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- -बस्तर के नितेश कश्यप को मिला नया जीवन, लिवर कैंसर को दी मात-समय पर जांच और उपचार के साथ आयुष्मान भारत योजना से मिला पांच लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार का सहारारायपुर / बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम करंजी निवासी 27 वर्षीय श्री नितेश कश्यप के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जीवन में नई उम्मीद लेकर आई। लंबे समय से पेट दर्द की असहनीय पीड़ा झेल रहे नितेश जब गांव के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचे, तो उन्हें प्राथमिक उपचार और दवाइयां दी गईं। दवाइयों से अपेक्षित राहत नहीं मिलने पर दोबारा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर वहां पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर श्रीमती प्रीति बघेल ने उनकी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल उन्हें महारानी जिला अस्पताल, जगदलपुर रेफर किया।महारानी जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने नितेश की आवश्यक जांचें कराईं। खून की जांच, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी विस्तृत जांचों में उनके लिवर कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। गंभीर बीमारी की जानकारी मिलने के बाद परिवार चिंतित हो गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें उपचार की पूरी प्रक्रिया समझाते हुए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क उपचार सुविधा का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।आयुष्मान भारत योजना के तहत उपलब्ध पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा ने नितेश और उनके परिवार को बड़ी आर्थिक चिंता से राहत दी। योजना के माध्यम से उनके जटिल उपचार और ऑपरेशन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। उपचार के बाद नितेश स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।सफल उपचार के बाद नितेश कश्यप ने भावुक होकर कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने उन्हें वास्तव में नई जिंदगी दी है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि पात्र हितग्राही इस जनहितकारी योजना का लाभ अवश्य लें। नितेश ने समय पर सही मार्गदर्शन देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों, उपचार करने वाले चिकित्सकों और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी कहानी यह बताती है कि समय पर स्वास्थ्यकर्मियों की सतर्कता, उचित जांच और उपचार के साथ स्वास्थ्य योजना का आर्थिक संबल गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकता है।
- -मेहनत, हौसले और अवसर ने बदली तस्वीर, खेत से व्यवसाय तक महिलाओं ने लिखी ‘लखपति दीदी’ बनने की कहानी-स्व-सहायता समूहों से मिला साथ, बचत और ऋण से आजीविका को मिला विस्ताररायपुर / कभी घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं आज अपनी मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास से परिवार की आर्थिक मजबूती की आधारशिला बन रही हैं। किसी ने खेत में नई फसल उगाकर आय का रास्ता बनाया, किसी ने सब्जी उत्पादन को व्यवसाय का रूप दिया तो किसी ने मुर्गी पालन को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना लिया। यह बदलाव केवल आय बढ़ने की कहानी नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता बढ़ने की कहानी भी है।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से स्व-सहायता समूहों के माध्यम से जुड़ी महिलाओं को बचत, ऋण, प्रशिक्षण और आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। महिलाएं इन अवसरों को अपनी मेहनत और लगन से उपलब्धि में बदल रही हैं। यही प्रयास उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे हैं और अनेक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं।सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आ रही ‘सेवा की कहानियां’ में इन महिलाओं का सफर इस बात का उदाहरण है कि जब शासन की योजनाएं जरूरतमंद तक पहुंचती हैं और उसके प्रयासों को सही दिशा मिलती है, तो बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि परिवारों और जीवन में दिखाई देता है।ग्रामीण परिवारों में सीमित आय के बीच महिलाओं की भूमिका लंबे समय तक मुख्य रूप से घर संभालने तक सीमित रही। छोटी जरूरतों के लिए भी परिवार को दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था। बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूहों ने महिलाओं को संगठित होने, नियमित बचत करने और सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर दिया।नियमित बचत ने आर्थिक अनुशासन बढ़ाया तो समूह की सामूहिक शक्ति ने महिलाओं के लिए ऋण और आजीविका गतिविधियों के रास्ते खोले। किसी ने खेती को चुना, किसी ने सब्जी उत्पादन शुरू किया, किसी ने मुर्गी पालन को व्यवसाय बनाया तो किसी ने अपनी रुचि और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप आय का साधन अपनाया।छोटी शुरुआत धीरे-धीरे बड़े बदलाव में बदलती गई। घर की जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाली महिलाएं अब अपनी आय अर्जित कर रही हैं और परिवार के आर्थिक फैसलों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।अम्बिकापुर विकासखंड की कल्पना सिंह की कहानी इस बदलाव की सशक्त मिसाल है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कृषि कार्य के लिए डेढ़ लाख रुपये का ऋण लिया और खीरे की खेती से शुरुआत की। इसके साथ ही वे बैंगन, टमाटर, तरबूज सहित मौसम के अनुरूप विभिन्न सब्जियों और फसलों की खेती करती हैं।कल्पना के लिए यह बदलाव केवल खेत में फसल उगाने तक सीमित नहीं रहा। पहले घर से बाहर निकलने और लोगों से बातचीत करने में संकोच महसूस करने वाली कल्पना आज बैंकिंग, बाजार और कृषि से जुड़े कार्य स्वयं आत्मविश्वास के साथ संभाल रही हैं।खेती से मिली आय ने उनके भीतर यह विश्वास मजबूत किया है कि यदि मेहनत के साथ सही अवसर मिले तो ग्रामीण महिला अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। खेत से बाजार तक का उनका सफर आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामाजिक आत्मविश्वास की भी कहानी है।उदयपुर विकासखंड के ग्राम सोनतरई की मति बाई की कहानी भी संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक के सफर को सामने लाती है। कभी उनके परिवार की आजीविका मजदूरी और छोटे-मोटे कामों पर निर्भर थी। आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने राधा स्व-सहायता समूह से जुड़कर आगे बढ़ने का रास्ता चुना।समूह के माध्यम से तीन लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। मेहनत, निरंतरता और परिवार के सहयोग से शुरू हुआ यह काम आज उनकी आय का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। मति बाई के अनुसार मुर्गी पालन से उन्हें सालाना लगभग दो से तीन लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।आज वे पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर महसूस करती हैं। उनके बच्चे भी इस काम में हाथ बंटाते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य को लेकर उम्मीद भी मजबूत हुई है।मति बाई की कहानी बताती है कि आजीविका का एक छोटा अवसर भी यदि महिला की मेहनत और निरंतर प्रयास से जुड़ जाए तो वह परिवार की आर्थिक दिशा बदल सकता है।‘लखपति दीदी’ की पहचान इन महिलाओं के लिए केवल एक आर्थिक उपलब्धि नहीं है। यह उस यात्रा का प्रतीक है जिसमें उन्होंने निर्भरता से आत्मनिर्भरता, संकोच से आत्मविश्वास और अभाव से अवसर की ओर कदम बढ़ाए हैं।आज ये महिलाएं परिवार के खर्च में योगदान दे रही हैं, बच्चों की पढ़ाई और जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर रही हैं तथा भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। आय अर्जित करने के साथ उनके निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।अब वे बैंक जा सकती हैं, ऋण संबंधी प्रक्रिया समझ सकती हैं, बाजार में अपने उत्पाद बेच सकती हैं और अपनी मेहनत से अर्जित आय के उपयोग का निर्णय स्वयं ले सकती हैं। यह परिवर्तन महिला सशक्तिकरण का वह स्वरूप है, जिसका असर घर से लेकर समाज तक दिखाई देता है।बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं अपनी रुचि, क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। कृषि एवं सब्जी उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, दुग्ध व्यवसाय, सिलाई और अन्य आयमूलक गतिविधियां उनके लिए आमदनी बढ़ाने के अवसर बन रही हैं।स्व-सहायता समूह महिलाओं को केवल आर्थिक सहयोग नहीं देते, बल्कि साथ चलने का भरोसा भी देते हैं। समूह की बैठकों में महिलाएं अपने अनुभव साझा करती हैं और एक-दूसरे से सीखती हैं। प्रशिक्षण से उन्हें नई जानकारी मिलती है, जबकि बैंक और बाजार से जुड़ाव उनके निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है।