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- यूपीएससी चयनित आईएएस, आईपीएस टॉपर्स बीआईटी के ऑडिटोरियम में 16 जुलाई दिन रविवार को देंगे निशुल्क टिप्स
- तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स हो सकते हैं शामिलदुर्ग / यूपीएससी एवं प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जिला प्रशासन एवं नगर निगम भिलाई के संयुक्त तत्वाधान में भिलाई टॉक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें यूपीएससी चयनित अनुभवी एवं टॉपर्स प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर टिप्स देंगे और अपने पूरे अनुभवों को साझा करेंगे। 16 जुलाई दिन रविवार को बीआईटी के ऑडिटोरियम में यूपीएससी की तैयारी करने वालो को यूपीएससी चयनित अनुभवी अभिषेक चतुर्वेदी, अंशिका जैन, आईएएस प्रखर चंद्राकर व आईपीएस आकाश कुमार पूरे अनुभवों को स्टूडेंट्स को साझा करेंगे। यही नहीं स्टूडेंट्स इनसे सवाल भी कर सकते है, प्रश्नोत्तरी भी होगी ताकि कोई भी संशय हो उसे दूर किया जा सके। कार्यशाला में भाग लेने के लिए बीआईटी के ऑडिटोरियम में ही 9ः30 बजे से पंजीयन होगा तथा 10ः00 बजे से कार्यशाला प्रारंभ होगी। यूपीएससी की तैयारी करने वाला कोई भी छात्र, छात्रा इसमें शामिल हो सकता है। कार्यशाला में पैनल डिस्कशन भी होगा। कार्यशाला में कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा एवं पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा भी शामिल होंगे। यूपीएससी की तैयारी के लिए एक्सपर्ट अपनी राय भी देंगे और कैसे तैयारी करना है इसके बारे में बताएंगे। पढ़ाई की तकनीक एवं टाइम मैनेजमेंट के बारे में भी बताया जाएगा। जनरल नॉलेज एवं करंट अफेयर के टिप्स भी दिए जाएंगे। तैयारी के लिए नोट्स किस प्रकार से तैयार किए जाएंगे और रिवीजन कैसे करना है ये भी एक्सपोर्ट बताएंगे। - -हर्बल केंद्र शुरू कर नोहर बना आत्मनिर्भररायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रयासों से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से न केवल रोजगार के माध्यम खुले हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को व्यवसाय शुरू करने में बल भी मिल रहा है। योजना का लाभ उठाते हुए युवा अपने जुनून एवं इच्छानुसार व्यवसाय करते हुए सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। योजना के तहत अनुदानित दर पर सरकार के द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम खेमड़ा निवासी नोहर चक्रधारी ने 12वीं की पढ़ाई करने के बाद हर्बल मार्केटिंग सीखा। उनके मन में यह इच्छा थी कि उनका स्वयं की हर्बल जड़ी बूटी की दुकान हो, लेकिन वह इतने सक्षम नहीं थे कि दुकान खोल सके।नोहर चक्रधारी ने बताया कि मैं एक दिन बहुत परेशान था और ऋण के बारे में बता करने बैंक गया । वहां बैंक के मैनेजर ने बताया कि छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 35 प्रतिशत अनुदान राशि के साथ ऋण प्रदाय किया जाता है। तो उन्होंने भी विभाग के अधिकारी से सम्पर्क कर अपना ऋण प्रकरण फार्म नियमानुसार भरकर विभाग में जमा कर दिया। विभाग द्वारा आवेदन बैंक को प्रेषित कर दिया। शाखा प्रबंधक द्वारा जांच के बाद दो लाख का ऋण स्वीकृत कर दिया गया, जिससे नोहर चक्रधारी ने अपनी हर्बल जड़ी-बूटी की दुकान खोली।नोहर बताते है कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम उनके लिए आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हुई। वर्ष 2022 से हर्बल जड़ी-बूटी की दुकान शुरू कर मैं आत्मनिर्भर तो हुआ ही साथ ही आर्थिक रूप से मजबूत हो गया। हर्बल केंद्र से मैं 15 से 20 हजार रुपए तक कमा लेता हूं और बैंक की किश्ते नियमित अदा कर रहा हूं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरी खुद का हर्बल जड़ी बूटी का दुकान होगी। आज वह सपना साकार हुआ और मेरे आगे बढ़ने के रास्ते खुले। मैं और मेरा परिवार अब खुश हैं तथा मुख्यमंत्री जी को साधुवाद देता हूं जिससे मैं यहां तक पहुंचा और मुझे एक नई राह मिली।
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- चाय वाले की बेटी ने भेदा एनआईटी का लक्ष्य, रायपुर में करेगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई
- एनआईटी में चयनित कु. शालिनी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार- “हमर लक्ष्य" कार्यक्रम अंतर्गत जेईई एडवांस परीक्षा में दिखे अच्छे परिणामरायपुर । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्थित कोरर एक दूरस्थ क्षेत्र है। यहां के बच्चों ने कभी नहीं सोचा था कि वो एक दिन अपना असंभव सा लगने वाला लक्ष्य पूरा करेंगे। कोरर की रहने वाली शालिनी कहती हैं यदि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हमर लक्ष्य योजना की शुरूआत नहीं की होती तो आज एनआईटी में पढ़ने का उनका सपना कभी पूरा नहीं हो सकता था।कहते हैं न प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती और न ही वह स्थान देखती है। वर्तमान परिवेश में प्रतिभायें पिछड़े एवं ग्रामीण ईलाकों से भी निकल रही है और अपना परिचय दे रही है। ऐसी ही कहानी है कांकेर जिले के कोरर की जहां की कुमारी शालिनी औरेया का एनआईटी मैकेनिकल में चयन हुआ है। शालिनी से बात करने पर उसने बताया कि उसके पिता कोरर में एक सामान्य चाय का ठेला चलाते है। उनकी इच्छा थी कि उनकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे लेकिन आर्थिक स्थिति इस काम में बाधा डाल रही थी। शालिनी ने बताया कि उसने 12वीं तक की पढ़ाई शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल कोरर में ही पूरी की और उसे 88 प्रतिशत प्राप्त हुए। इसके बाद उसने जिला प्रशासन द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संचालित “हमर लक्ष्य” कोचिंग सेंटर में अपनी कोचिंग प्रारंभ की। शालिनी की इस सफलता को प्रोत्साहित करते हुए जिला प्रशासन ने उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इस सहयोग के मिल जाने से शालिनी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की इस योजना ने मेरे उड़ान के हौसले में पंख लगा दिया है जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री का सदैव आभारी रहूंगी।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कांकेर जिले में आयोजित स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय कांकेर का लोकार्पण, “हमर लक्ष्य" कार्यक्रम अंतर्गत एनआईटी रायपुर में चयनित छात्रों को कॉलेज फीस हेतु सहायता राशि का वितरण एवं बेरोजगारी भत्ता योजनान्तर्गत हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र वितरण, हितग्राहियों एवं विद्यार्थियों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से कांकेर जिले के कोरर की निवासी कुमारी शालिनी औरेया ने मुख्यमंत्री से बातचीत की। कुमारी शालिनी का चयन एनआईटी रायपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई हेतु चयन हुआ है।उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। शासन द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम के विद्यालय खोले जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी मदद दी जा रही है। कांकेर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ जेईई, एनडीए एवं नीट की परीक्षा के लिए भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिसे अच्छे परिणाम आ रहें हैं। जेईई की परीक्षा में कांकेर जिले के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हांसिल की हैं। कक्षा 12वीं मे अध्ययनरत गणित विषय के विद्यार्थियों को जेईई एडवांश की परीक्षा में शामिल होने के लिए जिले में पहली बार कोचिंग दी गई और पहले ही प्रयास में 71 बच्चे क्वालीफाईड हुए, जिसमें 64 बच्चे आदिवासी हैं। क्वालीफाईड बच्चों में से 39 बालक एवं 32 बालिकाएं शामिल थी। - -घुरऊ राम ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, कहा सरकार की योजनाओं का मिला लाभरायपुर।