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मोहला । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत समाधान शिविर के माध्यम से शासन द्वारा देश के गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। विचारपुर समाधान शिविर के माध्यम से अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम मुड़पार की रहने वाली श्रीमती सीमापूरी गोस्वामी कों शिविर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया।
जिसके लिए उन्होंने नें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए श्रीमती गोस्वामी कहतीं हैं इस योजना से अब स्वास्थ्य खराब होने पर ईलाज की चिंता नहीं रही है।
बता दें कि कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देश पर जिले के विभिन्न विकासखण्डों में सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत समाधान शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। इन शिविरों में जहां जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को विभागीय जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। वहीं योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही भी अपनी कहानी बता रहे हैं। इस योजना के तहत पात्र बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपए तक एपीएल परिवारों को 50 हजार रूपये का स्वास्थ्य बीमा केंद्र सरकार मुहैया कराती है। परिवार को आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता है. इस कार्ड को दिखाकर सूचीबद्ध अस्पतालों में फ्री इलाज कराया जा सकता है। - - समय-सीमा में मकान सूचीकरण पूरा करने वाले कर्मियों को मिला प्रशस्ति पत्रमोहला । जिले में जनगणना कार्य के अंतर्गत संचालित मकान सूचीकरण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति द्वारा सम्मानित किया गया। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक के दौरान सभी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई।बैठक में खड़गांव ग्रामीण चार्ज के पर्यवेक्षक क्रमांक 006 श्री रमेश सोरी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने 4 मई 2026 को सुपरवाइजरी सर्कल क्रमांक 06 के सभी 09 एचएलबी में मकान सूचीकरण कार्य पूर्ण किया।इसी प्रकार औंधी ग्रामीण चार्ज के पर्यवेक्षक क्रमांक 004 श्री शिवेन्द्र सिंह सोरी एवं नगर पंचायत अं. चौकी के पर्यवेक्षक क्रमांक 002 श्रीमती संध्या यादव को उनके कुशल नेतृत्व में समय-सीमा के भीतर कार्य संपादन के लिए सराहा गया।खड़गांव ग्रामीण क्षेत्र के प्रगणक क्रमांक 38, 39, 40 एवं 41 श्री शिवदयाल तारम ने 4 मई 2026 को संबंधित एचएलबी में मकान सूचीकरण कार्य पूर्ण आकिया। वहीं औंधी ग्रामीण के प्रगणक क्रमांक 0036 एवं 0040 श्री टेकन सिंह जंघेल ने 1 मई 2026 को एसएलबी 0036 में कार्य पूर्ण किया। नगर पंचायत अं. चौकी के प्रगणक क्रमांक 009 श्री तोमन आंचले ने भी 1 मई 2026 को एसएलबी 009 में मकान सूचीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में उनकी प्रतिबद्धता, दक्षता एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी अधिकारी-कर्मचारी इसी प्रकार समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाएंगे।
- रायपुर /जब हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की कहानी आज सुशासन और संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बन चुकी है। विशेष पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाला यह दंपति दृष्टिबाधित है, लेकिन आज इनके चेहरे की मुस्कान सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्रतिबद्धता को बयां कर रही है।कृष्णा और अनिता के परिवार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक मोड़ राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर आया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने हाथों से कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के घर की चाबी सौंपी। यह मात्र एक कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि वर्षों के अभाव और असुरक्षा के बाद मिला वह सम्मान था, जिसकी इस दंपति ने कल्पना की थी। अपनी मेहनत और शासकीय अनुदान के मेल से इन्होंने न केवल घर बनाया, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षित बुनियाद भी रखी।पक्के घर के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन के लिए महात्मा गांधी नरेगा (डळछत्म्ळ।) इस परिवार का सबसे बड़ा संबल बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी। वे मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2024-25 में 86 दिनों का रोजगार और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कृष्णा और अनिता के लिए सुशासन का अर्थ केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर और भविष्य की एक नई किरण है।शासन की बहुआयामी योजनाओं ने इस परिवार के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक घेरा तैयार कर दिया है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन की उपलब्धता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिली, जिससे इलाज की चिंता खत्म हुई और दिव्यांग पेंशन के माध्यम से निरंतर वित्तीय सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हुआ।'अंधेरे से उजाले की ओर' कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रतीकात्मक कहानी है, जो दर्शाती है कि कैसे सरकारी योजनाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही आम नागरिकों का जीवन बदल सकती हैं।