इस तरह बिहान महिलाओं के लिए केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने, संगठित होने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को आकार देने का मंच बन रहा है।जब कोई महिला आय अर्जित करती है तो उसका लाभ केवल उसके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। बच्चों की शिक्षा, बेहतर खान-पान, घर की जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को पूरा करने में अतिरिक्त सहारा मिलता है।इसके साथ महिलाओं में अपने भविष्य को लेकर नया भरोसा पैदा होता है। उन्हें यह विश्वास होता है कि वे व्यवसाय चला सकती हैं, बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ सकती हैं, बाजार में अपने उत्पाद बेच सकती हैं और परिवार के आर्थिक फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।यही बदलाव महिला सशक्तिकरण को परिवार की मजबूती से जोड़ता है। सशक्त महिला केवल स्वयं आगे नहीं बढ़ती, बल्कि उसके साथ पूरा परिवार आगे बढ़ता है।इन महिलाओं की सफलता की कहानियों में बड़े संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण है लगातार प्रयास करते रहने का हौसला। किसी ने बचत से शुरुआत की, किसी ने समूह से ऋण लेकर पहली बार व्यवसाय शुरू किया, किसी ने खेत में नई फसल लगाई तो किसी ने पशुपालन या मुर्गी पालन को आय का साधन बनाया।शुरुआत छोटी थी, लेकिन सपने बड़े थे। धीरे-धीरे मेहनत रंग लाई और घर की तस्वीर बदलने लगी। आर्थिक परेशानियों के बीच उम्मीद मजबूत हुई, बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने आकार लेने लगे और महिलाओं के चेहरे पर अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास दिखाई देने लगा।बिहान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का यह सफर महिला सशक्तिकरण की उस भावना को मजबूत करता है, जिसमें महिला को केवल सहायता प्राप्त करने वाली नहीं, बल्कि परिवार और समाज की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है।स्व-सहायता समूहों की सामूहिक शक्ति ने महिलाओं को यह विश्वास दिया है कि वे अकेली नहीं हैं। साथ मिलकर बचत करना, सीखना, व्यवसाय करना और आगे बढ़ना संभव है। यही सामूहिकता उनके आत्मविश्वास की बड़ी ताकत बन रही है।सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आ रही कल्पना सिंह और मति बाई जैसी महिलाओं की कहानियां बताती हैं कि बदलाव केवल किसी योजना के लाभ से नहीं आता, बल्कि अवसर, सहयोग और मेहनत के मिलन से बदलाव की स्थायी तस्वीर बनती है।आज गांवों में महिलाएं केवल परिवार की खुशहाली की सहभागी नहीं हैं, बल्कि अपनी मेहनत से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। ‘लखपति दीदी’ के रूप में उनकी पहचान उस बदलाव का प्रतीक है, जहां महिला की मेहनत परिवार की ताकत और समाज की प्रगति का आधार बन रही है।बिहान ने ग्रामीण महिलाओं के हाथों को केवल काम नहीं दिया, बल्कि उन्हें अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय करने का आत्मविश्वास और साहस भी दिया है। यही है सेवा संकल्प की एक ऐसी कहानी, जिसमें एक महिला की आत्मनिर्भरता से पूरे परिवार के जीवन में नई सुबह आती है।
- -सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पासबुक पूर्ण करने के निर्देशरायपुर / स्कूल शिक्षा विभाग ने लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के साथ ही सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पासबुक समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए पत्र जारी किया गया है।विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि विभिन्न स्तरों पर पेंशन प्रकरण लंबित रहने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इसे देखते हुए सभी लंबित पेंशन प्रकरणों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर 30 सितंबर 2026 तक उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।साथ ही मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका तथा पासबुक को पहले से पूर्ण करने कहा गया है। सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण की जांच एवं सत्यापन कोष एवं लेखा से करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि सेवानिवृत्ति के समय पेंशन एवं अन्य स्वत्वों के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो।विभाग ने प्रत्येक सत्र में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विकासखंड स्तर पर विशेष कैम्प आयोजित कर सेवा पुस्तिका एवं पासबुक पूर्ण करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं न्यायालयीन कारणों से लंबे समय से लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए कोर्ट सेल बिलासपुर की सहायता लेकर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है।इसके अलावा अक्टूबर 2026 से सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पीपीओ उसी माह जारी कराने तथा अन्य देय स्वत्वों का भुगतान भी सेवानिवृत्ति वाले माह में ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की इस पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन और अन्य देयकों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है।
- -स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सेवा भाव और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से आमजन को किया जागरूकरायपुर / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पेंड्रा में मल्टीपर्पस स्कूल के सामने विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डाइट के बालक-बालिकाओं ने प्रभावी अभिनय, संवाद और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा भाव, सामाजिक जिम्मेदारी, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश आमजन तक पहुंचाए।नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को सहज एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से स्वच्छ गांव और स्वस्थ समाज की अवधारणा को सामने रखते हुए नागरिकों से स्वच्छता अपनाने, पानी और बिजली की बचत करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।प्रस्तुति में युवाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और मेहनत एवं लगन के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए युवाओं से समाज और राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि युवा केवल अपने भविष्य के निर्माण तक सीमित न रहकर सामाजिक बदलाव और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।नुक्कड़ नाटक के दौरान एकता, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से संभव है। सेवा भाव और सामाजिक सरोकारों को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए आमजन को प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में रंगोली भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। विद्यार्थियों ने रंगों और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेशों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश सहज और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया कि छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।पूरे आयोजन में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। नुक्कड़ नाटक और रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ सामाजिक विषयों के प्रति अपनी संवेदनशीलता भी प्रदर्शित की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जागरूक युवा न केवल अपने भविष्य का निर्माण करते हैं, बल्कि समाज के विकास और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को सेवा भाव, स्वच्छता, सामाजिक एकजुटता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने सामाजिक जागरूकता के संदेशों को आमजन तक सहज तरीके से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, श्री राकेश चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी उपस्थित रहे।
- रायपुर / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ अभियान का आयोजन छत्तीसगढ़ के सभी आश्रम एवं छात्रावासों में किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यार्थियों के बीच चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को चित्रों और विचारों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करना है।