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार से जोड़ने और आगे की पढ़ाई के लिए सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से बेरोजगारी भत्ता योजना की शुरूआत की गयी है। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को भत्ता देने के साथ ही उन्हें रोजगार से जोड़ने हेतु भी प्रयास किये जा रहे है, जिससे लाभान्वित होकर प्रदेश के युवा न सिर्फ प्रदेश में बल्कि प्रदेश के बाहर भी जाकर रोजगार प्राप्त कर रहे है।ऐसी ही कहानी है कांकेर जिले के बेरोजगार युवक घुरउराम निषाद की, जिसने विज्ञान विषय लेकर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण तो कर ली लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह आगे की पढ़ाई और अन्य परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पा रहा था। घुरउ ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए रोजी-मजदूरी का काम भी करता है।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के समक्ष आज आज वर्चुअल कार्यक्रम में घुरउराम ने बताया कि वे बेरोजगारी भत्ता प्राप्त कर रहे थे , कुछ दिनों पूर्व उसे जिला प्रशासन द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए आयोजित प्लेसमेंट कैंप की जानकारी प्राप्त हुई। उसने प्लेसमेंट कैंप में भाग लेकर अपनी योग्यता संबंधी दस्तावेज बाहर से आये निजी संस्थान के प्रतिनिधियों को दिखाये और उसका चयन हैदराबाद की एक कंपनी कैम्पस्टोन फैसोलिटिस मैनेजमेंट लिमिटेड में हो गया और उसे 14 हजार रूपये प्रतिमाह प्राप्त होंगे। चयन होने पर घुरउराम ने कहा कि इन पैसों का उपयोग वह अपने घर के भरण-पोषण और अपनी आगे की पढ़ाई के लिए करेगा। घुरऊ राम ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित किया।गौरतलब है कि कांकेर जिलमें अब तक 112 बेरोजगारी भत्ता प्राप्त हितग्राहियों को नियोजन प्रदान किया जा चुका है।18 जुलाई को मेगा रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है जिसमे 2000 हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है
- -वर्ष 2022-23 में 6 हजार 800 जोड़ों का विवाह संपन्न-गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह से माता-पिता के सपने हुए पूरे-विवाह के लिए सहायता राशि बढ़कर हुई 50 हजाररायपुर / मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से कई गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह से उनके माता-पिता के सपने साकार होने लगे हैं। पिछले साढ़े चार साल में 25 हजार 302 बेटियों का विवाह राज्य सरकार के सहयोग से संपन्न हुआ है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 6 हजार 800 जोड़ों का विवाह महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कराया गया है।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा सहायता राशि 25 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। योजना के तहत 21 हजार रूपये तक की आर्थिक सहायता सामग्री के रूप में, 21 हजार रूपये का बैंक ड्राफ्ट तथा सामूहिक विवाह आयोजन व्यवस्था पर अधिकतम 8 हजार रूपये तक व्यय का प्रावधान भी किया गया है। इसके लिए बजट में 38 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। इस वर्ष 01 अप्रैल से बढ़ी हुई राशि से विवाह संपन्न कराए जा रहे हैं। योजना के तहत बढ़ाई गई राशि से अब तक 555 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है। इससे कई परिवारों का बेटियों का विवाह का सपना पूरा हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने योजना के तहत राशि में दो बार वृद्धि की है। श्री बघेल ने मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद प्रस्तुत पहले बजट में ही बेटियों के विवाह को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2019 में विवाह अंतर्गत दी जाने वाली अनुदान राशि को 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 25 हजार रूपए कर दिया था। अब यह राशि बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। वर्ष 2019 की तुलना में निर्धारित बजट राशि भी 19 करोड़ रूपए से दोगुना बढ़ाकर 38 करोड़ रूपए कर दी गई है। इससे कई परिवारों में बेटियों के विवाह को लेकर चिंता दूर हुई है।
- -मिल रहा महिलाओं को रोजगार, दूर हो रहा कुपोषणरायपुर /महिला समूह द्वारा बनाए जा रहे मूंगफली की चिक्की से बच्चों में पोषण स्तर बढ़ाने पर भी मदद मिल रही है। यह चिक्की विटामिन-ई मैग्नीशियम से भरपूर है। दंतेवाड़ा जिले में महिला समूह द्वारा उत्पादित मूंगफली की चिक्की आंगनबाढ़ी केंद्र के बच्चों को दी जा रही है। बच्चें भी इसे काफी पसंद कर रहे हैं। जिला प्रशासन की पहल पर मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत महिला बाल विकास विभाग की 2 परियोजनाओं में मूंगफली चिक्की की सप्लाई की जा रही है। जल्द ही 8 परियोजनाओं में इसे लागू किया जाएगा ।मूंगफली से चिक्की बनाने के काम की शुरूआत बड़े कारली की स्व-सहायता समूह की दीदीयां और राजीव युवा मितान के युवाओं के साथ मिलकर हुई। चिक्की का काम में मिली सफलता और स्थानीय बाजार और आंगनबाड़ी केंद्रों मे इसकी मांग को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा महिला समूह को बड़ेगुडरा एवं गीदम परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए मूंगफली की चिक्की सप्लाई का काम सौंपा गया। समूह द्वारा अब तक 25 हजार 665 नग 1 लाख 53 हजार 990 रूपए की चिक्की आपूर्ति की गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुपोषण योजना में 3 वर्ष से लेकर 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को तथा गर्भवती महिलाओं और 6 माह तक के दूध पीने वाले बच्चों की माताओं को उबला अंडा और सोयाबीन की बड़ी दी जाती है। इसके अलावा बच्चों को मूंगफली की लड्डू भी दिए जाते है। दूध, केला, अंडा बच्चों के लिए पौष्टिक आहार होता है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा भू-संपदा ( विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा 36 एवं 37 के तहत् रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘‘बेबीलॉन केपिटल’’ तेलीबंधा रायपुर के प्रोजेक्ट में दुकानों के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।गौरतलब है कि भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-3 (1) में वर्णित प्रावधानों के तहत रेरा में पंजीयन किये बिना प्रमोटर द्वारा किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में यथास्थित भू-खण्ड, अपार्टमेंट या भवन आदि को किसी भी रीति में विज्ञापित विपणित, बुक, विक्रय या विक्रय करने की प्रस्थापना अथवा क्रय के लिए व्यक्तियों को आमंत्रित नहीं किया जा सकता है। रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘‘बेबीलॉन केपिटल’’ तेलीबंधा रायपुर के प्रोजेक्ट में दुकानों के क्रय-विक्रय के लिए रेरा में पंजीयन नहीं हुआ है।रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘बेबीलॉन केपिटल तेलीबांधा के प्रमोटर मेसर्स होटल बेबीलॉन केपिटल प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर परमजीत सिंह खनूजा के विरूद्ध प्रकरण क्रमांक-एम-पीआरओ-2023-01935 की सुनवाई के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आने पर भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा-36 एवं धारा-37 अंतर्गत प्रोजेक्ट में दुकानों के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- रायपुर, / आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2023-2024 में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा कर सुझाव देने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक 18 जुलाई को होगी । यह बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में दोपहर 1.30 बजे से आहूत की गई है।मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में मंत्रीगणों के अलावा कृषि, वित्त, राजस्व, सहकारिता, खाद्य विभाग के साथ ही छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन, चिप्स, अपैक्स बैंक और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं फैसलों के कारण विगत चार सालों में किसानों की संख्या और रकबा में लगातार वृद्धि हुई है। कृषि उत्पादन भी तेजी के साथ बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर धान खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव के कारण धान का निष्पादन आसानी से संपन्न हुआ है। इस वर्ष भी किसानों को सहुलियत प्रदान करने और धान विक्रय के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही है।