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मोहला । मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा की तिथि, समय एवं प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया 1 मई 2026 से प्रारंभ होकर 10 मई 2026 की सुबह 9:30 बजे तक जारी रहेगी। अभ्यर्थी निर्धारित अवधि के भीतर आधिकारिक वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
चयन परीक्षा 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के दिन प्रातः 9:30 बजे से 10:00 बजे तक अभ्यर्थियों द्वारा OMR शीट भरी जाएगी, जबकि मुख्य परीक्षा सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चलेगी। इस योजना के तहत प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट और एनडीए जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। यदि किसी विद्यार्थी को प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। - -लम्बित मामलों का होगा निराकरणरायपुर /भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आम जनता तक पहुचने तथा आपसी सहभागिता एवं सहमति से विवादों के समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत आरंभ होकर 21, 22 एवं 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों का निराकरण सम्पन्न होगा। विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22, 23 अगस्त को किया जाएगा। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित मामलों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान पूर्व सुलह बैठको का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। वार्ता की प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारभ हो चुकी है। इस समाधान शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निष्पादन करना है। अधिवक्ता वादीगणों एवं संबंधित सभी पक्षों से अपील की गई है कि, सक्रिय रूप से भाग ले एवं आपसी सहमति से समाधान की दिशा में प्रयास करें।सुलाह बैठक में पक्षकार शारीरिक एवं अभासी माध्यम से भी सम्मिलित हो सकते है, इस बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थता एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी सहयोग प्रदान करेगें। अपने मामले को समाधान समारोह विशेष लोक अदालत में सम्मिलित करने केे लिए सर्वोच्च न्यायालय के वेबसाईट पर गुगल फार्म भरना होगा फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई। अधिक जानकारी एवं समाधान के लिए वन स्टाप सेन्टर (बार रूम) के सम्पर्क नम्बर, या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर से भी सम्पर्क कर सकते है। आधिक जानकारी के लिए समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) हेतु बनाये गये (वन स्टॉप सेन्टर ) (वार रूम) इंचार्ज का सम्पर्क नम्बर 011-2311565652, 011-23116464, सी.आर.पी निदेशक का सम्पर्क नं.-011-23115652 वन स्टॉप सेन्टर (कक्ष क्रं.806 एवं 808 बी ब्लाक), अतिरिक्त भवन परिसर सर्वोच्च न्यायालय लेण्डलाइन नं.-011-23116464 से संपर्क कर सकते है वहीं ई.मेल आई. डी speciallokadalat [email protected] तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर जिला न्यायालय परिसर मो.नं. 0771-24259’44 मो.नं.-8301508992 से भी सम्पर्क किया जा सकता है।
- -राजधानी क्षेत्र बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र, महानगरों की तर्ज पर होगा तेज विकास-आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गतिरायपुर / छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को औपचारिक गति मिल गई है।राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित हो सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस ऐसे शहरी तंत्र के निर्माण पर है जहां बेहतर आवास, उच्च स्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिले तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा सके।अनुमान है कि वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन योजनाओं में आधुनिक परिवहन प्रणाली का विकास, सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।स्टेट कैपिटल रीजन के प्रभावी विकास और प्रबंधन के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए केंद्रीय नियामक और समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह प्राधिकरण दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करने, अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने, निवेश को आकर्षित करने तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। साथ ही एक कार्यकारी समिति भी गठित की गई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विधिक आधार प्रदान करने के लिए The Chhattisgarh Capital Region Development Authority Act, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम प्राधिकरण की संरचना, शक्तियों, कार्यप्रणाली और वित्तीय अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होती है।राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि और पुनरावृत्ति निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को विशेष उपकर लगाने, परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और अपना वार्षिक बजट तैयार करने का अधिकार भी दिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके परिणामस्वरूप नए उद्योग स्थापित होंगे, सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह क्षेत्र भविष्य में राज्य का प्रमुख आर्थिक हब बनकर उभर सकता है। छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक विधानसभा में 11 मार्च 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसमें राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर चर्चा की गई।बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही भूमि विकास और आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी सहमति बनी। प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपए के प्रावधान की जानकारी भी बैठक में दी गई।राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र तेजी से एक बड़े शहरी समूह के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना इसी आवश्यकता का परिणाम है, जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा। स्टेट कैपिटल रीजन की पहल छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। योजनाबद्ध शहरीकरण, आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
- -मनरेगा एवं विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को मिली नई मजबूतीरायपुर / राज्य शासन के “मोर गांव – मोर पानी” महाअभियान अंतर्गत मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए गए हैं। “जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” की थीम पर संचालित इस अभियान के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को आजीविका संवर्धन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। सामुदायिक सहभागिता और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोख्ता गड्ढे का निर्माण कराया गया। इसके अलावा श्रमदान एवं जनसहभागिता से 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच तथा 87 तालाबों का नवीनीकरण कर जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत किया गया। अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिले में रैली, कलश यात्रा, शपथ एवं दीपदान जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। जलदूत ऐप से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्री मानसून 2024 की तुलना में प्री मानसून 2025 में जल स्तर में 1.81 मीटर तथा पोस्ट मानसून 2024 की तुलना में पोस्ट मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े अभियान की प्रभावशीलता और जिले में किए गए जल संरक्षण कार्यों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। अभियान के सकारात्मक परिणामों के फलस्वरूप ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 23 सितम्बर 2025 के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पूर्व में सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में शामिल थे, अब “सेफ ब्लॉक” की श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले में सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है।
- -पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर फुलबासन यादव ने जताया संतोष, कहा- मिला पूरा सहयोग-पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के दिए गए हैं निर्देशरायपुर / पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर श्रीमती फुलबासन यादव से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री श्रीमती फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।
- -सुबह अखबार पढ़ते ही कलेक्टर सरगुजा को फोन कर दिए समाधान के निर्देश-मैनपाट के सपनादर स्थित चेराजोबला बस्ती में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह समाचार पत्रों का अवलोकन करते समय “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी” शीर्षक से प्रकाशित खबर को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ ज़मीन पर सुनिश्चित करना है।