- -लोक कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण-संवर्धन को मिलेगा नया संबल, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी किए निर्देशरायपुर / छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला, लोक संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित एवं संवर्धित करने तथा प्रदेश के लोक कलाकारों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, छत्तीसगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के कार्यशील लोक कला दलों को वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस पहल से पारंपरिक लोक कला से जुड़े कलाकारों और दलों को अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए आवश्यक वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।‘संगीत की दुर्लभ शैलियों व वाद्यों हेतु संचालित योजना’ के अंतर्गत लोक कला दलों को वाद्य यंत्र क्रय करने के लिए सहायक अनुदान उपलब्ध कराया जाना है। योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संगीत शैलियों, दुर्लभ वाद्य यंत्रों और लोक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को संरक्षण प्रदान करते हुए उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इसके माध्यम से प्रदेश में सक्रिय लोक कला दलों को अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग मिल सकेगा।योजना के तहत प्रदेश के पात्र एवं कार्यशील लोक कला दल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। लोक कला दलों को निर्धारित प्रारूप में आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन संबंधित जनपद पंचायत अथवा नगरीय निकाय कार्यालय में जमा करना होगा।आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक लोक कला दल समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुपालन में संबंधित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर दिया गया है।अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत लोक कला दलों तक योजना की जानकारी पहुंचाने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोक कलाकारों और लोक कला दलों को योजना की जानकारी समय पर मिल सकेगी और वे निर्धारित अवधि में आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।लोक कला दलों के लिए वाद्य यंत्र केवल प्रस्तुति का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी कला और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा होते हैं। अनेक पारंपरिक लोक कलाओं में स्थानीय और पारंपरिक वाद्य यंत्रों का विशेष महत्व है। समय के साथ इन वाद्यों की उपलब्धता और संरक्षण भी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बनकर सामने आई है।वाद्य यंत्रों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध होने से लोक कला दलों को अपनी प्रस्तुतियों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। इससे लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकती है।छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में अनेक विशिष्ट लोक संगीत शैलियां, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्र शामिल हैं। इनका संरक्षण केवल कला के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने से भी जुड़ा है।योजना के माध्यम से पारंपरिक लोक कला से जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहन मिलने के साथ दुर्लभ संगीत शैलियों और वाद्यों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। अनुभवी कलाकारों से नई पीढ़ी तक पारंपरिक कला और वाद्य संगीत की जानकारी पहुंचाने में भी यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है।छत्तीसगढ़ की लोक कलाएं प्रदेश के गांवों और स्थानीय समुदायों की जीवनशैली, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से इन परंपराओं को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।वाद्य यंत्रों के लिए अनुदान उपलब्ध कराने से ऐसे कलाकारों और लोक कला दलों को अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा। साथ ही युवा पीढ़ी को पारंपरिक संगीत एवं लोक कलाओं से जोड़ने के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार होगा।लोक कला दलों की सक्रियता से स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक आयोजनों को भी बढ़ावा मिलता है। विभिन्न उत्सवों, मेलों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सामने रखते हैं।वाद्य यंत्रों के लिए वित्तीय सहायता मिलने से स्थानीय लोक कला दलों की गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और कलाकारों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे प्रदेश की लोक कला परंपराओं को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी सकारात्मक वातावरण तैयार होगा।प्रदेश के इच्छुक एवं पात्र लोक कला दलों से अपील की गई है कि वे निर्धारित प्रारूप में आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेजों के साथ 28 सितंबर 2026 तक संबंधित जनपद पंचायत अथवा नगरीय निकाय कार्यालय में अपना आवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों के संबंध में संबंधित विभागीय निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।संस्कृत विभाग की यह पहल छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने, पारंपरिक संगीत एवं वाद्य शैलियों को प्रोत्साहित करने तथा प्रदेश के लोक कलाकारों को आवश्यक संसाधनों का सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदेश की लोक कला परंपराओं को नई ऊर्जा मिलने के साथ उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत रूप में पहुंचाने का मार्ग भी मजबूत होगा।
- - ICAR-CIFRI और मत्स्य विभाग की संयुक्त कार्यशाला में किसानों को मिला वैज्ञानिक एवं तकनीकी मार्गदर्शनरायपुर / छत्तीसगढ़ के जलाशयों में केज कल्चर (पिंजरा पालन) के माध्यम से मछली उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मत्स्य पालन विभाग, छत्तीसगढ़ एवं ICAR-CIFRI, बैरकपुर (कोलकाता) के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। 8 एवं 9 सितंबर को रायपुर स्थित मत्स्य पालन विभाग कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में मछलियों में होने वाली बीमारियों की त्वरित पहचान, रोकथाम और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों पर किसानों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।कार्यशाला में ICAR-CIFRI के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. असित कुमार बेरा एवं श्रीमती सोहिनी चटर्जी ने केज कल्चर एवं तालाबों में मछलियों में होने वाले रोगों के लक्षण, बचाव तथा वैज्ञानिक उपचार की जानकारी दी। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 50-60 केज कल्चर किसानों, 50-60 पारंपरिक तालाब मत्स्य पालकों तथा मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।कार्यशाला में फील्ड स्तर पर रोगों की त्वरित जांच, डायग्नोस्टिक सुविधाओं के विस्तार, मैदानी कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जलाशयों एवं मछलियों के स्वास्थ्य संबंधी डेटाबेस तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया गया। एकीकृत प्रबंधन व्यवस्था को राज्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।कार्यक्रम में संचालक मत्स्य पालन श्री एन.एस. नाग, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा श्री आनंद निषाद, उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा डॉ. लखन लाल धीवर, उप-संचालक मत्स्य पालन प्रशिक्षण संस्थान सुश्री बीना गड़पाले तथा सहायक मत्स्य अधिकारी श्री विकास कुमार साहू सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।जलाशयों में पहुंचकर वैज्ञानिकों ने किया केज कल्चर का निरीक्षणकार्यशाला के उपरांत 10 सितंबर को ICAR-CIFRI के वैज्ञानिक डॉ. असित कुमार बेरा एवं श्रीमती सोहिनी चटर्जी ने राज्य के जलाशयों का मैदानी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थापित केज कल्चर की स्थिति का जायजा लिया तथा मौके पर ही मत्स्य पालक किसानों को मछलियों के स्वास्थ्य, रोग प्रबंधन एवं बेहतर उत्पादन के संबंध में व्यावहारिक सुझाव दिए। राज्य में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- -जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर जल स्रोतों के संरक्षण का लिया संकल्प, आमजन को स्वच्छता और जल संवर्धन के प्रति किया जागरूकरायपुर / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा में अरपा उद्गम स्थल के समीप नदी घाट स्वच्छता अभियान एवं नगरीय जल स्रोत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करना रहा।अरपा नदी छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण नदियों में शामिल है और इसका उद्गम क्षेत्र गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय पहचान से जुड़ा हुआ है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित स्वच्छता अभियान के माध्यम से जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता करते हुए नदी घाट और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम में मरवाही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेन्द्र बहादुर, नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के उपाध्यक्ष श्री शरद गुप्ता, श्री लालजी यादव, श्री राकेश चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि नदी, तालाब और अन्य जल स्रोत केवल पानी के स्रोत नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता और मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए शासन के प्रयासों के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।