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14 ने किया जमा 35 को 3 दिन के भीतर टैक्स की राशि जमा करने मोहलत, अन्यथा निगम एक्ट के तहत होगी कार्यवाही और एफआईआर दर्ज करने की भी होगी प्रक्रिया*
भिलाई नगर/ नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत 49 करदाताओं के द्वारा टैक्स जमा करने के लिए चेक का उपयोग किया गया था लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं रखी गई थी। जिसके चलते निगम के खाते में राशि जमा नहीं हो पाई है। ऐसे करदाताओं को नोटिस जारी किया गया था और राशि जमा करने कहा गया था इनमें से 14 करदाताओं ने टैक्स की राशि जमा कर दी है परंतु 35 ऐसे करदाता है जिन्होंने अभी तक टैक्स की राशि जमा नहीं की है। इन करदाताओं को 3 दिन की मोहलत मयब्याज टैक्स की राशि जमा करने के लिए दी जा रही है उसके बाद भी टैक्स नहीं दिया गया तो निगम अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी की जाएगी। बता दे कि भिलाई निगम में टैक्स की राशि जमा करने के लिए कुछ करदाताओं ने चेक का उपयोग किया है परंतु खाता में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के चलते निगम के खाते में इस राशि का आहरण नहीं किया जा सका है। ऐसे सभी करदाताओं को निगमायुक्त रोहित व्यास के निर्देश पर नोटिस जारी किया गया था। आयुक्त ने ऐसे करदाताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी परिपेक्ष में ऐसे करदाताओं की सूची तैयार की गई है। सूची के मुताबिक सुनीता यादव, जय शेखरन, अनिल कुमार, श्याम चरण पांडे, सुनीता यादव, खजाना सिंह, गायत्री सिंह, फत्तू, भावना जैन, अशोक कुमार गुप्ता, सोमनाथ गुप्ता, रविंद्र सिंह कुशवाहा, आशा यादव, भावना जैन, वेंकटेश्वरलू, रवेंद्र सिंह कुशवाहा, राजेश अग्रवाल, मुरलीधर, ठाकुर सिंह, रविंद्र सिंह कुशवाहा, आशा देवी, राजू भल्ला, मंजीत सिंह बग्गा, वीरेंद्र कुमार वर्मा, मंजू जयसवाल, मंजू जयसवाल, हिंसा राम वर्मा, अलका नंदा, शेखलाल अशरफी, उपकार सिंह, कमलादेवी गणेशनी, श्यामलाल, नजमा खातून, सुमा पाल के द्वारा राशि निगम कोष में जमा नहीं की गई है इन्हें तीन दिवस के भीतर टैक्स की राशि ब्याज सहित निगम कोष में जमा करनी होगी अन्यथा इन करदाताओं के विरुद्ध निगम एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी की जाएगी। -
तालाबों का हो रहा सौंदर्यीकरण
धमतरी ।बुजुर्गों का कहना है कि ’’घुरवा के दिन बहुरथे’’। ये बात आज सार्थक होती नजर आ रही है। जीवन में अच्छे दिन आने से सफलता की सीढ़ी आसानी से प्राप्त हो रही है। गांव में इसी तरह तालाबों का कायाकल्प होने से उनकी महत्ता बढ़ जाती है। ऐसी ही एक जीती जागती कहानी है जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरगांव की जो जंगल सत्याग्रह और झण्डा सत्याग्रह के स्वंतत्रता संग्राम सेनानियों की मातृभूमि है। इतिहास के कालखंड में उमरगांव का नाम अंकित है। आदिवासी बाहुल्य गांव उमरगांव के रहवासियों ने लगभग बारह वर्ष पूर्व आदिदेव बूढ़ादेव के नाम से तालाब निर्माण कराया।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्रीमति रोक्तिमा यादव ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार गांव में अमृत सरोवर का निर्माण गर्मी के दिनों में पेयजल संकट, सिंचाई संबंधित जल व्यवस्था और भूमिगत जलस्तर को बनाये रखने के लिए किया जा रहा है। इस योजना से सरोवर में पानी संग्रहण हेतु कारगर सिद्ध हो रहे हैं। निर्माण कार्य में ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही है। महिलाओं को व्यवसाय के प्रति स्वावलंबी बनाने के लिए निर्मित अमृत सरोवर में मछली पालन की ओर उन्मुख किया जा रहा है। महिलाओं में भी व्यवसाय के प्रति आत्मविश्वास बढ़ा है। आज महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। विश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी खुदबखुद गढ़ रही हैै।
वहीं अमृत सरोवर में सिंचाई, मछली पालन, बतख पालन, सिंघाड़े की खेती, जल पर्यटन और अन्य गतिविधियों जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए पानी का उपयोग करके आजीविका सृजन का स्त्रोत होगा। अमृत सरोवर निर्माण से उस ग्राम में एक सामाजिक मिलन स्थल के रूप में भी परिवर्तित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा योजना के तहत कुल 1.40 एकड़ क्षेत्र के लिए 12.88 लाख रूपये की लागत से आदिदेव बूढ़ादेव को अमृत सरोवर के नाम से जीर्णाेद्धार किया गया। अमृत सरोवर का मतलब ही है सरोवर में लबालब पानी भरा रहे। योजना की माने तो 150 श्रमिकों ने उक्त निर्माण कार्य से 3165 मानव दिवस अर्जित किया गया। किये गये कार्य का मजदूरी भुगतान हुआ है लेकिन ग्रामवासी अमृत सरोवर की चर्चा हमेशा करते रहते हैं जैसे उन्हें कोई उपलब्धि हासिल हुई हो। आज जल की महत्ता दिनोदिन बढ़ती जा रही है। जल है तो कल है। जल है तो निस्तारी के अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनाने का साधन है। ग्रामीण परिवेश में खासतौर पर ऐसे सरोवरों में मछली पालन व सिंघाड़ा का उत्पादन कर समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो हो रही है।
ग्राम पंचायत सरपंच श्री सुरेश नेताम ने बताया कि बूढ़ादेव तालाब अमृत सरोवर निर्माण होने से जल संग्रहण की सुविधा में बढ़ोत्तरी हुई। सरोवर में इनलेट और आउटलेट निर्माण से कायाकल्प हुआ है। तालाब के किनारे नीम, बरगद, पीपल एवं अन्य छायादार पौधों का रोपण होने से हर राहगीर को छाया मिलेगा। वर्षों का सपना अमृत सरोवर निर्माण से साकार हुआ। अब ग्रामीणों को निस्तारी सुविधा में कठिनाई नहीं होगी। -
हर्बल केंद्र शुरू कर नोहर बना आत्मनिर्भर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रयासों से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से न केवल रोजगार के माध्यम खुले हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को व्यवसाय शुरू करने में बल भी मिल रहा है। योजना का लाभ उठाते हुए युवा अपने जुनून एवं इच्छानुसार व्यवसाय करते हुए सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। योजना के तहत अनुदानित दर पर सरकार के द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम खेमड़ा निवासी नोहर चक्रधारी ने 12वीं की पढ़ाई करने के बाद हर्बल मार्केटिंग सीखा। उनके मन में यह इच्छा थी कि उनका स्वयं की हर्बल जड़ी बूटी की दुकान हो, लेकिन वह इतने सक्षम नहीं थे कि दुकान खोल सके।
नोहर चक्रधारी ने बताया कि मैं एक दिन बहुत परेशान था और ऋण के बारे में बता करने बैंक गया । वहां बैंक के मैनेजर ने बताया कि छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 35 प्रतिशत अनुदान राशि के साथ ऋण प्रदाय किया जाता है। तो उन्होंने भी विभाग के अधिकारी से सम्पर्क कर अपना ऋण प्रकरण फार्म नियमानुसार भरकर विभाग में जमा कर दिया। विभाग द्वारा आवेदन बैंक को प्रेषित कर दिया। शाखा प्रबंधक द्वारा जांच के बाद दो लाख का ऋण स्वीकृत कर दिया गया, जिससे नोहर चक्रधारी ने अपनी हर्बल जड़ी-बूटी की दुकान खोली।