- -छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के अवसर पर ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गतिरायपुर / छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है।इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना। रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके।अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- मोहला । भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 के गणतंत्र दिवस अवसर पर दिए जाने वाले प्रतिष्ठित पद्म पुरस्का—पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री—के लिए नामांकन प्रक्रिया 15 मार्च 2026 से प्रारंभ हो गई है। सरकार ने आमजन से अपील की है कि वे समाज के ऐसे गुमनाम और अनछुए नायकों को सामने लाएं, जो विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।सरकार की मंशा है कि इन पुरस्कारों के माध्यम से सुदूर वनांचल, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान की जाए, जिन्होंने समाज सेवा, कला, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।साथ ही अधिकारियों को अपने क्षेत्र में विशेष प्रतिभाओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन और दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। व्यक्तिगत नामांकन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिसके लिए भारत सरकार का राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टलhttps://awards.gov.in/ निर्धारित किया गया है।जिला कलेक्टर के माध्यम से अनुशंसा सहित योग्य व्यक्तियों के नामांकन प्रस्ताव 15 जुलाई 2026 तक संबंधित विभाग को अनिवार्य रूप से भेजे जाने हैं। सरकार ने समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास के योग्य और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने में सहयोग करें।
- 0- मानसी ने कहा : मेहनत, माँ का सहयोग और मिशन उत्कर्ष से मिले मार्गदर्शन से हासिल की सफलतारायपुर. सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मंदिरहसौद की छात्रा सुश्री मानसी टंडन ने कक्षा 12वीं में वाणिज्य विषय में 96.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य के मेरिट सूची में 10वां स्थान प्राप्त किया है।मानसी के पिता नहीं हैं। उनकी माता श्रीमती नंदनी टंडन नगर पालिका में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत हैं और सीमित आय में अपनी पाँच बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं। लगभग 9000 रुपये प्रतिमाह के वेतन के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।मानसी ने अपनी इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में संचालित मिशन उत्कर्ष योजना, अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा अपनी माता के निरंतर सहयोग को दिया है। उन्होंने बताया कि नियमित अध्ययन, बार-बार पुनरावृत्ति और आत्मविश्वास ही उनकी सफलता के मुख्य आधार रहे।
- 0- फौती, नामांतरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, पीडीएस में समय पर राशन वितरण सुनिश्चित करें
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि फौती नामांतरण के प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसमें अनावश्यक विलंब करने पर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने एग्रीस्टेक से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने को कहा और इसमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। खाद्य विभाग को निर्देशित किया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन का वितरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित हो, ताकि हितग्राहियों को असुविधा न हो।जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। आबकारी विभाग को राजसात किए गए वाहनों की शीघ्र नीलामी की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों को ‘प्रोजेक्ट वंदन’ के अंतर्गत हितग्राहियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की 30 तारीख को सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरण 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश दिए।बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित समस्त विभाग प्रमुख उपस्थित थे। - 0-जॉब कार्ड मिलते ही कीर्ति और संतोषी के चेहरे खिल उठे, कहा- अब परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकेंगीरायपुर. सुशासन तिहार 2026 के तहत आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान की पहल जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है। जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम छटेरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम गोइंदा की निवासी श्रीमति कीर्ति निषाद एवं श्रीमती संतोषी निषाद को तत्काल मनरेगा जॉब कार्ड मिल गया। जिससे उनके जीवन में रोजगार की नई उम्मीद जगी है।श्रीमती कीर्ति एवं श्रीमती संतोषी अब बहुत खुश हैं।अब उन्हें मनरेगा के तहत नियमित रोजगार मिलने की राह आसान होगी, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकेंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