नदी घाट की स्वच्छता के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों में कचरा न डालें और उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। वर्षा जल के संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर नागरिकों को जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में पानी की बचत करने तथा उपलब्ध जल संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी भावना को मजबूत करता है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।अरपा नदी क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। इसके उद्गम क्षेत्र की स्वच्छता और संरक्षण का महत्व और भी बढ़ जाता है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की सहभागिता से स्थानीय नागरिकों को जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश मिला।कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदतों में शामिल करने, नदी एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन ने सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करते हुए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
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बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज आमजनों ने अपनी मांगों और समस्याओं से अवगत कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए, जिस पर विधिसम्मत कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।
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- हरिराम साहू को मौके पर ही मिला श्रवण यंत्र
बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण हेतु संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक ‘कलेक्टर जनदर्शन’ जिले के बुजुर्गों और जरूरतमंदों के लिए अत्यंत मददगार साबित हो रहा है। जनदर्शन में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरूर विकासखण्ड के ग्राम भानपुरी निवासी बुजुर्ग श्री हरिराम साहू को मौके पर ही श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। श्रवण यंत्र मिलते ही बुजुर्ग के चेहरे पर संतोष और खुशी की चमक साफ दिखाई दी।
श्री हरिराम साहू ने बताया कि वे लंबे समय से कान की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे, जिसके कारण उन्हें दोनों कानों से सामान्य आवाजें सुनाई नहीं देती थीं। सुनने में असमर्थता के चलते उन्हें परिजनों व अन्य लोगों से संवाद करने में काफी परेशानी होती थी और लोग उन्हें इशारों के माध्यम से या जोर से बोलकर बात समझाते थे। जिसके कारण कभी-कभी अप्रिय स्थिति बन जाती थी। अपनी इस समस्या को लेकर वे आज कलेक्टोरेट पहुंचे। जनदर्शन में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने श्री हरिराम साहू से आत्मीय बातचीत कर उनकी समस्या का त्वरित निराकरण के लिए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभागीय अमले द्वारा तत्परता दिखाते हुए बुजुर्ग को मौके पर ही कान की आधुनिक मशीन उपलब्ध कराई गई।
श्रवण यंत्र लगाते ही श्री हरिराम साहू को आसपास की आवाजें स्पष्ट और सहज सुनाई देने लगीं। मौके पर ही बातचीत कर परीक्षण करने के बाद उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें किसी की बात सुनने व समझने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और न ही परिजनों को इशारे करने पड़ेंगे। जनदर्शन में मिली इस त्वरित सहायता और मानवीय संवेदनशीलता के लिए बुजुर्ग श्री हरिराम साहू ने जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। -
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार सभी संबंधित कार्यालयों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
बालोद/वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कार्यालयों में आईएफएमआईएस नेक्सट जेन सिस्टम डीएस आॅफिस एडमिन माड्यूल में ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी संबंधित कार्यालयों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कोषालय अधिकारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार जिन कार्यालयों का आईएफएमआईएस नेक्सट जेन सिस्टम डीएस आॅफिस एडमिन माड्यूल में अभी तक ऑनबोर्डिंग नहीं हुआ है, उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए जिला स्तर पर सहायक ग्रेड 02 श्री त्रिभुवन लाल ठाकुर एवं टिकेश्वर सिंह निषाद को डिस्ट्रिक्ट एडमिन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
25 सितंबर तक प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य
वित्त विभाग द्वारा ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करने के लिए 25 सितंबर 2026 अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है। सभी कार्यालय प्रमुखों एवं आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूर्ण कराएं।
आईएफएमआईएस नेक्सट जेन सिस्टम के माध्यम से शासकीय वित्तीय कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित और डिजिटल बनाने में सहायता मिलेगी। निर्धारित समय-सीमा में ऑनबोर्डिंग पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित कार्यालय प्रमुख, आहरण एवं संवितरण अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। -
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एग्रीस्टैक पंजीयन
डिजिटल क्रॉप सर्वे और लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा कर दिए निर्देश
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में जिले में किसानों से जुड़े शासकीय योजनाओं और राजस्व मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य किया जाए।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लंबित एग्रीस्टैक पंजीयन को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन पात्र किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन अभी शेष है, उनके गांवों में पहुंचकर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निराकरण
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने राजस्व विभाग में लंबित फौती, नामांतरण, सीमांकन सहित अन्य राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो और आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को आवश्यकतानुसार गांवों में मुनादी कराने तथा संबंधित मामलों में नोटिस चस्पा करने के निर्देश भी दिए, ताकि संबंधित पक्षों को प्रकरणों की जानकारी समय पर मिल सके और राजस्व मामलों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जा सके।
एग्रीस्टैक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी के निर्देश
बैठक में एग्रीस्टैक पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। डिजिटल क्रॉप सर्वे की तुलनात्मक प्रगति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी अमले द्वारा किसानों से समन्वय कर सर्वे और पंजीयन का कार्य निर्धारित समय में पूरा किया जाए।
खरीफ विपणन वर्ष 2026 के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन से संबंधित किसानों को दी गई छूट के संबंध में भी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पात्र किसानों को इसका समुचित लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
स्वामित्व योजना का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम श्रीमती प्रमिता ठाकरे झा, श्री शिवनाथ बघेल, श्री सुरेश साहू एवं श्रीमती प्राची ठाकुर सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। -
ई-टेंडरिंग की नई व्यवस्था से पहले ठेकेदारों को प्रशिक्षण, 1 अक्टूबर से नए पोर्टल पर बनेंगी और प्रकाशित होंगी निविदाएं
बिलासपुर/लोक निर्माण विभाग में ई-टेंडरिंग की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2026 से सभी निविदाओं का सृजन और प्रकाशन GePNIC (Government e-Procurement System of National Informatics Centre) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। नई व्यवस्था में ठेकेदारों को किसी तरह की तकनीकी परेशानी न हो, इसके लिए विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय की ओर से छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर यूनियन के अध्यक्ष श्री बिरेश शुक्ला और बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, रायपुर (छत्तीसगढ़) के स्टेट प्रेसिडेंट श्री रूपेश सिंघल को पत्र भेजकर ठेकेदारों को प्रशिक्षण में शामिल कराने के लिए सूचित करने को कहा गया है। विभाग ने दोनों संगठनों से GePNIC पोर्टल के प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का भी आग्रह किया है।