नोहर बताते है कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम उनके लिए आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हुई। वर्ष 2022 से हर्बल जड़ी-बूटी की दुकान शुरू कर मैं आत्मनिर्भर तो हुआ ही साथ ही आर्थिक रूप से मजबूत हो गया। हर्बल केंद्र से मैं 15 से 20 हजार रुपए तक कमा लेता हूं और बैंक की किश्ते नियमित अदा कर रहा हूं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरी खुद का हर्बल जड़ी बूटी का दुकान होगी। आज वह सपना साकार हुआ और मेरे आगे बढ़ने के रास्ते खुले। मैं और मेरा परिवार अब खुश हैं तथा मुख्यमंत्री जी को साधुवाद देता हूं जिससे मैं यहां तक पहुंचा और मुझे एक नई राह मिली। -
गांव का हरेली तिहार और नागमथ
धमतरी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की परंपरा, तीज त्यौहार, बोली, खान पान के सम्मान में हर संभव कोशिश की है। इस बार 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार मनाया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। बच्चों के लिए बाजार में गेड़ी बिक्री का प्रचलन स्थान विशेष में होता था। अब राज्य शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने लोगों तक गेड़ी की उपलब्धता के लिए धमतरी शहर के नगरी रोड में स्थित सी मार्ट में गेड़ी बिक्री की व्यवस्था की है। सी मार्ट से इच्छुक व्यक्ति गेड़ी खरीद सकते हैं। वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक पाण्डेय ने बताया कि गेड़ी की कीमत मात्र 50 रूपये है। इसके साथ ही ग्रामीण अंचलों में वन विभाग के वन परिक्षेत्राधिकारी कार्यालय में भी गेड़ी विक्रय के लिए रखीं गईं हैं, जहां से ग्रामीण गेड़ी क्रय कर सकते हैं।
परंपरा अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गावों में अक्सर हरेली तिहार के पूर्व बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों के जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। अब सी मार्ट में गेड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध होने से अभिभावक भी मनपसंद गेड़ी खरीद सकते हैं और पहले की अपेक्षा और अधिक हर्षाेल्लास से त्यौहार मना सकते हैं।
गेड़ियां बांस से बनाई जाती हैं
गेड़ी चढ़कर ग्रामीण-जन और कृषक-समाज वर्षा ऋतु का स्वागत करता है। वर्षा ऋतु में गांवों में सभी तरफ कीचड़ होता है, लेकिन गेड़ी चढ़कर कहीं भी आसानी से आया-जाया जा सकता है। गेड़ियां बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबरी दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उसे दो भागों में बांटा जाता है, उसे रस्सी से फिर से जोड़कर दो पउवा बनाया जाता है। यह पउवा असल में पैरदान होता है, जिसे लंबाई में पहले काटे गए दो बांसों में लगाई गई कीलों के उपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती है, जो वातावरण को और आनंददायक बना देती है ।
गांव का हरेली तिहार
गांव में लगभग सभी की जमीन होती है और वे किसान हैं। हरेली तिहार के दिन सुबह से ही तालाब के पनघट में किसान परिवार बड़े बुजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय बैल बछड़े को नहलाते हैं और खेती किसानी औजारों हल, कुदाली, फावड़ा को भी साफ कर घर के आंगन में पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला का भोग लगाया जाता है। अपने अपने घरों में आराध्य देवी देवताओं के मान्यता के अनुसार पूजा करते हैं। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण करते हैं।
नागमथ का प्रदर्शन
गांव के किसी स्थल में शाम को गुरु के सानिध्य में हल्के मंत्र साधना करने वाले गांव के सभी चेला, झांज, मंजीरा, ढोलक, गीत आदि गुरु के साथ कनेर के डंगाल और फूलों से सजे नवनिर्मित स्थल में पूजा करते हैं, जिसे ’नागमथ’ के नाम से जाना जाता है। गांव के सभी इच्छुक बड़े बुजुर्ग, बच्चे, युवा, बालक, बालिका, महिला, पुरुष उपस्थित होते हैं। इस अवसर में किसी चेला को किसी देवता की सवारी आता है और वो वर्तमान अपनी पहचान से बेसुध गाने और संगीत, ढोलक, मंजीरा के लय के अनुसार आधा घंटा के करीब पूजा स्थल के इर्द गिर्द कई प्रकार के मनोभाव प्रकट करता है, जिसकी जानकारी गुरु और अन्य को जब होती है कि इस देवता की सवारी है, तब उसके सामने उनके पसंद का फल देकर या उस देवता से सबंधित गीत को उन्मादी ऊंचे लय से गाया बजाया जाता है तब देवता की सवारी वाले चेला के पीछे दो लोग उसको पीछे से पकड़ने के लिए रहते हैं। उनको मालूम रहता है कि चेला गाने के हिसाब से ऊंचे लय के संगीत के समय झुके हुए दोनो हाथ पैर या बैठे हुए मुद्रा से ऊपर की ओर उठते हुए पीछे की ओर गिरेगा। बेसुध चेला के कानो में गुरु या अन्य वरिष्ठ साधकों द्वारा मंत्र सुनाया जाता है, जिससे वह अपने पुराने अस्तित्व में सामान्य हो जाता है और पूजा कर गुरु से आशीर्वाद प्राप्त करता है। यह प्रदर्शन सावन माह में ही गुरु के सान्निध्य में दूसरे अवसर में भी किया जाता है। -
एनआईटी में चयनित कु. शालिनी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
“हमर लक्ष्य" कार्यक्रम अंतर्गत जेईई एडवांस परीक्षा में दिखे अच्छे परिणाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्थित कोरर एक दूरस्थ क्षेत्र है। यहां के बच्चों ने कभी नहीं सोचा था कि वो एक दिन अपना असंभव सा लगने वाला लक्ष्य पूरा करेंगे। कोरर की रहने वाली शालिनी कहती हैं यदि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हमर लक्ष्य योजना की शुरूआत नहीं की होती तो आज एनआईटी में पढ़ने का उनका सपना कभी पूरा नहीं हो सकता था।
कहते हैं न प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती और न ही वह स्थान देखती है। वर्तमान परिवेश में प्रतिभायें पिछड़े एवं ग्रामीण ईलाकों से भी निकल रही है और अपना परिचय दे रही है। ऐसी ही कहानी है कांकेर जिले के कोरर की जहां की कुमारी शालिनी औरेया का एनआईटी मैकेनिकल में चयन हुआ है। शालिनी से बात करने पर उसने बताया कि उसके पिता कोरर में एक सामान्य चाय का ठेला चलाते है। उनकी इच्छा थी कि उनकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे लेकिन आर्थिक स्थिति इस काम में बाधा डाल रही थी। शालिनी ने बताया कि उसने 12वीं तक की पढ़ाई शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल कोरर में ही पूरी की और उसे 88 प्रतिशत प्राप्त हुए। इसके बाद उसने जिला प्रशासन द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संचालित “हमर लक्ष्य” कोचिंग सेंटर में अपनी कोचिंग प्रारंभ की। शालिनी की इस सफलता को प्रोत्साहित करते हुए जिला प्रशासन ने उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इस सहयोग के मिल जाने से शालिनी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की इस योजना ने मेरे उड़ान के हौसले में पंख लगा दिया है जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री का सदैव आभारी रहूंगी।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कांकेर जिले में आयोजित स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय कांकेर का लोकार्पण, “हमर लक्ष्य" कार्यक्रम अंतर्गत एनआईटी रायपुर में चयनित छात्रों को कॉलेज फीस हेतु सहायता राशि का वितरण एवं बेरोजगारी भत्ता योजनान्तर्गत हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र वितरण, हितग्राहियों एवं विद्यार्थियों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से कांकेर जिले के कोरर की निवासी कुमारी शालिनी औरेया ने मुख्यमंत्री से बातचीत की। कुमारी शालिनी का चयन एनआईटी रायपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई हेतु चयन हुआ है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। शासन द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम के विद्यालय खोले जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी मदद दी जा रही है। कांकेर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ जेईई, एनडीए एवं नीट की परीक्षा के लिए भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिसे अच्छे परिणाम आ रहें हैं। जेईई की परीक्षा में कांकेर जिले के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हांसिल की हैं। कक्षा 12वीं मे अध्ययनरत गणित विषय के विद्यार्थियों को जेईई एडवांश की परीक्षा में शामिल होने के लिए जिले में पहली बार कोचिंग दी गई और पहले ही प्रयास में 71 बच्चे क्वालीफाईड हुए, जिसमें 64 बच्चे आदिवासी हैं। क्वालीफाईड बच्चों में से 39 बालक एवं 32 बालिकाएं शामिल थी। -