- 0- रायपुर पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेशरायपुर. शहर के अति व्यस्त मार्गों पर सुगम यातायात, कानून व्यवस्था एवं जनसुविधा को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रातः 09ः00 बजे से रात्रि 09ः00 बजे तक किसी प्रकार की रैली, शोभायात्रा, जुलूस एवं अन्य प्रकार के प्रदर्शन के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 04 मई 2026 से प्रभावी हुआ जो आगामि 02 माह तक लागू रहेगा।प्रतिबंधित प्रवेश मार्गों में जी.ई.रोड में शारदा चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए शास्त्री चौक तक, मालवीय रोड में जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक तक, सदर बाजार रोड में कोतवाली से सत्तीबाजार चौक तक तथा एम.जी.रोड में गुरूनानक चौक से शारदा चौक तक मार्ग शामिल हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित 15 दिवसीय सघन जांच अभियान “सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” के अंतर्गत जिले में औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं अवैध बिक्री पर नियंत्रण हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार गठित औषधि प्रकोष्ठ की टीम ने आज रायपुर स्थित ओल्ड मेडिकल कॉम्प्लेक्स में विभिन्न थोक एवं रिटेल दवा प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान औषधि निरीक्षकों द्वारा मेडिकल फर्मों के लाइसेंस, भंडारण व्यवस्था (स्टोरेज कंडीशन) तथा अनुज्ञप्ति शर्तों की गहन जांच की गई। विशेष रूप से मादक एवं मनःप्रभावी (NDPS) श्रेणी की दवाइयों जैसे कोडीन सिरप, अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल एवं नाइट्रोजेपाम टैबलेट्स के क्रय-विक्रय अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। साथ ही मेडिकल परिसरों में एमटीपी (MTP) किट के रिकॉर्ड की भी जांच की गई।इस दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उनका परीक्षण किया गया तथा आगे विस्तृत जांच की प्रक्रिया जारी है। जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा संबंधित नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में लेक्चरर श्री टेकेन्द्र कुमार साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र दुर्ग एवं भृत्य श्री भुनेश्वर वर्मा ने ग्राम पंचायत गनियारी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- 0- पूर्व संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग द्वारा मिली ऐतिहासिक महत्व की दुर्लभ पांडुलिपियांरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण हेतु ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत हस्तलिखित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इसी क्रम आज पूर्व संभागायुक्त एवं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. संजय अलंग द्वारा कई दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण पांडुलिपियाँ प्राप्त हुईं, जिनमें कोरिया रियासत की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज, छत्तीसगढ़ के नामकरण का ऐतिहासिक आधार तथा विभिन्न कालखंडों की सामाजिक एवं सांस्कृतिक झलक देखने को मिली।डॉ. अलंग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कोशल नाम की उत्पत्ति उस समय मानी जाती है जब जबलपुर मार्ग से होकर शासक चिल्पी घाटी पार करते थे, जिसके एक ओर क्षेत्र को महाकौशल और दूसरी ओर को कोसल कहा गया। वहीं “छत्तीसगढ़” नाम का उद्भव क्षेत्र में स्थित 36 प्राचीन गढ़ों (किलों) के कारण हुआ। उस कालखंड में यह क्षेत्र जमींदारी व्यवस्था पर आधारित था, जहाँ अनेक छोटी-छोटी जमींदारियाँ विद्यमान थीं, जो कलचुरी एवं गोंड शासकों की अधिसत्ता को स्वीकार करते हुए आवश्यकतानुसार सैन्य एवं आर्थिक सहयोग प्रदान करती थीं। साथ ही गौटिया पद्धति से संबंधित अभिलेख भी प्राप्त हुए।इसके अतिरिक्त 18वीं शताब्दी में मराठा शासन के विस्तार तथा भोंसले शासकों द्वारा नागपुर से छत्तीसगढ़ पर स्थापित शासन व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आई। डॉ. संजय अलंग ने ऐतिहासिक तथ्यों के साथ उस समय के सामाजिक, पारिवारिक एवं जनजीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।पांडुलिपियों के संग्रहण एवं डिजिटलीकरण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि छत्तीसगढ़ के नामकरण से जुड़ी सामग्री को संरक्षित किया जा रहा है। साथ ही कोरिया रियासत से संबंधित Electricity Act 1941 की पांडुलिपि का सफलतापूर्वक स्कैन कर डिजिटल संरक्षण किया गया है।--
- 0- शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा विभाग के 15 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार संचालित प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत 16 जुलाई 2025 से अब तक 19,010 लोगों को 221 बैच के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है ।--