22 सितम्बर से 30 सितम्बर तक रोज दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक प्रशिक्षण
लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदारों को GePNIC पोर्टल की बुनियादी जानकारी और इसके उपयोग की प्रक्रिया समझाने के लिए 22 सितम्बर से 30 सितम्बर तक प्रत्येक कार्य दिवस दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण चिप्स के माध्यम से दिया जाएगा। विभाग ने दोनों संगठनों से सभी ठेकेदारों को प्रशिक्षण में शामिल कराने के लिए अपने स्तर से सूचना देने का अनुरोध किया है।
GePNIC पर नामांकन जरूरी
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 अक्टूबर से निविदाओं का सृजन एवं प्रकाशन GePNIC पोर्टल के माध्यम से ही होगा। इसके लिए सभी ठेकेदारों का GePNIC पोर्टल पर नामांकन आवश्यक है। अक्टूबर से ठेकेदार इसी पोर्टल के माध्यम से निविदाओं में भाग ले सकेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य ठेकेदारों को नई ई-प्रोक्योरमेंट व्यवस्था से परिचित कराना और पोर्टल के उपयोग की बुनियादी प्रक्रिया को समझाना है।
विभाग की तैयारी पूरी
लोक निर्माण विभाग पहले ही यह व्यवस्था कर चुका है कि 1 अक्टूबर 2026 से सभी निविदाएं GePNIC के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी। ठेकेदारों को पहले से प्रशिक्षण देने का मकसद नई व्यवस्था लागू होने के साथ निविदा प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों को कम करना है। -
खराब भोजन की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई, भोजन प्रदायक फर्म और अधिकारी को नोटिस
खेल संचालक ने दो अधिकारियों की जांच समिति भी गठित की
बिलासपुर/ बहतराई, बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की शिकायत पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। खिलाड़ियों के भोजन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने बिलासपुर में विभागीय सहायक संचालक तथा संबंधित भोजन प्रदायक फर्म को नोटिस जारी किया है। दोनों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण के साथ तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने खिलाड़ियों की डाइट के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी तथा भोजन प्रदायक फर्म से जवाब तलब किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में सामने आए तथ्यों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। विभाग ने तथ्यों की स्थल जांच और वस्तुस्थिति की पड़ताल के लिए संचालनालय स्तर से दो खेल अधिकारियों की जांच समिति भी गठित की गई है। समिति बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मामले का परीक्षण करेगी और जांच के बाद तथ्यात्मक प्रतिवेदन संचालनालय को प्रस्तुत करेगी। इस जांच के आधार पर सामने आने वाली वस्तुस्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने कहा है कि खिलाड़ियों के भोजन, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। खिलाड़ियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तायुक्त, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और सेवा प्रदाताओं को खिलाड़ियों के हित में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण, डाइट और मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। -
नगर निगम जोन 10 क्षेत्र में रानी लक्ष्मीबाई वार्ड अंतर्गत नमो गार्डन में श्रमदान कर सफाई करके दिया गया सकारात्मक स्वच्छता सन्देश
रायपुर/छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में महापौर श्रीमती मीनल चौबे और स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री चंद्राकर औऱ आयुक्त श्री संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में दिनांक 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाये जा रहे सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अभियान दिनांक 17 सितम्बर 2026 से 2 अक्टूबर 2026 अंतर्गत आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 10 अंतर्गत रानी लक्ष्मीबाई वार्ड क्रमांक 10 के क्षेत्र में नमो गार्डन में श्रमदान से सफाई करते हुए कचरा उठवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम की गयी औऱ नागरिकों सहित कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों ने वहाँ जन - जन को सकारात्मक स्वच्छता सन्देश नगर निगम जोन क्रमांक 10 स्वास्थ्य विभाग की ओर से वार्ड 10 के पार्षद श्री देवदत्त द्विवेदी की अगुवाई और नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा सहित और वार्ड क्षेत्र के जागरूक रहवासियों के साथ मिलकर रानी लक्ष्मीबाई वार्ड क्रमांक 10 क्षेत्र अंतर्गत नमो गार्डन परिसर में श्रमदान कर कचरे की सफाई की गयी और स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सकारात्मक स्वच्छता सन्देश दिया गया और साथ ही रहवासियों को जीवन में स्वच्छता और स्वच्छ स्थल का महत्व बताते हुए घर का सूखा और गीला कचरा पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में देकर वार्ड क्षेत्र और राजधानी शहर रायपुर को स्वच्छ और सुन्दर बनाने हेतु समझाइश देकर जागरूक बनाया गया. -
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 के सहयोग से एकात्म मानववाद सिद्धांत के प्रणेता महामानव पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती दिनांक 25 सितम्बर 2026 शुक्रवार को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर में तेलीबाँधा रिंगरोड तिराहा स्थित उनके प्रतिमा स्थल के समक्ष उनका सादर नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।
पुष्पांजलि आयोजन हेतु रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा को तेलीबाँधा रिंगरोड तिराहा स्थित एकात्म मानववाद सिद्धांत के प्रणेता महामानव पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थल, उसके समक्ष और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलो की पंखुडिया आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्थायें प्रशासनिक तौर पर करवाने हेतु निर्देशित किया गया है। -
आयुक्त ने गणेश विसर्जन स्थल की सम्पूर्ण व्यवस्था के लिए समिति गठित की
आयुक्त ने गणेश विसर्जन स्थल व्यवस्था हेतु अधिकारियों की दिनांक 25 सितम्बर को सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर को सुबह 6 तक ड्यूटी लगाई
रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त संबित मिश्रा ने आदेश जारी किया है कि गणेश चतुर्थी दिनांक 14 सितम्बर 2026 को थी, इसके 11वें दिन शुकवार अर्थात 25 सितम्बर 2026 अनंत चतुर्दशी को गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी खारून नदी के किनारे महादेवघाट में निर्मित विसर्जन कुंड में श्री गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष भी झांकी का प्रारंभ शारदा चौक से होगा, जहां उन्हें नंबर दिया जायेगा। शारदा चौक से जयस्तंभ, कोतवाली, सदर बाजार, सत्ती बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती थाना चौक, लीली चौक, लाखेनगर चौक, सुन्दरनगर, महादेवघाट रिंगरोड चौक होते हुए रायपुरा महादेव घाट के पास निर्मित विसर्जन कुंड स्थल पर जाकर विसर्जित होगी। लाखेनगर चौक से महादेवघाट रिंगरोड तक वन वे ट्रैफिक रहेगा। श्री गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रशासनिक व्यवस्था हेतु दिनांक 25 सितम्बर 2026 को प्रातः 6 बजे से दिनांक 1 अक्टूबर 2026 को प्रातः 6 बजे तक के लिए चक्रानुसार जोनवार प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सभी जोन कमिश्नरों, जोन कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं, उपअभियंताओं, समयपालों, सभी मजदूरों की ड्यूटी लगाई गई है।
आयुक्त ने गणेश उत्सव एवं गणेश विसर्जन के अवसर पर माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल एवं शासन द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है । खारून नदी के किनारे निर्मित विसर्जन कुंड में गणेश विसर्जन के पूर्व पूजन सामग्रियों को अलग कराकर उपयुक्त स्थल पर रखा जाये। माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के निर्देशानुसार मूर्तियो का विसर्जन नदी में किसी भी परिस्थिति में न किया जाये तथा नदी के जल को दूषित होने से बचाया जाये। साथ ही माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के निर्देशानुसार ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को सूचित कर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करें। सडक पर यातायात अवरूद्ध करने वाले गणेश पंडालों के विरूद्ध जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को सूचित कर समन्वय से नियमानुसार कार्रवाई करें।