घुरऊ राम ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, कहा सरकार की योजनाओं का मिला लाभ
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार से जोड़ने और आगे की पढ़ाई के लिए सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से बेरोजगारी भत्ता योजना की शुरूआत की गयी है। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को भत्ता देने के साथ ही उन्हें रोजगार से जोड़ने हेतु भी प्रयास किये जा रहे है, जिससे लाभान्वित होकर प्रदेश के युवा न सिर्फ प्रदेश में बल्कि प्रदेश के बाहर भी जाकर रोजगार प्राप्त कर रहे है।
ऐसी ही कहानी है कांकेर जिले के बेरोजगार युवक घुरउराम निषाद की, जिसने विज्ञान विषय लेकर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण तो कर ली लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह आगे की पढ़ाई और अन्य परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पा रहा था। घुरउ ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए रोजी-मजदूरी का काम भी करता है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के समक्ष आज आज वर्चुअल कार्यक्रम में घुरउराम ने बताया कि वे बेरोजगारी भत्ता प्राप्त कर रहे थे , कुछ दिनों पूर्व उसे जिला प्रशासन द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए आयोजित प्लेसमेंट कैंप की जानकारी प्राप्त हुई। उसने प्लेसमेंट कैंप में भाग लेकर अपनी योग्यता संबंधी दस्तावेज बाहर से आये निजी संस्थान के प्रतिनिधियों को दिखाये और उसका चयन हैदराबाद की एक कंपनी कैम्पस्टोन फैसोलिटिस मैनेजमेंट लिमिटेड में हो गया और उसे 14 हजार रूपये प्रतिमाह प्राप्त होंगे। चयन होने पर घुरउराम ने कहा कि इन पैसों का उपयोग वह अपने घर के भरण-पोषण और अपनी आगे की पढ़ाई के लिए करेगा। घुरऊ राम ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित किया।
गौरतलब है कि कांकेर जिलमें अब तक 112 बेरोजगारी भत्ता प्राप्त हितग्राहियों को नियोजन प्रदान किया जा चुका है।18 जुलाई को मेगा रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है जिसमे 2000 हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. - नयी दिल्ली. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले पार्टी के प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए बुधवार को सांसद दीपक बैज को अपनी राज्य इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। बस्तर से लोकसभा सदस्य बैज ने मोहन मरकाम का स्थान लिया है। मरकाम को पार्टी ने चुनाव से कुछ महीने पहले उस वक्त हटाया गया है जब सरकार और संगठन के बीच टकराव हुआ तथा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं उनके बीच असहज रिश्तो की खबरें पिछले कुछ महीनों से लगातार आ रही थी। इस बदलाव से कुछ दिनों पहले ही टी एस सिंहदेव को राज्य सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाया गया था।पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैज को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। छत्तीसगढ़ में इस साल नवंबर- दिसंबर में विधानसभा चुनाव होना है। राज्य में कांग्रेस की सरकार है।बैज को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया, "छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष दीपक बैज जी को नए दायित्व के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ।हमारे निवर्तमान अध्यक्ष श्री मोहन मरकाम जी का संगठन का सफल नेतृत्व करने के लिए आभार।" मरकाम को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की चर्चा पिछले कुछ महीनों से लगातार जोरों पर थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संगठन में बदलाव को लेकर पार्टी नेतृत्व के साथ विस्तृत चर्चा भी की थी । पिछले दिनों सैलजा ने मरकाम के एक फैसले को पलट दिया था और रवि घोष को पार्टी की राज्य इकाई के महासचिव के रूप में बहाल कर दिया था। मरकाम जिस कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं वह बस्तर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है जिससे चुनकर वह लोकसभा पहुंचे।
- -अब तक राज्य में 13 हजार 242 से अधिक राजीव युवा मितान क्लब गठितरायपुर / देश को समृद्ध बनाने में युवाओं की भूमिका अहम मानी जाती है। युवाओं की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल किया जाए तो वह राज्य तेजी से आगे बढ़ने लगता है। युवाओं को राज्य के विकास में भागीदार बनाने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में राजीव युवा मितान क्लब का गठन किया गया, ताकि युवा क्लब से जुड़कर राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके। राजीव युवा मितान क्लब के गठन की घोषणा मुख्यमंत्री श्री बघेल के द्वारा 12 जनवरी 2020 को राज्य युवा महोत्सव के अवसर पर की गई थी। इस योजना का विधिवत शुभारंभ 18 सितंबर 2021 को किया गया।प्रदेश में 13 हजार 261 राजीव युवा मितान क्लब गठित किए जाने का लक्ष्य है। आज तक 13 हजार 242 से अधिक राजीव युवा मितान क्लब का गठन हो चुका है। योजनानुसार प्रत्येक क्लब में 20 से 40 युवा हैं। जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के मध्य हैं। प्रत्येक क्लब को प्रति तीन माह में 25 हजार रूपए का अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस तरह हर वर्ष क्लब को एक लाख रूपए मिलेंगे। राजीव युवा मितान क्लबों को अब तक 63 करोड़ 77 लाख रूपए से अधिक की राशि आबंटित की जा चुकी है।राजीव युवा मितान क्लब का गठन का उद्देश्य युवाओं को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के अलावा युवाओं के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना है। क्लब से जुड़कर युवा खेलों को आगे बढ़ाने के साथ ही छतीसगढ़ की संस्कृति और पर्यावरण के सरंक्षण एवं संवर्धन के लिए भी कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने योजना शुरू करते हुए कहा था कि युवाओं को संगठित करके उनकी ऊर्जा का उपयोग नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने में करेंगे। युवा प्रतिभा को तराशना और उन्हें उपयुक्त मंच प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। युवा शक्ति, राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण पूंजी है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से युवा शक्ति को एक दिशा मिलेगी। जिसका लाभ पूरे राज्य को मिलेगा।राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य राज्य में संचालित शासकीय योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अपना सहयोग दे रहे हैं। राज्य में विभिन्न खेल गतिविधियां आयोजित करने के साथ ही इसमें बढ-चढ़ कर भाग ले रहे हैं। राजीव युवा मितान क्लब के युवा पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान व पेयजल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्कूलों मे बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थित हेतु कार्य करना, विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को विद्यालय प्रवेश हेतु प्रोत्साहित करना, कुपोषण अभियान, मलेरिया उन्मूलन, सेव गर्ल्स चाईल्ड, स्वैच्छिक रक्तदान कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही क्लब के युवा नशा मुक्ति अभियान पर जागरूकता फैला रहे हैं। क्लब के युवा हितग्राही मूलक योजनाओं हेतु पात्र हितग्राहियों की पहचान करना एवं योजनाओं का लाभ आम जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।