचायत कोदवा में हितग्राही भूलू को मनरेगा से 1.13 लाख की लागत से पक्का मुर्गी शेड निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया।हितग्राही द्वारा पूर्व से ही मुर्गी पालन का कार्य किया जा रहा था, परंतु अस्थायी शेड होने के कारण बरसात एवं गर्मी में मुर्गियों की सुरक्षा, दाना-संरक्षण तथा उत्पादन क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होती थी। पक्के शेड के निर्माण से अब मुर्गियों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध हुआ है। शेड निर्माण के उपरांत हितग्राही ने 500 चूजे 25 रुपए प्रति नग की दर से खरीदे। इनमें से 60 नग 600 रुपए प्रति नग की दर से विक्रय किया तथा लगभग 150–200 चूजे वर्तमान में अच्छी वृद्धि पर हैं। अब तक हितग्राही को इस कार्य से ₹36,000 की आय प्राप्त हो चुकी है। पक्के शेड के कारण चूजों की मृत्युदर में उल्लेखनीय कमी आई है।मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोगहितग्राही भूलु ने बताया कि शेड निर्माण से उनकी आय में वृद्धि हुई है तथा मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोग कर वे कृषि कार्य में भी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। वर्तमान लाभ को देखते हुए वे समीप की भूमि क्रय कर शेड का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
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रायपुर / प्रदेश के नागरिकों को आवासीय योजनाओं की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा राज्य स्तरीय ‘आवास मेला 2025’ का आयोजन 23, 24 और 25 नवंबर को रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में किया जा रहा है। इस मेले के लोगो (प्रतीक चिन्ह) का अनावरण आज गृह निर्माण मंडल मुख्यालय में मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त श्री अवनीश शरण सहित मंडल के अधिकारी-कर्मचारी प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।लोगो अनावरण के बाद अध्यक्ष श्री सिंह देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराना मंडल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘आवास मेला 2025’ इसी दिशा में एक सार्थक पहल है, जहां मंडल की विभिन्न योजनाएँ और संपत्तियाँ एक ही मंच पर आम जनता के सामने प्रस्तुत की जाएंगी।अध्यक्ष श्री सिंह देव ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रदेशभर में लगभग रु. 2000 करोड़ की नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर पा रहा है।आवास मेला 2025 में आगंतुकों के लिए कई सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। नागरिकों को सुविधा प्रदान करने हेतु आवंटी पोर्टल का भी शुभारंभ होगा। मेले में हितग्राही मात्र 1 प्रतिशत राशि जमा कर भवन बुक करा सकेंगे। रायपुर, नवा रायपुर एवं आसपास की परियोजनाओं के साइट विज़िट की विशेष व्यवस्था रहेगी, साथ ही घर खरीदने वालों के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा लोन सुविधा भी दी जाएगी। निर्माण संबंधी जानकारी हेतु कई स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें भारतीय मानक ब्यूरो का स्टॉल विशेष रूप से गुणवत्ता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। मेले में पंजीयन कराने वाले हितग्राहियों के लिए विशेष उपहार भी घोषित किए गए हैं।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में ‘आवास मेला 2025’ में सम्मिलित होकर अपने सपनों के घर को वास्तविकता में बदलने का अवसर प्राप्त करें। -
-28 हजार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के घरों में नल कनेक्शन
रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दूरस्थ अंचलों के लोगों तक भी जल जीवन मिशन योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभागों को हैं। जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति के 28 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन के कार्यों को पूर्ण कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है l94 ग्रामों के विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों के 28 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन का कार्य को पूर्णजशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों में बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा निवास करती है। जिले के 94 ग्रामों में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोग निवासरत् है। सम्पूर्ण जिले में नल जल प्रदाय के साथ-साथ इन 94 ग्रामों के विशेष पिछड़ी जनजाति के बसाहटों के कुल 36183 घरेलू नल कनेक्शन स्वीकृति किया गया है।इनमें से 28 हजार से अधिक नल कनेक्शन के कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देश में विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को केन्द्र और राज्य शासन की सभी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत दिलाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।



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