आयुक्त ने नगर पालिक निगम रायपुर की ओर से श्री गणेश विसर्जन स्थल महादेव घाट खारून नदी के तट पर सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था करने निगम अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है। इस समिति के नोडल अधिकारी अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय मो. नं. 9424264100 को बनाया गया है। समिति में प्रभारी अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर मो.नं. 9425502640, प्रभारी अधीक्षण अभियंता श्री इमरान खान मो. नं. 8447256234, प्रभारी नगर निवेशक श्री आभास मिश्रा मो. नं. 9907992294, जोन 8 कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470, जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक मो. नं. 9406050199, उपायुक्त स्वास्थ्य श्री जसदेव बाबरा मो. नं. 9677273941 को सम्मिलित किया गया है। यह प्रशासनिक समिति श्री गणेश विसर्जन हेतु केन, शामियाना, लाईट, माईक, गोताखोर, चिकित्सा सुविधा आदि की व्यवस्था करेगी। इस समिति को आवश्यक सहयोग देने जोन 8 कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470 को निर्देशित किया गया है।
आयुक्त ने श्री गणेश विसर्जन कुण्ड स्थल पर केन, मंच की व्यवस्था, कंट्रोल रूम, टार्च, मोटर बोट, गोताखोर, मजबूत एवं अच्छे किस्म का रस्सा, लांग बूट, रेन कोट, बड़े साईज के छाते की व्यवस्था जोन 8 कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470 द्वारा की जायेगी एवं होमगार्ड कार्यालय से समन्वय कर अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था करने हेतु कमाण्डेंट होमगार्ड को पत्र भेजेंगे। लाखे नगर चौक में सर्च लाईट, पंडाल, मंच, माईक, कंट्रोल रूम की व्यवस्था जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक मो. नं. 9406050199 द्वारा की जायेगी। लाखे नगर चौक पर प्राथमिक उपचार व्यवस्था, एम्बुलेंस, स्टाफ के साथ चिकित्सा शिविर, मेडिकल कैम्प, श्री गणेश विसर्जन स्थल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दल सहित एम्बुलेंस चिकित्सक टीम, आवश्यक दवाईयों के साथ उपलब्ध करवाने इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित करने हेतु उपायुक्त स्वास्थ्य श्री जसदेव बाबरा मो. नं. 9677273941 समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया गया है कि वे 25 सितम्बर श्री अनंत चतुर्दशी पर्व से ट्रेक्टर ट्रालियां एवं 709 वाहन सहायक अभियंता नगर निवेश श्री नितीश झा मो. नं. 9827974578 को उपलब्ध करायें। सहायक अभियंता नगर निवेश इन वाहनों को तेलीबांधा तालाब बूढ़ातालाब एवं लाखे नगर चौक में विसर्जन कार्य हेतु रखवायेंगे। वाहन चालक एवं ईंधन की व्यवस्था पूर्व से ही कर ली जाये। आयुक्त ने तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब एवं नगर के अन्य तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन न हो, यह व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा है। आयुक्त ने निर्देश दिये है कि नगर के तालाबो के किनारे छोटी मूर्तियो के विसर्जन हेतु अस्थायी विसर्जन कुंड की व्यवस्था की जाये।
आयुक्त ने श्री गणेश विसर्जन रूट से महादेव घाट विसर्जन कुंड स्थल तक तथा रिंगरोड में प्रकाश की व्यवस्था कार्यपालन अभियंता विद्युत श्री संदीप शर्मा मो. नं. 7898810000 द्वारा की जायेगी। विसर्जन कुंड स्थल पर विद्युत अवरोध से बचने जनरेटर की व्यवस्था करवाने के साथ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से सम्पर्क कर निरंतर विद्युत प्रवाह बनाये रखना पूर्व निश्चित करने के निर्देश दिये है। आयुक्त ने जोन 8 कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470 को संस्कृत कालेज के प्राचार्य से सम्पर्क कर श्री गणेश विसर्जन स्थल महादेव घाट में श्रद्धालु नागरिकों की सुविधा के लिए श्री गणेश की प्रतिमाओं के ससम्मान पूजन हेतु प्रशासनिक व्यवस्था देने संस्कृत कालेज से 10 पंडितों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।
आयुक्त ने श्री गणेश विसर्जन के सम्पूर्ण रूट पर स्थित समस्त जर्जर भवनों का सर्वे करने तथा मकान मालिक को नोटिस देने हेतु प्रभारी नगर निवेशक श्री आभास मिश्रा मो. नं. 9907992294 को निर्देशित किया गया है। वे रूट के समस्त जर्जर भवनों को तत्काल सूचीबद्ध करते हुए संबंधित मकान मालिकों को भवन दुरूस्त करने हेतु नोटिस देंगे। गणेश विसर्जन के सम्पूर्ण रूट में समस्त मार्गो व लिंक मार्गो की मरम्मत, पेचवर्क, गड्ढों, निर्माण सामग्रियों को हटाने का कार्य एवं पूर्व रूप से साफ सफाई सुनिश्चित करवाने संबंधित जोन के जोन कमिश्नर एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी को दिये गये है।
आयुक्त ने कार्यपालन अभियंता जल श्री नरसिंग फरेन्द्र मो. नं. 7587067839 को श्री गणेश विसर्जन रूट एवं विसर्जन कुंड स्थल पर पीने के पानी के टैंकरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिये है। उन्होने उपायुक्त स्वास्थ्य, समस्त जोन कमिश्नर, समस्त जोन स्वास्थ्य अधिकारी सम्पूर्ण शहर में आवारा मवेशियों को पकडकर कांजी हाउस में बंद करवाने के निर्देश दिये है, ताकि यातायात बाधित न हो। संबंधित जोन कमिश्नर विजर्सन कुंड स्थल पर अपने-अपने पाली में, नगर निगम के स्टॉफ के लिये आवश्यक व्यवस्था करने निर्देशित किया है। -
-- महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों में मांस- मटन विक्रय करने पर तत्काल जप्ती कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई की जाएगी
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में डोल ग्यारस पर्व 22 सितम्बर, अनंत चतुर्दशी 25 सितम्बर, पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा 26 सितम्बर 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया गया है।
डोल ग्यारस पर्व 22 सितम्बर, अनंत चतुर्दशी 25 सितम्बर, पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा 26 सितम्बर 2026 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस-मटन के विक्रय पर प्रतिबंध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने अपने संबंधित जोन क्षेत्रों में मांस मटन विक्रय की दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे।
नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवस डोल ग्यारस पर्व 22 सितम्बर, अनंत चतुर्दशी 25 सितम्बर, पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा 26 सितम्बर 2026 पर मांस-मटन विक्रय करते पाए जाने पर संबंधित स्थल पर तत्काल उसकी जप्ती करते हुए संबंधित व्यक्ति, संस्था के विरूद्ध यथोचित कार्रवाई की जाएगी। - -हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सर्वाधिक 120-120 पद, भर्ती परीक्षा 29 नवम्बर को संभावितरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा के क्रम में विभाग द्वारा व्याख्याता पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा रहा है।लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार व्याख्याता के कुल 854 पदों में ई-संवर्ग की शालाओं में 424 पद तथा टी-संवर्ग की शालाओं में 430 पद भरे जाएंगे।विषयवार रिक्त पदों में हिन्दी के 120, अंग्रेजी के 120, संस्कृत के 120, भौतिकी के 94, राजनीति शास्त्र के 100, इतिहास के 100, भूगोल के 100 तथा अर्थशास्त्र के 100 पद शामिल हैं।भर्ती के लिए आवश्यक शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा एवं अन्य शर्तों की विस्तृत जानकारी भर्ती विज्ञापन में दी जाएगी। भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।व्याख्याता पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) द्वारा किया जाएगा। भर्ती परीक्षा की संभावित तिथि 29 नवम्बर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भरने की तिथि एवं अन्य आवश्यक जानकारी CGSSB द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।
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बड़ी संख्या में पत्रकारों ने कराया आंखों का परीक्षण, निःशुल्क चश्मा, दवाइयां एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा
रायपुर। पत्रकारों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए रायपुर प्रेस क्लब में सोमवार को पत्रकार साथियों के लिए विशेष नेत्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन रायपुर प्रेस क्लब एवं इंटरनेशनल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन (MISO), रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
शिविर में बड़ी संख्या में पत्रकारों ने सहभागिता करते हुए अपनी आंखों की जांच कराई और विशेषज्ञ चिकित्सकों से आवश्यक परामर्श प्राप्त किया। MISO की अत्याधुनिक वातानुकूलित (AC) एम्बुलेंस में पत्रकारों की आंखों की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान दृष्टि संबंधी समस्या पाए जाने पर आवश्यक चिकित्सकीय सलाह के साथ नंबर वाले चश्मे, दवाइयों तथा आगे के उपचार की जानकारी दी गई।