इसके साथ ही जिन विभागों में कौशल क्षमता, विकास कार्यक्रम एवं क्लब के उद्देश्यों के अनुरूप आयोजन होते हैं उनसे समन्वय का कार्य युवा कर रहे हैं। नेतृत्व निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रभावी प्रबध्ंान एवं प्रशासन, लोक तांंित्रक नेतृत्व कार्यशाला, राजीव युवा मितान क्लबों के विकास के संबंध में प्रशिक्षण, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार कौशल पर कार्यशाला, वैश्विक राष्ट्रीय व स्थानीय महत्व के वर्तमान मुद्दों पर कार्यक्रम कर रहे हैं। व्यक्तिगत तथा सामाजिक कौशल विकास, महिलाओं के कौशल उन्नयन कार्यक्रम, युवा सुविधा केन्द्र संचालन, हस्तशिल्प मेला तथा लोकवार्ता, सामुदायिक संपत्तियों का संरक्षण, संस्कृति का सरंक्षण एवं संवर्धन जैसे कार्यक्रमों मे अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- -कॉपी, रजिस्टर, डायरी, फ़ाईल, पम्पलेट बना रहे हैं युवा-स्थानीय बाजार के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों से भी अच्छी मांगरायपुर /प्रदेश सरकार महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) के माध्यम से राज्य के महिलाओं, युवाओं को रोजगार के साथ ही उद्यमियों को अवसर देने का काम कर रही है। शासन के इन प्रयासों से लोग आर्थिक रूप सशक्त हो रहे हैं। रीपा में स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता के अनुरूप व्यवसाय को बढ़ावा दिया जा रहा है। आजीविका मूलक गतिविधियों से पर्याप्त रोजगार भी सृजित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस पहल की सफल संचालन से इसका विस्तार शहरी क्षेत्रों में भी किया गया है।स्टेशनरी सामग्री बनाने का काम कर रहे हैं युवाबेमेतरा जिले के सांकरा ग्राम के युवा रीपा में स्टेशनरी सामग्री बनाने का काम कर रहे हैं। रीपा में स्टेशनरी-प्रिंट यूनिट स्थापित की गई है। जिसमें युवा विकास समिति ग्राम सांकरा के 10 युवा कार्यरत हैं। समिति की सचिव देवमति साहू ने बताया कि पड़ोसी जिला दुर्ग से कच्चा माल लाकर वे विभिन्न स्टेशनरी उत्पाद जैसे कॉपी, रजिस्टर, डायरी, फ़ाईल, पम्पलेट बना रहें हैं। रीपा में तैयार उत्पाद को सरकारी और ग़ैर सरकारी कार्यालयों, स्कूल, शाला-आश्रमों में मांग अनुसार उपलब्ध करा रहे है। उन्होने बताया कि हाल ही में जनपद पंचायत बेरला से उन्हें माप पुस्तिका, फाईल कव्हर, फाईल पेड, रजिस्टर के पांच हजार नग का ऑर्डर मिला है। वहीं शिक्षा विभाग, बेरला से भी 250 नग रजिस्टर फाईल कव्हर, फाईल पेड सहित अन्य सामग्री के लगभग 500 नग ऑर्डर मिले हैं। समिति के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि यह यूनिट हाल ही में स्थापित की गई है। इसलिए वे इसकी मार्केटिंग भी कर रहे हैं, ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिले जिससे उन्हें ज्यादा आर्डर मिल सकें। उनके प्रयासों से स्थानीय बाजार एवं कार्यालयों से अच्छा प्रतिसाद मिला है और उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी सराहना हुई है। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर व सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों का कहना है कि रीपा के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। ग्रामीण युवक-युवतियों को नए कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है और उनका आत्म विश्वास भी बढ़ा है। अन्य युवाओं के लिए यह प्रेरणादायी भी साबित हो रही है। सदस्यों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
- -रीपा में संचालित सेवा गतिविधियों से हितग्राहियों को 37 लाख रुपए की आय हुईरायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार की रीपा योजना वास्तव में सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में निर्मित गौठान में संचालित आयमूलक गतिविधियां का प्रमुख केन्द्र है। रीपा केन्द्रों में विभिन्न गतिविधियों संचालित की जा रही है। सेवा गतिविधियों में राज्य के आकांक्षी जिला दंतेवाड़ा प्रथम और कांकेर द्वितीय स्थान पर है।गौठानों में रीपा के माध्यम से आयमूलक गतिविधियों के संचालन के लिए शासन द्वारा आधारभूत संरचनाएं एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे समूह की महिलाओं एवं ग्रामीणों को स्व-रोजगार की गतिविधियों के संचालन में मदद मिल रही है। रीपा में काम करने के पूर्व उद्यमियों को शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है।इसके साथ ही रीपा केंद्रों में संचालित गतिविधियों का सतत् निरीक्षण भी किया जा रहा है।ज्ञात हो राज्य के विभिन्न गौठानों में कुल 300 रीपा केंद्र का संचालन किया जा रहा है। इन रीपा केंद्रों में 5849 महिलाएं और 4107 पुरुष आजीविका गतिविधियों को संचालित कर रहे है। राज्य शासन द्वारा इन रीपा केंद्रों में 1546 गतिविधियां प्रस्तावित की गई है,जिनमे से 1103 गतिविधियां संचालित हो रही है। जून की स्थिति में 213 रीपा केंद्रों में सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही है।इन सेवा गतिविधियों में आधार केंद्र, बीसी सखी, कंप्यूटर, कूलर और मोटर वाहन रिपेयर, रेस्टोरेंट, फोटोकॉपी, प्रिंटिंग मशीन, पेयजल, टेंट एवं कैटरिंग का कार्य किया जा रहा है। इन गतिविधियों से हितग्राहियों को 37 लाख रुपए की आय मिल चुकी है। सेवा गतिविधियों में राज्य के आकांक्षी जिला दंतेवाड़ा प्रथम और कांकेर द्वितीय स्थान पर है। छत्तीसगढ़ सरकार की रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) योजना से गांवों में ग्रामीणों को रोजगार व स्व-रोजगार मिलने लगा है। गांवों को उत्पादन का केन्द्र और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई। इस योजना से अब ग्रामीण परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव आने लगी है।
- -सामग्रियों का पैकेजिंग करने के लिए फूड लैब की सुविधारायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गांव को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए महात्मा गांधी औद्योगिक पार्क (रीपा) की शुरूआत की है। स्व-सहायता समूह की माहिलाएं आज विभिन्न आजिविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर सफलता की नई कहानियां लिख रही है और अपने सपने को साकार करने छत्तीसगढ़ शासन ने महिलाआंे की सामग्रियों को विक्रय कराने के लिए सी-मार्ट की भी सुविधा दी गई है। जशपुर के सी-मार्ट से अब तक स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने 2 करोड़ 40 लाख रूपए से अधिक की सामग्रियों बिक्री की है। गौठान में उत्पाद सामग्रियों का पैकेजिंग करने के लिए फूड लैब की सुविधा प्रशासन ने उपलब्ध कराई है।पत्थलगांव विकासखण्ड बहनाटांगर गौठान में पोल निर्माण, सरसांेे तेल का उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी, मुर्गी हेचरी, मुर्रा उत्पादन, टोमेटो केचअप का कार्य बेहतर तरीके से कर रही हैं। समूह की महिलाओं को 6 हजार पोल निर्माण सेे 4 लाख 20 हजार रूपए की शुद्ध आमदनी हो चुकी है। सामुदायिक बाड़ी और बकरी पालन से महिलाएं अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। उनके द्वारा मुर्रा बनाने का कार्य भी किया जा रहा है।पूजा स्व-सहायता समूह की महिलाएं रीपा के तहत् सरसों तेल पेराई का कार्य कर रही है। प्रशासन ने उन्हें मशीन की सुविधा भी दी है। तेल की शुद्धता के कारण स्थानीय लोगों तथा अन्य दुकानों में भी इसकी मांग निरंतर बनी रहती है। सामुदायिक बाड़ी से शक्ति स्व-सहायता की महिलाएं हरी साग-सब्जी में टमाटर, भिन्डी, बरबट्टी, लौकी, हरी मिर्च एवं अन्य सब्जियां उगाई जा रही हैं। स्थानीय हाट बाजार में साग-सब्जी आसानी से हाथों-हाथ बिक जाती है। अच्छी आमदनी होने के कारण महिलाएं इसे रूचि लेकर भी कर रही है। मुर्गी हेचरी का कार्य जय माता स्व-सहायता समूह के द्वारा अंडे से चूजा उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। मुर्गी के चूजे को अन्य गौठानों में भी मांग के अनुसार भेजा जाता है।संस्कार स्व-सहायता समूह की महिलाएं टोमेटो केचअप बनाने का कार्य कर रही हैं। इसी प्रकार कासाबेल विकासखण्ड के ग्राम रजौटी (बगिया) गौठान की रानी स्व-सहायता समूह की महिलाएं हल्दी की खेती, मसाला की खेती कर ही है। महिलाओं ने अब तक मसाला उत्पादन से अच्छी आमदनी अर्जित कर चुकी है। महिलाओं द्वारा तैयार सामग्रियों को सी-मार्ट के साथ-साथ स्कूल के आश्रम छात्रावास, स्थानीय हाट बाजार, जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में विक्रय किया जाता है। इससे महिलाओं को अच्छी आमदनी हो रही है।