- 0- नेहरू, जगजीवन राम, नंदिनी सतपथी सहित विभूतियों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र प्राप्त0- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में हस्तलिखित धरोहरों के डिजिटलीकरण की विशेष पहलरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में जिले में हस्तलिखित पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण एवं संरक्षण हेतु विशेष पहल की जा रही है। इस महत्वपूर्ण कार्य में राजकुमार कॉलेज के कस्टोडियन प्राचार्य अरविंद सिंह, उप प्राचार्य शिवेंद्र एस.एन. देव, सर्वेयर श्रीमती अनुरिमा शर्मा एवं श्रीमती प्रेरणा मिश्रा का विशेष योगदान रहा। उनके उत्कृष्ट सहयोग एवं कार्य हेतु कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें सम्मानित किया।इसी क्रम में राजकुमार कॉलेज, रायपुर के भ्रमण के दौरान वहां की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी लगभग 25 हस्तलिखित एवं चित्रकला पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण खोज की गई। इन पांडुलिपियों में वर्ष 1931 से 1947 के बीच की महत्वपूर्ण जानकारियां संकलित हैं। विशेष रूप से कॉलेज के अंतिम अंग्रेज प्राचार्य स्मिथ का लेख भी प्राप्त हुआ, जो तत्कालीन प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रकाश डालता है।सर्वेक्षण के दौरान प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’, प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू, बाबू जगजीवन राम, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र सेठी, कैलाश नाथ काटजू तथा ओडिशा की पूर्व महिला मुख्यमंत्री नंदिनी सतपथी के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त 75 वर्ष से अधिक पुराने अनेक पांडुलिपि दस्तावेज भी संग्रहित किए गए।उल्लेखनीय है कि कुछ अभिलेखों में “NAGPOOR” शब्द अंकित मिला, जो ब्रिटिश कालीन उच्चारण को दर्शाता है। साथ ही, राजकुमार कॉलेज की विजिटर बुक में डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ द्वारा उनके स्वयं के हस्तलेख में लिखा गया शुभकामना संदेश भी देखने को मिला, जो इस सर्वेक्षण की एक विशेष उपलब्धि रही।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन ऐतिहासिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर इन्हें भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाएगा, ताकि हमारी समृद्ध धरोहर से नई पीढ़ी परिचित हो सके।--
- 0- ‘प्रोजेक्ट वंदन’ के तहत कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने शाल-श्रीफल से किया सम्मानितरायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग में 38 वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वालीं मंदिरहसौद की पूर्व परियोजना अधिकारी श्रीमती प्रीति मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हो गईं। उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। श्रीमती प्रीति मिश्रा का संपूर्ण सेवाकाल कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन से परिपूर्ण रहा। उन्होंने महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य किया तथा नारी निकेतन में समर्पित सेवाएं देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया।विदाई समारोह का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब अंतिम कार्यदिवस पर उनके परिवार के सदस्यों और 90 वर्षीय पिता ने ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचकर उनका सम्मान किया। इस दृश्य ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया।जिला रायपुर की महत्वपूर्ण पहल ‘प्रोजेक्ट वंदन’ के तहत माह के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाता है। इसी कड़ी में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने श्रीमती प्रीति मिश्रा को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया तथा सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र सौंपा।समारोह में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, परियोजना अधिकारी श्रीमती दीप्ति शुक्ला, श्रीमती अलका सक्सेना, पर्यवेक्षक श्रीमती ऋतु परिहर, श्रीमती राजकुमारी द्विवेदी, श्रीमती आशा पात्रे, श्रीमती झरन धीवर, श्रीमती बीना कोशी, श्रीमती असीमा बनर्जी, अधीक्षक पुष्प कुमार वर्मा, सहायक ग्रेड-2 कावेरी देवांगन तथा ऑपरेटर पोषण कुमार निर्मलकर सहित मंदिर हसौद स्टाफ उपस्थित था। सभी ने मिश्रा के कार्यों की सराहना करते हुए उनके मंगलमय जीवन की कामना की।--
- 0- हजार से अधिक पुस्तकें दान दी जा चुकी है0-* इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं। इसी क्रम में आज बी-टेक की छात्रा सुश्री पीयूषा स्मृति वर्मा ने जेईई मेन्स, नीट, इंजीनियरिंग सहित अन्य विषयों की 20 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। सुश्री पीयूषा स्मृति वर्मा ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विभागीय बैठक के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 11 हजार पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक 94060 49000 एवं 94255 02970 से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, नोडल अधिकारी श्री प्रभात सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग। सिविल लाइन स्थित विवेकानंद भवन में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम में शहर विधायक एवं केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। इस अवसर पर गायत्री परिवार के आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हो रहे विवाह संस्कार की उन्होंने सराहना की तथा सभी नवविवाहित जोड़ों से मिलकर उन्हें सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रदान किया।मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 19 जोड़े एक ही मंडप में दांपत्य सूत्र में बंधे। आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों ने इस योजना का लाभ उठाया। सामाजिक एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप उल्लासपूर्ण वातावरण में यह वैवाहिक आयोजन संपन्न हुआ।इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह को सम्मानजनक एवं गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने नवदंपत्तियों को शुभाशीष देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही शासन की ओर से प्रदत्त आवश्यक सामग्री एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वधुओं के नाम 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई, जिससे उनके नए जीवन की मजबूत शुरुआत सुनिश्चित हो सके।मंत्री श्री यादव ने आगे कहा कि इस प्रकार के सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समानता, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। इससे सामाजिक कुरीतियों में कमी आती है और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, आयोजकों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दिए।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नवविवाहित जोड़ों को आवश्यक उपहार सामग्री प्रदान की गई। इसमें हाथ घड़ी सेट, दुल्हन के लिए पायल, बिछिया एवं श्रृंगार सामग्री शामिल रही। साथ ही दुल्हनों के बैंक खातों में 35 हजार रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे उनके वैवाहिक जीवन सम्मानजनक शुरुआत सुनिश्चित हो सके।कार्यक्रम में सभापति श्याम शर्मा, पार्षद कांशीराम कोसरे, कमल देवांगन, मनीष कोठारी, सरस निर्मलकर, साजन जोसफ, अनिकेत यादव एवं श्रीमती सुमन वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- दुर्ग। पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत पर केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के गंजपारा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हर्षोल्लास के साथ झालमुरी बांटकर जीत का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं समर्थक उपस्थित रहे और एक-दूसरे को बधाई देते हुए अपनी खुशी व्यक्त की।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय जन-जन के विश्वास, कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम एवं शीर्ष नेतृत्व के दूरदर्शी मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि देश की जनता द्वारा विकास, सुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश है।मंत्री श्री यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जो जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं, उनसे समाज के हर वर्ग को लाभ मिला है। यही कारण है कि आज देश के विभिन्न हिस्सों में जनता भाजपा के प्रति अपना विश्वास प्रकट कर रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने परिवर्तन का जो संकल्प लिया है, वह आने वाले समय में राज्य को नई दिशा और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।इस दौरान गंजपारा कार्यालय में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को झालमुरी और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी साझा की। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा मोर्चा के कार्यकर्ता, महिला मोर्चा की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। मंत्री श्री यादव ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी से आगामी समय में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ जनसेवा में जुटे रहने का आह्वान किया।
- 0- भावों को कम करने और उचित प्रबंधन हेतु जन जागरूकता0- फसल अवशेष जलाने पर होगी दंडात्मक कार्रवाईदुर्ग. प्रशासन और कृषि विभाग ने खेतों में फसल अवशेष (पैरा/भूसा) जलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जारी इस आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फसल अवशेष जलाने से न केवल वायु प्रदूषण फैलता है, बल्कि मिट्टी की ऊपरी 15 सेमी परत में मौजूद लाभदायक सूक्ष्मजीवी भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उपजाऊ क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आंकड़ों के अनुसार, 1 टन धान के अवशेष जलाने से लगभग 5.5 किलो नाइट्रोजन, 2.3 किलो फास्फोरस और 25 किलो पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व जलकर नष्ट हो जाते हैं।जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के हित में फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। इसके विकल्प के रूप में ’हैप्पी सीडर’ और ’जीरो सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल जैसे आधुनिक यंत्रों के उपयोग की सलाह दी गई है, जिससे बिना अवशेष जलाए भी अगली फसल की बुवाई संभव है। इसके अतिरिक्त, अवशेषों को गड्ढों में डालकर वर्मी कंपोस्ट या जैविक खाद बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि खेती की लागत कम हो और मिट्टी का स्वास्थ्य बना रहे। ग्राम स्तर पर मैदानी अमलों के माध्यम से बैठकें कर किसानों को इस दिशा में लगातार जागरूक किया जा रहा है।--






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