शिविर में आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मा एवं दवाइयों के वितरण की व्यवस्था की गई। वहीं जांच में मोतियाबिंद पाए जाने वाले मरीजों के लिए संस्था की ओर से निःशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई।
नेत्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में डॉ. सुशील सचदेवा, संजय शर्मा, डॉ. अनुराधा एवं डॉ. शिवम सहित चिकित्सा टीम ने अपनी सेवाएं दीं। वहीं डॉ. राजेंद्र यादव (नेत्र सहायक अधिकारी), अमित गोस्वामी (सहायक नेत्र अधिकारी), दीपक साहू (नेत्र सहायक अधिकारी), रूपेश निर्मलकर (नेत्र सहायक अधिकारी) एवं प्रीति पैकरा (नेत्र सहायक अधिकारी) ने जांच एवं व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यादव, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े उपस्थित रहे। निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त लोकेश कांवड़िया के साथ वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश शर्मा, प्रशांत शर्मा, ठाकुर राम साहू, जावेद खान,प्रमोद भट्ट कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, संतोष साहू, जाकिर घुड़सेना संजीव सिन्हा, के साथ वरिष्ठ पत्रकार मुकेश वर्मा, विनय घाडगे, प्रत्यूष शर्मा, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकार दिन-रात अपने दायित्वों के निर्वहन में जुटे रहते हैं। लगातार स्क्रीन पर काम करने, फील्ड रिपोर्टिंग और अनियमित कार्य समय के बीच स्वास्थ्य की नियमित जांच बेहद जरूरी है। प्रेस क्लब द्वारा पत्रकारों के स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े ऐसे आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने नेत्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के लिए MISO की चिकित्सा टीम एवं सहयोगी संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार कल्याण के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े ऐसे प्रयास प्रेस क्लब की प्राथमिकताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। - -शहर के विकास के लिए चार और बड़े कार्यों की घोषणा कीरायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ में विकास कार्यों को गति देने सोमवार को संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम पंजरी प्लांट रायगढ़ में भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के कुल 126.92 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण हुआ। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शहर के विकास के लिए चार और बड़े कार्यों की घोषणा की। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी दिल्ली से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को पूर्ण हो चुके आवासों की प्रतीकात्मक चॉबी भी सौंपी गई।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि रायगढ़ तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रायगढ़ जिले को विकसित जिला बनाने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकास कार्यों को गति देने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ नगर निगम की ओर से लगभग 10 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सूची उन्हें दी गई है। इन कार्यों के लिए शीघ्र स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि शहर की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने शहर के विकास के लिए चार अतिरिक्त कार्यों की घोषणा की। इनमें संजय मार्केट के निर्माण एवं उन्नयन के लिए 15.67 करोड़ रुपए, रामलीला मैदान के विकास, मंच एवं पवेलियन निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए, तालाब के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 4.99 करोड़ रुपए तथा केवड़ाबाड़ी से मरीन ड्राइव तक सनलाईजेशन कार्य के लिए 9.97 करोड़ रुपए शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि रायगढ़ में सड़क, नाली, जल निकासी, बाजार, खेल और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ औद्योगिक गतिविधियों के साथ अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए भी जाना जाता है। विकास कार्यों के माध्यम से शहर की सुविधाओं को बेहतर बनाते हुए रायगढ़ को विकसित और सुव्यवस्थित शहर के रूप में आगे बढ़ाना है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों से कहा कि विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने दिल्ली से वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में रायगढ़ नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के तहत 384.66 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिली है। वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में सड़क, भवन और पुल सहित विभिन्न कार्यों के लिए 1426 करोड़ रुपए की स्वीकृति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रायगढ़-घरघोड़ा फोरलेन तथा पूंजीपथरा-तमनार फोरलेन की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा तमनार-उरगा-लैलूंगा, तमनार बाईपास, कया-कमतरा- चरखापारा-ससकोबा-बंधनपुर और कोड़ातराई-पुसौर फोरलेन सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने रायगढ़ में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, संगीत महाविद्यालय भवन और वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसे कार्यों की जानकारी भी दी। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की अधोसंरचना को उसकी औद्योगिक पहचान के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है।लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह और महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री अरूणधर दीवान, श्री गुरुपाल भल्ला, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री विकास केडिया, श्री अनुपम पाल, श्री जतीन साव, श्री अरूण कातोरे, श्री पवन अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम के पार्षदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दर्शक दीर्घा में बैठकर छात्र-छात्राओं का बढ़ाया उत्साहरायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम पंजरी प्लांट रायगढ़ में ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डिग्री कॉलेज रायगढ़ के छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा और देश के प्रति उनके योगदान पर आधारित जीवंत नाट्य प्रस्तुति दी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दर्शक दीर्घा में बैठकर पूरी प्रस्तुति देखी और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।नाट्य मंचन में सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच लिए गए निर्णयों तथा देश के विकास से जुड़े विषयों को मंच पर प्रस्तुत किया। प्रस्तुति की अतिथियों और दर्शकों ने सराहना की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभियान में 12 संकल्प और 25 सेवा कार्यों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता समाज में सेवा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत कर सकती है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया है। इस दौरान विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच देशहित से जुड़े निर्णयों और विकास के प्रयासों को मंच पर दिखाया गया। कोरोना महामारी के कठिन दौर सहित विभिन्न परिस्थितियों का भी प्रस्तुति में उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और सेवा संकल्प अभियान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने ‘सेवा ही संकल्प’ विषय को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुति दी। मंचन में सेवा भावना, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री अरूणधर दीवान, श्री गुरुपाल भल्ला, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री विकास केडिया, श्री अनुपम पाल, श्री जतीन साव, श्री अरूण कातोरे, श्री पवन अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़ श्री अरविंद पीएम, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- -’नियमित आर्थिक सहायता से मिली बचत की राह, छोटी-छोटी बचत से बढ़ाया अपना काम’-’सिलाई बनी परिवार की आय का मजबूत आधार, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों में भी मिल रहा सहयोग’-’आर्थिक संबल से बढ़ा आत्मविश्वास, यशोदा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार’रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके हुनर और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में सहायक बन रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत सकालो की श्रीमती यशोदा प्रजापति की कहानी इसका उदाहरण है। सिलाई के हुनर को अपनी आजीविका का आधार बनाने वाली यशोदा ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता का उपयोग घरेलू जरूरतों के साथ बचत के लिए किया। छोटी-छोटी बचत से उन्होंने अपनी सिलाई की दुकान को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में अपनी भागीदारी मजबूत की।