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रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहादत को प्राप्त हुए शहीद विनोद चौबे एवं उनके साथ शहीद हुए 28 पुलिसकर्मियों को उनके शहादत दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि 12 जुलाई 2009 को राजनांदगाँव में मदनवाड़ा के जंगलों में नक्सलियों से लोहा लेते हुए जाबांज पुलिस अधीक्षक स्व. विनोद चौबे जी एवं उनकी टीम ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए छत्तीसगढ़ की माटी के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए थे। ऐसे महान सपूतों को हम सब नमन करते हैं, अपनी पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। हम सबको आप पर गर्व है। जय हिन्द।ज्ञात हो कि एसपी श्री विनोद चौबे छत्तीसगढ़ के नक्सल ऑपरेशन में देश के पहले शहीद आईपीएस अधिकारी थे। मरणोपरांत उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। नक्सल हमले के दौरान मुठभेड़ में वो शहीद हुए थे। वह हमला देश का पहला नक्सली हमला था जिसमें कोई एसपी शहीद हुआ था। इस नक्सली हमले में एसपी के अलावा 29 जवान भी शहीद हुए थे।नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान स्व.विनोद ध्रुव, उनि कोमल साहू, उनि धनेश साहू, प्रआर सुंदर लाल चौधरी, प्रआर दुष्यंत सिंह, आर प्रेमचंद पासवान, आर अरविंद शर्मा, प्रआर गीता भंडारी, प्रआर जखरियस खलखो, प्रआर संजय यादव, आरक्षक प्रकाश वर्मा, आर बेदुराम सूर्यवंशी, आर सुभाष कुमार बेहरा, आर टिकेश्वर देशमुख, आर सूर्यपाल वट्टी, आर अजय कुमार भारद्वाज, आर मनोज वर्मा, आर लोकेश छेदइया, आर श्यामलाल भोई,आर मिथलेश कुमार साहू, आर रजनीकांत, आर निकेश साहू, आर संतराम साहू, आर झाड़ूराम साहू, आर अमित नायक, आर वेदप्रकाश यादव, आर रितेश कुमार वैष्णव, आर लालबहादुर नाग शहीद हुए थे।
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दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर जिले में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। कलेक्टर श्री मीणा नें वाहन दुर्घटना पश्चात उत्पन्न स्थिति से निपटने अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ कार्यवाही करते हुए नागरिकों को समझाइस देने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक श्री सिन्हा नें आक्रोषित भिड़ को नियंत्रित करने के उपाय बताये। उन्होनें अधिकारियों को धारा 107-16 को बेहतर डंग से उपयोग में लाने कहा। बैठक में विगत दिवस जिले के विभिन्न स्थानों में विघटित घटनाआंे के कारणो एवं समाधान के उपाय पर भी चर्चा की गई। साथ ही आने वाले दिनों में जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो इस पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री अरविंद एक्का सभी एसडीएम तथा ए.एस.पी., सी.एस.पी. सहित विभिन्न थानों के टीआई उपस्थित थे।
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समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने मौजूदा मानसून सीजन को देखते हुए वर्षा ऋतु के दौरान आम लोगों के सहुलियत हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिससे की वर्षा ऋतु में आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। श्री शर्मा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर स्थिति को सामान्य बनाने हेतु पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ कार्य करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव, एडीएम श्री योगेन्द्र श्रीवास सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
श्री शर्मा ने मौजूदा मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि या अन्य किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल मौके पर पहुँचकर प्रभावित लोगों को मदद एवं समस्याओं का निराकरण करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो तथा आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए उन्होंने सभी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने बारिश के दौरान जिले मंे यातायात सूचारू रूप से संचालित हो सके इसके लिए उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े विभागों के अधिकारियों को सड़कों के मरम्मत एवं गढ्ढों का समूचित भराव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों एवं रिहायशी इलाकों में किसी भी स्थिति में जल भराव नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने निर्माण कार्य से जुड़े विभाग के अधिकारियों के अलावा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को आर.बी.सी. 6/4 के तहत प्रकरण बनाकर तत्काल राहत राशि प्रदान करने के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी को विद्युत आपूर्ति के संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समस्या का निराकरण कर निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जिले में समूचित रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। इसके अलावा उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जिस दिन तेज बारिश हो उस दिन शहर का अनिवार्य रूप से विजिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल उसका निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। श्री शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बारिश के दौरान जल-जनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन करने के निर्देश दिए। जिले के सहकारी समितियों में खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समूचित मात्रा में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों को खाद-बीज प्राप्त करने के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने इस योजना के अंतर्गत सभी प्रगतिरत कार्यों को 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूरा कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्हांेने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में विद्यार्थियों की प्रवेश की स्थिति एवं शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में उन्होंने सहायक संचालक कौशल विकास से जिले के बेरोजगारी भत्ता योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु आयोजित ’गढ़बो भविष्य’ प्लेसमेंट कैंप के आयोजन के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जिले में संचालित महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में किए जा रहे उत्पादन कार्य के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क मे उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने शहरी औद्योगिक पार्कों के गतिविधियों की भी समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने सी-मार्ट, गौधन न्याय योजना, गोबर पेंट निर्माण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। -
गन्ना कृषकों के खाते में की गई 2.05 करोड़ रुपए की राशि अंतरित
गन्ने की खेती से कृषकों को मिल रहा प्रति एकड़ 12000 रूपये तक का अतिरिक्त लाभ
बालोद । कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के कुशल मार्गदर्शन मंे दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना करकाभाट में वर्ष 2022-23 में गन्ना पेराई का कार्य सफलतापूर्वक संचालित किया गया। कलेक्टर श्री शर्मा के दिशा निर्देशन मे शक्कर कारखाना के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा किए गए बेहतरीन कार्यों के कारण दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना मंे पहली बार शक्कर उत्पादन की रिकव्हरी 10.84 प्रतिशत प्रति क्विंटल रही। जो कि कारखाना प्रारंभ होने से लेकर अब तक की सर्वाधिक रिकव्हरी प्रतिशत है। जिसके फलस्वरूप जिले के गन्ना कृषकों को 02 करोड़ रुपये से अधिक की रिकव्हरी प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ है।
प्रबंध संचालक दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित बालोद ने बताया कि शक्कर की औसत रिकव्हरी 9.5 प्रतिशत से अधिक आने पर भारत सरकार के द्वारा जारी गन्ना भुगतान नीति के तहत प्रति 0.1 प्रतिशत पर 3.05 रूपये प्रति क्विटल की दर से कृषकों को रिकव्हरी प्रोत्साहन राशि दिया जाना है। निर्धारित दर के हिसाब से गन्ना कृषकों को कारखाना द्वारा 40.87 रुपये प्रति क्विंटल की दर से रिकव्हरी प्रोत्साहन स्वरूप भुगतान योग्य है। उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2022-23 में जिले के 1112 कृषकों से 59019.644 मिट्रीक टन गन्ना क्रय किया गया है। जिसका एफआरपी दर पर 282.125 रूपये प्रति क्विंटल की दर से 16.65 करोड़ का भुगतान पूर्ण हो चुका है। इसके अतिक्ति 1112 कृषकों का रिकव्हरी की राशि 2.42 करोड़ में से 2.05 करोड़ राशि किसानों के खाते में सीधा जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि गन्ना कृषकों को कारखाना खुलने से लेकर आज तक पहली बार 40.87 रूपये प्रति क्ंिवटल का अतिरिक्त राशि प्रदान हो रही है। गन्ना खेती से कृषकों लगभग प्रति एकड़ 12000 रूपये तक अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रहा है। जो कृषकों को खेती में मददगार साबित हो रहा है। इससे कृषकों में खुशी का माहौल है एवं गन्ना खेती की ओर रूझान देखने को मिल रहा है। जिससे कारखाना के कार्यक्षेत्र में गन्ना कृषि के रकबे में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। -
ट्रायसायकल पाकर रोहित के चेहरे में आई खुशी
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आम लोगों की समस्याएं
बालोद। जनदर्शन में कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा से मुलाकात करने पहुंचे डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पचेड़ी निवासी दिव्यांग रोहित कुमार के चेहरे पर उस वक्त खुशी का ठिकाना नही रहा, जब रोहित को कलेक्टर श्री शर्मा के द्वारा ट्रायसायकल प्रदान किया गया। रोहित कुमार ने बताया कि वह दोनों पैरांे से अस्थि बाधित है, जिसके कारण उनकों चलने फिरने में काफी परेशानी होती है। गांव के लोगों के माध्यम से जिले के संयुक्त कार्यालय में होने वाला कलेक्टर जनदर्शन के बारे में सुना और आज जनदर्शन में अपनी मांगो के संबंध में कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल समाज कल्याण के उपसंचालक को तलब कर रोहित को ट्रायसायकल प्रदान करने के निर्देश दिए। जिसके पश्चात् उपसंचालक समाज कल्याण विभाग के द्वारा जनदर्शन कक्ष में रोहित के लिए ट्रायसायकल उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर के हाथों ट्रायसायकल प्राप्त होने पर रोहित बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। उनके चेहरे में खुशी की झलक स्पष्ट दिखलाई दे रही थी। ट्रायसायकल मिलने पर रोहित ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने जिला प्रशासन एवं कलेक्टर श्री शर्मा को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया। रोहित कुमार ने बताया कि अब उन्हें घर के छोटे-मोटे घरेलु एवं अन्य कार्यों को करने में आसानी होगी साथ ही आने-जाने में काफी सहुलियत मिलेगी।
तत्काल इलेक्ट्रिक सेंसर छड़ी मिलने से विश्वजीत हुआ अभिभूत
जनदर्शन में कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने गुरुर विकासखंड के ग्राम सोरर निवासी दृष्टि बाधित विश्वजीत विश्वकर्मा को इलेक्ट्रिक सेंसर छड़ी प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि विश्वजीत विश्वकर्मा जन्मजात दृष्टि बाधित है। अपने गंभीर परेशानियों के निराकरण हेतु आज वे कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा से मुलाकात करने जिला कार्यालय बालोद में प्रति सप्ताह आयोजित होने वाली कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे थे। कलेक्टर श्री शर्मा ने दृष्टि बाधित विश्वजीत विश्वकर्मा से आत्मीयता से बातचीत कर उनके समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। विश्वजीत द्वारा उन्हें होने वाली परेशानी के संबंध में जानकारी देने पर उप संचालक समाज कल्याण को तत्काल विश्वजीत के लिए इलेक्ट्रिक सेंसर छड़ी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री शर्मा के हाथों इलेक्ट्रिक सेंसर छड़ी पाकर विश्वजीत बहुत ही प्रसन्नचित एवं अभिभूत नजर आ रहे थे। विश्वजीत ने बताया कि वे जन्मजात दृष्टि बाधित होने के कारण उसे चलने-फिरने में बहुत ही कठिनाई होती है। उन्होंने बताया कि छड़ी लेकर चलने के दौरान अक्सर गढ्ढे या आस-पास की चीजों का पता नही चलता। जिसके कारण आए दिन चोट लग जाती है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर जनदर्शन में आज अपने समस्याओं के निराकरण हेतु कलेक्टर को आवेदन प्रस्तुत करने के उपरांत उन्हें तत्काल इलेक्ट्रिक सेंसर छड़ी प्रदान कराना उनके लिए बड़ी मदद है। इलेक्ट्रिक सेंसर छड़ी पाकर प्रसन्नचित नजर आ रहे विश्वजीत ने कलेक्टर श्री शर्मा की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। जनदर्शन में आज कलेक्टर श्री शर्मा ने आज जिले के विभिन्न स्थानों से पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम लोगों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में आज जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव, एडीएम श्री योगेन्द्र श्रीवास एवं राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
कलेक्टर श्री शर्मा ने मितानिनो को प्रदान की मानदेय वृद्धि की आदेश कॉपी
बालोद / कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिले के मितानीनों को शासन द्वारा मितानिनों के मानदेय में वृद्धि की स्वीकृति आदेश की प्रति प्रदान किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने मितानिनों को शुभकामनाऐं देते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मितानिनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मितानिनों ने संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, मलेरिया, कुष्ठ नियंत्रण, गैर संचारी रोग नियंत्रण एनिमिया की रोकथाम तथा मौसमी बीमारियों के नियंत्रण सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हमेशा तत्पर रही है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घोषणा अनुसार मानदेय मिलने से मितानिन अब और प्रोत्साहित होकर सेवाएं देंगी।
राज्य शासन द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करने वाली मितानिनों को पूर्व में दी प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त मितानिन कल्याण निधि योजनांतर्गत राशि दो हजार दो सौ रूपये प्रतिमाह 1 अप्रैल 2023 से मानदेय में वृद्धि करने की स्वीकृति प्रदान की है इस अवसर पर एसडीएम बालोद श्रीमती शीतल बंसल, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जितेन्द्र सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा, प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य, मितानिन कोडिनेटर और मितानिनगण उपस्थित थे।








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