यशोदा लंबे समय से सिलाई का काम कर रही हैं। सिलाई से होने वाली आय से वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में पति का सहयोग करती हैं। महतारी वंदन योजना से नियमित आर्थिक सहायता मिलने के बाद उनके लिए अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ कुछ राशि बचा पाना भी आसान हुआ। इसी बचत का उपयोग उन्होंने अपनी सिलाई की दुकान को आगे बढ़ाने में किया।यशोदा बताती हैं, “महतारी वंदन का पैसा मिलता है तो उससे मुझे बहुत मदद हो जाती है। पैसे इकट्ठा करके धीरे-धीरे अपनी दुकान को आगे बढ़ाया है।”यशोदा के पति वैन चलाते हैं और उनके दो बच्चे हैं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच यशोदा सिलाई का काम संभाल रही हैं। उनकी सिलाई से होने वाली आमदनी घर के खर्च में सहयोग देती है। वहीं महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में भी सहायक बन रही है।यशोदा का कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिलता है। इससे वे अपनी जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग करने के साथ भविष्य के लिए बचत भी कर सकती हैं।यशोदा के लिए महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता केवल मासिक सहयोग तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके हुनर को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनी। सिलाई के काम से होने वाली आय और योजना से मिली आर्थिक सहायता का समझदारी से उपयोग कर वे परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं। यशोदा ने महतारी वंदन योजना से मिल रहे आर्थिक संबल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी कहानी बताती है कि नियमित आर्थिक सहायता जब महिलाओं की मेहनत, हुनर और बचत से जुड़ती है, तो यह परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को भी नई दिशा दे सकती है।
- -आयुष्मान कार्ड से शिशु खलखो को इलाज के खर्च की चिंता से मिली राहत’-’आयुष्मान कार्ड बना परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल, पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा’-’पहले इलाज का खर्च बिगाड़ देता था घरेलू बजट, अब बीमारी के समय आर्थिक बोझ की चिंता हुई कम’रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में आ रहे बदलाव की कहानियां सामने आ रही हैं। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत घोघरा निवासी श्रीमती शिशु खलखो के लिए आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ आर्थिक राहत का भी माध्यम बना है। पहले परिवार में किसी सदस्य के बीमार होने पर उपचार के खर्च की चिंता उनके घरेलू बजट पर असर डालती थी। अब आयुष्मान कार्ड बनने से पात्रता एवं योजना के प्रावधानों के अनुसार पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा का लाभ मिल सकेगा।श्रीमती शिशु खलखो ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान उनकी समस्या का समाधान हुआ और उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया। कार्ड मिलने के बाद बीमारी की स्थिति में उपचार पर होने वाले बड़े खर्च को लेकर उनकी चिंता पहले की तुलना में कम हुई है। सीमित आय वाले परिवार के लिए स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक खर्च कई बार घरेलू जरूरतों और बजट को प्रभावित करता था, लेकिन आयुष्मान कार्ड ने उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा दिया है।शिशु खलखो बताती हैं कि पहले परिवार में किसी के बीमार पड़ने पर इलाज के लिए बड़ी राशि जुटानी पड़ती थी। इससे घर के दूसरे जरूरी खर्च प्रभावित होते थे और आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। अब आयुष्मान कार्ड उनके परिवार के लिए उपचार के समय आर्थिक सहारा बन गया है।आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजना के प्रावधानों के अनुसार उपचार की सुविधा मिलने से गंभीर बीमारी या आकस्मिक स्वास्थ्य जरूरत के समय परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिलती है। शिशु खलखो के लिए यह कार्ड बीमारी के समय इलाज की सुविधा के साथ आर्थिक सुरक्षा का भरोसा भी लेकर आया है।सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की कहानियां जन-जन तक पहुंचाई जा रही हैं। शिशु खलखो की कहानी बताती है कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचता है, तो स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकता के समय उन्हें उपचार के साथ आर्थिक सुरक्षा का भी संबल मिलता है।
- -पक्का घर मिलने से बदली जीवन की तस्वीर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन से साकार हो रहे जरूरतमंदों के सपनेरायपुर / अपना घर हर परिवार के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। एक ऐसा घर, जिसकी मजबूत दीवारों के बीच परिवार सुरक्षित रहे, बच्चे बेहतर भविष्य के सपने देखें और जीवन सम्मान एवं सुकून के साथ आगे बढ़े। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सपना कई बार सीमित संसाधनों के कारण अधूरा रह जाता है। ऐसे परिवारों के सपनों को साकार करने में प्रधानमंत्री आवास योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गौरेला के लोहरा झोरकी निवासी श्री रामप्रकाश की कहानी इसी बदलाव और उम्मीद की प्रेरक मिसाल है।श्री रामप्रकाश का वर्षों से सपना था कि उनका भी अपना पक्का घर हो, जहां वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुख-शांति से जीवन व्यतीत कर सकें। आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण उनके लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। सीमित आय और घरेलू जरूरतों के बीच अपने घर के निर्माण के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत प्राप्त सहायता से उनके आवास निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। धीरे-धीरे निर्माण कार्य आगे बढ़ा और वर्षों से देखा जा रहा उनका सपना आखिरकार हकीकत में बदल गया। आज श्री रामप्रकाश का अपना पक्का मकान पूर्ण होकर तैयार है।पक्का घर मिलने के बाद श्री रामप्रकाश और उनके परिवार के जीवन में खुशी और संतोष का नया अध्याय शुरू हुआ है। अब उनका परिवार एक सुरक्षित और मजबूत आवास में रह रहा है। बारिश, गर्मी और अन्य मौसम की चुनौतियों से सुरक्षा के साथ उन्हें अपने घर में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है।श्री रामप्रकाश के लिए उनका नया घर केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं है, बल्कि यह उनके वर्षों के सपने, संघर्ष और उम्मीदों के पूरा होने का प्रतीक है। वे बताते हैं कि अपने घर का सपना पूरा होना उनके परिवार के लिए बेहद खुशी और भावुकता का क्षण है। पक्का मकान उनके लिए सुरक्षा के साथ-साथ सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार बन गया है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने देशभर में अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के पीछे मूल भावना यही है कि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो तथा वह अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सके।श्री रामप्रकाश के जीवन में आया यह बदलाव इसी संकल्प की एक तस्वीर है। जिस पक्के घर का सपना कभी आर्थिक कठिनाइयों के कारण दूर दिखाई देता था, वही सपना आज उनके सामने एक मजबूत आशियाने के रूप में खड़ा है। उनका घर उनके परिवार के लिए वर्तमान की सुरक्षा और भविष्य की उम्मीद दोनों बन गया है।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से श्री रामप्रकाश को मिला पक्का घर इसी दिशा में हो रहे कार्यों का उदाहरण है।पक्का आवास मिलने से श्री रामप्रकाश के परिवार में आत्मविश्वास बढ़ा है। अपने स्वयं के घर में परिवार के साथ रहने की खुशी उनके चेहरे पर साफ दिखाई देती है। यह घर उनके लिए सामाजिक सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व की नई पहचान बन गया है।श्री रामप्रकाश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उनका कहना है कि सरकार की सहायता से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है और अब उनका परिवार अपने घर में सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी रहा है।श्री रामप्रकाश की कहानी यह बताती है कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचता है, तो सरकारी सहायता केवल एक सुविधा नहीं रहती, बल्कि वह किसी परिवार के जीवन की दिशा बदलने वाली ताकत बन जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला उनका पक्का घर उनके परिवार के लिए खुशियों का आशियाना, सम्मान की पहचान और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन गया है।







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